स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में गाए गए राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर उठे विवाद ने अब कानूनी और राजनीतिक मोड़ ले लिया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने रविवार को कर्नाटक के उरवा पुलिस थाने में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। 15 अगस्त को हुए कार्यक्रम के दौरान एक वीडियो में वरिष्ठ नेताओं के बीच बातचीत को भाजपा ने राष्ट्रगीत का अपमान बताया है। हालांकि, कांग्रेस ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है।
भाजपा नेताओं का तीखा हमला” सांसद मनोज तिवारी और गृह मंत्री अमित शाह का आरोप**
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर राष्ट्रगीत के प्रति गहरा द्वेष है। उन्होंने कहा कि कैमरे के सामने सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ‘वंदे मातरम’ के दौरान सहज नहीं दिखे और बाद में सफाई देने लगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एक जनसभा में कहा कि सोनिया गांधी ने गान को बीच में रुकवाने का प्रयास किया।
कांग्रेस का स्पष्टीकरण, कांग्रेस का इनकार
कांग्रेस ने इन गंभीर आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि कार्यक्रम में राष्ट्रगीत को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया। पार्टी का कहना है कि सोनिया गांधी केवल कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को ठीक करने का प्रयास कर रही थीं और उन्होंने खड़गे के लिए कुर्सी मंगवाने की बात कही थी।
बंकिम चंद्र के वंशज की प्रतिक्रिया, बंकिम चंद्र के वंशज ने मांगी माफी
इस विवाद पर विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल और राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज भाजपा विधायक उमीत्रो चटर्जी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चटर्जी ने इसे एक देशभक्त और लेखक के वंशज के रूप में गहरी पीड़ा का विषय बताते हुए सोनिया गांधी से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है। अमित शाह ने इसे देश के 140 करोड़ लोगों का अपमान बताते हुए कहा कि राष्ट्रगीत को अधूरा छोड़ने का यह कृत्य देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।



