छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ जनजागरूकता और पुनर्वास प्रयासों को गति देने राज्य सरकार ने पांच नए नशामुक्ति केंद्र खोलने का निर्णय लिया है।
इसके तहत 17 से 26 जून तक पूरे प्रदेश में नशा मुक्त भारत सप्ताह मनाते हुए व्यापक जनअभियान चलाया जाएगा।
प्रदेश में नशे के खिलाफ जनजागरूकता और पुनर्वास प्रयासों को गति देने राज्य सरकार ने पांच नए नशामुक्ति केंद्र खोलने का निर्णय लिया है।
इसके तहत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, सुकमा, बेमेतरा और कोरबा में नए केंद्र खोले जाएंगे। साथ ही 17 से 26 जून तक पूरे प्रदेश में नशा मुक्त भारत सप्ताह मनाते हुए व्यापक जनअभियान चलाया जाएगा।
समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार की अध्यक्षता में हुई बैठक में भारत माता वाहिनी योजना के विस्तार, नशामुक्ति केंद्रों की मानिटरिंग, पुनर्वास सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और विभागीय समन्वय बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
समिति ने 15 बिस्तरों वाले एकीकृत पुनर्वास केंद्रों की क्षमता बढ़ाकर 50 बिस्तर करने का सुझाव दिया।
जिन जिलों में नशामुक्ति केंद्र संचालित नहीं हैं, वहां स्थापना की प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति बनी।
बैठक में नशामुक्ति केंद्रों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए सीसीटीवी कैमरे तथा बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली लगाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।
वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक किए गए कार्यों और व्यय की समीक्षा के साथ वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई।
इधर, समाज कल्याण विभाग ने 17 से 26 जून तक प्रदेशभर में नशा मुक्त भारत सप्ताह मनाने की घोषणा की है।
नशा मुक्त भारत अभियान-विकसित भारत की पहचान थीम के तहत स्कूलों, कालेजों और सार्वजनिक स्थलों पर रैली, शपथ ग्रहण, सेमिनार, खेल प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे।
प्रमुख सचिव शहला निगार ने मंत्रालय में अधिकारियों और कर्मचारियों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई।



