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महाराष्ट्र : दशहरा के मौके पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत स्वयंसेवकों को संबोधित किया!

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महाराष्ट्र : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाला विजयदशमी उत्सव का आयोजन आज नागपूर, रेशम बाग स्थित मैदान में किया गया। इस मौके पर बॉलीवुड सिंगर शंकर महादेवन को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत मुख्य अतिथि के साथ शस्त्र पूजन किया।

मोहन भागवत ने RSS के स्वयंसेवकों को संबोधित किया। सरसंचालक डॉ. मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा,“हर वर्ष भारत का गर्व दुनिया में बढ़ रहा है। G20 की मीटिंग में इसकी खूब प्रशंसा हुई, मीटिंग में हमारे अतिथि की भी प्रशंसा हुई। इस बैठक के जरिए दुनिया भर के लोगो ने हमारे भविष्य की उड़ान को देखा है। हमारे नेतृत्व के कारण भारत का नाम अग्रणी देशों में आ गया है। बिजनेस में हम 10 में 5 नंबर में आ गए है, हमें अच्छा लगता है हम आगे बढ़ रहे हैं।”

“स्वार्थ के लिए संघर्ष”

मोहन भागवत ने कहा कि 22 जनवरी को रामलला अपने मंदिर में प्रवेश करने वाले हैं। उस दिन हम अपने मंदिर में पूजा कर भव्य वातावरण बना सकते हैं। हम सब को अमृतकाल देखने का मौका मिला है। स्वार्थ के लिए संघर्ष चल रहे हैं, युद्ध चलते हैं। दुनिया की भारत से अपेक्षा है कि रास्ता दिखाए। हमारी साथ यह भी समस्या रहती है। हमने जोशी मठ में समस्या देखी, धरती धंसने लगी। इससे डरने की बात नहीं है बल्कि उसके लिए उपाय करने की जरूरत है। इस जगह का खराब होना हमारे जल खराब होने के संकेत है।

“कुछ लोग है जो नहीं चाहते भारत खड़ा हो”

देश आगे बढ़ रहा है आत्मविश्वास बढ़ रहा है, दुनिया को रास्ता दिखाना है, दुनिया जैसे नहीं करना है और यही हम कर रहे हैं। सरकार की नीति में ऐसा दिख भी रहा है, नीति ऐसे चल रही है। प्रशासन को भी साथ चलना होगा लेकिन ऐसा दिख नहीं रहा, यह समाज को भी करना होगा। दुनिया में कुछ लोग हैं, भारत में भी कुछ लोग है जो नहीं चाहते भारत खड़ा हो, इसलिए वो टकराव पैदा करते रहते हैं जिससे अप्रत्याशित कलह खड़ी होती है। एक बाण से एक ही को मार सकते हैं लेकिन मंत्र विप्लव से सब मरते हैं। मणिपुर में आपस में झगड़ा होना बाहर की शक्ति का फायदा होना है। हमारे पास मजूबत सरकार है, जो तत्पर भी है, वहां 3 दिन गृहमंत्री बैठे। ऐसा चलता रहा, ऐसा करने वालो के पीछे कौन थे ? ये हो नहीं रहा बल्कि करवाया जा रहा है।

“भारत से हार्मोनी सीखनी चाहिए”

भारत में इतनी भाषा है, विभिन्नता है, लेकिन सदियों से भारत एक होकर चल रहा है, इसलिए बाहर के लोग भारत आते हैं और कहते है भारत से हमें हार्मोनी सीखनी चाहिए। कभी स्वार्थ के आधार पर एकता नहीं होती है। राष्ट्र की एकता सौदों से नहीं होती है। समझ में एकता है, लेकिन उसको तोड़ने का प्रयास हो रहा है। हम देखने में अलग हैं, पूजा अलग है, चाहे पूजा अलग से आई हो लेकिन हम एक है। भारत के घाव गहरे है विभाजन जैसे घाव हैं, लेकिन हमको ठंडे दिमाग से चलना होगा तभी एकता आएगी।

कांग्रेस और सपा के बीच मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर चर्चा…

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इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल कांग्रेस और सपा के बीच मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर हुई रार भले ही सार्वजनिक तौर पर थम गई हो, लेकिन अभी दोनों दलों के बीच फ्रेंडली फाइट जारी है.

लोकसभा चुनाव के लिए बने इंडिया गठबंधन के बड़े नेताओं को सपा-कांग्रेस के तल्खी से नुकसान को भांप कर भले इस पर अभी विराम लगा दिया हो, लेकिन दोनों दलों के बीच टकराव अभी भी जारी है.

मध्यप्रदेश के चुनाव को लेकर अखिलेश ने वहां की यूनिट को बुला रखा है और लगातार टिकट भी घोषित हो रहे हैं. जानकर मानते हैं कि सपा दबाव बनाने की लिए ऐसा कर रही हो लेकिन इससे कांग्रेस को ही नुकसान होगा. कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार उतारा है, वहां सपा ने भी घोषित किया है. ऐसे में यह होगा कि वह भाजपा के साथ कांग्रेस के वोट को भी काटेगा. इससे सामने वाली पार्टी का मार्जिन घटेगा और कमजोर होगी।

सपा ने जहां मध्य प्रदेश में उम्मीदवार उतारे हैं, वहीं कांग्रेस ने आजम के प्रति सहानभूति दिखाकर अपने को मुस्लिम का हितैषी बताया है.

कांग्रेस और सपा के बीच हो रही तकरार के बीच कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अजय राय ने सपा नेता आजम खां के समर्थन में खड़े होने का दावा किया है. उन्होंने कहा कि आज़म खां के परिवार को भाजपा सरकार प्रताड़ित कर रही है. आजम खां की पत्नी तजीन फातमा के साथ इस तरह की कानूनी कार्रवाई पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि कांग्रेस अभी यूपी में कमजोर नजर आ रही हो, लोकसभा संगठन काफी मजबूत होगा. पश्चिम से अभी कुछ कद्दवार मुस्लिम नेता और जुड़ने की उम्मीद है. इसके साथ पूर्वांचल के सामान्य वर्ग, जो कि भाजपा और सपा से असहज हैं, वह भी कांग्रेस की ओर रुख करेगा. इसके अलावा पिछड़े वर्ग के लोग जो भाजपा और सपा से कांग्रेस की तरफ विधानसभा चुनाव में ग्राफ बढ़ेगा, निश्चित तौर पर उसका फायदा लोकसभा में भी मिलेगा.

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता सुनील साजन कहना हैं

कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने अपने लोगों को बयानबाजी रोकने के लिए कहा है. इसके बाद दोनों तरफ से सब थम गया है. सपा अपना काम कर रही है। सपा एक राजनीतिक दल है, इसलिए चुनाव लड़ेगी. हमारा फोकस उन जगहों पर है, जहां पर कांग्रेस भाजपा को नहीं हरा पा रही है, जो जातीय समीकरण हैं, उसके हिसाब से हमें भाजपा के ही वोट मिलेंगे. सपा जितनी भी सीटें जीतकर आयेगी, वह कांग्रेस के साथ खड़ी रहेगी.

कांग्रेस के प्रवक्ता अंशू अवस्थी कहते हैं

कांग्रेस के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन बन चुका है जो पिछड़ों दलितों, किसानों और संविधान बचाने की बात करता है. आग्रह है कि वो गठबंधन धर्म निभाएं, क्योंकि जिस प्रकार समाजवादी पार्टी मध्यप्रदेश में लगातार प्रत्याशी उतार रही है, उससे कांग्रेस को नहीं, भाजपा को फायदा होगा. 2024 की लोकसभा में इसका असर पड़ेगा, इसलिए यह लोग ईमानदारी से गठबंधन धर्म निभाएं.

सपा मध्यप्रदेश अध्यक्ष रामायण पटेल

कांग्रेस के समझौता न होने पर हमारी पार्टी चुनाव अभी तक 45 सीटों पर उम्मीदवार उतारे जा चुके हैं. कुल कितनी सीटों पर और उतारने हैं, इसका निर्णय राष्ट्रीय अध्यक्ष को करना है. नवम्बर माह में अखिलेश यादव प्रचार के लिए जायेंगे, इसके लिए भी कार्यक्रम तय हो रहा है.

वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक अमोदकांत मिश्रा

मध्यप्रदेश में सीट वितरण को लेकर सपा और कांग्रेस की रार इतनी ज्यादा हो चुकी है, अब उसे जोड़ने में गांठ तो पड़ ही जायेगी. दरअसल, दोनों दल अपने को कमतर नहीं आंक रहे हैं. सपा को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा पाना है इसलिए वह अभी हो रहे विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार उतार रही है. मध्य प्रदेश के बाद माना जा रहा है कि सपा राजस्थान व छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस से तालमेल के बगैर कुछ सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी. कांग्रेस चाह रही कि अपने बलबूते सभी राज्यों में सत्ता हासिल कर लें, जिससे लोकसभा के लिए बना इंडिया गठबंधन से लेकर सीट वितरण तक में नेतृत्व इनके हांथ में ही रहे.

इजरायल और हमास में जंग का आज 17वां दिन है, इजरायल के हमले से गाजा में अब तक 4 हजार 651 लोगों की मौत!

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इजरायल और हमास में जंग का आज 17वां दिन है. इजरायल के हमले से गाजा में अब तक 4 हजार 651 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि चरमपंथी संगठन हमास के हमले से इजरायल के 1,405 लोगों की मौत होने की पुष्टि हो चुकी है.

इस बीच राहत का सामान ले जाने वाले 14 ट्रकों वाले एक दूसरे काफिले को गाजा में जाने की अनुमति दी गई. अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी और इटली के नेताओं ने एक संयुक्त अपील में इजरायल के आतंकवाद के खिलाफ खुद की रक्षा करने के अधिकार के लिए अपना समर्थन दोहराया. साथ ही इन देशों ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने की भी अपील की.

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक से फोन पर बातचीत करने के बाद व्हाइट हाउस ने रविवार को एक संयुक्त बयान जारी कर यह बात कही. डच प्रधानमंत्री मार्क रूट और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने घोषणा की है कि वे अगले हफ्ते इजरायल का दौरा करेंगे.

वहीं इजरायल की सेना ने कहा कि उसके विमान ने लेबनान के अंदर दो हिजबुल्लाह सेल पर हमला किया था,

इजरायली इलाके की ओर टैंक रोधी मिसाइलें और रॉकेट लॉन्च करने की योजना बना रहे थे. हमास के लड़ाकों के इजरायल पर सात अक्टूबर को हमला किए जाने के बाद से दोनों पक्षों में जंग जारी है. इजराइल ने वर्ष 2007 से गाजा पट्टी पर हुकूमत कर रहे हमास के खिलाफ बड़े पैमाने पर जवाबी हमले शुरू किए हैं. अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा और इटली के नेताओं ने शनिवार को दो अमेरिकी बंधकों की रिहाई का स्वागत करते हुए बंधक बनाए गए बाकी लोगों को भी तत्काल छोड़ने की अपील की.

आरएसएस के पथ संचलन कार्यक्रम को लेकर वामपंथी छात्र संगठनों का आरोप…

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दिल्ली : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में रविवार को आयोजित आरएसएस के पथ संचलन कार्यक्रम को लेकर वामपंथी छात्र संगठनों ने घोर आपत्ति जताई है.

इन संगठनों ने यूनिवर्सिटी के एडमिन ब्लाक में आयोजित कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाते हुए पक्षपात का आरोप लगाया.

कहा कि जेएनयू आरएसएस फंडेड यूनिवर्सिटी नहीं है. आरएसएस ने विजयदशमी के उपलक्ष्य में रविवार को जेएनयू में पथ संचलन कार्यक्रम आयोजित किया था.

इस कार्यक्रम का विरोध करते हुए वामपंथी संगठन आइसा और एसएफआई के पदाधिकारियों ने जेएनयू वीसी को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की. कहा कि जिस प्रकार से यह कार्यक्रम आयोजित हुआ है, वीसी का पक्षपात साफ साफ नजर आता है. आइसा की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि जेएनयू कोई आरएसएस फंडेड विश्वविद्यालय नहीं है.

ऐसे में विश्वविद्यालय के एडमिन ब्लॉक में इस तरह का कार्यक्रम क्यों आयोजित होने दिया जा रहा है. जबकि पिछले दिनों यहीं पर कुछ इस तरह के कार्यक्रम हुए तो संबंधित छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी. आइसा के मुताबिक यूनिवर्सिटी कैंपस में बीते कई साल से छात्रों को एक जगह पर एकत्रित होने पर भी पाबंदी है. बावजूद इसके यह कार्यक्रम होने दिया गया. वहीं एसएफआई की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि JNU की वीसी को घेरने की कोशिश की गई.

इसमें एसएफआई ने आरोप लगाते हुए कहा कि पहले भी वह आरएसएस के साथ अपने जुड़ाव को बड़े ही गर्व के साथ बता चुकी हैं. वहीं अपनी व्यक्तिगत आस्था को JNU से जोड़ते हुए इस तरह के कार्यक्रम भी आयोजित करने की अनुमति दे रहीं है. आरोप लगाया कि संघ परिवार की कम्युनल राजनीति धीरे धीरे शैक्षिक संस्थानों में बढ़ती जा रही है. एक तरफ जेएनयू प्रशासन छात्रों पर भारी फाइन लगाता है, वहीं दूसरी तरफ एडमिन ब्लॉक में संघ के कार्यक्रम पर चुप्पी साधे बैठा है.

जानिए! भाजपा ने किन-किन केंद्रीय मंत्रियों, दिग्गज नेताओं और सांसदों को 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव में उतारा है…

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नवंबर में होने वाले 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपने कई केंद्रीय मंत्रियों, दिग्गज नेताओं और सांसदों को चुना है. राजस्थान हो या मध्य प्रदेश, भाजपा ने केंद्र के नेताओं को राज्य के विधानसभा चुनाव की अहम जिम्मेदारी है.

चुनाव में भी पार्टी की यह रणनीति

अपने इस प्रयोग के जरिए भाजपा शीर्ष नेताओं को सीधा संदेश देने साथ मिशन 2024 की तैयारी भी कर रही है, जानिए भाजपा ने अब तक किन-किन केंद्रीय मंत्रियों, दिग्गज नेताओं और सांसदों को 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव में उतारा.

1- राजस्थान: चुनावी रण में उतारे 7 सांसद

राजस्थान में हाल में भाजपा ने 41 कैंडिडेट्स की पहली लिस्ट जारी की. इस लिस्ट में 7 सांसद शामिल हैं. जिसमें सांसद राज्यवर्धन राठौर और बालकनाथ सिंह भी शामिल हैं. लिस्ट के मुताबिक, राजस्थान की विद्याधर नगर सीट से दीया कुमारी, झोटवाड़ा से राज्यवर्धन राठौर, तिजारा से बालक नाथ, मंडावा से नरेंद्र कुमार, किशनगढ़ से भागीरथ चौधरी, सांचौर से देवजी पटेल और सवाई माधोपुर से राज्यसभा सदस्य किरोड़ी लाल मीणा चुनावी मैदान में नजर आएंगे. राज्य में 200 सीटों के लिए चुनाव होंगे.

2- मध्य प्रदेश: लिस्ट में 7 सांसद और मंत्रियों के नाम

भाजपा ने राज्य की 230 विधानसभा सीटों के लिए 228 कैंडिडेट की घोषणा कर दी है. सिर्फ गुना और विदिशा विधानसभा की सीट के लिए कैंडिडेट की घोषणा होनी बाकी है. हाल में 92 से अधिक कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी की. मध्य प्रदेश में भाजपा कैंडिडेट्स की लिस्ट पर नजर डालें तो केंद्र के कई दिग्गजों को राज्य के चुनावी रण में उतारा गया है. इसमें दिमनी से नरेंद्र सिंह तोमर (मंत्री), नरसिंहपुर से प्रह्लाद पटेल (मंत्री), निवास से फग्गन सिंह कुलस्ते (मंत्री), जबलपुर पश्चिम से राकेश सिंह, सीधी से रीति पाठक, सतना से गणेश सिंह, गाडरवारा से उदय प्रतप सिंह उदय प्रताप सिंह, इंदौर-1 से महासचिव कैलाश विजयवर्गीय मैदान में हैं.

3- तीन सांसद और 1 मंत्री को दिया टिकट

छत्तीसगढ़ में 90 सीटों के लिए होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 85 नामों की घोषणा कर दी है. लिस्ट में 3 सांसद और 1 मंत्री को टिकट देकर भाजपा ने उन्हें चुनावी मैदान में उतारा है. भरतपुर-सोनहत सीट से केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह, लोरमी सीट से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव, पाटन सीट से विजय बघेल, पत्थलगांव से गोमती साय मैदान में हैं.

4- तेलंगाना: 3 सांसद चुनावी मैदान में उतारे

119 विधानसभा सीटों वाले तेलंगाना राज्य के लिए भाजपा ने रविवार को अपनी पहली लिस्ट जारी की. इस लिस्ट में 3 सांसदों को मैदान में उतारा गया है. लिस्ट के मुताबिक, करीमनगर सीट से सांसद और पूर्व महासचिव बांदी संजय कुमार, कोरटला से अरविंद धर्मपुरी और बोथ विधानसभा सीट से सोयम बापू राव को टिकट दिया गया है.

5- मिजोरम: दूसरी लिस्ट में भी मंत्री या सांसद को टिकट नहीं

40 विधानसभा सीटों वाले राज्य मिजोरम के लिए भाजपा ने अपनी दूसरी लिस्ट भी जारी कर दी है. हालांकि, यहां की लिस्ट में किसी केंद्रीय मंत्र या सांसद को टिकट नहीं दिया गया है.

फेस्टिवल : ई-कॉमर्स कंपनियों की सेल और बाजार में खरीदारी की भीड़ सभी पर फेस्टिव सीजन में ज्यादा फायदे… समझिये!

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नवरात्रि, दशहरा, करवाचौथ, दिवाली, देव दिपावली…फिर शादियों का सीजन, क्रिसमस और न्यू ईयर,

अगर आने वाले कुछ महीने देखें तो देश में हर कोई फेस्टिव वाइब में डूबा नजर आएगा. ये सिर्फ लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि सोने-चांदी की कीमतों, ई-कॉमर्स कंपनियों की सेल और बाजार में खरीदारी की भीड़ सभी पर फेस्टिव सीजन का रंग चढ़ा है, और सबसे ज्यादा फायदे में डिजिटल इंडस्ट्री रहने वाली है.

कैसे?

फेस्टिव सीजन की वजह से डिजिटल इंडस्ट्री का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है. इस दौरान लगने वाली सेल की वजह से डिजिटल ट्रांजेक्शन से लेकर डिजिटल लेंडिंग तक बढ़ रही है. इसका फायदा डिजिटल पेमेंट कंपनियों से लेकर फिनटेक कंपनियों को भरपूर मिल रहा है.

लोन से हो रही फेस्टिव सीजन की शॉपिंग

हाल में ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने अपनी एनुअल सेल ‘द ग्रेट इंडियन फेस्टिवल’ की शुरुआत की. कंपनी का कहना है कि इस दौरान भारत में उसकी साइट पर होने वाले शॉपिंग ऑर्डर्स में से 25% ऐसे ऑर्डर हैं, जो किसी ना किसी तरह के उधार पर हुए हैं. मतलब लोगों ने इन ऑर्डर्स के लिए ‘बाय नाऊ, पे लेटर’, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड की ईएमआई या ‘नो कॉस्ट ईएमआई’ ऑप्शन लेकर ये ऑर्डर किए हैं. इतना ही नहीं इन टोटल ईएमआई ऑर्डर में से हर 4 में से 3 ऑर्डर सिर्फ ‘नो कॉस्ट ईएमआई’ ऑप्शन के साथ हुए हैं.

बढ़ रहा फिनटेक कंपनियों का कारोबार

डिजिटल लोन की सुविधा के चलते अब कई फिनटेक कंपनियां इस मैदान में हैं. फेस्टिव सीजन उनके लिए मुनाफे का सौदा साबित हो रहा है. ईटी की खबर के मुताबिक अधिकतर फिनटेक कंपनियों के कारोबार में इस दौरान 15 से 20 प्रतिशत की ग्रोथ देखी गई है.देश में डिजिटल पेमेंट 2022 में जहां 106 अरब डॉलर के हुए. वहीं इसमें फिनटेक कंपनियों के डिजिटल लोन की हिस्सेदारी 66 अरब डॉलर की रही. ये डिजिटल लेनदेन आधे से ज्यादा है.

मुंबई की फिनटेक कंपनी ‘नियो ग्रोथ’ को अक्टूबर-दिसंबर के दौरान 750 करोड़ का लोन बंट जाने की उम्मीद है.

पेटीएम को भी अपने कर्ज कारोबार में तेजी आने की संभावना दिख रही है. इतना ही एमएसएमई को लोन देने वाली फिनटेक कंपनी ‘फ्लेक्सी लोन’ को फेस्टिव सीजन में लोन एप्लिकेशन में 50 प्रतिशत ग्रोथ की उम्मीद है. ज्यादा लोन बंटने से फिनटेक कंपनियों को ज्यादा ब्याज और मुनाफा हासिल होगा, जो ओवरऑल उनके लिए मुनाफे का सौदा साबित होगा.

Dussehra 2023: दशहरा 24 अक्टूबर को मनाया जाएगा हर साल अश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन विजयादशमी मनाई जाती है!

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Dussehra 2023 Puja: दशहरा 24 अक्टूबर 2023 को मनाया जाएगा. हर साल अश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन विजयादशमी मनाई जाती है.

इसके साथ ही मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन भी किया जाता है. साल में दशहरा का दिन समृद्धिदायक माना जाता है. इस दिन कुछ खास काम और उपाय करने से अक्षय (जिसका कभी क्षय नहीं हो) पुण्य की प्राप्ति होती है.

कारोबार में उन्नति – मान्यता है कि दशहरा वाले दिन एक पीले वस्त्र में नारियल लपेट लें, मिठाई और एक जनेऊ राम मंदिर में दान करने से मंद पड़े व्यापार में फायदा मिलने लगता है. कारोबार दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की करता है.

अपराजिता पूजा – दशहरा के दिन विजय मुहूर्त में देवी अपराजिता की विधि-विधान से देवी अपराजिता की पूजा करनी चाहिए. मान्यता है हर क्षेत्र में विजय प्राप्त होती है. देवी अपराजिता की पूजा में ओम अपराजितायै नम: मंत्र 108 बार का जाप करें. रावण को परास्त करने के लिए श्रीराम ने भी देवी अपराजिता की पूजा की थी

शस्त्र पूजा – कहते हैं कि विजयादशमी पर शस्त्र पूजा करने से सर्वकार्य सिद्ध होते हैं. विजय प्राप्ति का वरदान मिलता है. इस दिन लोग गाड़ी, मशीनें, वाद्य यंत्र, समस्त उपकरणों की पूजा करते हैं जो उनकी दिनचर्या का हिस्सा हैं. मान्यता है कि दशहरा पर इनका पूजन करने, भोग लगाने से उन्नति होती है.

चेक साइन करते वक्त पैसे लिखने के बाद अंत में क्यों लिखा जाता है ONLY? जानें वजह

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चेक पर only या मात्र लिखने के पीछे की वजह है आपके पैसे को सुरक्षित रखना. दरअसल, जब आप चेक पर पैसे भर के उसके अंत में मात्र या फिर Only लिख देते हैं तो कोई भी व्यक्ति उसमें और अमाउंट नहीं बढ़ा सकता है.


हालांकि, ऐसा भी नहीं है कि अगर आप चेक पर only नहीं लिखेंगे तो आपका चेक मान्य नहीं होगा. बैंक किसी को भी इसके लिए बाध्य नहीं करता. हालांकि, अपनी सुरक्षा के लिए हर ग्राहक ऐसा करता है.

चेक पर only या मात्र लिखने के पीछे की वजह है आपके पैसे को सुरक्षित रखना. दरअसल, जब आप चेक पर पैसे भर के उसके अंत में मात्र या फिर Only लिख देते हैं तो कोई भी व्यक्ति उसमें और अमाउंट नहीं बढ़ा सकता है और आपका पैसा सुरक्षित रहता है.

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारतीय जनता पार्टी के नेता बिरझू तारम की हत्या पर पहली प्रतिक्रिया…

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारतीय जनता पार्टी के नेता बिरझू तारम की हत्या पर पहली प्रतिक्रिया दी है. सीएम ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट कहा कि उन्होंने पुलिस ने जांच करने का अनुरोध किया है.

सीएम ने लिखा– मोहला-मानपुर में आदिवासी नेता बिरझू तारम की हत्या असहनीय है. उनके परिवार का दुःख हम सब छत्तीसगढ़वासियों का साझा दुःख है. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें. हिंसा के सामने अगर हम राजनीति के आइने को रख देंगे तो हिंसा जीत जाएगी, छत्तीसगढ़ के लोग हार जाएँगे. हम सबको मिलकर लड़ना है. झीरम के बाद भी हम सब संभले हैं और अभी तक लड़ाई लड़ रहे हैं.

उन्होंने कहा कि मोहला-मानपुर की घटना के संबंध में मैंने प्रमुख सचिव एवं पुलिस महानिदेशक से बातचीत की है एवं उचित कार्रवाई का अनुरोध किया है.

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हत्या के बाद पुलिस ने दी थी ये जानकारी

इससे पहले जिले की पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने बताया था कि जिले के औंधी पुलिस थाना क्षेत्र के अन्तर्गत सरखेड़ा गांव में अज्ञात हमलावरों ने बिरझू तारम की गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना शाम करीब साढ़े सात बजे हुई जब बिरझू तारम अपने घर के बाहर थे. उन्होंने बताया कि इसकी सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस दल को मौके पर भेजा गया.

घटना में नक्सलियों की संभावित भूमिका के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा था कि अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और सभी संभावित पहलुओं पर जांच चल रही है. उन्होंने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 60 वर्षीय तारम सैर पर निकले थे, तभी दो-तीन लोग वहां पहुंचे और उन पर गोलियां चला दीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. मोहला-मानपुर उन बीस निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है, जहां सात नवंबर को पहले चरण में मतदान होगा.

अज़ीज़ पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने नेशनल साइंस टैलेंट सर्च – 2023 में हासिल किया टॉप 2 की पोजीशन।

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शहर की प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान अज़ीज़ पब्लिक स्कुल के कक्षा 11वी के छात्र-छात्राएं उड़ीसा – बहरमपुर के नेशनल इंस्टीटयूड ऑफ़ साइंस एन्ड टेक्नोलॉजी द्वारा आयोजित किये गए साइंस टैलेंट सर्च – 2023 में टॉप -2 में जगह बनाने में क़ामयाब हुए|

नेशनल इंस्टीटयूड ऑफ़ साइंस एन्ड टेक्नोलॉजी की ओर से संचालित किये गये इस टैलेंट सर्च कॉम्पिटिशन का उद्देश्य एजुकेशन, एग्रीकल्चर, साइंस और टेक्नोलॉजी से जुड़े नए आईडियास को मंच देने था|

राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित हुए इस प्रतियोगिता में देश के कई क्षेत्रों से 18 स्कूल्स के 500 से अधिक बच्चों ने हिस्सा लिया था| इन्हीं प्रतिभागियों में से अज़ीज़ पब्लिक स्कुल की “टीम विधा” ने सभी राउंड्स को पार करते हुए 6 फाइनलिस्ट में जगह बनायीं और फाइनल राउंड में एग्रीकल्चर विषय में टॉप 2 की पोजीशन सुरक्षित की| टीम को इस उपलब्धि के लिए उन्हें स्मृति चिन्ह और 50,000 रु. का नगद पुरुस्कार मिला।

ग़ौरतलब है कि देश की अग्रणी पोल्ट्री कंपनी आईबी ग्रुप कर्मचारियों के बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए “सुनहरे कल” नाम के लर्निंग प्रोग्राम की शुरुआत की थी जिसमें इसी टीम ने नए आईडिया से जुड़े एक कॉम्पिटिशन में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया था|

आईबी ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अंजुम अल्वी और पूर्व प्रोफेसर व ट्रस्टी-अज़ीज़ मेमेरिअल ट्रस्ट डॉ रुबीना अल्वी ने उड़ीसा से लौटी पूरी टीम का स्वागत किया। इस उपलब्धि पर उन्होंने ने कहा कि बच्चों के साथ मैं उनके टीचर्स और पैरेंट्स की भी सराहना करूँगी जिनके सहयोग से बच्चे इतना अच्छा प्रदर्शन कर पाये।

आईबी ग्रुप के एमडी श्री बहादुर अली, अज़ीज़ स्कूल की डायरेक्टर श्रीमती तनाज़ अज़ीज़ एवं सभी डायरेक्टर्स ने छात्रों के इस प्रदर्शन पर उन्हें शुभकामनाएं दी।