अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े एक मामले में विशेष जांच दल यानी SIT ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर SIT ने रिपोर्ट तैयार की है।
रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट से जुड़े डॉ. अनिल मिश्रा के नाम शामिल नहीं किए गए हैं।
इस मामले में जांच एजेंसी पहले ही आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब SIT की अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच से जुड़े पहलुओं पर निर्णय लिया जाएगा।
जांच के बाद सौंपी गई अंतिम रिपोर्ट
SIT ने मामले से जुड़े दस्तावेजों, बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल करने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार की। जांच के दौरान अलग-अलग लोगों से पूछताछ की गई और मामले से जुड़े तथ्यों को जुटाया गया।
अंतिम रिपोर्ट में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का नाम नहीं होने से यह स्पष्ट है कि जांच में उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं पाए गए या उनकी भूमिका मामले में स्थापित नहीं हुई।
आठ आरोपी पहले ही जेल में
मामले में पुलिस और जांच एजेंसी की कार्रवाई के तहत आठ आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी आरोपी फिलहाल जेल में बताए जा रहे हैं।
SIT ने जांच के दौरान आरोपियों की भूमिका, उनके बीच संबंध और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की। अब अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई पर नजर
SIT की रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद अब संबंधित विभाग और अधिकारी रिपोर्ट का अध्ययन करेंगे। इसके आधार पर मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
जांच रिपोर्ट में किन-किन लोगों की भूमिका सामने आई है और आरोपियों के खिलाफ क्या साक्ष्य मिले हैं, यह आगे की कार्रवाई में महत्वपूर्ण होगा।
चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का नाम नहीं
मामले में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के नाम को लेकर पहले चर्चा हुई थी। अब SIT की अंतिम रिपोर्ट में दोनों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। इससे दोनों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर जांच के स्तर पर स्थिति स्पष्ट हुई है।
फिलहाल आठ आरोपी जेल में हैं और SIT अपनी जांच पूरी कर चुकी है। सरकार को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद अब इस मामले में आगे की कार्रवाई का इंतजार है।



