भारत और इटली ने हायर एजूकेशन और रिसर्च को लेकर नए रोडमैप तैयार किए हैं. दोनों देशों ने यूनिवर्सिटी एक्सचेंज प्रोग्राम, रिसर्च पार्टनरशिप और स्टूडेंट सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया.
पीएम नरेंद्र मोदी के इटली दौरे ने भारत और इटली के रिश्तों को नई दिशा दे दी है. रोम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच हुई हाई लेवल बैठक के बाद दोनों देशों ने अपने संबंधों को स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप तक बढ़ाने पर सहमति जताई है.
इस दौरान व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम टेक्नोलॉजी, डिफेंस स्पेस और एजुकेशन जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का फैसला लिया गया है. खास बात यह है कि इस साझेदारी का बड़ा असर भारतीय छात्रों रिसर्चर्स और प्रोफेशनल्स पर देखने को मिल सकता है.
शिक्षा और रिसर्च सेक्टर में बढ़ेगा सहयोग
भारत और इटली ने हायर एजूकेशन और रिसर्च को लेकर नए रोडमैप तैयार किए हैं. दोनों देशों ने यूनिवर्सिटी एक्सचेंज प्रोग्राम, रिसर्च पार्टनरशिप और स्टूडेंट सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है. इससे भारतीय छात्रों के लिए इटली में पढ़ाई और रिसर्च के नए अवसर खुल सकते हैं. बताया जा रहा है कि दोनों देश शिक्षा संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देंगे, जिससे टेक्नोलॉजी, साइंस, डिजाइन और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट शुरू किए जा सकते हैं. इससे भारतीय छात्रों को यूरोप के एडवांस्ड रिसर्च नेटवर्क तक पहुंच मिलने की संभावना बढ़ेगी.
भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए आसान होगी आवाजाही
भारत और इटली के बीच से माइग्रेशन एंड मोबिलिटी एग्रीमेंट को भी आगे बढ़ाया जा रहा है. इसके तहत छात्रों, प्रोफेशनल्स और स्किल्ड वर्कर्स के लिए आवाजाही को और आसान बनाने पर काम को हो रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, फिलहाल इटली में 5100 से ज्यादा भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं और आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ सकती है. दोनों देशों ने भारतीय नर्सों और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की इटली में आसान एंट्री और रोजगार को लेकर भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है. इससे भारतीय युवाओं के लिए यूरोप में नए करियर अवसर खुल सकते हैं.
एआई और क्वांटम टेक्नोलॉजी में मिलेंगे नए मौके
बैठक के दौरान भारत और इटली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी फ्यूचर की तकनीक में साथ काम करने पर सहमति जताई. दोनों देश रिसर्च, स्किल्स, डेवलपमेंट और टेक्नोलॉजी इनोवेशन पर फोकस करेंगे. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे भारतीय स्टार्टअप, इंजीनियरिंग छात्रों, टेक प्रोफेशनल्स को यूरोप के टेक नेटवर्क से जुड़ने का मौका मिलेगा. दोनों देश मिलकर नए प्रोजेक्ट्स और रिसर्च इनिशिएटिव शुरू कर सकते हैं.
डिजाइन इन इटली, स्केल इन इंडिया मॉडल पर भी होगा काम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इटली डिजाइन और प्रिसीजन के लिए दुनिया में जाना जाता है, जबकि भारत स्केल, टैलेंट और सस्ती इनोवेशन का बड़ा केंद्र बन चुका हैं.
इसी सोच के साथ दोनों देश डिजाइन एंड डेवलपमेंट इन इंडिया एंड इटली, डिलीवर फॉर द वर्ल्ड मॉडल पर काम करेंगे. इसके तहत इंडिया-इटली इनोवेशन सेंटर स्थापित करने की भी योजना है, जहां दोनों देशों के स्टार्टअप और टेक कंपनियां साथ मिलकर काम कर सकेंगे.



