Home प्रदेश IMD: बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में बना डिप्रेशन लाएगा तूफानी...

IMD: बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में बना डिप्रेशन लाएगा तूफानी मौसम! इन राज्यों में होगी भारी बारिश..

3
0

देश भर में मौसमी प्रणालियों के लगातार बदलने से एक तरफ जहां अंडमान सागर में गहरा चक्रवाती दबाव बन रहा है। वहीं दूसरी तरफ उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का असर देखा जा रहा है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 28 सितंबर को जारी किए गए वेदर बुलेटिन के मुताबिक उत्तर अंडमान सागर और उससे सटे म्यांमार तट पर बना कम दबाव का क्षेत्र मजबूत होकर डिप्रेशन में बदल गया है।

28 सितंबर को यह डिप्रेशन 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा था।

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक यह तंत्र आज 28 सितंबर की शाम या रात तक और गहरा होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा और यांगून व क्याइकटो के बीच म्यांमार तट को पार करेगा। इसके बाद अगले दो दिनों के दौरान यह म्यांमार तट से होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तथा बांग्लादेश तट की ओर बढ़ेगा।

बीते 24 घंटों में इन मौसमी तंत्रों के प्रभाव से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई रेखा वर्तमान में गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया से होकर गुजर रही है।

अंडमान में 70 किमी/घंटे की तूफानी हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी

अंडमान सागर में बने डिप्रेशन का सबसे सीधा प्रभाव अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर देखने को मिलेगा। IMD ने चेतावनी जारी की है कि 28 और 29 सितंबर के दौरान अंडमान द्वीपों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। द्वीप समूह के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक बारिश का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण की वजह से मौसम बदला हुआ रहेगा। 28 सितंबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में व्यापक रूप से बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 28 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 28 और 29 सितंबर को छिटपुट बारिश और गरज-चमक का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी।

30 सितंबर से साफ होने लगेगा उत्तर भारत का मौसम

मौसम विभाग ने अपने बुलेटिन में यह राहत भरी जानकारी भी दी है कि 30 सितंबर से उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क होने लगेगा। इसके बाद 2 अक्टूबर से मध्य भारत के भी ज्यादातर इलाकों में बारिश की गतिविधियां थम जाएंगी और मौसम साफ रहने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के हिस्सों में 28 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच केवल छिटपुट बारिश और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।

पूर्वोत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत की मौसम स्थिति

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो पूर्वोत्तर राज्यों में 29 और 30 सितंबर को असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश हो सकती है जबकि अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिम भारत के कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात क्षेत्र में 1 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 29 सितंबर को मध्य महाराष्ट्र में 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।

दक्षिण भारत में केरल व माहे में 1 से 4 अक्टूबर के दौरान, तटीय कर्नाटक में 1 व 2 अक्टूबर को और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तक व्यापक बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक और केरल व माहे में 30 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 2 अक्टूबर तक तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।