पाकिस्तान में पीओके के मुजफ्फराबाद से एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हमजा बुरहान की अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी है.
पुलवामा आतंकी हमले से जुड़े बताए जा रहे आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में गोली मारकर हत्या कर दी गई है. सूत्रों के मुताबिक हमजा बुरहान को मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों ने निशाना बनाया, जहां मौके पर ही उसकी मौत हो गई.
बताया जा रहा है कि हमजा बुरहान पाकिस्तान आधारित आतंकी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और पुलवामा हमले की साजिश में उसकी अहम भूमिका मानी जाती थी.
सूत्रों के मुताबिक हमजा बुरहान लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था. उसकी हत्या ऐसे समय में हुई है, जब पाकिस्तान में आतंकी संगठनों और कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़े कई लोगों पर रहस्यमय हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. हाल के सालों में कई आतंकियों की या तो गैंगवार में मौत हुई है या फिर अज्ञात हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया है.
मुजफ्फराबाद में हुई इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. जानकारी के मुताबिक आज दोपहर 1 बजे जब हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर इसी एम्स स्कूल के बाहर गाड़ी से निकला तो हमलावर ने हमजा बुरहान पर ताबड़तोड़ गोली चला दी जिससे मौके पर ही हमज़ा बुरहान की मौत हो गई. हमजा बुरहान को भारत सरकार ने साल 2022 में UAPA के तहत आतंकी घोषित कर रखा था और साल 2020 में पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए ग्रेनेड अटैक का प्रमुख मास्टरमाइंड था- अर्जुमंद गुलज़ार डार उर्फ हमज़ा बुरहान उर्फ डॉक्टर.
हमजा मुजफ्फाराबाद में प्रिंसिपल के पद पर था
अल बद्र के आतंकी हमजा बुरहान का पूरा नाम अर्जुमंद गुलजार डार है. साल 2020 में पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए ग्रेनेड अटैक का मास्टरमाइंड था. इस समय पर हमजा बुरहान मुजफ्फराबाद के अब्बास इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस के प्रिंसिपल के पद पर तैनात था. साल 2022 में भारत सरकार ने अर्जुमंद गुलज़ार डार उर्फ हमज़ा बुरहान उर्फ डॉक्टर को UAPA के तहत आतंकी घोषित किया था.अर्जुमंद गुलज़ार डार उर्फ हमज़ा बुरहान साल 2015 से पाकिस्तान में रह रहा था. अल बद्र का कमांडर होने के साथ साथ आतंकियों की रिक्रूटमेंट करता था.
साथ ही आतंकी संगठन अल बद्र के छद्म नाम वाले आतंकी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट का भी प्रमुख आतंकी हमज़ा बुरहान था. सूत्रों के मुताबिक आतंकी हमज़ा बुरहान की मौत आपसी रंजिश की वजह से हुई है. साथ ही हमज़ा बुरहान की हत्या के बाद हमलावर ने मौके पर खड़ा रहा है और ख़ुद को पुलिस के हवाले कर दिया.



