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छत्तीसगढ़ : केंद्र की मोदी सरकार ने खरीफ की फसलों के समर्थन मूल्य में अभूतपूर्व बढ़ोतरी की घोषणा, भाजपा नीत राजग सरकार का आभार व्यक्त किया है। 

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छत्तीसगढ़ : केंद्र की मोदी सरकार ने खरीफ की फसलों के समर्थन मूल्य में अभूतपूर्व बढ़ोतरी की घोषणा, भाजपा नीत राजग सरकार का आभार व्यक्त किया है। 

छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश प्रभारी संदीप शर्मा ने धान समेत कृषि उत्पादों नए समर्थन मूल्य की घोषणा का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित केंद्र की भाजपानीत राजग सरकार का आभार व्यक्त किया है।

शर्मा ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने खरीफ की फसलों के समर्थन मूल्य में अभूतपूर्व बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है। धान के समर्थन मूल्य में भी बहुत अच्छी बढ़ोतरी की गई है और इससे देश के साथ-साथ प्रदेश के किसानों में भी हर्ष व्याप्त है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शर्मा ने कहा कि जहाँ तक सवाल है दलहन और तिलहन के दामों का, तो तिलहन के दामों में 983 रुपए प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी की गई है, यह अपने आपमें एक अकल्पनीय बढ़ोतरी है और यह इस बात का प्रमाण है कि मोदी सरकार किसानों को कैश क्राफ्ट की खेती की तरफ ले जाना चाहती है और इसका परिणाम यह होगा कि देश में दालों और तेल के आयात में कमी आएगी और विदेशी भुगतान संतुलन में भी इसका फायदा मिलेगा। बाजरा, ज्वार और रागी के दाम में जो बढ़ोतरी की गई है उससे मिलेट की खेती करने वाले किसानों में काफी उत्साह है।

संदीप शर्मा ने आगे कहा कि रागी, ज्वार और बाजरा के जो दाम है, उनमें 2014 की तुलना में लगभग 100% की बढ़ोतरी हो चुकी है। दलहन और तिलहन में 2014 की तुलना में 85 से लेकर के 100% तक की बढ़ोतरी हुई है जबकि धान की फसलों में यह बढ़ोतरी 2014 की तुलना में वर्तमान कीमत लगभग 72% की बढ़ोतरी है। इन सबको देखकर निश्चित रूप से कह सकते हैं कि मोदी सरकार किसानों के प्रति चिंतनशील है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शर्मा ने धान के समर्थन मूल्य में 117 रुपए के हुए इजाफे के बाद कांग्रेस द्वारा प्रदेश सरकार को किसानों का धान अब 3,217 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदने की दी गई सलाह पर तीखे लहजे में पलटवार करते हुए कहा है कि जिस कांग्रेस ने धान बोनस के नाम पर प्रदेश के किसानों के साथ पूरे पाँच साल धोखाधड़ी करने के सिवाय कुछ नहीं किया, जिस कांग्रेस ने अपने शासनकाल में सैकड़ों किसानों को कर्जमाफी का पाखण्ड रचकर आत्महत्या के लिए विवश किया, वह कांग्रेस किसानों के नाम पर घड़ियाली आँसू न बहाए।

छत्तीसगढ़ : साय सरकार ने आबकारी विभाग के सिस्टम से FL-10 लाइसेंस को हटाकर शराब खरीदी-बिक्री का नया प्लान तैयार…

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छत्तीसगढ़ : साय सरकार ने आबकारी विभाग के सिस्टम से FL-10 लाइसेंस को हटाकर शराब खरीदी-बिक्री का नया प्लान तैयार कर लिया है।

दावा है कि इससे बिचौलियों का सिंडिकेट असरहीन होगा और लोगों को क्वालिटी प्रोडक्ट सही दाम पर मिलेंगे। विपक्ष का दावा है साय सरकार ने पूरे भ्रष्टाचार तंत्र का सरकारीकरण करने की तैयारी कर ली है।

अनुमान के मुताबिक सालभर में छत्तीसगढ़ में करीब 11 हजार करोड़ रुपये की शराब बिकेगी, जिसका 80 फीसदी, यानी 8800 करोड़ रुपये की देसी शराब तो ढाई हजार करोड़ रुपये की विदेशी शराब है।

अभी तक जारी सिस्टम के तहत बिचौलिए बाहरी निजी कंपनियों से शराब खरीदकर, सरकारी शराब बिक्री काउंटर्स पर सप्लाई करते थे, जिसके लिए सरकार 3 से 4 चुनिंदा लोगों को FL-10 लाइसेंस जारी करती थी।

आरोप है कि सरकारी तंत्र को सेट कर ये बिचौलिए मोनोपॉली के जो कंपनी इन्हें ज्यादा कमीशन देता उन्हीं का माल सरकारी आउटलेट्स पर दिया करते थे। नतीजा ये कि सरकारी खजाने को चूना लगता और प्रदेश के लोगों को अच्छे ब्रांड की जगह घटिया क्वालिटी की शराब मिलती थी।

साय सरकार ने FL-10 लाइसेंस सिस्टम खत्म करते हुए दावा किया है कि अब से प्रदेश में सभी ब्रांडेड शराब सही और कम दाम पर उपलब्ध होगी…

सवाल ये है क्या ये फैसला जल्द लागू हो पाएगा।

क्योंकि कुछ ही महीने पहले ही सरकार ने FL-10 लाइसेंस जारी किए हैं, सप्लायर्स का सरकार से एक साल का एग्रीमेंट हो चुका है,ऐसे में सप्लायर्स इसे कोर्ट में चैलेंज कर सकते हैं,

बताया जाता है इसके लिए सरकार हाईकोर्ट में कैविएट दायर करने की तैयारी में है। सबसे बड़ा सवाल है कि शराब खरीदी-बिक्री का ये नया सिस्टम क्या वाकई करप्शन प्रूफ है?

छत्तीसगढ़ : बृजमोहन के इस्तीफे के बाद अब मंत्री पद के लिए कयासों का दौर शुरू…

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छत्तीसगढ़ : बृजमोहन के इस्तीफे के बाद अब मंत्री पद के लिए कयासों का दौर शुरू…

छत्तीसगढ़ में बृजमोहन अग्रवाल के इस्तीफे के बाद अब साय सरकार में 2 मंत्रिपद खाली हो गए हैं। मौजूदा मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री साय समेत 11 लोग शामिल हैं। नए मंत्री पदों के लिए सियासी चर्चा ने जोर पकड़ लिया है। इन दो पदों के लिए रस्साकसी शुरू हो गई है। भाजपा नेता इसे मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार कहकर कोई भी समीकरण समझने या समझाने से बच रहे हैं तो कांग्रेस पूरे के पूरे मंत्रिमंडल को ही खटारा कह रही है। बृजमोहन अग्रवाल के मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद छत्तीसगढ़ में मंत्रियों के दो पद खाली है. जिसके बाद अटकलों का बाजार गर्म है। कई सवाल भी उठ रहे हैं।

मसलन बृजमोहन की जगह कौन बनेगा मंत्री? क्या सवर्ण कोटे से ही किसी नेता को मौका? क्या दोनों रिक्त मंत्री पद एक साथ भरे जाएंगे? मंत्रियों के चयन में किन चीजों को प्राथमिकता दी जाएगी? इन सवालों से इतर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बयानों का सिलसिला भी शुरू हो गया है।

किस संभाग से कितने मंत्री? फिलहाल साय मंत्रिमंडल में सरगुजा और बिलासपुर संभाग का दवदबा है। सरगुजा से मुख्यमंत्री समेत 4 लोग हैं, तो बिलासपुर संभाग से एक उपमुख्मंत्री समेत 3 मंत्री शामिल हैं। बस्तर और रायपुर संभाग से सिर्फ एक-एक मंत्री हैं, जबकि साय मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री को मिलाकर कुल 11 लोग शामिल हैं, जिनमें दुर्ग संभाग से 2 मंत्री हैं।

”मंत्रिमंडल विस्तार में भूगोल का ध्यान रखा गया तो बस्तर से एक मंत्री और एक मंत्री रायपुर संभाग से लिया जा सकता है। हाल ही के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने कांकेर सीट को बमुश्किल बरकरार रखा है। इस सीट की जीत में अंतागढ़ से मिला मार्जिन अहम है। इसी तरह ओडिशा में भाजपा की जीत भी अहम पहलू हो सकता है। भाजपा की ओडिशा की प्रभारी कोंडागांव से विधायक हैं।”

इन नामों पर हो सकता है विचार : साय सरकार में जातिय समीकरणों को देखें तो मुख्यमंत्री समेत 3 ST, 1 SC, 1 सामान्य, 6 ओबीसी हैं। अगर जातिय समीकरण से मंत्रियों चयन किया जाता है तो एक सामान्य और एक SC बढ़ाया जा सकता है।

”इस समीकरण के हिसाब से रायपुर संभाग से खुशवंत साहेब, अजय चंद्राकर, अनुज शर्मा, पुरंदर मिश्रा, दुर्ग संभाग से गजेंद्र यादव, रिकेश सेन, कोर्सेवाड़ा, बस्तर से लता उसेंडी, विक्रम उसेंडी दावेदार हो सकते हैं। हालांक भाजपा चौकाने वाले फैसलों के लिए जानी जाती है, लिहाजा कोई भी पुख्ता तौर पर बताने की हालत में नहीं है।”

छत्तीसगढ़ : CM विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को दी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं…

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छत्तीसगढ़ : CM विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को दी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं…

CM विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को दी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं…

छत्तीसगढ़ : किसानों को डिजिटल बनाने सरकार की अनूठी पहल, मिलेगी ऋण से लेकर सभी जरूरी सहायता…

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छत्तीसगढ़ : किसानों को डिजिटल बनाने सरकार की अनूठी पहल, मिलेगी ऋण से लेकर सभी जरूरी सहायता…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार एग्री स्टैक योजना पर कार्य कर रही है, इसके अंतर्गत जियो रिफरेंसिंग आधारित डिजिटल फसल सर्वेक्षण किया जाएगा। सर्वे में किसानों की फसलों की सभी जानकारियां भारत सरकार के एग्री स्टैक पोर्टल में दर्ज होंगी।

किसानों को फसल उत्पादकता के लिए जरूरी इनपुट जैसे फसल ऋण, विशेषज्ञों की सलाह से लेकर बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही किसानों को आवश्यकतानुसार बैंक ऋण लेने की भी सुविधा मिलेगी।

 

एग्री स्टैक पोर्टल का उद्देश्य कृषि उत्पादकों (किसानों) और नीति निर्माताओं-केंद्र सरकार और राज्य सरकार को एक डिजिटल छतरी के नीचे लाना है। इस पोर्टल के जरिए किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।

किसानों को भूमि फसल, मृदा स्वास्थ्य, मौसम की स्थिति के आधार पर नियमित रूप से सामयिक सलाह फसल की बोआई और उत्पादन के लिए विश्वसनीय डाटा के अलावा सूखा, बाढ़, खराब उत्पादन जैसे जोखिम से निपटने की तैयारी के बारे में जानकारी मिलेगी।

एग्री स्टैक पोर्टल में किसानों का पंजीयन होने के बाद उन्हें एक फार्म तथा फार्मर आईडी दी जाएगी तथा जियो रेफरेन्सड मैप को किसान आईडी से लिंक किया जाएगा। किसानों द्वारा भूमि में लगाई गई फसल का जीआईएस आधारित डिजिटल सर्वेक्षण किया जाएगा।

क्या है एग्री स्टैक योजना

एग्री स्टैक सरकार द्वारा स्थापित किया जा रहा डिजिटल फाउंडेशन है, जिसका उद्देश्य भारत में कृषि को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न हितधारकों को एक साथ लाना और डेटा और डिजिटल सेवाओं का उपयोग करके किसानों के लिए बेहतर परिणाम प्राप्त करना आसान बनाना है।

यह उच्च गुणवत्ता वाले डेटा को एक साथ लाने और इस डेटा को उन हितधारकों को आसानी से उपलब्ध कराने का एक प्रयास है, जिन्हें इसकी आवश्यकता है ताकि वे डेटा का उपयोग करके नई सेवाएं बना सकें।

आर्किटेक्चर की सोच से विकसित, एग्री स्टैक का निर्माण कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा एक खुले तरीके से, एक संघीय संरचना के साथ किया जा रहा है, राज्यों को डिजाइन के केंद्र में रखते हुए, भागीदारी और समावेशी डिजाइन सुनिश्चित करने के लिए यह सुनिश्चित करने के लिए कि भारत में कृषि के अगले दशक को आकार देने में मदद करने के लिए क्षेत्र सामूहिक रूप से विकसित हो।

एग्री स्टैक योजना का उद्देश्य

एग्री स्टैक का उद्देश्य किसानों के लिए सस्ता ऋण, उच्च गुणवत्ता वाले कृषि इनपुट, स्थानीय और विशिष्ट सलाह, और बाजारों तक अधिक सूचित और सुविधाजनक पहुंच प्राप्त करना आसान बनाना है। एग्री स्टैक का उद्देश्य सरकारों के लिए विभिन्न किसान और कृषि-केंद्रित लाभ योजनाओं की योजना बनाना और उन्हें लागू करना भी आसान बनाना है।

छत्तीसगढ़ : शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था राजनांदगांव में 29 जून 2024 को सुबह 9 बजे से प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया गया है।

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छत्तीसगढ़ : शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था राजनांदगांव में 29 जून 2024 को सुबह 9 बजे से प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया गया है।

”Rojgar Samachar CG 2024: छत्तीसगढ़ में खुला नौकरी का पिटारा, बिना परीक्षा दिए सिर्फ इंटरव्यू के आधार पर मिलेगी नियुक्ति’ प्लेसमेंट कैम्प में शेपर्स टैलेंट हायर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सुजुकी मोटर गुजरात प्राइवेट लिमिटेड के लिए विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी।”

छत्तीसगढ़ : कोयला घोटाला मामले में 6 आरोपिओ को कोर्ट में किया गया पेश…

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छत्तीसगढ़ : कोयला घोटाला मामले में 6 आरोपिओ को कोर्ट में किया गया पेश…

छत्तीसगढ़ : कोयला घोटाला मामले में 6 आरोपिओ को कोर्ट में किया गया पेश…
छत्तीसगढ़ : कोयला घोटाला मामले में 6 आरोपिओ को कोर्ट में किया गया पेश…
छत्तीसगढ़ : कोयला घोटाला मामले में 6 आरोपिओ को कोर्ट में किया गया पेश…
छत्तीसगढ़ : कोयला घोटाला मामले में 6 आरोपिओ को कोर्ट में किया गया पेश…

छत्तीसगढ़ : अगले 24 घंटों में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर संभाग के अधिकांश इलाकों में बारिश हो सकती है।

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छत्तीसगढ़ : अगले 24 घंटों में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर संभाग के अधिकांश इलाकों में बारिश हो सकती है।

मानसून की दस्तक के साथ ही छत्तीसगढ़ के मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर तापमान में गिरावट के बाद आम जनता ने राहत की सांस ली है तो दूसरी ओर बारिश की पहली फुहार के बाद अन्नदाता खेतों में लौट चुके हैं और किसानी का काम भी शुरू हो चुका है।

हालांकि इतनी बारिश किसानों के लिए काफी नहीं है, लेकिन मौसम विभाग ने किसानों के लिए दिल खुश करने वाली खबर दी है। जी हां मौसम विभाग ने आज छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है।

छत्तीसगढ़ : मानसून गतिविधियों के चलते मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है. कई इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है…

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छत्तीसगढ़ : मानसून गतिविधियों के चलते मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है. कई इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है…

प्रदेश के ज्यादातर जिलों में आज बारिश होने की संभावना है. मौसम लगातार बदल रहा है. तापमान गिरने के आसार जताए गए हैं. इसके साथ ही ज्यादातर जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है. लोगों को आज गर्मी से राहत मिल सकती है. तापमान कम रहने की संभावना जताई गई है वहीं दूसरी ओर राज्यभर में बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है.

इसके साथ ही कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने की भी संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार, बलरामपुर, जशपुर, सूरजपुर, सरगुजा, कोरिया, कोरबा और जांजगीर-चांपा जिलों के एक-दो स्थानों पर बारिश हो सकती है. राजधानी रायपुर, बिलासपुर, मुंगेली, बलौदा बाजार, कबीरधाम, बेमेतरा, महासमुंद, दुर्ग, धमतरी, बालोद, गरियाबंद और सुकमा जिलों के कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. जबकि राजनांदगांव, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों के कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है.

छत्तीसगढ़ : हरी सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी, मौसमी सब्जियों के बढ़ गए भाव, जेब पर पड़ने लगा है असर, जानें क्या हैं भाव ? 

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छत्तीसगढ़ : हरी सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी, मौसमी सब्जियों के बढ़ गए भाव, जेब पर पड़ने लगा है असर, जानें क्या हैं भाव ? 

लोकल उत्पादन में आई कमी, ट्रांसपोर्टिंग का खर्चा बढ़ने से सब्जी के दामों में आया उछाल, जानें क्या हैं भाव ? 

छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में बढ़ती गर्मी से जिले की लोकल बाड़ियों से सब्जी की आवक बंद हो गई है. बाजार में सरगुजा के सिलफिली और दूसरे शहरों से सब्जी आ रही है.

ट्रांसपोर्टिंग का खर्चा ज्यादा होने से शहर में सब्जी महंगी बिक रही है. सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि मार्केट में स्थानीय बाड़ियों के अलावा आसपास के गांवों से सब्जियों की आवक होती है, तो सब्जियों के दाम कम रहते हैं. आवक कम हो जाती है, तो सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं.

जेब पर पड़ने लगा है असर : ग्रामीण अंचलों से सब्जी की आवक कम होने के चलते अब सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी देखी जा रही है. सब्जी की आवक जब तक नहीं बढ़ेगी तब तक कीमत में कमी नहीं आएगी.

बाजार में सब्जियों के दाम बढ़ने से लोगों को जेब पर असर पड़ने लग गया है. करेला, भिंडी, फूल गोभी, बैंगन सहित अन्य हरी सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी हुई है. स्थिति यह है कि 500 रुपए में भी झोला नहीं भर रहा है. बढ़ती महंगाई ने लोगों का बजट बिगाड़ दिया है.

थाली से हरी सब्जी गायब होने लगी है. लोग किलो की जगह पाव भर सब्जी लेकर ही काम चला रहे हैं. एकाएक बढ़े सब्जियों के दामों ने खाने का जायका बिगाड़ दिया है. पहले ही टमाटर के बढ़े दाम से गृहिणी परेशान थीं और अब सब्जियों की आवक कम होने से सब्जी विक्रेता भी परेशान दिख रहे हैं. कुछ दिनों के अंदर सब्जियों के दाम दोगुना से ज्यादा बढ़ गए, जिससे घरेलू बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है.

मौसमी सब्जियों के बढ़ गए भाव : सब्जियों के दाम बढ़ने का असर मध्यम वर्ग व गरीब तबके पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है. हरी और मौसमी सब्जियों के भाव पिछले दिनों की अपेक्षा 20 से 30 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं. आलम यह है कि बाजार में बाहर से सब्जी पहुंच नहीं पा रही है, जो लोकल है उसके दाम भी अधिक है. कई व्यवसायी आलू-प्याज पुराने रखे स्टॉक से ही काम चला रहे हैं. इसमें भी मनमानी रेट लिया जा रहा है.