प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद के इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है. उन्होंने लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करने वाली पहली महिला बनकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है.
मोदी ने इसे गर्व का क्षण बताया.
आर्थिक सर्वेक्षण 2026 से पहले मीडिया से बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है और अब दूसरा चरण शुरू हो रहा है. उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत का सपना पूरा करने के लिए आने वाले 25 साल बेहद अहम होंगे. इसी दिशा में यह बजट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.</p><p>निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को मोदी सरकार का 15वां बजट पेश करेंगी. यह एनडीए सरकार की लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के बाद दूसरा पूर्ण बजट होगा.
वित्त मंत्री के साथ अनुभवी अधिकारियों और अर्थशास्त्रियों की एक मजबूत टीम काम कर रही है. इस बार कई नए चेहरे भी इस टीम में शामिल हैं, जो बजट की रूपरेखा बनाने में अहम योगदान दे रहे हैं.
आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर बजट डिवीजन का नेतृत्व कर रही हैं. उनकी जिम्मेदारी है कि संसाधनों का सही इस्तेमाल हो, सरकारी खर्च की सीमा तय हो और विकास व स्थिरता के बीच संतुलन बना रहे.
मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन बजट के लिए जरूरी आर्थिक विश्लेषण उपलब्ध कराते हैं. उनका दफ्तर वैश्विक जोखिमों का आकलन करता है, विकास दर का अनुमान लगाता है और विभिन्न क्षेत्रों के रुझानों का अध्ययन करता है. साथ ही वे बड़े सुधारों और वित्तीय नीतियों पर वित्त मंत्री को सलाह देते हैं.
राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव प्रत्यक्ष करों जैसे आयकर और कॉरपोरेट टैक्स के साथ-साथ अप्रत्यक्ष करों जैसे जीएसटी और सीमा शुल्क की देखरेख करते हैं. यह उनके कार्यकाल का पहला बजट होगा.
व्यय सचिव वुमलुनमंग वुअलनाम सरकारी खर्च और सब्सिडी सुधारों की निगरानी करते हैं. उनका विभाग वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और घाटे को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है.
वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, बीमा कंपनियों और पेंशन संस्थानों की निगरानी करते हैं. उनका ध्यान वित्तीय समावेशन बढ़ाने और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने पर है.
निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग के सचिव अरुणिश चावला सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर गैर-कर राजस्व जुटाने की जिम्मेदारी निभाते हैं. वे केंद्र सरकार की संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन पर काम करते हैं.



