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सुप्रीम कोर्ट में अब होगी AI की एंट्री! CJI सूर्यकांत ने कहा कि AI न्यायाधीशों का विकल्प नहीं…

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प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि AI न्यायाधीशों का विकल्प नहीं, बल्कि सहयोगी होगा. सुप्रीम कोर्ट भारतीय मूल्यों पर आधारित स्वदेशी AI सिस्टम विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है.

भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने प्रौद्योगिकी को हमेशा इंसानी सोच-समझ में मदद करने के साधन के रूप में देखा है, ना कि न्यायाधीशों की स्वतंत्र सोच और फैसले लेने की क्षमता के विकल्प के रूप में.

CJI सूर्यकांत ने कहा कि भारतीय परिस्थितियों और मूल्यों के अनुरूप न्यायिक सिद्धांतों को विकसित करने पर काफी जोर दिया गया है. ऑक्सफोर्ड यूनियन और ऑक्सफोर्ड लॉ सोसाइटी में कॉन्स्टिट्यूशनल प्रॉमिस टू डिजिटल रियलिटी: सेफगार्डिंग जस्टिस इन द एज ऑफ एआई एंड टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट विषय पर अपने संबोधन में प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि पहले से जारी प्रौद्योगिकी से जुड़ीं पहलों के अलावा, न्यायपालिका के लिए एक स्वदेशी एआई प्रणाली विकसित करने की संभावनाओं पर गंभीरता से काम किया जा रहा है.

AI नहीं लेगा न्यायाधीशों की जगह
प्रधान न्यायाधीश ने , ‘भारत के उउच्चतम न्यायालय ने प्रौद्योगिकी को हमेशा इंसानी सोच-समझ में मदद करने के साधन के रूप में अपनाया है, न्यायाधीशों की स्वतंत्र सोच और फैसले लेने की क्षमता के विकल्प के रूप में नहीं. साथ ही, ऐसे ‘स्वदेशी न्यायशास्त्र’ के विकास पर विशेष जोर दिया गया है, जिसमें भारत के संवैधानिक मूल्यों, संस्थागत वास्तविकताओं, भाषाई विविधता और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखा गया हो और केवल विदेश से आए तकनीकी मॉडल या धारणाओं पर निर्भर न हो.’

युवा बना रहे नई न्यायपालिका
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि युवा वकील, न्यायिक अधिकारी और विधिक पेशेवर न्यायपालिका के तकनीकी परिवर्तन के लिए एक उत्साहवर्धक स्रोत हैं. प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘मैं कानून के क्षेत्र के युवाओं की बात कर रहा हूं. भारत में ऐसे युवा आसानी से खुद को प्रौद्योगिकी के अनुरूप ढाल लेते हैं, चाहें वह जिला न्यायालय का न्यायिक अधिकारी हो, चाहे वह सरकारी वकील हो और यहां तक कि वे लोग भी, जो कॉर्पोरेट संस्थाओं को कानूनी सलाहकार के रूप में सहायता प्रदान करते हैं.’ उन्होंने कहा कि ये युवा भारतीय न्यायपालिका में इन सभी सुधारात्मक परिवर्तनों को लाने में वास्तव में एक अत्यंत उत्साहवर्धक सूत्रधार रहे हैं.

INDIA Bloc Meeting LIVE: इंडिया गठबंधन के 25 दलों की बैठक, 5 मुद्दों पर बनी सहमति, खरगे बोले- शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा”

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 कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि दिल्ली में सोमवार को हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में पांच अहम फैसले लिए गए हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि दिल्ली में सोमवार को हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में पांच अहम फैसले लिए गए हैं. गठबंधन ने और ज्यादा से ज्यादा बैठक करने का फैसला किया है और हैदराबा में अगस्त के महीने में अगली बैठक आयोजित की जाएगी. इस बैठक में कांग्रेस के राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव और शिवसेना (उबाठा) के उद्धव ठाकरे समेत 25 विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं के शामिल हुए.

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रविवार को बताया कि 23 राजनीतिक दलों ने इंडिया की बैठक में भागीदारी की पुष्टि की है. रमेश ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने अपने-अपने कारणों से इस विशेष बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई है.

आम आदमी पार्टी ने पहले ही सार्वजनिक रूप से इस गठबंधन से दूरी बना चुकी है जबकि द्रमुक ने तमिलनाडु में कांग्रेस द्वारा उससे संबंध तोड़कर टीवीके (TVK) नीत सरकार में शामिल होने के बाद बैठक का बहिष्कार करने का फैसला करने की घोषणा की है. गठबंधन भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श करेगा और राज्यों के आगामी चुनावों तथा 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय मुद्दों पर मोदी सरकार का मुकाबला करने के लिए एकजुट मोर्चा के रूप में पेश करने का प्रयास करेगा. पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हालिया हार ने भी विपक्षी गठबंधन को देश में भाजपा के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए एकजुट होने पर मजबूर किया है.

इंडिया गठबंधन की बैठक में 5 मुद्दों पर बनी सहमति

इंडिया गठबंधन की बैठक में पांच मुद्दों पर सहमति बनी है. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्य़क्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अब अगली बैठक हैदराबाद में होगी और हर दो बैठक में इसकी बैठक की जाएगी. उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना ही होगी.

CG: दक्षिण-पश्चिम मानसून, .इन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी’

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छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस के बीच मौसम का रुख बदलने लगा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में यह प्रदेश के कई हिस्सों में पहुंच सकता है।

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस के बीच मौसम का रुख बदलने लगा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में यह प्रदेश के कई हिस्सों में पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से दक्षिणी और उत्तरी जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं।

शनिवार को प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। चंद्रपुर में सर्वाधिक 20 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई, जबकि देवभोग, बस्तर और नवागढ़ क्षेत्र में भी बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया। हालांकि मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिले अब भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं।

मौसम विभाग के अनुसार बस्तर संभाग सहित सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, कोंडागांव, रायगढ़, कोरबा, जशपुर, सरगुजा और बलरामपुर में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। इन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान बिलासपुर में दर्ज किया गया, जहां पारा 42.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं पेंड्रा रोड सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के आसपास सक्रिय विभिन्न मौसम प्रणालियों और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने, गरज-चमक और हल्की वर्षा की स्थिति बनी रह सकती है। कई क्षेत्रों में तेज हवाओं और वज्रपात की संभावना भी जताई गई है।

राजधानी रायपुर में भी रविवार को मौसम बदलने के संकेत हैं। शहर में बादल छाने, आंधी चलने और बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। हालांकि पिछले कुछ दिनों से जारी पूर्वानुमानों के बावजूद बारिश नहीं होने से लोगों को गर्मी से राहत का इंतजार बना हुआ है। मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया है।

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने छत्तीसगढ़ की सिविल सोसायटी को एक विशेष पत्र लिखकर पांच राज्यों के चुनाव परिणामों पर आभार व्यक्त किया है।

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प्रधानमंत्री Narendra Modi ने छत्तीसगढ़ की सिविल सोसायटी को एक विशेष पत्र लिखकर पांच राज्यों के चुनाव परिणामों पर आभार व्यक्त किया है।

”पीएम मोदी ने छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी को लिखा पत्र: 5 राज्यों के चुनाव परिणामों पर जताया आभार, महिलाओं के रिकॉर्ड मतदान को बताया सकारात्मक संकेत”

‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में संपन्न हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को मिली शानदार सफलता पर बधाई देने के लिए छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है.”

”छत्तीसगढ़ सिविल सोसायटी के संयोजक डा. कुलदीप सोलंकी को भेजे गए एक विशेष आधिकारिक पत्र में प्रधानमंत्री ने कहा कि देशवासियों से मिल रहा यह अपार स्नेह और समर्थन राष्ट्र निर्माण के हमारे संकल्प की सबसे बड़ी ताकत है।”

” प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में चुनावी परिणामों का गहन विश्लेषण करते हुए लिखा कि जहां पहले से एनडीए की सरकारें थीं, वहां जनता ने प्रो-इनकंबेंसी (सरकार समर्थक) लहर दिखाई और जहां हमारी सरकारें नहीं थीं, वहां एंटी-इनकंबेंसी (सरकार विरोधी) का रुख साफ तौर पर देखा गया। उन्होंने असम में लगातार तीसरी बार मिली ऐतिहासिक जीत और पुडुचेरी में विकास के विजन को मिले जनसमर्थन का विशेष रूप से जिक्र किया।”

” इसके साथ ही, बंगाल में मिले अभूतपूर्व जनसमर्थन को रेखांकित करते हुए पीएम ने इसे बंगाल की पावन धरा पर विकास का सूर्योदय करार दिया है। केरल और तमिलनाडु के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष में रहते हुए भी भाजपा और एनडीए जन-सरोकार के मुद्दों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ उठाते रहेंगे।”

cg घरेलू गैस के दाम में 29 रुपये की बढ़ोतरी, अब कितने का हुआ सिलेंडर…

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तीन महीने में दूसरी बार बढ़े घरेलू एलपीजी के दाम घरेलू गैस सिलेंडर 29 रुपये महंगा जनता पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ी है. घरेलू गैस सिलेंडर 29 रुपये महंगा हुआ है सिलेंडर सिलेंडर के दाम 970 रुपये का मिलेगा. वहीं पांच किलोग्राम के गैस सिलेंडर पर 10.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है.

8 जून 2026″ एलपीजी के दाम बढ़ने के बाद 7 जून यानी रविवार  घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई. 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर की क़ीमत 942 रुपये हो गई है.

इस बढ़ोतरी का असर देशभर में घरेलू गैस की कीमतों पर होगा.

तीन महीनों में घरेलू गैस के दाम में दूसरी बार बढ़ोतरी की गई है. इससे पहले 7 मार्च को हर सिलेंडर पर 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी.

विपक्षी दल कांग्रेस ने इस बढ़ोत्तरी को लेकर केंद्र पर निशाना साधा है. कांग्रेस ने एक्स पर लिखा, ”महंगाई मैन मोदी’ का चाबुक फिर चला है. अब घरेलू गैस सिलेंडर 29 रुपए महंगा कर दिया गया. मोदी का फंडा साफ है- जनता से वसूली करो, अमीर दोस्त की तिजोरी भरो.”

cg” ऑपरेशन ‘विश्वास’, अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ अभियान 9 आरोपी गिरफ्तार…

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दुर्ग में अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ पुलिस ने अभियान चलाया. जिले के 6 थाना क्षेत्रों से कुल 9 आरोपी गिरफ्तार किए गए. ऑपरेशन ‘विश्वास’ के तहत कार्रवाई की गई. आरोपियों के कब्जे से अवैध शराब के 263 पौवे जब्त किए गए. आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है.

cg’ 10 से 12 जून तक 8 मेमू-डेमू ट्रेनें रद्द…

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छत्तीसगढ़ में 10 से 12 जून तक 8 मेमू-डेमू ट्रेनें रद्द रहेंगी. रसमड़ा स्टेशन पर नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के चलते यह फैसला लिया गया है. रायपुर-डोंगरगढ़, गोंदिया और इतवारी रूट की ट्रेनें प्रभावित होंगी. दो पैसेंजर ट्रेनें गंतव्य से पहले दुर्ग स्टेशन पर समाप्त होंगी. रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन स्टेटस जांचने की अपील की.

छत्तीसगढ़ की हर हलचल से अपडेट रहना चाहते हैं, ताजा खबरें पढ़ने के लिए हमारे साथ बने रहें. यहां आपको रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग जैसे प्रमुख शहरों के समाचार और सभी जरूरी अपडेट्स मिलेंगे. इसके अलावा आपको राजनीति, अपराध, मौसम, प्रशासन, क्षेत्र के विकास से जुड़ी और अन्य काम की खबरें भी मिलेंगी.

श्री रामलला के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ में बनी रहे सुख-समृद्धि एवं खुशहाली : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह…

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– विधानसभा अध्यक्ष श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के यात्रियों के सम्मान समारोह में हुए शामिल
– तीर्थयात्रा से वापस आए दर्शनार्थियों एवं श्रद्धालुओं में रहा अभूतपूर्व उल्लास एवं आनंद
–  जय श्रीराम के जयकारे की मंगल ध्वनि से गँूज उठा परिसर
– सभी अयोध्या धाम से वापस आए तीर्थयात्रियों को रामचरित मानस, शॉल-श्रीफल प्रदान कर किया गया सम्मानित
– श्रद्धालुओं ने अपनी सुखद यात्रा के अनुभव किए साझा
– रामायण मंडली के सभी समितियों को 3000 रूपए प्रदान करने की घोषणा की
– तीर्थयात्रियों ने यात्रा के दौरान मिली सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की प्रशंसा की

राजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम राजनांदगांव में आयोजित श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के यात्रियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए।

तीर्थयात्रा से वापस आए दर्शनार्थियों एवं श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उल्लास एवं आनंद रहा और जय श्रीराम के जयकारे की मंगल ध्वनि से परिसर गूॅँज उठा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज का दिन सौभाग्य का दिन है। अयोध्या धाम से श्री रामलला के दर्शन कर आए दर्शनार्थी जिन पैरों से चलकर वापस आए है, उन्हें छूने और धोने का अवसर एवं आशीर्वाद मिला है। भगवान श्रीराम का आशीष एवं पुण्य हम सभी को मिले।

श्री रामलला का आशीर्वाद छत्तीसगढ़ पर बना रहे और सुख-समृद्धि एवं खुशहाली आए। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम को छत्तीसगढ़ का भांचा कहते है। अयोध्या धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र है। जिले के लगभग 1000 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम की यात्रा कर वापस आए हैं। उन्होंने स्मरण करते हुए बताया कि पहले मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों को तीर्थयात्रा का लाभ दिया जाता था। जिससे बुजुर्गों को तीर्थाटन का लाभ मिला। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्री रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण किया गया है। वर्षों के बाद यह परिकल्पना साकार हुई है और भव्य एवं शानदार मंदिर का निर्माण हुआ है।

उन्होंने सभी रामायण मंडली की समितियों को स्वेच्छानुदान से 3000 रूपए प्रदान करने की घोषणा की। सभी तीर्थयात्रियों को श्री रामलला की फोटोफ्रेम उपहार में दी जाएगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ धर्म एवं आध्यात्म से जुड़ा हुआ प्रदेश है। यहां धर्म, स्वभाव, चिंतन एवं सोच, कबीर से जुड़ी हुई है। छत्तीसगढ़ में शांति, समृद्धि, प्रेम एवं सौहाद्र्र, भगवान राम का आशीर्वाद है। रामजन्म भूमि अयोध्या मंदिर निर्माण के हम सभी साक्षी रहे हंै। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना के तहत सभी श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों को छाता, कंबल एवं अन्य व्यवस्था कर उनकी यात्रा एवं आवागमन का अच्छा प्रबंध किया है और इस योजना अंतर्गत आगे भी दर्शनार्थी लाभान्वित होंगे।

कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने बताया कि श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना अंतर्गत राजनांदगांव रेलवे स्टेशन से 5950 श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की यात्रा कराई गई है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल, छत्तीसगढ़ शासन आईआरसीटीसी एवं जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रशासन राजनांदगांव द्वारा दुर्ग एवं बस्तर संभाग के यात्री एक दिन पहले राजनांदगांव पहुंचते है। उनके ठहरने, स्वास्थ्य, भोजन की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जाती है। नगर पालिक निगम, समाज कल्याण विभाग सभी की समन्वित सहभागिता रही है।

इस दौरान अयोध्या धाम एवं काशी विश्वनाथ का दर्शन कर लौटे हुए सभी श्रद्धालुओं ने अपनी सुखद यात्रा के अनुभव साझा किए। श्री रामगोपाल गौराहा ने बताया कि अयोध्या धाम की उनकी यात्रा अविस्मरणीय रही। श्री रामलला के दर्शन करने से आनंद की अनुभूति हुई।

सरकार द्वारा ट्रेन में नाश्ते एवं भोजन की बहुत अच्छी व्यवस्था थी। श्री हरिहारनों एवं श्रीमती ललिता वैष्णव ने श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक इस योजना का लाभ मिले। इस दौरान श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना अंतर्गत उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। राम-सिया-राम… एवं राम से चल के राम को आए… की समधुर गीतों से परिसर गूंज उठा।

सभी अयोध्या धाम से वापस आए तीर्थयात्रियों को रामचरितमानस, शॉल-श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस दौरान महापौर मधुसूदन यादव, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेशदत्त शर्मा, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित के अध्यक्ष श्री सचिन बघेल, राजगामी संपदा न्यास की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री खूबचंद पारख, श्री रमेश पटेल, श्री संतोष अग्रवाल, श्री शिव वर्मा, श्री राजेश श्यामकर, वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, डिप्टी कलेक्टर श्री अनिकेत साहू, उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती वैशाली मरड़वार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, हितग्राही एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

देश में इथेनॉल-बेस्ड फ्यूल को बढ़ावा देने की कोशिशें तेज़, E85 फ्यूल को भविष्य के लिए एक अहम विकल्प…

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देश में इथेनॉल-बेस्ड फ्यूल को बढ़ावा देने की कोशिशें तेज़ हो गई हैं और E85 फ्यूल को भविष्य के लिए एक अहम विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। E85 में 85% इथेनॉल और 15% पेट्रोल का मिश्रण होता है। सरकार का मानना ​​है कि इससे कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी और किसानों को फ़ायदा होगा। हालाँकि, आम गाड़ी मालिकों के मन में मुख्य सवाल यह है कि E85 का इस्तेमाल करने से उन्हें असल में कितनी बचत होगी।

जो लोग रोज़ाना लंबी दूरी तय करते हैं, उनके लिए फ्यूल की लागत में थोड़ा सा अंतर भी महीने के आखिर में बड़ी बचत का कारण बन सकता है। हालाँकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि E85 का इस्तेमाल सिर्फ़ फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाली गाड़ियों में ही किया जा सकता है। आइए, 100 किलोमीटर की यात्रा के लिए E85 और रेगुलर पेट्रोल की लागत में संभावित अंतर को समझते हैं।

100 किलोमीटर की यात्रा में फ्यूल की लागत में कितना अंतर आता है?

रिपोर्ट्स के अनुसार, E85 की लागत रेगुलर पेट्रोल की तुलना में काफ़ी कम हो सकती है, जिससे प्रति किलोमीटर लागत कम हो सकती है। उदाहरण के लिए, अगर पेट्रोल की कीमत लगभग ₹100 प्रति लीटर है और E85 की कीमत ₹70 से ₹75 प्रति लीटर के बीच है, तो लागत में साफ़ अंतर दिखता है। हालाँकि इथेनॉल की एनर्जी डेंसिटी पेट्रोल की तुलना में थोड़ी कम होती है – जिससे माइलेज थोड़ा कम मिल सकता है – लेकिन कम लागत के कारण कुल रनिंग कॉस्ट में बचत करना संभव हो जाता है। फ्लेक्स-फ्यूल कार से 100 किलोमीटर की दूरी तय करने में पेट्रोल की तुलना में E85 पर कम खर्च आ सकता है। यही वजह है कि सरकार और गाड़ी बनाने वाली कंपनियाँ इस फ्यूल को भविष्य के लिए एक बेहतर विकल्प मानती हैं; लंबे समय में, लागत का यह अंतर हज़ारों रुपयों की बचत में बदल सकता है।

रोज़ाना और महीने के आधार पर क्या संभावित फ़ायदे हैं?

ऐसे व्यक्ति के बारे में सोचिए जो रोज़ाना 50 से 100 किलोमीटर की यात्रा करता है। ऐसी स्थिति में, रोज़ाना की छोटी-छोटी बचत महीने के आखिर में एक बड़ी रकम बन सकती है। रिपोर्ट बताती है कि जो गाड़ी मालिक अपनी गाड़ियों का नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं, वे फ्यूल की लागत में काफ़ी बचत कर सकते हैं। यह टैक्सी ऑपरेटरों, फ्लीट मालिकों और लंबी दूरी की यात्रा करने वालों के लिए विशेष रूप से फ़ायदेमंद है।

हालाँकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि E85 का इस्तेमाल सिर्फ़ फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी वाली गाड़ियों में ही किया जाना चाहिए। स्टैंडर्ड E20 या आम पेट्रोल इंजन में E85 भरने से इंजन और फ्यूल सिस्टम को नुकसान हो सकता है। इसलिए, बचत की संभावना के साथ-साथ सही टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सुनिश्चित करना भी उतना ही ज़रूरी है। अगर आने वाले सालों में E85 का नेटवर्क और उपलब्धता बढ़ती है, तो यह भारतीय ऑटोमोटिव मार्केट के लिए एक बड़ा बदलाव लाने वाला साबित हो सकता है।

क्रूड ऑयल की खरीद में विविधता लाने की बड़ी रणनीति, भारत और वेनेजुएला ऊर्जा साझेदारी की मजबूती के लिए…

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हाल ही में वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी एलोइना रेड्रिगेज गोमेज भारत के दौरे पर पहुंची थी, जहां उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर समेत अन्य शीर्ष लोगों से मुलाकात की।

हाल ही में वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी एलोइना रेड्रिगेज गोमेज भारत के दौरे पर पहुंची थी, जहां उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर समेत अन्य शीर्ष लोगों से मुलाकात की।

डेल्सी के दौरे के बाद एक रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि भारत और वेनेजुएला ऊर्जा सहयोग को और गहरा करने के तरीके खोज रहे हैं। दोनों देश बदलते ग्लोबल ऑयल मार्केट डायनामिक्स का फायदा उठाना चाहते हैं और हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में लंबे समय के जुड़ाव को मजबूत करना चाहते हैं।

मॉडर्न डिप्लोमेसी की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि केंद्रीय पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से कहा कि भारतीय कंपनियां वेनेजुएला के तेल और गैस उद्योग में अपनी भागीदारी बढ़ाने को तैयार हैं।

यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है, जब इस साल की शुरुआत में पाबंदियों में ढील के बाद आयात फिर से शुरू होने के बाद भारत एक बार फिर वेनेजुएला के कच्चे तेल का एक बड़ा खरीदार बनकर उभरा है। इसमें कहा गया है कि नई खरीदारी से वेनेजुएला को भारत के जरूरी कच्चे तेल के सप्लायरों में फिर से अपनी जगह बनाने में मदद मिली है।

कार्यवाहक राष्ट्रपति रोड्रिगेज का भारत दौरा वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश लाने और स्पॉट खरीद पर ज्यादा निर्भर रहने के बजाय लंबे समय के सप्लाई अरेंजमेंट तलाशने पर फोकस है। रोड्रिगेज के हालिया भारत दौरे पर सरकारी अधिकारियों और ऊर्जा उद्योग के अधिकारियों के साथ मीटिंग शामिल रहा।

यह बढ़ता जुड़ाव भारत की क्रूड ऑयल की खरीद में विविधता लाने की बड़ी रणनीति को दिखाता है, क्योंकि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और तनावों से सप्लाई में रुकावट और कीमतों में उतार-चढ़ाव को लेकर चिंता बनी हुई है।

वेनेजुएला के लिए, भारत के साथ करीबी सहयोग वर्षों के बैन, घटते प्रोडक्शन और कम निवेश के बाद अपने तेल क्षेत्र को फिर से खड़ा करने का मौका देता है।

रिपोर्ट में जिक्र है कि भारतीय कंपनियों की बढ़ी हुई भागीदारी से उत्पादन क्षमता बढ़ाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करने और स्थिर एक्सपोर्ट मार्केट बनाने की कोशिशों को मदद मिल सकती है।

इसके अलावा, यह बढ़ती साझेदारी इस बात पर जोर देती है कि कैसे उभरती अर्थव्यवस्थाएं आर्थिक और रणनीतिक हितों से प्रेरित होकर प्रैक्टिकल ऊर्जा संबंधों को तेजी से अपना रही हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, इंडस्ट्री के जानकारों का मानना ​​है कि सहयोग आखिरकार क्रूड ऑयल की खरीद से आगे बढ़कर अपस्ट्रीम एक्सप्लोरेशन, प्रोडक्शन साझेदारी, रिफाइनिंग के मौके और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट तक बढ़ सकता है।

इसमें आगे बताया गया है कि भविष्य की तरक्की कई बातों पर निर्भर करेगी, जिसमें ग्लोबल तेल की कीमतें, वेनेजुएला में राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिकी बैन नीति में बदलाव शामिल हैं।

दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग बढ़ाने के मकसद से बातचीत जारी रहने की उम्मीद है, क्योंकि भारत ज्यादा सप्लाई सुरक्षा चाहता है और वेनेजुएला नया निवेश लाना चाहता है।