Women Reservation Bill: आज से संसद का विशेष सत्र शुरू हो रहा है, जिसमें तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे, इनका उद्देश्य 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून- नारी शक्ति वंदन को पूरी तरह से लागू करना है, सत्र से पहले PM नरेंद्र मोदी ने इसे शासन में महिलाओं की भागीदारी को मज़बूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।
संसद का तीन दिन का विशेष सत्र 16 से 18 अप्रैल तक चलेगा। यह आरक्षण संभवतः 2029 से लागू होगा लेकिन सबकी नज़र इस बात पर टिकी है कि क्या सरकार संवैधानिक संशोधन बिल पास कराने के लिए ज़रूरी, सदन में मौजूद और वोट देने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत हासिल कर पाएगी।
महिला आरक्षण कानून- नारी शक्ति वंदन से जुड़ी 10 खास बातें
महिला आरक्षण बिल को लागू करने के लिए संविधान में संशोधन किया गया है, इसे 106वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2023 कहा जा रहा है।
इस बिल के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित होंगी।
इस विधेयक को आधिकारिक तौर पर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ नाम दिया गया है।
यह बिल पहली बार 1996 में पेश हुआ था, लेकिन कई बार पास नहीं हो सका और करीब 27 साल बाद 2023 में पास हुआ।
यह कानून तुरंत लागू नहीं होगा, बल्कि इसे लागू करने के लिए जनगणना और परिसीमन (Delimitation) जरूरी है।
नई जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सीटों का आरक्षण लागू किया जाएगा।
अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित सीटों में भी महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण होगा।
यह आरक्षण व्यवस्था शुरू में 15 वर्षों के लिए लागू होगी, जिसे आगे बढ़ाया भी जा सकता है।
आरक्षित सीटें हर चुनाव में रोटेशन (घूम-घूमकर) बदलेंगी, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों की महिलाओं को मौका मिलेगा यानी कि रोटेशन सिस्टम लागू होगा।
इस बिल का मुख्य उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की संख्या और भागीदारी बढ़ाना है, जिससे निर्णय लेने में संतुलन आए।
पीएम मोदी ने Women Reservation Amendment Bill पर क्या कहा?
गुरुवार को पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि- आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। हमारी माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं।’
व्युच्छन्ती हि रश्मिभिर्विश्वमाभासि रोचनम्।
ता त्वामुषर्वसूयवो गीर्भिः कण्वा अहूषत॥
आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। हमारी माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं।
व्युच्छन्ती हि रश्मिभिर्विश्वमाभासि रोचनम्।
ता त्वामुषर्वसूयवो…



