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क्या अब कम होगी पेट्रोल-डीजल और LPG की कीमत? होर्मुज के खुलने का होगा बड़ा असर!

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अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते के बाद इस पर लगे नाकेबंदी को हटा लिया जाएगा, जिससे पहले जहाजों को गुजरने के लिए लगभग 2 मिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च करने पड़ते थे

पश्चिमी एशिया में तनाव के चलते पिछले कुछ महीनों से ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही थीं, लेकिन अब इसमें ब्रेक लगने की उम्मीद है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ ऐतिहासिक शांति समझौते (US-Iran Peace Deal) और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को बिना किसी टोल के दोबारा खोलने के ऐलान के बाद कच्चे तेल के दामों में बड़ी गिरावट आई है.

रविवार देर रात को ब्रेंट क्रूड 3.9 प्रतिशत गिरकर 84 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US क्रूड 4.8 प्रतिशत गिरकर लगभग 81 डॉलर प्रति बैरल हो गया. यह मार्च के बाद का सबसे निचला स्तर है.

होर्मुज का रास्ता क्यों है इतना अहम?

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) एक ऐसा रणनीतिक समुद्री मार्ग है, जहां से दुनिया का ज्यादातर तेल शिपमेंट गुजरता है. फरवरी के आखिर में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद से यह बंद है. ईरान के एक सांसद के मुताबिक, कुछ कमर्शियल जहाज इस जलमार्ग से गुजरने के लिए औसतन लगभग 2 मिलियन अमेरिकी डॉलर का भुगतान करते थे.

जानकारों ने चेतावनी दी थी कि अगर जलडमरूमध्य में रुकावट जारी रही, तो तेल की कीमतें 100 डॉलर के मध्य से उच्च स्तर तक और अमेरिका में गैसोलीन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकती हैं. यही वजह है कि पूरी दुनिया को दोनों देशों के बीच एक समझौते का बेसब्री से इंतजार था, जो आखिरकार हो गया. जैसे ही ट्रंप ने समझौते के पूरा होने की घोषणा की, कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई.

भारत को इससे क्या फायदा?

भारत अपनी जरूरत का 85% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के खुलने से भारत के आयात बिल में कमी आएगी और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट भी कम होगा.

पेट्रोल-डीजल और LPG की कीमतों पर असर

भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया था कि आने वाले महीनों में तेल और गैस दोनों की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है. ईरान और अमेरिका के बीच जंग के चलते पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 8-8.5% तक की बढ़ोतरी की गई थी. अब कच्चे तेल के 80 डॉलर के स्तर पर आने से कंपनियां जल्द ही कीमतों में 3-5 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती कर सकती है. हालांकि, इस पर अभी आधिकारिक रूप से कुछ कहा नहीं जा सकता. इसी तरह से रसोई गैस सिलेंडरों के भी दाम कम हो सकते हैं.