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Lok Sabha Elections 2024: ‘नरेंद्र मोदी एक आउटगोइंग प्रधानमंत्री हैं’, कहकर जयराम रमेश ने 4 जून को लेकर कर दिया बड़ा ऐलान…

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Lok Sabha Elections 2024: ‘नरेंद्र मोदी एक आउटगोइंग प्रधानमंत्री हैं’, कहकर जयराम रमेश ने 4 जून को लेकर कर दिया बड़ा ऐलान…

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महसचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जोरदार हमला किया है. आखिरी चरण के मतदान और नतीजों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में जयराम रमेश ने कहा कि 4 जून को इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी.

पीएम मोदी एक आउटगोइंग प्रधानमंत्री हैं.

न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में जयराम रमेश ने कहा, “वो (पीएम मोदी) एक निवर्तमान प्रधानमंत्री हैं और उनके साथ एक निवर्तमान गृह मंत्री भी हैं. 486 सीटों पर चुनाव संपन्न हो चुके हैं लेकिन पहले 2 चरणों के बाद ही यह स्पष्ट हो गया था कि I.N.D.I.A गठबंधन को स्पष्ट और निर्णायक जनादेश मिलने वाला है.”

‘पांच साल के लिए बनेगी स्थिर सरकार’

जयराम रमेश ने आगे कहा कि 7वां चरण बाकी है. इसमें कोई संदेह नहीं है कि 4 जून को निवर्तमान प्रधानमंत्री बाहर चले जाएंगे. I.N.D.I.A गठबंधन सरकार बनाएगा और 5 साल के लिए एक स्थिर, संवेदनशील और जिम्मेदार सरकार बनेगी. इस बारे में कोई संदेह नहीं है…”

‘पीएम आरक्षण पर पूरे देश में फैला रहे हैं झूठ’

जयराम रमेश ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री आरक्षण लेकर पूरे देश में झूठ फैला रहे हैं. इंडिया गठबंधन की सरकार बनने वाली है. ये प्रधानमंत्री मानसिक संतुलन खो बैठे हैं. प्रधानमंत्री सिर्फ झूठ की महामारी फैला रहे हैं. उन्होंने कहा कि जनता इन सबको जान चुकी है. I.N.D.I.A गठबंधन को इस बार निर्णायक जनादेश मिलेगा.

‘संविधान के लिए लड़ा जा रहा है यह चुनाव’

जयराम रमेश ने पीएम मोदी के दो कार्यकाल को लेकर सवाल पूछा. उन्होंने कहा, 10 साल में किसान, महिला और उघमी के लिए इस सरकार ने क्या किया है. 2024 का चुनाव भारत के संविधान के किताब पर लड़ा जा रहा है, इसे बचाने के लिए लड़ा जा रहा है. उन्होंने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को आर्थिक और समाजिक जनगणना भी करानी चाहिए.

मणिशंकर अय्यर पर भी की थी टिप्पणी

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मणिशंकर अय्यर को लेकर कहा कि मणिशंकर अय्यर कौन हैं? वे कोई अधिकारी नहीं हैं, वे पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री हैं. वे अपनी निजी हैसियत से जो चाहें बोल सकते हैं. हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है. मीडिया, बीजेपी की ट्रोल आर्मी और सोशल मीडिया इसे चलाते रहते हैं. आज उनका कांग्रेस पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है. वे कांग्रेस पार्टी में हैं, लेकिन वे सांसद भी नहीं हैं, वे सिर्फ पूर्व सांसद हैं.”

Billionaires List : दुनिया के अमीरों की लिस्ट जानिए, ये हैं दुनिया के टॉप 10 अमीर…

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Billionaires List : दुनिया के अमीरों की लिस्ट जानिए, ये हैं दुनिया के टॉप 10 अमीर…

Billionaires List : दुनिया के सबसे ज्यादा अमीर लोग कौन हैं, यह जानने के लिए हर कोई उत्सुक रहता है, फाइनली इसकी लिस्ट फिर से जारी कर दी गई है. ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के अनुसार, ई-कॉमर्स कंपनी अमेजॉन के मालिक जेफ बेजोस दुनिया के सबसे बड़े अमीर बन गए हैं.

हालांकि, उनकी नेटवर्थ में बुधवार को 14.7 करोड़ डॉलर की गिरावट आई थी, इसके बाद भी वह नंबर एक की पोजिशन पर बने हैं. वहीं, दूसरे नंबर पर नाम आता है फ्रांस के बर्नार्ड अरनॉल्ट का. इन्हें ही पछाड़कर जेफ बेजोस नंबर एक की कुर्सी पर पहुंचे हैं. ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के मुताबिक, बुधवार को अरनॉल्ट ने 6.73 अरब डॉलर गंवा दिए. इससे उनकी नेटवर्थ गिरकर 203 अरब डॉलर रह गई, जबकि बेजोस 205 अरब डॉलर के साथ नंबर वन बन गए. इस साल अरनॉल्ट की नेटवर्थ में 4.36 अरब डॉलर की गिरावट आई है, जबकि बेजोस की नेटवर्थ 27.9 अरब डॉलर बढ़ी है.इस वजह से वह नंबर एक पर बने हुए हैं.

ये हैं दुनिया के टॉप 10 अमीर
ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के मुताबिक, बुधवार को दुनिया के 10 टॉप अरबपतियों की नेटवर्थ में गिरावट आई, जिसकी वजह से लिस्ट में उनके नाम आगे पीछे हो गए. अब टेस्ला के सीईओ एलन मस्क 202 अरब डॉलर के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं. वहीं, मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग 169 अरब डॉलर के साथ चौथे, लैरी पेज 156 अरब डॉलर के साथ पांचवें, बिल गेट्स 152 अरब डॉलर के साथ छठे, स्टीव बालमर 148 अरब डॉलर 7वें, सर्गेई ब्रिन 147 अरब डॉलर के साथ 8वें, लैरी एलिसन 138 अरब डॉलर के साथ नौवें और वॉरेन बफे 133 अरब डॉलर 10वें नंबर पर हैं. इस लिस्ट में 11वें नंबर पर मौजूद माइकल डेल की नेटवर्थ में बुधवार को 4.19 अरब डॉलर की तेजी आई और यह 123 अरब डॉलर पहुंच गई. इस साल उनकी नेटवर्थ 44.7 अरब डॉलर बढ़ी है.

ये है अंबानी और अडानी का हाल
भारत के अरबपति मुकेश अंबानी और गौतम अडानी की नेटवर्थ में भी गिरावट आई है. रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी की नेटवर्थ में 1.53 अरब डॉलर की गिरावट आई. अब मुकेश अंबानी 110 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया में 12वें नंबर पर हैं. इस साल उनकी नेटवर्थ 13.8 अरब डॉलर बढ़ी है. वहीं, गौतम अडानी 106 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया में 13वें सबसे अमीर हैं. बुधवार को उनके शेयरों में काफी गिरावट हुई. इस वजह से उनकी नेटवर्थ में 7.95 करोड़ डॉलर घट गई.

Arvind Kejriwal Bail : सुप्रीम कोर्ट से झटके के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे CM केजरीवाल, जमानत याचिका दाखिल…

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Arvind Kejriwal Bail : सुप्रीम कोर्ट से झटके के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे CM केजरीवाल, जमानत याचिका दाखिल…

दिल्ली शराब नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट से लगे झटके के बाद सीएम अरविंद केजरीवाल ने राउज एवेन्यू कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

मामले में गुरुवार (30 मई, 2024) की दोपहर 2 बजे सुनवाई हो सकती है.

सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने बुधवार (29 मई, 2024) को ही आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की अंतरिम जमानत की अवधि सात दिन तक बढ़ाने वाली याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने से मना कर दिया.

कोर्ट ने कहा कि जमानत के लिए सीएम केजरीवाल को निचली अदालत जाने की छूट दी गयी है तो यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है.

अरविंद केजरीवाल ने क्या दलील दी?
अरविंद केजरीवाल ने स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ जांच कराने को लेकर अंतरिम जमानत सात दिन बढ़ाने की मांग की है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि उनका वजन अचानक कम हो गया है. कीटोन स्तरबहुत अधिक है. ऐसे में पैट-सीटी स्कैन सहित कुछ टेस्ट कराने हैं.

कब तक अरविंद केजरीवाल को जमानत दी गई है?
लोकसभा चुनाव को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को 1 जून तक अंतरिम जमानत दी है. एक जून को ही लोकसभा चुनाव के सातवें यानी की अंतिम चरण को लेकर वोटिंग होनी है.

क्या आरोप है?
ईडी ने दिल्ली शराब नीति में हुई गड़बड़ी का मुख्य साजिशकर्ता अरविंद केजरीवाल को करार दिया है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने दावा किया है कि इसमें AAP के कई अन्य नेता भी शामिल रहे हैं. वहीं AAP ने ईडी के दावे को बेबुनियाद बताया है.

AAP ने क्या कहा?
आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने हाल ही में बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि ये सब राजनीतिक बदले की भावना के तहत किया जा रहा है, लेकिन लोग ये सब देख रहे हैं और इसका जवाब देंगे.

Box Office : ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ फर्स्ट डे की कमाई में श्रीकांत का रिकॉर्ड तोड़ सकती है Janhvi Kapoor की फिल्म, जानें कलेक्शन…

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Box Office : फर्स्ट डे की कमाई में श्रीकांत का रिकॉर्ड तोड़ सकती है Janhvi Kapoor की फिल्म, जानें कलेक्शन…

जाह्नवी कपूर और राजकुमार राव स्टारर ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ इस शुक्रवार, 31 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. इस फिल्म के पोस्टर, गाने से लेकर ट्रेलर तक ने पूरी तरह से हलचल मचाई हुई है और इस स्पोर्ट्स ड्रामा का काफी बज बना हुआ है.

धर्मा प्रोडक्शंस ने अपनी इस फिल्म को बड़े स्केल पर प्रमोट भी किया है. वहीं फिल्म के लिए लोगों के क्रेज को देखते हुए इसके रिलीज के पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर दमदार ओपनिंग करने के कयास लगाए जा रहे हैं. चलिए यहां जानते हैं कि ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ रिलीज के पहले दिन कितना कलेक्शन कर सकती है.

पहले दिन कितना कमाई कर सकती है ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’
आउटलुक की रिपोर्ट के मुताबिक निर्माता और फिल्म बिजनेस एक्सपर्ट गिरीश जौहर ने ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ की ओपनिंग डे के कलेक्शन को लेकर भविष्यवाणी की है. गिरीश जौहर ने कहा, ”अवेयनेस लेवल अच्छा है. धर्मा ने अच्छा प्रमोशन किया है और राजकुमार और जाह्नवी के अच्छे फैन फॉलोअर्स हैं. साथ ही चुनाव और आईपीएल फीवर भी अब कम है. इसलिए, मुझे लगता है कि इसकी अच्छी शुरुआत होगी.’

उन्होंने कहा, “अगर वर्ड-ऑफ-माउथ अच्छा है, तो शाम के शो और वीकेंड शो में दर्शकों की संख्या बढ़ेगी क्योंकि इस हफ्ते और आने वाले वीक में भी कोई बड़ी रिलीज़ नहीं है. ऐसे में इसे बॉक्स ऑफिस पर परफॉर्म करने के लिए अच्छी जगह मिल जाएगी. ये एक हेल्दी साइन है.” वहीं ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ के पहले दिन के कलेक्शन के बारे में भविष्यवाणी करते हुए जौहर ने कहा, ”मुझे खुशी होगी अगर यह 3 करोड़ रुपये के आसपास ओपनिंग करती है.”

ट्रेड एक्सपर्ट ने की फिल्म के ओपनिंग डे कलेक्शन की भविष्वाणी
वहीं ट्रेड एक्सपर्ट अक्षय राठी ने कहा, ”फिल्म के अच्छा परफॉर्म करने की उम्मीद है. ट्रेलर और गाने अच्छे लग रहे हैं. फिल्म का बेस अंडरडॉग ड्रामा जैसा दिखता है. ” उन्होंने आगे कहा, ”यह एक दिलचस्प शुक्रवार है क्योंकि आपके पास दर्शकों के लिए अचानक हर तरह की फिल्में हैं.कपल्स के लिए, आपके पास मिस्टर एंड मिसेज माही है, एडल्स के लिए आपके पास छोटा भीम और द कर्स ऑफ दमयान है और एडल्ट्स अगर अच्छी थ्रिलर की तलाश में हैं तो थ्री सावी है.”

उन्होंने आगे कहा, ”मैं वास्तव में उम्मीद करता हूं कि फिल्म का ह्यूमन इमोशनल वाला एंगल सक्सेफुल होगा और इसे सफल बनाएगा.” अक्षय ने ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की भविष्यवाणी भी की. उन्होंने कहा कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन करीब 3 करोड़ रुपये की कमाई कर सकती है. बता दे कि ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ से पहले जाह्नवी कपूर और राजकुमार राव की जोड़ी हॉरर कॉमेडी ‘रूही’ में भी नजर आई थी.

‘श्रीकांत’ के ओपनिंड डे का रिकॉर्ड तोड़ सकती है
पिंकविला की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ का ओपनिंग डे कलेक्शन 4-5 करोड़ रुपये के बीच होने की उम्मीद है. अगर ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’सच में इतना कलेक्शन कर पाती है तो ये फिल्म राजकुमार राव की ही हालिया रिलीज ‘श्रीकांत’ की कमाई का रिकॉर्ड ब्रेक कर देगी. बता दें कि, श्रीकांत ने अपने ओपनिंग डे पर 2.25 करोड़ रुपये की कमाई की थी.

धुआंधार हो रही है ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ की एडवांस बुकिंग

करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस की ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ सिनेमा लवर्स डे पर रिलीज हो रही है. इस दिन दर्शक सिर्फ 99 रुपये की टिकट खरीदकर फिल्म देख सकेंगे. इस डिस्काउंट ऑफर का फायदा फिल्म की एडवांस बिक्री में देखा जा रहा है, जो पिछले दो महीनों में बेस्ट में से एक है. ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ ने तीन नेशनल चेन्स (पीवीआर, आईनॉक्स और सिनेपोलिस) में 50 हजार से अधिक टिकट बेचे हैं और रिलीज के लिए अभी भी एक दिन बचा है, प्री-सेल नेशनल चेन्स में 1 लाख टिकट खत्म करने की ओर बढ़ रही है. एक मिड कैटेगिरी की फिल्म के लिए ये शानदार है.

पंजाब में मोहन यादव का बड़ा बयान, ‘कांग्रेस करती है फूट डालो की राजनीति’

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पंजाब में मोहन यादव का बड़ा बयान, ‘कांग्रेस करती है फूट डालो की राजनीति’

लोकसभा चुनाव 2024 के सातवें चरण का मतदान एक जून 2024 को होना है. इस दिन पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सभी लोकसभा सीटों पर इलेक्शन है. इसी के साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बीजेपी के प्रचार के लिए पंजाब पहुंचे और वहां लोगों से मिले.

वहीं, उन्होंने कांग्रेस पर निशाना भी साधा.

1984 के दंगों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर हमला किया. उन्होंने कहा, “1984 का वो समय मेरे ध्यान में आता है, जिस स्थान पर मैं खड़ा हूं, यहां छोटे स्वार्थ के कारण भगवान के मंदिर पर आक्रमण करने का प्रयास हुआ था. मैं उसकी निंदा करता हूं. परमात्मा से मैं प्रार्थना करता हूं कि कांग्रेस और उनके लोगों को सद्बुद्धि आए, लेकिन दुर्भाग्य है कि कांग्रेस जब भी सोचती है उल्टा ही सोचती है. वो लगातार फूट डालो और राज करो की नीति में विश्वास करती है.”

सीएम मोहन यादव ने की पीएम मोदी की तारीफ
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा, “प्रधानमंत्री के एक सुयोग्य व्यक्ति हैं, जो सबको साथ लेकर चलना चाहते हैं. उनकी खुद की कोई इच्छा नहीं है, कोई संपत्ति नहीं है. उनके निजी जीवन से कोई व्यक्ति चुनाव में हिस्सा नहं ले रहा है, लेकिन वह 142 करोड़ लोगों को साथ लेकर चलने की इच्छा रखते हैं और सबको एक बराबर लेकर चलना चाहते हैं.”

ऐसे में पंजाब की जनता से अपील करते हुए मोहन यादव ने कहा, “ये हमारी आवश्यकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर देश का प्रतिनिधित्व करें और दुनिया में भारत के लोकतंत्र को गौरवान्वित करें.”

पंजाब लोकसभा चुनाव 2024
लोकसभा चुनाव के सातवें चरण में पंजाब की 13 लोकसभा सीटों पर मतदान होना है. इसके लिए चुनाव आयोग की ओर से एक जून 2024 की तारीख तय की गई है. एक जून को सुबह 7.00 बजे से लेकर शाम 6.00 बजे तक वोटिंग होगी. इसके बाद चार जून को नतीजों की घोषणा की जाएगी.

Lok Sabha Elections 2024; ‘हैट्रिक लगाने जा रहे, कांग्रेस की भ्रष्टाचार में डबल पीएचडी’, पढ़ें पीएम मोदी का आखिरी चुनावी भाषण…

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Lok Sabha Elections 2024; ‘हैट्रिक लगाने जा रहे, कांग्रेस की भ्रष्टाचार में डबल पीएचडी’, पढ़ें पीएम मोदी का आखिरी चुनावी भाषण…

Lok Sabha Elections 2024 : लोकसभा चुनाव 2024 के सातवें चरण के मतदान से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (30 मई 2024) को होशियारपुर में आखिरी जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर जमकर हमला बोला.

पीएम मोदी ने कहा कि मैं देशभर में घूम कर आया हूं. देश ने मान लिया है कि तीसरी बार भी मोदी सरकार. आज देश में बहुत आकंक्षा बढ रही है. सरकार हैट्रिक लगाने जा रही है. 21वी सदी भारत की सदी होगी. आज पंजाब के लोग विदेश जाते हैं तो देखते हैं कि वहा भारत के लोगों की छवी कितनी सुधर गई है. आज दमदार सरकार है. आज हम दुश्मन के घर में घुसकर मारते हैं. अब तो पंजाब भी कह रहा है कि फिर एक बार मोदी सरकार.

‘आज कोई भूखा नही सोता’

पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज किसी मां को अपनी बिमारी छुपाने की जरूरत नही है. जाति के आधार पर विकाश नही होना चाहिए. आज मोदी सराकार का लाभ सभी को मिल रहा है. गुरू रवी दास जी कहते थे कर्म ही धर्म है. सरकार बनते ही किसके लिए क्या करेगी इसको लेकर रोडमैप तैयार है.

‘विदेशी सरकारें भी देखती हैं हमारा दम’

आज जब पंजाब के लोग, दूसरे राज्यों के लोग विदेश जाते हैं तो खुद देखते हैं कि वहां भारत और भारतीयों की इज्जत कितनी बढ़ गई है. जब देश में दमदार सरकार होती है, तो विदेशी सरकारें भी हमारा दम देखती हैं. उन्होंने कहा कि दमदार सरकार वो है जो दुश्मन के छक्के छुड़ा दे. जो दुश्मन को घर में घुसकर मारे. जो भारत को आत्मनिर्भर बनाए. जो भारत को समृद्ध बनाए. आज देश में आकांक्षाएं नई हैं, आज देश में उम्मीदें नई हैं, आज देश में आत्मविश्वास नया है. दशकों बाद ऐसा समय आया है, जब पूर्ण बहुमत वाली केंद्र सरकार ​हैट्रिक लगाने जा रही है. इसकी सबसे बड़ी वज​ह है ‘विकसित भारत’ का सपना.

‘अगले पांच साल के बड़े निर्णय की रूपरेखा तैयार’

मैं काशी का सांसद हूं. आप जब भी वहां आए तो आप मेरे मेहमान हैं. चुनाव की इस भागदौड़ में भी हमारी सरकार एक पल भी व्यर्थ नहीं कर रही है. सरकार बनते ही अगले 125 दिन में क्या होगा?… इसके रोडमैप पर काम कर लिया गया है. इसमें भी 25 दिन विशेष तौर पर युवाओं के लिए रखे गए हैं. अगले 5 साल में कौन से बड़े निर्णय लेने हैं, इसकी भी रुपरेखा खींची जा चुकी है. अगले 25 साल के विजन पर भी हमारी सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है.

‘वीर बाल दिवस युवा पीढ़ी को प्रेरणा देने के लिए’

पीएम मोदी ने आगे कहा, “भाजपा ‘विरासत भी, विकास भी’ इस मंत्र पर चल रही है. जब अफगानिस्तान में संकट आया, वहां पर हमारे जो सिख भाई-बहन रहते थे, वहां जो हमारा गुरुद्वारा था, बहुत खतरे पैदा हो गए तो हम गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों को पूरे अदब के साथ माथे पर रख कर भारत लाए. इतना ही नहीं, हमने साहिबजादों के बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाना तय किया… हमने हिंदुस्तान की भावी पीढ़ी को प्रेरणा देने के लिए वीर बाल दिवस की शुरुआत की है.”

‘कांग्रेस की वोट बैंक की राजनीति ने किया देश का नुकसान’

आजकल देश के लोग इंडी गठबंधन वालों से संविधान-संविधान की रट सुन रहे हैं. ये वो लोग हैं जिन्होंने इमरजेंसी में संविधान का गला घोंट दिया था. जब 84 के दंगों में सिखों के गले में टायर बांधकर जलाया जा रहा था, तो इन्हें संविधान की नहीं सूझी. कांग्रेस और इंडी गठबंधन के स्वार्थ और वोट बैंक की राजनीति ने देश का बहुत नुकसान किया है. वोट बैंक के प्रति अपने प्यार के कारण देश के बंटवारे के समय करतारपुर साहिब पर अपना अधिकार नहीं जता पाए. यही लोग हैं, जो अपने वोट बैंक के लिए लगातार राम मंदिर का विरोध करते रहे. तुष्टिकरण की राजनीति के कारण इंडी गठबंधन सीएए का विरोध कर रहा है.

‘सबका साथ, सबका विकास हमारे सुशासन का मूलमंत्र’

पीएम मोदी ने कहा कि सबका साथ सबका विकास हमारे सुशासन का मूलमंत्र है. संत रविदास को कोट करते हुए कहा कि हमें पूरा जीवन काम करना चाहिए. कर्म ही धर्म है. ये बीजेपी सरकार का सौभाग्य है कि उसे गुरु रविदास से जुड़ी विरासत को सम्मान देने का अवसर मिला है. काशी में उनके जन्मस्थान का विकास किया जा रहा है.

आप और कांग्रेस पर किए कई हमले

पीएम मोदी ने कांग्रेस को भ्रष्टाचार की जननी बताया. उन्होंने कहा कि यहां कांग्रेस और आम आदमी पार्टी आमने-सामने लड़ने का ड्रामा कर रही है जबकि दिल्ली में साथ दिख रहे हैं. आम आदमी पार्टी की पहली सरकार कांग्रेस के समर्थन से बनी थी. इसलिए इन्होंने कांग्रेस से भ्रष्टाचार के पाठ पढ़ लिए हैं. कांग्रेस की गोद से ये कट्टर भ्रष्टाचारी पैदा हुए हैं. ये तो जन्म से कट्टर भ्रष्टाचारी पैदा हुए हैं. इन्होंने पंजाब को गैंगवॉर में झोंक दिया है. नारी उत्पीड़न में भी ये नंबर वन बनते जा रहे हैं. दिल्ली से लेकर पंजाब तक इनके कारनामे दुनिया देख रही है. इनके नेता का ठिकाना नहीं। नीति फर्जी, नारे फर्जी. नीयत में भी खोट है. इन्होंने भ्रष्टाचार करके देश के खजाने को खाली करने की योजना बनाई है.

Lok Sabha Election Phase 7: आखिरी चरण के मतदान में क्या BJP जीत पाएगी 2019 की हारी हुई सीटें? UP में इन सीटों पर मुकाबला…

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Lok Sabha Election Phase 7: आखिरी चरण के मतदान में क्या BJP जीत पाएगी 2019 की हारी हुई सीटें? UP में इन सीटों पर मुकाबला…

लोकसभा चुनाव 2024 के सातवें चरण के मतदान 1 जून को होने वाले हैं. इस चरण में उत्तर प्रदेश की 13 सीटों पर मतदान होने हैं, जिसमें से पूरे देश की निगाहें सिर्फ उत्तर प्रदेश की वाराणसी सीट पर होगी, क्योंकि यहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार अपनी जीत के लिए उम्मीदवार बनकर खड़े हुए हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश की सिर्फ वाराणसी सिट ही नहीं बल्कि बाकी 13 सीटें भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी की वाराणसी.

  • महाराजगंज
  • गोरखपुर
  • कुशीनगर
  • देवरिया
  • बांसगांव
  • घोसी
  • सलेमपुर
  • बलिया
  • गाजीपुर
  • चंदौली
  • वाराणसी
  • मीरजापुर
  • रॉबर्ट्सगंज

मीरजापुर

भारतीय जनता पार्टी और अपना दल (सोनेलाल) की गठबंधन की प्रत्याशी अनुप्रिया पटेल तीसरी बार उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही है. केंद्रीय उद्योग और वाणिज्य मंत्री भी है. यहां पर इंडिया गठबंधन से सपा के प्रत्याशी राजेंद्र बिंद है. पिछली बार इनको टिकट तो मिला था पर काट दिया गया था. वहीं बसपा ने बगैर गठबंधन से मनीष त्रिपाठी को चुनाव में उतारा है. अपना दल (कैमराबादी) ने दौलत सिंह पटेल को अपना प्रत्याशी बनाया.

सलेमपुर

बलिया जिले के बांसडीह, सिकंदरपुर, बेल्थरा रोड और देवरिया जिले का सलेमपुर, भाटपाररानी को मिलाकर बनी सलेमपुर सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है. यहां से भाजपा ने रविंद्र कुशवाहा को मैदान में उतारा है. सपा से पूर्व सांसद रमाशंकर राजभर विद्यार्थी उतरे हैं. बसपा से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर चुनाव में उतरे हैं. कहा जाता है कि यहां राजभर और कुशवाहा वोटर्स अहम भूमिका निभाते हैं.

बलिया

भारतीय जनता पार्टी ने बलिया सीट से सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त का टिकट काटकर पूर्व प्रधानमंत्री वह आठ बार सांसद रहे चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर को मैदान में उतारा. यहां से सांसद रह चुके हैं और वर्तमान में भाजपा के राज्यसभा सदस्य हैं. इंडिया गठबंधन ने सनातन पांडे को दोबारा टिकट दिया है. वहीं बसपा ने सेना रिटायर लल्लन यादव को मैदान में उतारा और यादव वोटरों पर सेंध मारने का प्रयास किया है.

घोसी

यह वह सीट है जहां पर मुख्तार अंसारी का दबदबा रहता था, लेकिन इस बार यह क्षेत्र मुख्तार अंसारी के प्रभाव से कोसों दूर है. यहां पर भाजपा और एनडीए गठबंधन से ओमप्रकाश राजभर के बेटे अरविंद राजभर चुनाव लड़ रहे हैं. वहीं इंडिया गठबंधन से सपा के सचिव राजीव राय बसपा से पूर्व सांसद बालकृष्ण चौहान मैदान में है. इस क्षेत्र में राजभर, यादव, चौहान, भूमिहार, निषाद और अल्पसंख्यक वोटर एक खास भूमिका अदा करते हैं

चंदौली

उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा पर बसे चंदौली में चुनाव के समय अक्सर विकास का मुद्दा नीचे रह जाता है और जातिवाद हावी हो जाता है. 2014 और 2019 में जीत के बाद भाजपा ने एक बार फिर सांसद डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडे पर भरोसा जताया. इंडिया गठबंधन से समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री रहे वीरेंद्र सिंह मैदान में उतरे हैं. बसपा से सत्येंद्र मौर्य पीडीएम से प्रगतिशील मानव समाज पार्टी से जवाहर बार मैदान में हैं.

वैसे तो यहां यादव वोटरों की संख्या ज्यादा है, लेकिन पिछड़ी जातियों में भाजपा की पकड़ मजबूत होने के कारण यहां मुकाबला दिलचस्प होगा.

गाजीपुर

गाजीपुर लोकसभा सीट से भाजपा ने नया चेहरा मैदान में उतारा है, जिनका नाम है पारसनाथ राय. वही पिछली बार बसपा से सांसद रहे अफजाल अंसारी को इस बार सपा से टिकट मिला है. वहीं बसपा ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील डॉ उमेश कुमार सिंह पर दांव लगाया है.

गाजीपुर लोकसभा सीट में मुस्लिम और यादव वोटरों का समीकरण 7 लाख का है और यहां पर भाजपा वोट बैंक में सेंधमारी के लिए हर दांव पेंच अपना रही है. यहां पर बीजेपी ने शिक्षक बनाम माफिया का नारा इस लोकसभा सीट से दिया जा रहा है.

वाराणसी

वाराणसी की धरती पर पिछले दो बार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सांसद हैं और इस बार हैट्रिक बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने उनको फिर से चुनाव में उतारा है. 2019 में समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी शालिनी यादव को 4,79,505 मतों से पीएम मोदी ने हराया था.

इंडिया गठबंधन से कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय खड़े हैं. वाराणसी में उनकी बहुत लंबे समय से पकड़ है और पिछले तीन बार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ताल ठोक रहे हैं. वहीं बसपा ने पूर्व पार्षद सैयद नियाज अली को प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा है तो वहीं पीडीएम से असदुद्दीन ओवैसी और पल्लवी पटेल ने एक साथ जनसभा कर अपनी उपस्थिति का संदेश दिया.

रॉबर्ट्सगंज

इस सीट से एनडीए की गठबंधन की ओर से अपना दल (एस) ने अपने सांसद पकौड़ी लाल कोल की बहू रिंकी सिंह कोल को मैदान में उतारा है, जो कि मीरजापुर के छानबे विधानसभा की मौजूदा विधायक हैं. कहा जा रहा है कि रिंकी सिंह एनडीए सरकार की योजनाओं के अलावा राम मंदिर और अनुच्छेद 370 के दम पर चुनाव लड़ रही हैं. वहीं छोटे लाल खरवार सपा व कांग्रेस के सहारे जोर लगा रहे हैं.

महाराजगंज

इस सीट से छह बार के सांसद रह चुके पंकज चौधरी एक बार फिर भाजपा से मैदान में उतरे हैं. बता दे कि केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी अब तक इस सीट से 8 बार चुनाव लड़ चुके हैं और इन्होंने दो बार हार का सामना भी किया है. कांग्रेस ने विधायक वीरेंद्र चौधरी को यहां से मैदान में उतारा. तो वहीं बसपा ने मोहम्मद मौसमे आलम को टिकट दिया है.

गोरखपुर

इस सीट से अभिनेता और अभिनेत्री आमने-सामने चुनाव लड़ रहे हैं. एक तरफ भाजपा ने सांसद रवि किशन शुक्ला को दूसरी बार मैदान में उतरा तो वहीं इंडिया गठबंधन की ओर से अभिनेत्री काजल निषाद चुनावी मैदान में उतरी है. गोरखपुर क्षेत्र एक ऐसा क्षेत्र है जहां मुस्लिम यादव और निषाद वोटरों की का समीकरण बनाकर चुनाव जीता जा सकता है.

बांसगांव

चौथी बार भाजपा ने पूर्व सांसद सुभावती पासवान के बेटे कमलेश पासवान को टिकट दिया है, जो कि पहले तीन बार सांसद बने और डबल इंजन की सरकार के विकास कार्यों के दम पर मैदान में उतरे हैं. वहीं इंडिया गठबंधन ने कांग्रेस के टिकट पर सदन प्रसाद को मैदान में उतारा है और यहां बसपा ने पूर्व आयकर आयुक्त डॉ रामसमुझ को टिकट दिया है.

कुशीनगर

भारतीय जनता पार्टी ने इस सीट से वर्तमान सांसद विजय कुमार दुबे को प्रत्याशी बनाया है. इससे पहले यहां पर राजेश पांडे 2014 में भाजपा से सांसद बने थे. वहीं समाजवादी पार्टी से सैंथवार अजय प्रताप सिंह मैदान में उतरे हैं. वही इस बीच पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी से त्रिकोणीय बनाने का प्रयास किया है.

देवरिया

भारतीय जनता पार्टी ने इस सीट से समाज सेवी शशांक मणि त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाकर पुराने विवाद को समाप्त कर दिया. पिछले चुनाव में विवाद यह था कि किसी बाहरी व्यक्ति को लाकर चुनाव लड़ाया जा रहा था, जो इस बार नहीं है. वहीं कांग्रेस ने पूर्व विधायक अखिलेश सिंह को मैदान में उतारा है तो वहीं बसपा ने संदेश यादव को टिकट दिया है और यादव वोट बैंक में सेंधमारी का प्रयास किया.

मनीष सिसोदिया को कोर्ट से फिर लगा झटका, शराब नीति मामले में 6 जुलाई तक बढ़ी न्यायिक हिरासत…

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मनीष सिसोदिया को कोर्ट से फिर लगा झटका, शराब नीति मामले में 6 जुलाई तक बढ़ी न्यायिक हिरासत…

दिल्ली शराब नीति मामले में आम आदमी पार्टी (आप) नेता मनीष सिसोदिया को एक बार फिर से कोर्ट से झटका लगा है. राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार (30 मई) को मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत को 6 जुलाई तक बढ़ा दिया है.

दिल्ली शराब नीति मामले में मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी पिछले साल हुई थी. इस साल फरवरी में सिसोदिया को लखनऊ में अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए 3 दिन की जमानत भी मिली थी.

मनीष सिसोदिया रद्द हो चुकी दिल्ली शराब नीति मामले में आरोपी हैं. केंद्रीय एजेंसियों के जरिए इस मामले की जांच की जा रही है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पिछले साल फरवरी में मनीष सिसोदिया को शराब नीति मामले में गिरफ्तार किया था. वहीं, पिछले साल ही एक महीने बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी उन्हें इस मामले में 9 मार्च को गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल वह दोनों मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं.

शराब नीति मामले में AAP को बनाया गया आरोपी

वहीं, 17 मई को शराब नीति मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी ने इस केस में आम आदमी पार्टी को आरोपी बनाया. दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने ईडी के जरिए की गई अपनी गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. इस दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने ईडी का पक्ष रखते हुए शराब नीति मामले में आम आदमी पार्टी को आरोपी बनाया. ईडी ने शराब नीति मामले में नौवीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की थी.

AAP ने ईडी के आरोपों को नकारा

आप ने ईडी के आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया. एक बयान में पार्टी ने कहा था कि ईडी बीजेपी की पॉलिटिकल विंग की तरह काम कर रही है. पार्टी का आरोप था कि इस कथित फर्जी जांच के पीछे ईडी का मकसद आम आदमी पार्टी को फंसाना है. पार्टी ने कहा कि बीजेपी राजनीतिक प्रतिशोध के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई करवा रही है.

जमानत पर बाहर हैं अरविंद केजरीवाल

हालांकि, यहां गौर करने वाली बात ये है कि दिल्ली शराब नीति मामले में ही गिरफ्तार किए गए अरविंद केजरीवाल को 1 जून तक अंतरिम जमानत मिली हुई है. केजरीवाल को ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था. इस दौरान उन्होंने जेल से ही सरकार चलाई और अदालत में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी. सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए केजरीवाल को 21 दिनों की अंतरिम जमानत दी. उन्हें ये जमानत चुनाव प्रचार करने के लिए मिली है. केजरीवाल को 2 जून को सरेंडर करना है.

Lok Sabha Elections 2024: मनमोहन सिंह ने लेटर जारी करते हुए जनता से बातें कहीं…

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Lok Sabha Elections 2024: मनमोहन सिंह ने लेटर जारी करते हुए जनता से बातें कहीं…

पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. मनमोहन सिंह ने लोकसभा चुनाव 2024 के आखिरी चरण के मतदान से पहले एक तरफ वोटरों से खास अपील की तो दूसरी ओर पीएम नरेंद्र मोदी पर उनकी भाषा और नीतियों को लेकर जोरदार हमला भी किया.

गुरुवार (30 मई 2024) को एक लेटर जारी करते हुए मनमोहन सिंह ने पंजाब की जनता से कई और बातें भी कहीं.

डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा, मेरे प्यारे साथी नागरिकों, भारत एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है. अंतिम चरण के मतदान में, हमारे पास लोकतंत्र और हमारे संविधान को सुरक्षित रखने का एक निरकुंश शासन को खत्म करने का एक अंतिम मौका है. पंजाब और पंजाबी योद्धा हैं. हम अपने बलिदान की भावना के लिए जाने जाते हैं. हमारा सद्भाव, सौहार्द और लोकतांत्रिक व्यवस्था में सहज विश्वास हमारे महान राष्ट्र की रक्षा कर सकता है.

‘पीएम ने काफी असंसदीय भाषा का किया है इस्तेमाल’

अपने लेटर में मनमोहन सिंह ने कहा, “मैं इस चुनाव अभियान के दौरान राजनीतिक चर्चा को बहुत ध्यान से देख रहा हूं. मोदी जी ने काफी घृणास्पद भाषण दिए हैं, जो पूरी तरह से विभाजनकारी हैं. मोदी जी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने पद की गरिमा और उसके साथ ही प्रधानमंत्री पद की गंभीरता को कम किया है. इससे पहले किसी भी प्रधानमंत्री ने किसी खास वर्ग या विपक्ष को निशाना बनाने के लिए इतनी घृणित, असंसदीय और निम्नस्तरीय भाषा का इस्तेमाल नहीं किया. उन्होंने मुझे लेकर भी कुछ गलत बयान दिए हैं. मैंने अपने जीवन में कभी भी एक समुदाय को दूसरे से अलग नहीं किया. यह भाजपा का विशेष अधिकार और आदत है.”

’10 साल में बीजेपी ने पंजाब को बदनाम किया’

मनमोहन सिंह ने आगे लिखा, पिछले दस साल में भाजपा सरकार ने पंजाब और पंजाबियत को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. पंजाब के 750 किसान शहीद हुए हैं. किसान लगातार महीनों तक दिल्ली की सीमाओं पर इंतजार करते रहे. इन पर सरकार ने हमले कराए. किसानों को संसद में आंदोलनजीवी और परजीवी कहा गया.

किसानों का मुद्दा भी उठाया

मोदी जी ने 2022 तक हमारे किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन उल्टा 10 साल में किसानों की आय कम हो गई है. हमारे खेत परिवारों की बचत को नष्ट कर दिया और उन्हें हाशिये पर छोड़ दिया. इस बार कांग्रेस पार्टी के घोषणापत्र में “किसान न्याय” के तहत 5 गारंटी हैं. कांग्रेस ने एमएसपी की कानूनी गारंटी, कृषि के लिए एक स्थिर निर्यात-आयात नीति, ऋण माफी और अन्य कई घोषणाएं की हैं.

नोटबंदी जैसे फैसलों को बताया गलत

मनमोहन सिंह ने अपने लेटर में मोदी सरकार की नीतियों पर की भी आलोचना की है. उन्होंने लिखा है कि पिछले 10 वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था में अकल्पनीय उथल-पुथल देखी गई है. नोटबंदी, गलत तरह से जीएसटी लागू, कोरोना में लॉकडाउन के फैसले ने दयनीय स्थिति उत्पन्न की है. भाजपा सरकार के कार्यकाल में औसत जीडीपी विकास दर 6 फीसदी से कम रही है, जबकि कांग्रेस-यूपीए के कार्यकाल में यह लगभग 8 प्रतिशत थी.

दक्षिण भारत के 5 राज्यों और 2 UTs से जुड़े कब आएंगे एग्जिट पोल के नतीजे? इन प्लेटफॉर्म्स पर देख सकेंगे लाइव स्ट्रीमिंग…

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दक्षिण भारत के 5 राज्यों और 2 UTs से जुड़े कब आएंगे एग्जिट पोल के नतीजे? इन प्लेटफॉर्म्स पर देख सकेंगे लाइव स्ट्रीमिंग…

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों से पहले दक्षिण भारत की कुल 131 सीटों (पांच राज्यों की 129 और दो केंद्र शासित प्रदेशों की दो) से जुड़े एग्जिट पोल आएंगे.

ये उस शाम में जारी किए जाएंगे, जिस दिन आम चुनाव के आखिरी चरण का मतदान संपन्न हो जाएगा. ठीक छह बजे वोटिंग खत्म होगी, जिसके थोड़ी देर बाद एग्जिट पोल्स के रिजल्ट सार्वजनिक किए जा सकते हैं.

चुनाव आयोग ने सुबह सात बजे से शाम साढ़े छह बजे तक इन पोल्स को जारी करने पर रोक लगा रखी है. ऐसे में माना जा रहा है कि साउथ इंडिया के एग्जिट पोल्स के परिणाम शाम सात-साढ़े सात बजे के आसपास आ सकते हैं. हालांकि, इनकी टाइमिंग को लेकर फिलहाल किसी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

South India में हैं कौन से राज्य और UTs?

भारत के दक्षिणी हिस्से में कुल पांच राज्य आते हैं. इनमें आंध्र प्रदेश (25 सीटें), तेलंगाना (17 सीटें), कर्नाटक (28 सीटें), केरल (20 सीटें) और तमिलनाडु (39 सीटें) हैं. साउथ इंडिया में सूबों से इतर दो केंद्रीय शासित प्रदेश (यूटी) भी हैं, जिनमें पुदुचेरी (एक सीट) और लक्षद्वीप (एक सीट) हैं.

लोकसभा चुनाव 2024 का ऐसा है शेड्यूल

देश में इस बार का लोकसभा चुनाव सात चरण में हो रहा है. आखिरी चरण के तहत एक जून, 2024 को वोटिंग होगी. इस दौरान 57 लोकसभा सीटों पर मतदान होगा. हालांकि, इससे पहले छठे चरण के तहत 25 मई को (57 सीटों पर), पांचवें चरण के तहत 20 मई को (49 सीटों पर), चौथे चरण के तहत 13 मई को (96 सीटों पर), तीसरे चरण के तहत सात मई को (94 सीटों पर), तीसरे चरण के तहत सात मई को (94 सीटों पर, दूसरे चरण के तहत 26 अप्रैल को (89 सीटों पर) और 19 अप्रैल को (102 सीटों पर) वोट डाले गए थे. नतीजों का ऐलान चार जून, 2024 को होगा.