”केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार में सीतामढ़ी जिले के पुनौराधाम में जानकी मंदिर के पुनर्विकास परियोजना की आधारशिला रखेंगे .. ”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार में सीतामढ़ी जिले के पुनौराधाम में जानकी मंदिर के पुनर्विकास की परियोजना की शुक्रवार को आधारशिला रखेंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सीतामढ़ी को देवी सीता की जन्मस्थली माना जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि 882.87 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली इस परियोजना के शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, कई केंद्रीय मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी शामिल होंगे। राज्य मंत्रिमंडल ने मंदिर परिसर के एकीकृत विकास के लिए एक जुलाई को 882.87 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। कुल राशि में से 137 करोड़ रुपये पुराने मंदिर और उसके परिसर के विकास पर खर्च किए जाएंगे जबकि 728 करोड़ रुपये पर्यटन संबंधी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। इसके अलावा, 10 वर्षों तक व्यापक रखरखाव पर 16 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (बीएसटीडीसी) इस परियोजना का क्रियान्वयन करेगा। राज्य सरकार ने हाल में मंदिर के निर्माण और पुनर्विकास के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय न्यास का गठन किया है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष मतदाता सूची में कथित धांधली के मुद्दे पर ‘वोट अधिकार रैली’ को संबोधित करेंगे राहुल गांधी ..
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मतदाता सूची में कथित धांधली के मुद्दे पर शुक्रवार को यहां ‘वोट अधिकार रैली’ को संबोधित करेंगे। बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में आयोजित इस रैली में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, उप मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार, कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला, राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक और कई अन्य नेता भी भाग लेंगे।
इस सभा से एक दिन पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के आंकड़े सामने रखते हुए आरोप लगाया था कि मतदाता सूची में हेरफेर करके ”वोट चोरी” का मॉडल भारतीय जनता पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए लागू किया गया है। उन्होंने दावा किया था कि यह सब भाजपा और निर्वाचन आयोग की मिलीभगत से हो रहा है तथा यह संविधान के खिलाफ अपराध है। उन्होंने दिल्ली में बृहस्पतिवार को संवाददाताओं के समक्ष महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के मतदाता सूची के आंकड़े पेश किए थे।
राहुल गांधी ने कहा था कि बेंगलुरु मध्य लोकसभा सीट के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 मतों की चोरी की गई, जबकि यह सीट पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 32,707 मतों के अंतर से जीती थी।
कांग्रेस ने लगाया निर्वाचन आयोग पर वोट चोरी का आरोप, बोले- दोनों ने मिलकर किया मतदाता सूची में हेरफेर का मॉडल तैयार
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को निर्वाचन आयोग पर जनता का विश्वास खोने और भाजपा के पक्ष मेंकाम करने का आरोप लगाया। गहलोत ने ‘एक्स’ पर लिखा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पहले भारत के चुनाव आयोग की साख इतनी मजबूत हुआ करती थी कि दूसरे देश अपने यहां चुनाव करवाने के लिए भारत के चुनाव आयोग से प्रशिक्षण लेते थे, लेकिन आज भारत की जनता ही उसे शक की निगाह से देख रही है।
प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए उच्च उत्पाद गुणवत्ता बनाए रखें : मंत्री चौहान की स्व सहायता समूहों को सलाह उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के अलोकतांत्रिक कृत्यों ने भारत के सबसे महत्वपूर्ण संस्थानों का भी सत्यानाश कर दिया है। गहलोत लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। गांधी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि आयोग वोट चोरी में भाजपा की मदद कर रहा है। गहलोत ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने जनता का विश्वास खो दिया है और वह भाजपा के पक्ष में काम कर रहा है।
”वोट चोरी” के खिलाफ बेंगलुरु में रैली करेंगे राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मतदाता सूची में कथित धांधली के मुद्दे पर शुक्रवार को यहां ‘वोट अधिकार रैली’ को संबोधित करेंगे। बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में आयोजित इस रैली में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, उप मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार, कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला, राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक और कई अन्य नेता भी भाग लेंगे। इस सभा से एक दिन पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के आंकड़े सामने रखते हुए आरोप लगाया था कि मतदाता सूची में हेरफेर करके ”वोट चोरी” का मॉडल भारतीय जनता पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए लागू किया गया है।
अमेरिका में मिसिसिपी नदी में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में दो लोगों की मौत उन्होंने दावा किया था कि यह सब भाजपा और निर्वाचन आयोग की मिलीभगत से हो रहा है तथा यह संविधान के खिलाफ अपराध है। उन्होंने दिल्ली में बृहस्पतिवार को संवाददाताओं के समक्ष महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के मतदाता सूची के आंकड़े पेश किए थे। राहुल गांधी ने कहा था कि बेंगलुरु मध्य लोकसभा सीट के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 मतों की चोरी की गई, जबकि यह सीट पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 32,707 मतों के अंतर से जीती थी।
पीएम मोदी- ट्रंप की दोस्ती अब बेनकाब! अमेरिका का पाकिस्तान प्रेम उठा रहा भारत की विदेश नीति पर सवाल, कांग्रेस का बड़ा हमला”
भारत और अमेरिका के रिश्तों के हालात इस वक्त कुछ खास ठीक नहीं है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है। इसके साथ ही पाकिस्तान के साथ अमेरिका की नजदीकिया भी भारत के लिए अच्छे संकेत नहीं है।
ऐसे में एक बार फिर से कांग्रेस ने भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर के फिर से प्रस्तावित अमेरिकी दौरे को लेकर शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच विशेष रिश्ता होने का दावा अब पूरी तरह बेनकाब हो गया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, जिसकी भड़काऊ और सांप्रदायिक टिप्पणियों ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की पृष्ठभूमि तैयार की थी, अब अमेरिका का बेहद प्रिय बन चुका है।
उत्तराखंड आपदा: महाराष्ट्र सरकार का 120 पर्यटकों से संपर्क हुआ, 31 से नहीं हो पाई बात राष्ट्रपति ट्रंप ने 18 जून 2025 को उसे वाशिंगटन में एक अप्रत्याशित भोज पर आमंत्रित किया।” उन्होंने कहा, ”पाकिस्तानी सेना प्रमुख एक बार फिर अमेरिका जा रहा है, इस बार सेवानिवृत्त हो रहे अमेरिकी केंद्रीय कमान के प्रमुख जनरल माइकल कुरिल्ला के विदाई समारोह में शामिल होने के लिए। जनरल कुरिल्ला वही हैं, जिन्होंने 10 जून 2025 को पाकिस्तान को आतंकवाद विरोधी अभियानों में एक शानदार साझेदार बताया था। यह एक अजीबोगरीब प्रमाण-पत्र था।”
रमेश के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ विशेष संबंध का दावा करते रहे हैं, लेकिन अब यह दावा पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। उन्होंने कहा, ” जनवरी 2025 से अब तक अमेरिका ने भारत में कोई स्थायी राजदूत नियुक्त नहीं किया है और न ही किसी नाम को पुष्टि के लिए अमेरिकी सीनेट में भेजा गया है, जबकि चीन जैसे अन्य अहम देशों के लिए यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
रुपया शुरुआती कारोबार में पांच पैसे टूटकर 87.63 प्रति डॉलर पर इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50% आयात शुल्क लगाने के लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज़िम्मेदार ठहराया। खड़गे ने एक्स पर एक पोस्ट में तंज कसते हुए कहा, “आप इस विदेश नीति की दुर्दशा के लिए कांग्रेस के 70 सालों को भी दोष नहीं दे सकते।
CG: पूर्व महापौर एजाज ढेबर के भतीजे और शराब घोटाले के आरोपी अनवर ढेबर के बेटे शोएब ढेबर के खिलाफ एफआईआर दर्ज ..
दरअसल, बुधवार (6 अगस्त) को शोएब जेल में बिना अनुमति मुलाकात कक्ष में घुस गए थे। जिसके बाद जेल प्रशासन ने उन्हें अगले 3 महीने के लिए बैन कर दिया। जेल अधीक्षक ने आदेश जारी कर कहा है कि शोएब ढेबर ने अधिवक्ता मुलाकात के समय जेल अधिकारियों के रोके जाने के बावजूद जबरदस्ती मुलाकात कक्ष में घुस गए। इस दौरान न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई, बल्कि जेल संचालन में भी व्यवधान उत्पन्न हुआ। इस घटना की जांच उप जेल अधीक्षक एम.एन. प्रधान को सौंपी गई थी। जांच में पुष्टि हुई कि शोएब ने नियमों का उल्लंघन किया है। इसके आधार पर जेल नियमावली के नियम 690 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें तीन माह तक सभी प्रकार की मुलाकातों से प्रतिबंधित कर दिया गया है। वहीं अब शोएब के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
धराली में रेस्क्यू ऑपरेशन का चौथा दिन, हवाई मार्ग से की जा रही मदद, 372 लोगों को बचाया गया ..
उत्तरकाशी के धराली में त्रासदी के बाद भारी तबाही हुई है. चारों तरफ बर्बादी का मलबा पसरा हुआ है. इस बीच प्रशासन के द्वारा राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है. आज (8 अगस्त) रेस्क्यू ऑपरेशन का चौथा दिन है.
सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों दिन रात बिना रुके काम में जुटी हुई हैं. धराली में मंगलवार को बादल फटने से जो तबाही आई उसकी तस्वीरें देखकर पूरा देश सहम गया. इस त्रासदी में अब तक पाँच लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है. जबकि 372 अधिक को बचाया गया है. रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए सेना का सबसे बड़े जहाज चिनूक को लगाया गया है. गुरुवार को चिनूक के ज़रिए भारी मात्रा में राहत सामग्री भेजी गई.
चिनूक हेलीकॉप्टर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटा वायुसेना के चिनूक और एमआई-17 हेलीकॉप्टरों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. सेना ने कहा कि 50 से अधिक लोग लापता हैं हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि ये संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है. शुक्रवार को भी हेलीकॉप्टरों के ज़रिए आपदा के निकटवर्ती गांवों और सेना के शिविरों में शरण लेने वाले लोगों को बाहर निकालने का काम जारी है.
धराली त्रासदी के तीन दिन पूरे हो चुके हैं लेकिन अब तक सड़क मार्ग बहाल नहीं हो पाया है. जिसकी वजह से कई टीमें अभी भी रास्ते में फंसी हुई है. जगह-जगह भूस्खलन होने की वजह से रास्ते बंद हो गई हैं. इन रास्तों को खोलने के लिए लगातार काम किया जा रहा है. सेना और राहत बचाव टीमें रास्ते दुरुस्त करने में जुटी हुई है.
सड़क मार्ग बहाल करने की कोशिश एनडीआरएफ के उप महानिरीक्षक गंभीर सिंह चौहान ने कहा कि यह एक बड़ी आपदा है और नुकसान का जायजा लिया जा रहा है. उत्तरकाशी को जोड़ने वाली सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं. हालांकि हमारी टीम पीड़ितों को बाहर निकालने के लिए प्रभावित इलाकों में काम कर रही हैं. उत्तरकाशी-हर्षिल का रास्ता पूरा बह चुका है जिसे बहाल करने की कोशिश की जा रही है.
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि हर्षिल, गंगोत्री और झाला से 275 लोगों को मातली हेलीपैड भेजा गया, जहां से उन्हें उनके गंतव्यों को भेजा जा रहा है. अधिकारियों ने कहा कि आधुनिक उपकरणों को वायु मार्ग से धराली तक पहुंचाने के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं ताकि मलबे में दबे लोगों की तलाश का काम रफ्तार पकड़ सके.
सीएम धामी ने दिया हरसंभव मदद का भरोसा बचाव कार्यों की निगरानी के लिए बुधवार से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तरकाशी में डेरा जमाया है. गुरुवार को भी उन्होंने आपदा पीड़ितों से मुलाक़ात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. सीएम धामी ने कहा कि हम सभी संकट की इस घड़ी में उनके साथ खड़े हैं, वहां फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित निकालने तक राहत और बचाव कार्य जारी रहेगा.
सेना ने बताया कि कई स्थानों जैसे भटवाड़ी, लिंचीगाड़, हर्षिल के पास, गंगनानी और धराली में सड़क संपर्क टूटा हुआ है. सैन्य और अन्य टीमें विभिन्न जगहों पर फंसे लोगों को निकालने, राहत पहुंचाने तथा संपर्क बहाल करने के काम में दिन-रात जुटी हुई हैं. हर्षिल और नेलोंग में सैन्य हैलीपैड संचालित है और गंगोत्री तक सड़क से जुड़ा है.
सेना के अनुसार, इंजीनियरों, चिकित्सा दलों और बचाव विशेषज्ञों सहित 225 से ज़्यादा बचावकर्मी मौके पर मौजूद हैं. खोजी और बचाव कुत्तों को भी मौके पर तैनात किया गया है. अगले 24-48 घंटों के लिए एक कार्य योजना तैयार की गई है जिसमें चिनूक हेलीकॉप्टरों द्वारा अर्धसैनिक बलों और चिकित्सा दलों को हर्षिल तक पहुंचाना है.
“पीएम मोदी की ‘परीक्षा पे चर्चा’ ने रचा इतिहास, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम एक बार फिर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है. ‘परीक्षा पे चर्चा’ को एक महीने में नागरिक सहभागिता मंच पर सर्वाधिक 3.53 करोड़ रजिस्ट्रेशन के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में एंट्री मिली है.
खास बात यह है कि एक बार फिर धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व वाले मंत्रालय से जुड़ी पहल को लेकर पीएम ने यह वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है. यह दूसरा मौका है जब धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री मोदी को गिनीज बुक का प्रमाणपत्र सौंपा है. ‘परीक्षा पे चर्चा’ को एक महीने के भीतर सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन प्राप्त करने वाले नागरिक सहभागिता मंच के रूप में गिनीज बुक में स्थान मिला है. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी परीक्षा से पहले छात्रों के साथ संवाद करते हैं. देशभर में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच जबरदस्त उत्साह और भागीदारी का कारण बनता है.
परीक्षा के तनाव को कम करता है यह कार्यक्रम यह कार्यक्रम न केवल परीक्षा के तनाव को कम करता है, बल्कि उसे प्रेरणा और प्रोत्साहन के उत्सव में बदल देता है. इससे पहले 2015 में जब धर्मेंद्र प्रधान पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री थे, तब ‘पहल’ (एलपीजी के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) योजना के तहत 12.57 करोड़ परिवारों को नकद हस्तांतरण उपलब्ध कराने के लिए इसे दुनिया के सबसे बड़े नकद हस्तांतरण कार्यक्रम के रूप में मान्यता मिली थी.
चार पहलों को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स अब तक मोदी सरकार की चार पहलों को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा मान्यता प्राप्त हुई है. इनमें से दो धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में क्रियान्वित की गईं. इनके अलावा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (2015) और प्रधानमंत्री जन धन योजना को भी रिकॉर्ड बुक में स्थान मिला है. इस तरह मोदी सरकार में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बिना सुर्खियां बटोरने के लगातार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भारत का नाम दर्ज करा रहे हैं.
राहुल गांधी के आरोपों के बाद चुनाव आयोग की चुनौती-साइन करके हलफनामा दें”
रायबरेली लोकसभा सीट से सांसद और निचले सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज चुनाव आयोग पर एक साथ कई इल्जाम लगा दिए. इन सभी आरोपों के केंद्र में चुनाव आयोग है. उन्होंने चुनाव आयोग की मदद से लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी द्वारा धांधली करने का आरोप लगाया है.
राहुल गांधी ने कर्नाटक की महादेवपुरा सीट का आंकड़ा देकर ये समझाने का प्रयास किया कि किस तरह वोटर लिस्ट में हेरफेर कर चुनाव नतीजों को प्रभावित किया जा रहा है.
सूत्रों के हवाले से ये जानकारी सामने आई है कि राहुल गांधी के आरोप पर चुनाव आयोग गौर कर रहा है. आयोग उनके आरोपों की समीक्षा कर उचित जवाब देगा. सूत्रों की मानें तो आयोग का मानना है कि राहुल के दावे को देखा जाए तो SIR बहुत जरूरी है, क्योंकि ये लंबे समय से नहीं हुआ है. जानकारी के मुताबिक, कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी ने राहुल गांधी को पत्र भेजा है. ये पत्र सीईओ कर्नाटक के साथ मीटिंग और राहुल गांधी की आज की प्रेसवार्ता को लेकर है.
चुनाव आयोग ने और क्या कहा पत्र में कहा गया है कि कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल से कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिलने और ज्ञापन सौंपने के लिए समय मांगा गया था. 8 अगस्त 2025 को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच का समय निश्चित किया गया है. इसमें ये भी कहा गया है कि मतदाता सूचियाँ पारदर्शी तरीके से तैयार की जाती हैं, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950, मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 और भारत के चुनाव आयोग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के मुताबिक इसे तैयार किया जाता है.
चुनाव आयोग का कहना है कि नवीनतम मतदाता सूचियाँ कांग्रेस के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर तैयार की जाती हैं. चुनाव आयोग की ये टिप्पणी के बाद राहुल गांधी ने इस पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. राहुल ने कहा है कि मैं ये सब पब्लिकली कह रहा हूं और ये डेटा हमारा नहीं चुनाव आयोग का है. उन्होंने ये नहीं कहा कि ये वोटर लिस्ट गलत है.राहुल गांधी ने कहा है कि अगर चुनाव आयोग डिजिटल डेटा नहीं देता है, इलेक्ट्रॉनिक वोटर लिस्ट नहीं देता है, सीसीटीवी नहीं देता है तो वो क्राइम में हिस्सेदार हैं.
राहुल की आई बेजोड़ प्रतिक्रिया राहुल ने आगे कहा कि ज्यूडिशरी को इसमें इनवॉल्व होना चाहिए क्योंकि लोकतंत्र नहीं बचा है. राहुल की प्रतिक्रिया के बाद चुनाव आयोग के सूत्र बता रहे हैं किराहुल गांधी को आज ही इस शपथ पर हस्ताक्षर करने चाहिए और इसे अपने ट्रविटर हैंडल से ट्वीट भी करना चाहिए. अगर ऐसा नहीं है, तो उन्हें अपने गढ़े हुए सबूत वापस ले लेने चाहिए. अब देखना ये है कि यहां से आगे चुनाव आयोग क्या करता है.
उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर NDA के नेताओं की अहम बैठक, आपसी समन्वय और तालमेल पर चर्चा ..
उपराष्ट्रपति चुनाव के मद्देनजर गुरुवार को एनडीए नेताओं की अहम बैठक शुरू हुई. सूत्रों के मुताबिक बैठक का एजेंडा उप राष्ट्रपति चुनाव के लिए बेहतर आपसी समन्वय और एनडीए सहयोगियों के बीच बेहतर तालमेल रखना है.
यह बैठक संसद के समन्वय हॉल में हो रहा है. बैठक की अध्यक्षता रक्षामंत्री राजनाथ सिंह कर रहे हैं. बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल,जेडीयू नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह लल्लन सिंह, शिवसेना नेता श्रीकांत शिंदे, केंद्रीयमंत्री जयंत चौधरी और टीडीपी नेता और केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, आरएलएसपी नेता उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीयमंत्री राम दास आठवले मौजूद है.
भारत निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को उपराष्ट्रपति चुनाव, 2025 के आयोजन हेतु आधिकारिक अधिसूचना जारी की. राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1952 के प्रावधानों के तहत कार्य करते हुए, आयोग ने नामांकन, संवीक्षा, नाम वापसी और मतदान (यदि आवश्यक हो) की समय-सीमा की घोषणा की.
7 अगस्त की यह अधिसूचना ‘भारत के राजपत्र’ में प्रकाशित हो चुकी है और ‘राज्य राजपत्रों’ में भी उनकी संबंधित आधिकारिक भाषाओं में प्रकाशित होगी. आयोग के अनुसार, चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी (आरओ) राज्यसभा के महासचिव हैं, जिन्होंने 1974 के चुनाव नियमों के नियम 3 के अनुसार एक सार्वजनिक सूचना भी जारी की है.
चुनाव आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए जारी की अधिसूचना निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन पत्र कमरा संख्या आरएस-28, संसद भवन, नई दिल्ली में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच दाखिल किए जा सकते हैं. 21 अगस्त, 2025 तक, सार्वजनिक अवकाशों को छोड़कर, किसी भी कार्यदिवस पर इसे दाखिल किया जा सकता है.
15,000 रुपये की सुरक्षा राशि अनिवार्य है और इसे रिटर्निंग ऑफिसर को नकद जमा करना होगा या भारतीय रिज़र्व बैंक या सरकारी खजाने में जमा करना होगा. नामांकन पत्र के साथ उम्मीदवार द्वारा अपने संसदीय क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज प्रविष्टि की प्रमाणित प्रति और सुरक्षा राशि की रसीद संलग्न करनी होगी.
नौ सितंबर को होगा उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव नामांकन विंडो के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय में फॉर्म उपलब्ध हैं. नामांकन पत्रों की जांच 22 अगस्त को सुबह 11 बजे संसद भवन के कमरा संख्या F-100 (संगोष्ठी-2) में होगी.
यदि चुनाव लड़ा जाता है, तो मतदान 9 सितंबर, 2025 को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच संसद भवन के कमरा संख्या F-101 (वसुधा) में होगा. यह अधिसूचना भारत के अगले उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत है, जो एक संवैधानिक पद है और राज्यसभा के कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.









