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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में लगी मुहर…

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक कोरबा में आयोजित की गई। 2 उपमुख्यमंत्री समेत 12 मंत्रियों की मौजूदगी में हुई इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा की गई और मुहर लगाई गई। मुख्यमंत्री साय ने बैठक के बाद प्रस्तावों को लेकर जानकारी साझा की। सीएम ने बताया कि कोरबा में बालक-बालिका क्रीड़ा परिसर के निर्माण के लिए 10-10 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।

सीएम साय ने कहा कि अत्यंत पिछड़ी जनजातियों के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए बालक-बालिका क्रीड़ा परिसर के लिए 10-10 करोड़ रुपए,  विशेष पिछड़ी जनजाति के आवासीय विद्यालय के लिए 5 करोड़ रुपए की राशि की मंजूरी मिली है। इसके अलावा कोरबा पावर हाउस रोड पुल के लिए 9 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली है। बुका-सतरेंगा पर्यटन के लिए 2 महीने प्रोजेक्ट तैयार करने वन विभाग को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही एक्वा पार्क स्थापना के लिए 37 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। प्रदेश में 2015 से पहले की 115 सिंचाई परियोजना अधूरी है, उसके लिए 2800 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। इससे 76 हजार हैक्टेयर में सिंचाई होगी।

एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन देश के 15वें उपराष्ट्रपति होंगे, इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बधाई देते हुए कहा…

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एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन देश के 15वें उपराष्ट्रपति होंगे, इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बधाई देते हुए कहा…

एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों से हरा दिया है. राधाकृष्णन देश के 15वें उपराष्ट्रपति होंगे. इस मौके पर सोशल मीडिया साइट एक्स पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सीपी राधाकृष्णन को बधाई देते हुए लिखा कि एक प्रभावशाली नेता और कुशल प्रशासक के रूप में, आपने समाज की जड़ों से उठकर राष्ट्र के उच्चतम संवैधानिक पद तक पहुंचने का गौरव प्राप्त किया है.

आपका यह सफर लोकतांत्रिक मूल्यों की सशक्त मिसाल है.

उनका जीवन जनकल्याण के लिए समर्पित रहा है. विपक्ष के कई सांसदों का मत उनको मिलना, भाजपा की विशेषता के साथ आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र की पुष्टि भी है.

उन्होंने कहा कि ये निश्चित ही हर्ष और आनंद का विषय है. उनका जीवन जनकल्याण के लिए समर्पित रहा है. उनके पास जो भी जवाबदारी रही है, उन्होंने हर अवसर पर लोकतंत्र को गौरवान्वित किया है.

 

राजधानी रायपुर में 1 नवंबर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू होगी, DGP ने बनाई 7 IPS अफसरों की टीम…

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राजधानी रायपुर में 1 नवंबर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू होगी, DGP ने बनाई 7 IPS अफसरों की टीम…

राजधानी रायपुर में 1 नवंबर में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू होगी. इस व्यवस्था को अमल में लाने के लिए राज्य सरकार ने तेजी से काम शुरु कर दिया है. इसके लिए DGP अरुण देव गौतम ने 7 IPS अफसरों की टीम बनाई है.

DGP के आदेश पर बनी विशेष समिति छत्तीसगढ़ के DGP अरुणदेव गौतम ने सरकार के निर्देश पर सीनियर एडीजी प्रदीप गुप्ता के नेतृत्व में 7 आईपीएस अफसरों की एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है.

यह प्रणाली मुख्य रूप से 16 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में फैली हुई है. 2023 में रायपुर और बिलासपुर के लिए प्रस्ताव था, लेकिन अब केवल रायपुर को इसमें शामिल किया गया है. इसका मतलब ये होगा कि कमिश्नरी सिस्टम लागू होते ही पुलिस को कड़े प्रावधान के लिए कलेक्टर के पास नहीं जाना होगा. इसके अलावा मजिस्ट्रेट पॉवर भी पुलिस के पास होगा. यानी कि अब तक जो पॉवर कलेक्टर के पास होता था, अब वो पुलिस के पास भी होगा. पुलिस ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में सीएम साय ने तिरंगा फहराया और अपने संबोधन में कहा कि इस प्रणाली से पुलिस व्यवस्था और अधिक सशक्त होगी तथा कानून-व्यवस्था को नया ढांचा मिलेगा.

रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने से एसपी की जगह पुलिस कमिश्नर मुख्य होंगे, जो आमतौर पर एडीजी या आईजी रैंक के आईपीएस अधिकारी होंगे.. शहर को जोनों में बांटा जाएगा, जिसमें जॉइंट कमिश्नर (जेसीपी), एसपी, डीसीपी और थानेदार एसएचओ कहलाएंगे.

इस बदलाव से पुलिस को मजिस्ट्रियल पावर मिलेगी, जिससे अपराधों पर त्वरित कार्रवाई संभव होगी और छत्तीसगढ़ इस प्रणाली को लागू करने वाले राज्यों में भी शामिल हो जाएगा.. कुल मिलाकर पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए यह फैसला लिया गया है.

सितंबर में इस दिन से इतना सस्ता हो जाएगा अमूल और मदर डेयरी का दूध, देखें ल‍िस्‍ट…

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सितंबर में इस दिन से इतना सस्ता हो जाएगा अमूल और मदर डेयरी का दूध, देखें ल‍िस्‍ट…

दूध की खपत गांव हो या शहर हर जगह होती है. लेकिन शहर में ज्यादातर लोग मार्केट से पैकेट वाले दूध खरीद कर लाते हैं. दिनों दिन दूध की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की जेब पर खासा असर डाला.

अगर आप भी मार्केट से अमूल और मदर डेयरी का दूध खरीद कर लाते हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है. हाल ही में जीएसटी 2.0 के बाद दूध की कीमतों में बड़ी राहत मिल सकती है. अमूल और मदर डेयरी के दूध की कीमतें कम हो सकती हैं. आइए जानते हैं कि अब आपको दूध के लिए कितनी कीमत चुकानी होगी.

आपको बता दें कि इस जीएसटी छूट का सीधा लाभ आम उपभोक्ताओं को मिलेगा क्योंकि दूध पर 5% टैक्स हटा दिया जाएगा.

वर्तमान में दूध की कीमतें- (Current milk prices) अमूल फुल क्रीम दूध ‘अमूल गोल्ड’ की कीमत लगभग 69 रुपये प्रति लीटर है, जबकि टोंड दूध 57 रुपये प्रति लीटर है. इसी तरह, मदर डेयरी का फुल क्रीम दूध 69 रुपये और टोंड दूध लगभग 57 रुपये है.

अब GST हटने के बाद दूध की कीमतें कितनी होंगी? (Now what will be the price of milk after the removal of GST) सरकार की योजना के अनुसार, दूध की कीमतें लगभग 3 से 4 रुपये प्रति लीटर कम हो जाएंगी. जैसे अमूल गोल्ड की कीमत 65-66 रुपये के आसपास आ जाएगी, जबकि मदर डेयरी का फुल क्रीम दूध भी इसी रेंज में आने की उम्मीद है.

उपराष्ट्रपति चुनाव में NDA बना ‘बाहुबली’, कांग्रेस उम्मीदवार को हराकर राधाकृष्णन बने नए Vice President…

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उपराष्ट्रपति चुनाव में NDA बना ‘बाहुबली’, कांग्रेस उम्मीदवार को हराकर राधाकृष्णन बने नए Vice President…

सीपी राधाकृष्णन देश के नए उपराष्ट्रपति बन गए हैं. उन्होंने सीधे मुकाबले में विपक्ष के उम्मीदवार जस्टिस (रिटायर) सुदर्शन रेड्डी को हराया. उन्हें चुनाव में 452 वोट हासिल हुए.

जबकि रेड्डी 300 वोट ही हासिल कर पाए. 38 साल बाद तमिलनाडु से उपराष्ट्रपति बनने वाले वे दूसरे व्यक्ति हैं. यह चुनाव निवर्तमान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य आधार पर एकाएक दिए गए इस्तीफे की वजह से करवाना पड़ा. रिटर्निंग ऑफिसर और राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव नतीजों की जानकारी दी.

रणनीति में मात खा गया इंडी गठबंधन रिटर्निंग ऑफिसर मोदी ने बताया कि कुल 767 सदस्यों ने वोट दिया. कुल 98.2 फीसदी मतदान हुआ. इनमें 752 वोट वैध थे और 15 अवैध थे. सीपी राधाकृष्णन को 452 वोट मिले. इसमें इंडी गठबंधन को 300 और NDA को 452 वोट मिले. चूंकि सीपी राधाकृष्णन को पहली वरीयता में ही जीत के लिए निर्धारित वोट मिल गए. इसलिए नियमों के मुताबिक उन्हें विजेता घोषित किया जाता है.

नए उपराष्ट्रपति का पूरा नाम क्या है? नए उपराष्ट्रपति चुने गए सी.पी. राधाकृष्णन का पूरा नाम चंद्रपुरम पोनुसामी राधाकृष्णन है. वे गौंडर-कोंगु वेल्लाला समुदाय से आते हैं, जिसे तमिलनाडु में प्रभावशाली ओबीसी समुदाय माना जाता है. उनका राजनीतिक सफर संघ परिवार से शुरु हुआ, जो अब भी जारी है. वे तमिलनाडु की राजनीति में बीजेपी के प्रमुख चेहरा रहे हैं और राज्य में पार्टी को खड़ा करने में उनका अहम योगदान माना जाता है. जब उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए खेमे में उम्मीदवार के नाम की खोज चल रही थी, तब राधाकृष्णन महाराष्ट्र के राज्यपाल थे.

कोयंबटूर से 2 बार चुने गए सांसद राधाकृष्णन ने महज 17 साल की उम्र में आरएसएस से जुड़कर अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से उनके गहरे संबंध रहे. वे 1998 और 1999 के लोकसभा चुनावों में दो बार कोयंबटूर से सांसद चुने गए. बीजेपी ने 2014 और 2019 में भी उन्हें कोयंबटूर से उतारा लेकिन जीत हासिल नहीं कर पाए.

राजनीति में आने से पहले राधाकृष्णन एक अच्छे खिलाड़ी रहे. कॉलेज के दिनों में वे लॉन्ग डिस्टेंस रनर रहे और टेबल टेनिस के चैंपियन थे. उन्हें क्रिकेट और वॉलीबॉल खेलना भी पसंद है. पॉलिटिक्स में उतरने से पहले वे निटेड कॉटन एक्सपोर्ट करने का बिजनेस करते थे.

गवर्नर बनकर किए जिलों के दौरे मोदी सरकार ने 2023 में उन्हें झारखंड का राज्यपाल बनाया. इस बड़े पद पर आने के बाद उन्होंने वह सब कुछ करना शुरु किया, जो वे राजनीति में करना चाहते थे. गवर्नर बनने के 4 महीने के अंदर ही उन्होंने झारखंड के सभी 24 जिलों का दौरा कर लिया. इस दौरान वे जिलों में तैनात अफसरों और वहां के गणमान्य लोगों से मिले. इस दौरान उन्होंने सामुदायिक सेवा और हाशिए पर पड़े लोगों के सशक्तिकरण पर जोर दिया. बाद में उनका ट्रांसफर तेलंगाना, पुदुच्चेरी और महाराष्ट्र में कर दिया गया लेकिन समाज सेवा का यह दौर वहां भी जारी रहा.

अब राज्यसभा में होगी अग्नि परीक्षा सीपी राधाकृष्णन का व्यक्तित्व मिलनसार और गैर-आक्रामक माना जाता है. जिसकी वजह से उन्हें सभी दलों से बराबर सम्मान मिला है. अब वे दूसरे सर्वोच्च पद यानी उपराष्ट्रपति पर आसीन हो गए हैं. इस पद पर रहते हुए उन्हें राज्यसभा चेयरपर्सन के रूप में राज्यसभा का संचालन भी करा होगा. जहां उनकी असल अग्नि परीक्षा होगी. देखने वाली बात होगी कि वे अपनी मिलनसार छवि बरकरार रखते हुए सदन में पक्ष-विपक्ष को साधने में कैसे कामयाब रहेंगे.

नेपाल की हिंसा ह्रदय विदारक… पड़ोसी देश के तख्तापलट के बाद क्या बोले पीएम मोदी? आया पहला बयान…

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नेपाल की हिंसा ह्रदय विदारक… पड़ोसी देश के तख्तापलट के बाद क्या बोले पीएम मोदी? आया पहला बयान…

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के हालत पर चिंता जताते हुए नेपाल के लोगों से आत्मीय संवाद किया है. पीएम मोदी ने राजधानी काठमांडू समेत पूरे नेपाल के हालातों को लेकर सोशल मीडिया एक्स पर अपने अकाउंट से लिखा- ‘आज दिनभर के जरूरी दौरों से लौटने के बाद सुरक्षा संबंधी मंत्रिपरिषद समिति की बैठक में नेपाल के घटनाक्रमों के बारे में विस्तृत चर्चा हुई.

नेपाल में हुई हिंसा हृदयविदारक है.

कई युवाओं को अपनी जान गंवानी पड़ी है, इस पर मेरा मन अत्यंत विचलित है. नेपाल की स्थिरता, शांति और समृद्धि अत्यंत महत्वपूर्ण है. मैं नेपाल के सभी मेरे भाइयों और बहनों से शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विनम्रतापूर्वक अपील करता हूं.

घटना ह्रदय विदारक: PM मोदी

ओली के इस्तीफे के बाद भी नहीं बुझी जेन जी के कलेजे की आग नेपाली पीएम केपी शर्मा ओली की सरकार के तख्लापलट के बाद भी जेन जेडर्स का आक्रोश थमा नहीं है. सेना ने देश संभाल लिया है. सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर बैन लगाने से शुरु हुआ आंदोलन सरकारी भ्रष्टाचार के समूल नाश की आग में तब्दील हो गया. जेन-Z यूथ का आंदोलन 360 डिग्री यू टर्न लेकर देश में भ्रष्टाचार, नेपोकिड्स की नक्शेबाजी, जनता में मौजूद आर्थिक असमानता और राजनीतिक घमंड के खिलाफ बड़ी लड़ाई में बदल गया है. पुलिसिया एक्शन में 19 प्रदर्शनकारियों की मौत ने आक्रोश को और भड़का दिया था. भड़की भीड़ ने पीएम ओली से लेकर पूर्व प्रधानमंत्रियों को भी नहीं बख्शा. झलनाथ खनाल और शेरबहादुर देउबा तक के घरों पर हमला हुआ. खनाल की पत्नी की तो मौत हो गई.

तूफानी बादल मचाएंगे आफत, बारिश करेगी तांडव, यहां रहने वाले हो जाएं अलर्ट मौसम विभाग ने बारिश को लेकर अलर्ट जारी …

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देश के कई राज्यों में इस साल मानसून ने काफी तबाही मचाई है. कई राज्यों में फ्लैश फ्लड, लैंडस्लाइड और वज्रपात जैसी घटनाएं देखने को मिलीं. पहाड़ों से लेकर मैदानों तक हर तरफ बारिश ने कोहराम मचाया है, हालांकि मौसम विभाग ने आने वाले हफ्तों में बारिश की रफ्तार धीमी होने की संभावना जताई है.

इस हफ्ते की बात करें तो मौसम विभाग ने कई इलाकों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है.

दिल्ली NCR में मौसम करेगा परेशान मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली NCR में इन दिनों बादलों के छिपने और सूर्य के निकलने से गर्मी-उमस बढ़ी है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है. मौसम विभाग ने NCR में अगले हफ्ते हल्की बारिश होने की संभावना जताई है. इस दौरान आंधी-तूफान की संभावना भी जताई गई है, जिससे मौसम सुहावना हो सकता है. इस हफ्ते न्यूनतम तापमान 25-26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने वाला है. वहीं अधिकतम तापमान 33 डिग्री के करीब रहने वाला है.

हरियाणा-पंजाब में नहीं थम रही बारिश पंजाब में बाढ़ग्रस्त इलाकों में वापस बारिश हुई है. मौसम विभाग की ओर से अगले 24 घंटे में लुधियाना, पटियाला, अमृतसर, बठिंडा, फरीदकोट, रूपनगर, गुरदासपुर और फिरोजपुर में बारिश की संभावना जताई है. राज्य के कई इलाके अभी भी बाढ़ की चपेट में है, जिससे फसलों को काफी नुकसान हुआ है. हरियाणा में भी मौसम विभाग ने कई इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया है.

पहाड़ों में बारिश से तबाही उत्तराखंड में मौसम विभाग ने 12 सितंबर 2025 तक अल्मोड़ा, ऋषिकेश, बरकोट, हरिद्वार, चंपावत, लैंसडौन, मुक्तेश्वर, देहरादून, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, जोशीमठ, रूद्रप्रयाग, टिहरी और नैनीताल में खराब मौसम को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. हिमाचल प्रदेश में भी मौसम विभाग ने 9-13 सितंबर 2025 तक शिमला, ऊना, कुल्लू, धर्मशाला, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन, चंबा, मनाली, कांगड़ा, कसौली, चंबा, सिरमौर और डलहौजी में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. दोनों राज्यों में बादल फटने की संभावना भी जताई गई है. जम्मू-कश्मीर में भी मौसम विभाग की ओर से 9-12 सितंबर 2025 तक भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है.

मौसम विभाग ने कहां बारिश का अलर्ट दिया है? मौसम विभाग ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा में बारिश का अलर्ट जारी किया है.

दिल्ली NCR में कितना तापमान रहेगा? दिल्ली NCR में इस हफ्ते न्यूनतम तापमान 25-26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने वाला है. वहीं अधिकतम तापमान 33 डिग्री के करीब रहने वाला है.

उपराष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद सीपी राधाकृष्णन ने बताया अपना लक्ष्य, विपक्ष को दिया बड़ा संदेश…

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मंगलवार (9 सितंबर) को सीपी राधाकृष्णन ने देश के15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली. शपथ के बाद उन्होंने राष्ट्र के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और लोकतंत्र में सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्ष के बीच स्वस्थ संतुलन बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया.

अपनी जीत के बाद राधाकृष्णन ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, ‘नई भूमिका में, मैं राष्ट्र के विकास के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगा.’ उन्होंने आगे कहा, ‘लोकतंत्र में सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्ष दोनों महत्वपूर्ण हैं। यह एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. लोकतंत्र के हित को ध्यान में रखा जाएगा.’

उपराष्ट्रपति पद की जिम्मेदारियों पर विचार करते हुए, राधाकृष्णन ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में प्रत्येक पद महत्वपूर्ण होता है और इसके साथ कुछ सीमाएं भी होती हैं. उन्होंने कहा, ‘प्रत्येक पद महत्वपूर्ण है, और प्रत्येक पद की अपनी सीमाएं हैं. हमें यह समझना होगा कि हमें उस ढांचे के भीतर काम करना है.’ चुनाव परिणाम पर टिप्पणी करते हुए, उन्होंने उल्लेख किया कि हालांकि विपक्षी इंडिया गठबंधन ने इस प्रतिस्पर्धा को वैचारिक लड़ाई करार दिया था लेकिन परिणामों ने राष्ट्रीय मूल्यों की व्यापक स्वीकृति को दर्शाया.

विपक्ष को सीपी राधाकृष्णन का बड़ा संदेश राधाकृष्णन ने आगे कहा, ‘दूसरे पक्ष (इंडिया गठबंधन) ने कहा कि यह एक वैचारिक लड़ाई है, लेकिन मतदान के पैटर्न से हमें यह समझ में आता है कि राष्ट्रीय विचारधारा विजयी हुई है.’ वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन का जिक्र करते हुए राधाकृष्णन ने कहा, ‘हमें सबको मिलकर काम करना होगा. अगर हम 2047 तक विकसित भारत चाहते हैं तो हमें हर चीज में राजनीति नहीं करनी चाहिए. एक बार चुनाव खत्म हो जाए, हमें राजनीति भूलकर विकास पर ध्यान देना होगा…’

सीपी राधाकृष्णन ने जस्टिस बी सुदर्शन को 152 वोटों से हराया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय राजधानी में नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की और उन्हें उनकी जीत पर बधाई दी. प्रधानमंत्री मोदी के साथ केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, प्रल्हाद जोशी और जेपी नड्डा भी थे. राधाकृष्णन ने मंगलवार को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी को 152 मतों से हराया. उपराष्ट्रपति चुनाव में कुल 98.20 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसमें 781 सांसदों में से 767 ने अपने मत डाले. एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को 452 पहली वरीयता के मत मिले जबकि इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी को 300 पहली वरीयता के मत प्राप्त हुए.

15 वोट अवैध करार दिए गए पंद्रह मत अवैध माने गए। राज्यसभा के महासचिव पीसी मोदी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘एनडीए उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को 452 पहली वरीयता के मत मिले. उन्हें भारत का उपराष्ट्रपति चुना गया है… विपक्ष के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार जस्टिस सुदर्शन रेड्डी को 300 पहली वरीयता के मत प्राप्त हुए.’ उपराष्ट्रपति चुनाव में कुल 13 सांसदों ने मतदान से परहेज किया. इनमें सात सांसद बीजू जनता दल से, चार भारत राष्ट्र समिति से, एक सांसद शिरोमणि अकाली दल से और एक स्वतंत्र सांसद शामिल हैं. उपराष्ट्रपति का पद 21 जुलाई, 2025 से खाली था, क्योंकि जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.

कौन हैं सीपी राधाकृष्णन? इसके पहले सीपी राधाकृष्णन 31 जुलाई 2024 से महाराष्ट्र के 24वें राज्यपाल के रूप में कार्यरत थे. उनको एनडीए के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में घोषित किया गया था. उन्होंने इससे पहले फरवरी 2023 से जुलाई 2024 तक झारखंड के राज्यपाल के रूप में कार्य किया था. उन्होंने मार्च और जुलाई 2024 के बीच तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल के रूप में भी अतिरिक्त प्रभार संभाला था. राधाकृष्णन ने पहले भी झारखंड, तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के उपराज्यपाल के रूप में कार्य किया था. कोयंबटूर से दो बार सांसद रहे राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर, 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में हुआ था.

US Tariff: मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी दोस्ती और वफादारी को लेकर बयानबाजी. ..

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US Tariff: मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी दोस्ती और वफादारी को लेकर बयानबाजी. ..

भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत के टैरिफ को लगाने के बाद और चीन में हुई एससीओ की बैठक में पीएम मोदी, व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग की तिकड़ी देखने के बाद से लगातार अपने बयानों में भारत के प्रति नरमी दिखा रहा है.

पिछले कुछ दिनों से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी दोस्ती और वफादारी को लेकर बयानबाजी करते आ रहे हैं. अब पीएम मोदी ने भी डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर जवाब दिया है जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को अपना घनिष्ट दोस्त और उनसे मुलाकात के लिए बेचैन बताया है.

पीएम मोदी ने ट्रंप के पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए अपने एक्स प्लेटफॉर्म पर लिखा, ‘भारत और अमेरिका घनिष्ठ मित्र और स्वाभाविक साझेदार हैं. मुझे विश्वास है कि हमारी व्यापारिक बातचीत भारत-अमेरिका साझेदारी की असीम संभावनाओं को अनलॉक करने का रास्त खोलेंगी करेंगी. हमारी टीमें इन चर्चाओं को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए काम कर रही है. मैं भी राष्ट्रपति ट्रंप से बात करने के लिए उत्सुक हूं. हम दोनों अपने लोगों के लिए एक उज्जवल, अधिक समृद्ध भविष्य को सुरक्षित करने के लिए मिलकर काम करेंगे.’

ट्रेड डील पर क्या बोले थे डोनाल्ड ट्रंप? इसके पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए घोषणा की है कि भारत और अमेरिका के बीच रुकी हुई ट्रेड डील पर बातचीत एक बार फिर शुरू हो गई है. ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘मुझे यह एलान करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने व्यापार में आने वाली विसंगतियों को दूर करने के लिए ट्रेड डील पर फिर से बातचीत शुरू कर दी है। मैं आने वाले कुछ हफ्तों में अपने करीबी दोस्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करने के बारे में विचार कर रहा हूं. मुझे लगता है दोनों देशों के बीच ट्रेड डील में कोई मुश्किल नहीं आएगी.’ अमेरिकी राष्ट्रपति के इस ऐलान के बाद दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को लेकर नई उम्मीदें जाग उठी हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत-अमेरिका व्यापार साझेदारी को एक नए आयाम तक ले जा सकता है.

रूस से तेल खरीद पर नाराज ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया इसके पहले भारत के रूस से तेल की खरीद पर नाराज अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लागू कर दिया था. ये टैरिफ 27 अगस्त से प्रभावी हो गया है. इस कदम के साथ दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव और गहरा गया है.अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि भारत रूस से सस्ते दामों पर तेल खरीद रहा है और उसी कमाई के धन से रूस यूक्रेन युद्ध को जारी रखे हुए है. ट्रंप का आरोप है कि इस युद्ध में हजारों लोगों की जान जा चुकी है और भारत की ऊर्जा नीति अप्रत्यक्ष रूप से इसे बढ़ावा दे रही है.टैरिफ और आरोपों के चलते भारत-अमेरिका संबंधों पर नया दबाव बन गया है. अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में दोनों देश इस तनाव को कम करने के लिए क्या कदम उठाते हैं.

“Jammu and Kahsmir: डोडा जिले में अचानक क्यों लगाया गया कर्फ्यू? इंटरनेट सेवा भी कर दी गई बैन, जानिए क्या है वजह”

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“Jammu and Kahsmir: डोडा जिले में अचानक क्यों लगाया गया कर्फ्यू? इंटरनेट सेवा भी कर दी गई बैन, जानिए क्या है वजह”

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले से एक बड़ी खबर आ रहा है वहां एक प्रदर्शन के दौरान अचानक से हालात बेकाबू हो गए. दरअसल प्रदर्शन के दौरान पूर्व ब्लॉक विकास परिषद (BDC) सदस्य कहरा फातिमा फारुक गंभीर रूप से घायल हो गईं.

इस घटना के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया और एहतियादी कदम उठाते हुए और पूरे क्षेत्र में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई और कर्फ्यू लगा दिया गया है. अब इस इलाके में लोगों का इकट्ठा होना प्रतिबंधित है.

BNS की धारा 163 सार्वजनिक स्थानों पर अस्थायी बाधाओं को हटाने और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने का अधिकार देती है. जिससे सार्वजनिक सुरक्षा और व्यवस्था को खतरा पहुंचाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके. माहौल बिगड़े न इसके लिए प्रशासन ने सबसे पहले इस पूरे इलाके में इंटरनेट बैन कर दिया है. किसी भी तरह की भ्रामक सूचना या फिर अफवाह न फैले इसके लिए प्रशासन ने ये कदम उठाया. फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई है और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है.

प्रदर्शन के दौरान घायल हुईं BDC, लगाया गया कर्फ्यू इसी बीच प्रदर्शन के दौरान घायल हुईं पूर्व बीडीसी सदस्य कहरा फातिमा फारूक को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. वहां उनका इलाज जारी है. फिलहाल वो खतरे से बाहर हैं. स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया और इलाके में धारा 163 लागू करते हुए पूरे इलाके में इंटरनेट बंद कर दिया है ताकि उपद्रवी लोग इकट्ठा न हो सके और सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक खबर या फिर किसी अफवाह का अभियान न चला सकें.

आप विधायक के हिरासत में लिए जाने के बाद हुए प्रदर्शन इसके पहले जम्मू-कश्मीर के चिनाब घाटी के डोडा क्षेत्र में मंगलवार को आप विधायक मेहराज मलिक की कठोर जन सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत हिरासत के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए. पुलिस ने कुछ स्थानों पर मलिक के समर्थन में नारे लगाने और प्रशासन पर PSA के दुरुपयोग का आरोप लगाने वाले प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया गया था. डोडा जिला मुख्यालय के अलावा भालेसा, कहारा और गंदोह तहसीलों में भी प्रदर्शन हुए. मलिक को सोमवार को सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने के आरोप में हिरासत में लिया गया और उन्हें कठुआ जेल में रखा गया. यह हिरासत डोडा के उपायुक्त हरविंदर सिंह के खिलाफ उनके ऑनलाइन पोस्ट को लेकर विवाद के बीच हुई, जिसमें उन्होंने सिंह पर अपने अधिकार का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था.

सीएम उमर अब्दुल्ला ने उपराज्यपाल पर साधा निशाना जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, जिन्होंने मलिक की निवारक हिरासत कानून के तहत गिरफ्तारी को लोकतंत्र पर हमला बताकर उपराज्यपाल प्रशासन की आलोचना की थी, ने एक बार फिर सवाल उठाया कि विधायक के खिलाफ इतने कठोर कानून का उपयोग क्यों किया गया? जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था उपराज्यपाल के अधीन है. उमर ने राज्य वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष दारख्शन अंद्राबी की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘उन्होंने (मलिक) ने आखिर क्या किया? कोई कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं थी, कहीं पत्थरबाजी नहीं हुई। इसके विपरीत, जिन्होंने माहौल खराब किया, जिन्होंने हजरतबल दरगाह पर हमारी धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया, उन्हें छोड़ दिया गया.’