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‘बस किराए में 70% की वृद्धि का प्रस्ताव.बस किराए में वृद्धि का निर्णय’

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गुवाहाटी में ऑल असम मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (AAMTA) ने बस किराए में 70% की वृद्धि का प्रस्ताव रखा है, जो 1 जुलाई से लागू होगा। यह निर्णय बढ़ती ईंधन कीमतों और आवश्यक वस्तुओं की महंगाई के कारण लिया गया है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है और यदि सरकार ने किराया वृद्धि को मंजूरी नहीं दी, तो विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। यात्रियों पर इस वृद्धि का क्या प्रभाव पड़ेगा, जानें इस लेख में।

बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच, ऑल असम मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (AAMTA) ने गुवाहाटी और निचले असम के बीच चलने वाली बसों के किराए में 70% की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। नए दर 1 जुलाई से लागू होंगे।

एसोसिएशन के अनुसार, प्रस्तावित किराया वृद्धि के लिए एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को पहले ही सौंपा जा चुका है।

“हमने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंप दिया है। अब हम देख रहे हैं कि सरकार किराया वृद्धि के संबंध में क्या निर्णय लेती है,” एक एसोसिएशन सदस्य ने कहा।

इस कदम का बचाव करते हुए, एक अन्य सदस्य ने कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतें और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि ने परिवहन ऑपरेटरों के लिए अपनी सेवाओं को बनाए रखना कठिन बना दिया है।

“ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। चूंकि संचालन लागत बढ़ गई है, इसलिए बस किराए में भी संशोधन होना चाहिए। ऊपरी असम में पहले ही किराए में वृद्धि की जा चुकी है, लेकिन निचले असम में कोई समकक्ष संशोधन नहीं हुआ है। बिना किराया वृद्धि के, ऋण चुकाना और श्रमिकों के लिए स्थिर आय सुनिश्चित करना मुश्किल होगा,” सदस्य ने कहा।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार किराया संशोधन को मंजूरी नहीं देती है, तो बस ऑपरेटर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।

“यदि जुलाई से किराया नहीं बढ़ाया गया, तो हमें वैकल्पिक उपाय करने और विरोध शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। मैं लोगों और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से अपील करता हूं कि वे सहयोग करें ताकि परिवहन श्रमिक अपनी आजीविका जारी रख सकें,” उन्होंने जोड़ा।

जैसे ही एसोसिएशन सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है, यात्री और परिवहन ऑपरेटर दोनों एक ऐसा समाधान खोजने की कोशिश कर रहे हैं जो यात्रियों के लिए सस्ती हो और क्षेत्र की वित्तीय स्थिरता को बनाए रखे।

प्रस्तावित किराया वृद्धि का दैनिक यात्रियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है, जो निचले असम के विभिन्न हिस्सों से गुवाहाटी की यात्रा करते हैं।

“वर्तमान में, पथसाला से गुवाहाटी का बस किराया 100 रुपये है। यदि इसे 70% बढ़ाया जाता है, तो किराया 170 रुपये हो जाएगा, जो बहुत अधिक है। कई लोगों पर इसका बोझ पड़ेगा। हालांकि, यदि एसोसिएशन किराया बढ़ाने का निर्णय लेता है, तो हमारे पास यात्रा करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है,” एक यात्री ने कहा।

यात्री को प्रस्तावित संशोधन के बारे में सूचित करने के लिए, एसोसिएशन ने निचले असम-गुवाहाटी मार्ग पर चलने वाली बसों पर नोटिस प्रदर्शित करना शुरू कर दिया है।

इजरायली राष्ट्रपति ने ट्रंप को जन्मदिन की शुभकामनाएं…

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इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके 80वें जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ट्रंप के नेतृत्व की सराहना की और ईरान के खिलाफ उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौता जल्द ही हस्ताक्षरित होगा। यह घटनाक्रम मध्य पूर्व में शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

ट्रंप के 80वें जन्मदिन पर इजरायली राष्ट्रपति की शुभकामनाएं

इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके 80वें जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ट्रंप के नेतृत्व की सराहना की और वाशिंगटन के समर्थन के लिए इजरायल की आभार व्यक्त किया। हर्ज़ोग ने X पर एक संदेश में कहा कि ट्रंप ने इजरायल की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता, बंधकों की रिहाई के प्रयासों और ईरान के खिलाफ खड़े होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ट्रंप मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता के लिए काम करते रहेंगे। हर्ज़ोग ने कहा, “इजरायल के लोग आपके नेतृत्व के लिए आभारी हैं, जो आपने ईरान के दुष्ट साम्राज्य का सामना किया।” उन्होंने ट्रंप के व्हाइट हाउस तक के सफर को अमेरिकी सपने की व्यापकता का प्रतीक बताया।

ट्रंप का कहना है कि समझौता जल्द ही हस्ताक्षरित होगा

ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौता रविवार को हस्ताक्षरित किया जाएगा और उसके तुरंत बाद रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य “सभी के लिए खुला” होगा। शनिवार को उनके इस बयान के कुछ घंटे बाद पाकिस्तान ने संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान अंतिम चरण की वार्ता में हैं और समझौते के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर समारोह रविवार को निर्धारित है। हालांकि, ईरान की ओर से इस समय सीमा पर कोई तत्काल टिप्पणी नहीं आई। ट्रंप ने कहा, “समझौता कल हस्ताक्षरित होने वाला है, और इसके तुरंत बाद होर्मुज जलडमरूमध्य सभी के लिए खुल जाएगा।” यह महीनों की संघर्ष और वार्ता के बाद एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सफलता का संकेत हो सकता है।

साथ ही, ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि समझौता अपेक्षित रूप से नहीं हुआ, तो नए हमलों का खतरा बना रहेगा। उन्होंने कहा, “हम ईरान और पूरे मध्य पूर्व के साथ भविष्य में काम करने की उम्मीद करते हैं। आशा है कि यह प्रक्रिया जल्दी, आसानी से और सुचारू रूप से काम करेगी। यदि ऐसा नहीं होता है, तो हमारे पास अंतिम विकल्प है, जिसे फिर कभी उपयोग में नहीं लाना चाहिए।” अप्रैल में एक नाजुक संघर्ष विराम स्थापित होने के कुछ दिन बाद, इस्लामाबाद ने शांति वार्ता का पहला दौर आयोजित किया था, जिसमें दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, लेकिन वे समझौता करने में असफल रहे।

Congress News: कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए रायपुर के अभनपुर में 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन…

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”राहुल गांधी, सभी जिला, शहर अध्यक्षों को देंगे ट्रेनिंग”

”यहां लग रहा 10 दिवसीय शिविर”

”छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए रायपुर के अभनपुर में 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है’. इसमें नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खुद जिला और शहर अध्यक्षों को ट्रेनिंग देंगे.’

‘कांग्रेस संगठन को धार देने के लिए खुद ‘युवराज’ यानी राहुल गांधी मैदान में उतरने जा रहे हैं. आगामी चुनावों को देखते हुए पार्टी एक बड़ा दांव खेलने जा रही है. रायपुर के पास अभनपुर में 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है.’

‘इस प्रशिक्षण शिविर की सबसे बड़ी विशेषता ये कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खुद इसमें शामिल होंगे. वह छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जिला और शहर अध्यक्षों को राजनीति के गुर सिखाएंगे. राहुल गांधी ने इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अपनी सहमति दे दी है. यह आयोजन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है.’

‘AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस संबंध में सभी जिला और शहर अध्यक्षों को पत्र लिखा है. उन्होंने सभी पदाधिकारियों को अनिवार्य रूप से इस शिविर में शामिल होने के निर्देश दिए हैं. यह पत्र संगठन की सक्रियता और गंभीरता को दर्शाता है.’

‘कांग्रेस का यह विशेष प्रशिक्षण शिविर 21 जून से शुरू होकर 30 जून तक चलेगा. कुल 10 दिनों तक चलने वाला यह गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम रायपुर के अभनपुर में आयोजित किया गया है. शिविर के दौरान संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए रणनीति तैयार की जाएगी. प्रशिक्षण में मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर चर्चा और ट्रेनिंग दी जाएगी.’

‘संगठन की मजबूती, बूथ प्रबंधन, जनसंपर्क अभियान, राजनीतिक रणनीति, आगामी चुनावों की तैयारी ”कांग्रेस का मानना है कि राहुल गांधी के सीधे संवाद और मार्गदर्शन से जिला अध्यक्षों में नया उत्साह भरेगा. इस शिविर के माध्यम से पार्टी आगामी चुनौतियों का सामना करने के लिए खुद को तैयार कर रही है.”

रेल परियोजना: क्षेत्रीय विकास, रोजगार और व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार; पूर्व राज्यसभा सांसद ने रेल मंत्री के की थी मांग…

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केंद्र सरकार के रेल मंत्रालय ने धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा के बीच नई रेल लाइन परियोजना की सौगात दी है. इससे छत्तीसगढ़ से लेकर झारंखड तक के लोगों को फायदा होगा.

झारखंड और छत्तीसगढ़ के बीच रेल संपर्क को नई मजबूती मिलने जा रही है। रेल मंत्रालय की ओर से धरमजयगढ़ – पत्थलगांव -लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित किया गया है।

रेल मंत्रालय ने झारखंड के लोहरदगा से छत्तीसगढ़ के धरमजयगढ़ तक नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में मंजूरी दे दी है। इस रेल परियोजना के अधिूसचित होने के साथ ही छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले को रेल नेटवर्क से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह प्रस्तावित रेल लाइन झारखंड के लोहरदगा से शुरू होकर जशपुर, कुनकुरी और पत्थलगांव होते हुए धरमजयगढ़ तक जायेगी।

जानकारी के अनुसार, इस परियोजना के तहत कुल 291 किमी लंबी नई रेलवे लाइन विकसित की जाएगी। यह लाइन छत्तीसगढ़ के धरमजयगढ़ से शुरू होगी जो पत्थलगांव, कुनकुरी और जशपुर शहर से होते हुए पड़ोसी राज्य झारखंड के लोहरदगा तक पहुंचेगी।

विशेष रेल परियोजना का दर्जा

भारत सरकार ने इस प्रोजेक्ट को ‘विशेष रेल परियोजना’ के रूप में अधिसूचित किया है। अधिसूचना के प्रकाशन के साथ ही यह पूरी परियोजना अब आधिकारिक रूप से प्रभावशील हो गई है। इसका मतलब अब इस पर आगे का काम तेजी से शुरू हो सकेगा।

क्षेत्रीय विकास, रोजगार और व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार

परियोजना के पूरा होने पर झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई आदिवासी तथा दूरस्त क्षेत्रों को सीधा रेल संपर्क मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय विकास, रोजगार और व्यापार को नई रफ्तार मिलेगी। खनिज, कृषि और वन उत्पादों के परिवहन में भी आसानी होगी। नई रेल लाइन का सबसे बड़ा लाभ कृषि और व्यापार क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है। जशपुर अपनी जैविक खेती, सुगंधित धान, मक्का, दलहन, सब्जियों और बागवानी उत्पादों के लिए प्रसिद्ध है।

पूर्व राज्यसभा सांसद ने रेल मंत्री के की थी मांग

इस परियोजना के लिए पूर्व राज्यसभा सांसद समीर उरांव ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर इसे प्राथमिकता देने का आग्रह किया था।

साहस, समर्पण और राष्ट्रसेवा की मिसाल बने जवानों को बधाई एवं शुभकामनाएं…

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शौर्य चक्र से सम्मानित वीर जवानों से मिले उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के हाथों “शौर्य चक्र” से सम्मानित वीर पुलिस एवं सुरक्षा बल के जवानों से उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने आज अपने नवा रायपुर अटल नगर स्थित निवास कार्यालय में आत्मीय मुलाकात कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर डीजीपी श्री अरुण देव गौतम सहित जवानों के परिजन एवं परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे।

जवानों की बहादुरी आने वाली पीढि़यों के लिए प्रेरणास्रोत – श्री शर्मा

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ और देश को ऐसे वीर सपूतों पर गर्व है, जिन्होंने अपने अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति का परिचय देते हुए असाधारण परिस्थितियों में भी वीरता का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि इन जवानों की बहादुरी आने वाली पीढि़यों के लिए प्रेरणास्रोत है।

योगदान में परिवारों का त्याग, समर्थन भी उतना ही महत्वपूर्ण

मुलाकात के दौरान श्री शर्मा ने शौर्य चक्र से सम्मानित इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट, इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख तथा राइफलमैन भोज राम साहू के साहसिक कार्यों की सराहना की और उनके परिजनों से भी मुलाकात की और सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश सेवा के इस गौरवपूर्ण योगदान में परिवारों का त्याग और समर्थन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने जवानों के अदम्य साहस भरी घटनाओं के बारे में भी उनसे जानकारी ली।

कठिन परिस्थितियों में किया नक्सलियों का मुकाबला

ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट एवं इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को 16 अप्रैल 2024 को कांकेर क्षेत्र में नक्सलियों के विरुद्ध संचालित एक बड़े अभियान में अद्वितीय नेतृत्व, साहस और रणनीतिक कौशल का परिचय देने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने कठिन परिस्थितियों में नक्सलियों का मुकाबला करते हुए महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की थी।

गंभीर रूप से घायल होकर भी अदम्य साहस के साथ संभाला मोर्चा

इसी प्रकार 3 असम राइफल्स के राइफलमैन भोज राम साहू को भारत-म्यांमार सीमा क्षेत्र में घुसपैठ विरोधी अभियान के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अदम्य साहस के साथ मोर्चा संभालते हुए दुश्मनों को पीछे हटने के लिए मजबूर करने और अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।

सरकार जवानों के सम्मान, कल्याण और परिवारों की सुरक्षा लिए प्रतिबद्ध

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा बलों के जवानों के सम्मान, कल्याण और उनके परिवारों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सम्मानित जवानों एवं उनके परिजनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनका साहस और बलिदान राष्ट्र सेवा का सर्वाेच्च उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने एनएचएम कर्मचारियों को दी बड़ी सौगात…

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एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री’

प्रदेश के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में एनएचएम कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण’

मुख्यमंत्री ने एनएचएम कर्मचारियों को दी बड़ी सौगात, 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारी संघ के प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में शामिल होकर एनएचएम कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान एनएचएम कर्मियों के 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन दिए जाने की घोषणा की।

उन्होंने एनएचएम कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की “रीढ़ की हड्डी” बताते हुए कहा कि प्रदेश के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। श्री साय ने कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण में एनएचएम कर्मियों का योगदान अतुलनीय है और सरकार उनके कार्यों का सम्मान करती है।

मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा निभाई गई भूमिका को याद करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया संकट में थी, तब एनएचएम के अधिकारी और कर्मचारी अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सेवा में जुटे रहे। उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में स्वास्थ्य कर्मियों ने मानवता की मिसाल पेश की, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि आज भी प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों में, जहां सड़कें और परिवहन सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, स्वास्थ्य कर्मी पैदल चलकर, नदी-नाले पार कर लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र में संचालित “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” का उल्लेख करते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव पहुंचकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही है और अब तक लगभग 90 प्रतिशत आबादी की स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा सुरक्षा बलों के साहसिक प्रयासों से बस्तर में नक्सलवाद का उन्मूलन हुआ है।

अब वहां विकास और जनकल्याण की नई संभावनाएं खुल रही हैं, जिनमें स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सबसे महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश के स्वास्थ्य सेवाओं में हुए व्यापक विस्तार के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज खोलने से लेकर डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती से स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मजबूती से खड़ी है और सभी के सहयोग से विकसित एवं स्वस्थ छत्तीसगढ़ का निर्माण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों से इसी समर्पण और सेवा भावना के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि जशपुर से लेकर सुकमा तक प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में एनएचएम कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने बताया कि “स्वस्थ बस्तर अभियान” का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कर्मचारियों के लिए की गई विभिन्न घोषणाओं और सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया कि एनएचएम कर्मचारियों की कई मांगें पूरी की जा चुकी हैं तथा स्थानांतरण नीति भी जारी कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि अब एनएचएम कर्मचारी भी कैशलेस उपचार योजना के दायरे में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि एनएचएम कर्मियों के लिए जीवन बीमा सुविधा लागू की गई है, जिसके तहत सामान्य मृत्यु की स्थिति में 6 लाख रुपये, दुर्घटना में मृत्यु होने पर 1 करोड़ 40 लाख रुपये तथा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 1 करोड़ 40 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।

श्री जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में लगातार कमी आई है और नर्सों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी के लिए विशेषीकृत 116 नए स्वास्थ्य केंद्रों के लिए स्थानों का चयन किया जा चुका है।

सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा के बाद एनएचएम कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने गजमाला पहनाकर उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी तथा एनएचएम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

”कैबिनेट के फैसले से 10.60 लाख घर बने, धन्यवाद पत्र बना सुशासन का प्रतीक… मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय”

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छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सामने आए दो पत्र इन दिनों राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। ये दोनों पत्र केवल सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि दो अलग-अलग राजनीतिक कार्यशैलियों और शासन की सोच को भी दर्शाते हैं। एक ओर वर्ष 2022 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान आवास योजना के लिए संसाधनों की कमी को लेकर शिकायत का पत्र था, वहीं दूसरी ओर वर्तमान सरकार में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखा धन्यवाद पत्र है, जिसमें गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध कराने और भाजपा के चुनावी संकल्प को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना की गई है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत “मोर आवास-मोर अधिकार” का संकल्प लिया था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद इस वादे को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी गई। सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया, जिससे वर्षों से अपने पक्के घर का इंतजार कर रहे लाखों गरीब परिवारों की उम्मीदों को नया आधार मिला।

पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व, स्पष्ट नीति और केंद्र सरकार के साथ बेहतर समन्वय के कारण राज्य में आवास निर्माण कार्य को अभूतपूर्व गति मिली। पिछले दो वर्षों के भीतर 10.60 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूरा किया गया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है, जहां प्रधानमंत्री आवास योजना का प्रभावी और तेज गति से क्रियान्वयन हुआ है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह पत्र केवल धन्यवाद ज्ञापन नहीं है, बल्कि सरकार के भीतर सामूहिक जिम्मेदारी, नेतृत्व के प्रति सम्मान और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता और समन्वित कार्यसंस्कृति को दर्शाता है।

इसके विपरीत, वर्ष 2022 में तत्कालीन पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पर्याप्त राशि नहीं मिलने की शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि बार-बार अनुरोध के बावजूद धनराशि उपलब्ध नहीं होने से लगभग 8 लाख पात्र परिवार आवास से वंचित रह गए। उस समय यह मामला कांग्रेस सरकार के भीतर मतभेद और राजनीतिक खींचतान के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना था। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि पिछली सरकार के दौरान योजना के क्रियान्वयन में गंभीर बाधाएं थीं, जबकि वर्तमान सरकार ने इसे प्राथमिकता देकर तेजी से आगे बढ़ाया है।

आज जब लाखों परिवारों को पक्का घर मिल रहा है, तब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लिए गए फैसलों और पहली कैबिनेट में 18 लाख आवासों की स्वीकृति को इस उपलब्धि की आधारशिला माना जा रहा है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री आवास योजना अब केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि मोदी की गारंटी और साय सरकार की प्रतिबद्धता को जमीन पर उतारने का उदाहरण बनकर उभरी है।

डोंगरगढ़ परिक्रमा पथ फोरलेन मार्ग निर्माण को मिली गति, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में…

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डोंगरगढ़ को देश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत प्रस्तावित 8 किलोमीटर लंबे परिक्रमा पथ फोरलेन मार्ग निर्माण परियोजना की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इस परियोजना को वर्ष 2024-25 के प्रथम अनुपूरक बजट में शामिल किया गया था तथा राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा 18 मार्च 2025 को 55 करोड़ 45 लाख 57 हजार रूपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई थी।

कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रस्तावित फोरलेन मार्ग की कुल लंबाई 8 किलोमीटर होगी। जिसमें से 4.475 किलोमीटर भाग शासकीय भूमि पर तथा 3.525 किलोमीटर भाग निजी भूमि पर निर्मित किया जाएगा। परियोजना के लिए कुल 6.386 हेक्टेयर (लगभग 15.78 एकड़) निजी भूमि के अधिग्रहण का प्रस्ताव है।

इस परियोजना से ग्राम गाजमर्रा, राजकट्टा, कुर्रूभाठ एवं छीरपानी के 46 किसान प्रभावित होंगे। प्रभावित किसानों को मुआवजा प्रदान करने के लिए लगभग 6 करोड़ 33 लाख 22 हजार 720 रूपए का अवार्ड प्रस्ताव कलेक्टर राजनांदगांव के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अंतर्गत चारों ग्रामों में सार्वजनिक सूचना जारी की जा चुकी है तथा किसानों की सहमति प्राप्त करने सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई प्रचलन में है। परियोजना क्षेत्र में अवैध एवं अनधिकृत भूमि क्रय-विक्रय की संभावनाओं को रोकने तथा मूल भू-स्वामियों के हितों की सुरक्षा के लिए प्रशासन द्वारा आवश्यक प्रतिबंधात्मक कदम भी उठाए गए हैं।

यह परिक्रमा पथ डोंगरगढ़ के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को बेहतर संपर्क प्रदान करेगा। मार्ग से प्रज्ञागिरि बौद्ध विहार, मां बम्लेश्वरी मंदिर, जटा शंकर पहाड़ी, चंद्रगिरि जैन मंदिर, प्रतिभा स्थल, सतनाम तीर्थ स्थल तथा खाटूश्याम मंदिर तक पहुंच अधिक सुगम और सुरक्षित होगी।

लोक निर्माण विभाग के अनुसार निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात लगभग 18 माह के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रस्तावित फोरलेन मार्ग की चौड़ाई औसतन 25 मीटर होगी। परियोजना के पूर्ण होने से श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं व्यवस्थित आवागमन की सुविधा मिलेगी, पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय व्यापार एवं अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी तथा डोंगरगढ़ क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और समग्र विकास को बल मिलेगा।

मुख्य तथ्य एक नजर में –

कुल परियोजना लागत – 55.45 करोड़ रूपए
प्रशासनिक स्वीकृति – 18 मार्च 2025
कुल मार्ग लंबाई – 8.00 किमी
शासकीय भूमि पर मार्ग  – 4.475 किमी
निजी भूमि पर मार्ग – 3.525 किमी
अधिग्रहित की जाने वाली निजी भूमि – 6.386 हेक्टेयर (लगभग 15.78 एकड़)
प्रभावित ग्राम – गाजमर्रा, राजकट्टा, कुर्रूभाठ एवं छीरपानी
प्रभावित किसान – 46
प्रस्तावित मुआवजा राशि – 6.33 करोड़ रूपए
मार्ग चौड़ाई – औसतन 25 मीटर
निर्माण पूर्णता लक्ष्य – निविदा प्रक्रिया के बाद लगभग 18 माह

छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक अंधड़, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी…

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छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक अंधड़, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 2-3 दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर सकता है. इस बीच कोरबा में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और उसकी पत्नी घायल हुई. कांकेर में पेड़ और बिजली पोल गिरे, जबकि मुंगेली में तेज हवा से शराब दुकान का शेड उड़ गया.

भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे छत्तीसगढ़ के लोगों को अब राहत मिलने वाली है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री के लिए परिस्थितियां तेजी से अनुकूल हो रही हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में पहुंच सकता है. इसके साथ ही बस्तर से लेकर कोरबा और सरगुजा तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है. विभाग ने अगले पांच दिनों तक राज्य के विभिन्न जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई है. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्री-मानसून और मानसून की संयुक्त सक्रियता होगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी.

पिछले कुछ दिनों से रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और आसपास के इलाकों में शाम के समय बादल, तेज हवाएं और हल्की बारिश देखने को मिली है. मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण राज्य में बारिश की गतिविधियां लगातार बढ़ेंगी. कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. बिजली गिरने और गरज-चमक की घटनाओं को देखते हुए किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों और खुले में काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.

मौसम विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले पांच दिनों तक बारिश और आंधी की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश भी दर्ज की जा सकती है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की प्रगति के साथ बारिश का दायरा और बढ़ेगा.

मौसम विभाग की जिला स्तरीय चेतावनी के अनुसार बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, कोंडागांव, रायपुर, महासमुंद, गरियाबंद, बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर समेत कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.

मानसून की दस्तक खरीफ सीजन के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है. धान प्रधान राज्य छत्तीसगढ़ में किसान लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे हैं. बारिश शुरू होने से खेतों की तैयारी और बुवाई कार्यों को गति मिलेगी. हालांकि मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका के दौरान खेतों में काम करने से बचें.

पिछले सप्ताह राज्य के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया था. मानसूनी गतिविधियों के बढ़ने के बाद अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज हो सकती है. इससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है.

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में नमी की उपलब्धता, निम्न दबाव के प्रभाव और दक्षिण-पश्चिम मानसून की तेज प्रगति के कारण छत्तीसगढ़ में मानसून के प्रवेश की स्थितियां मजबूत हुई हैं. IMD ने कहा है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून राज्य के कई हिस्सों में आगे बढ़ सकता है.

मौसम विभाग और जिला प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहने की अपील की है. तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है. ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं.

कांग्रेस पार्टी अन्य दलों से अलग- राहुल, SP, TMC, RJD, वगैरह भ्रम में हैं- राहुल

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बीते 8 जून को INDIA गठबंधन की बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी गांधी द्वारा दिया गया भाषण अब सामने आया है। इस बैठक में राहुल गांधी ने अपने सहयोगी दलों पर भ्रम में रहने का आरोप लगाया है।

कांग्रेस पार्टी अन्य दलों से अलग- राहुल

INDIA गठबंधन की बैठक में राहुल गांधी ने सहयोगी दलों से कहा- “आज कांग्रेस पार्टी के बारे में जो बातें कही गईं, उनका जवाब देना मेरा काम नहीं है। मेरा काम तो शैव परंपरा की तरह सब कुछ पी जाना है। नीलकंठ (शिव) का विचार, जो सारा विष पी जाते हैं। आप और जो कुछ भी कहना चाहें, मुझ पर या कांग्रेस पार्टी पर जो भी आलोचना करना चाहें, हम उसे स्वीकार करेंगे, और खुशी-खुशी, चेहरे पर मुस्कान के साथ स्वीकार करेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि हमारी भूमिका अलग है। हमारी भूमिका आप सभी को प्यार और स्नेह के साथ एक साथ लाना है। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का संगठन भारत की अन्य सभी पार्टियों से मूल रूप से अलग है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह पार्टी एक प्रतिरोध आंदोलन के रूप में शुरू हुई थी, जब आधुनिक भारत का अस्तित्व ही नहीं था।”

SP, TMC, RJD, वगैरह भ्रम में हैं- राहुल

राहुल गांधी ने कहा- “मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि इस समूह में एक भ्रम है। भ्रम यह है कि आप- SP, TMC, RJD, वगैरह, मानते हैं कि जिन राजनीतिक तरीकों का आपने अब तक इस्तेमाल किया है, वे आगे भी काम करेंगे। वे तरीके तभी काम करते थे जब भारतीय राज्य उन्हें काम करने के लिए निष्पक्ष माहौल देता था। वह माहौल अब नहीं रहा।” राहुल गांधी ने इस दौरान भाजपा पर संस्थाओं पर नियंत्रण करने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने आगे कहा- TMC में मेरे कई दोस्त हैं। उन्हें यकीन था कि वे चुनाव में बड़ी जीत हासिल करेंगे। मैं उनसे कहता रहा: आप ख्याली दुनिया में जी रहे हैं। और फिर भी कई लोग अभी भी यकीन नहीं कर रहे हैं।

नीतीश कुमार के जाने की वजह कांग्रेस नहीं- राहुल

राहुल गांधी ने INDIA गठबंधन की बैठक में सहयोगी दलों से कहा- “मुझे आपसे लड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है। अगर मैं अचानक उठकर कहूं कि मैं आपसे लड़ने जा रहा हूं, तो मैं पागल ही कहलाऊंगा- क्योंकि आप हमारे सहयोगी हैं, आप हमारे दोस्त हैं, आप वे लोग हैं जिन्हें हम प्यार करते हैं। हम 2024 का चुनाव हारे नहीं थे। आप पूछते हैं कि नीतीश जी क्यों चले गए, तो इसकी वजह मैं नहीं था, न ही कांग्रेस थी। आखिर में, मुझे लगता है कि हमारी बातचीत में अक्सर निराशा की झलक दिखती है। लोग सोचते हैं: हे भगवान, हम BJP को कैसे हराएंगे? मैं आपको बता दूं, अगर हम एकजुट होकर उनका मुकाबला करें तो उन्हें हराना आसान है।