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Lok Sabha Elections 2024: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी आगामी लोकसभा चुनाव में इस बार अमेठी और वायनाड से चुनाव लड़ सकते हैं.

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Lok Sabha Elections 2024: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी आगामी लोकसभा चुनाव में अमेठी से चुनावी मैदान में होंगे. सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार राहुल गांधी इस बार अमेठी और वायनाड से चुनाव लड़ सकते हैं. राहुला गांधी कि बीते कुछ समय से केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर हैं. उन्होंने पिछले साल भी केंद्र सरकार के खिलाफ बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत जोड़ो यात्रा भी निकाली थी. राहुल गांधी इन दिनों भी केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकाल रहे हैं.

इजरायल की उत्तरी सीमा पर हुए एक विस्फोट में केरल से गए एक मजदूर की मौत हो गई. इजरायल ने इसके लिए आतंकी गुट हिजबुल्लाह को जिम्मेदार बताया है.

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जरायल की उत्तरी सीमा पर हुए एक विस्फोट में केरल से गए एक मजदूर की मौत हो गई. इजरायल ने इसके लिए आतंकी गुट हिजबुल्लाह को जिम्मेदार बताया है.

इस बीच लगातार ये बात आ रही है कि युद्ध-प्रभावित इस देश में भारतीयों का वर्कफोर्स की तरह जाना कितना सेफ है.

भले ही इजरायल सुरक्षा का आश्वासन और काम की अच्छी कीमत दे रहा है, लेकिन ताजा हादसा कुछ और ही कहता है. वैसे इजरायल अकेला देश नहीं, दुनिया के कई देशों में भारतीय लेबर की अच्छी-खासी डिमांड रही. जानिए, क्या है इसकी वजह.

भारत और इजरायल ने फ्रेमवर्क एग्रीमेंट एंड इम्प्लिमेंटेशन प्रोटोकॉल्स साइन किए. ये वो करार है, जो इजरायल में काम करने गए भारतीयों को समान अधिकार और सुरक्षा की गारंटी देता है. उन्हें मेडिकल ट्रीटमेंट और सोशल सिक्योरिटी कवरेज भी मिलेगी. इसके अलावा मजदूरी या खेतों में काम के लिए अच्छी तनख्वाह दी जाएगी. ये तमाम चीजें हैं, जिनकी वजह से भारत के कई राज्यों से लोग इजरायल जाने लगे.

इजरायल को क्यों पड़ी जरूरत?

इस देश का फिलहाल हमास के साथ युद्ध चल रहा है. काफी संख्या में इजरायली नागरिक सेना में चले गए. फिलिस्तीन के भी लोग अनस्किल्ड लेबर करते थे. हमास के साथ तनाव में इजरायल ने उनकी एंट्री रोक दी. ऐसे में वहां काम के लिए भरोसेमंद लोगों की जरूरत पड़ी. भारत से दोस्ताना संबंधों के चलते देश ने हमसे संपर्क किया. इस तरह से नई खेप वहां जाने लगी. वैसे इससे पहले से भी हजारों भारतीय इजरायल में एक खास काम के लिए जाते रहे.

बुजुर्ग आबादी की देखरेख के लिए इजरायली परिवार केयरगिवर्स हायर कर रहे हैं. इसमें भारतीय टॉप पर हैं. धीरज और प्रोफेशनल स्किल्स के चलते वे इजरायल की पसंद बने हुए हैं. यही वजह है कि वहां रह रहे करीब 14 हजार भारतीय यही काम करते हैं. सोशल मीडिया पर इजरायली केयरगिवर्स के कई ग्रुप चलते हैं. इनकी मानें तो वहां सवा लाख से 3 लाख तक की तनख्वाह कॉमन है. घंटों के हिसाब से देखें तो प्रति घंटा काम के बदले कम से कम 9 सौ रुपए मिलते हैं. रहने-खाने का खर्च अलग से है. साथ ही मेडिकल सुविधाएं भी केयरगिवर का परिवार ही उठाता है.

भारत में किन राज्यों से जा रहे लोग?

केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र से लोग इजरायल जा रहे हैं. भारतीयों के अलावा नेपाल और फिलीपींस जैसे देशों के लोग भी इजरायल में केयरगिवर का काम करते मिल जाएंगे.

अनस्किल्ड लेबर की तरह ही नहीं, बल्कि पढ़े-लिखे प्रोफेशनल्स की भी भारी डिमांड है. अमेरिका और कनाडा में भारतीय आईटी में टॉप पोजिशन्स पर हैं. टेक्नोलॉजी काउंसिल्स ऑफ नॉर्थ अमेरिका और कनाडा टेक नेटवर्क की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2022 से अगले सालभर के अंदर ही 15 हजार से ज्यादा इंडियन टेक वर्कर कनाडा पहुंचे.

अक्सर पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों के युवा खुद मानते हैं कि वे अमेरिका जाकर ट्रक ड्राइवरी करेंगे. डेटा भी इस बात को सपोर्ट करता है. इंटरनेशनल रोड ट्रांसपोर्ट यूनियन के अनुसार दुनिया में अब भी लगभग 26 लाख ट्रक ड्राइवरों की कमी है. अकेले अमेरिका में 80 हजार ड्राइवरों की जरूरत है. ऐसे में भारतीय अनस्किल्ड लेबर इस काम के लिए भी भारी संख्या में जा रहा है.

अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में नर्सों की भी जरूरत है. जिसे पूरा करने का काम भारतीय नर्सें कर रही हैं. इस काम के लिए खासकर दक्षिण भारतीय नर्सों को खूब पूछा जाता है क्योंकि उन्हें भाषा की समस्या कम होती है. साथ ही वे ज्यादा मेहनती और वर्क एथिक्स वाली होती हैं.

बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप ने 197 देशों के साढ़े 3 लाख से ज्यादा लोगों पर एक सर्वे किया. इसमें ये जानने की कोशिश थी कि क्या लोग जॉब के लिए बाहर जाना चाहते हैं. इसमें एक चौंकाने वाली बात दिखी. साल 2014 में यानी आज से लगभग एक दशक पहले 64 प्रतिशत लोगों ने बाहर जाने की बात का हां में जवाब दिया. वहीं साल 2019 में इसमें गिरावट आ गई. केवल 57 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे काम के लिए दूसरे देश जाना पसंद करेंगे. हालांकि इसमें भी एक पेंच है. हामी भरने वाले देशों में भारतीयों की संख्या सबसे ज्यादा थी. सर्वे के दौरान 90 प्रतिशत भारतीयों ने बाहर काम करने की इच्छा जताई. दूसरे नंबर पर 70 प्रतिशत के साथ ब्राजीलियन लोग थे.

किस देश जाने की होड़

बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के सर्वे में निकलकर आया कि सबसे ज्यादा लोग अमेरिका जाना चाहते हैं. इसके बाद जर्मनी, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और फिर यूनाइटेड किंगडम हैं. जापान अकेला एशियाई देश है, जहां लोग काम के लिए जाना चाहते हैं, लेकिन ये भी 10वें नंबर पर है.

कहां सबसे कम आवाजाही?

कई देश देश हैं, जहां इमिग्रेंट्स की संख्या नहीं के बराबर है, खासकर जॉब के मामले में. इनमें ज्यादातर देश वे हैं, जहां गरीबी और भुखमरी ज्यादा है, जैसे वियतनाम, म्यांमार, हैती और श्रीलंका. हालांकि इस लिस्ट में चीन का नाम दूसरे नंबर पर है. अमीर देश होने के बाद भी यहां कुल आबादी का केवल 0.7 प्रतिशत ही बाहरी लोगों का है. इसकी एक वजह यहां भाषा को लेकर कट्टरता भी है.

देश क्यों भेज रहे अपने लोगों को बाहर?

– हमारे यहां वर्किंग-एज-आबादी काफी ज्यादा है. ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लोग काम कर सकें, इसके लिए भारतीयों को विदेशी धरती पर भेजा जा रहा है.

– ये सॉफ्ट डिप्लोमेसी भी है. जिन देशों को हमारी जरूरत है, हमारे लोग वहां उनका काम भी करेंगे, साथ ही देश के अनौपचारिक प्रतिनिधि की तरह भी काम करते हैं.

– ओवरसीज लेबर माइग्रेशन से लोगों को इंटरनेशनल एक्सपोजर मिलता है, जो कि देश लौटने पर काम आता है.

– विकसित देशों में ज्यादा तनख्वाह मिलती है. इसका असर देश की इकनॉमी पर भी सकारात्मक ढंग से पड़ता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कोलकाता में भारत के पहले अंडरवॉटर मेट्रो रूट का उद्घाटन करेंगे.

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Lok Sabha Elections 2024: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार यानी आज कोलकाता में भारत के पहले अंडरवॉटर मेट्रो रूट का उद्घाटन करेंगे. अंडरवाटर सर्विस कोलकाता मेट्रो के पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर के हावड़ा मैदान-एस्प्लेनेड सेक्शन का हिस्सा है, जो हुगली नदी के नीचे 16.6 किलोमीटर की दूरी तय करेगी.

मेट्रो सर्विस पश्चिम बंगाल की राजधानी के हावड़ा और साल्ट लेक को जोड़ेगी. इस दौरान पड़ने वाले छह में से तीन स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे. कहा जा रहा है कि मेट्रो नदी के नीचे बनी सुरंग में मात्र 45 सेकंड में 520 मीटर की दूरी तय कर लेगी.

न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, पूर्वी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कौशिक मित्रा ने बताया कि उद्घाटन बुधवार यानी आज हो जाएगा, लेकिन यात्री सेवाएं बाद में शुरू की जाएंगी.

एक साल से भी कम समय में प्रोजेक्ट का उद्घाटन

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ऐतिहासिक परियोजना का उद्घाटन एक साल से भी कम समय में हुआ है. पिछले साल यानी अप्रैल 2023 में कोलकाता मेट्रो ने टेस्टिंग के हिस्से के रूप में पानी के नीचे सुरंग के माध्यम से ट्रेन चलाकर इतिहास रचा था, जो भारत में पहली बार था.

इस सप्ताह की शुरुआत में इंडिया टुडे टीवी से बात करते हुए कौशिक मित्रा ने कहा था कि अंडरवाटर मेट्रो सेवा हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से कोलकाता के लोगों के लिए एक गिफ्ट है. उन्होंने कहा कि इस उद्घाटन के साथ लंबे समय से लंबित सपना साकार होने जा रहा है. पानी के नीचे मेट्रो सुरंग के अलावा, प्रधानमंत्री आज कोलकाता में कवि सुभाष-हेमंत मुखोपाध्याय और तारातला-माजेरहाट मेट्रो सेक्शन का भी उद्घाटन करेंगे.

नॉर्थ 24 परगना में एक हफ्ते में मोदी की दूसरी जनसभा

पीएम मोदी उत्तर 24 परगना जिले के बारासात में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करने का कार्यक्रम है. मंगलवार शाम को, कोलकाता पहुंचने के तुरंत बाद पीएम मोदी रामकृष्ण मिशन सेवा प्रतिष्ठान गए, जहां रामकृष्ण मठ और मिशन के अध्यक्ष स्वामी स्मरणानंदजी महाराज का इलाज चल रहा है.

एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि कोलकाता पहुंचने पर, अस्पताल गया और रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन के अध्यक्ष, श्रीमत स्वामी स्मरणानंद जी महाराज के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली. हम सभी उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं.

पिछले हफ्ते पीएम मोदी आए थे बंगाल

पिछले हफ्ते यानी शुक्रवार को पीएम मोदी ने बंगाल में कदम रखा था. प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को हुगली के आरामबाग और शनिवार को कृष्णानगर में जनसभा को संबोधित किया था. जनसभा में पीएम मोदी ने टीएमसी सरकार पर निशाना साधा था. प्रधानमंत्री ने तृणमूल पर हमला बोलते हुए कहा था कि बंगाल की स्थिति आज पूरा देश देख रहा है. मां, माटी, मानुष का ढोल पीटने वाली, तृणमूल ने संदेशखाली की बहनों ने जो किया है उसे देखकर पूरा देश दुखी है.

छत्तीसगढ़ : लोक सभा चुनाव के लिए कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में दावेदारों के नामों पर अंतिम मोहर… 

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छत्तीसगढ़ : 7 मार्च को कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में दावेदारों के नामों पर अंतिम मोहर लगेगी.

गौरतलब है कि कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के बाद सीईसी की बैठक होगी. इसके बाद पार्टी नामों की घोषणा करेगी. छत्तीसगढ़ की सबसे हाईप्रोफाइल सीट में से एक सीट रायपुर की है. बीजेपी ने यहां से बृजमोहन अग्रवाल को मैदान पर उतारा है. बृजमोहन अग्रवाल बीजेपी के बड़े नेताओं में से एक हैं. जो संभावित सूची मौजूद है उसके मुताबिक रायपुर से बृजमोहन अग्रवाल के खिलाफ विकास उपाध्याय, डॉक्टर राकेश गुप्ता और सुशील आनंद शुक्ला को उतारा जा सकता है.

कांग्रेस राजनांदगांव से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, दुर्ग से पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू, रायपुर से डॉक्टर राकेश गुप्ता,विकास उपाध्याय,सुशील आनंद शुक्ला, महासमुंद से उमेश पटेल, पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू, जांजगीर से पूर्व मंत्री शिव डहरिया, कोरबा से सांसद ज्योत्सना महंत (महिला), चरणदास महंत, बस्तर से लखेश्वर बघेल, हरीश लखमा, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज, कांकेर से बीरेश ठाकुर या पूर्व मंत्री अनिला भेंड़िया, सरगुजा से शशि सिंह ( महिला ), प्रेम साय सिंह, रायगढ़ से विधायक लालजीत सिंह,अमरजीत भगत, बिलासपुर से टी एस सिंहदेव, संतोष कौशिक को लोक सभा चुनाव में उतार सकती है.

Stock Market Today: शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 180 अंक टूटा, निफ्टी 22,400 के नीचे फिसला

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भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत लाल निशान में हुई है. बाजार खुलते ही प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट आई. जिसके चलते शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 240.35 अंक या 0.33 प्रतिशत गिरकर 73,631.94 पर और निफ्टी 70.40 अंक यानी 0.31 प्रतिशत फिसलकर 22,335.20 पर पहुंच गया.

सुबह 9:49 बजे सेंसेक्स 184.03 अंक (0.25%) की गिरावट के साथ 73,688.26 पर और निफ्टी 43.05 अंक (0.19%) की गिरावट के साथ 22,362.55 पर कारोबार कर रहा था.

निफ्टी पर एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टीसीएस, जेएसडब्ल्यू स्टील, आईसीआईसीआई बैंक और पावर ग्रिड कॉर्प टॉप लूजर शेयरों में शामिल थे, जबकि टाटा मोटर्स, एमएंडएम, यूपीएल, एनटीपीसी और भारती एयरटेल के शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे.

शेयर बाजारों में सोमवार को उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में दोनों मानक सूचकांक-बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुए.तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 66.14 अंक यानी 0.09 प्रतिशत चढ़कर अपने अबतक के उच्चतम स्तर 73,872.29 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान, यह एक समय 183.98 अंक तक उछल गया था.जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 27.20 अंक यानी 0.12 प्रतिशत की तेजी के साथ रिकॉर्ड स्तर 22,405.60 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान यह अपने अबतक के उच्चतम स्तर 22,440.90 अंक तक चला गया था.

वहीं, लगातार पिछले चार सत्रों से जारी तेजी में सेंसेक्स 1,567 अंक यानी 2.15 प्रतिशत जबकि निफ्टी 454 अंक यानी करीब दो प्रतिशत मजबूत हुआ था.

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे. उन्होंने सोमवार को 564.06 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.

छत्तीसगढ़ : 7 मार्च को महिलाओं के खाते में आएगी महतारी वंदन योजना की रकम

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छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए बड़ी खबर है. महिलाओं को महतारी वंदन योजना की राशि 7 मार्च को ही मिल जाएगी. इसके लिए रायपुर के साइंस कॉलेज में बड़ा सम्मेलन होगा.

इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वर्चुअली संबोधित करेंगे. यह कार्यक्रम पूरे प्रदेश में आयोजित किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक, रायपुर साइंस कॉलेज में आने वाली महिलाओं की संख्या 50 हजार होगी. दूसरी ओर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 5 मार्च को जगदलपुर का दौरा करेंगे. वे बस्तर को करोड़ो रुपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे. बस्तर संभाग के लिए 208 करोड़ रुपये से अधिक का बजट है.

यहां सीएम साय 643 विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन करेंगे. इसके अलावा वे शहीद महेंद्र कर्मा विश्विद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे. वे चित्रकोट महोत्सव 2024 का भी उद्घाटन करेंगे. सीएम साय मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम में 340 नए जोड़ों को आशीर्वाद देंगे.

रायपुर में आयोजित होने वाले दो दिवसीय क्लाईमेट चेंज कॉन्क्लेव भी शामिल होंगे. इसमें जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर चर्चा होगी. इसमें देशभर के विशेषज्ञ शामिल होंगे. यह कार्यक्रम रायपुर के निजी होटल में आयोजित होगा. इस दौरान विषय विशेषज्ञ जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौतियों और इसके प्रतिकूल प्रभावों के बारे में जानकारियां और अनुभव साझा करेंगे.

दुर्ग संभाग को दी 268 करोड़ की सौगातें
इससे पहले 4 मार्च को सीएम साय ने दुर्ग संभाग को 268 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगातें दीं. यह कार्यक्रम भिलाई स्थित छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया गया था. 268 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत से यहां 26 निर्माण कार्य होंगे.

सीएम साय ने विश्वविद्यालय में 10 करोड़ 35 लाख की लागत से नवनिर्मित आर्यभट्ट भवन का भी लोकार्पण किया. कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरूण साव और विजय शर्मा भी मौजूद थे. सीएम साय ने यहां आर्यभट्ट भवन निर्माण कार्य करने वाले श्रमवीरों का शॉल और श्रीफल से सम्मान किया.

जिले के लोगों को होगा लाभ- सीएम साय
उन्होंने कहा कि आज एक साथ ढाई सौ करोड़ के कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन हुआ है. इसका लाभ जिले के लोगों को मिलेगा. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पीएम मोदी की गांरटी के मुताबिक सरकार महतारी वंदन योजना के तहत पात्र हितग्राही महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये देगी. इस योजना के अंतर्गत प्रदेश में 70 लाख 74 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं. सरकार सभी पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करेगी. मीडिया से चर्चा के दौरान सीएम साय ने लालू प्रसाद यादव पर भी हमला बोला.

SBI Amrit Kalash FD Scheme: क्यों खास है एसबीआई की ‘अमृत कलश’ योजना?

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SBI Amrit Kalash FD Scheme: आज के दौर में पैसे कमाना जितना जरुरी है उससे कई ज्यादा जरुरी है पैसे बचाना। हर व्यक्ति सेविंग के लिए अलग-अलग तरीके अपनाता है। अलग-अलग स्कीम में लोग पैसे लगाते हैं ताकि बाद में कभी जरुरत के समय उनकी ये सेविंग उनके काम आ सके।

पैसे बचाने की ऐसी ही एक योजना है भारतीय स्टेट बैंक की स्पेशल एफडी योजना ‘अमृत कलश’। इस योजना में निवेश करने के लिए अब कम समय बचा है। ग्राहकों के पास इस योजना में पैसे लगाने के लिए एक महीने से भी कम दिन शेष हैं। 31 मार्च, 2024 एसबीआई की योजना में निवेश के लिए आखिरी तारीख है।

क्यों खास है एसबीआई की ‘अमृत कलश’ योजना?

एसबीआई की ‘अमृत कलश’ योजना की खास बात ये है कि इसमें 400 दिनों के एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) पर 7.6 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है। इस स्कीम में ग्राहकों को काफी मुनाफा है क्योंकि कम समय में उन्हें अपने निवेश किए पैसे पर ज्यादा ब्याज मिलेगा।

7.60 फीसदी का इंटरेस्ट मिल रहा है अमृत कलश योजना में

एसबीआई की इस स्कीम में बैंक के अनुसार अमृत कलश स्पेशल एफडी योजना में निवेश करने वाले ग्राहकों को 7.10% के दर से ब्याज मिलेगा। जबकि वरिष्ठ नागरिकों को ज्यादा लाभ दिया जाएगा।

बैंक की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार ‘अमृत कलश’ योजना में इन्वेस्ट करने वाले सभी वरिष्ठ नागरिकों को 7.60% की ब्याज दर दी जाएगी। इस योजना में निवेश करने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2024 तक है।

इस समय सीमा के दौरान कोई भी व्यक्ति इस योजना में ऑनलाइन या ऑफलाइन निवेश कर सकता है। अमृत कलश निवेशकों को इसके बदले बैंक लोन की सुविधा भी देता है। अमृत कलश योजना के तहत लोन के लिए अप्लाई किया जा सकता है।

अमृत कलश फिक्स्ड डिपॉजिट योजना के बारे में

बैंक की वेबसाइट के अनुसार इस स्पेशल स्कीम में कोई भी व्यक्ति 400 दिनों के समय सीमा के लिए निवेश कर के गारंटी रिटर्न पा सकता है। एसबीआई बैंक के अनुसार अमृत कलश एफडी के निवेशकों को मासिक, तिमाही और छमाही ब्याज का पेमेंट ले सकते हैं।

योजना की मैच्योरिटी पर टीडीएस काटने के बाद ब्याज का पैसा ग्राहक के खाते में डाल दिया जाता है। एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार 400 दिनों से पहले अमृत कलश एफडी में जमा पैसा निकालने पर बैंक लागू दर से 0.50% से 1% कम ब्याज दर जुर्माने के रूप में काट सकता है।

पीएम मोदी आज तेलंगाना के आदिलाबाद में 56,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की देंगे सौगात

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चार और पांच मार्च को तेलंगाना के दौरे पर हैं. इस दौरान पीएम मोदी कई विकास परियोजनाओं की सौगात तेलंगाना को देंगे. वह कई कार्यक्रमों में शामिल होने के साथ-साथ दो जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे.

तेलंगाना के आदिलाबाद में सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी 56,000 करोड़ रुपये से अधिक की बिजली, रेल और सड़क क्षेत्र से संबंधित कई विकासात्मक परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, राष्ट्र को समर्पित करेंगे और आधारशिला रखेंगे.

पीएम मोदी आज सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनी एनटीपीसी की 30,023 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की नींव रखेंगे और उद्घाटन करेंगे. एनटीपीसी के मुताबिक, ये परियोजनाएं टिकाऊ विकास और आर्थिक वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण बढ़त का प्रतीक हैं. पीएम मोदी तेलंगाना के पेद्दापल्ली जिले में स्थित एनटीपीसी के तेलंगाना अत्याधुनिक तापीय बिजली परियोजना (चरण-1) की इकाई-दो (800 मेगावाट) को देश को समर्पित करेंगे. कुल 8,007 करोड़ रुपये के निवेश वाली यह परियोजना अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करती है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी होगी.

इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी झारखंड में स्थित उत्तरी करणपुरा अत्याधुनिक बिजली परियोजना (तीन गुणा 600 मेगावाट) की इकाई-2 (660 मेगावाट) को भी देश को समर्पित करेंगे. कुल 4,609 करोड़ रुपये के निवेश वाली यह परियोजना वातानुकूलित कंडेनसर तकनीक से लैस है, जो पानी की खपत को काफी कम करती है. इस अवसर पर मोदी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में विकसित सिंगरौली अत्याधुनिक तापीय बिजली परियोजना चरण-3 (दो गुणा 800 मेगावाट) की आधारशिला रखेंगे. इसकी कुल लागत 17,000 करोड़ रुपये है. यह परियोजना पर्यावरणीय स्थिरता और तकनीकी नवाचार की दिशा में भारत की प्रगति का प्रतीक होगी.

पीएम मोदी छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सीपत आधुनिक तापीय बिजली स्टेशन में 51 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित फ्लाई ऐश आधारित एक संयंत्र का उद्घाटन भी करेंगे. साथ ही प्रधानमंत्री ग्रेटर नोएडा में 10 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार हरित हाइड्रोजन संयंत्र भी देश को समर्पित करेंगे.

2000 Rupee Note Exchange : 2000 के नोट तो आपके लिए जरूरी खबर है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इसको लेकर ताजा अपडेट जारी किया…

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2000 Note Exchange: RBI ने 2,000 रुपये के नोट को लेकर दिया नया अपडेट, कही ये जरूरी बात”

2000 Rupee Note Exchange : आपके पास अभी भी हैं 2000 के नोट तो आपके लिए जरूरी खबर है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इसको लेकर ताजा अपडेट जारी किया है. जिसमें बताया गया है कि जब से 2000 रुपये के नोटों के चलन से बाहर किया गया है तब से लेकर अबतक कितने मूल्य के नोट रिकवर हो पाए हैं.

इसके साथ ही अब भी कितने नोट आम लोगों के पास जमा हैं. आरबीआई ने कि 2,000 रुपये (RS 2000 Currency Note) मूल्य के लगभग 97.62 प्रतिशत नोट बैंकों में वापस आ चुके हैं और अब सिर्फ 8,470 करोड़ रुपये के नोट ही लोगों के पास मौजूद हैं.

बता दें कि आरबीआई ने 19 मई, 2023 को दो रुपये मूल्य वर्ग के बैंक नोटों को चलन से हटाने (Rs 2,000 Notes Withdrawn) की घोषणा की थी. उसके बाद इन नोटों को बैंकों में जमा कराने या दूसरे मूल्य के नोटों से बदलने को कहा गया था.

आरबीआई ने एक बयान में कहा, “19 मई, 2023 को कारोबार की समाप्ति पर 2,000 रुपये मूल्य के कुल 3.56 लाख करोड़ रुपये के नोट चलन में मौजूद थे. इस मूल्य वर्ग के चलन में मौजूद नोटों का मूल्य 29 फरवरी, 2024 को कारोबार समाप्ति पर घटकर 8,470 करोड़ रुपये रह गया है.”2,000 रुपये के नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे: RBI

इस तरह 2,000 रुपये (2000 Bank Note) मूल्य वर्ग के चलन में मौजूद कुल 97.62 प्रतिशत नोट वापस आ चुके हैं. इसके साथ ही आरबीआई ने साफ किया कि 2 हजार रुपये के नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे यानी ये लीगल टेंडर रहेंगे.

2000 Note बदलने का अभी भी मिल रहा मौका

आरबीआई ने देश भर के अपने 19 कार्यालयों में 2,000 रुपये के नोट को जमा या बदलने की सुविधा जारी रखी है. इसके अलावा लोग किसी भी डाकघर से आरबीआई के किसी भी कार्यालय में इंडिया पोस्ट के जरिये 2,000 के इन नोटों (Rs 2000 Notes Deposit) को भेज सकते हैं. आरबीआई ने पहले कहा था कि लोग और संस्थाएं 30 सितंबर, 2023 तक इन नोट को बैंकों में जाकर बदल या जमा (2000 Rupee Note Exchange and Deposit) कर सकती हैं. बाद में समय सीमा सात अक्टूबर, 2023 तक बढ़ा दी गई थी.

2000 के नोट कैसे बदले जाएंगे?

हालांकि आठ अक्टूबर, 2023 से लोगों को आरबीआई के 19 कार्यालयों में मुद्रा का आदान-प्रदान करने या उनके बैंक खातों में राशि जमा करने का विकल्प दिया गया है. यह सुविधा आरबीआई के अहमदाबाद, बेंगलुरु, बेलापुर, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जम्मू, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, पटना और तिरुवनंतपुरम कार्यालयों में है.

आरबीआई ने नवंबर, 2016 में 500 और 1,000 रुपये मूल्य वर्ग के नोटों को चलन से बाहर (Rs 2000 Notes Withdrawn) किए जाने के बाद 2,000 रुपये मूल्य के नोट जारी किए थे.

सुप्रीम कोर्ट : कानूनी संरक्षण मामले में अहम फैसला, वोट के बदले नोट लेने वाले सांसदों / विधायकों को कानूनी संरक्षण नहीं दिया जाएगा.

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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सांसदों और विधायकों को सदन में भाषण देने या वोट डालने के लिए रिश्वत लेने पर कानूनी संरक्षण मामले में अहम फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वोट के बदले नोट लेने वाले सांसदों / विधायकों को कानूनी संरक्षण नहीं दिया जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की सराहना करते हुए एक ट्वीट किया है.

अपने ट्वीट में पीएम मोदी ने लिखा, “सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिया गया यह फैसला सराहनीय है, जो स्वच्छ राजनीति सुनिश्चित करेगा और व्यवस्था में लोगों का विश्वास गहरा करेगा.”

बता दें कि यह फैसला CJI डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस एएस बोपन्ना, जस्टिस एमएम सुंदरेश, जस्टिस पीएस नरसिम्हा, जेबी पारदीवाला, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने सहमति से सुनाया है.

1988 के पी.वी. नरसिम्हा के संविधान पीठ के फैसले को SC ने पलटा

सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा, “सांसदों / विधायकों पर वोट के बदले रिश्वत लेने का मुकदमा चलाया जा सकता है. 1998 के पी.वी. नरसिम्हा राव मामले में पांच जजों के संविधान पीठ के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया है. इसके बाद अब नोट के बदले सदन में वोट देने वाले सांसद / विधायक कानून के कटघरे में खड़े होंगे. केंद्र ने भी ऐसी किसी भी छूट का विरोध किया था.”

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “अनुच्छेद 105(2) या 194 के तहत रिश्वतखोरी को छूट नहीं दी गई है क्योंकि रिश्वतखोरी में संलिप्त सदस्य एक आपराधिक कृत्य में शामिल होता है, जो वोट देने या फिर विधायिका में भाषण देने के लिए जरूरी नहीं है. अपराध तब पूरा हो जाता है, जब सांसद या विधायक रिश्वत लेता है. इससे राजव्यवस्था की नैतिकता पर प्रतिकूल प्रभाव होता है. हमारा मानना है कि रिश्वतखोरी संसदीय विशेषाधिकारों द्वारा संरक्षित नहीं है. इसमें बेहद खतरा है. इस वजह से ऐसा संरक्षण खत्म होना चाहिए.”