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PM Kisan Aadhaar Seeding: रुकी हुई किस्त पाने का सबसे आसान तरीका, घर बैठे करें ये काम, खाते में आ जाएंगे पैसे…

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देश के करोड़ों किसानों के लिए एक बड़ी खबर है! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में 13 मार्च 2026 को पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त जारी कर दी है।

सरकार ने लगभग 9.32 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 18,640 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि सीधे ट्रांसफर की है।

लेकिन, अभी भी कई ऐसे किसान भाई हैं जिनके मोबाइल पर पैसे आने का मैसेज नहीं आया है। अगर आप भी उनमें से एक हैं, तो घबराइए मत। ज्यादातर मामलों में पैसा सिर्फ एक छोटी सी तकनीकी गलती की वजह से रुका हुआ है। इसे आप घर बैठे सुधार सकते हैं।

पैसा रुकने की सबसे बड़ी वजह, आधार सीडिंग

सरकार अब सारा पैसा DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए भेजती है। इसका मतलब है कि पैसा उसी खाते में जाएगा जो आपके आधार कार्ड से जुड़ा (Seeded) होगा। अगर आपका आधार बैंक खाते से लिंक नहीं है, तो आपकी किस्त बीच में ही लटक सकती है।

PM Kisan Update: 22वीं किस्त जारी, अब कब आएंगे अगली बार खाते में पैसे? 23वीं किस्त को लेकर आया अपडेट

PM Kisan: कैसे चेक करें अपना स्टेटस?

सबसे पहले यह जान लें कि आपको कुछ करने की जरूरत है भी या नहीं। इसके लिए ये स्टेप्स फॉलो करें:

पीएम किसान की वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।

वहां ‘Know Your Status’ वाले विकल्प पर ।

अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड डालें।

अब आपके सामने एक पेज खुलेगा। वहां चेक करें कि ‘Aadhaar Bank Seeding Status’ के सामने ‘Yes’ लिखा है या ‘No’।

अगर वहां ‘No’ लिखा है, तो आपको तुरंत इसे ठीक करना होगा।

PM Kisan Samman Nidhi: रुकी हुई किस्त पाने का सबसे आसान तरीका

आधार सीडिंग को ऑनलाइन ठीक करना अब बहुत आसान हो गया है। आप अपने बैंक की वेबसाइट या NPCI के पोर्टल पर जाकर इसे अपडेट कर सकते हैं।

NPCI पोर्टल का इस्तेमाल:

आप ‘Bharat Aadhaar Seeding Enabler’ (BASE) की वेबसाइट पर जाकर अपना आधार नंबर और बैंक का नाम चुनकर इसे लिंक कर सकते हैं।

बैंक जाकर:

अगर आप ऑनलाइन काम करने में सहज नहीं हैं, तो अपनी बैंक शाखा में जाकर एक ‘आधार सीडिंग फॉर्म’ भरें। बैंक कर्मचारी 24 से 48 घंटे में इसे अपडेट कर देगा।

PM Kisan: e-KYC भी है जरूरी

आधार सीडिंग के साथ-साथ यह भी देख लें कि आपकी e-KYC पूरी है या नहीं। इसके बिना भी पैसा अटक जाता है। आप PM-KISAN GoI ऐप डाउनलोड करके अपना चेहरा स्कैन (Face Authentication) करके भी केवाईसी पूरी कर सकते हैं। इसके लिए आपको किसी दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है।

याद रखें:

अगर आप अपनी डिटेल्स आज अपडेट करते हैं, तो रुकी हुई किस्त आने वाली अगली किस्त के साथ आपके खाते में जमा कर दी जाएगी।

Mumbai Bihar Bhavan: मुंबई में बनेगा ‘बिहार भवन’, 314 करोड़ की लागत से तैयार होगी 30 मंजिला बिल्डिंग…

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Mumbai Bihar Bhavan: देश की आर्थिक राजधानी Mumbai में रहने वाले बिहार मूल के लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुंबई में प्रस्तावित बिहार भवन प्रोजेक्ट को लेकर अब तेजी देखने को मिल रही है।

” बिहार सरकार द्वारा टेंडर जारी करने के बाद इस परियोजना की डिजाइन को भी मंजूरी मिल गई है, जिससे साफ है कि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह भव्य भवन मुंबई के वाडी बंदर इलाके में पी. डी’मेलियो रोड पर बनाया जाएगा। यह ग्राउंड फ्लोर के अलावा कुल 30 मंजिल का होगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद मुंबई में रहने वाले बिहार के लोगों को एक स्थायी कम्युनिटी और सांस्कृतिक केंद्र मिल जाएगा।

Mumbai Bihar Bhavan: कम्युनिटी और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र

– योजना के अनुसार, बिहार भवन सिर्फ एक इमारत नहीं बल्कि एक मल्टी-फंक्शनल सेंटर होगा। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामुदायिक बैठकें और सरकारी कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।

– इसके अलावा, यह भवन प्रवासी बिहारियों के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क केंद्र के रूप में भी काम करेगा। मुंबई आने वाले प्रवासी बिहार के लोगों के पास रहने के लिए एक किफायती और सुविधाजनक विकल्प होगा।

Bihar Bhavan: 314 करोड़ की लागत से बनेगा प्रोजेक्ट

बिहार फाउंडेशन मुंबई चैप्टर के प्रवक्ता मनोज सिंह राजपूत के अनुसार, इस परियोजना के लिए लगभग 314 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। भवन में निवेश प्रोत्साहन केंद्र, गेस्ट रूम और अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों के ठहरने की व्यवस्था भी की जाएगी।

पहले मुंबई पोर्ट ट्रस्ट की थी जमीन

बताया जा रहा है कि यह जमीन पहले मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के अधीन थी, जिसे वर्ष 2023 में बिहार सरकार को आवंटित किया गया था। इस प्रोजेक्ट के जरिए बिहार से मुंबई आने वाले लोगों को न सिर्फ ठहरने की सुविधा मिलेगी, बल्कि उन्हें जरूरी मार्गदर्शन और सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। यह बिहार भवन मुंबई में रहने वाले और आने वाले बिहारियों के लिए एक बड़े सहारे के रूप में उभरेगा और उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करेगा।

Lok Sabha Suspension Revoked: कौन हैं वो 8 सांसद जिनका निलंबन हुआ वापस? लोकसभा स्पीकर ने लिया अहम फैसला….

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Lok Sabha Suspension Revoked: लोकसभा में मंगलवार, 17 मार्च 2026 को एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब विपक्षी दलों के 8 सांसदों का निलंबन वापस ले लिया गया। यह फैसला लोकसभा अध्यक्ष Om Birla द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में बनी सहमति के बाद लिया गया, जिससे संसद के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

निलंबन से राहत पाने वाले सांसदों में कांग्रेस के 7 नेता-मणिकम टैगोर, अमरेंद्र सिंह राजा वारिंग, गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पाडोले और चमाला किरण कुमार रेड्डी। शामिल हैं। इनके अलावा एस. वेंकटेशन (सीपीआई-एम) भी इस सूची में शामिल हैं।

Lok Sabha Suspension Revoked: पूरे सत्र के लिए किया गया था निलंबित

– इन सांसदों को 3 फरवरी 2026 को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान हंगामा करने और अमर्यादित आचरण के आरोप में पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया था। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘अनुच्छेद 370 के तहत कार्रवाई करते हुए 8 निलंबित सांसदों का निलंबन समाप्त करने का प्रस्ताव पेश किया गया।’

– विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख एम. एम. नरवने के अप्रकाशित संस्मरण का जिक्र किया। आरोप था कि हंगामे के दौरान कुछ सांसदों ने अध्यक्ष के आसन की ओर कागज फेंके और सदन की मर्यादा का उल्लंघन किया था।

– हालांकि, बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत से ही विपक्ष लगातार इन सांसदों के निलंबन को रद्द करने की मांग कर रहा था। आखारिकार सर्वदलीय बैठक में यह सहमति बनी कि सभी दल सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।

Om Birla के साथ मीटिंग के बाद बनी सहमति

स्पीकर ओम बिरला के साथ बैठक में सांसदों ने आश्वासन दिया कि वे भविष्य में सदन के वेल में जाकर विरोध नहीं करेंगे, अध्यक्ष की ओर कागज नहीं फेंकेंगे और न ही तख्तियां या एआई-जनित पोस्टरों का इस्तेमाल करेंगे। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने निलंबन वापस लेने का प्रस्ताव सदन में रखा, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। इस फैसले से जहां विपक्ष को बड़ी राहत मिली है, वहीं संसद के कामकाज में अब रुकावट कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।

Bengal Chunav BJP LIST: भाजपा की 144 सीटों की लिस्ट का डिकोड, 144 सीटों की सूची में क्या है बड़ा संदेश?

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Bengal Chunav 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की सियासी लड़ाई अब पूरी तरह गर्म हो चुकी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी पहली सूची जारी करते हुए 144 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है।

इस सूची को सिर्फ नामों की घोषणा भर मानना गलती होगी। दरअसल इसमें एक बड़ा राजनीतिक संदेश छिपा है। पार्टी ने पुराने चेहरों, नए चेहरों, युवाओं, महिलाओं और अलग-अलग पेशे से जुड़े लोगों को मिलाकर एक ऐसा समीकरण बनाने की कोशिश की है जो सीधे मतदाताओं को प्रभावित करे।

भाजपा की इस सूची में साफ दिखता है कि पार्टी ने सामाजिक संतुलन, स्थानीय प्रभाव और पेशेवर छवि वाले उम्मीदवारों पर खास ध्यान दिया है। यही वजह है कि सूची में कई युवा चेहरे हैं, कुछ ऐसे लोग भी हैं जो डॉक्टर, वकील या दूसरे पेशों से आते हैं, और साथ ही महिलाओं को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है।

144 सीटों की सूची में क्या है बड़ा संदेश?

भाजपा ने जिन 144 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं, वे मुख्य रूप से उत्तर बंगाल, जंगलमहल, दक्षिण बंगाल और औद्योगिक इलाकों से जुड़ी सीटें हैं। इन इलाकों में पार्टी पहले से मजबूत मानी जाती रही है।

खास बात यह है कि सूची में कई सीटों पर स्थानीय नेताओं को मौका दिया गया है। इसका मकसद साफ है कि चुनाव में स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता दी जाए और क्षेत्रीय पहचान वाले चेहरों के जरिए मतदाताओं से सीधा जुड़ाव बनाया जाए।

इसके अलावा कई सीटों पर ऐसे उम्मीदवार उतारे गए हैं जो पहले सामाजिक या पेशेवर जीवन में सक्रिय रहे हैं। इससे पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि राजनीति में केवल पारंपरिक नेता ही नहीं बल्कि समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग भी जगह पा सकते हैं।

Bengal Opinion Poll 2026: बंगाल का अगला CM कौन? TMC या BJP किसको कितनी सीटें? नए ओपिनियन पोल ने बढ़ाया सस्पेंस

कौन हैं वो 11 महिला उम्मीदवार? जिनको भाजपा ने दिया टिकट

इस सूची का एक महत्वपूर्ण पहलू महिलाओं की भागीदारी है। भाजपा ने 144 उम्मीदवारों में से 11 महिलाओं को टिकट दिया है। इन महिला उम्मीदवारों में सावित्री बर्मन, मालती रावा रॉय, शिखा चटर्जी, सुमिता चटर्जी, तरुणा कांति घोष, सुषमा मैती, सिंधु सेनापति, सुमिता सिन्हा, अनीमा दत्ता, चंदना बाउरी और मयना मुर्मू शामिल हैं।

राजनीतिक दृष्टि से इसे महिला मतदाताओं को साधने की रणनीति भी माना जा रहा है। पिछले कुछ चुनावों में बंगाल की राजनीति में महिला मतदाताओं की भूमिका काफी अहम रही है। ऐसे में महिलाओं को टिकट देकर भाजपा इस वोट बैंक तक मजबूत संदेश पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

बीजेपी ने 41 मौजूदा विधायकों को फिर से दिया टिकट

बीजेपी ने चुनाव से पहले अपने कई पुराने चेहरों पर ही भरोसा दिखाया है। पार्टी ने 41 मौजूदा विधायकों और 3 पूर्व विधायकों को फिर से टिकट दिया है। इससे साफ है कि पार्टी बड़े बदलाव करने के बजाय अपने पहले से बने नेटवर्क के साथ ही आगे बढ़ना चाहती है।

पार्टी अलग-अलग काम और समाज से जुड़े लोगों को भी मौका दे रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपनी पहुंच बना सके। इन उम्मीदवारों में आसनसोल दक्षिण से अग्निमित्रा पॉल, साल्टोरा से चंदना बाउरी और डबग्राम-फुलबाड़ी से शिखा चटर्जी जैसे नाम शामिल हैं।

युवा चेहरों पर भरोसा: उम्र और पेशे दोनों का संतुलन साफ

भाजपा की 144 उम्मीदवारों वाली सूची पर नजर डालें तो इसमें उम्र और पेशे दोनों का संतुलन साफ दिखाई देता है। पार्टी ने इस बार युवा चेहरों पर खास भरोसा जताया है। कुल 36 सीटों पर ऐसे उम्मीदवार उतारे गए हैं जिनकी उम्र 40 साल से कम है। वहीं सबसे बड़ा हिस्सा 41 से 55 वर्ष के बीच के नेताओं का है। इस आयु वर्ग के 72 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे गए हैं। इसके अलावा 56 से 70 वर्ष के बीच के 32 नेताओं को भी टिकट दिया गया है, जबकि चार उम्मीदवार ऐसे हैं जिनकी उम्र 70 साल से अधिक है।

प्रोफेशनल्स पर दांव, कितने वकील, डॉक्टर और शिक्षक?

भाजपा की पहली सूची में कई युवा उम्मीदवार भी नजर आते हैं। पार्टी ने ऐसे नेताओं को मौका दिया है जो पिछले कुछ वर्षों में संगठन में सक्रिय रहे हैं और स्थानीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं। इसके साथ ही कुछ उम्मीदवार ऐसे भी हैं जो पेशे से वकील, डॉक्टर या शिक्षाविद रहे हैं। राजनीति में पेशेवर पृष्ठभूमि वाले चेहरों की मौजूदगी को भाजपा अपनी ‘नई राजनीति’ की छवि के तौर पर पेश करना चाहती है।

144 उम्मीदवारों में से 57 ऐसे हैं जो शिक्षा, कानून, चिकित्सा, सामाजिक सेवा या सशस्त्र बलों जैसे पेशों से जुड़े रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या शिक्षकों की है। पार्टी ने कुल 23 शिक्षकों को टिकट दिया है, जो यह संकेत देता है कि भाजपा शिक्षित और सामाजिक रूप से सक्रिय चेहरों को आगे लाना चाहती है।

पार्टी ने कुल 8 सामाजिक कार्यकर्ताओं को टिकट दिया है, जबकि कानून के क्षेत्र से आने वाले 6 वकीलों को भी चुनावी मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा 5 डॉक्टरों को उम्मीदवार बनाया गया है। मीडिया से जुड़े 3 पत्रकारों को भी पार्टी ने मौका दिया है।

सामाजिक और धार्मिक प्रभाव वाले चेहरों को ध्यान में रखते हुए 3 आध्यात्मिक नेताओं को भी टिकट दिया गया है। वहीं देश सेवा की पृष्ठभूमि वाले 3 सेवानिवृत्त सैनिकों को भी चुनावी मैदान में उतारा गया है। सूची में एक ऐसा उम्मीदवार भी है जो सामाजिक आंदोलनों से जुड़ा रहा है। इसके अलावा एक क्रिकेटर, एक रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी और एक लोक गायक को भी भाजपा ने उम्मीदवार बनाया है।

दिलचस्प बात यह है कि नैहाटी विधानसभा सीट से सौमित्र चट्टोपाध्याय को टिकट दिया गया है, जो ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के परिवार से संबंध रखते हैं। इसे भाजपा की सांस्कृतिक और प्रतीकात्मक राजनीति के नजरिये से भी देखा जा रहा है।

क्या बदल सकता है बंगाल का चुनावी समीकरण (Impact on Bengal Politics)

बंगाल की राजनीति लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी लड़ाई के रूप में देखी जा रही है। भाजपा की पहली सूची से यह संकेत मिलता है कि पार्टी इस चुनाव में आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतरना चाहती है।</p><p>महिला उम्मीदवारों, युवाओं और पेशेवर लोगों को शामिल करने से पार्टी का उद्देश्य अलग-अलग वर्गों तक पहुंच बनाना है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह रणनीति चुनावी मैदान में कितना असर दिखाती है और क्या भाजपा इस बार अपने प्रदर्शन में बड़ा बदलाव ला पाती है।

FAQs (भाजपा की बंगाल उम्मीदवारों को लेकर पूछे जाने वाले सवाल)

  1. पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के लिए भाजपा ने कितनी सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं?

भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपनी पहली सूची में 144 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं।

  1. भाजपा की इस सूची में कितनी महिला उम्मीदवार हैं?

भाजपा की पहली सूची में कुल 11 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है, जो पार्टी की महिला प्रतिनिधित्व रणनीति को दर्शाता है।

  1. भाजपा ने कितने नए और युवा चेहरों को मौका दिया है?

भाजपा की इस सूची में 36 सीट पर 40 वर्ष से कम उम्र के उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। इनमें कई ऐसे नेता शामिल हैं जो लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे हैं और पहली बार चुनावी मैदान में उतारे गए हैं। 72 उम्मीदवारों की उम्र 41 से 55 साल के बीच है जबकि 32 उम्मीदवार 56 से 70 साल के हैं।

  1. क्या इस सूची में पेशेवर पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार भी शामिल हैं?

हाँ, भाजपा की सूची में अलग-अलग पेशे से जुड़े उम्मीदवार भी हैं। 23 शिक्षक, 6 वकील, 5 डॉक्टर, 3 पत्रकार, 3 आध्यात्मिक नेता, 3 रिटायर सैनिक और 8 सामाजिक कार्यकर्ता बैकग्राउंड वाले उम्मीदवार शामिल हैं।

  1. भाजपा ने कितने मौजूदा विधायकों को फिर से टिकट दिया है?

भाजपा ने अपनी पहली सूची में 41 मौजूदा विधायकों को दोबारा टिकट दिया है, जबकि बाकी सीटों पर नए चेहरों को मौका दिया गया है।

पश्चिम बंगाल भाजपा 144 उम्मीदवारों की लिस्ट की खास बातें?

  1. बड़े चेहरे और हाई-प्रोफाइल मुकाबले

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष इस बार दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। वे Nandigram (जहां से 2021 में जीते थे) और Bhabanipur से मैदान में हैं। भवानीपुर वही सीट है जहां से मुख्यमंत्री Mamata Banerjee चुनाव

Dilip Ghosh: भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Kharagpur Sadar सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

Agnimitra Paul: मौजूदा विधायक इस बार फिर से Asansol Dakshin सीट से मैदान में हैं।

Swapan Dasgupta: पूर्व राज्यसभा सांसद Rashbehari सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

Rudranil Ghosh: अभिनेता से नेता बने रु्द्रनील घोष Shibpur सीट से चुनावी मैदान में हैं।

Arjun Singh के बेटे Pawan Singh: पवन सिंह Bhatpara सीट से अपने पद को बचाने के लिए फिर चुनाव लड़ रहे हैं।

  1. भाजपा की रणनीति और उम्मीदवारों की प्रोफाइल

सीधा मुकाबला: भाजपा ने कई सीटों पर ऐसे उम्मीदवार उतारे हैं जो सीधे टीएमसी के बड़े नेताओं को चुनौती देंगे, ताकि चुनाव का माहौल अपने पक्ष में बनाया जा सके।

युवाओं पर जोर: उम्मीदवारों की सूची में 40 साल से कम उम्र के 36 उम्मीदवार शामिल हैं। इससे साफ है कि पार्टी युवाओं को आगे लाना चाहती है।

उम्र का संतुलन:

41 से 55 साल के 72 उम्मीदवार हैं।

56 से 70 साल के 32 उम्मीदवार हैं।

महिलाओं को मौका: इस सूची में कुल 11 महिला उम्मीदवार को टिकट दिया गया है।

पेशेवर पृष्ठभूमि:

भाजपा ने अलग-अलग पेशों से जुड़े लोगों को भी टिकट दिया है। इनमें

23 शिक्षक

8 सामाजिक कार्यकर्ता

6 वकील

5 डॉक्टर

3 पूर्व सैन्य कर्मी शामिल हैं।

  1. किन्हें फिर मौका मिला और कौन सूची से बाहर रहा

रिपीट उम्मीदवार: भाजपा ने इस सूची में 41 मौजूदा विधायकों और 3 पूर्व विधायकों को फिर से टिकट दिया है। इसका मतलब है कि पार्टी कई जगह पुराने और अनुभवी चेहरों पर भरोसा कर रही है।

बड़ा नाम गायब: Ashok Kumar Lahiri, जो Balurghat के विधायक हैं, उनका नाम पहली सूची में नहीं है।

किन इलाकों पर खास फोकस

भाजपा की इस सूची में खास ध्यान उन इलाकों पर दिया गया है जहां पार्टी 2021 के चुनाव में टीएमसी के मुकाबले कमजोर रही थी।

पार्टी खास तौर पर Burdwan, Bankura और Medinipur जिलों में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।

इसलिए इन इलाकों में ऐसे उम्मीदवार उतारे गए हैं जो स्थानीय स्तर पर मजबूत माने जाते हैं और पार्टी का आधार बढ़ा सकते हैं।

 

Royal Enfield Guerrilla 450 vs  Triumph Speed 400: कीमत, पावर और फीचर्स में कौन आगे? यहां पढ़ें कंपैरिजन…

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भारत में मिड-कैपेसिटी मोटरसाइकिल सेगमेंट नए राइडर्स को सबसे ज्यादा पसंद आता है. 400-450 सीसी कैटेगरी की बाइक्स परफॉर्मेंस, रोजमर्रा के इस्तेमाल और प्रीमियम स्टाइल का बेहतरीन कॉम्बीनेशन प्रोवाइड करती हैं.

इस सेगमेंट में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली बाइक्स रॉयल एनफील्ड गुरिल्ला 450 और ट्रायम्फ स्पीड 400 है. आज हम आपको इस खबर के माध्यम से बताने जा रहे हैं कि आखिर इन दोनों बाइक्स में कौन ज्यादा दमदार है और किसकी कीमत कितनी है.

रॉयल एनफील्ड गुरिल्ला 450 की शुरुआती कीमत 2,56,387 रुपये (एक्स-शोरूम) है, जो इसे हिमालयन 450 एडवेंचर मोटरसाइकिल के स्ट्रीट-फोकस्ड ऑप्शन के रूप में पेश करती है. वहीं, ट्रायम्फ स्पीड 400 थोड़ी अधिक किफायती है, जिसकी शुरुआती कीमत 2,39,000 रुपये (एक्स-शोरूम) है.

इंजन और परफॉर्मेंस

रॉयल एनफील्ड गुरिल्ला 450 में हिमालयन 450 से लिया गया 452 सीसी लिक्विड-कूल्ड सिंगल-सिलेंडर इंजन लगा है. ये इंजन 8,000 आरपीएम पर 40.02 पीएस की पावर और 5,500 आरपीएम पर 40 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है. इंजन को 6-स्पीड गियरबॉक्स और स्लिप-असिस्ट क्लच के साथ जोड़ा गया है, जो स्मूथ गियर शिफ्टिंग और हल्के क्लच ऑपरेशन में मदद करता है.

वहीं, ट्रायम्फ स्पीड 400 में 398.15 सीसी का लिक्विड-कूल्ड सिंगल-सिलेंडर इंजन लगा है जो 8,000 आरपीएम पर 40 पीएस की शक्ति और 6,500 आरपीएम पर 37.5 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है. हालांकि दोनों मोटरसाइकिलों की शक्ति लगभग समान है, लेकिन रॉयल एनफील्ड थोड़ा अधिक टॉर्क जनरेट करती है, जिससे कम स्पीड पर भी बेहतर एक्सीलरेशन का एक्सपीरियंस होता है.

डिजाइन और स्टाइलिंग

गुरिल्ला 450 में दमदार रोडस्टर डिज़ाइन, बड़े टायर और कॉम्पैक्ट लुक है. रॉयल एनफील्ड ने बाइक को एक मजबूत और स्थिर लुक देने के लिए आगे 120 और पीछे 160 कैलिबर के चौड़े टायर लगाए हैं.वहीं, ट्रायम्फ स्पीड 400 अधिक क्लासिक ब्रिटिश रोडस्टर लुक के साथ आती है. इसमें एक फ्यूल टैंक, प्रीमियम पेंट मिलता है.

फीचर्स

गुरिल्ला 450 के हाई वेरिएंट में 4 इंच का टीएफटी डिस्प्ले, गूगल मैप्स नेविगेशन, फोन कनेक्टिविटी और म्यूजिक कंट्रोल की सुविधा मिलती है. राइडर्स को इको और परफॉर्मेंस राइड मोड भी मिलते हैं.

स्पीड 400 में राइड-बाय-वायर थ्रॉटल, स्विच करने लायक ट्रैक्शन कंट्रोल, डुअल-चैनल एबीएस और टॉर्क-असिस्ट क्लच जैसी सुविधाएं शामिल हैं. इसके इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में क्लासिक एनालॉग स्पीडोमीटर के साथ डिजिटल एलसीडी स्क्रीन भी दी गई है. दोनों मोटरसाइकिलों में ऑल-एलईडी लाइटिंग भी है.<

हैंडलिंग और राइड

गुरिल्ला 450 में 43 मिमी टेलीस्कोपिक फ्रंट फोर्क और रियर मोनोशॉक सस्पेंशन का इस्तेमाल किया गया है, जिसे शहर के लिए डिजाइन किया गया है. बाइक का वजन 185 किलोग्राम है, जो इसे अधिकांश पारंपरिक रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिलों से हल्का बनाता है.

ट्रायम्फ स्पीड 400 में आगे की तरफ 43 मिमी यूएसडी बिग पिस्टन फोर्क और पीछे की तरफ गैस-चार्ज्ड मोनोशॉक सस्पेंशन दिया गया है, जिससे इसका सस्पेंशन सिस्टम प्रीमियम हो जाता है. इसका कर्ब वेट भी थोड़ा कम है, लगभग 179 किलोग्राम.

“क्या Anthropic के आगे फीका पड़ रहा OpenAI? कंपनी ने क्यों बताया Code Red”

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OpenAI Vs Anthropic: एआई इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा अब बेहद तेज हो चुकी है और इसी बीच OpenAI ने अंदरूनी तौर पर कोड रेड जैसी स्थिति घोषित कर दी है. कंपनी पर दबाव बढ़ता दिख रहा है क्योंकि एंथ्रोपिक तेजी से डेवलपर्स और बिजनेस सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है.

यही कारण है कि अह ओपनएआई अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए कोडिंग टूल्स और एंटरप्राइज एआई पर फोकस बढ़ा रहा है. यह फैसला पिछले साल की बिखरी हुई रणनीति और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखकर लिया गया है.

OpenAI ने बदली रणनीति

ओपनएआई अब अपने कई प्रोजेक्ट्स की समीक्षा कर रहा है और कुछ को कम प्राथमिकता देने की तैयारी में है. एक आंतरिक बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि कंपनी अपनी दिशा को दोबारा तय कर रही है ताकि संसाधनों का सही उपयोग हो सके. इस प्रक्रिया में कंपनी के सीईओ सैम ऑल्टमैन और चीफ रिसर्च ऑफिसर मार्क चेन शामिल हैं. आने वाले हफ्तों में कर्मचारियों को यह बताया जाएगा कि किन प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया जाएगा और किन्हें पीछे किया जाएगा.

पिछले साल का विस्तार अब बना चुनौती

बीते एक साल में ओपनएआई ने कई नए प्रोडक्ट लॉन्च किए, जिनमें Sora, Atlas ब्राउजर, हार्डवेयर डिवाइस और चैटजीपीटी में शॉपिंग फीचर शामिल रहे. कंपनी ने एक साथ कई क्षेत्रों में विस्तार करने की रणनीति अपनाई, जिसे सीईओ सैम ऑल्टमैन ने अलग-अलग स्टार्टअप्स पर दांव लगाने जैसा बताया था. लेकिन इस तेजी से विस्तार के कारण कंपनी के अंदर दिशा को लेकर भ्रम पैदा हुआ और अलग-अलग टीमों के बीच संसाधनों को लेकर प्रतिस्पर्धा भी बढ़ गई.

एंथ्रोपिक की बढ़त ने बढ़ाई चिंता

एंथ्रोपिक ने शुरू से ही एंटरप्राइज एआई और कोडिंग टूल्स पर फोकस बनाए रखा और अब उसका फायदा उसे मिल रहा है. क्लाउड कोड और कोवर्क जैसे टूल्स डेवलपर्स और कंपनियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, ओपनएआई के अंदर इसे एक चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है कि अगर समय रहते दिशा नहीं बदली गई तो कंपनी अपनी पकड़ खो सकती है. एंथ्रोपिक का सीमित लेकिन स्पष्ट फोकस अब उसकी सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आया है.

अब कोडिंग टूल्स पर पूरा ध्यान

ओपनएआई ने बदलाव की शुरुआत भी कर दी है और हाल ही में Codex ऐप का नया वर्जन पेश किया है, जो खासतौर पर डेवलपर्स के लिए तैयार किया गया है. इसके साथ GPT 5.4 मॉडल भी लाया गया है, जिसे प्रोफेशनल और कोडिंग से जुड़े कामों के लिए डिजाइन किया गया है. कंपनी अब अपने प्रोडक्ट्स को इस तरह तैयार कर रही है कि वह सीधे तौर पर डेवलपर्स और एंटरप्राइज यूजर्स की जरूरतों को पूरा कर सके.

दैनिक अंक ज्योतिष ( Dainik Ank Jyotish18 March 2026): 18 मार्च को चमकेगी इन लोगों की किस्मत, समझदारी से मिलेगी बड़ी सफलता…

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Dainik Ank Jyotish 18 March 2026: 18 मार्च का दिन अपने साथ सहानुभूति और चीजों को गहराई से समझने वाली एक नई ऊर्जा लेकर आया है. इस दिन का मूलांक 9 है, जिसे दया, इंसानियत, गहरी समझ और भावनात्मक मजबूती का प्रतीक माना जाता है.

यह अंक हमें पुराने मनमुटाव सुलझाने, दूसरों को माफ करने और जिंदगी को एक बड़े नजरिए से देखने की प्रेरणा देता है. वहीं, आज का भाग्यांक 4 (1+8+3+2+0+2+6 = 22 – 4) बन रहा है, जो स्थिरता, अनुशासन और अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की ताकत देता है. जब मूलांक 9 की समझदारी और भाग्यांक 4 का अनुशासन एक साथ मिलते हैं, तो यह दिन भावनाओं और व्यवहारिकता के बीच एक बहुत ही सुंदर तालमेल बनाने का बन जाता है.

मूलांक के अनुसार भविष्यफल

मूलांक 1 (यदि आपका जन्म 1, 10, 19, 28 तारीख को हुआ है)

18 मार्च का दिन लीडरशिप वाले अंदाज में दूसरों की भावनाओं को भी शामिल करने का है. वैसे तो आप आत्मविश्वास के साथ अकेले आगे बढ़ना पसंद करते हैं, लेकिन मूलांक 9 की ऊर्जा आपको दूसरों के नजरिए को भी समझने की सलाह दे रही है. कामकाज के संचालन में आपकी सूझबूझ किसी पुराने मनमुटाव को खत्म कर सकती है. मानसिक रूप से ज्यादा सक्रिय रहने की वजह से थकान होने की आशंका है, इसलिए काम के बीच-बीच में आराम जरूर करें.

किससे बचें: दूसरों के जज्बातों को समझे बिना जल्दबाजी में कोई भी फैसला लेने से बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: असली ताकत वही है जहां आत्मविश्वास के साथ दया और सहानुभूति भी जुड़ी हो.

मूलांक 2 (यदि आपका जन्म 2, 11, 20, 29 तारीख को हुआ है)

आपकी ऊर्जा आपसी तालमेल और एक-दूसरे की भावनाओं को समझने के लिए बहुत अच्छी है. आपकी भावुकता आज ऑफिस के माहौल में शांति बनाए रखने में काफी मदद करेगी. भाग्यांक 4 का प्रभाव आपको भावनात्मक रूप से मजबूत रखेगा और सही फैसले लेने के लिए प्रेरित करेगा. मन की शांति के लिए किसी खुली या शांत जगह पर समय बिताना अच्छा रहेगा. अपनों के साथ दिल की बात साझा करने से आपसी रिश्ते और भी गहरे होंगे.

किससे बचें: छोटी-छोटी बातों को दिल से लगाने या बेवजह की चिंता करने से आज बचें.

आध्यात्मिक सुझाव: जब मन के भीतर ठहराव और स्थिरता होती है, तभी दया और करुणा अपना असर दिखाती है.

मूलांक 3 (यदि आपका जन्म 3, 12, 21, 30 तारीख को हुआ है)

आपके मन में नए और रचनात्मक विचार उमड़ेंगे, लेकिन भाग्यांक 4 का अनुशासन आपसे उन्हें सलीके से अमल में लाने की मांग करेगा. मूलांक 9 की ऊर्जा आपको अपनी बातों से दूसरों को प्रेरित करने और उनका हौसला बढ़ाने का मौका देगी. कामकाज में जोश दिखाने के साथ-साथ सही योजना बनाना भी उतना ही जरूरी है. सेहत के लिहाज से आज दिमागी थकान से बचने के लिए छोटे-छोटे ब्रेक लेते रहें.

’22 जहाज फंसे फिर भी सब सामान्य’, गैस संकट पर AAP सांसद संजय सिंह ने सरकार को घेरा…

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देश में गैस और पेट्रोल की कथित कमी को लेकर सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने गैस संकट, विदेशी नीति और आम लोगों की परेशानी को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए।

संजय सिंह ने कहा कि देशभर में LPG सिलेंडर की कमी के चलते लोग लंबी लाइनों में खड़े हैं। उनके मुताबिक, कई जगहों पर सिलेंडर ब्लैक में बिक रहे हैं और होटल-रेस्टोरेंट तक बंद होने की नौबत आ गई है। उन्होंने सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सब कुछ ठीक है, तो लोग घंटों लाइन में क्यों लग रहे हैं? यह सीधे-सीधे जमीनी हकीकत और सरकारी दावों के बीच अंतर दिखाता है।

संसद में पास हुआ ₹57 हजार करोड़ का अतिरिक्त बजट

AAP सांसद ने यह भी बताया कि मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने संसद में ₹57 हजार करोड़ का अतिरिक्त बजट पास कराया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर स्थिति सामान्य है, तो इतने बड़े बजट की जरूरत क्यों पड़ी? उनके मुताबिक, यह खुद सरकार के दावों को कमजोर करता है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और फंसे जहाजों पर उठे सवाल

संजय सिंह (Sanjay Singh) ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि सरकार और कुछ मीडिया संस्थान यह कह रहे हैं कि स्थिति सामान्य हो चुकी है, जबकि हकीकत यह है कि कई जहाज अभी भी वहां फंसे हुए हैं। उनका सवाल था- क्या देश को गुमराह किया जा रहा है?

विदेश नीति पर सीधा हमला: ईरान से दूरी पर सवाल

AAP सांसद ने भारत की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत पहले Iran से सस्ते दाम पर तेल और गैस खरीदता था, जो 7 दिन में पहुंच जाता था। लेकिन अब United States से आने में 40-45 दिन लगते हैं, जिससे लागत और समय दोनों बढ़ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायल (Israel) और अमेरिका के साथ नजदीकी के कारण भारत ने अपने पुराने सहयोगी ईरान को खो दिया।

Adani और अंतरराष्ट्रीय दबाव का मुद्दा भी उठा

संजय सिंह ने यह भी कहा कि क्या देश में पैदा हुआ यह संकट किसी कॉर्पोरेट फायदे के लिए है। उन्होंने अडानी ग्रुप (Adani Group) का नाम लेते हुए सवाल उठाया कि क्या किसी बड़े उद्योगपति को फायदा पहुंचाने के लिए नीतियां बदली गईं। इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय दबाव और कथित “Epstein file” जैसे मुद्दों का जिक्र कर सरकार पर और गंभीर आरोप लगाए।

देश में गैस और पेट्रोल की स्थिति को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो चुकी है। AAP जहां इसे सरकार की नाकामी बता रही है, वहीं केंद्र की ओर से साफ कर दिया गया है कि स्थिति सामान्य है। देश में गैस की कोई कमी नहीं है। अब देखना होगा कि इन आरोपों पर सरकार का क्या जवाब आता है।

Eid-ul-Fitr 2026 School Holiday: 20 या 21 मार्च, स्कूलों में कब रहेगी छुट्टी? तारीख को लेकर आया बड़ा अपडेट!

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Eid-ul-Fitr 2026 School Holiday: रमजान के पवित्र महीने के समापन के साथ मनाया जाने वाला ईद-उल-फितर का त्योहार देशभर में खास उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसे मीठी ईद भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन घर-घर में सेवइयां और अन्य मीठे पकवान बनाए जाते हैं।

साल 2026 में इस त्योहार को लेकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच स्कूल छुट्टी की तारीख को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।

शुरुआती अनुमान के मुताबिक ईद-उल-फितर 20 या 21 मार्च के आसपास पड़ सकती है। हालांकि, हर साल की तरह इस बार भी अंतिम तारीख चांद दिखने पर ही तय होगी, इसलिए स्कूलों की ओर से छुट्टी की आधिकारिक घोषणा आखिरी समय में जारी की जाएगी।

Eid-ul-Fitr 2026 School Holidays: संभावित छुट्टी की तारीख

देश के अधिकतर स्कूलों ने फिलहाल 21 मार्च 2026 को ईद-उल-फितर की संभावित छुट्टी माना है। वहीं, अगर चांद 20 मार्च को नजर आता है, तो कुछ स्कूल एक दिन पहले ही अवकाश घोषित कर सकते हैं।

21 मार्च 2026: ज्यादातर स्कूलों में संभावित छुट्टी

20 मार्च 2026: कुछ स्कूलों में छुट्टी (अगर चांद जल्दी दिखे)

स्कूल प्रशासन आमतौर पर त्योहार से कुछ दिन पहले अंतिम नोटिस जारी करता है।

क्या भारत में लागू होगा Work From Home? LPG संकट के बीच सरकार ले सकती है बड़ा फैसला,स्कूल भी हो सकते हैं बंद!

Eid-ul-Fitr 2026: रमजान का महत्व

रमजान इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इस दौरान मुसलमान रोजा रखते हैं, जिसमें सूर्योदय से सूर्यास्त तक कुछ भी खाना-पीना नहीं होता। यह समय इबादत, अनुशासन और जरूरतमंदों की मदद करने का होता है।

Eid-ul-Fitr Celebration: ईद-उल-फितर कैसे मनाई जाती है

ईद-उल-फितर रमजान के खत्म होने की खुशी में मनाई जाती है। इस दिन सुबह विशेष नमाज अदा की जाती है, लोग नए कपड़े पहनते हैं और एक-दूसरे से मिलकर त्योहार की बधाई देते हैं।

घर-घर में सेवइयां जैसे मीठे व्यंजन बनाए जाते हैं और दोस्तों व रिश्तेदारों के साथ साझा किए जाते हैं। बच्चों को ईदी दी जाती है और परिवार के साथ समय बिताया जाता है।

Eid-ul-Fitr 2026: हर साल क्यों बदलती है तारीख

ईद-उल-फितर की तारीख निश्चित नहीं होती, क्योंकि यह इस्लामिक हिजरी कैलेंडर के अनुसार तय होती है, जो चांद की गति पर आधारित है।

नया महीना चांद दिखने के बाद ही शुरू होता है

इसलिए ईद की तारीख पहले से तय नहीं होती

हर साल यह त्योहार करीब 10-11 दिन पहले आता है

इसी कारण स्कूलों को भी चांद दिखने के बाद ही छुट्टी की अंतिम तारीख घोषित करनी पड़ती है।

LPG Crisis: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कितने भारतीय जहाज अभी भी फंसे? LPG सप्लाई पर कितना होगा असर? देखें रिपोर्ट…

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LPG Crisis: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कितने भारतीय जहाज अभी भी फंसे? LPG सप्लाई पर कितना होगा असर? देखें रिपोर्ट”

LPG Crisis: Israel, America और  की जंग में भारत समेत कई देश पिस रहे हैं।

LPG और तेल का संकट अभी भारत तक ठीक से पहुंचा भी नहीं था कि ईरान ने भारतीय जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जाने से इजाजत दे दी।

इसी बीच खाड़ी क्षेत्र में कम से कम 22 भारतीय जहाजों की पहचान की गई। इन जहाजों में सात LPG के, सात तेल टैंकर, चार कंटेनर जहाज, दो थोक (बल्क) कैरियर, एक टगबोट और एक ड्रेजर शामिल हैं। इससे साफ होता है कि युद्ध के बीच भारत का व्यापार चल रहा है।

किसे मिलेगी छूट?

LPG सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच Abbas Araghchi ने एक इंटरव्यू में कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सिर्फ दुश्मन देशों के जहाजों के लिए बंद है। उनके मुताबिक बाकी देशों के जहाज सामान्य रूप से गुजर सकते हैं, जिससे भारत जैसे देशों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद बनी है।

दो जहाज पहुंचे, कितने बाकी?

शिपयार्ड मिनिस्ट्री के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि दो LPG टैंकर-शिवालिक और नंदा देवी-गुजरात के मुंद्रा और कांडला पोर्ट पर पहुंच चुके हैं। हालांकि, अभी भी 22 भारतीय जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मूज के आसपास फंसे हुए हैं, जिससे चिंता बनी हुई है।

कुछ जहाजों ने पार किया रास्ता

VesselFinder के डेटा के मुताबिक, दो अन्य तेल टैंकर-जग प्रकाश और देश विभोर-भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं। इसके अलावा एक और भारतीय माल ढोने वाला जहाज भी रात के दौरान इस रास्ते से गुजरता देखा गया। साथ ही, दो कच्चे तेल के टैंकर और एक अन्य मालवाहक जहाज भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं।

जग लाड़की को मिला नेवी का एस्कॉर्ट

क्रूड ऑयल टैंकर जग लाड़की स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार नहीं कर पाया। ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, यह ओमान की खाड़ी में फुजैराह पोर्ट पर रुका हुआ था। बाद में भारतीय नौसेना ने इसे सुरक्षित रूप से अरब सागर तक एस्कॉर्ट किया।

अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर अलग डेटा

VesselFinder

के मुताबिक देश विभोर और जग प्रकाश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके थे, लेकिन MarineTraffic पर उनकी लेटेस्ट लोकेशन दिखाई नहीं दे रही थी। जग प्रकाश, जो ओमान के सोहर पोर्ट से गैसोलीन लेकर चला था, अब तंजानिया के तांगा की ओर बढ़ रहा है और 21 मार्च को वहां पहुंचने की उम्मीद है।

17 दिनों से खाड़ी में फंसे LPG टैंकर

MarineTraffic डेटा के मुताबिक, कम से कम सात LPG टैंकर पिछले 17 दिनों से फारस की खाड़ी में मौजूद हैं। इनमें से तीन-जग वसंत, पाइन गैस और ग्रीन साणवी-स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने के इंतजार में हैं, जबकि चार अन्य अभी भी चोकपॉइंट के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए हैं।

दुबई पोर्ट पर तैनात खास जहाज

भारतीय ध्वज वाला ड्रेजर वोल्वॉक्स ओलंपिया दुबई पोर्ट पर तैनात है। यह जहाज समुद्र की तलछट को साफ करने का काम करता है और सक्शन पाइप के जरिए मिट्टी को निकालकर अपने अंदर स्टोर करता है। वहीं, सरकारी बयान के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिम में फंसे जहाजों में छह

LPG

टैंकर, एक एलएनजी कैरियर, चार कच्चे तेल के टैंकर, एक केमिकल टैंकर, तीन कंटेनर जहाज, दो थोक कैरियर और एक ड्रेजर शामिल हैं। यह स्थिति भारत की ऊर्जा सप्लाई के लिए चुनौती बन सकती है। फंसे हुए जहाजों की संख्या पहले 28 थी, जो अब 22 रह गई हैं।