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सिर्फ इतने साल बाद दुनिया में रह जाएंगे 10 करोड़ इंसान, एक्सपर्ट ने किया ये चौकाने वाला दावा

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 भले ही दुनिया की जनसंख्या में इनदिनों तेजी से बढ़ोतरी हो रही हो, लेकिन आने वाले कुछ सालों में दुनिया की आबादी में तेजी से गिरावट देखने को मिलेगी. यही नहीं कुछ सौ सालों में जनसंख्या घटकर सिर्फ 10 करोड़ ही रह जाएगी.

दुनिया की आबादी तेजी से बढ़ रही है. भारत पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश बन गया है. लेकिन आने वाले कुछ सालों में दुनिया की आबादी में तेजी से गिरावट देखने को मिलेगी. ये दावा एक टेक एक्सपर्ट ने किया है. उनके मुताबिक, करीब पौने तीन सौ साल बाद पूरी दुनिया में सिर्फ 100 मिलियन लोग ही रह जाएंगे.

लेवल 1 से लेकर लेवल 18 तक की नई सैलरी स्लैब जारी – जानिए किसे कितना मिलेगा फायदा

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सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में महत्वपूर्ण वृद्धि: हाल ही में 8वें वेतन आयोग की घोषणा ने सरकारी कर्मचारियों के लिए नई उम्मीदें जगाई हैं। इस आयोग के तहत वेतन में वृद्धि का जो चार्ट तैयार किया गया है, वह न केवल कर्मचारियों की जीवन शैली को बेहतर बनाने में सहायक होगा, बल्कि उनकी आर्थिक स्थितियों पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेगा। सरकार ने इस बार कई आवश्यक बदलाव किए हैं जिनका उद्देश्य कर्मचारियों को उनकी मेहनत के अनुरूप उचित वेतन देना है।

8वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों की सैलरी में वृद्धि के कई अहम पहलु हैं जिन्हें समझना बेहद जरूरी है। यह सुधार न केवल वित्तीय क्षेत्र में बढ़ावा देगा, बल्कि कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में भी सुधार लाएगा।

  • मूल वेतन में वृद्धि: इस बार मूल वेतन में 20% की वृद्धि की गई है। यह कदम कर्मचारियों की आर्थिक स्थिरता को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
  • महंगाई भत्ता: महंगाई भत्ते में 5% की अतिरिक्त वृद्धि की गई है, जिससे कर्मचारियों की क्रय शक्ति में इजाफा होगा।
  • पेंशन में सुधार: पेंशन योजनाओं में भी सुधार किया गया है जिससे रिटायर्ड कर्मचारियों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।
  • अन्य भत्ते: बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य भत्ते में भी वृद्धि की गई है ताकि कर्मचारियों के परिवारों को लाभ मिल सके।
  • नए वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों की सैलरी के लिए एक विशेष चार्ट तैयार किया गया है। इस चार्ट में विभिन्न श्रेणियों और पदों के अनुसार वेतन में की गई वृद्धि का पूरा ब्यौरा है।

क्या सच में बंद होने जा रहा है 500 रुपये का नोट, ये हैं 3 बड़े कारण

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आरबीआई की ओर देश में भ्रष्टाचार को रोकने और नोटों से जुड़े फ्रॉड पर रोक लगाने के लिए कई सारे फैसले लेता रहता है. इससे लिए रेगुलेटरी बैंक 100 और 200 रुपये के नोटों को बढ़ावा देने से लेकर 2000 के बड़े नोटों की छपाई बंद करने का फैसला लिया है. अब खबर आ रही है. रेगुलेटरी बैंक 500 रुपये के नोट को बंद कर सकता है.

इसको लेकर टीवी9 ने बैंकिंग एक्सपर्ट अश्विणी राणा से बात की. जिनके मुताबिक, आरबीआई 500 रुपये के नोट को मार्च 2026 तक बंद कर सकता है. उन्होंने टीवी 9 से बात करते हुआ कहा कि आरबीआई नोट बंदी की तरह एकदम से इन नोटों को बंद करने का फैसला नहीं करेगा. बल्कि पहले ही इनके सर्कुलेशन पर रोक लगाकर इनकी संख्या को मार्केट में कम करने पर काम करेगा. इसके लिए बैंक की ओर से 100 और 200 रुपये के नोटों का सर्कुलेशन बढ़ाया जा सकता है. बैंकों में एटीएम में इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी और 500 रुपये के नोट को ऐसे ही धीरे-धीरे मार्केट से निकाल कर बैंकों में जमा कराया जाएगा. यह प्रक्रिया एक दिन में नहीं पूरी होगी. लेकिन आरबीआई का प्लान है इसे करने का. वह मार्च 2026 तक इस पर फैसला ले सकता है.

आरबीआई की ओर से अगर 500 रुपये के नोट को बंद करने का फैसला किया जाता है. जैसा एक्सपर्ट कह भी रहे हैं, तो आखिर इसके पीछे का कारण क्या है. क्यों रेगुलेटरी बैंक 500 रुपये के बड़े नोट को बंद करने का विचार कर रहा है.

1. ब्लैक मनी पर रोक

सरकार ब्लैक मनी पर रोक लगाने के लिए 500 रुपये के नोट को बंद कर सकती है. देश भर में देखा जा रहा है कि जब भी इनकम टैक्स की रेड कहीं पड़ती है. वहां पर जो नोटों के बंडल मिलते हैं वह बड़े नोट यानी 500 रुपये के ही होते हैं. सरकार और आरबीआई इन्हीं भष्ट्राचार को रोकने के लिए 500 के नोट को बंद करने का प्लान कर रहे हैं. ब्लैक मनी को बैंकों में इकट्ठा कराने के लिए यह फैसला लिया जा सकता है.

तेजी से बढ़ रहे कोरोना के केस… घर में रखें ये दवाएं, बीमार होने पर मिल सकती है राहत

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कोरोना एकबार फिर तेजी पांव पसार रहा है. संक्रमितों की संख्या बढ़ने के साथ माैतों का ग्राफ भी बढ़ रहा है. वहीं माैसम में बदलाव से सीजनल फ्लू के भी मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे में वह काैन सी दवाएं हैं, जो घर में रखने से संक्रमण के समय मददगार हो सकती हैं. आइए जानते हैं…]

पैरासिटामोल

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, कोरोना संक्रमण में बुखार के साथ कई केसेज में बदन दर्द और मांसपेशियों में दर्द आम लक्षण हैं. इसी तरह के लक्षण सीजनल फ्लू में भी देखने को मिल सकते हैं. ऐसे में पैरासिटामोल कारगर दवा साबित हो सकती है. यह दवा सिरदर्द, शरीर में दर्द और बुखार को कम करने में सहायक है.

विटामिन सी

विटामिन सी की गोलियां आसानी से मिल सकती हैं. यह खट्टी-मीठी गोलियां शरीर में विटामिन सी कमी को पूरा कर सकती हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार एक दिन में 1 से 3 ग्राम विटामिन सी की जरूरत होती है. इसके लिए ताजी सब्जियों और फलों का भी सेवन किया जा सकता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार विटामिन सी इम्यूनिटी स्ट्राॅन्ग करने में सहायक होता है.

लेवोसेट्रिजीन

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार लेवोसेट्रिजीन का उपयोग बहती नाक को राहत देने के लिए किया जाता है. इसके अलावा यह छींक आना, फीवर और मौसमी एलर्जी के लक्षणों को भी कम करने में सहायक है. एलर्जी के कारण आंखों का लाल होना, खुजली और फटना जैसे लक्षणों में भी उपयोग किया जा सकता है. खुजली और दाने सहित पित्ती के लक्षणों के उपचार के लिए भी इसे इस्तेमाल किया जाता है.

जिंक

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार कोरोना के लक्षणों को कम करने के लिए जिंक सबसे लोकप्रिय सुझावों में से एक है. हालांकि इसका कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है कि जिंक का उपयोग कोरोना को रोक सकता है. लेकिन जिंक में एंटीवायरल गुण होते हैं और यह कोशिकाओं में वायरस के रेप्लीकेशन को रोकते हैं.

मल्टीविटामिन

बाॅडी को हेल्दी रखने के लिए पोषक तत्वों की जरूरत होती है, जो हमें फूड से मिलते हैं. लेकिन कई बार असंतुलित खानपान के चलते शरीर को प्राॅपर पोषक तत्व नहीं मिल पाते. ऐसे में मल्टीविटामिन मेडिसिन का इस्तेमाल किया जाता है. मल्टीविटामिन आम तौर पर फूड में पाए जाने वाले विभिन्न विटामिनों का संयोजन होते हैं. इनके सेवन से एनर्जी मिलती है, मूड बेहतर बनता है, तनाव कम होता है, मसल्स की स्ट्रेंथ बढ़ती है.

खांसी के लिए लें कफ सिरप

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार खांसी कोरोना वायरस के सबसे सामान्य लक्षणों में से एक है. कोल्ड के चलते भी ये दिक्कत हो सकती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार इसके लिए शहद और कफ सिरप लिया जा सकता है. कोरोना में नाक बहने और सर्दी के लक्षणों के लिए डिफेनहाईड्रामाइन लिया जा सकता है.

एक करोड़ नकद, करोड़ों का सोना-चांदी; IRS अधिकारी के परिसरों से क्या-क्या मिला? पूरा मामला भी समझिए

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आयकर मामले में रियायत के एवज में 25 लाख रिश्वत लेने में गिरफ्तार भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी अमित सिंघल के परिसरों की तलाशी के दौरान सीबीआई को 3.5 किलोग्राम सोना, दो किलोग्राम चांदी और एक करोड़ रुपये नकद मिले।

CBI Raid: एक करोड़ नकद, करोड़ों का सोना-चांदी; IRS अधिकारी के परिसरों से क्या-क्या मिला? पूरा मामला भी समझिए

CBI Raids: आयकर मामले में रियायत के एवज में 25 लाख रिश्वत लेने में गिरफ्तार भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी अमित सिंघल के परिसरों की तलाशी के दौरान सीबीआई को 3.5 किलोग्राम सोना, दो किलोग्राम चांदी और एक करोड़ रुपये नकद मिल

दिल्ली, मुंबई और पंजाब में भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी से जुड़े परिसरों पर छापेमारी के बाद भारी भरकम नकदी, सोना-चांदी और जेवरात बरामद हुए। सीबीआई की टीम ने छापेमारी में एक करोड़ रुपये की नकदी, सोने के कई आभूषण और 3.5 करोड़ रुपये मूल्य के चांदी और सोने के सिक्के जब्त किए गए।
सीबीआई ने अधिकारी अमित कुमार सिंघल के परिसरों की तलाशी के दौरान 3.5 किलोग्राम सोना, 2 किलोग्राम चांदी और 1 करोड़ रुपये नकद जब्त किए। सिंघल 2007 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं। वे दिल्ली में करदाता सेवा निदेशालय में अतिरिक्त महानिदेशक के पद पर तैनात थे।
अधिकारी ने बताया, ‘विभिन्न बैंकों में एक लॉकर और 25 बैंक खातों के दस्तावेज मिले हैं। दिल्ली, मुंबई और पंजाब में स्थित अचल संपत्तियों और परिसंपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। सभी चल और अचल संपत्तियों का कुल मूल्य अभी पता लगाया जाना बाकी है।’

क्या नूर खान एयरबेस पर था अमेरिका का कब्जा? वायरल वीडियो ने मचाई खलबली

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सोशल मीडिया पर पाकिस्तान से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पाकिस्तानी पत्रकार नूर खान एयरबेस को लेकर सनसनीखेज दावा करता नजर आ रहा है. वीडियो में पत्रकार का कहना है कि इस एयरबेस पर एक वक्त अमेरिका का कब्जा था, और पाकिस्तानी सेना को भी वहां जाने की इजाजत नहीं थी.

पाकिस्तान की धरती यूएस की धाक?

वीडियो क्लिप में पत्रकार बताते हैं कि नूर खान एयरबेस पर अमेरिकी विमान नियमित रूप से उतरते थे और सामान उतारते थे. इतना ही नहीं, जब एक पाकिस्तानी सैनिक ने वहां हो रही गतिविधियों के बारे में जानने की कोशिश की, तो अमेरिकी सैनिक ने उस पर बंदूक तान दी. पत्रकार के अनुसार, पाकिस्तान की अपनी सेना को भी इस इलाके में घुसने की इजाज़त नहीं थी.

वायरल क्लिप किसी बड़े वीडियो का हिस्सा

लेकिन सवाल यह है कि यह किस दौर की बात है. इस वायरल वीडियो में न तो तारीख साफ़ है, न ही कोई स्पष्ट संदर्भ दिया गया है. यह एक छोटा सा क्लिप है, जो किसी बड़े इंटरव्यू का हिस्सा लग रहा है, लेकिन पूरे वीडियो की जानकारी अभी सामने नहीं आई है.

इस दावे की पुष्टि करना इसलिए मुश्किल है क्योंकि यह क्लिप अधूरी है और इसके स्रोत की पुष्टि नहीं हुई है. पाकिस्तानी पत्रकार का नाम भी क्लिप में स्पष्ट नहीं दिखता. ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि यह बयान किस हद तक सही है और इसका ऐतिहासिक या रणनीतिक संदर्भ क्या है. इसलिए न्यूज नेशन इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है.

पाकिस्तान का हार्ट एयरबेस

नूर खान एयरबेस, जिसे पहले चकला एयरबेस के नाम से जाना जाता था, पाकिस्तानी वायुसेना का एक प्रमुख बेस है. यह रावलपिंडी के पास स्थित है और अतीत में अमेरिका और पाकिस्तान के सामरिक रिश्तों के दौरान इसका इस्तेमाल अमेरिकी सेनाओं ने किया हो, यह पूरी तरह खारिज भी नहीं किया जा सकता.

राज कपूर से क्यों बेइंतहा नफरत करती थीं साधना? वजह ऐसी कि पैरों तले खिसक जाएगी जमीन

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शोमैन कहे जाने वाले मशहूर राज कपूर (Raj Kapoor) के लिए कहा जाता है कि वह जो भी करते थे उसके पीछे एक गहरी सोच छिपी होती थी. वह इकलौते ऐसे फिल्मकार माने जाते थे जो आने वाले वक्त की धड़कनें सुन पाते थे. वह महसूस कर पाते थे आने वाले समय में दर्शक किस तरह का सिनेमा देखना पसंद करेंगे. उनकी इसी सोच का नतीजा ‘बॉबी’ और ‘मेरा नाम जोकर’ जैसी फिल्में रहीं. उनके पास फिल्मों के लिए ज्ञान का अपार भंडार था. राज कपूर ने अपने फिल्मी करियर में एक्टर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर के तौर पर बेहतरीन काम किया. राज कपूर वो नाम है जिन्होंने कई लोगों की किस्मत भी संवारी.

Raj Kapoor ने कई चेहरों को बनाया स्टार
आम लोगों के साथ-साथ इंडस्ट्री में भी राज कपूर के चाहने वालों की कोई कमी नहीं थी. उन्होंने कई नए चेहरों पर पर्दे पर उतारा और स्टार बना दिया. हर कोई उनसे प्यार करता था, लेकिन इसी फिल्मी दुनिया में नाम ऐसा भी था जो राज कपूर को बिल्कुल पसंद नहीं करता था. इनके बारे में कम ही लोगों की जानकारी होगी. दरअसल, यहां हम बात कर रहे हैं साधना की. जी हां, साधना और राज कपूर की एक दूसरे से बिल्कुल नहीं बनती थी. पहली ही फिल्म में साथ काम करने बाद कुछ ऐसा हुआ था कि दोनों ने फिर कभी साथ काम नहीं किया.

साधना की इस आदत ने किया था परेशान
कहते हैं कि उस दौर में जब हर एक्ट्रेस अपनी नेचुरल ब्यूटी की वजह से जानी जाती थी, तब ही हिन्दी सिनेमा में एक ऐसी अदाकारा ने कदम रखा जो अपने अलग ही स्टालिश अंदाज, खूबसूरती और हेयर स्टाइल को लेकर चर्चा में रहने लगीं, नाम था साधना. लोग इनके हर अंदाज पर फिदा रहते थे. वह अपने दौर की ट्रेंड सेंटर हुआ थीं. वह जो भी करती थीं वो मशहूर हो जाता थी, फिर चाहे उनका हेयर स्टाइल हो या ड्रेसिंग स्टाइल. कहा जाता है कि साधना अपने बालों का खासतौर पर ध्यान रखती थीं और उनकी यही आदत राज कपूर को पसंद नहीं आती थी.

साधना ने छोड़ दिया था सेट
जब बार-बार कहने के बावजूद साधना ने राज कपूर की बात को अनसुना कर दिया तो वह गुस्से से लाल हो गए. ऐसे में एक दिन उन्होंने एक्ट्रेस को एक्टिंग छोड़ शादी करके घर बसाने के लिए कह दिया. साधना को राज कपूर की ये बात बहुत बुरी लगी, वह तुरंत सेट छोड़कर वहां से चली गईं. ऐसे में साधना, राज कपूर से नफरत तक करने लगी थीं. इसके बाद लंबे वक्त तक दोनों को साथ नहीं देखा गया. फिर करीब 6 साल बाद फिल्म ‘दूल्हा दुल्हन’ में साधना और राज कपूर ने साथ काम किया.

अरविंद नेताम को RSS ने नागपुर में चीफ गेस्ट बनने का दिया निमंत्रण, बोले-आदिवासियों और संघ के वैचारिक मतभेद को दूर करना जरूरी

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छत्तीसगढ़ के प्रमुख आदिवासी नेताओं में से एक और हमर राज पार्टी के अरविंद नेताम (Arvind Netam) एक बार फिर चर्चा का विषय बन गए हैं. इस बार उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय, नागपुर (Nagpur) में एक अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है. इसने छत्तीसगढ़ की राजनीति, खासकर बस्तर (Bastar) में हलचल मचा दी है. इस आमंत्रण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच, नेताम ने रविवार को जगदलपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी स्थिति स्पष्ट की है.

मुझे भी आश्चर्य हुआ – अरविंद नेताम

RSS में शामिल होने की खबरों और संघ के आमंत्रण पर प्रतिक्रिया देते हुए अरविंद नेताम ने कहा कि उन्हें खुद भी RSS की ओर से निमंत्रण मिलने पर आश्चर्य हुआ. इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को लेकर भी एक महत्वपूर्ण बयान दिया है. नेताम ने कहा, “आदिवासी इलाके की समस्याओं को लेकर भाजपा से बात करने का ज्यादा फायदा नहीं है. इसके लिए आरएसएस को कन्वेंस करना जरूरी है. इससे पहले भी आरएसएस के पदाधिकारियों से मेरी कई बार लंबी बातचीत हो चुकी है.”

वैचारिक मदभेद कम करना जरूरी – नेताम

अरविंद नेताम ने आरएसएस के कार्यक्रम में जाने को लेकर अपनी बात स्पष्ट की. उन्होंने आगे जोर दिया, “आदिवासियों और आरएसएस के बीच वैचारिक मतभेद है. इसे कम करना जरूरी है. इसलिए मैंने इस आमंत्रण को स्वीकार किया है.”

कांग्रेस नेता चरणदास महंत ने अरविंद नेताम को RSS मुख्यालय में अतिथि के रूप में बुलाए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी. महंत ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा था कि उन्हें आश्चर्य हो रहा है कि अरविंद नेताम को आरएसएस मुख्यालय में अतिथि क्यों बनाया गया. उन्होंने यह जानने की कोशिश करने की बात कही थी कि क्या नेताम RSS में शामिल होने जा रहे हैं या एक आदिवासी नेता के तौर पर कार्यक्रम में शामिल होंगे.

छत्तीसगढ़ में ‘चावल उत्सव’: 81 लाख परिवारों को मिलेगा तीन महीने का राशन एकसाथ

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छत्तीसगढ़ में साय सरकार राशनकार्डधारी परिवारों को एकमुश्त तीन माह का राशन देने जा रही है। आगामी 01 से 07 जून तक ‘चावल उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इस उत्सव के दौरान प्रदेश के 81 लाख से अधिक राशनकार्डधारी परिवारों को जून, जुलाई एवं अगस्त तीनों माह का चावल एकमुश्त वितरित किया जाएगा। इस उद्देश्य से राज्य शासन ने प्रदेश की 13,928 उचित मूल्य दुकानों को चावल का आबंटन जारी कर दिया है। सभी दुकानों में चावल का भण्डारण कार्य तेजी से जारी है, ताकि वितरण में किसी प्रकार की बाधा न आए।

राज्य खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, 1 जून से 7 जून तक चावल उत्सव के दौरान सभी उचित मूल्य दुकानों से चावल का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। इस अवसर पर दुकानों में वितरण संबंधित जानकारी का प्रदर्शन अनिवार्य किया गया है। सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि चावल वितरण की सूचना स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रचार माध्यमों से व्यापक रूप से प्रसारित की जाए, जिससे प्रत्येक लाभार्थी तक यह जानकारी सुगमता से पहुंचे और वितरण पारदर्शी रहे।

खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने आज ‘चावल उत्सव’ की तैयारी के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी कलेक्टरों, खाद्य अधिकारियों एवं नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधकों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने बैठक में निर्देश दिए कि प्रत्येक उचित मूल्य दुकान में समय से पूर्व चावल का समुचित भण्डारण सुनिश्चित किया जाए। चावल का वितरण दुकान स्तर की निगरानी समिति की उपस्थिति में हो और प्रत्येक लाभार्थी को ई-पॉस मशीन द्वारा बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण के पश्चात ही चावल प्राप्त हो। साथ ही लाभार्थियों को वितरित चावल की पावती रसीद अनिवार्य रूप से दी जाए।

खाद्य सचिव कंगाले ने कहा कि इस समग्र प्रक्रिया का उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और लाभार्थी की सुविधा को सुनिश्चित करना है। विभाग द्वारा तकनीक का प्रभावी उपयोग भी सुनिश्चित किया जा रहा है। मानसून के दौरान प्रदेश की 249 ऐसे उचित मूल्य दुकानें, जो वर्षा ऋतु में पहुंचविहीन हो जाती हैं, उनके लिए भी विशेष तैयारी की गई है। जून माह में ही इन दुकानों में अग्रिम चावल भण्डारण की कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वर्षाकाल में भी राशन वितरण अविरत जारी रह सके।

बैठक में नागरिक आपूर्ति निगम की प्रबंध संचालक किरण कौशल और खाद्य विभाग के संचालक रमेश शर्मा उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त सभी जिलों के कलेक्टर, खाद्य नियंत्रक, जिला खाद्य अधिकारी, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए।

पिकनिक मनाने आए थे 4 दोस्त, देखते-देखते डूब गए डैम में उतरे दो दोस्त

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भिलाई जिले के मरौदा डैम पर पिकनिक मनाने पहुंचे चार दोस्तों की खुशी उस वक्त काफूर हो गई, जब डैम में नहाने उतरे उनके दो दोस्तों की डूबने से मौत हो गई. मृतकों को डैम की गहराई का अंदाजा नहीं था. नहाने उतरे युवक पानी की गहराई में चले गए,जिससे हादसा हो गया.

छत्तीसगढ़ के भिलाई जिले के मरौदा डैम पर पिकनिक मनाने पहुंचे दो युवकों की डूबने से मौत हो गई. हादसे के शिकार हुए दोनों युवक डैम के आसपास पिकनिक मना रहे थे. हादसे के शिकार हुए दो दोस्त डैम के पानी में नहाने उतरे थे. मृतकों को पानी की गहराई का अंदाजा नहीं था, जिससे डैम के पानी में डूबने से उनकी मौत हो गई.

मरौदा डैम पर पिकनिक मनाने पहुंचे थे चार दोस्त

मामला निवाई थाना क्षेत्र में स्थित मरौदा डैम का है, जहां बीते रविवार दोपहर पिकनिक मनाने पहुंचे चार दोस्त में से दो युवक डैम में नहाने उतरे थे और डूबने से मारे गए. डैम के पानी का अंदाजा नहीं होने से युवक नहाते-नहाते गहरे पानी में उतर गए. उन्हें डैम में डूबता देख बाहर खड़े लोगों ने शोर मचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.

युवकों को डैम के गहरा होने की जानकारी नहीं थी

रिपोर्ट के मुताबिक मरौदा डैम में पिकनिक मनाने पहुंचे दोस्तों को बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि डैम का पानी गहरा है. यही कारण था कि खाना खाने के बाद दो दोस्त साहिल और जुनैद नहाने के लिए डैम में उतर गए. दोनों दोस्त डूबने लगे तो शोर मच गया. पुलिस ने गोताखोरों की मदद से युवकों को बाहर जरूर निकाल लिया, लेकिन उनकी जान नहीं बच पाई.

मरौदा डैम में सुरक्षा इंतजामों पर खड़े हुए सवाल

पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच के बाद दोनों युवकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. इस हादसे में मारे गए मृतक साहिल और जुनैद की उम्र करीब 20 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है. हादसे ने एक बार फिर मरौदा डैम में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हादसे ने डैम की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है.

डैम क्षेत्र में न वार्निंग बोर्ड है, न नहाने की मनाही

मामले पर स्थानीय लोगों का कहना है कि डैम क्षेत्र में न तो कोई चेतावनी बोर्ड है और न ही नहाने की मनाही को लेकर सख्त निगरानी है. ऐसे में अक्सर लोग बिना किसी रोक-टोक के गहरे पानी में उतर जाते हैं. ताजा हादसे के बाद निवाई पुलिस ने लोगों से जलाशयों और डैम में पिकनिक मनाने के दौरान सतर्क रहने का निर्देश दिया है.