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रायपुर, बस्तर और सरगुजा में भारी बारिश के आसार, इन इलाकों में येलो अलर्ट, जानें मौसम अपडेट

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छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार एक बार फिर तेज हो गई है. मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर और कोरिया सहित अन्य जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना जताई गई है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 28 अगस्त के बाद वर्षा की तीव्रता में कुछ कमी आएगी, लेकिन उत्तरी छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर जारी रहेगा.
बस्तर और रायपुर संभाग में अच्छी बारिश
पिछले 24 घंटों में बस्तर, दुर्ग और रायपुर संभागों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई. वहीं, बिलासपुर और सरगुजा संभागों में केवल एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हुई.

तापमान में हल्की गिरावट दर्ज
प्रदेश में पिछले 24 घंटों में सर्वाधिक तापमान 32.5°C बिलासपुर में दर्ज किया गया. वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.8°C पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ, जिससे मौसम में हल्की ठंडक महसूस की गई.

कई जिलों में 6 सेमी तक पानी
कोंटा में 6 सेमी, आरंग, गुरुर, गंगालूर और रायपुर में 5-5 सेमी, जबकि चारामा, बीजापुर, नानगुर, भैरमगढ़, कांकेर और बस्तर में 4-4 सेमी वर्षा दर्ज की गई. धमतरी, अभनपुर, खरोरा, जगरगुंडा और तोकापाल सहित कई जगहों पर 3 सेमी तक बारिश हुई.
निम्न दबाव का क्षेत्र बना बारिश का कारण
छत्तीसगढ़ और उसके आसपास निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय है. इससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण के कारण ऊपरी स्तर तक नमी का प्रवाह हो रहा है. साथ ही, मानसून द्रोणिका श्रीगंगानगर, शिवपुरी, दमोह, मध्य छत्तीसगढ़ होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है.
आज और कल का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार आज और कल प्रदेश में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होगी. एक-दो जगहों पर मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना भी है.
अगले 48 घंटे रहेंगे महत्वपूर्ण
दो दिन बाद भी प्रदेश में बारिश का सिलसिला थमेगा नहीं. कई जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा और कहीं-कहीं भारी वर्षा की आशंका बनी हुई है. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
रायपुर का मौसम रहेगा मेघाच्छन्न
राजधानी रायपुर में 29 अगस्त को आसमान सामान्यतः बादलों से ढका रहेगा. गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. अधिकतम तापमान 32°C और न्यूनतम 25°C के आसपास रहने का अनुमान है.

“बुलेट ट्रेन से सेमी-कंडक्टर तक, जापान से पीएम मोदी लाएंगे भारत के लिए बड़े तोहफे”

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“बुलेट ट्रेन से सेमी-कंडक्टर तक, जापान से पीएम मोदी लाएंगे भारत के लिए बड़े तोहफे”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जापान दौरा कई मायनों में खास होने वाला है. वे जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ मीटिंग करेंगे. पीएम मोदी इस दौरान बुलेट ट्रेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर्स जैसी नई तकनीकों में सहयोग को आगे बढ़ाने के मसले पर भी चर्चा कर सकते हैं.

इसके साथ-साथ क्वाड (क्वाड्रिलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग) भी एजेंडे का हिस्सा होगा. पीएम मोदी शुक्रवार (29 अगस्त) को टोक्यो पहुंचे. वे प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ शिखर वार्ता करेंगे. विदेश मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जापान के टोक्यो पहुंच गए हैं. प्रधानमंत्री भारत-जापान साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ शाम को व्यापक चर्चा करेंगे.”

बुलेट ट्रेन के साथ-साथ और किस पर होगी बात भारत में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की काफी चर्चा रही है. इस हाई-स्पीड ट्रेन का प्रोजेक्ट भी शुरू हो चुका है. पीएम मोदी जापान की इसमें कैसे भूमिका बन सकती है, इसको लेकर बात करेंगे. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और ऊर्जा क्षेत्र को लेकर भी बात हो सकती है.

जापान यात्रा को लेकर क्या बोले प्रधानमंत्री पीएम मोदी ने कहा कि इस यात्रा के दौरान दोनों देश विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के अगले चरण को आकार देने पर ध्यान देंगे. इसके तहत आर्थिक और निवेश संबंधों के दायरे को और बढ़ाने, AI और सेमीकंडक्टर्स जैसी उभरती तकनीकों में सहयोग आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा. साथ ही दोनों देशों के सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को मजबूत करने का भी अवसर मिलेगा.

जापान के बाद चीन दौरे पर जाएंगे प्रधानमंत्री मोदी जापान से मोदी 31 अगस्त से दो दिवसीय यात्रा पर चीन के शहर तियानजिन जाएंगे. रविवार को प्रधानमंत्री चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ वार्ता करेंगे, जिसमें पूर्वी लद्दाख सीमा विवाद के बाद द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने के लिए आगे के कदमों पर ध्यान केंद्रित करने की संभावना है.

रुद्रप्रयाग-चमोली में खौफनाक तबाही, बादल फटने से टूटा कहर, 2 लापता, मलबे में दबे मासूम जानवर

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उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब एक बार फिर रुद्रप्रयाग और चमोली में बादल फटने की जानकारी मिली है. बादल फटने की घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया. देखते ही देखते मूसलाधार बारिश के साथ मलबा कई घरों में घुस गया और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं. चमोली में 2 लोग लापता हैं, जबकि कई जानवर मलबे में दबे हुए हैं.

बिहार में बीजेपी-कांग्रेस नेताओं के बीच सड़क पर भिड़ंत, जमकर हुई मारपीट

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बिहार की राजधानी पटना से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट हो गयी है. दरअसल पीएम मोदी पर अब्प्शब्द का इस्तेमाल किए जाने के विरोध में आज पटना की सड़कों पर बीजेपी ने विरोध मार्च निकाला था. यह विरोध मार्च बिहार कांग्रेस प्रदेश कार्यालय सदाकत आश्रम से होकर जैसे ही गुजरा बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं बीच झड़प शुरू हो गयी. कांग्रेस और बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे पर हमला शुरू कर दिया.
बता दें, बीजेपी नेताओं ने पीएम मोदी को गाली दिए जाने के विरोध में कुर्जी हॉस्पिटल से सदाकत आश्रम तक विरोध मार्च निकाला. इस मार्च में बड़ी संख्या में बीजेपी के नेता मौजूद थे. मंत्री नितिन नवीन और विधायक संजीव चौरसिया के साथ कई अन्य नेता भी शामिल हुए. इस दौरान कांग्रेस और बीजेपी के बीच जमकर मारपीट हुई। कांग्रेस ने पथराव भी किया. इस दौरान पत्थरबाजी की गयी और एक दूसरे पर डंडे से भी हमला किया गया.

दिल्ली की खराब हवा में घुटकर जी रहे लोग, स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा, 8.2 वर्ष घट रही उम्र, मानें WHO की ये बात

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दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार खराब होता जा रहा है. खासकर, दिल्लीवासी हर दिन प्रदूषित वातावरण में सांस ले रहे हैं और जी रहे हैं. प्रदूषण न सिर्फ फेफड़ों को बुरी तरह से प्रभावित करता है, बल्कि कई अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं. हाल ही में हुए एक अध्ययन में ये बात सामने आई है कि दिल्ली का बढ़ा हुआ प्रदूषण स्तर यहां रहने वालों की आयु को कम कर रहा है. टीओआई में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, शिकागो यूनिवर्सिटी के एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट (EPIC) द्वारा पिछले दिनों जारी किए गए एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स की एक रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि दिल्लीवासी यहां के बढ़ते प्रदूषण लेवल खासकर पीएम 2.5 के कारण अपनी अपेक्षित उम्र से 8.2 वर्ष कम जीते हैं.
यदि WHO के दिशानिर्देश के अनुसार, प्रदूषण का स्तर पीएम 2.5 से घटाकर प्रति क्यूबिक मीटर 5 माइक्रोग्राम तक लाया जाए, तो यह आयु ह्रास काफी हद तक कम किया जा सकता है.
क्या है एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स?
एयर क्वालिटी लाइफ इंडेक्स (AQLI)एक प्रदूषण इंडेक्स है, जो वायु प्रदूषण के दीर्घकालिक संपर्क और जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) के बीच संबंध को मापता है. यह वार्षिक रिपोर्ट 2023 के प्रदूषण आंकड़ों के विश्लेषण पर आधारित है. वर्ष 2023 में दिल्ली में वार्षिक औसत पीएम2.5 सांद्रता 88.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई थी.
रिपोर्ट में ये बात भी सामने आई है कि देश की राजधानी दिल्ली में यदि कणीय प्रदूषण (particulate concentrations) के लेवल को डब्लूएचओ की गाइडलाइंस के अनुसार ला दिया जाए तो एक औसत निवासी 8.2 वर्ष अधिक जी सकता है.
देश के सबसे प्रदूषित क्षेत्र में शामिल उत्तरी मैदानी इलाक़ों में लगभग 54.44 करोड़ लोग रहते हैं. यह भारत की कुल आबादी का लगभग 38.9 फीसदी है. यदि इन इलाकों में भी डब्लूएचओ की गाइडलाइंस तक घटा कर ला दिया जाए तो यहां के लोगों की आयु औसतन पांच वर्ष तक अधिक बढ़ सकती है.राष्ट्रीय मानक की तुलना में यह बढ़त औसतन 1.6 वर्ष की होगी.

दिल्ली-एनसीआर में कम करना होगा पीएम लेवल
इस स्टडी का जब विश्लेषण किया गया तो ये बात सामने आई कि प्रदूषण का स्तर कम करने और लोगों की लाइफ को बढ़ाने के लिए WHO की गाइडलाइंस को फॉलो करना होगा. WHO के मानकों को पूरा करने के लिए एनसीआर (NCR) जिलों को अपने पीएम2.5 स्तर को 44% तक घटाना होगा. ऐसा करके लोगों की औसत जीवन प्रत्याशा में 4.8 वर्ष की वृद्धि हो सकेगी.
पीएम2.5 स्तर WHO के मानकों तक लाया जाए तो लोगों की जीवन प्रत्याशा में इस तरह बढ़ोतरी होगी:
गुरुग्राम के निवासी- 7.1 वर्ष
फरीदाबाद के निवासी- 6.8 वर्ष
गौतम बुद्ध नगर के निवासी- 7.7 वर्ष
ग़ाज़ियाबाद के निवासी – 7.7 वर्ष
टीओआई को दिए एक इंटरव्यू में AQLI निदेशक तनुश्री गांगुली ने कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के प्रभावों पर उपलब्ध आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं. पिछले पांच वर्षों में शहर में प्रदूषण के बढ़ते लेवल को लगातार देखने-समझने से पता चलता है कि यदि ऐसी ही परिस्थितियां बनी रहती हैं तो यहां रहने वाले लोग अपनी उम्र के आठ वर्ष गंवा सकते हैं. उनकी मृत्यु आठ साल पहले ही हो सकती है.ऐसे में ये बेहद जरूरी है कि दिल्ली में प्रदूषण में कमी लाने के लिए सख्त कंसन्ट्रेशन रिडक्शन के टार्गेट को पूरा करने के लिए काम करना होगा तभी आप देश के 40 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के नेशनल स्टैंडर्ट को पा सकते हैं. इसके लिए शहर को पर्टिक्युलेट कन्संट्रेशंस के लेवल को 50 प्रतिशत से भी अधिक कम करना होगा. तभी औसत दिल्लीवासियों की जीवन प्रत्याशा में 4.5 वर्ष से अधिक की वृद्धि हो सकती है.

बिहार की महिलाओं को नीतीश सरकार का बड़ा गिफ्ट, सितंबर से मिलेंगे 10 हजार रुपये, जानें पूरी स्कीम

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं के लिए बड़ी पहल की है. उन्होंने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की है. इसकी घोषणा उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की. कैबिनेट की बैठक में इस योजना को मंजूरी मिल गई है. योजना के तहत राज्य के हर परिवार की एक महिला को अपनी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी. इसके तहत सितंबर से 10 हजार रुपये दिए जाएंगे.
सरकार का मानना है कि इस कदम से महिलाएं न सिर्फ आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि परिवार की आय और राज्य की प्रगति में भी अहम योगदान देंगी. उन्होंने लिखा, “नवंबर 2005 से हमारी सरकार ने महिला सशक्तीकरण के लिए कई काम किए. महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कदम उठाए गए. आज महिलाएं परिवार और राज्य दोनों की प्रगति में योगदान दे रही हैं. अब हम इस दिशा में एक और बड़ा कदम बढ़ा रहे हैं.”
योजना में क्या है खास?
हर परिवार की एक महिला को रोजगार शुरू करने के लिए 10 हजार रुपये की पहली किस्त मिलेगी.
सितंबर 2025 से यह पैसा महिलाओं के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर किया जाएगा.
रोजगार शुरू करने के छह महीने बाद काम का आकलन होगा. इसके बाद जरूरत पड़ने पर महिला को 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता दी जा सकेगी.
महिलाओं के उत्पाद बेचने के लिए गांव से लेकर शहर तक हाट-बाजार विकसित किए जाएंगे.
आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी. इसकी जिम्मेदारी ग्रामीण विकास विभाग की होगी और नगर विकास एवं आवास विभाग भी सहयोग करेगा.
मुख्यमंत्री का भरोसा
नीतीश कुमार ने कहा कि इस योजना से न सिर्फ महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि इससे बिहार की महिलाएं राज्य के अंदर ही रोजगार पाएंगी और रोजगार के लिए बाहर जाने की मजबूरी कम होगी.
क्यों है खास?
बिहार में महिलाओं की भागीदारी लंबे समय से चर्चा में रही है. शराबबंदी से लेकर पंचायत चुनावों में आरक्षण तक. हर कदम पर नीतीश सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने की कोशिश की है. अब रोजगार को लेकर यह नई योजना महिलाओं के हाथ में नया सहारा देने वाली है. इस ऐलान के बाद उम्मीद की जा रही है कि लाखों महिलाओं को अपना काम शुरू करने का मौका मिलेगा. चाहे वह घर का छोटा कारोबार हो या फिर बड़े पैमाने पर काम—सरकार अब महिलाओं के साथ खड़ी होगी.

रोजर बिन्नी का इस्तीफा, राजीव शुक्ला बने बीसीसीआई के कार्यकारी अध्यक्ष, प्रायोजक ढूंढ़ना पहली चुनौती: रिपोर्ट

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रोजर बिन्नी अब बीसीसीआई अध्यक्ष नहीं है. उन्होंने बोर्ड अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है. रोजर बिन्नी के इस्तीफे के बाद बोर्ड की जिम्मेदारी राजीव शुक्ला के कंधों पर आ गई है. राजीव शुक्ला आगामी चुनाव होने तक बीसीसीआई प्रेसीडेंट की जिम्मेदारी संभालेंगे. हिंदी अखबार दैनिक जागरण की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है.
रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई की बुधवार को एपेक्स काउंसिल की बैठक हुई. इसकी अध्यक्षता राजीव शुक्ला ने की. एपेक्स काउंसिल की बैठक का मुख्य एजेंडा था. बैठक में ड्रीम11 के अनुबंध की समाप्ति और अगले ढाई साल के लिए नए प्रायोजक की संभावना पर चर्चा हुई. हालांकि, इसमें एक समस्या यह है कि एशिया कप 10 सितंबर से शुरू हो रहा है और इतने कम वक्त में नया प्रायोजक ढूंढ़ना आसान नहीं है.
ढाई साल के लिए प्रायोजक ढूंढ़ रहा बोर्ड
अखबार ने सोर्स के हवाले से कहा, ‘हमारे पास दो सप्ताह भी नहीं बचे हैं. हम कोशिश कर रहे हैं, लेकिन नया टेंडर जारी करने से लेकर नया प्रायोजक चुनने के प्रोसेस में वक्त लगेगा. हम सिर्फ एशिया कप के लिए अल्पकालिक प्रायोजक की बात नहीं कर रहे हैं. हमारा ध्यान अगले ढाई साल के लिए प्रायोजक पर है, जो अक्टूबर-नवंबर में 2027 वनडे विश्व कप तक रहेगा.’
बोर्ड को अगले महीने कराने होंगे चुनाव
नई खेल नीति पारित होने के बावजूद बीसीसीआई को अगले महीने चुनाव कराने होंगे. इसमें बोर्ड को नया अध्यक्ष मिलेगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि नई खेल नीति लागू होने में चार-पांच महीने और लग सकते हैं, जिसका मतलब है कि चुनाव स्थगित नहीं किए जा सकते. अभी बीसीसीआई सुप्रीम कोर्ट की लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर आधारित संविधान के तहत काम करता है.
आयुसीमा की पेंच में फंसे 70 साल बिन्नी
बीसीसीआई के मौजूदा संविधान के मुताबिक इसके पदाधिकारियों की अधिकतम आयु सीमा 70 साल है. इससे अधिक उम्र का व्यक्ति अध्यक्ष पद के लिए नहीं चुना जा सकता. ऐसे में रोजर बिन्नी के फिर से अध्यक्ष बनने की संभावना खत्म हो गई है. बिन्नी इसी साल जुलाई में 70 साल के हो गए हैं. भारत के लिए 99 मैच खेलने वाले रोजर बिन्नी के नाम 1983 के वर्ल्ड कप में सबसे अधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड है.

भारत है रूस का छिपा हुआ बैंक… ट्रंप के शुक्राचार्य ने फिर उगला जहर, 9 प्वाइंट में लिख डाला ‘झूठ पुराण’

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अमेरिका इन दिनों पूरी दुनिया में फैले बवाल का केंद्र बना हुआ है. हर युद्ध में अमेरिका शामिल है, भले ही वो सीधे तौर पर इसे लड़ नहीं रहा हो. खासतौर पर जब से डोनाल्ड ट्रंप सत्ता में आए हैं, तब से अमेरिका फर्स्ट के नाम पर उन्होंने जो गदर मचाया है, उससे पूरा विश्व प्रभावित हो रहा है. दादागिरी ऐसी कि कोई उनकी शर्तों पर न झुके तो वे किसी तानाशाह की तरह सजा देने पर उतर आते हैं. उनकी इस सनक के पीछे उनके कुछ सलाहकार भी हैं, जो अमेरिका की पारंपरिक रणनीति को उलट-पुलट कर रहे हैं.
भारत के खिलाफ टैरिफ वॉर के दौरान ट्रंप के अलावा जो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, वो पीटर नवारो का है. डोनाल्ड ट्रंप के लिए शुक्राचार्य की तरह बंटाधारी गुरु बने पीटर नवारो का कोई दिन नहीं गुजर रहा, जब वे पीएम मोदी के बारे में बात न करें. टीवी-अखबार या फिर सोशल मीडिया पर वो सिर्फ इन दिन रूसी तेल और मोदी डिप्लोमेसी से ही झल्लाए दिख रहे हैं. हर दिन वो ये गणित समझा रहे हैं कि आखिर भारत के रूसी तेल खरीदने से किस तरह आम अमेरिकी प्रभावित हो रहा है. दिलचस्प तो ये है कि ये डिप्लोमेसी अब व्यक्तिगत होकर पीएम मोदी तक सिमट गई है.
सोशल मीडिया पर लिखा ‘तेल पुराण’
डोनाल्ड ट्रंप के कारोबारी सलाहकार पीटर नवारो ने अपने एक्स अकाउंट पर भारत और रूस के तेल व्यापार और इसके यूक्रेन से लेकर अमेरिका तक पर प्रभाव को लेकर पूरा पुराण छाप दिया है. चलिए आपको बताते हैं कि इतनी मेहनत करके एक बार फिर नवारो ने वही कहानी फिर कैसे सुनाई है, जो वे पिछले 2 महीने से सुना रहे हैं.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है. ये सिर्फ भारत के ‘अनफेयर ट्रेड’ नहीं बल्कि रूस की वॉर मशीन बने तेल व्यापार की लाइफलाइन काटने के लिए है.
इसके बाद उन्होंने रूस-भारत के ऑयल ट्रेड की गणित समझाई है. नवारो के मुताबिक- अमेरिकी लोग भारतीय सामान खरीदते हैं और भारत हमारे डॉलर्स का इस्तेमाल डिस्काउंटेड रूसी तेल खरीदने में करता है.
भारतीय रिफाइनर्स अपने रूसी पार्टनर्स के साथ मिलकर तेल मार्केट को उलट रहा है. वो रूसी तेल को सस्ते दाम पर खरीदकर इसे रिफाइन करके इंटरनेशनल बाजार में ऊंचे दाम पर बेच रहा है. इस तरह रूस को यूक्रेन युद्ध चलाने के लिए पैसा मिलता है.
रूस के यूक्रेन के खिलाफ युद्ध से पहले भारत 1 फीसदी रूसी तेल खरीदता था लेकिन आज 30 फीसदी खरीद रहा है. ये घरेलू इस्तेमाल के लिए नहीं है बल्कि भारतीय मुनाफे को खून और बर्बादी में लगा रहा है.
आगे नवारो ने लिखा है कि भारत की बड़ी तेल लॉबी ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को विशाल रिफाइनिंग हब और क्रेमलिन के ऑयल मनी के केंद्र में तब्दील कर दिया है. रूस से सस्ते दाम पर तेल खरीदकर ये वो इसे प्रोसेस करके यूरोप, अफ्रीका और एशिया को बेच रहा है.
भारत अब 10 लाख बैरेल्स हर दिन निर्यात कर रहा है. नवारो ने यहां आरोप ये भी लगाया है कि इससे बड़े राजनीतिक कनेक्शन वाले एनर्जी टाइटंस को पैसा मिल रहा है और सीधा पैसा पुतिन के युद्ध के लिए जा रहा है. भारत रूस का छिपा हुआ बैंक है.
नवारो ने लिखा है कि अमेरिका यूक्रेन को हथियार देने में पैसा लगा रहा है, तो भारत रूस को फंड कर रहा है, ऊपर से अमेरिकी सामान पर दुनिया के सबसे ऊंचे टैरिफ भी ठोक रहा है. अमेरिका, भारत के साथ लगभग 50 अरब डॉलर का व्यापार घाटा झेल रहा है और भारत उस डॉलर से रूसी तेल खरीद रहा है. ऐसे में अमेरिकी निर्यातकों पर दोहरी मार पड़ रही है —ऊंचे आयात शुल्क और व्यापार संतुलन का संकट.
भारत एक तरफ रूसी हथियारों की खरीद जारी रखता है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी कंपनियों से मांग करता है कि वे संवेदनशील रक्षा तकनीक साझा करें और भारत में फैक्ट्रियां लगाएं. यह एक तरह का ‘रणनीतिक मुफ्तखोरी’ है क्योंकि भारत दोनों पक्षों से फायदा उठा रहा है, लेकिन जिम्मेदारियां निभाने से बचता नजर आता है.
नवारो ने अपनी आखिरी पोस्ट में तो हद कर दी है. उन्होंने लिखा है कि बाइडन प्रशासन ने इस ‘पागलपन’ को नजरअंदाज किया लेकिन ट्रंप ने सीधा एक्शन लिया है. डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ ठोक कर साफ संदेश दिया है – 25% अनुचित व्यापार के खिलाफ और 25% राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत. नवारो ने ट्रंप के हवाले से लिखा कि अगर भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होकर खुद को अमेरिका का रणनीतिक साझेदार कहलाना चाहता है, तो उसे बर्ताव भी वैसा ही करना होगा. एक बार फिर उन्होंने वही लाइन दोहराई – ‘यूक्रेन की शांति का रास्ता नई दिल्ली से होकर जाता है.’

CG: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आदिवासी बहुल जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं ..

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CG: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आदिवासी बहुल जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं ..

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आदिवासी बहुल जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सुधार के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई है, जिसके लिए बजट भी जारी कर दिया गया है। जमीन का चयन हो चुका है और कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। इसके अलावा अस्पतालों में भौतिक संसाधनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। इन प्रयासों से जिलेवासियों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।

 

”सीएम विष्णुदेव साय के कामकाज से संतुष्ट लोगों का प्रतिशत 41.9%, बड़े राज्यों की श्रेणी में वे दूसरे सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री, सीएम साय ने जनहित के काम किए”

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”सीएम विष्णुदेव साय के कामकाज से संतुष्ट लोगों का प्रतिशत 41.9%, बड़े राज्यों की श्रेणी में वे दूसरे सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री, सीएम साय ने जनहित के काम किए”

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सत्ता में आने के बाद से सीएम विष्णुदेव साय लगातार जनहित के काम कर रहे हैं। जहां एक ओर सत्ता में आते ही उन्होंने सबसे पहले पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को सौगात दी तो दूसरी ओर किसानों को धान का 3100 रुपए प्रति क्विंटल और महतारियों को हर महीने 1000 रुपए देकर उनका मान बढ़ाया है। सीएम साय के इन कार्यों को प्रदेश की जनता से जमकर सराहना मिली है। वहीं, अब सीएम विष्णुदेव साय के कार्यों से जनता कितनी खुश है इसका रिपोर्ट का चुका है। सर्वे के अनुसार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कामकाज से अपने गृह राज्य में 41.9% उत्तरदाता अगस्त 2025 में संतुष्ट बताए। यह आंकड़ा फरवरी 2025 के 39% से बढ़कर आया है – यानि हालिया सर्वे में उन के प्रति संतुष्टि में लगभग 2.9 प्रतिशत अंक की बढ़त दर्ज हुई। बड़े राज्यों के वर्ग में यह दूसरा स्थान बताता है। पहले स्थान पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा हैं।

बड़े राज्यों के संदर्भ में प्रदर्शन: बड़े राज्यों के समूह में साय का 41.9% अंक दूसरे स्थान की पुष्टि करता है – इससे पता चलता है कि गृह राज्य में उनकी स्वीकार्यता कई अन्य बड़े राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बराबर-ऊपर है।