Home Blog Page 705

एक समोसा को पचने में कितना वक्त लगता है? 99% लोग नहीं जानते होंगे यह बात, जानकर फटी रह जाएंगी आंखें

0
समोसा भारत का सबसे लोकप्रिय स्नैक है. इसका चटपटा स्वाद देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में लोगों को दीवाना बना देता है. चाय के साथ समोसा का स्वाद दोगुना हो जाता है. यही वजह है कि तमाम लोग रोज समोसा का आनंद लेते हैं. समोसा दिखने में छोटा होता है, लेकिन इसे पचाना आसान नहीं होता है. समोसे में मैदा, आलू और डीप फ्राई तेल की भरपूर मात्रा होती है, जिसकी वजह से इसे पचने में ज्यादा वक्त लगता है.

समोसा को पचाने में कितना वक्त लगता है?

एक्सपर्ट्स की मानें तो एक मीडियम साइज के समोसे को पूरी तरह पचने में 6 से 8 घंटे तक का समय लग सकता है. दरअसल समोसा में मैदा और डीप फ्राई किया गया तेल शामिल होता है. ये चीजें पेट में लंबे समय तक रहती हैं और पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं. अगर आपने एक साथ 2-3 समोसे खा लिए, तो आपका पाचन तंत्र दिनभर जूझता रहता है. आप पहले से पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो समोसा को पचाना और भी ज्यादा मुश्किल काम हो सकता है.

पाचन पर क्यों पड़ता है बुरा असर?

मैदा एक रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट है, जिसमें फाइबर की मात्रा बिल्कुल नहीं होती है. इसकी वजह से आंतों में चिपचिपा पदार्थ बन जाता है. समोसा तलने के लिए उपयोग किया जाने वाला तेल बार-बार गर्म किया जाता है, जिससे उसमें ट्रांस फैट बनता है. ये दोनों चीजें पाचन को धीमा करती हैं और गैस, एसिडिटी या कब्ज जैसी समस्याओं को पैदा कर देती हैं. अगर आप पहले से किसी परेशानी से जूझ रहे हैं, तो समोसा को अवॉइड करना ही बेहतर है.
खाली पेट समोसा खाना आपके शरीर के लिए और भी भारी पड़ सकता है. जब पेट में कोई दूसरी चीज न हो और अचानक भारी, तला हुआ खाना चला जाए, तो पाचन एंजाइम्स को इसे तोड़ने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इससे पेट फूलना, भारीपन या मरोड़ की समस्या हो सकती है. खासकर उन लोगों में परेशानी ज्यादा होती है, जिनका पाचन पहले से कमजोर है. धीमी पाचन क्रिया का मतलब है कि खाना लंबे समय तक पेट में रुका रहेगा. इससे न केवल कम एनर्जी मिलती है, बल्कि शरीर अतिरिक्त फैट के रूप में इसे जमा भी करता है.

तो क्या कभी समोसा नहीं खाना चाहिए?

अगर आप रोज समोसा या अन्य डीप फ्राइड चीजें खाते हैं, तो यह मोटापे, ब्लड शुगर बढ़ने और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी गंभीर समस्याओं की वजह बन सकता है. हालांकि ऐसा नहीं है कि समोसे को हमेशा के लिए छोड़ देना चाहिए. इसे कभी-कभी, सीमित मात्रा में खाना समझदारी है. अगर आप समोसे का आनंद लेना ही चाहते हैं, तो इसे घर पर कम तेल में सेंककर और आटे से बनाएं. साथ ही सलाद या छाछ जैसे हल्के फूड्स के साथ खाएं ताकि पाचन में संतुलन बना रहे.

रूस से सस्ता तेल खरीदता है भारत, मगर मजे करते हैं अमेरिकी… एक्सपर्ट का ये विश्लेषण पढ़ चौंधिया जाएंगी आपकी भी आंखें

0

अमेरिका लगातार भारत पर दबाव बना रहा है कि वह रूस से तेल खरीदना बंद कर दे. शुक्रवार को डोनाल्ड ट्रंप ने एक अजीबोगरीब दावा करते हुए कहा कि उन्होंने सुना है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा जो एक ‘अच्छा कदम’ है. ट्रंप ने साथ ही कहा कि उन्हें इस बारे में हालांकि कोई ठोस जानकारी नहीं है. ट्रंप ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, ‘मुझे पता चला है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा. मैंने यही सुना है. मुझे नहीं पता कि यह बात सही है या गलत, लेकिन यह एक अच्छा कदम है. देखते हैं क्या होता है.’ अमेरिका का कहना है कि इससे रूस को फायदा मिलता है. टाइम्स ऑफ इंडिया में लिखे अपने एक लेख में एक्सिस बैंक के चीफ इकोनॉमिस्ट नीलकंठ मिश्रा ने बताया है कि अगर भारत और चीन जैसे देशों ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया तो पूरी दुनिया में हाहाकार मचना तय है.
इसका सीधा असर सिर्फ रूस या भारत पर नहीं, बल्कि अमेरिकी जनता और खुद डोनाल्ड ट्रंप को भी भुगतना पड़ जाएगा. 2022 में जब रूस पर पहली बार वैश्विक प्रतिबंध लगे, तब ब्रेंट क्रूड और रूसी यूराल ग्रेड के बीच तेल की कीमतों में 30 डॉलर प्रति बैरल का अंतर था. लेकिन आज ये अंतर घटकर मात्र 2-3 डॉलर रह गया है यानी भारत को अब बहुत ज्यादा आर्थिक फायदा नहीं हो रहा. अगर भारत रोजाना 1.5 से 2 मिलियन बैरल तेल रूस से लेता है, तो साल भर में 1-2 अरब डॉलर की बचत होती है. लेकिन भारत जैसी 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए यह राशि बहुत बड़ी नहीं है.
रूस से तेल खरीदने पर क्यों चिढ़ा है US?
इतनी कम संख्या के बावजूद, पश्चिमी मीडिया और राजनेता पिछले तीन सालों से रूस-यूक्रेन युद्ध के लिए चीन और भारत को जिम्मेदार ठहराते रहे हैं, और यहां तक कहा है कि यूक्रेन के लोगों की दुर्दशा से दोनों को फायदा हो रहा है. वहीं अमेरिका के कई सांसद आरोप लगाते हैं कि भारत रूस को युद्ध लड़ने के लिए इसके जरिए फंडिंग दे रहा है. लेकिन सच्चाई कुछ और है. रूस प्रतिदिन लगभग 95 लाख बैरल तेल का उत्पादन करता है. घरेलू खपत को ध्यान में रखते हुए, यह लगभग 70 लाख बैरल तेल और रिफाइंड उत्पादों के बराबर निर्यात करता है, जिसमें से लगभग 45 लाख बैरल कच्चे तेल का निर्यात होता है. लगभग 40 लाख बैरल से भी कम तेल समुद्री रास्ते से भेजा जाता है और उसमें से आधे से भी कम अब भारत आता है.

भारत अगर रूस से तेल खरीदना अगर बंद कर दे तो अमेरिका खुश हो जाएगा. लेकिन पूरे दुनिया में तेल की कीमतों में आग लग जाएगी. एक्सपर्ट् का कहना है कि दुनिया भर में तेल की मांग कमजोर है, ओपेक देशों की सप्लाई बढ़ रही है और तेल का भंडार भी ज्यादा है, इसलिए यह कुछ हद तक राहत देने वाल है, लेकिन फिर भी कच्चे तेल की कीमत 10 से 15 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ सकती हैं. इससे भारत को अरबों डॉलर का घाटा होगा. लेकिन दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ेंगी. एक्सपर्ट बताते हैं कि यह मंदी और महंगाई एक साथ (जिसे स्टैगफ्लेशन कहते हैं) का खतरा बढ़ जाएगा. अमेरिका में भी ईंधन की कीमतें बढ़ेंगी, जिस से वहां सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ेगा. अमेरिका में तो पेट्रोल पंपi]k, पर महंगाई से चुनावी समीकरण ही बदल सकते हैं.+

डोनाल्‍ड ट्रंप की धमकियों से नहीं झुका भारत, रूस से ऑयल इंपोर्ट जारी, बेदम साबित हुई रॉयटर्स की रिपोर्ट

0
डोनाल्‍ड ट्रंप और उनकी सरकार की आंखों में भारत-रूस की दोस्‍ती लंबे समय से खटक रही है. ट्रंप खुद और उनके टॉप ऑफिशियल्‍स रूस से तेल आयात पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं. न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारतीय कंपनियों ने रूस से होने वाले ऑयल इंपोर्ट को रोक दिया है. अब एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय कंपनियों ने रूस से तेल का आयात नहीं रोका है.

न्‍यूज एजेंसी ANI ने सरकारी सूत्रों के हवाले से शनिवार को बताया कि भारतीय रिफाइनर (भारतीय कंपनियां) ऑयल इंपोर्ट से जुड़े फैसले मूल्य, कच्चे तेल की गुणवत्ता, लॉजिस्टिक्स और अन्य आर्थिक पहलुओं को ध्यान में रखकर लेते हैं. यह बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों की पूर्ति के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध विकल्पों और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों से चलता है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत और रूस के संबंध मजबूत और समय की कसौटी पर खरे रहे हैं और इन्हें किसी तीसरे देश के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए.

रॉयटर्स की रिपोर्ट बेदम

यह रिएक्‍शन रॉयटर्स की उस रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि भारतीय सरकारी तेल कंपनियों ने पिछले सप्ताह रूस से स्पॉट क्रूड ऑयल खरीदना बंद कर दिया है. रिपोर्ट में इसके पीछे छूट में कमी और बढ़ते जीयो-पॉलिटिकल प्रेशर का हवाला दिया गया था. इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राष्‍ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को दावा किया था कि उन्हें सुनने में आया है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा और इसे एक अच्छा कदम बताया था. हालांकि, भारत की ओर से इसे खारिज करते हुए कहा गया कि तेल खरीद अब भी जारी है. सूत्रों ने कहा, ‘रूस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल उत्पादक है और भारत (जो अपनी 85% कच्चे तेल की जरूरतें आयात से पूरी करता है) ने अपनी ऊर्जा रणनीति (Energy Strategy) को मौजूदा चुनौतियों के अनुसार ढाला है, ताकि वह सस्ती और विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित कर सके.’
डोनाल्‍ड ट्रंप ने हाल में भारत के खिलाफ तीखा रुख अपनाते हुए 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की और भारत-रूस के रक्षा और ऊर्जा संबंधों पर पेनाल्‍टी लगाने की बात कही. उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को ‘डेड इकोनॉमी’ कहकर तंज भी कसा था. उन्होंने कहा, ‘भारत दुनिया में सबसे ज्यादा टैरिफ लगाता है. अब वह 1 अगस्त से 25% टैरिफ के साथ-साथ अतिरिक्त दंड का भी भुगतान करेगा.’ हालांकि, टैरिफ के प्रभावी होने की तिथि को बाद में टाल दिया गया था. हालांकि भारत ने अभी तक संयमित और संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए अपना रुख स्पष्ट किया है कि वह राष्ट्रीय हित में और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत ही तेल आयात के फैसले करता है.

बंगाल की खाड़ी में उठा तूफान, बिहार-बंगाल में 4 दिनों तक हाई अलर्ट, दिल्ली-NCR में भी झमाझम

0
मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में हो रही हलचल को लेकर अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के नॉर्थ हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से मानसून एक्टिव हो रहा है. इसकी से पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों में 6 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान लगाया है. मौसम विभाग ने अपने रिपोर्ट में कहा है कि रविवार तक दक्षिण बंगाल के जिलों उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली, पूर्व और पश्चिम बर्धमान, बीरभूम, पुरुलिया और बांकुरा में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. वहीं, मौसम विभाग ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर में दिन में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है.
मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में हो रही हलचल की वजह से बिहार में अगले 48 घंटे तक बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि बिहार के दरभंगा से मानसून का ट्रफ गुजर रहा है. मौसम विभाग ने बताया कि आज भी 5 अगस्त तक बिहार में लो प्रेशर बने रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया कि अगले 48 घंटे 19 जिलों के लिए काफी क्रिटिकल हैं. इन जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि 5 दिन के बाद मौसमी गतिविधियां थमने की संभावना है.
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि 6 अगस्त तक कई जिलों में बारिश होने की संभावना है. पश्चिमी यूपी के कई जिलों में आज बारिश होने की संभावना है. वहीं, पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.

7 दिनों तक बारिश

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक से सात अगस्त तक सात दिनों के लिए आंध्र प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा, गरज के साथ तूफान और तेज हवाएं चलने का शुक्रवार को अनुमान जताया है. मौसम विभाग ने एक से पांच अगस्त तक उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश (एनसीएपी), यनम, दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश (एससीएपी) और रायलसीमा में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भविष्यवाणी की है.

rtfgvbदिल्ली में कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग ने बताया कि अगले तीन दिनों में फिर से बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि शनिवार और रविवार के बीच गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश की भविष्यवाणी की है. मौसम विभाग ने बताया कि दिल्ली में शनिवार से बारिश कमी आ सकती है. दिल्ली में गरज या बिजली कड़कने के साथ बहुत हल्की से हल्की बारिश होगी. अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है.

लेट नाइट पार्टी में गई तो… पुलिस की चेतावनी से मची खलबली, पैरेंट्स भी देख लें ये पोस्टर

0
गुजरात के अहमदाबाद में महिलाओं को सुरक्षा से जुड़ी सलाह देने के नाम पर लगाए गए पोस्टरों पर जबरदस्त विवाद खड़ा कर हो गया है. इन पोस्टरों में लिखा था, ‘लेट-नाइट पार्टी में जाना रेप या गैंगरेप को न्योता दे सकता है.’ इस तरह की भाषा को लेकर पुलिस और सामाजिक संगठनों की तीखी आलोचना हो रही है. हालांकि, मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तुंरत इन पोस्टरों को हटवा दिया है. साथ ही पुलिस ने स्वीकार किया है कि पोस्‍टर में इस्‍तेमाल भाषा को स्‍वीकार नहीं किया जा सकता है.

पुलिस की ओर से महिला सुरक्षा को लेकर लगवाए गए एक अन्य पोस्टर पर लिखा था, ‘अंधेरे और सुनसान इलाकों में दोस्तों के साथ न जाएं, आपके साथ रेप या गैंगरेप हो सकता है.’ इस तरह के संदेशों को लेकर सोशल मीडिया पर भारी विरोध शुरू हो गया. पुलिस अधिकारियों ने सफाई देते हुए बताया कि ये पोस्टर ‘सतर्कता’ नामक एक संगठन द्वारा ट्रैफिक जागरूकता के लिए प्रस्तावित किए गए थे. डीसीपी (ट्रैफिक वेस्ट) नीता देसाई और एसीपी (ट्रैफिक एडमिन) शैलेश मोदी ने कहा कि पुलिस को पोस्टर की पूरी सामग्री की जानकारी नहीं थी और जैसे ही विवाद बढ़ा इन्हें तुरंत हटवा दिया गया.

पुलिस ने झाड़ा पल्‍ला

वहीं, पुलिस ने इस विवाद से अपना पल्‍ला झाड़ने की कोशिश की है. एसीपी (ट्रैफिक) एनएन चौधरी ने कहा, ‘हमने इस तरह की भाषा की अनुमति कभी नहीं दी थी.’ स्थानीय निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता इस प्रकरण से आहत हैं. घाटलोडिया निवासी एक महिला भूमि पटेल ने कहा, ‘इस तरह के संदेश महिलाओं को दोषी ठहराते हैं, जबकि असल जिम्मेदारी सिस्टम की होती है.’ बोडकदेव की फिटनेस ट्रेनर ने इसे ‘मोरल पुलिसिंग’ करार देते हुए कहा कि यह पोस्टर महिला सुरक्षा का मजाक उड़ाते हैं.
बता दें कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर समय-समय पर कैंपेन चलाए जाते हैं. पुलिस प्रशासन इसमें गैरसरकारी संस्‍थाओं का सहयोग भी लिया जाता है. अहमदाबाद के इस बार के पोस्‍टर कैंपेन में भी एनजीओ की मदद ली गई थी, पर जिस तरह से महिला सेफ्टी के लिए शब्‍दों का चयन किया गया, उससे बवाल मच गया. मह‍िलाओं ने खासकर नाराजगी जताई है. नेहरू नगर निवासी एक महिला ने कहा, ‘इन पोस्टरों से वह मानसिकता उजागर होती है जो पीड़िता को दोष देती है और सुरक्षा में चूक के लिए जिम्मेदार संस्थाओं को बचा लेती है.’ इस विवाद ने एक बार फिर महिला सुरक्षा के नाम पर दी जा रही ‘नसीहतों’ के तरीके और उनके पीछे की सोच को कठघरे में खड़ा कर दिया है.

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी आर पाटिल से की मुलाकात, बोधघाट परियोजना पर हुई चर्चा

0

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान राज्य की महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं, विशेषकर बस्तर क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री श्री सी आर पाटिल को अवगत कराया कि बोधघाट परियोजना बस्तर की सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और ऊर्जा उत्पादन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र दशकों से विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा है। वर्तमान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि इस क्षेत्र को नक्सल हिंसा से मुक्त कर आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाया जाए। उन्होंने बताया कि बस्तर के लिए प्रस्तावित बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना से लगभग 8 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई और 125 मेगावाट विद्युत उत्पादन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि बस्तर क्षेत्र में अब नक्सल प्रभाव में उल्लेखनीय कमी आई है और विकास कार्यों के लिए अनुकूल वातावरण बन रहा है। ऐसे में बोधघाट जैसी परियोजनाएं इस क्षेत्र को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना के रूप में निर्माण संबंधी आवश्यक पहल करने के विषय में विस्तार से चर्चा की।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए परियोजना से संबंधित प्रस्तावों का शीघ्र तकनीकी परीक्षण कराने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार के सहयोग से बोधघाट परियोजना शीघ्र साकार रूप लेगी और यह बस्तर की आर्थिक उन्नति और सामाजिक बदलाव का प्रमुख आधार बनेगी।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

0

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज संसद भवन में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह से सौजन्य भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, माओवादी चुनौती से निपटने की रणनीति सहित विभिन्न विषयों पर केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय गृह मंत्री को माओवादी विरोधी अभियानों की उपलब्धि एवं भविष्य की कार्ययोजना से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में पिछले डेढ़ वर्षों में उल्लेखनीय सफलता मिली है। दिसंबर 2023 से अब तक 33 बड़ी मुठभेड़ों में शीर्ष माओवादी नेताओं सहित 445 माओवादी न्यूट्रलाइज़ किए गए हैं। वहीं, 1554 माओवादी गिरफ्तार किए गए हैं, एवं 1588 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।

उन्होंने कहा राज्य सरकार की “समन्वित विकास और सुरक्षा” नीति के तहत माओवादी प्रभाव को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इन प्रयासों से न केवल माओवादी प्रभाव कम हुआ है, बल्कि स्थानीय समुदायों में प्रशासन के प्रति भरोसा भी बढ़ा है।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार की माओवाद उन्मूलन हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने माओवादी उन्मूलन के लिए राज्य सरकार के प्रयासों को ऐतिहासिक बताया और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का वादा किया।

बैठक में छत्तीसगढ़ के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले अमृत रजत महोत्सव 2025 की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि इस आयोजन को भव्य और यादगार बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता, और आर्थिक उपलब्धियों को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर के विकास और सुरक्षा में सहयोग और मार्गदर्शन पर श्री शाह को धन्यवाद भी ज्ञापित किया।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मिले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय – छत्तीसगढ़ के विकास को मिली नई रफ्तार

0

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज संसद भवन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को 1 नवंबर 2025 को रायपुर में आयोजित अमृत रजत महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य सरकार की भावी योजनाओं, विकास की प्राथमिकताओं और जनकल्याण से जुड़े प्रमुख विषयों की जानकारी भी दी।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में राज्य गठन की 25वीं वर्षगांठ अमृत रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाई जा रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक होगा और प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति से इसकी महत्ता और भी बढ़ जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ तेज़ी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ‘अंजोर विज़न @2047’ दस्तावेज़ तैयार किया है, जो विकसित भारत के लक्ष्य को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ के समावेशी और सतत विकास की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। यह विज़न दस्तावेज़ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, नवाचार और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में सुधार और नवाचार-आधारित पहलों पर केंद्रित है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र सरकार के “जन विश्वास अधिनियम 2023” से प्रेरणा लेते हुए राज्य में “जन विश्वास विधेयक 2025” पारित किया है, जिससे न्याय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है और आम नागरिकों की पहुंच अधिक सुलभ एवं सहज बनी है।

राजधानी नवा रायपुर के सुनियोजित और तीव्र विकास हेतु गठित छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCRDA) की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से साझा की। उन्होंने बताया कि इस प्राधिकरण के माध्यम से राजधानी क्षेत्र को एक आधुनिक, स्मार्ट एवं तेज़ी से विकसित शहरी केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री को राज्य में औद्योगिक निवेश और रोज़गार सृजन के क्षेत्र में हो रही उल्लेखनीय प्रगति की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में लागू की गई नई औद्योगिक नीति 2024-30 के परिणामस्वरूप राज्य में निवेशकों की रुचि निरंतर बढ़ रही है। नीति के तहत सिंगल विंडो सिस्टम को लागू किया गया है, जिससे उद्योगों की स्थापना सरल, त्वरित और पारदर्शी बनी है। 1000 से अधिक व्यक्तियों को रोज़गार प्रदान करने वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि नवंबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच अब तक 84 कंपनियों से कुल 6.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि नवा रायपुर में देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट की नींव रखी जा चुकी है, और एआई डेटा सेंटर का निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो गया है। इसी प्रकार, टेक्सटाइल, फार्मा, रेडीमेड गारमेंट और आईटी सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए छत्तीसगढ़ को तकनीकी और औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के माध्यम से ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है। आदिवासी क्षेत्रों में डिजिटल संसाधनों और प्रशिक्षित शिक्षकों के सहयोग से शिक्षा को तकनीक से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार मेडिसिटी और एडु सिटी जैसी दो नई महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेज़ी से कार्य कर रही है। रायपुर में विकसित की जा रही मेडिसिटी एक आधुनिक और उत्कृष्ट स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभर रही है, जिससे छत्तीसगढ़ को मेडिकल हब के रूप में पहचान प्राप्त होगी और व्यापक स्तर पर रोज़गार के अवसर उपलब्ध होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रही पुनर्वास और विश्वास बहाली की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की संवेदनशील और दूरदर्शी नीतियों के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन की ओर लौटे हैं। इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का तीव्र विस्तार किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों में शासन के प्रति विश्वास सुदृढ़ हुआ है और वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र

0

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज लोरमी के राजीव गांधी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में दीक्षारंभ एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने दीक्षारंभ कार्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि हमें प्रकृति और समाज से जुड़कर समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने अपने छात्र जीवन की स्मृतियाँ साझा करते हुए विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर प्रयास का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य निर्धारित करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक आवश्यक है, सही दिशा तय करना। जीवन में सफलता का रास्ता मेहनत और ईमानदारी से होकर गुजरता है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन संघर्ष और उपलब्धियों का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। महाविद्यालय के प्राचार्य श्री एम.के. धुर्वे ने उप मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी दी।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि वर्ष 1994 से संचालित यह कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय लोरमी की शैक्षणिक पहचान बन चुका है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कभी भी डिप्रेशन, निराशा और हताशा को अपने जीवन में जगह न दें। ये आपके सबसे बड़े शत्रु हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जैसे नेता एक गरीब माँ के बेटे होकर भी विश्व मंच पर छाए हैं। यह उनकी मेहनत और लगन का परिणाम है। श्री साव ने महाविद्यालय की मांग पर 15 नग ग्रीन बोर्ड, परिसर में बाउण्ड्रीवाल, चेकर पत्थर, दो सेट सोलर हाइमास्ट लाइट और सांस्कृतिक मंच के निर्माण की घोषणा की।

बिल्हा के विकास के लिए राशि की नहीं होगी कमी : श्री अरुण साव

0

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बिल्हा नगर पंचायत को 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाने में अहम योगदान के लिए वहां की स्वच्छता दीदियों और सफाई कर्मियों को सम्मानित किया। उन्होंने बिल्हा के कन्या भवन में आयोजित सम्मान समारोह में 28 स्वच्छता दीदियों, 20 सफाई मित्रों और दस स्वच्छता कमांडोज को सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में बिल्हा ने 20 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों में देश के सबसे साफ-सुथरे शहर का पुरस्कार हासिल किया है। बिल्हा के विधायक श्री धरमलाल कौशिक और क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी भी सम्मान समारोह में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने कार्यक्रम में स्वच्छता दीदियों से कहा कि आप लोगों के कारण छत्तीसगढ़ को देश में बड़ी प्रतिष्ठा मिली है। स्वच्छता में देश में प्रथम स्थान हासिल करना हम सबके लिए गौरव की बात है। अब हमें इसे बरकरार रखना होगा। बिल्हा के एक-एक व्यक्ति को स्वच्छता के लिए संकल्प लेना होगा। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छता ने जन आंदोलन का रूप ले लिया है। स्वच्छता हमारे संस्कार और स्वभाव में है। हर व्यक्ति चाहता है कि हमारा घर साफ-सुथरा रहे। शहर भी हमारा घर है, इसे साफ रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में छत्तीसगढ़ को स्वच्छता में उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। इसमें शामिल हमारे 169 शहरों में से 115 ने अपनी रैंकिंग सुधारी है। राज्य की इस उपलब्धि में स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों का अमूल्य योगदान है जिसके लिए वे अभिनंदन के पात्र हैं।