Home Blog Page 684

पाकिस्तान में आजादी का जश्न मातम में बदला, हवाई फायरिंग में तीन लोगों की मौत, 64 घायल

0

पाकिस्तान जब अपनी आजादी का जश्न मना रहा था, तभी ये खुशियां मातम में बदल गईं. हवाई फायरिंग के कारण तीन लोगों की मौत हो गई. लापरवाही भरी हवाई फायरिंग ने तीन लोगों की जान ले ली, जिसमें एक बुजुर्ग और 8 साल की बच्ची भी शामिल है. एक आतंकी हमले में एक पुलिस वाले की भी मौत हुई. गुरुवार को रेस्क्यू अधिकारियों ने जियो न्यूज को बताया कि शहर के अलग-अलग इलाकों में कम से कम 64 लोग गोलियों से घायल हुए हैं. आपने फिल्मों में देखा होगा कि आतंकी जश्न मनाने के लिए अपनी एके-47 से हवा में फायरिंग करते हैं. आतंकियों को पालने वाले पाकिस्तान में आम लोग भी ऐसी ही हरकत करते हैं. आजादी का जश्न हो या फिर नए साल का जश्न हर खुशी के माहौल में कुछ लोग गोलियां चलाते हैं, जिसकी कीमत मासूमों को चुकानी पड़ती है.
इन इलाकों में हुई हवाई फायरिंग: स्थानीय मीडिया के मुताबिक, अजीजाबाद में मासूम बच्ची को गोली लगी, जबकि कोरंगी इलाके में स्टीफन नामक व्यक्ति की मौत हुई. पुलिस ने बताया कि हवाई फायरिंग की घटनाएं लियाकताबाद, कोरंगी, लियारी, महमूदाबाद, अख्तर कॉलोनी, कीमारी, जैक्सन, बलदिया, ओरंगी टाउन और पापोश नगर समेत कई इलाकों में हुई हैं. शरिफाबाद, नॉर्थ नाजिमाबाद, सूरजानी टाउन, जमान टाउन और लांधी से भी इसी तरह के मामले सामने आए.
20 से ज्यादा गिरफ्तार: घायलों को सिविल, जिन्ना और अब्बासी शहीद अस्पताल के अलावा गुलिस्तान-ए-जौहर और अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया. पुलिस ने विभिन्न इलाकों से 20 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से आधुनिक हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है.
पहले भी हुई हैं ऐसी घटनाएं: अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और हवाई फायरिंग में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. गौरतलब है कि कराची में आजादी दिवस पर हवाई फायरिंग की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं. हर साल इस खतरनाक ‘जश्न’ की कीमत मासूम जिंदगियों से चुकानी पड़ती है. सिर्फ 2024 में ही ऐसी फायरिंग में 95 लोग घायल हुए थे, जबकि उससे पिछले साल 80 लोग जख्मी हुए थे.
नए साल पर भी हुआ हादसा: इसी साल 1 जनवरी को खबर आई थी कि कराची में नएसाल के जश्न के दौरान फायरिंग में 29 लोग घायल हो गए.
आतंकी हमले में एक पुलिसकर्मी की मौत: उत्तर पश्चिम पाकिस्तान में पेशावर के बाहरी इलाके में स्थित हसन खेल थाने पर अज्ञात आतंकियों ने घातक हथियारों से हमला कर दिया, जिसमें एक कांस्टेबल की मौत हो गई और एक अधिकारी घायल हो गया. अधिकारियों के अनुसार, बुधवार देर रात हुए इस हमले में पुलिस ने मोर्चा संभालकर भारी गोलाबारी से जवाब दिया. मारे गए कांस्टेबल की पहचान अबु बकर के रूप में हुई है, जबकि अधिकारी हारून घायल हुए हैं. फिलहाल इलाके को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अतिरिक्त बल मौके पर भेजे गए हैं ताकि चल रहे अभियान में सहायता दी जा सके.

उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने रायपुर निवास में तिरंगा फहराया

0

वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज बुधवार को #HarGharTiranga अभियान के अंतर्गत शंकर नगर स्थित शासकीय निवास रायपुर में तिरंगा फहराया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान, आज देश को एकता के सूत्र में पिरोने और राष्ट्रभक्ति की भावना को नई ऊँचाइयों पर ले जाने वाला एक सशक्त जन-आंदोलन बन चुका है।

यह तिरंगा हमें स्मरण कराता है उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तप और बलिदान की, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें स्वतंत्र भारत का उपहार दिया। आज 140 करोड़ देशवासी उसी सपने को साकार करने के लिए संकल्पबद्ध हैं-एक ऐसा भारत जो विकसित, समृद्ध और विश्व में सर्वश्रेष्ठ हो।

बस्तर के विकास में एक और क्रांतिकारी कदम

0

छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल को रेलवे से सशक्त कनेक्टिविटी देने वाली दल्लीराजहरा–रावघाट रेल परियोजना का कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। 95 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के तारोकी से रावघाट खंड की लंबाई 77.5 किलोमीटर है, जिसमें यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। बड़े और छोटे पुलों के साथ-साथ ट्रैक बिछाने का काम अब अंतिम चरण में है, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना के दिसंबर 2025 तक पूर्ण होने की दिशा में ठोस प्रगति हुई है।

इस रेल परियोजना के पूरा होने से बस्तर क्षेत्र पहली बार राज्य की राजधानी से सीधे रेलवे द्वारा जुड़ जाएगा। इससे बस्तर आने-जाने वाले यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी और खनिज परिवहन की दिशा में नई गति मिलेगी। बस्तर के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य में यह कनेक्टिविटी एक बड़ा बदलाव लाएगी और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में सहायक होगी।

यह रेलवे लाइन रावघाट लौह अयस्क खदानों और सेल/भिलाई इस्पात संयंत्र के बीच सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। वर्तमान में दल्लीराजहरा की खदानों से लौह अयस्क की उपलब्धता घट रही है, ऐसे में यह परियोजना न केवल औद्योगिक जरूरतों को पूरा करेगी बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास की रीढ़ साबित होगी। रेल विकास निगम लिमिटेड के अनुसार, 17.5 किलोमीटर भूमि अधिग्रहण कार्य संपन्न हो चुका है। 21.94 लाख घन मीटर मिट्टी कार्य में से अधिकांश पूरा हो चुका है। तीन में से दो बड़े पुल तैयार हो गए हैं, जबकि 61 में से 55 छोटे-मोटे पुलों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। बैलेस्ट प्रोक्योरमेंट और भवन निर्माण कार्य भी अगस्त–सितंबर 2025 तक पूर्ण होने की संभावना है।

उल्लेखनीय है कि कुल 95 किलोमीटर लंबे इस रेलमार्ग में 16 प्रमुख पुल, 19 रोड ओवर ब्रिज, 45 रोड अंडर ब्रिज और 176 छोटे पुलों का निर्माण शामिल है। केवल 17.5 किलोमीटर लंबे तारोकी–रावघाट खंड में ही 3 प्रमुख पुल, 5 रोड ओवर ब्रिज, 7 रोड अंडर ब्रिज और 49 छोटे पुल बनाए जा रहे हैं। इन सभी कार्यों में तकनीकी सटीकता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि यह परियोजना लंबे समय तक टिकाऊ और सुरक्षित रहे।

वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित इस क्षेत्र में निर्माण कार्य एक बड़ी चुनौती रहा है। परियोजना को बाधित करने के लिए नक्सलियों द्वारा किए गए 12 हमलों में अब तक 4 मजदूरों की मौत और 2 सुरक्षाकर्मियों की शहादत हो चुकी है। इसके अलावा निर्माण कार्य में प्रयुक्त उपकरणों और मशीनों में आगजनी की घटनाएं भी हुई हैं। इसके बावजूद, एसएसबी सुरक्षा कवच मिलने के बाद परियोजना में उल्लेखनीय प्रगति हुई। परियोजना के पूरा होने के बाद बस्तर क्षेत्र में खनिज परिवहन, रोजगार, स्थानीय व्यापार और यात्री सुविधाओं में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। यह रेलवे लाइन खनिज परिवहन को नई दिशा देने के साथ-साथ पूरे क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य करेगी। इससे क्षेत्र में निवेश के अवसर बढ़ेंगे और बुनियादी ढांचे का विस्तार होगा।

दिसम्बर 2025 तक तारोकी–रावघाट खंड पर ट्रेन परिचालन शुरू होने की संभावना व्यक्त की गई है। इस परियोजना के पूरा होते ही बस्तर अंचल एक नई विकास यात्रा पर अग्रसर होगा, जहां रेल पटरी पर दौड़ती गाड़ियां न केवल खनिज और सामान पहुंचाएंगी, बल्कि रोजगार, अवसर और विकास का संदेश भी लेकर आएंगी।

छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल प्राधिकरण ने मनाया विश्व जैव ईंधन दिवस

0

छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण द्वारा विश्व जैव ईंधन दिवस का आयोजन ग्राम गोढ़ी, जिला दुर्ग में बड़े उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्री सुमित सरकार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीबीडीए) द्वारा सभी ग्राम वासियों को विश्व जैव ईंधन दिवस की बधाई एवं शुभकामना संदेश प्रेषित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं ग्रामवासियों को सीबीडीए द्वारा टी-शर्ट्स एवं टोपी वितरित कर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस मौके पर ग्रामीणों को जैव ईंधन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

एपीओ श्री संतोष कुमार मैत्री ने कहा कि ग्राम गोढ़ी में निर्मित बायोएथेनॉल प्रदर्शन संयंत्र का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में जैव ईंधन अनुसंधान को बढ़ावा देना है, ताकि अधिक से अधिक जैव ईंधन का उत्पादन कर राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि लगभग 85 प्रतिशत तेल का आयात विदेशों से किया जाता है, जिस पर देश की अत्यधिक मुद्रा व्यय होती है। जैव ईंधन उत्पादन को बढ़ावा देने से न केवल तेल आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए स्रोत भी उपलब्ध होंगे।

श्री मैत्री ने बताया कि सीबीडीए ने सबसे पहले अखाद्य तैलीय बीजों के तेल से बायोडीजल उत्पादन का कार्य सफलतापूर्वक किया था। जिसे वर्तमान में प्रयुक्त खाना पकाने के तेल से भी किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण ने बायोजेट ईंधन के उत्पादन, बायोएथेनॉल उत्पादन में सफल रहा है और भविष्य में हरित हाइड्रोजन, सीबीजी एवं एसएएफ जैसे अन्य जैव ईंधनों पर भी कार्य करने की योजना बना रहा है।

वैज्ञानिक डॉ. प्रीति कौर, एपीओ श्री लव त्यागी एवं श्री रमेश मेढेकर ने राज्य में जैव ईंधन अनुसंधान की संभावनाओं, उनकी महत्ता तथा इनके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं आमजन के जीवन पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सहायक लेखाधिकारी-सह-वित्त अधिकारी श्रीमती अंजली जोगदंड ने बताया कि सीबीडीए द्वारा किए जा रहे प्रयासों से राज्य की अर्थव्यवस्था को एक स्थायी एवं स्वच्छ ऊर्जा स्रोत प्राप्त हो रहा है, जो भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र की दिशा और दशा दोनों को बदल सकता है।

ग्राम गोढ़ी के ग्रामीणों का कहना था कि इस संयंत्र ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार किया है, बल्कि उन्हें यह विश्वास भी दिलाया है कि आधुनिक तकनीक और ग्रामीण संसाधनों का समन्वय करके स्थायी विकास संभव है। कार्यक्रम के दौरान जैव ईंधन के प्रति जन-जागरूकता फैलाने, ग्रामीण युवाओं को इससे जुड़ने के लिए प्रेरित करने और छत्तीसगढ़ को जैव ईंधन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। कार्यक्रम में विभिन्न मनोरंजक एवं प्रेरणादायक गतिविधियों भी आयोजित की गईं। वृक्षारोपण कार्यक्रम में सरपंच एवं उप सरपंच ने पूरे उत्साह से भाग लिया और गाँववासियों को हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। इस अवसर पर रस्सी खींच प्रतियोगिता, क्रिकेट मैच का आयोजन हुआ।

राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) के अंतर्गत प्रदेश में गैर-संचारी रोगों की रोकथाम हेतु विशेष अभियान

0

राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) के अंतर्गत राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NPCDCS) के प्रभावी संचालन के लिए प्रदेश में विशेष पहल की जा रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हृदय रोग, मधुमेह, कैंसर, स्ट्रोक जैसे गंभीर गैर-संचारी रोगों की शीघ्र पहचान, रोकथाम और नियंत्रण सुनिश्चित करना है।

प्रदेश के 28 जिला अस्पतालों में एलोपैथिक चिकित्सकों के साथ-साथ आयुर्वेद चिकित्सकों द्वारा भी राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत 13 आयुष पॉलीक्लिनिक और 5 जिला अस्पतालों में आयुर्वेद-आधारित लाइफस्टाइल क्लिनिक स्थापित किए गए हैं।

राज्य के 400 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 32 योगा और वेलनेस सेंटर्स में योग, ध्यान, आहार एवं औषधियों के माध्यम से रोगों की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। वहीं, स्क्रीनिंग शिविरों के माध्यम से मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कैंसर की समय पर जांच की जा रही है।

स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें समुदाय में स्वास्थ्य शिक्षा और रोग-निरोधी सेवाएं प्रदान करने के लिए सक्षम बनाया गया है। इस पहल से जनस्वास्थ्य में सुधार, रोगों का बोझ कम करने और आयुर्वेद पद्धति के प्रति जन-विश्वास में वृद्धि हो रही है।

हर घर तिरंगा अभियान में शामिल हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी

0

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर चलाए जा रहे हर घर तिरंगा अभियान के तहत वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज अपने शंकर नगर रायपुर स्थित आवास पर तिरंगा फहराकर आजादी के अमृत महोत्सव में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह अभियान हमारी राष्ट्रीय एकता, गौरव और देशभक्ति का प्रतीक है। तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश के लिए हमारे त्याग, साहस और समर्पण का प्रतीक है।

मंत्री श्री चौधरी ने प्रदेश के सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे इस देशभक्ति के उत्सव में सक्रिय रूप से भाग लें और अपने-अपने घरों पर तिरंगा लहराकर राष्ट्र प्रेम का संदेश जन-जन तक पहुँचाएं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का संकल्प – विकास का अधूरा सपना अब होगा पूरा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में अधोसंरचना विकास को मिलेगी नई रफ्तार

0

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम पिपरिया में आयोजित लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला का पूर्ववर्ती सरकार के दौरान गठन तो किया गया, लेकिन इसके बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के विकास पर पूर्ववर्ती सरकार ने गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने इस कमी को दूर करने का बीड़ा उठाया है और अब खैरागढ़-छुईखदान-गंडई को सशक्त अधोसंरचना और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि यहां का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 611.21 करोड़ रुपये की लागत के 71 विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात दी, जिसमें 470.98 करोड़ रुपये की लागत से 18 कार्यों का भूमिपूजन और 140.23 करोड़ रुपये की लागत से 53 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन विकास कार्यों से विकसित खैरागढ़ का सपना साकार होने की दिशा में ठोस शुरुआत हो गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिले के बुजुर्गों, युवाओं, माताओं और बहनों ने जो सपने संजोए हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा। उन्होंने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए पैलीमेटा को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने, छुुईखदान में 50 लाख रुपये की लागत से उच्च स्तरीय पानी की टंकी निर्माण, पान की खेती को बढ़ावा देने के लिए ‘पान कैफे’ खोलने, खैरागढ़ में 500 सीटर सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण और मुढ़ीपार में महाविद्यालय की स्थापना की घोषणाएं कीं। उन्होंने आश्वस्त किया कि इन कार्यों को आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खैरागढ़, राजनांदगांव, कवर्धा और मानपुर-मोहला से उनका भावनात्मक और आत्मीय जुड़ाव रहा है। अब, जब उन्हें प्रदेश की बागडोर मिली है, वे पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर अग्रसर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विगत डेढ़ वर्षों में सरकार ने हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा है और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई गारंटियों को साकार करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है, जिससे उन्हें सीधे और लाभकारी मूल्य का लाभ मिल रहा है। इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं और इनका निर्माण तीव्र गति से हो रहा है, जिससे गांवों में राजमिस्त्री, सेंटरिंग प्लेट निर्माण और अन्य निर्माण कार्य से जुड़े कुशल श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है।

महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने हेतु ‘महतारी वंदन योजना’ को एक क्रांतिकारी पहल बताते हुए उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इसके पुनः फार्म भरवाए जाएंगे। वर्तमान में इस योजना से प्रदेश की 70 लाख महिलाएं प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्राप्त कर रही हैं और कई महिलाएं अपना व्यवसाय भी प्रारंभ कर चुकी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में खरीदी दरों में वृद्धि, प्रदेश के 5.62 लाख कृषि भूमिहीन मजदूरों को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और श्रीरामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 22 हजार श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन कराए जाने का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के सहयोग से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला शीघ्र ही मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यापक विकास के साथ प्रदेश के अग्रणी जिलों में शामिल होगा।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार देश की पहली सरकार है, जो किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें शत-प्रतिशत क्रियान्वित करना है, ताकि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंच सके।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, सांसद श्री संतोष पांडेय, खैरागढ़ विधायक श्रीमती यशोदा वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आह्वान – हर घर तिरंगा से गूंजे छत्तीसगढ़

0

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि तिरंगा यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति का एक महान अनुष्ठान है, जो भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी आन-बान-शान है, इसकी रक्षा और मान-सम्मान के लिए हर नागरिक को दृढ़संकल्पित होना चाहिए। स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हर घर तिरंगा फहराएगा और भारत आर्थिक एवं सांस्कृतिक रूप से और अधिक सशक्त बनेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘भारत माता की जय’ और ‘छत्तीसगढ़ महतारी की जय’ के उद्घोष के साथ जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत एक सशक्त और सम्मानित राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने हाल ही में पहलगाम में हुए कायराना हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में हमारे वीर जवानों द्वारा दिखाए गए साहस और पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है, जिसने तिरंगे की शान को और ऊंचा किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार एरिया डॉमिनेशन कर नक्सलियों का प्रभुत्व समाप्त किया है। उन्होंने कहा कि जहाँ कभी नक्सलियों का लाल झंडा लहराता था, आज वहां तिरंगा शान से लहरा रहा है। कई संवेदनशील गांवों में बरसों बाद गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुनः तिरंगा फहराया गया है, जो शांति, विकास और सुरक्षा का नया संदेश दे रहा है।

विकसित भारत 2047 और ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’ विजन

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तिरंगे की असली गरिमा तब और बढ़ेगी जब देश आर्थिक रूप से मजबूत होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ ने भी ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’ विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है, जिसमें प्रदेश के समग्र विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने घरों पर तिरंगा फहराकर स्वतंत्रता संग्राम के वीरों का स्मरण करें।

भव्य तिरंगा यात्रा – एकता और उत्साह का अद्भुत संगम

उल्लेखनीय है कि आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर चलाए जा रहे हर घर तिरंगा अभियान के तहत रायपुर में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। रायपुर के शहीद स्मारक भवन से तेलीबांधा तक निकली तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वयं शामिल हुए और हजारों नागरिकों के साथ कदम से कदम मिलाकर देशभक्ति का संदेश दिया। यात्रा के दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से पूरा मार्ग गूंज उठा।

इस अवसर पर रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि तिरंगा हमारा मान, अभियान और पहचान है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रगति और खुशहाली की ओर अग्रसर है। यह तिरंगा यात्रा उन वीर सैनिकों को समर्पित है जिन्होंने इसकी रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर किया। कार्यक्रम में विभिन्न सैन्य अभियानों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रदेश के भूतपूर्व सैनिकों को भी सम्मानित किया गया।

विधायक श्री किरण सिंह देव ने कहा कि तिरंगा हमारी पहचान और हमारी सबसे बड़ी ताकत है। यह हमें एकजुट करता है और हमें याद दिलाता है कि हम सब एक भारत हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है।

तिरंगा यात्रा में विधायक श्री सुनील सोनी, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नंद कुमार साहू, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

राज्यपाल श्री डेका ने वनवासी विकास समिति को दी एम्बुलेंस के लिए आर्थिक सहायता

0

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से वनवासी विकास समिति छत्तीसगढ़ प्रांत को एम्बुलेंस के लिए 7 लाख 63 हजार 5 सौ रूपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की है।

उल्लेखनीय है कि इस संस्था द्वारा राज्य के 6 जिलों के 9 विकासखण्डों में स्वास्थ्य आरोग्य रक्षक 112 केंद्र संचालित किये जा रहे हैं। साथ ही समय समय पर निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन भी किया जाता है जिसमें विशेषज्ञ, चिकित्सकों द्वारा जांच एवं उपचार किया जाता है।

संस्था को आवागमन की दृष्टि से एम्बुलेंस की आवश्यकता थी जिसके लिए राज्यपाल द्वारा उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की गई। राज्यपाल श्री डेका द्वारा प्रदत्त यह सहयोग सुदूर वनांचलों में मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

बस्तर के विकास को गति देना हमारी प्राथमिकता-उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा

0

छत्तीसगढ़ सुकमा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र कोंटा के 110 बच्चों ने आज मंत्रालय, महानदी भवन में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा से मुलाकात की। ये बच्चे ‘स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना’ के तहत राजधानी रायपुर के शैक्षणिक भ्रमण पर आए थे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बच्चों से संवाद किया और उन्हें विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सुकमा वर्षों तक विकास की धारा से वंचित रहा, लेकिन हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि यहां के हर गांव तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचे। उन्होंने भ्रमण पर आए बच्चों से कहा कि आपका उज्ज्वल भविष्य ही हमारी प्राथमिकता है।

सुकमा में तेजी से हो रहे विकास कार्य

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि सुकमा के गांवों में सड़क निर्माण, मोबाइल टावर लगाने, स्कूलों के विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि सुकमा के दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के तहत वहां तेजी से बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बच्चों से बातचीत करते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले, ताकि वे अपने क्षेत्र और प्रदेश के विकास में योगदान दे सकें। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार आपके साथ है और हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। उपमुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सुकमा में बेहतर स्कूल, छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान बच्चों ने रेलवे स्टेशन, मंत्रालय, मॉल, साइंस सेंटर इसके अलावा उन्होंने पुरखौती मुक्तांगन को भी देखा।