भारतीय रेलवे ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर महत्वपूर्ण और बड़ा अपडेट जारी किया है। बताया जा रहा है कि यह ट्रेन पूरी तरह से आम आदमी के लिए होगी और इसमें किसी भी प्रकार का वीआईपी कल्चर नहीं होगा।
इसका मतलब है कि अफसरों या मंत्रियों के लिए कोई विशेष कोटा नहीं होगा, यानी हर यात्री को समान सुविधाएं मिलेंगी।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन (RAC) या आंशिक रूप से कन्फर्म टिकटों का कोई प्रावधान नहीं होगा। केवल पूर्ण रूप से कन्फर्म टिकट ही जारी किए जाएंगे। साथ ही, न्यूनतम चार्जेबल दूरी 400 किलोमीटर होगी, यानी इससे कम दूरी की यात्रा पर भी कम से कम 400 किमी का किराया देना होगा।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 1 जनवरी 2026 को एसी 1, एसी 2 और एसी 3 श्रेणियों के संभावित किरायों की घोषणा की थी। 9 जनवरी को जारी परिपत्र में किराया संरचना का विस्तृत विवरण दिया गया है…
400 किमी तक (न्यूनतम किराया)
- एसी 1: 1520 रुपये
- एसी 2: 1240 रुपये
- एसी 3: 960 रुपये
(यह किराया दूरी चाहे 1 किमी हो या 400 किमी, न्यूनतम यही लागू होगा।)
400 किमी से अधिक दूरी के लिए प्रति किलोमीटर दरें
- एसी 1: 3.80 रुपये प्रति किमी
- एसी 2: 3.10 रुपये प्रति किमी
- एसी 3: 2.40 रुपये प्रति किमी
(जीएसटी अलग से लगेगा।) इन यात्रियों को मिलेगा आरक्षण
- महिला आरक्षण
- दिव्यांगजन (PwD) आरक्षण
- वरिष्ठ नागरिक आरक्षण
- ड्यूटी पास आरक्षण
- इसके अलावा कोई अन्य आरक्षण कोटा नहीं होगा
कैसे किया जाएगा बर्थ आवंटन
अगर कोई यात्री ऐसे बच्चे के साथ यात्रा कर रहा है जिसके लिए अलग बर्थ की जरूरत नहीं, तो सिस्टम उपलब्धता के आधार पर नीचे की बर्थ आवंटित करेगा।
60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुष यात्रियों और 45 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिला यात्रियों के लिए सिस्टम उपलब्धता के आधार पर नीचे की बर्थ देने का प्रयास करेगा।
टिकट रद्द करने पर रिफंड
रद्दीकरण के 24 घंटे के भीतर रिफंड प्रक्रिया शुरू करने के लिए सभी भुगतान केवल डिजिटल माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।
काउंटर से टिकट खरीदते समय भी डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी।
अगर कोई यात्री डिजिटल भुगतान नहीं कर पाता, तो रद्दीकरण पर सामान्य नियमों के अनुसार रिफंड मिलेगा।
वहीं अधिकारियों ने कहा कि इसमें मामूली संशोधन हो सकते हैं, जिनकी जानकारी जनता को दी जाएगी। नियमित यात्रियों के लिए व्यावसायिक संचालन लॉन्च के तुरंत बाद शुरू हो सकता है, और इसका विवरण आधिकारिक परिपत्र से जारी किया जाएगा।



