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आधी रात आया गुस्सा, बीवी ने लगाई डांट, सनकी पति ने पत्नी को ही कर दिया गंजा

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पति-पत्नी में लड़ाई होना आम बात है, ऐसा कोई घर नहीं है जहां मियां-बीवी के बीच नोक-झोक न हो. लेकिन जब रिश्तों में सम्मान की डोर टूटती है, और गुस्सा सर चढ़ता है तो कई बार लोग कुछ ऐसा कर बैठते हैं जो हमें जिंदगी भर के लिए पछतावे में डाल देता है. ऐसा ही एक अजीब-गरीब मामला उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से सामने आया है, जहां पति ने गुस्सा आने पर पत्नी को गंजा कर दिया.

घटना भदोही जिले के बड़ा सियूर गांव की है, जहां 24 अप्रैल की रात करीब 1 बजे, राम सागर नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के साथ एक ऐसा भद्दा व्यवहार किया जो किसी महिला के लिए जान ले लेने से कम नहीं है. दरअसल, किसी बात को लेकर दंपति के बीच कहासुनी हुई, जिसके दौरान राम सागर ने महिला को गली दे दी. जब महिला ने इसका विरोध किया तो पति का पारा चढ़ गया. इसके बाद पति ने पत्नी को पीटा, जान से मारने की धमकी दी और फिर जबरन उसका सिर मुंडवा दिया

भारत के खिलाफ चीन की सैटेलाइटों का इस्तेमाल कर रहा पाकिस्तान

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 हिंदुओं के नरसंहार के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते बेहद बुरे दौर में पहुंच गए हैं. इस हमले के गुनहगार और साजिशकर्ता पाकिस्तान में बैठे हुए बताए जा रहे हैं. इस बीच भारत सरकार ने अपनी सेनाओं को एक्शन लेने के लिए खुली छूट दे दी है. ऐसे में पाकिस्तान पर भारत की ओर से हमले का खतरा बढ़ गया है. पाकिस्तान थर्राया हुआ है. वह चीन की शरण में चला गया है. चीन भी उसकी भरपूर सहायता कर रहा है.

पाकिस्तान को भारत द्वारा साइबर से लेकर समंदर तक हर तरफ से हमले का खतरा दिख रहा है. ऐसे में चीन भी उसका भरपूर सहयोग कर रहा है. पाकिस्तान चीन की सैटेलाइटों का उपयोग भारत पर नजर रखने और सैन्य संचार को मजबूत करने के लिए कर रहा है. तमाम रिपोर्ट्स में दावे किए गए हैं कि ये चीनी सैटेलाइट भारत की सैन्य गतिविधियों की निगरानी और पाकिस्तान की रणनीतिक क्षमताओं को बढ़ाने में मदद कर रही हैं.

पाकिस्तान-चीन के संबंध
पाकिस्तान और चीन के बीच संबंध बेहद मजबूत हैं. इसे ऑल-वेदर फ्रेंडशिप कहा जाता है. पाकिस्तान के पास स्वयं सैटेलाइट लॉन्च करने की सीमित क्षमता है, इसलिए वह चीन पर निर्भर है. पाकिस्तान इन सैटेलाइटों का उपयोग भारत की सीमाओं और सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कर रहा है

जब तक घर का कब्जा नहीं, तब तक ना ब्याज ना EMI, बड़े फायदे वाली थी

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घर खरीदने के बाद सबसे पहली चिंता होमलोन की ईएमआई को लेकर होने लगती है. क्योंकि, जैसे ही फ्लैट की चाबी मिलती है तो लोन की किस्तें कटना शुरू हो जाती हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीदने पर आपको होमलोन पर ब्याज/ईएमआई का भुगतान उस समय तक नहीं करना होता है जब तक कि सबवेंशन अवधि खत्म नहीं हो जाती है. अब आप सोचने लगे कि आखिर ये सबवेंशन अवधि क्या है. दरअसल, रियल एस्टेट सेक्टर में सरकार ने पिछले 10 सालों में कई सुधार किए हैं ताकि घर खरीदारों को पजेशन समय पर मिले और उनकी परेशानियां खत्म हों, इसमें सबवेंशन स्कीम (Subvention Scheme) भी शामिल है. हालांकि, होम बायर्स के लिए फायदेमंद रही सबवेंशन स्कीम अब लगभग बंद हो चुकी है. लेकिन, घर खरीदारों की शिकायत पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सबवेंशन स्कीम फिर से सुर्खियों में है.

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट सेक्टर में डेवलपर्स/बिल्डर्स और बैंकों के बीच संदिग्ध गठजोड़ की जांच सीबीआई से करने को कहा है. यह मामला सबवेंशन स्कीम से संबंधित है, जिसमें बैंकों ने उचित जांच-पड़ताल किए बिना ही इस योजना के तहत डेवलपर्स को लोन मंजूर कर दिया. जब, बिल्डरों ने अपने वादों को पूरा नहीं किया, तो ईएमआई भुगतान का बोझ घर खरीदारों पर डाल दिया गया. सुप्रीम कोर्ट का मौजूदा आदेश फैसला दिल्ली-एनसीआर और मुंबई समेत अन्य शहरों में हजारों होमबायर्स की लगातार शिकायतों के मद्देनजर आया है. आइये आपको बताते हैं आखिरी सबवेंशन स्कीम क्या होती है

एक ही बाजू में लगवाएं वैक्सीन की दोनों डोज, तभी मिलेगा पूरा फायदा

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वैक्सीन हमारे शरीर के लिए सुरक्षा कवच का काम करती हैं. वैक्सीन लगवाने से कई गंभीर बीमारियों का खतरा कम हो जाता है और अगर बीमारी हो भी जाए, तो उससे ज्यादा नुकसान नहीं होता है. कोविड महामारी में अधिकतर लोगों ने वैक्सीन की 2 से 3 डोज लगवाई थीं. अक्सर बीमारियों की वैक्सीन की कम से कम 2 डोज लगाई जाती हैं. वैक्सीन लगवाते वक्त लोग इस बात का ध्यान नहीं देते हैं कि वैक्सीन किस बाजू में लगाई जा रही है. अब एक नई स्टडी में पता चला है कि किसी भी वैक्सीन की दोनों डोज एक ही बाजू में लगवाने से ज्यादा फायदा होता है.

ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं ने एक नई रिसर्च में दावा किया है कि अगर वैक्सीन की बूस्टर डोज उसी बाजू में ली जाए जिसमें पहली डोज लगी थी, तो शरीर जल्दी और ज्यादा मजबूत इम्यूनिटी बनाता है. इससे शरीर जल्दी सुरक्षा तैयार करता है. यह खोज वैक्सीन की रणनीति को बेहतर बना सकती है और हो सकता है कि भविष्य में कम बूस्टर डोज की जरूरत पड़े. यह अध्ययन ऑस्ट्रेलिया की गार्वन इंस्टीट्यूट और यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स के किर्बी इंस्टीट्यूट ने मिलकर किया है.

पाकिस्‍तान जिसे मान रहा था मास्‍टरस्‍ट्रोक, वही दांव बना बर्बादी का कारण

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भारतीय सेना लगातार दो बार पाकिस्‍तान के चेहरे पर जोरदार थप्‍पड़ जड़ चुकी है. पहला थप्‍प्‍पड़ 2016 में सर्जिकल स्‍ट्राइक और दूसरा थप्‍पड़ 2019 में बालाकोट एयर स्‍ट्राइक के जरिए जड़ा गया था. पूरी दुनिया के सामने अपनी बेइज्‍जती कराने के बावजूद पाकिस्‍तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आया है. उसने एक बार फिर जम्‍मू और कश्‍मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर गोलियां चलवाकर अपना असली चेहरा दिखा दिया है. वहीं, बिहार की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गर्जना सुनने के बाद पाकिस्‍तान की पूरी तरह से हिल गया. उसे लगा कि भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान एक बार फिर उसके सीने में चढ़कर वार करेगी. इसी खौफ के चलते पाकिस्‍तान ने बिना सोचे समझे भारतीय एयरक्राफ्ट के लिए अपना एयर स्‍पेस बंद कर दिया. दुनिया से सामने अपना डर छिपाने के लिए पाकिस्‍तान ने इसे कुछ इस तरह प्‍ले किया, जैसे उसने भारत के खिलाफ कोई मास्‍टर स्‍ट्रोक चला हो.

पाकिस्‍तान को होती थी करोड़ों की कमाई
लेकिन, पूरी तरह से कंगाल हो चुके पाकिस्‍तान को यह नहीं पता था कि जिसे वह मास्‍टर स्‍ट्रोक समझ रहा है, वह दांव उसकी बर्बादी का कारण बन जाएगा. दरअसल, 24 अप्रैल से पहले तक पाकिस्‍तानी एयर स्‍पेस से रोजाना 100 से 150 इंडियन एयरक्राफ्ट गुजरते थे. इसके एवज में पाकिस्‍तान को हर एयरक्राफ्ट के मेक के आधार पर 600 से 800 यूएस डॉलर के बीच मिलते थे. इस तरह, इंडियन फ्लाइट्स की मदद से हर दिन पाकिस्‍तान को 87500 यूएस डॉलर की कमाई होती थी

अयोध्या की बाबरी मस्जिद की पहली ईंट पाक सेना रखेगी

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पाकिस्तान लातों का भूत है. वह बात से नहीं मानेगा. पहले तो उसने पहलगाम में आतंकी हमला करवाया. आतंकियों को मुखौटा बनाकर नरसंहार कराया, कत्लेआम मचाया. अब वह भारत में जहर घोलने की कोशिश कर रहा है. जी हां, बिलावल भुट्टो की पार्टी की एक महिला सांसद ने पाकिस्तानी संसद में भारत के खिलाफ जहर उगला है.  पाकिस्तान की विपक्षी पार्टी पीपीपी की सांसद पलवाशा मोहम्मद जई खान ने पाक संसद में कहा कि अयोध्या की बाबरी मस्जिद की पहली ईंट पाकिस्तानी सेना रखेगी.

पाकिस्तान सीनेट में बिलावल भुट्टी की पार्टी की सांसद पलवाशा जई खान ने भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए कहा, ‘वह दिन दूर नहीं जब पिंडी का एक सिपाही बाबरी मस्जिद के बुनियाद की पहली ईंट रखेगा और पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर वहां पहली अजान देंगे. हमने चुड़ियां नहीं पहनी है.’ पलवाशा यहीं नहीं रुकती हैं, वह भारत को धमकी भी देती हैं. वह कहती हैं कि पाकिस्तान संग जंग में भारतीय सिख सैनिक पाक से नहीं लड़ेगा.

चार धाम यात्रा की पहली पूजा किसके नाम से हुई? किस मुहूर्त पर पुष्‍कर सिंह धामी ने इसे खुद किया

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चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra 2025) का आज से श्रीगणेश हो गया है. गंगोत्री धाम (Gangotri Dham) के बाद यमुनोत्री धाम (Yamunotri Dham) के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं. गंगोत्री धाम को खुद मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी पहुंचे और सबसे पहली पूजा अचर्ना उन्‍होंने की. उन्‍होंने गंगोत्री माता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया. हालांकि सबसे पहली पूजा यहां उन्‍होंने अपने नाम से नहीं की. तो चार धाम यात्रा 2025 की पहली पूजा किसने नाम से हुई, चलिए जानते हैं इस रिपोर्ट में…

विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया (Akshay Tritya) के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं दर्शन के लिए खोल दिए गए. अब छह महीने तक गंगोत्री धाम में श्रद्धालु मां गंगा के दर्शन कर सकेंगे. बुधवार सुबह 10 बजकर 30 मिनट के अभिजीत मुहूर्त पर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए गंगोत्री धाम के कपाट खोले गए.

कपाटोद्धघाटन मौके पर समूचा गंगोत्री धाम मां गंगे के जयकारों से गूंज उठा. कपाटोद्धघाटन मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री धाम पहुंचकर मां गंगा के दर्शन किए और पूजा अर्चना की. यह पहली पूजा पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नाम से की गई.

नक्सलियों के खात्मे के लिए आईबी की एंट्री…. सरकार का बड़ा एक्शन

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लोकसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से पहले छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में मंगलवार सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 29 नक्सलियों को ढेर कर दिया। इनमें 50 लाख रुपये के दो इनामी टॉप नक्सली कमांडर शंकर राव और ललिता शामिल हैं। नक्सलियों के खिलाफ ऐसी सफलता न केवल पिछले दस वर्षों बल्कि छत्तीसगढ़ बनने के बाद पहली बार है। इस मामले में सुरक्षाबलों को 15 अप्रैल की रात 5 इनपुट मिले थे और इनमें से दो इनपुट एकदम सटीक थे। इस इनपुट के मुताबिक बड़ी संख्या में नक्सलियों और इनके कमांडरों के होने का पता लगा था। नक्सलियों के खिलाफ इसे सुरक्षाबलों की सबसे बड़ी कार्रवाई क्यों माना जा रहा है इसके पीछे कई वजह है। इससे पहले 2 अप्रैल को 23 नक्सली मार गिराए गए थे। नक्सलियों के साथ यह मुठभेड़ बीएसएफ और जिला रिजर्व गार्ड यानी डीआरजी की जॉइंट टीम के साथ हुई। इस घटना के साथ ही इस साल अब तक कांकेर समेत बस्तर इलाके के सात जिलों में सुरक्षा बलों के साथ नक्सलियों की हुई मुठभेड़ में 79 नक्सलियों को मार गिराया गया है।

अबूझमाड़ इलाके में अब नहीं रहेगी नक्सलियों की दहशत

नक्सलियों के खिलाफ किसी एक ऑपरेशन में सुरक्षा बलों की यह सबसे बड़ी सफलताओं में से एक है। सुरक्षा बलों के लिए ये मुठभेड़ कई मायनों में अहम है। यह सफल ऑपरेशन जंगल के बीच अबूझमाड़ के अंदर सुरक्षा बलों के प्रवेश का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ इलाके को नक्सलियों का कोर इलाका माना जाता है। पिछले तीन दशकों से यह इलाका सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बना हुआ है। जंगलों और पहाड़ों के बीच का यह इलाका नक्सलियों के लिए अभेद्य गढ़ बन गया। इस मुठभेड़ ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि पिछले कई वारदातों में शामिल नक्सलियों का सफाया हो गया है।

नक्सलियों की तरफ से चर्चा के लिए कौन आएगा बताएं? तेलंगाना के बड़े लीडर्स फंसे तो पीड़ा हो रही

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नक्सली आपरेशन को लेकर तेलंगाना में कुछ संगठनों ने शांति वार्ता की पहल की है, इस पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आखिर यह लोग होते कौन है? कौन है ये लोग, दाल में जरूर कुछ काला है। नक्सली बताएं उनकी तरफ से कौन बात करेंगे? बस्तर में कई बड़ी घटनाएं हुई तब कहां थे? कई बड़े हमले के बाद वार्ता के लिए क्यों नहीं आए? कई ग्रामीण और कई नेता मारे तब क्यों नहीं आए? जाहिर है कि गृह मंत्री विजय शर्मा ने नक्सलियों से सीधा सवाल किया है कि नक्सलियों की तरफ से चर्चा के लिए कौन आएगा पहले यह बताएं आपको बता दें कि कर्रेगुटा पहाड़ी पर 8 दिनों से नक्सल करवाई जारी है। इस पर गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि आज तेलंगाना वाले फंस रहे हैं तो पीड़ा हो रही है, छत्तीसगढ़ के आदिवासी मारे गए तो पीड़ा नहीं हुई। छत्तीसगढ़ में नक्सल मुठभेड़ में 400 से ज्यादा नक्सली मारे गए हैं।

बदरीनाथ मंदिर परिसर में रील बनाना पड़ेगा महंगा… लगेगा तगड़ा जुर्माना

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इस बार चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ धाम में कुछ नए नियम लागू किए गए हैं. प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भीड़ और धार्मिक मर्यादाओं के उल्लंघन को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है. अब बदरीनाथ मंदिर परिसर में फोटो खींचना और वीडियो बनाना पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है. अगर कोई श्रद्धालु इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसे 5000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा. जिलाधिकारी संदीप तिवारी की अध्यक्षता में चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में यह सख्त निर्णय लिया गया. बैठक में यात्रा के दौरान भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, स्वच्छता और यात्रियों के स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं पर विशेष चर्चा की गई.

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अनुसार, मंदिर परिसर के भीतर फोटो और वीडियो बनाने से न केवल धार्मिक वातावरण प्रभावित होता है, बल्कि इससे अनावश्यक भीड़ भी जमा हो जाती है, जिससे सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था बाधित होती है. इसलिए अब मंदिर परिसर में वीडियो कॉल, फोटोग्राफी या रिकॉर्डिंग पर सख्ती से रोक रहेगी और उल्लंघन करने वालों पर सीधे जुर्माना लगेगा.

जूते-स्लिपर्स, प्रसाद दुकानें पर भी नया प्लान
धाम में जूतों की अव्यवस्था से निपटने के लिए साकेत तिराहे पर जूता स्टैंड बनाया जाएगा. साथ ही होटल मालिकों को श्रद्धालुओं को कपड़े के चप्पल-जूते या मोटी जुराबें देने की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि मंदिर परिसर में साफ-सफाई बनी रहे. प्रसाद की दुकानों की संख्या भी अब सीमित की जा रही है. प्रशासन का आदेश है कि सिर्फ पुराने, 25-30 सालों से व्यवसाय कर रहे दुकानदारों को ही दुकान लगाने की अनुमति दी जाएगी और एक परिवार से एक ही दुकान सुनिश्चित की जाएगी