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छत्तीसगढ़ : धूमधाम से मनाया जाएगा भगवान परशुराम जन्मोत्सव, कीर्तन मंडली के साथ निकलेगी भव्य शोभायात्रा…

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छत्तीसगढ़ : धूमधाम से मनाया जाएगा भगवान परशुराम जन्मोत्सव, कीर्तन मंडली के साथ निकलेगी भव्य शोभायात्रा…

जांजगीर चांपा में हर साल की तरह इस बार भी 10 मई को श्री परशुराम जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा. भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव पर्व मनाने के लिए बैठक कर तैयारी और कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई. वहीं जिला मुख्यालय के कचहरी चौक, नेताजी चौक व परशुराम चौक को तोरण से सजाकर ध्वज पताका लगाई जा रही है. श्री परशुराम जन्मोत्सव पर्व पर शोभायात्रा कहां से कहां तक निकाली जाएगी, इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.

श्री परशुराम जन्मोत्सव के संबंध में आयोजन समिति के मनोज पांडेय ने बताया श्री हरि विष्णु के छठवें अवतार भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर शोभायात्रा हर साल की तरह इस बार भी निकाली जाएगी. उन्होंने कहा जांजगीर में पुलिस कंट्रोल रूम के सामने स्थित दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर के पास शाम 5 बजे सामूहिक शिव तांडव स्रोत का गायन किया जाएगा. उसके बाद मंदिर परिसर से पैदल शोभायात्रा निकाली जाएगी. यह शोभायात्रा कचहरी चौक व नेताजी चौक होते हुए रेलवे स्टेशन नैला के पास श्री राम मंदिर के पास परशुराम चौक पहुंचेगी. यहां पर भगवान परशुराम जी का पूजन और महा आरती करने के बाद शोभायात्रा सम्पन्न होगी. इसके बाद, मारवाड़ी धर्मशाला में सभी शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद (रात्रि भोज) की व्यवस्था लगभग 2500 लोगों के लिए रहेगी.

शोभायात्रा की खास बातें

श्री परशुराम जन्मोत्सव में शोभायात्रा बारे में बताया शोभायात्रा को आकर्षक बनाने के लिए करमा मंडली के दो नृत्य दल रहेंगे. युवावर्ग के लिए धुमाल पार्टी का आयोजन किया जाएगा. इसके साथ ही कीर्तन का भी आयोजन किया जाएगा. श्री परशुराम जी को प्रकृति के साथ सुसज्जित रथ तैयार किया जाता है और ब्राह्मण नारी नव चेतना मंच की ओर से आयोजित उपनयन संस्कार में शामिल बटुकों का दल अपनी परंपरागत वेशभूषा में रहते हैं. इस रथ के आगे पीछे श्रद्धालु शोभायात्रा में नृत्य, गीत करते हुए शामिल रहते हैं. इस शोभायात्रा में पुरुष पीले या भगवा रंग के कुर्ते में और महिलाएं पीले या लाल,भगवा रंग की साड़ी में शामिल होंगी.

शोभायात्रा के लिए बस

मनोज पांडेय ने लोगों से आग्रह करते हुए कहा श्री परशुराम किसी एक समाज के नहीं हैं, इसलिए सभी समाज के लोग इस शोभायात्रा में शामिल जरूर हों. जिससे इस कार्यक्रम को और भव्य रूप मिल सके. शोभायात्रा शाम 05 बजे दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर से निकलेगी. जिसमें जिला मुख्यालय के आसपास गांव शामिल श्रद्धालु के लिए बसों की व्यवस्था भी की है. उन्हें बस से शोभायात्रा में शामिल कराया जाएगा. उसके बाद शोभायात्रा समाप्त होने के बाद उनके लिए परशुराम चौक नैला रेलवे स्टेशन से रात्रि भोज के बाद वापस पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था रहेगी.

छत्तीसगढ़ : अक्षय तृतीया पर गुलजार हुए सर्राफा बाजार, चांदी पर मिल रही भारी छूट, जानें सोने का भाव…

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छत्तीसगढ़ : अक्षय तृतीया पर गुलजार हुए सर्राफा बाजार, चांदी पर मिल रही भारी छूट, जानें सोने का भाव…

सोने-चांदी के वर्क मजदूरी में डिस्काउंट दिया जा रहा है. सोने, कुंदन के सेट, डायमंड सेट में डिस्काउंट चल रहा है. चांदी के सभी मजदूरी में 50% का डिस्काउंट चल रहा है.

देश समेत छत्तीसगढ़ में अक्षय तृतीया 10 मई को मनाई जाएगी.

वैसे तो अक्षय तृतीया को लेकर तरह-तरह की मान्यता है, लेकिन इस दिन सोने-चांदी की खरीदारी को बेहद शुभ माना जाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, अक्षय तृतीया पर जो भी शुभ कार्य करेंगे, उसका फल अक्षय रहता है. उसमें कभी भी कोई कमी नहीं होती है. वहीं सोना, चांदी, आभूषण या प्रॉपर्टी को माता लक्ष्मी का भौतिक स्वरूप मानते हैं. इसलिए ज्यादातर लोग इस दिन सोने-चांदी की खरीदारी ज्यादा करते हैं. अगर आप इस अक्षय तृतीया पर कुछ प्लान बना रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए ही है. राजधानी रायपुर के सराफा के एक व्यापारी ने बताया कि अक्षय तृतीया में लोग बिना मुहूर्त के सोने-चांदी की खरीदारी करते हैं, जो कि बेहद शुभ माना जाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, सोना माता लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है. हर कोई चाहता है अक्षय तृतीया के दिन उसके घर में सोना आए. इसी को देखते हुए राजधानी रायपुर का सराफा बाजार गुलजार है. नई वैरायटी और अच्छे-अच्छे कलेक्शन की भरमार देखने को मिल रही है, जिसमें लाइट वेट ज्वेलरी, कुंदन की ज्वेलरी, डायमंड ज्वेलरी शामिल है. इसमें कम से कम वजन में आकर्षित दिखने वाली ज्वेलरी भी उपलब्ध है.

कारोबारियों में उत्साह
यहां पर सोने-चांदी के वर्क मजदूरी में डिस्काउंट दिया जा रहा है. सोने, कुंदन के सेट, डायमंड सेट में डिस्काउंट चल रहा है. चांदी के सभी मजदूरी में 50% का डिस्काउंट चल रहा है. इस तरीके से आप अक्षय तृतीया पर सराफा कारोबारियों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है. आप भी इस दिन सोने चांदी की खरीदारी कर सकते हैं. उन्होंने आगे कहा प्योर सोना 24 कैरेट का भाव 71,350 चल रहा है. अक्षय तृतीया पर मांग बढ़ने पर इसके भाव में बढ़ोतरी हो सकती है. इस लिए ग्राहक आज ही इसकी बुकिंग कर रहे हैं.

एडवांस में कराएं बुकिंग

बुकिंग के बाद ग्राहक इसकी डिलीवरी अक्षय तृतीया के दिन करा सकते हैं या दुकान आकर ले सकते हैं. अक्षय तृतीया पर सोने-चांदी के भाव बढ़े रहने की स्थिति में भी पुराने भाव में खरीदारी कर सकते हैं. इसके लिए ग्राहक को सराफा बाजार आकर 18, 20, 22 कैरेट के गहने एडवांस के साथ बुक करा सकते हैं. ऐसे में ग्राहक को कम भाव का लाभ मिल सकता है.

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को लेकर सामने आया बयान… 

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भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को लेकर कहा कि ये हमारा है और हम वापस लेंगे। दरअसल, दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कॉलेज में के एक कार्यक्रम में शामिल हुए।

इस दौरान उन्होंने स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा पीओके पर ये बयान दिया।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, “लोगों ने इसे फॉरग्रांटेड लिया। लोगों ने तो सोचा था कि 370 को भी बदला नहीं जा सकता है। यह ऐसा है कि हमें स्वीकार करना होगा। अब सबकुछ बदल चुका है। इस देश के सभी राजनीतिक दल PoK, जो भारत का हिस्सा है, वापस लेने के लिए प्रतिबद्ध है।”

’10 साल पहले PoK के बारे में कोई सोचता भी नहीं थी’

उन्होंने कहा कि मैं कहना चाहता हूं कि 10 साल पहले तक मैंने कभी लोगों को पीओके को लेकर सवाल करते हुए नहीं देखा था। जब हमनें 370 हटाया, तो अब लोग समझ रहे हैं कि हां पीओके भी महत्वपूर्ण है। क्योंकि हमने 370 हटाकर सही किया, इसलिए लोग पीओके का मुद्दा लोगों के मन में आ रहा है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पीओके पर क्या कहा?

इससे पहले भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रिपब्लिक के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा था कि पीओके को वापस लेने के लिए हमें किसी तरह की फोर्स लगाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी ने पूछा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को मेनिफेस्टो में डाला है? क्या लोगों को पता नहीं चलना चाहिए कि आप क्या करना चाह रहे हैं और कब करेंगे।

इसपर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “पीओके भारत का था, है और रहेगा। इसे मेनिफेस्टो में डालने की क्या जरूरत है। आराम से रहिए…जिस तरह से काम हो रहा है, जैसी अमन और शांति की स्थिति बनी हुई है और विकास के काम हो रहे हैं, भारत जिस तरह से आगे बढ़ रहा है, एक दिन ऐसा आएगा, जब पीओके के लोग खुद ही भारत के साथ आने की बात करेंगे।”

मतदान प्रतिशत, अन्य मुद्दों को लेकर विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन शुक्रवार को निर्वाचन आयोग से मिलने की संभावना…

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मतदान प्रतिशत, अन्य मुद्दों को लेकर विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन शुक्रवार को निर्वाचन आयोग से मिलने की संभावना…

मौजूदा लोकसभा चुनाव में प्रत्येक चरण के मतदान के बाद पूर्ण मत प्रतिशत के आंकड़े तुरंत जारी करने की अपनी मांग को लेकर विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के नेता शुक्रवार को निर्वाचन आयोग से मिलने की संभावना है।

सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने पहले कहा था कि विपक्षी गठबंधन के नेताओं की आयोग के साथ मुलाकात बृहस्पतिवार के लिए निर्धारित है, लेकिन बाद में इसे बदलकर शुक्रवार कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि वे अपने प्रचार अभियान में भाजपा द्वारा कथित ”धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल” का मुद्दा भी उठाएंगे। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) सहित ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल दलों ने अब तक निर्वाचन आयोग को अलग-अलग पत्र लिखा है, जिसमें पहले दो चरणों के मतदान के आंकड़ों को जारी करने में कथित ‘देरी’ को लेकर चिंता व्यक्त की गई है।

विपक्ष के आरोपों के बीच, निर्वाचन आयोग ने दावा किया था कि मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद ”डाले गए मतों की वास्तविक संख्या” का बूथ-वार आंकड़ा उम्मीदवारों के पास उपलब्ध है। पिछले सप्ताह जारी एक बयान में, निर्वाचन आयोग ने यह भी कहा था कि वह मतदान के प्रत्येक चरण के बाद मतदान के आंकड़ों को समय पर जारी करने को ”उचित महत्व” देता है। उसने कहा कि न केवल निर्वाचन क्षेत्र, बल्कि मतदान की वास्तविक संख्या का बूथ-वार आंकड़ा भी उम्मीदवारों के पास उपलब्ध है, जो एक वैधानिक आवश्यकता है।

मल्लिकार्जुन खडगे ने की है शिकायत

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मतदान आंकड़ों में कथित ”विसंगतियों” के मुद्दे पर विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं को पत्र लिखा था। अपने पत्र में, खरगे ने ‘इंडिया’ के नेताओं से इस मुद्दे पर सामूहिकता, एकजुटता के साथ स्पष्ट रूप से अपनी आवाज उठाने का आग्रह किया। निर्वाचन आयोग ने आधिकारिक तौर पर 30 अप्रैल को, लोकसभा चुनाव के पहले दो चरणों में हुए मतदान का आंकड़ा साझा किया। आयोग के आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 66.14 प्रतिशत और दूसरे चरण में 66.71 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

मंगलवार को हुए तीसरे चरण के मतदान के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा बुधवार रात 10 बजे तक के अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक, 65.68 प्रतिशत मतदान हुआ। निर्वाचन आयोग द्वारा सोमवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में मतदान प्रतिशत के आंकड़ों के साथ हर सीट पर मतदाताओं की कुल संख्या भी शामिल थी। विभिन्न विपक्षी दलों ने चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के अन्य नेताओं के भाषणों को लेकर भी निर्वाचन आयोग से संपर्क किया और आरोप लगाया है कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया गया है। विपक्षी दलों के साथ-साथ भाजपा द्वारा की गई शिकायतों के आधार पर, निर्वाचन आयोग ने भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और कांग्रेस अध्यक्ष खरगे को आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन पर नोटिस जारी किया था।

तृणमूल कांग्रेस निर्वाचन आयोग में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कर दावा, देशखालि मामले में दुष्कर्म के आरोप…

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तृणमूल कांग्रेस निर्वाचन आयोग में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी और अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कर दावा करेगी कि पार्टी के एक नेता ने कैमरे पर कबूल किया है कि संदेशखालि मामले में दुष्कर्म के आरोप मनगढ़ंत थे।

सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस आज दिन में निर्वाचन आयोग को एक पत्र सौंपेगी।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, उनकी शिकायत एक कथित वीडियो पर आधारित है जिसमें संदेशखालि में भाजपा मंडल अध्यक्ष गंगाधर कायल होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि ‘पूरी साजिश के पीछे’ पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अधिकारी हैं।

एक समाचार संस्था ने ‘स्टिंग ऑपरेशन’ में वीडियो बनाया जिसे बाद में तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किया। इसमें कायल को कहते हुए सुना जा सकता है कि संदेशखालि में यौन उत्पीड़न की शिकायतें अधिकारी के कहने पर दर्ज कराई गई थीं।

इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया कि ‘स्टिंग ऑपरेशन’ फर्जी था और उन्हें शक है कि वीडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से बनाया गया है।

Giriraj Singh: बेगूसराय के बीजेपी प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भारत में हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता जाहिर की है।

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Giriraj Singh: बेगूसराय के बीजेपी प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भारत में हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता जाहिर की है।

भारत के भीतर पिछले 65 साल में हिंदू आबादी घटने के दावों ने सभी को चौंका दिया है। बेगूसराय के बीजेपी प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भारत में हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता जाहिर की है।

उन्होंने कहा कि 1950 से लेकर 2015 तक इन 65 सालों में तकरीबन हिंदुओं की जनसंख्या में 8 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है, जो चिंता का विषय है। एक रिपोर्ट सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने हिंदुओं की घटी आबादी के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है।

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) की रिपोर्ट में दावा है कि 1950 से 2015 तक भारत में हिंदू आबादी तकरीबन 8 फीसदी घटी है। इस अवधि के दौरान मुस्लिम आबादी में 43 प्रतिशत से ज्यादा का इजाफा हुआ है। इस पर गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकालम में रोहिंग्या समेत अन्य मुसलमानों को पराश्रय दिया गया। उन पर कभी भी अंकुश लगाने की कवायत नहीं की गई। आलम ये है कि धीरे-धीरे हिंदुओं की जनसंख्या घटती चली गई। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की तरफ से गजवा-ए हिंद की तैयारी की जा रही है। ये भारत को इस्लामिक स्टेट बनाने की दिशा में काम किया जा रहे हैं।

कांग्रेस-राजद देश तोड़ने का काम कर रहे हैं- गिरिराज सिंह

गिरिराज सिंह ने कहा कि ये (विपक्ष) लोग सिर्फ वोट बैंक की राजनीतिक करते हैं, देश की संप्रभुता से इनका कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस-राजद देश तोड़ने का काम कर रहे हैं। क्योंकि देश में मुस्लिम की आबादी लगातार बढ़ता ही जा रही है, ये चिंता का विषय बना हुआ है।

बैंक कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट का झटका, आयकर अधिनियम के तहत इंटरेस्ट लोन पर देना होगा टैक्स

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बैंक कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट का झटका, इंटरेस्ट लोन पर देना होगा टैक्स

रकारी बैंक कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। एक ऐतिहासिक फैसले में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि बैंक कर्मचारियों को दिए गए ब्याज मुक्त या रियायती दर पर लोन का लाभ एक ‘अनुलाभ’ है और इसलिए यह आयकर अधिनियम के तहत टैक्सेबल है।

यह फैसला न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और दीपांकर दत्ता की पीठ ने सुनाया। फैसले ने विशेष रूप से आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 17(2)(viii) और आयकर नियम, 1962 के नियम 3(7)(i) की वैधता को बरकरार रखा। इसमें कहा गया है कि प्रावधान न तो अन्यायपूर्ण है, न ही क्रूर है और न ही करदाताओं पर कठोर।

नियम के अनुसार, जब कोई बैंक कर्मचारी जीरो इंटरेस्ट या रियायती कर्ज लेता है तो वह सालाना जितनी राशि बचाता है, उसकी तुलना एक सामान्य व्यक्ति द्वारा भारतीय स्टेट बैंक से उतनी ही राशि का लोन लेकर भुगतान की जाने वाली राशि से की जाती है, जिस पर बाजार लगता है और यह कर योग्य होगा।

न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा कि ब्याज मुक्त या रियायती कर्ज के मूल्य को अनुलाभ के रूप में टैक्स लगाने के लिए अन्य लाभ या सुविधा के रूप में माना जाना चाहिए। नियोक्ता द्वारा ब्याज मुक्त या रियायती दर पर कर्ज देना निश्चित रूप से ‘फ्रिंज बेनिफिट’ और ‘अनुलाभ’ के रूप में योग्य होगा, जैसा कि आम बोलचाल में इसके नेचुरल यूजेज से समझा जाता है।”

क्या है अनुलाभ

न्यायमूर्ति खन्ना और न्यायमूर्ति दत्ता ने ‘अनुलाभ’ की प्रकृति के बारे में स्पष्ट करते हुए बताया कि यह रोजगार की स्थिति से जुड़ा एक लाभ है, जो ‘वेतन के बदले लाभ’ से अलग है। यह सेवाओं के लिए मुआवजा है। अनुलाभ रोजगार के लिए आकस्मिक हैं और रोजगार की स्थिति के कारण लाभ प्रदान करते हैं, जो सामान्य परिस्थितियों में उपलब्ध नहीं होते हैं।

कोर्ट ने ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स फेडरेशन और अन्य संस्थाओं द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया। इसमें तर्क दिया गया था कि इस वर्गीकरण में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड को आवश्यक विधायी कार्यों का अत्यधिक और अनिर्देशित प्रतिनिधिमंडल शामिल है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी तर्क दिया कि भारतीय स्टेट बैंक की प्रमुख लेडिंग रेट को मानक बेंचमार्क के रूप में उपयोग करना मनमाना था और संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।

हालांकि, जजों ने कहा कि एसबीआई की ब्याज दर को एक बेंचमार्क के रूप में तय करने से एकरूपता सुनिश्चित होती है और विभिन्न बैंकों द्वारा ली जाने वाली अलग-अलग ब्याज दरों पर कानूनी विवादों को रोका जा सकता है। उन्होंने ने कहा कि यह उपाय गैरजरूरी मुकदमेबाजी से बचाता है। साथ ही अनुषंगी लाभ के टैक्सेबल मूल्य की गणना करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाता है।

अडानी-अंबानी की जांच के लिए ED-CBI भेज दें; राहुल का पीएम मोदी पर पलटवार

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अडानी-अंबानी की जांच के लिए ED-CBI भेज दें; राहुल का पीएम मोदी पर पलटवार

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उनके ‘अडानी-अंबानी’ वाले बयान पर पलटवार किया है। कांग्रेस नेता ने पूछा है कि क्या वे घबरा गए हैं? राहुल गांधी ने पीएम मोदी से गौतम अडानी और मुकेश अंबानी की सीबीआई और ईडी के जरिए जांच करवाने की मांग की है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को आरोप लगाया था कि पिछले पांच सालों से सुबह उठते ही अंबानी और अडानी के नाम की माला जपने वाले कांग्रेस के शहजादे ने उनसे कितना माल उठाया है जो लोकसभा चुनाव घोषित होते ही उन्होंने उन्हें गाली देना बंद कर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी के बयान का जवाब देते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, ”नमस्कार मोदी जी, थोड़ा सा घबरा गए क्या। आमतौर पर बंद कमरों में अडानी-अंबानी की बात करते हैं। पहली बार पब्लिक में अडानी-अंबानी बोला। आपको यह भी मालूम कि ये टेम्पो में पैसा देते हैं। क्या आपका पर्सनल एक्सपीरियंस है क्या? एक काम कीजिए, सीबीआई ईडी को इनके पास भेजिए। पूरी जांच करवाइए, घबराइए मत। मैं देश से फिर से कहता हूं कि जितना पैसा नरेंद्र मोदी जी ने इनको दिया है, उतना ही हम देश के गरीब को देने जा रहे हैं। महालक्ष्मी योजना, पहली नौकरी पक्की योजना के जरिए से करोड़ों लखपति बनाएंगे। इन्होंने 22 अरबपति बनाएं हैं, हम करोड़ों लखपति बनाएंगे।”

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पीएम मोदी को जवाब देते हुए कहा, ”वक्त बदल रहा है। दोस्त दोस्त ना रहा…! तीन चरणों के चुनाव पूरे हो जाने के बाद आज प्रधानमंत्री अपने मित्रों पर ही हमलावर हो गए हैं। इससे पता चल रहा है कि मोदी जी की कुर्सी डगमगा रही है। यही परिणाम के वास्तविक रुझान हैं।” वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी निशाना साधते हुए कहा कि आज नरेंद्र मोदी ने कहा- उनके मित्र अडानी और अंबानी के पास टेंपो भर-भरकर काला धन है। ऐसे में तीन सवाल सामने आते हैं। 1- आपने काला धन निकालने के लिए नोटबंदी की थी, तो आपके मित्रों के पास काला धन कहां से आया? 2- जब आपके मित्रों के पास बोरे भर-भरकर काला धन है, तो ED-IT-CBI कोई कार्रवाई क्यों नहीं करती? 3- पिछले 10 साल में निजीकरण कर सरकारी संपत्तियां अडानी-अंबानी को ही बेची गई हैं, तो काला धन कहां से आया? असलियत ये है कि आप सामने दिख रही हार से बौखला गए हैं, इसलिए तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।

हैदराबाद से करीब 150 किलोमीटर दूर वेमुलावाड़ा में एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने यह कहा था कि आपने देखा होगा। कि कांग्रेस के शहजादे (राहुल गांधी की ओर इशारा करते हुए) पिछले पांच साल से सुबह उठते ही माला जपना शुरू करते थे। लेकिन जब से उनका राफेल वाला मामला ग्राउंडड हो गया तब से एक नई माला जपना शुरू किया। पांच साल से एक ही माला जपते थे। पांच उद्योगपति… फिर धीरे-धीरे कहने लगे… अंबानी, अडानी… पांच साल से… लेकिन जब से चुनाव घोषित हुआ है इन्होंने अंबानी अडानी को गाली देना बंद कर दिया। उन्होंने कहा, ”जरा ये शहजादे घोषित करे कि इस चुनाव में अंबानी-अडानी से कितना माल उठाया है? काले धन के कितने बोरे भर के रुपये मारे हैं? क्या टेम्पो भर के नोट कांग्रेस के लिए पहुंचे हैं क्या? क्या सौदा हुआ है कि आपने रातों-रात अंबानी, अडानी को गाली देना बंद कर दिया? जरूर दाल में कुछ काला है।

पंजाब में अपनी जड़ें जमाने में जुटी भाजपा, दूसरे दलों के दिग्गजों को जॉइन करा रही पार्टी

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पंजाब में अपनी जड़ें जमाने में जुटी भाजपा, दूसरे दलों के दिग्गजों को जॉइन करा रही पार्टी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए पंजाब की राजनीति अन्य राज्यों से काफी अलग है। लंबे समय तक शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन में रहते हुए सीमिति क्षेत्र में राजनीति करने वाली भाजपा अब पूरी ताकत से अकेले चुनाव मैदान में है।

पंजाब में अपनी जड़ें जमाने और ताकत बढ़ाने के लिए भाजपा ने कांग्रेस, अकाली दल व आम आदमी पार्टी के कई प्रमुख नेताओं को अपने साथ जोड़ा है। कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ भाजपा में है और जाखड़ को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं।

राज्य की 13 लोकसभा सीटों के लिए भाजपा ने नौ सीटों के लिए अपने उम्मीदवार तय कर दिए हैं। अब उसे चार सीटों फिरोजपुर, आनंदपुर साहिब, फतेहगढ़ साहिब व संगरूर बाकी हैं। भाजपा को इन सीटों के लिए दमदार उम्मीदवारों की जरूरत हैं। चूंकि भाजपा का इन क्षेत्रों में अपना संगठन ज्यादा मजबूत नहीं रहा, इसलिए उसके पास लोकसभा चुनाव लड़ने वाले प्रभावी उम्मीदवार नहीं हैं।

सूत्रों के अनुसार पार्टी इन सीटों में कुछ पर दूसरे दलों से आने वाले नेताओं पर दांव लगा सकती है। इसके लिए उसकी कांग्रेस और अकाली दल के कुछ नेताओं पर नजर भी है।

आप से हुआ लोगों का मोहभंग
गौरतलब है भाजपा में पंजाब में बड़ी संख्या में नए लोग जुड़े हैं। इनमें दूसरे दलों के नेताओं के साथ समाज के विभिन्न वर्गो के प्रभावशाली और पूर्व नौकरशाह तक शामिल हैं। भाजपा की कोशिश सीमावर्ती राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने की है। भाजपा के एक प्रमुख नेता ने कहा कि अकाली दल व कांग्रेस की सरकारों के कारनामों से उकता गए लोगों ने विकल्प के रूप में आम आदमी पार्टी को मौका दिया था, लेकिन अब उससे भी लोगों का मोह भंग हो गया है और लोग नए विकल्प की तलाश में है और भाजपा वह विकल्प लोगों के सामने रख रही है।

वीआरएस ले मैदान में परमपाल कौर
भाजपा ने बठिंडा सीट पर परमपाल कौर को ही उम्मीदवार रखना तय किया है। कौर आईएएस अधिकारी हैं और उन्होंने वीआरएस ले लिया है जिसे केंद्र सरकार ने मंजूरी भी दे दी है। हालांकि पंजाब सरकार ने कौर को नोटिस जारी कर उनसे तत्काल ड्यूटी पर जाने को कहा है क्योंकि उनको तीन महीने के नोटिस पीरियड् से छूट नहीं मिली है। इस पर कौर ने कहा कि उनके वीआरएस को मंजूरी मिल चुकी है, इसलिए वह चुनाव लड़ेंगी।

हमास का आखिरी गढ़ मिटाने पर तुला इजरायल, पर अब अमेरिका ने भी खाई एक कसम

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हमास का आखिरी गढ़ मिटाने पर तुला इजरायल, पर अब अमेरिका ने भी खाई एक कसम

मेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजरायल के सामने बड़ी शर्त रख दी है। खबर है कि बाइडेन ने कसम खाई है कि अगर इजरायल रफाह में आक्रमण के लिए आगे बढ़ता है, तो हथियारों की सप्लाई रोक दी जाएगी।

अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि इजरायल ने रफाह में सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन अब तक आबादी केंद्रों तक पहुंचकर रेड लाइन पार नहीं की है।

फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में बाइडेन ने कहा, ‘मैंने यह साफ कर दिया है कि अगर वे रफाह में जाते हैं, तो मैं उन्हें हथियार सप्लाई नहीं करूंगा, जिनका इस्तेमाल ऐतिहासिक रूप से रफाह, और शहरों से निपटने के लिए किया गया है। वे अब तक रफाह नहीं गए हैं।’ हालांकि, बाइडेन ने साफ किया है कि अमेरिका इजरायल के रक्षात्मक हथियार भेजना जारी रखेगा।

उन्होंने कहा, ‘हम यह सुनिश्चित करने जा रहे हैं कि आयरन डोम और मिडिल ईस्ट से हाल ही में हुए हमलों के खिलाफ उनकी क्षमता के मामले में इजरायल सुरक्षित रहे।’ उन्होंने कहा, ‘लेकिन यह गलत है, तो है। हम उन्हें हथियार और गोले की आपूर्ति नहीं करने वाले हैं।’

रिपोर्ट के मुताबिक, बाइडेन ने कहा, ‘वे अब तक आबादी केंद्रों तक नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने जो किया बिल्कुल सीमा पर किया और इससे अभी मिस्र के साथ समस्याएं हो रही हैं। हमारे बीच संबंध और समर्थन रहे, इसके लिए मैंने काफी मेहनत की है।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने बीबी और वॉर कैबिनेट को साफ कर दिया है कि अगर वे इन आबादी केंद्रों तक जाते हैं, तो उन्हें हमारा समर्थन नहीं मिलेगा।’

कहा जा रहा है कि अमेरिका में आगामी राष्ट्रपति चुनाव पर भी इजरायल-हमास युद्ध का खासा असर पड़ सकता है। बाइडेन को कई लोगों की तरफ से आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

अमेरिका ने रोकी खेप
अमेरिका ने उसकी इच्छा के विपरीत गाजा के रफह शहर पर बड़े पैमाने पर हमला करने के इजरायल के फैसले को लेकर चिंता व्यक्त करने के लिए पिछले सप्ताह इजरायल को गोला बारूद की खेप की आपूर्ति रोक दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि खेप में 2000 पाउंड वजन (900 किलोग्राम) के 1800 बम और 500 पाउंड वजनी (225 किलोग्राम) 1700 बम भेजे जाने थे।

अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि कैसे इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटकों का इस्तेमाल घनी आबादी वाले क्षेत्र में किया जा सकता है। चरमपंथी हमास द्वारा पिछले साल सात अक्टूबर को इजरायल पर घातक हमला किए जाने के जवाब में इजरायल ने गाजा पट्टी पर आक्रमण शुरू कर दिया था, जिसके बाद से 10 लाख से अधिक नागरिकों ने रफह में शरण ली हुई है।

अमेरिका ने ऐतिहासिक रूप से इजरायल को भारी मात्रा में सैन्य सहायता मुहैया कराई है। हमास के सात अक्टूबर के हमले के बाद इसमें काफी तेजी दिखी गई। हमास के हमले में इजरायल में लगभग 1,200 लोगों की जान चली गई थी और लगभग 250 लोगों को चरमपंथियों ने बंधक बना लिया। गोला बारूद की खेप को रोकने से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन प्रशासन के बीच बढ़ता गतिरोध और खुलकर सामने आया गया है।

बाइडन ने इजरायल से गाजा में निर्दोष नागरिकों की रक्षा के लिए और अधिक उचित कदम उठाने का आह्वान किया था। वहीं, बाइडन प्रशासन इस हफ्ते इस बात पर फैसला दे सकता है कि क्या इजरायल द्वारा गाजा में हवाई हमला और उस तक सहायता सामग्री न पहुंचने देने में अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी कानूनों का उल्लंघन हुआ है जो नागरिकों को युद्ध की भीषणता से बचाने के लिए बनाए गए हैं।

व्हाइट हाउस की ओर से कई महीने तक आपत्ति दर्ज कराए जाने के बावजूद इजरायली सरकार रफह पर आक्रमण की तैयार करती रही, जिसके बाद अप्रैल में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने इजरायल को भविष्य में सैन्य सहायता भेजने की समीक्षा शुरू कर दी। अधिकारी ने बताया कि गोला बारूद की खेप की आपूर्ति रोकने का निर्णय पिछले सप्ताह लिया गया और खेप निकट भविष्य में इजरायल को भेजी जाएगी या नहीं, इस पर निर्णय नहीं लिया गया है।