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भारत का न्यूजीलैंड से अगला मुकाबला, जानें कब और कहां खेला जाएगा चैंपियंस ट्रॉफी का ये मैच

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भारत का चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में अभी तक शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है. टीम इंडिया ने शुरुआती दो ग्रुप मैच जीत लिए हैं. अब वह तीसरा और आखिरी ग्रुप मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगी. भारत और न्यूजीलैंड के बीच रविवार को मैच खेला जाएगा. टीम इंडिया के लिए शुभमन गिल और विराट कोहली ने अभी तक शानदार प्रदर्शन किया है. ये दोनों खिलाड़ी न्यूजीलैंड के खिलाफ भी कमाल दिखा सकते हैं.

भारत और न्यूजीलैंड की टीमें रविवार दोपहर 2.30 बजे से मैच खेलेंगी. यह मैच दुबई के दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. भारत ने टूर्नामेंट में अपना पहला मैच बांग्लादेश के खिलाफ खेला था. टीम इंडिया ने उसे 6 विकेट से रौंदा था. भारत का दूसरा मैच पाकिस्तान से हुआ. उसने यह मैच भी 6 विकेट से जीत लिया. अब आखिरी ग्रुप मैच खेला जाएगा!

चैंपियंस ट्रॉफी में इस बार भारत के लिए किसने बनाए सबसे ज्यादा रन –

भारत के लिए शुभमन गिल ने बांग्लादेश के खिलाफ शतक जड़ा था. जबकि विराट कोहली ने पाकिस्तान के खिलाफ सेंचुरी लगाई थी. गिल फिलहाल टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले पर टॉप पर हैं. उन्होंने 2 मैचों में 147 रन बनाए हैं. जबकि कोहली दूसरे पायदान पर हैं. उन्होंने 2 मैचों में 122 रन बनाए हैं.

बॉलिंग में शमी-राणा ने दिखाया कमाल –

भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में मोहम्मद शमी टॉप पर हैं. शमी ने 2 मैचों में 5 विकेट झटके हैं. जबकि हर्षित राणा ने 2 मैचों में 4 विकेट चटकाए हैं. कुलदीप यादव ने भी अच्छा परफॉर्म किया है. उन्होंने 2 मैचों में 3 विकेट लिए हैं.

बता दें कि टूर्नामेंट का पहला सेमीफाइनल मैच 4 मार्च को दुबई में खेला जाएगा. वहीं दूसरा सेमीफाइनल मैच 5 मार्च को लाहौर में खेला जाएगा. इसके बाद 9 मार्च को फाइनल मैच खेला जाएगा!

बीमार हुआ जिला अस्पताल : ऑक्सीजन प्लांट 6 माह से बंद, बाहर से खरीदकर मरीजों को कराया जा रहा उपलब्ध

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छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के बसंतपुर स्थित जिला अस्पताल में कोरोना काल से पहले यहां ऑक्सीजन की खासी किल्लत रहती थी। इसे देखते हुए यहां करोड़ों की लागत से ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया।

इस प्लांट का मरीजों को लाभ मिल रहा था, लेकिन छह माह से ऑक्सीजन प्लांट बंद पड़ा है। इस कारण अस्पताल प्रशासन निजी प्लांट से ऑक्सीजन खरीदकर मरीजों को उपलब्ध करवा रहा है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन पर दोहरी आर्थिक मार पड़ रही है। प्रति माह लगभग 40 हजार रुपये की ऑक्सीजन सिलेंडर निजी प्लांट से मंगाया जा रहा है।

4 जिलों की स्वास्थ्य सुविधाएं दो अस्पताल के भरोसे

राजनांदगांव का बसन्तपुर स्थित जिला अस्पताल और पेंड्री स्थित मेडिकल कॉलेज प्रदेश के चार जिलों के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवा रहा है। गौरतलब है कि राजनांदगांव जिला अस्पताल में रोजाना 200 से अधिक मरीजों की ओपीडी रहती है। रोजाना राजनांदगांव के अलावा कवर्धा, मानपुर- मोहला- अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़- छुईखदान- गंडई जिले से मरीज बेहतर उपचार के लिए यहां पहुंचते हैं। प्लांट खराब होने की सूरत में अब अस्पताल प्रशासन निजी प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति ले रहा है। निजी प्लांट से अस्पताल के लिए हर माह करीब 35 से 40 हजार रुपये की ऑक्सीजन खरीदी जा रही है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन पर देनदारी बढ़ रही है।

जिला अस्पताल के ऊपर ढाई लाख का अतिरिक्त भार

आंकड़ों की बात करें तो एक माह में अस्पताल में 40 हजार रुपये की ऑक्सीजन पहुंचती है, तो छह माह में यह आंकड़ा करीब ढाई लाख रुपये पहुंच चुका है। ऐसे में यदि समय रहते प्लांट दुरुस्त कर दिया जाता है, तो अस्पताल प्रशासन को आर्थिक चपत नहीं लगती। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी जिला अस्पताल पर भारी पड़ रही है। ऑक्सीजन प्लांट को लेकर स्वास्थ्य विभाग से मामला उठाने के बाद भी समाधान नहीं हो रहा है। सर्दियों में ऑक्सीजन से संबंधित मरीजों की संख्या अधिक रहती है।

एक ऑक्सीजन प्लांट कौ मेजर कंप्रेशर है खराब

सिविल सर्जन यू एस चंद्रवंशी ने बताया कि, हमारे यहां दो ऑक्सीजन प्लांट है, जिसमें से एक ऑक्सीजन प्लांट का मेजर कंप्रेशर खराब हो गया है। इस कारण इससे ऑक्सीजन नहीं बन पा रही। दूसरे को हम कभी-कभी चालू करते हैं रिहल्सल के तौर पर। हमारे यहां ऑक्सीजन की आपूर्ति सिलेंडर से की जाती है, जिससे ऑक्सीजन की कभी कमी नहीं होती है।

गुड़हल के पौधे में डालें इस 1 फल का छिलका, फूलों की बौछार देख चौंक जाएंगे पड़ोसी

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रंग-बिरंगे फूल ना सिर्फ़ दिखने में सुंदर लगते हैं, बल्कि ये वातावरण को शुद्ध बनाने में भी मदद करते हैं। अक्सर कई लोगों को गार्डनिंग करने का शौक़ होता है, अपने इसी शौक़ को बरकरार रखने के लिए, लोग अपने घरों में तरह-तरह के रंग-बिरंगे फूलों वाले पौधे लगाना पसंद करते हैं।

आपने भी अक्सर कई लोगों के घरों को देखा होगा, जिन लोगों के घर में तरह तरह के रंग बिरंगे फूलों वाले पौधे लगे होते हैं उनका घर कितना सुन्दर लगता है, रंग बिरंगे फूलों वाले पौधे घर की शोभा बढ़ाने में मदद करते हैं।

जब हम इस तरह के पौधों को अपने आस-पास देखते हैं तो हमारा मन शांति प्राप्त करता है, मन ख़ुश रहता है, हम अपने आस-पास सब कुछ सकारात्मक और ख़ुशनुमा महसूस कर पाते हैं। लेकिन पौधे लगाना जितना आसान होता है, उतना ही मुश्किल होता है पौधों की अच्छे से देखभाल करना। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि किसी भी पौधे को बढ़ने के लिए पानी, खाद और धूप की आवश्यकता होती है। लेकिन क्या ये चीज़ें ही एक पौधे के लिए काफ़ी है? इन चीज़ों के बावजूद भी क्यों कई बार पौधे मुरझा जाते हैं? इस तरह के कई सवाल आपके मन में आते होंगे।

गुड़हल के पौधे (Plant Care)

दरअसल, सबसे पहले यह बात समझने की कोशिश करें, कि हर पौधे को अलग अलग देखभाल की आवश्यकता होती है, कुछ पौधों को ज़्यादा पानी की आवश्यकता होती है, तो वहीं कुछ पौधों को ज़्यादा धूप की आवश्यकता होती है। सभी पौधों की एक जैसी देखभाल करना सही नहीं माना जाता है। कई बार हमें मौसम के अनुसार भी पौधों की देखभाल करना होता है, जिस तरह मौसम बदलता है वैसे वैसे पौधों की ज़रूरतें भी बदलती है।

गुड़हल के पौधे की देखभाल (Hibiscus Plant Care Tips)

आज़ हम ख़ासतौर पर इस आर्टिकल में गुड़हल के फूलों और पौधों के बारे में जानेंगे। गुड़हल के पौधों के लिए फ़रवरी और मार्च का महीना बहुत अच्छा माना जाता है। अगर आपके घर में पहले से ही गुडहल का पौधा लगा हुआ है, लेकिन उसमें फूल नहीं खिलते हैं, तो चिंता करने की कोई बात नहीं है।

आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स और ट्रिक्स बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप अपने गुड़हल के पौधों को स्वस्थ रख पाएंगे, साथ ही साथ ढेर सारे फूलों का आनंद ले पाएंगे। सबसे पहले यह बात समझें, कि पौधों की देखभाल के लिए बाज़ार में मिलने वाले महँगी महँगी खाद या प्रॉडक्ट ख़रीदने की आवश्यकता नहीं है। घर की कुछ चीज़ों का इस्तेमाल करके भी आप पौधों को स्वस्थ रख सकते हैं।

नींबू का छिलका (Lemon Peel for Plant)

पौधों की वृद्धि के लिए नींबू का छिलका बहुत ही अच्छा उपाय माना जाता है, नींबू का छिलका न सिर्फ़ गुडहल के पौधों के लिए बल्कि तमाम प्रकार के फूलों वाले पौधों के लिए फ़ायदेमंद हो सकता है। चलिए एक एक कर समझते हैं कि आख़िर नींबू के छिलके का इस्तेमाल पौधों के लिए किस तरह करना है।

27KM माइलेज, 6 एयरबैग सेफ्टी और सनरूफ; कम बजट में आती हैं ये दमदार CNG SUV, शुरूआती कीमत 8 लाख से कम

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डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमत के बीच CNG फिलहाल किफायती फ्यूल ऑप्शन है। अगर आप भी अपने लिए कम बजट में सीएनजी SUV की तलाश में हैं, तो बिलकुल सही जगह हैं। इस आर्टिकल में हम देश की तीन सबसे किफायती CNG से लैस SUV की डिटेल्स लेकर आए हैं।

हमने इस लिस्ट में 2025 Tata Punch, Maruti Fronx और Hyundai Exter को शामिल किया है। ये तीनों कॉम्पैक्ट सेगमेंट की पॉपुलर कारें हैं। इन कारों में सेफ्टी का भी पूरा ख्याल रखा गया है।

1. 2025 Tata Punch CNG: टाटा पंच घरेलू बाजार की Top Selling SUV की लिस्ट में शामिल है। इसके CNG मॉडल की शुरूआती कीमत 7.30 लाख रुपये एक्स शोरूम है। पंच सीएनजी में डुअल-सिलेंडर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिससे रेगुलर सीएनजी सिलेंडर की तुलना में बूट में अधिक जगह मिलती है।

इसमें 1.2-लीटर, 3-सिलेंडर पेट्रोल इंजन मिलता है, जो CNG मोड में 73.5hp की पावर और 103Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। Tata Punch CNG का क्लेम्ड माइलेज 27 Km/kg है। इसमें 6 एयरबैग एबीएस, ईबीडी, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (टीपीएमएस), रिवर्स कैमरा, और आईएसओफिक्स चाइल्ड सीट एंकर जैसे सेफ्टी फीचर्स मिलते हैं।

2. Maruti Fronx CNG: मारुति फ्रोंक्स अपनी अट्रैक्टिव लुक के लिए जानी जाती है। इसके CNG मॉडल की शुरूआती कीमत 8.47 लाख रुपये एक्स शोरूम है। फ्रोंक्स सीएनजी में 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन मिलता है, जो CNG मोड में 77.5hp की पावर और 98.5Nm का टॉर्क जेनरेट करने में सक्षम है।

Fronx CNG का क्लेम्ड माइलेज 28.51 किमी/किग्रा का है। इसमें सेफ्टी के लिए 6 एयरबैग, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP), हिल होल्ड असिस्ट, 360 डिग्री कैमरा, आईएसओफिक्स चाइल्ड सीट एंकर जैसे फीचर्स मिलते हैं।

3. Hyundai Exter CNG: घरेलू बाजार में इसके CNG मॉडल की शुरूआती एक्स शोरूम कीमत 8.55 लाख रुपये एक्स शोरूम है। इसमें 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन मिलता है, जो 69hp की पावर और 95Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। एक्सटर सीएनजी केवल 5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन में उपलब्ध है।

अफ्रीका के कांगो में जानलेवा वायरस का कहर, 50 लोगों की

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उत्तर-पश्चिमी कांगो में इन दिनों एक अजीबोगरीब बीमारी की पहचान की गई है। इससे तीन बच्चों की मौत हो गई है। इस बीमारी की जब जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि अब तक इस बीमारी से 50 से ज़्यादा लोगों की जान चली गई है। ज़्यादातर मामलों में लक्षणों की शुरुआत बुखार, उल्टी और इंटरनल ब्लीडिंग शामिल है। मृत्यु के बीच का अंतराल 48 घंटे रहा है और यही सबसे ज़्यादा चिंताजनक बात है। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें, तो चमगादड़ खाने वाले तीन बच्चों में सबसे पहले इस बीमारी का पता चला था। जिसके बाद अब इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

जानवरों से इंसानों में फैलने वाली इस बीमारी को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) अलर्ट पर है। शुरुआत में इस बीमारी का पता लगाने के लिए जो लैब टेस्ट हुए हैं। उसमें ये एक जटिल किस्म का मलेरिया पाया गया है। जिससे इसके फैलने के कारणों पर बात करना और मुश्किल हो गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये एक तरह का हेमोरैजिक फीवर है। जिसे जूनोटिक बीमारी माना जा रहा है। यानी जानवरों से इंसानों में फैलने वाली बीमारी है। सिर्फ पांच हफ्ते से फैली इस बीमारी से 50 लोगों की मौत हो चुकी है। ज्यादातर मरीज बीमारी शुरू होने के 48 घंटों के भीतर ही काल के गाल में समा गए। लक्षणों के दिखने और मौत के बीच के इस बहुत कम गैप से स्वास्थ्य विशेषज्ञों चिंतित हैं। दूसरे आउटब्रेक के बाद, 13 मामलों के नमूने टेस्ट के लिए किंशासा में नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर बायोमेडिकल रिसर्च को भेजे गए। सभी सैंपल इबोला और मारबर्ग जैसी बीमारियों के लिए निगेटिव पाए गए हैं। हालांकि कुछ नमूनों में मलेरिया के लिए पॉजिटिव पाया गया है।

झारखण्ड में शादी समारोह से लौट रही 3 नाबालिग लडकियों से 18 नाबालिग लडको ने किया कथित सामूहिक दुष्कर्म

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पुलिस के पास दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक पीड़ित लड़कियां एक वैवाहिक समारोह से लौट रही थीं, तभी रास्ते में उनके साथ ये घटना हुई। घटना 21 फरवरी की है, परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने 23 फरवरी को मामला दर्ज कर सभी अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक़, इस मामले में 13 से 17 साल की उम्र के 18 नाबालिग़ों के शामिल होने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।

पुलिस ने अभियुक्तों के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी अभियुक्तों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। दर्ज शिकायत के आधार पर खूंटी एसपी अमन कुमार ने पूरे घटनाक्रम के बारे में मीडिया से विस्तार से बात करते हुवे बताया कि ‘खूंटी ज़िले के एक गांव में लोटा पानी (सगाई) का कार्यक्रम था। सभी लड़कियां अपने परिजनों के साथ इस समारोह में शामिल होने गई थीं। अभियुक्त लड़के भी इसी समारोह में मौजूद थे।

एसपी ने बताया कि ‘देर रात लगभग 10 बजे, जब पांच लड़कियां एक साथ अपने गांव लौट रही थीं, तब यह घटना हुई। कुछ लड़कों ने उनका पीछा किया। नदी पार करने के दौरान लड़कों ने छेड़छाड़ शुरू कर दी और पांचों को जबरन पास के जंगल की ओर ले जाने की कोशिश की।’ पांच लड़कियों में सबसे बड़ी लड़की ने अपनी सहेलियों को बचाने की कोशिश। जब वह असफल रही, तो उसने खुद को छुड़ाने के लिए एक लड़के के हाथ पर दांत से काटा और भागने में सफल रही। इसी दौरान, एक और लड़की भी वहां से निकलने में कामयाब रही।

भागने में सफल रही दोनों लड़कियां समारोह वाली जगह पर पहुंचीं और अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक़, हिरासत में लिए गए लड़कों में सबसे कम उम्र का अभियुक्त 13 साल का है, जबकि सबसे अधिक उम्र का अभियुक्त 17 साल का है। वहीं, पीड़ित लड़कियों की उम्र 10, 13, 15 और 16 वर्ष बताई जा रही है। सभी अलग-अलग स्कूलों में पढ़ती हैं। खूंटी एसपी अमन कुमार ने बताया, ‘पीड़िताओं का बयान लेने के बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए भेज दिया गया। सोमवार 24 फरवरी की देर शाम तक उनका मेडिकल कराया गया।

अभियुक्तों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126(2), 115(2), 109, 127(2), 70 (2), 4/8 पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूरे मामले में खूंटी डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी (डीएलएसए) की सचिव राजश्री अपर्णा कुजूर ने पीड़िताओं से मुलाकात की है। अपर्णा कुजूर ने मीडिया से बताया कि ‘मैं सोमवार को बच्चियों से मिली। वो बहुत डरी हुई हैं। मंगलवार को कोर्ट में 164 के तहत उनका बयान दर्ज कराया गया है। डीएलएसए की तरफ से सभी पीड़िताओं को तत्काल 10-10 हजार रुपए का चेक दिया गया है।

Gym वाली बहु ले आए घर…शरीर देख पूरे ससुराल में डर का माहौल…वायरल

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लोगों को बहुएं हमेशा सुशील और सर्व गुणी संपन्न चाहिए। ऐसी लड़की जो घर और परिवार दोनों को संभाल ले। आमतौर पर लोगों की यहीं अपेक्षा होती है। लेकिन तब क्या होगा, जब घर में कोई बॉडी बिल्डर बहु बनकर आ जाए।

जाहिर सी बात है कि कोई भी उसके सामने अपना मुंह खोलने से पहले कई बार सोचेगा। हाल में सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो खूब वायरल हो रहा है। जिसमें एक घर में जिम वाली बहु दुल्हन बनकर आ गई।

बॉडी बिल्डर बनी दुल्हन

इस वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक बॉडी-बिल्डर लड़की 16 श्रृंगार किए साड़ी पहने दुल्हन के वेश-भूषा में खड़ी है। लड़की ने अच्छी-खासी बॉडी बना रखी (GYM Wali Bahu)है। बाइसेप्स और सोल्डर्स उसके ऐसे हैं कि अच्छे-अच्छे मर्द उसके सामने धाराशायी हो जाएंगे।

लड़की ने अपनी बॉडी भी पुरुषों की तुलना में काफी सुडौल बना रखी है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि लड़की की गहनों से लदी हुई है। उसकी बॉडी पर एक महिला तेल लगाकर उसकी मालिश कर रही है।

बस्तर में बदलती तस्वीर: अब सड़क मार्ग से पहुँची बोर्ड परीक्षा की गोपनीय सामग्री

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छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना और सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती का एक और सकारात्मक पहलू देखने को मिला है। जहां पहले नक्सली खतरे के कारण जगरगुंडा जैसे अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों में हेलीकॉप्टर के माध्यम से बोर्ड परीक्षा की गोपनीय सामग्री भेजी जाती थी, वहीं इस बार पहली बार सड़क मार्ग से यह सामग्री सुरक्षित रूप से पहुँचाई गई। सड़क मार्ग से परीक्षा सामग्री की सुरक्षित आपूर्ति सिर्फ एक प्रशासनिक सफलता नहीं, बल्कि यह बस्तर में बढ़ती सुरक्षा और शांति की झलक है। यह सिर्फ परीक्षा सामग्री पहुँचने की बात नहीं, बल्कि बस्तर अंचल में सुरक्षा और विश्वास की एक नई सुबह की दस्तक है।

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा मार्च के पहले सप्ताह से आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए 18 परीक्षा केंद्रों में गोपनीय सामग्री भेजी गई। इनमें से 15 केंद्र संवेदनशील और 3 अति संवेदनशील घोषित किए गए थे। बावजूद इसके, प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इतने आत्मविश्वास और नियंत्रण की स्थिति बनी कि पहली बार जगरगुंडा तक सड़क मार्ग से परीक्षा सामग्री भेजी गई।

बस्तर के सुदूर इलाकों में वर्षों तक नक्सली गतिविधियाँ बड़ी चुनौती बनी रहीं। लेकिन शासन-प्रशासन और सुरक्षा बलों के सतत प्रयासों से अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। पहले जहाँ नक्सली खतरे के चलते जगरगुंडा में हवाई मार्ग से ही आवश्यक सामग्रियाँ भेजनी पड़ती थीं, वहीं अब सड़क मार्ग से सामग्री का सुरक्षित पहुँचाना इस बात का प्रमाण है कि इलाके में कानून व्यवस्था सुदृढ़ हो रही है। पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से सड़कों का विस्तार, सुरक्षा बलों की तैनाती और विकास कार्यों के चलते बस्तर अब नई राह पर आगे बढ़ रहा है।

सभी 18 परीक्षा केंद्रों के लिए परीक्षा सामग्री निकटतम पुलिस थानों और चौकियों में सुरक्षित रखी गई है, जिससे परीक्षाओं को सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके। इस वर्ष हाई स्कूल पाकेला और हाई स्कूल तालनार को दो नए परीक्षा केंद्र के रूप में शामिल किया गया है। इस पूरे अभियान के दौरान माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर से आए अधिकारियों श्री मोहम्मद फिरोज, श्री नारायण नेताम, जिला शिक्षा अधिकारी जी आर मंडावी, समन्वयक केंद्र प्राचार्य पी. अनिल कुमार समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी और केंद्राध्यक्ष उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ‘छावा’ हिंदी फिल्म को किया टैक्स फ्री घोषित

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ऐतिहासिक वीर गाथा पर आधारित हिंदी फिल्म ‘छावा’ को राज्य में  टैक्स फ्री घोषित करने की घोषणा की है। उन्होंने आज राजिम कुंभ के आयोजन उपरांत मीडिया से चर्चा के दौरान यह घोषणा की।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छावा फिल्म को टैक्स फ्री करने का निर्णय छत्तीसगढ़ की जनता को देश के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने और युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम एवं शौर्य की भावना जागृत करने के उद्देश्य से लिया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘छावा’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि ऐतिहासिक परंपराओं, वीरता और स्वाभिमान की गाथा है, जिसे हर नागरिक को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फिल्म युवा वर्ग को प्रेरित करेगी और छत्रपति संभाजी महाराज के शौर्य, बलिदान और नेतृत्व को व्यापक रूप से प्रस्तुत करेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय के इस फैसले से राज्य के सिनेमाघरों में फिल्म देखने के इच्छुक दर्शकों को मूल्य में राहत मिलेगी, जिससे अधिक से अधिक लोग इसे देख सकेंगे और भारतीय इतिहास की समृद्ध विरासत से प्रेरणा ले सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि फिल्म छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित है, जिन्होंने मुगलों और अन्य आक्रांताओं के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने अदम्य साहस, रणनीतिक कौशल और बलिदान की अमर गाथा लिखी। फिल्म उनके अदम्य साहस और बलिदान को जीवंत करती है और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ऐसी फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जो समाज को प्रेरणा देती हैं और सांस्कृतिक चेतना को जाग्रत करती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रभक्ति से जुड़ी फिल्मों को प्रोत्साहित करती रहेगी, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी अपने गौरवशाली अतीत से जुड़ी रहे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की जनता, विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे इस फिल्म को देखें और भारतीय इतिहास के उन स्वर्णिम पन्नों को समझें, जो आज भी हमारे जीवन को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भगवान श्री राजीव लोचन की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भगवान श्री राजीव लोचन मंदिर में आज पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने त्रिवेणी संगम में स्थित भगवान श्री कुलेश्वरनाथ महादेव का जलाभिषेक कर छत्तीसगढ़ की उन्नति और प्रगति की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम है।

महानदी मैया की महाआरती में हुए शामिल

राजिम कुंभ कल्प के अंतर्गत आयोजित महानदी मैया की भव्य महाआरती में मुख्यमंत्री श्री साय  मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के मध्य विधि-विधान से शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने महानदी मैया से प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, वन एवं जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजिम विधायक श्री रोहित साहू, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल तथा अन्य गणमान्य नागरिक, संत महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।