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क्लाउड सेवाओं के लिए विदेशी कंपनियों को कर छूट की नई शर्तें…

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नई दिल्ली में बजट की घोषणा

केंद्रीय बजट में डेटा और क्लाउड केंद्र कंपनियों के लिए कर छुट्टी की घोषणा के बाद, वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार को विदेशी कंपनियों के लिए चार महत्वपूर्ण शर्तों को स्पष्ट किया।

यह छूट कर वर्ष 2026-27 से शुरू होकर 2046-47 तक उपलब्ध होगी, “एक विदेशी कंपनी जो भारत सहित वैश्विक स्तर पर क्लाउड सेवाएं प्रदान करती है,” सूत्रों ने बताया।

विदेशी कंपनी को छूट के लिए चार आवश्यक शर्तें पूरी करनी होंगी।

सूत्रों के अनुसार, विदेशी कंपनी को सूचित किया जाना चाहिए और डेटा केंद्र कंपनी जो भारत में डेटा केंद्र सेवाएं प्रदान करती है, वह एक भारतीय कंपनी होनी चाहिए।

अन्य शर्तों में शामिल हैं, “डेटा केंद्र को MeiTY द्वारा सूचित किया जाना चाहिए और भारतीय उपयोगकर्ताओं को विदेशी कंपनी से सेवाएं एक भारतीय पुनर्विक्रेता इकाई के माध्यम से प्रदान की जानी चाहिए, जो एक भारतीय कंपनी हो।”

“यह छूट विदेशी कंपनियों को निश्चितता प्रदान करती है जो क्लाउड सेवाएं प्रदान करने के व्यवसाय में हैं और भारत में डेटा केंद्र से सेवाएं प्राप्त करती हैं। ऐसे विदेशी कंपनियों के लिए अपने वैश्विक आय पर भारत में कर लगाने का कोई जोखिम नहीं होगा,” सूत्रों के अनुसार।

घरेलू आर्थिक गतिविधियों से होने वाली आय जैसे कि निवासी डेटा केंद्र द्वारा वैश्विक इकाई को डेटा केंद्र सेवाएं और भारतीय ग्राहकों को निवासी पुनर्विक्रेता इकाई द्वारा क्लाउड सेवाओं का पुनर्विक्रय, अन्य घरेलू कंपनियों की तरह कर योग्य रहेगा।

हालांकि, यदि भारतीय डेटा केंद्र विदेशी कंपनी की संबंधित इकाई है (लागत प्लस केंद्र), तो 15 प्रतिशत का सुरक्षित बंदरगाह मार्जिन प्रदान किया गया है।

भारतीय स्वामित्व वाले डेटा केंद्र या वैश्विक इकाई की सहायक कंपनी होने के बावजूद विदेशी क्लाउड सेवाओं की इकाई का उपचार समान रहेगा, जिससे एक समान प्रतिस्पर्धा का माहौल बना रहेगा।

अब भारतीय डेटा केंद्र आत्मविश्वास के साथ ऐसे वैश्विक क्लाउड इकाइयों को अपनी सेवाएं प्रदान कर सकते हैं, बिना किसी कर जोखिम के।

यह कदम महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास और डेटा केंद्रों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

Budget 2026: शराब से लेकर ट्रेडिंग तक महंगाई का झटका, जानिए छत्तीसगढ़ में क्या सस्ता और क्या हुआ महंगा?

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Budget 2026: Budget 2026 का छत्तीसगढ़ पर सीधा असर देखने को मिला है। बजट के बाद राज्य में शराब महंगी हुई है, जबकि मोबाइल, दवाइयां, इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर प्रोडक्ट और रोज़मर्रा की कई ज़रूरी चीजें सस्ती हुई हैं।

Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का यूनियन बजट पेश किया। यह उनका लगातार 9वां बजट और मोदी सरकार का 15वां आम बजट रहा। बजट को लेकर छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश के आम लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी रहीं कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी में क्या सस्ता होगा और किन चीज़ों पर खर्च बढ़ेगा।

Budget 2026: खेल और युवाओं को राहत

बजट के बाद खेल-कूद से जुड़े सामान सस्ते होंगे। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में, जहां ग्रामीण और आदिवासी इलाकों से बड़ी संख्या में युवा खेलों से जुड़ रहे हैं, इससे खिलाड़ियों और स्पोर्ट्स अकादमियों को सीधा फायदा मिलेगा। स्कूल-कॉलेज स्तर पर खेल सामग्री की उपलब्धता भी आसान होगी।

हेल्थ सेक्टर: मरीजों को सीधी राहत

वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि कैंसर की 17 दवाएं और 7 गंभीर बीमारियों की दवाएं अब सस्ती होंगी। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में, जहां बड़ी आबादी सरकारी अस्पतालों और सीमित आय पर निर्भर है, यह फैसला गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

बीड़ी सस्ती, सिगरेट नहीं

बजट के बाद बीड़ी सस्ती हुई है, जबकि सिगरेट की कीमतों में कोई राहत नहीं दी गई। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और श्रमिक वर्ग में बीड़ी का अधिक चलन है, ऐसे में इसका असर सीधे आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

चमड़ा उद्योग को फायदा

लेदर के जूते और अन्य चमड़े से बने प्रोडक्ट सस्ते होंगे। इससे छत्तीसगढ़ के छोटे व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को राहत मिलने की उम्मीद है।

टेक्नोलॉजी और ईवी सेक्टर को बढ़ावा

मोबाइल फोन

इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की बैटरियां: बजट के बाद सस्ती होंगी। छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रिक वाहन और मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है।

ऊर्जा और घरेलू जरूरतें

बायोगैस मिक्स्ड CNG सस्ती होगी
माइक्रोवेव ओवन जैसे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स सस्ते होंगे
सोलर से जुड़े उपकरण और कपड़े भी सस्ते होने की उम्मीद है
इसका असर शहरी और ग्रामीण—दोनों क्षेत्रों के घरेलू बजट पर पड़ेगा।

बजट के बाद क्या हुआ महंगा?

छत्तीसगढ़ के उपभोक्ताओं को कुछ चीज़ों में बढ़ी कीमतों के लिए भी तैयार रहना होगा—शराब महंगी होगी
स्क्रैप और खनिज महंगे होंगे (जिसका असर उद्योगों पर पड़ सकता है)
Future Option Trading की लागत बढ़ेगी

Budget 2026: छत्तीसगढ़ के लिहाज़ से कुल मिलाकर क्या संकेत?

यह बजट आम आदमी, मरीजों, युवाओं और उपभोक्ताओं को राहत देने वाला नजर आता है, जबकि नशा, सट्टा और खनन जैसे क्षेत्रों में सख्ती के संकेत भी देता है। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य के लिए, जहां स्वास्थ्य, खेल, ऊर्जा और रोजगार अहम मुद्दे हैं, यह बजट मिश्रित लेकिन राहत-केंद्रित माना जा सकता है।

छत्तीसगढ़ में बढ़ सकती हैं शराब की कीमतें, ड्यूटी दर राजपत्र में प्रकाशित, 1अप्रैल 2026 से होगी लागू…

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देशी और विदेशी दोनों तरह की शराब पर ड्यूटी टैक्स बढ़ाया गया है, जिससे आने वाले समय में शराब की कीमतों में इजाफा हो सकता है।

राज्य सरकार ने शराब पर लगने वाली ड्यूटी दरें बढ़ा दी है। यह 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। ड्यूटी दरों को लेकर जारी अधिसूचना छत्तीसगढ़ के राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है। देशी और विदेशी दोनों तरह की शराब पर ड्यूटी टैक्स बढ़ाया गया है, जिससे आने वाले समय में शराब की कीमतों में इजाफा हो सकता है। नई आबकारी व्यवस्था के अनुसार अब विदेशी शराब पर उसकी कीमत के आधार पर अलग-अलग ड्यूटी दरें तय की गई है।

यानी जितनी महंगी शराब होगी, उतना ही अधिक टैक्स देना होगा। सरकार ने केवल शराब ही नहीं, बल्कि बीयर और रेडी-टू-ड्रिंक पेय पदार्थों पर भी नई ड्यूटी दरें लागू करने का निर्णय लिया है। इससे इन उत्पादों की खुदरा कीमतों पर भी असर पड़ेगा। नई नीति में सेना और अर्धसैनिक बलों के लिए न्यूनतम ड्यूटी दर निर्धारित की गई है, जिससे उन्हें कुछ राहत मिल सकती है।

आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब शराब की सप्लाई से पहले टैक्स का भुगतान अनिवार्य होगा। इससे कर चोरी पर लगाम लगाने और राजस्व संग्रह को पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। शराब कंपनियों द्वारा रेट ऑफ सेल प्राइस प्रस्तावित किए जाने के बाद खुदरा बाजार में शराब की कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ओडिशा और छत्तीसगढ़ के छह दिवसीय दौरे पर…

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज सोमवार से ओडिशा और छत्तीसगढ़ के छह दिवसीय दौरे पर हैं। वो आज शाम राजधानी भुवनेश्वर पहुंचेंगी। इस दौरान वह राज्य के पांच जिलों में विभिन्न सरकारी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। राष्ट्रपति इस अवधि में पुरी, खोर्धा, बालासोर, जाजपुर और मयूरभंज जिलों का दौरा करेंगी।

अधिष्ठात्री देवी मां बिरजा के मंदिर में दर्शन और पूजाअर्चना करेंगी राष्ट्रपति

राष्ट्रपति जाजपुर जाएंगी, जहां वह जिले की अधिष्ठात्री देवी मां बिरजा के मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगी। 03 फरवरी को वह बिरजा मंदिर में करीब डेढ़ घंटे का समय बिताएंगी, जिसके बाद वह बालासोर के लिए रवाना होंगी। बालासोर में राष्ट्रपति मुर्मु फकीर मोहन विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी।

चार फरवरी को राष्ट्रपति श्री जगन्नाथ मंदिर जाएंगी

इसके बाद वो शाम को पुरी पहुंचेंगी, जहां वह रात्रि विश्राम करेंगी। चार फरवरी को राष्ट्रपति का श्री जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार पर गजपति महाराज, सेवायत और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी औपचारिक स्वागत करेंगे। भगवान जगन्नाथ के दर्शन के बाद वह श्वेतगंगा में पिंडदान की धार्मिक रस्में निभाएंगी। इसके बाद राष्ट्रपति मयूरभंज जिले के रायरंगपुर जाएंगी। अपने गृह क्षेत्र के लोगों से संवाद करेंगी। इस दौरान वह कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगी।

अगले दिन राष्ट्रपति रायरंगपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में दर्शन करेंगी। इसके बाद दोपहर में वह जशीपुर होते हुए सिमिलिपाल टाइगर रिजर्व जाएंगी, जो अपनी समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। वहां वह रात्रि विश्राम करेंगी। छह फरवरी को दौरे के अंतिम दिन, राष्ट्रपति सिमिलिपाल क्षेत्र की आदिवासी महिलाओं और युवाओं से संवाद करेंगी।

इसी दिन वह ओडिशा सरकार द्वारा ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क के सहयोग से भुवनेश्वर में आयोजित ‘ब्लैक स्वान समिट, इंडिया’ में भी शामिल होंगी। इसके पश्चात 7 फरवरी को राष्ट्रपति छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित ‘बस्तर पंडुम 2026’ महोत्सव का उद्घाटन करेंगी।

CG: सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को शराब घोटाले के मामलों में दी अंतरिम जमानत…

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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री और मौजूदा कांग्रेस विधायक कवासी लखमा को छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े दो मामलों में अंतरिम जमानत दी।

कोर्ट ने उन्हें आर्थिक अपराध शाखा/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा संभाले जा रहे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जांच किए जा रहे संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी राहत दी।

जमानत की शर्तों के तहत लखमा को कोर्ट की कार्यवाही में शामिल होने के अलावा छत्तीसगढ़ राज्य में प्रवेश करने से रोक दिया गया। जब कोर्ट को बताया गया कि वह एक मौजूदा विधायक हैं और उन्हें विधानसभा सत्र में शामिल होना है, तो कोर्ट ने कहा कि चार्जशीट/अभियोजन शिकायत दायर होने के बाद या कोर्ट द्वारा संज्ञान लेने के बाद स्पीकर इस पर फैसला ले सकते हैं।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने जेल में बिताई गई अवधि और मुकदमे के जल्दी खत्म होने की कम संभावना को देखते हुए यह राहत दी।

उन्हें 15 जनवरी, 2025 को ED और 2 अप्रैल, 2025 को ईओडब्ल्यू द्वारा गिरफ्तार किया गया था और वह 15 जनवरी, 2025 से हिरासत में हैं।

अभियोजन पक्ष ने EOW मामले में 865 गवाहों और ED मामले में 117 गवाहों से पूछताछ करने का प्रस्ताव दिया।

कोर्ट ने यह भी कहा कि कई अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच लंबित है। इसलिए जांच में ही काफी समय लगने की संभावना है। कोर्ट ने साथ ही यह भी कहा कि जब कई लोगों से जुड़े जटिल मामले हों तो जांच के लिए समय सीमा तय करना उचित नहीं है।

कोर्ट ने आदेश में कहा,

“अनिश्चित काल तक जेल में रखना संविधान के आर्टिकल 21 से मिलने वाले अधिकारों का उल्लंघन कर सकता है। दोनों पक्षों के दावों में संतुलन बनाने के लिए हम निम्नलिखित अंतरिम निर्देश देना उचित समझते हैं, जिनमें भविष्य में ज़रूरत पड़ने पर बदलाव किया जा सकता है:

  1. याचिकाकर्ता को EOW और ED द्वारा दर्ज किए गए दोनों मामलों में अंतरिम जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया जाता है।
  2. उसे स्पेशल जज की संतुष्टि के अनुसार जमानत बांड जमा करने होंगे।

iii. स्पेशल जज द्वारा लगाई जा सकने वाली शर्तों के अलावा यह निर्देश दिया जाता है कि याचिकाकर्ता कोर्ट में पेश होने के अलावा छत्तीसगढ़ राज्य में प्रवेश नहीं करेगा।

  1. याचिकाकर्ता व्यक्तिगत पेशी से छूट नहीं मांगेगा और न ही उसे स्वास्थ्य कारणों को छोड़कर किसी अन्य कारण से छूट दी जाएगी।
  2. याचिकाकर्ता विदेश यात्रा नहीं करेगा और उसका पासपोर्ट स्पेशल जज के कोर्ट में जमा रहेगा।
  3. याचिकाकर्ता अपने रहने की जगह और संपर्क नंबर बताएगा, ताकि संबंधित पुलिस स्टेशन और ED अधिकारी उसका पता लगा सकें। याचिकाकर्ता अपना मोबाइल नंबर देगा और यह नंबर स्पेशल जज की अनुमति के बिना नहीं बदला जाएगा।

vii. जहां तक याचिकाकर्ता की विधानसभा में भागीदारी का सवाल है, जिस अवधि में चार्जशीट दायर की जाती है और/या कोर्ट उस पर संज्ञान लेता है, उस पर राज्य विधानसभा के माननीय स्पीकर द्वारा उचित निर्णय लिया जाएगा। हम इस पर कोई राय व्यक्त नहीं करते हैं।

viii. याचिकाकर्ता सार्वजनिक कार्यक्रमों और समारोहों में भाग लेने का हकदार होगा। हालांकि वह उन आरोपों पर कोई बयान देने से बचेगा, जो या तो चार्जशीट/अभियोजन शिकायत का विषय हैं या जांच के अधीन हैं। हालांकि यह याचिकाकर्ता के लिए किसी भी न्यायिक मंच के समक्ष उन आरोपों को चुनौती देने में बाधा नहीं होगा।

  1. याचिकाकर्ता गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने का कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रयास नहीं करेगा।

किसी भी शर्त का उल्लंघन जमानत की रियायत का दुरुपयोग माना जाएगा, जिसके लिए आवश्यक परिणाम भुगतने होंगे।

लखमा की ओर से सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने कहा कि उनसे कोई रिकवरी नहीं हुई है और कथित मनी ट्रेल का पता नहीं लगाया गया। उन्होंने तर्क दिया कि इकबालिया बयानों के अलावा उनके खिलाफ कोई अन्य सबूत नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि कई सह-आरोपी व्यक्तियों को जमानत मिल चुकी है।

सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ दवे भी लखमा की तरफ से पेश हुए।

राज्य की ओर से सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी ने कहा कि याचिकाकर्ता के एक्साइज पॉलिसी के लिए किकबैक लेने के सबूत हैं और उसे हर महीने 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मिल रही थी।

ED की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि एजेंसी अब तक 72 करोड़ रुपये बरामद कर चुकी है।

Weather: उत्तर छत्तीसगढ़ में ठंडी रातें, रायपुर में दिन का तापमान सामान्य, जानिए अगले 5 दिन का अपडेट…

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प्रदेश में अगले 5 दिनों तक न्यूनतम और अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है. पूरे छत्तीसगढ़ में मौसम शुष्क बना हुआ है और कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है. रायपुर और राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 32°C जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 10.5°C रिकॉर्ड किया गया. राजधानी रायपुर में 04 फरवरी को धुंध छाए रहने की संभावना है.

छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज फिलहाल स्थिर बना हुआ है. मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले पांच दिनों तक न्यूनतम और अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है. पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है और कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई है. राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर बना हुआ है, जबकि उत्तर छत्तीसगढ़ के इलाकों में रातें अपेक्षाकृत ठंडी बनी हुई हैं.

मौसम का सामान्य हाल
प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम पूरी तरह शुष्क रहा. मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के किसी भी हिस्से में वर्षा दर्ज नहीं की गई. आकाश सामान्यतः साफ रहा, जिससे दिन में हल्की गर्मी और रात में ठंड का असर बना रहा.

तापमान का हाल
प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 32.0 डिग्री सेल्सियस रायपुर और राजनांदगांव में दर्ज किया गया. वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया, जिससे उत्तर छत्तीसगढ़ में ठंड का असर महसूस किया गया.

वर्षा और साइनो सिस्टम की स्थिति
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में वर्षा के मुख्य आंकड़े पूरी तरह निरंक रहे. इसके साथ ही किसी भी प्रकार का साइनो सिस्टम सक्रिय नहीं है, जिसके चलते फिलहाल मौसम में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं.

आज का पूर्वानुमान
आज के लिए जारी पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है. तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव हो सकता है, लेकिन किसी विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं जताई गई है.

मौसम चेतावनी
मौसम विभाग ने प्रदेश के लिए किसी भी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है. फिलहाल मौसम सामान्य बना रहेगा.

आगामी दिनों का दृष्टिकोण
आने वाले दो दिनों के बाद भी प्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है. तापमान लगभग इसी स्तर पर बने रहने का अनुमान है.

रायपुर शहर का स्थानीय पूर्वानुमान
राजधानी रायपुर में 04 फरवरी को सुबह के समय धुंध छाए रहने की संभावना है. शहर में अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.

SIR: छत्तीसगढ़ में 65 लाख मतदाताओं के नाम अटके, 10 दिन में आपत्ति नहीं तो कटेगा नाम, सुप्रीम कोर्ट ने दिया ये आदेश…

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लॉजिकल एरर की समस्या छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी चल रही है। दरअसल विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाताओं के दस्तावेज की एंट्री जब सिस्टम के ऐप में की गई तो, लाखों मतदाताओं के नाम सूची में जुड़ने से अटक गए। इनमें पिता-पुत्र के उम्र में अंतर…

लॉजिकल एरर की समस्या छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी चल रही है। दरअसल विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाताओं के दस्तावेज की एंट्री जब सिस्टम के ऐप में की गई तो, लाखों मतदाताओं के नाम सूची में जुड़ने से अटक गए। इनमें पिता-पुत्र के उम्र में अंतर (15 व 50 साल), दादा पोते के उम्र में अंतर(40), पिता का नाम सेम होना और 6 बच्चे वाले के पिता के नाम वाले मतदाताओं को संदिग्ध मानते हुए सिस्टम ने ही रोक दिया है। अब इन मतदाताओं को फोन के माध्यम से संपर्क कर, या फिर घर जाकर दस्तावेज सत्यापन कर जोड़ा जा रहा है।

लेकिन कम समय में लाखों मतदाताओं को नोटिस देना और घर जाकर दस्तावेज सत्यापन करना बड़ी चुनौती है। इसको लेकर अब सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने भी निर्देश दिया है कि जिन मतदाताओं के नाम लॉजिकल एरर में हैं, इनकी सूची निकालकर चस्पा की जाए।

अब तक सभी मतदाताओं को नहीं थी जानकरी

जिन मतदाताओं मतदाताओं के नाम लॉजिकल एरर में थे, इन सभी मतदाताओं को इसकी जानकारी नहीं थीं। क्योकि इसकी जानकारी सिर्फ ऐप में थी, जो इसका संचालन कर रहे है वे ही देख पाते थे। वहां से लॉजिकल एरर वाले मतदाताओं का नाम निकालकर उनसे संपर्क कर दस्तावेज सत्यापन कर नाम जोड़ा जा रहा था। लेकिन इस सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब इसकी लॉजिकल एरर वाले मतदाताओं की सूची बनाई जाएगी। फिर इसे तहसील, जोन, ग्राम पंचायत समेत अन्य पब्लिक जगहों पर चस्पा किया जाएगा। जिसमें मतदाता खुद जाकर अपना नमा इस सूची में है कि नहीं देख पाएंगे, साथ ही संबंधित अधिकारी को भी इसकी जानकारी होगी।

SIR: 65 लाख मतदाताओं के नाम शामिल

निर्वाचन से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में लगभग 65 लाख मतदाताओं के नाम लॉजिकल एरर में शामिल है। इनके नाम मतदाता सूची में ना ही अबतक जुडे है और ना ही काटे गए हैं। 14 फरवरी तक इन सभी के नाम नहीं जुड़ पाते तो सूची से कट हो जाएंगे। इसमें रायपुर जिले की संख्या 4 लाख 22 हजार है। वहीं इसके बाद मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए मतदाताओं को फार्म 6 भरना होगा, साथ ही 2003 से जुड़े 13 दस्तावेज में एक दस्तावेज प्रस्तुत कर नाम जोड़ना होगा।

शीर्ष के दिए निर्देशों का सख्ती से करना होगा पालन

  • तार्किक विसंगतियों (लॉजिकल एरर) की श्रेणी में आने वाले व्यक्तियों के नाम ग्राम पंचायत भवनों, सार्वजनिक स्थानों और (तहसील) तालुका/उपमंडल, शहरी क्षेत्रों में वार्ड कार्यालयों सहित में प्रदर्शित किए जाएंगे।
  • लॉजिकल एरर की श्रेणी में आने वाले व्यक्तियों की सूची प्रदर्शित होने की तिथि से 10 दिनों की अवधि के भीतर स्वयं या अपने अधिकृत प्रतिनिधि (जिसमें बीएलए भी शामिल हो सकते हैं) के माध्यम से अपने दस्तावेा/आपत्तियां प्रस्तुत करने की अनुमति है।
  • दस्तावेज आपत्तियां बीएलए के कार्यालयों या (तहसील) तालुका/उप-मंडल स्तर के कार्यालयों में प्रस्तुत की जा सकती हैं।
  • (तहसील) तालुका/उप-मंडल स्तर के कार्यालय में स्वयं या अपने साथ आए अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से सुनवाई का अवसर भी दिया जा सकता है।
  • दस्तावेज प्राप्त करने वाला या प्रभावित व्यक्ति को सुनवाई प्रदान करने वाला अधिकारी ऐसे दस्तावेज की प्राप्ति और सुनवाई के संचालन को प्रमाणित कर सकता है।
  • यदि कोई प्राधिकार पत्र हो तो उसे और दस्तावेजों की प्राप्ति व ऐसी सुनवाइयों के संचालन का प्रमाण पत्र बीएलओ द्वारा बीएलओ ऐप में अपलोड किया जाएगा।

इन राज्यों में भी चल रहा एसआईआर, नोटिस होगी चस्पा

छत्तीसगढ़, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, गुजरात, गोवा, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु।

CG: धान खरीदी पर सीएम साय का बड़ा ऐलान, वंचित किसानों को फिर मिलेगा बेचने का मौका…

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छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर बड़ी राहत। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ऐलान किया कि धान बेचने से वंचित किसानों को दो दिन फिर मिलेगा मौका।

छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए अच्छी खबर है। जो किसान धान खरीदने के प्रोसेस से चूक गए थे, उन्हें एक बार फिर अपनी फसल बेचने का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यह जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में दो दिनों तक धान की खरीद फिर से शुरू होगी।

सरकार सभी किसानों से खरीदेंगी धान

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने यह फैसला उन किसानों को ध्यान में रखकर लिया है जिनका धान किसी वजह से तय समय में नहीं खरीदा जा सका था। इस खास समय में सिर्फ उन्हीं किसानों से धान खरीदा जाएगा जिनका धान पहले नहीं खरीदा जा सका था।

CM साय ने कहा, “आज हमने रिव्यू किया है। कुछ किसानों को टोकन तो मिल गए लेकिन वे अपना धान नहीं बेच पाए। कुछ किसानों का रजिस्ट्रेशन भी नहीं हुआ था। इन किसानों की पहचान कर ली गई है। हम अगले दो दिनों में धान की खरीद फिर से शुरू करेंगे। सरकार सभी किसानों से धान खरीदेगी।”

CG Dhan Kharidi: लखमा की बेल पर CM ने कहा, “अभी फैसला बाकी है”

कवासी लखमा की रिहाई पर CM विष्णु देव साय ने कहा, “उन्हें अभी बेल मिली है, लेकिन कोई फैसला नहीं हुआ है। बेल देना और फैसला लेना दो अलग-अलग बातें हैं।” वॉलीबॉल टूर्नामेंट के बारे में बात करते हुए CM ने कहा, “देश भर के अलग-अलग राज्यों से सोलह टीमें हिस्सा ले रही हैं। मैच 8 फरवरी तक चलेंगे। सभी खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ में स्वागत है।”

डॉ. रमन सिंह के प्रयासों से राजनांदगांव विधानसभा में 2.08 करोड़ रुपए की स्वीकृति, 45 विकास कार्यों की शुरुआत

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राजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की सतत प्रयासों से राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में 2 करोड़ 8 लाख रुपए की राशि की स्वीकृति मिली है। इस राशि से 45 विभिन्न विकास कार्यों को शुरू किया जाएगा, जो क्षेत्र के निवासियों के लिए महत्वपूर्ण सुविधाएं और आधारभूत संरचना उपलब्ध कराएंगे।

यह स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण द्वारा दी गई है, और इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष द्वारा अनुमोदन किया गया है।

इन कार्यों में प्रमुख रूप से किचन शेड, सीसी रोड निर्माण, नाली निर्माण, निर्मला घाट, मंच निर्माण, शौचालय निर्माण, यात्री प्रतीक्षालय और विभिन्न सार्वजनिक बुनियादी सुविधाओं का निर्माण शामिल है। इन कार्यों से राजनांदगांव विधानसभा के ग्रामों में स्थानीय जन जीवन में सुधार होगा और विकास की गति को और तेज किया जाएगा।

कार्यादेश में कुल 45 कार्यों की स्वीकृति दी गई है, जिनमें ग्राम बम्हनी, धनगांव, बरगा, भानपुरी, धर्मपुर, भोथीपार खुर्द, कोपेडीह, धामनसरा, पनेका, बाकल, रीवागहन, सुकुलदैहान, महाराजपुर, भंवरमरा, सुंदरा, पारीकला, रानीतराई, बोरी, डिलापहरी, लिटिया, जगलेश्वर, रवेली, खैरा, मनकी, टेडेसरा, अंजोरा, धीरी, मगरलोटा, बैगाटोला, बिरेझर, ईरा, फुलझर, मोखला और सुरगी जैसे गांवों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई है।

इन कार्यों की स्वीकृति पर जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष मनोज साहू, और अन्य भाजपा नेताओं ने खुशी जाहिर की है और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं डॉ. रमन सिंह का आभार व्यक्त किया है।

भाजपा नेताओं ने बताया कि इस विकास कार्यों के कारण ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का स्तर बेहतर होगा, जिससे वहां रहने वाले नागरिकों की जीवनशैली में भी सुधार आएगा।

भू-जल पुनर्भरण और जल संरक्षण पर कार्यशाला संपन्न, विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

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राजनांदगांव। जिला पंचायत सभाकक्ष में आज भू-जल पुनर्भरण और जल संरक्षण पर कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता केन्द्रीय भू-जल बोर्ड छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. डी ज्ञान सुंदर ने की। कार्यशाला में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह भी उपस्थित थीं।

कार्यशाला में केन्द्रीय भू-जल बोर्ड के वैज्ञानिकों और विषय विशेषज्ञों ने भू-जल पुनर्भरण, वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण के वैज्ञानिक और तकनीकी उपायों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसके साथ ही भू-जल स्तर संवर्धन और सतत जल प्रबंधन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की गई।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करते हुए भू-जल संरक्षण और पुनर्भरण की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करना था। विशेषज्ञों ने जल संरक्षण को जनसहभागिता आधारित अभियान के रूप में संचालित करने के लिए उपस्थित अधिकारियों और प्रतिनिधियों को प्रेरित किया।

इसके अलावा, सेंट्रल ग्राउंडवाटर बोर्ड के अधिकारियों ने जिले के ग्राम पंचायत बरगा और ग्राम पंचायत फरहद के मिशन जल संरक्षण के तहत किए गए कार्यों का अवलोकन किया। साथ ही, जिले में बनाए गए अभिनव परकोलेशन टैंक और इंजेक्शन वेल के निर्माण की सराहना भी की गई।

कार्यशाला में जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग, वन विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तकनीकी अधिकारी-कर्मचारी और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि भी सम्मिलित हुए। कार्यशाला में जल संरक्षण के महत्व को समझते हुए इसे एक व्यापक और समग्र दृष्टिकोण से लागू करने की बात की गई।