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केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में होगी बढ़ोतरी

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केंद्र सरकार ने लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में बदलाव के लिए 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है. इसका फायदा ना सिर्फ 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को होगा, बल्कि करीब 65 लाख पेंशनर्स को भी होगा. 8वें वेतन आयोग की घोषणा के बाद, केंद्र सरकार के कर्मचारी अब अपनी सैलरी में होने वाले बदलावों के बारे में जानना चाहते हैं जो नए वेतन आयोग के तहत समिति के गठन के बाद लागू किए जाएंगे. केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग के गठन के संबंध में जनवरी में अपडेट मिला था. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8वें आयोग की स्थापना को मंजूरी दे दी है. यह घोषणा केंद्रीय बजट 2025-26 से पहले की गई थी, लेकिन इसे लागू करने के बारे में खुलासा नहीं किया गया. हालांकि, 8वें वेतन आयोग 2026 में लागू होने की उम्मीद है. 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 2026 में समाप्त हो रहा है. ऐसे में सरकार के पास सिफारिशों और उनकी समीक्षा करने के लिए पर्याप्त समय होगा.

वेतन आयोग कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने की सिफारिश फिटमेंट फैक्टर के आधार पर करता है. अगर फिटमेंट फैक्टर कम होगा तो कम सैलरी बढ़ेगी और अगर ज्यादा होगा तो ज्यादा सैलरी बढ़ेगी. इसे हर वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर तय किया जाता है और इसे तय करने के लिए महंगाई, कर्मचारियों की जरूरतों और सरकार की वित्तीय क्षमता जैसे कई फैक्टर्स पर गौर किया जाता है 8वें वेतन आयोग से सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है. एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि फिटमेंट फैक्टर 2.28 और 2.86 के बीच हो सकता है, जिससे बेसिक सैलरी में 40-50% की बढ़ोतरी हो सकती है. एक्सपर्ट्स की मानें तो फिटमेंट फैक्टर 2.6 और 2.85 के बीच होगा, जिसका सीधा असर केंद्र सरकार के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और पेंशन पर पड़ेगा.

भारत में लॉन्च हुआ Vivo T4x 5G , 6500mAh बैटरी, कम कीमत में तगड़ी परफॉर्मेंस, जानिए पूरी डिटेल्स

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Vivo T4x 5G का इंतजार खत्म हो गया है. वीवो ने अपने इस लेटेस्ट फोन को भारत में लॉन्च कर दिया है. इस फोन में कंपनी ने इस सेगमेंट की सबसे बड़ी बैटरी दी है, जो 6500mAh कैपिसिटी के साथ आता है. इसके अलावा फोन में प्रोसेसर के लिए MediaTek Dimensity 7300 चिपसेट का इस्तेमाल किया गया है. इस फोन की कीमत 12,999 रुपये से शुरू होती है. आइए हम आपको इस फोन के बारे में बाते हैं

इस फोन में 6.72 इंच की स्क्रीन दी गई है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 1050 nits की हाई ब्राइटनेस मोड के साथ आता है. इसकी स्क्रीन में TÜV Rheinland Eye Protection दिया गया है. वीवो ने अपने इस फोन में प्रोसेसर के लिए MediaTek Dimensity 7300 चिपसेट दिया गया है. यह 4nm का चिपसेट है, जिसका AnTuTu score 7,28,000 से भी ज्यादा है. इसमें 8GB तक एक्सटेंड रैम सपोर्ट भी दिया गया है.

स्पेसिफिकेशन्स और कीमत

इस फोन में ग्राफिक्स के लिए Mali-G615 MC2 GPU यूज़ किया गया है और यह Android 15 पर बेस्ड FuntouchOS 15 पर रन करता है. इस फोन के पिछले हिस्से पर f/1.8 अपर्चर के साथ 50MP बैक कैमरा और 2MP का डेप्थ सेंसर भी दिया गया है, जिसका अपर्चर f/2.4 है. इसमें एलईडी फ्लैश और 4K वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट भी दिया गया है. सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है.

इस फोन में 6500mAh की एक बड़ी बैटरी गई है, जो 44W के फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आती है. इस फोन को कंपनी ने साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर, IP64 रेटिंग, USB Type-C पोर्ट और स्टीरियो स्पीकर्स समेत कनेक्टिविटी के कई खास फीचर्स दिए गए हैं

रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद हुआ पटवारी, खुलासा होते ही मचा हड़कंप

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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रिश्वत लेते हुए एक पटवारी कैमरे में कैद हुआ है. बताया जा रहा है वह काम की एवज में एक आवेदक से मोटी रकम ले रहा था. इसका वीडियो भी वायरल हुआ है. वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया है . पूरा मामला जिले के रतनपुर तहसील के ग्राम पचरा का है.

इस काम के लिए मांगी थी मोटी रकम

दरअसल रतनपुर तहसील के पटवारी अनिकेत साव पर आरोप है कि पट्टे की भूमि को ऑनलाइन दर्ज करने और ऋण पुस्तिका जारी करने के एवज में रिश्वत ले रहा था. बताया जा रहा है कि पचरा निवासी केवल दास मानिकपुरी के पिता स्व. दुलमदास को 1984-85 में सरकारी पट्टा मिला था. पट्टे की भूमि को ऑनलाइन दर्ज करने और ऋण पुस्तिका जारी की ग्रामीण ने मांग की थी

जानकारी के मुताबिक पटवारी ने शेष रकम की मांग ग्रामीण से की थी. ग्रामीण उसे 30000 रुपए की रिश्वत दे रहा था. इसका वीडियो किसी ने बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. पटवारी की हरकतों से परेशान ग्रामीण भी इन सबूतों को लेकर एसडीएम के पास शिकायत करने के लिए पहुंच गया. कोटा के एसडीएम से इसकी शिकायत भी हुई है. बताया जा रहा है कि वीडियो वायरल होने और शिकायत के बाद एसडीएम ने जांच के आदेश दिए हैं

लौकी की जड़ में डालें 5 रुपये की यह एक चीज, सब्जी से लद जाएगी पूरी बेल

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यदि आपके घर के किचन गार्डन में लौकी की बेल लगी है और आप उसमें ढेरों लौकी देखना चाहती हैं तो आज हम आपको एक ऐसी ट्रिक्स बताने जा रहे हैं। जिससे आपके प्लांट में ढेरों लौकी आने लगेंगी

गर्मियों का मौसम लगभग शुरु हो चुका है। ऐसे में लौकी, तोरई, भिंडी जैसी सब्जियों के आने का समय भी आ गया है। यदि आप भी गार्डनिंग का शौक रखती हैं तो जाहिर सी बात है आपने घर में किचन गार्डन भी बना रखा होगा। यदि ऐसा है तो अब आपने उसमें गर्मी में आने वाले फल और सब्जियां भी उगाना शुरु कर दिया होगा। ऐसे में मार्च का महीना शुरु हो गया है और गर्मी का प्रकोप भी आप धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा। इस मौसम में पेड़-पौधों की ज्यादा देखभाल करने की जरूरत होती है। अन्यथा वो खराब होकर सूखने लगते है और उसपर फल भी नहीं लगते हैं।

यदि आप गर्मी शुरु होने से पहले अपने प्लांट्स को हरा-भरा देखना चाहते हैं तो आपको इनकी थोड़ी ज्यादा देखभाल करनी होगी। साथ ही, गार्डनिंग करते वक्त कुछ टिप्स एंड ट्रिक्स को भी ध्यान में रखना होगा। तब जाकर हम अपने पौधों को मौसम के प्रभाव से बचा पाएंगे। गर्मियां शुरू होते ही अक्सर पौधों और बेल में आने वाले फूल झड़ने लगते हैं। जिसके चलते उस प्लांट में भी सब्जी कम आती हैं। यदि आपको भी इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है तो आज हम आपको इस आर्टिकल में लौकी की बेल के लिए एक ऐसी ट्रिक बताने जा रहे हैं। जिसकी मदद से आपकी लौकी की बेल में ढेरों फूल और लौकी आने लगेंगी।

यदि आपने भी घर में लौकी के बेल लगाई है और उसमें कम फूल आ रहे हैं या फिर जो फूल आ रहे हैं वो झड़ रहे हैं तो ऐसे में आज हम आपको एक सब्जी का पेस्ट बताने जा रहे हैं। यह आपके लौकी की बेल को हरा-भरा बनाने के साथ फूलों से भर देगा। ऐसे में आप इस आसान और असरदार ट्रिक से मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के पौधे को जरूरी पोषक तत्व भी दे पाएंगे। इस तरीके से आप अपने किचन गार्डन में ढेरों लौकी उगा सकती हैं। बस इसके लिए आपको अपनी लौकी की बेल की जड़ में लहसुन का पेस्ट डालना होगा।

5-5 में अटक गई थी BJP-कांग्रेस की सांसें, रोचक मुकाबले के बीच इन जिलों में भी खिला कमल

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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में दंतेवाड़ा जिले से भी भाजपा की जीत हुई है. यहां रोचक मुकाबले ने BJP और कांग्रेस की सांसें अटका दी थी

छत्तीसगढ़ में जिला पंचायत अध्यक्ष पदों के लिए हो रहे मुकाबले के बीच दंतेवाड़ा में भी बीजेपी का परचम लहरा गया है. यहां रोचक मुकाबले के बीच बीजेपी के प्रत्याशी नंदलाल मुड़ामी की जीत हो गई है. इसके अलावा बस्तर, सूरजपुर जिले में भी कमल खिला है.

ऐसे रोचक हुआ मुकाबला

दरअसल आज जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए हो रहे चुनावों के नतीजे आ रहे हैं. दंतेवाड़ा जिले में बेहद रोचक मुकाबला देखने को मिला. यहां भाजपा से नंदलाल मुड़ामी और कांग्रेस की तुलिका कर्मा के बीच रोचक और कड़ा मुकाबला देखने को मिला.  यहां 5 सीटों पर BJP, 3 पर कांग्रेस और 2 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों का कब्जा है. यहां बीजेपी के प्रत्याशी को 5 वोट मिले और कांग्रेस की प्रत्याशी को भी 5 वोट मिले. दोनों प्रत्याशियों को बराबर-बराबर वोट मिलने से मुकाबला रोचक हो गया.

5-5 वोट से मुकाबला ड्रा हो गया था.पर्ची सिस्टम करवाना पड़ गया. जिसमें भाजपा के प्रत्याशी नंदलाल मुड़ामी का भाग्य खुला और मुड़ामी की जीत हो गई. इस मुकाबले में कुछ देर तक दोनों ही पार्टियों के प्रत्याशियों का सांसें अटकी थी. इसके बाद भाजपा में जश्न देखा जा रहा है.
इधर बस्तर जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए  भाजपा समर्थित वेदवती कश्यप निर्विरोध बस्तर जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गई है. वेदवती कश्यप पूर्व सांसद दिनेश कश्यप की पत्नी हैं और पिछली बार भी जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं. कुल 15 सीटों के जिला पंचायत चुनाव में 10 भाजपा समर्थित , 3 निर्दलीय व 2 पर कांग्रेस समर्थित सदस्य जीत कर आए हैं. ऐसे में परिणाम आने के साथ ही वेदवती कश्यप अध्यक्ष पद की मजबूत दावेदार बनी हुई थी और आज इस बात की घोषणा भी हो गई. इधर सूरजपुर जिले में भाजपा समर्थित चंद्रमणि पैकरा निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं. ये सीट एसटी महिला के लिए आरक्षित है. इस सीट पर कांग्रेस के खेमे से कोई आदिवासी महिला सदस्य नहीं थी. ऐसे में इसकी लाभ चंद्रमणि पैकरा को मिल गया

जिला पंचायतों में अध्यक्ष का चुनाव, मतदान से ठीक पहले गायब हुई यहां की प्रत्याशी, सियासी गलियारों में हड़कंप

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छत्तीसगढ़ में आज 5 फरवरी को जिला पंचायत अध्यक्षों का चुनाव हो रहा है। प्रदेश के कई जिलों में ये चुनाव एक साथ हो रहे हैं। इसके नतीजे भी अब आने शुरू हो गए हैं। बस्तर संभाग के पांच जिलों में BJP का दबदबा दिख रहा है जिलों में भाजपा का जलवा देखने को मिल रहा है। बस्तर जिला पंचायत में वेदवती कश्यप, नारायणपुर में नारायण मरकाम, बीजापुर में जानकी कोरसा निर्विरोध निर्वाचित हो गई है। इसी बीच अब दुर्ग जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां कांग्रेस के अध्यक्ष प्रत्याशी उषा सोनवानी गायब हो गई हैं। कांग्रेस नेता अगवा करने का आरोप लगा रहे हैं।

बता दें कि प्रदेश में पिछले दो महीनों से चुनावी रंग छाया हुआ है। आज जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव के साथ प्रदेश में चुनावी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। नगरीय निकायों के बाद अब पंचायत चुनाव का भी आज आखिरी दिन है। आज 5 फरवरी को प्रदेश के कई जिलों में जिला पंचायत और उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव होंगे।

तैयारियों में जुटे थे दावेदार

इधर जिला पंचायत सदस्य पदों का रिजल्ट आने के बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनने का सपना देखने वाले प्रत्याशी जोड़-तोड़ में जुट गए। ज्यादा सीटों पर कब्जा करने के लिए खुद राजनीतिक दलों ने तैयारी कर ली थी। BJP ने सभी जिलों के लिए अपने पर्यवेक्षक भी नियुक्त कर लिए थे। आज इन सभी के परीक्षा की भी घड़ी है। हालांकि BJP ने ये दावा भी किया है कि प्रदेश की ज्यादातर जिला पंचायत में अध्यक्ष की सीट पर BJP का कब्जा होगा।

 

लाखों का घोटाला : निजी कंपनी के फर्जी बिल बनाए, सारे कागजात गुम, ऑनलाइन रिकॉर्ड निकालते हांफे जांच अधिकारी

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उच्च शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय में हुए लाखों के घोटाले की जांच दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रही।

उच्च शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय में हुए लाखों के घोटाले की जांच दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रही। क्षेत्रीय कार्यालय के अपर संचालक के चंपकलाल देवांगन के डिजिटल हस्ताक्षर इस्तेमाल कर यहां के सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी आकाश श्रीवास्तव द्वारा लाखों की हेरफेर की गई है। प्रथम दिन सोमवार को जांच में रूसा के कर्मचारी को क्षेत्रीय कार्यालय में पदस्थ बताकर उसके नाम पर लाखों रूपए का वेतन  निकाले जाने की बात सामने आई थी। प्रथम दिवस जांच पूरी नहीं हो पाने के कारण दूसरे दिन भी जांच जारी रही। मंगलवार को कई गंभीर अनियमितताएं जांच में सामने आई हैं।

भुगतान के कोई दस्तावेज क्षेत्रीय कार्यालय में नहीं मिले। इसके कारण जांच अधिकारियों को उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी की राशि का ऑनलाइन ब्योरा निकालना पड़ा। इसके आधार पर ही जांच आगे बढ़ाई गई। दो सत्र 2023-24 और 2024-25 में गड़बड़ी की बात कही जा रही है। ऐसे में दो सत्रों का ब्योरा निकालने में जांच अधिकारी भी हांफ गए और सुबह से रात हो गई। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा भेजी गई दो सदस्यी जांच टीम में सहायक संचालक वित्त डीएस देवांगन और एकाउंटेंट आकाश दुबे शामिल रहे।

विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कर्मचारी द्वारा एक निजी कंपनी का फर्जी बिल भी तैयार किया गया। इन कंपनी ने वास्तविक बिल 7 हजार रुपए का लगाया था। कंपनी का नाम, लोगो, जीएसटी नंबर आदि का इस्तेमाल करके एक फर्जी बिल बनाया और इसमें 2 लाख रुपए की राशि दर्ज कर उच्च शिक्षा विभाग को भुगतान के लिए प्रेषित किया। इसके अलावा पेट्रोल के बिल, बिजली बिल आदि में भी लाखों रूपए की हेरफेर अब तक कर्मचारी द्वारा की जाती रही। कर्मचारी अब भी अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित है। शुरुआती जांच में चीजें स्पष्ट होने के बाद भी उच्च शिक्षा विभाग द्वारा अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है और ना ही थाने में सूचना दी गई है।

क्यों नहीं हो रहा BJP अध्यक्ष का चुनाव? योगी बनाम अन्य गुट की लड़ाई, 6 राज्यों में अंदरूनी कलह

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भाजपा के लिए कई राज्यों में संगठन चुनाव कराना मुश्किल हो रहा है, जिसमें सबसे प्रमुख उत्तर प्रदेश है। यहां योगी बनाम अन्य गुट की लड़ाई के कारण जिला से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक के चुनाव नहीं हो पाए हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पदाधिकारियों की नियुक्ति में देरी हो रही है, और अब यह संभावना जताई जा रही है कि नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव मार्च के अंत तक हो सकता है। यह नियुक्ति जनवरी के अंत में ही हो जानी चाहिए थी, लेकिन दिल्ली चुनाव की घोषणा के कारण अध्यक्ष पद के चुनाव में देरी हुई। इस देरी के पीछे अब एक और अप्रत्याशित वजह सामने आई है।

बीजेपी के अंदर करीब आधे दर्जन राज्यों में गुटबाजी चरम पर होने के कारण भी अध्यक्ष के चुनाव में विलंब हुआ है। इन राज्यों में झारखंड, मध्यप्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में भी योगी बनाम अन्य गुट की लड़ाई के कारण संगठन चुनाव नहीं हो पाए हैं। भा.ज.पा के संविधान के मुताबिक, नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए देश के सभी प्रदेशों में से 50 प्रतिशत राज्यों में संगठन चुनाव होना जरूरी है, लेकिन इस समय तक भाजपा अपने 36 प्रदेशों में से केवल 12 में ही संगठन चुनाव कर पाई है। जबकि नए अध्यक्ष चुनाव के लिए 18 प्रदेशों में संगठन चुनाव होना आवश्यक है।

सूत्रों के मुताबिक, भाजपा के लिए कई राज्यों में संगठन चुनाव कराना मुश्किल हो रहा है, जिसमें सबसे प्रमुख उत्तर प्रदेश है। यहां योगी बनाम अन्य गुट की लड़ाई के कारण जिला से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक के चुनाव नहीं हो पाए हैं। गुटबाजी किस स्तर पर है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भाजपा अपना विपक्ष का नेता नहीं चुन पाई है।

इन राज्यों की तरह ही हरियाणा और पश्चिम बंगाल में भी भाजपा के अंदर गुटबाजी सामने आई है, जिसकी वजह से इन राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष से लेकर कई अन्य संगठन पदाधिकारियों की नियुक्ति अटकी हुई है। भाजपा का दक्षिण भारत में अपनी पैठ बनाने पर जोर है, लेकिन कर्नाटक में भी उसके नेताओं के बीच खींचतान बनी हुई है। यहां के कई नेता येदियुरप्पा के बेटे बी.वाई. विजयेंद्र को हटाने की मांग कर रहे हैं, और उनका कहना है कि उनकी जगह पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्बई या किसी अन्य नेता को यह पद दिया जाए।

बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इन राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव गुटबाजी की वजह से लंबित है। ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व के सख्त दखल के बिना यहां स्थिति में सुधार संभव नहीं है, और केंद्रीय नेतृत्व को त्वरित दखल देना चाहिए। इस समय तक भाजपा के संगठन चुनाव राजस्थान, सिक्किम, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गोवा, लक्षद्वीप और मेघालय में ही संपन्न हुए हैं।

झारखंड में भी प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर भाजपा के अंदर खींचतान जारी है, और गुटबाजी के कारण भाजपा अपना नेता प्रतिपक्ष तक नहीं चुन पाई है। इस पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने हमला करते हुए कहा कि भाजपा अपना नेता प्रतिपक्ष चुने या फिर उसके सभी विधायक इस्तीफा दे दें, क्योंकि यहां पर सरकार बनने के इतने दिन हो गए हैं।

सड़क किनारे धड़ल्ले से बिकता था बिरयानी, टूट पड़ते थे लोग, चावल की असलियत जान उड़े होश

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सोशल मीडिया पर दुकानों में बिकने वाली बिरयानी की असलियत शेयर की. सड़क के किनारे बने छोटे होटलों में सस्ते दाम पर मिलने वाली बिरयानी की असलियत आपको भी हैरान कर देगी

भारत के लोग खाने-पीने के काफी शौक़ीन होते हैं. यहां आप कहीं भी चले जाइये, आपको सड़क किनारे खाने-पीने से जुड़े आइटम्स के ठेले नजर आ ही जाएंगे. चूंकि भारत में अधिकांश लोग मिडिल क्लास से ताल्लुक रखते हैं, ऐसे में ज्यादातर लोग महंगे होटल में जाकर खाने की जगह इन्हीं छोटी दुकानों में खाकर अपना पेट भरते हैं. इन होटलों में बेहद सस्ते दाम में लोगों का पेट भर जाता है.

जिस खाने को लोग अच्छे होटल में पांच सौ रुपए प्लेट खाते हैं, उसे ही इन छोटी दुकानों में आप बेहद कम दाम में खरीद सकते हैं. उदाहरण के तौर पर बिरयानी ही ले लीजिये. अच्छे होटल में आपको बिरयानी तीन से पांच सौ रुपए प्लेट मिलेगा. लेकिन यही बिरयानी सड़कों के किनारे आपको पचास से सौ रुपए में मिल जाएगा. कीमत के इस अंतर का खुलासा करता एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

चावल की ये रही असलियत
बिरयानी बनाने के लिए बासमती के लंबे दानों वाले चावल का इस्तेमाल किया जाता है. इसकी बाजार में अच्छी खासी कीमत है. ऐसे में जब इन चावलों से बिरयानी बनाई जाती है तो उसकी कीमत ज्यादा होती है. वहीं सड़क किनारे मिलने वाली बिरयानी में भी लंबे दानों वाले चावल ही होते हैं. इसके बावजूद इसे बेहद सस्ते दाम में बेचा जाता है. इसकी वजह है नकली चावल. जी हां, इस बिरयानी में जो चावल इस्तेमाल होते हैं, वो प्लास्टिक से बनाए जाते हैं

वो दोस्त देश जहां भारत का1रुपया 500 के बराबर, डॉलर रखने पर सीधे जेल, घूमने के लिहाज से बहुत सुंदर

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ये भारत का दोस्त देश है. घूमने के लिहाज से बहुत सुंदर भी और प्राचीन स्मारकों से भरपूर भी. कहा जाता है दुनिया में सभ्यता की शुरुआत जिन जगहों पर हुई, उसमें ये देश भी शामिल है. भारत का एक रुपया यहां 500 रुपए के बराबर है लेकिन डॉलर से इस देश की ऐसी दुश्मनी है कि अगर ये पता लग जाए कि आप वहां डॉलर लेकर गए हैं तो जेल भी हो जाएगी

भारत का एक दोस्त देश है, जिसकी अमेरिका से लगी रहती है. ये देश बहुत सुंदर है और बहुत प्राचीन भी. दुनिया में हजारों साल पहले जहां सभ्यताएं फली-फूलीं, उसमें एक देश ये भी है. फारस से इसका खास रिश्ता है. इस देश में भारतीय रुपए की कीमत खासी ज्यादा है.

ये देश ऐसा है जहां भारत का 1000 रुपया एक दिन के घूमने, रहने और खाने के साथ हल्की फुल्की खरीदारी के लिए काफी हो सकता है.

ये बहुत खूबसूरत और प्राचीन देश है, जिसका ऐतिहासिक महत्व भी खूब है. भारत के इस देश से बहुत पुराने रिश्ते रहे हैं. ये देश दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में है लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण उसकी हालत खस्ता चल रही है. इस देश में भारत का 01 रुपया कम से कम 481 रुपए के बराबर है

अब हम आपको बताते हैं कि ये देश कौन सा है. ये देश ईरान है, जहां कि आधिकारिक मुद्रा रियाल ए ईरान है, जिसे अंग्रेजी में ईरानियन रियाल कहा जाता है. एक जमाने में रियाल की कीमत अच्छी खासी थी लेकिन पिछले कुछ सालों में ये औंधे मुंह गिरा है