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NAVRATRI ; साल 2023 में शारदीय नवरात्रि पर्व 15 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक रहेगा!

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साल 2023 में शारदीय नवरात्रि पर्व 15 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक रहेगा। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है। इस बार नवरात्रि घटस्थापना मुहूर्त 15 अक्टूबर 2023 की सुबह 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

नवरात्रि प्रतिपदा तिथि 14 अक्टूबर 2023 की रात 11 बजकर 24 मिनट से लग जाएगी जिसकी समाप्ति 15 अक्टूबर की देर रात 12 बजकर 32 मिनट पर होगी। नवरात्रि प्रारंभ होने से एक दिन पहले सूर्य ग्रहण भी लगेगा। लेकिन इस ग्रहण का इस त्योहार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। जानिए शारदीय नवरात्रि 2023 की सभी तिथियां।

नवरात्रि 2023 घटस्थापना मुहूर्त

  • आश्विन नवरात्रि घटस्थापना 15 अक्टूबर 2023 रविवार को है।
  • नवरात्रि घटस्थापना शुभ मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:30 तक रहेगा।
  • प्रतिपदा तिथि 14 अक्टूबर 2023 की रात 11:24 PM से शुरू होगी।
  • प्रतिपदा तिथि की समाप्ति 16 अक्टूबर 2023 को 12:32 AM पर होगी।
  • चित्रा नक्षत्र का प्रारम्भ 14 अक्टूबर 2023 को 04:24 PM पर होगा।
  • चित्रा नक्षत्र की समाप्ति 15 अक्टूबर 2023 को 06:13 PM पर होगी।
  • वैधृति योग का प्रारम्भ 14 अक्टूबर 2023 को 10:25 AM बजे होगा।
  • वैधृति योग की समाप्ति 15 अक्टूबर 2023 को 10:25 AM बजे होगी।

नवरात्रि 2023 तिथियां (Navratri 2023 Dates)

तारीख और वारनवरात्रि का दिननवरात्रि तिथिनवरात्रि अनुष्ठान
15 अक्टूबर 2023, रविवारनवरात्रि दिन 1प्रतिपदामां शैलपुत्री पूजा, घटस्थापना
16 अक्टूबर 2023, सोमवारनवरात्रि दिन 2द्वितीयामां ब्रह्मचारिणी पूजा
17 अक्टूबर 2023, मंगलवारनवरात्रि दिन 3तृतीयामां चंद्रघंटा पूजा
18 अक्टूबर 2023, बुधवारनवरात्रि दिन 4चतुर्थीमां कुष्मांडा पूजा
19 अक्टूबर 2023, गुरुवारनवरात्रि दिन 5पंचमीमा स्कंदमाता पूजा
20 अक्टूबर 2023, शुक्रवारनवरात्रि दिन 6षष्ठीमां कात्यायनी पूजा
21 अक्टूबर 2023, शनिवारनवरात्रि दिन 7सप्तमीमां कालरात्रि पूजा
22 अक्टूबर 2023, रविवारनवरात्रि दिन 8अष्टमीमां महागौरी पूजा, दुर्गा महा अष्टमी पूजा
23 अक्टूबर 2023, सोमवारनवरात्रि दिन 9नवमीमां सिद्धिदात्री पूजा, दुर्गा महा नवमी पूजा
24 अक्टूबर 2023, मंगलवारनवरात्रि दिन 10दशमीनवरात्रि पारणा, दुर्गा विसर्जन, विजय दशमी

नवरात्रि घटस्थापना सामग्री की लिस्ट

लकड़ी की चौकी, चौकी पर बिछाने के लिए पीला या लाल कपड़ा, घट स्थापना के लिए कलश ढक्कन के साथ, जौ बोने के लिए मिट्टी का बर्तन, कलश के लिये आम के पत्ते, गंगाजल, रोली, सिन्दूर, सुपारी, कलावा, हल्दी की गांठ, जायफल, जौ, तिल, कलश के ऊपर रखने के लिए नारियल, पंचमेवा, मिश्री, सूखे मेवे, फल, मखाने, घी, माता के लिये वस्त्र, माता के लिए सुहाग का सामान, पूजन के लिए पान के पत्ते, पूजा के लिए फूल माला आदि।

छत्तीसगढ़ : नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के 120 गांवों के मतदाताओं को आजादी के बाद पहली बार अपने गांवों में मतदान करने का अवसर मिलेगा…

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छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के 120 गांवों के मतदाताओं को आजादी के बाद पहली बार अपने गांवों में मतदान करने का अवसर मिलेगा.

विधानसभा चुनाव के लिए सात नवंबर को होने वाले मतदान के लिए निर्वाचन आयोग इन गांवों में मतदान केंद्र स्थापित करेगा. छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों ( 7 और 17 नवंबर) में मतदान होगा. जबकि मतगणना तीन दिसंबर को होगी.

126 से अधिक नए मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे

सात जिलों वाले बस्तर संभाग में 12 विधानसभा क्षेत्र हैं, जहां पहले चरण में सात नवंबर को मतदान होगा.

बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) सुंदरराज पी ने बताया, ”सात नवंबर को मतदान के लिए बस्तर क्षेत्र में 126 से अधिक नए मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे. इनमें से अधिकांश नए मतदान केंद्र नक्सली गढ़ माने जाने वाले इलाकों में स्थित होंगे.”

नए मतदान केंद्र बस्तर क्षेत्र, ये है मतदान केंद्रों की सूची:-

126 नए मतदान केंद्र:

कांकेर जिले के कांकेर विधानसभा क्षेत्र में 15,
अंतागढ़ में 12, भानुप्रतापुर में 5, सुकमा जिले के कोंटा में 20,
बस्तर जिले के चित्रकोट में 14, जगदलपुर में 4,
बस्तर विधानसभा क्षेत्र में 1, कोंडागांव जिले के कोंडागांव क्षेत्र में 13,
केशकाल में 19, नारायणपुर जिले के नारायणपुर में 9,
दंतेवाड़ा जिले के दंतेवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में 8,
बीजापुर जिले के बीजापुर विधानसभा क्षेत्र में 6 मतदान केंद्र शामिल हैं.

पिछले पांच वर्षों में 65 से अधिक नए सुरक्षा शिविर (राज्य पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों दोनों के) स्थापित करने से जमीनी स्थिति में उल्लेखनीय बदलाव आया है.

क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि, मतदान केंद्र स्थापित करने में मदद मिली है. पहले इन क्षेत्रों में नक्सलि खतरों के कारण मतदान केंद्र स्थापित नहीं किए गए थे.

नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग बस्तर में आने वाले 12 विधानसभा क्षेत्र और राज्य के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई तथा कबीरधाम जिले के आठ विधानसभा क्षेत्रों में पहले चरण में मतदान होगा. शेष 70 निर्वाचन क्षेत्रों में 17 नवंबर को दूसरे चरण में मतदान होगा.

(Income Tax) : बेंगलुरु में आयकर विभाग की छापेमारी में एक फ्लैट से करोड़ों की रकम जब्त!

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बेंगलुरु में गुरुवार आधी रात को आयकर विभाग की छापेमारी में एक फ्लैट से करोड़ों की रकम जब्त की गई है. आयकर विभाग (Income Tax) ने पूर्व कांग्रेस पार्षद के आवास और उनके रिश्तेदारों के फ्लैट पर छापा मारा.

आयकर विभाग के अधिकारियों द्वारा यह छापेमारी आरटी नगर में दो जगहों पर की गई.

करोड़ों का कैश बरामद

पूर्व पार्षद अश्वत्थम्मा के एक रिश्तेदार के फ्लैट से इन पैसों की बरामदगी हुई है. आरटी नगर के आत्मानंद कॉलोनी में कार्टन बक्सों में पैक मिले करोड़ों रुपये को अब आयकर विभाग के अधिकारियों ने जब्त कर लिया. दरअसल आयकर विभाग ने गुरुवार को संदिग्ध कर चोरी को लेकर बेंगलुरु में कई जगहों पर छापेमारी की थी और इसी दौरान यह कैश बरामद हुआ है.

दिल्ली शराब नीति केस में मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टाल दी गयी!

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सुप्रीम कोर्ट की बेंच की तरफ से मनीष सिसोदिया के खिलाफ केस को लेकर प्रवर्तन निदेशालय से कई सवाल पूछे गये हैं. दिल्ली शराब नीति केस में आगे की राह प्रवर्तन निदेशालय के वकील की दलील और सबूतों पर निर्भर करती है.

12 अक्टूबर को मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई थी, लेकिन जस्टिस संजीव खन्ना के किसी और केस की सुनवाई में व्यस्त होने के कारण सुनवाई टाल दी गयी. मनीष सिसोदिया के दिल्ली सरकार में डिप्टी सीएम रहते सीबीआई ने 26 फरवरी, 2023 को गिरफ्तार किया था. और बाद में तिहाड़ जेल में पूछताछ के बाद 9 मार्च को मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कर लिया था.

चार्जशीट में ED का दावा

जो कुछ अदालत को ED ने बताया है उसके मुताबिक, मनीष सिसोदिया ने सबूत छिपाने के लिए 14 फोन और 43 सिम कार्ड बदले थे, और उनमें से पांच सिम कार्ड मनीष सिसोदिया के नाम पर ही थे. दिल्ली कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय ने ये भी दावा किया है कि मनीष सिसोदिया और अन्य अरोपियों ने 170 बार मोबाइल फोन बदले, और फिर उन्हें तोड़ दिया, जिससे 1.38 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ… शराब घोटाले में बड़े पैमाने पर सबूतों को नष्ट किया गया.

प्रवर्तन निदेशालय का दावा है कि जांच एजेंसी के पास मनीष सिसोदिया के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं – लेकिन मुद्दे की बात ये है कि सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया की जमानत पर सुनवाई के दौरान ईडी के दावे पर ही कई सवाल पूछ डाले हैं.

सिसोदिया केस में सुप्रीम कोर्ट के सवाल?

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) में संबंधित व्यक्ति को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अपराधों की आय से जोड़ना होगा. कोर्ट ने पाया है कि जो केस बनाया गया है, वो है कि पैसा मनीष सिसोदिया को मिला था, लेकिन ये पैसा कथित शराब ग्रुप से सिसोदिया तक कैसे पहुंचा?

कोर्ट ने एक सवाल ये भी पूछा है कि एक आरोपी कारोबारी दिनेश अरोड़ा के बयान के अलावा मनीष सिसोदिया के खिलाफ सबूत कहां हैं?

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय को चेताया भी कि ‘जिरह के दौरान सिर्फ दो सवालों के बाद ये केस गिर जाएगा.’

हमास : फिलिस्तीन की ‘फतह’ के लिए असली जंग लड़ रहा ये संगठन…

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हमास और इजराइल की जंग एक हफ्ते से जारी है. गाजा पट्टी में इजराइली एयर स्ट्राइक में सैकड़ों लोग मारे गए हैं.

हमास की हिंसक राइवलरी का खामियाजा अक्सर आम लोगों को भुगतना पड़ता है. बच्चे, महिलाएं, बूढ़े मारे जाते हैं.

शहर के शहर तबाह कर दिए जाते हैं. गाहेबगाहे इसका विरोध भी होता है.

हमास अपने हिंसक रूप और इजराइल को लाल आंख दिखाने के लिए जगजाहिर है लेकिन फिलिस्तीन का एक और संगठन है जो अपने स्वतंत्र राष्ट्र की लड़ाई लड़ रहा है – वो है फतह.

आइए जानते हैं इस संगठन का मकसद और कैसे इजराइल से लड़ रहा स्वतंत्रता की लड़ाई?

फतह एक राजनीतिक दल और एक फिलिस्तीनी राष्ट्रवादी आंदोलन है जिसकी शुरुआत इजराइल की “अवैध” स्थापना के बाद 1950 के दशक में हुई थी.

हमास की ही तरह इसका भी मकसद एक स्वतंत्र फिलिस्तीन राष्ट्र बनाना है. यासिर अराफात और अन्य नेताओं ने मिलकर इसकी शुरुआत कुवैत में की थी.

फतह का मतलब जीतना होता है. फतह ने इजराइली कब्जे के खिलाफ फिलिस्तीन रजिस्टेंस मूवमेंट्स में अहम भूमिका निभाई है.

यह संगठन सशस्त्र और राजनीतिक दोनों गतिविधियों में शामिल रहा है. पार्टी के झंडे में राइफल और ग्रेनेड भी देखा जा सकता है.

हमास और फतह में क्या है अंतर?

फतह और हमास अपने उद्देश्यों, तरीकों और राजनीतिक विचारधाराओं में अलग हैं. फतह का मुख्य उद्देश्य इजराइल के साथ-साथ 1967 से पहले की सीमाओं पर आधारित एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र की स्थापना करना है, जिसकी राजधानी पूर्वी येरुशलम हो.

फतह बातचीत और कूटनीति के जरिए इजराइल-फिलिस्तीनी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की वकालत करता है. हालांकि, हमास इससे अलग इजराइल, वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी के साथ एक स्वतंत्र राष्ट्र बनाने की मंशा रखता है.

दो राज्य के पक्ष में फिलिस्तीन का फतह संगठन

तरीकों के संदर्भ में, फतह अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के साधन के रूप में राजनीतिक संवाद, कूटनीति और बातचीत पर जोर देता है.

यह इजराइल के साथ शांति वार्ता में लगा हुआ है और टू स्टेट सॉल्यूशन को मान्यता देता है.

फतह के एक धर्मनिर्पेक्ष राष्ट्रवादी आंदोलन होने के नाते फिलिस्तीन में हर क्षेत्र के लोग इससे जुड़े हैं और अपना समर्थन देते हैं.

फिलिस्तीन अथॉरिटी में सत्तारूढ़ पार्टी के रूप में अपनी स्थिति के माध्यम से फिलिस्तीन में राजनीतिक व्यवस्था को नियंत्रित करता है.

फिलिस्तीन की बड़ी आबादी का फतह को समर्थन

फतह ने फिलिस्तीन अथॉरिटी की स्थापना के बाद से ही पीए के भीतर नेतृत्व पदों पर रहकर अपना वर्चस्व कायम रखा है.

इसके अतिरिक्त, फतह ने ऐतिहासिक रूप से फिलिस्तीनी आबादी से काफी चुनावी समर्थन हासिल किया है, चुनाव जीता है और फिलिस्तीनी विधान परिषद में बहुमत हासिल की है.

इसी पार्टी के नेता मोहमूद अब्बास संयुक्त फिलिस्तीन, जिसमें गाजा पट्टी, वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम शामिल है, में शासन है. इजराइल के साथ फिलिस्तीन के लिब्रेशन को लेकर शांतिपूर्ण बातचीत में भरोसा करता है.

फतह के अलावा और भी कई पार्टियां

यह ध्यान देने वाली बात है कि फिलिस्तीन में राजनीतिक व्यवस्था पर फतह के नियंत्रण को चुनौतियों और आलोचना का सामना करना पड़ा है.

फिलिस्तीन में राजनीतिक व्यवस्था थोड़ा मुश्किल है, जिसमें कई राजनीतिक गुट और विभाजन हैं.

हमास जैसी अन्य पार्टियां, जो गाजा पट्टी को नियंत्रित करती हैं, भी फिलिस्तीनी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.

बहरहाल, फतह एक बड़ी ताकत बना हुआ है और फिलिस्तीन में राजनीतिक व्यवस्था पर महत्वपूर्ण नियंत्रण रखता है.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में तेजी WTI क्रूड 83.39 डॉलर प्रति बैरल, ब्रेंट क्रू़ड 86.33 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया!

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में आज हल्की तेजी दिख रही है. शुक्रवार को सुबह 6 बजे के करीब WTI क्रूड 83.39 डॉलर प्रति बैरल पर बिक रहा है. वहीं, ब्रेंट क्रू़ड भी 86.33 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है.

देश में तेल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जारी कर दिए हैं. भारत में हर सुबह 6 बजे ईंधन के दामों में संशोधन किया जाता है. जून 2017 से पहले कीमतों में संशोधन हर 15 दिन के बाद किया जाता था.

महाराष्ट्र में आज पेट्रोल 40 और डीजल 39 पैसे महंगा होकर बिक रहा है. राजस्थान में पेट्रोल 33 और डीजल 30 पैसे महंगा हुआ है. पश्चिम बंगाल, बिहार और छत्तीसगढ़ में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हल्की तेजी दिख रही है. दूसरी ओर झारखण्ड में पेट्रोल 18 पैसे और डीजल 19 पैसे सस्ता हुआ है. हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कीमत में थोड़ी गिरावट है.

चारों महानगरों में पेट्रोल-डीजल के दाम
– दिल्ली में पेट्रोल 96.72 रुपये और डीजल 89.76 रुपये प्रति लीटर
– मुंबई में पेट्रोल 106.31 रुपये और डीजल 94.27 रुपये प्रति लीटर
– कोलकाता में पेट्रोल 106.03 रुपये और डीजल 92.76 रुपये प्रति लीटर
– चेन्नई में पेट्रोल 102.77 रुपये और डीजल 94.37 रुपये प्रति लीटर

इन शहरों में कितने बदले दाम
– नोएडा में पेट्रोल 97 रुपये और डीजल 89.76 रुपये प्रति लीटर हो गया है.
– गाजियाबाद में 96.58 रुपये और डीजल 89.75 रुपये प्रति लीटर हो गया है.
– लखनऊ में पेट्रोल 96.47 रुपये और डीजल 89.81 रुपये प्रति लीटर हो गया है.
– पटना में पेट्रोल 107.24 रुपये और डीजल 94.04 रुपये प्रति लीटर हो गया है.
– पोर्टब्‍लेयर में पेट्रोल 84.10 रुपये और डीजल 79.74 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

हर सुबह 6 बजे जारी होते हैं नए रेट
सुबह 6 बजे हर दिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है और नए रेट जारी किए जाते हैं. पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन, वैट और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसकी कीमत मूल भाव से लगभग दोगुना हो जाती है. यही कारण है कि पेट्रोल-डीजल हमें इतना महंगा खरीदना पड़ता है.

ऐसे पता कर सकते हैं आज के ताजा दाम
आप SMS के जरिए भी पेट्रोल डीजल का रोज का रेट जान सकते हैं. इंडियन ऑयल के कस्टमर RSP और अपने शहर का कोड लिखकर 9224992249 नंबर पर और बीपीसीएल उपभोक्ता RSP व अपने शहर का कोड लिखकर 9223112222 नंबर पर SMS भेज जानकारी हासिल कर सकते हैं. वहीं, एचपीसीएल उपभोक्ता HPPrice व अपने शहर का कोड लिखकर 9222201122 नंबर पर भेजकर भाव पता कर सकते हैं.

मध्य प्रदेश : कांग्रेस की एक और बड़ी जनसभा, आदिवासी वोटों पर पकड़ मज़बूत करने की रणनीति…

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कांग्रेस की एक और बड़ी चुनावी रैली आज मध्य प्रदेश के महाकोशल इलाके में गोंडवाना राजवंश के गढ़ मण्डला जिले में कांग्रेस की दिग्गज नेता प्रियंका गांधी आज चुनावी रैली में जनसभा को संबोधित किया.

यह प्रियंका गांधी का महाकोशल क्षेत्र में दूसरा दौरा है. इसके पहले वे इसी साल 12 जून को जबलपुर में एक पब्लिक मीटिंग को संबोधित करते हुए कांग्रेस की पांच चुनावी गारंटी का ऐलान किया था.

राजनीतिक जानकार बताते हैं कि:

कांग्रेस की ओर से मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और राष्ट्रीय महासचिव सुरजेवाला सहित बड़ी संख्या में प्रदेश के कांग्रेस नेता भी शामिल हुए.

रघुनाथ शाह की प्रतिमा पर माल्यार्पण
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश तिवारी के मुताबिक गोंडवाना साम्राज्य की ऐतिहासिक धरोहर और गोंड राजाओं की नगरी रामनगर में प्रियंका गांधी की इच्छा उनके क्षेत्र में जाने और अपनी बात रखने की थी. कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि प्रियंका गांधी चौगान की मढ़िया में दर्शन, शंकर शाह – रघुनाथ शाह की प्रतिमा पर माल्यार्पण और नर्मदा पूजन के बाद वे आम सभा का जन संबोधन किया.

आदिवासी वोटों पर पकड़ मज़बूत करने की रणनीति
अब चुनावी आंकड़ों की बात करें तो पिछले विधानसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की 47 सुरक्षित आदिवासी सीटों में से 31 कांग्रेस जीतने में सफल रही थी, जबकि बीजेपी को सिर्फ 16 सीटें ही मिली थीं. हालांकि, इससे पहले 2013 के चुनाव में बीजेपी ने आदिवासी रिज़र्व 47 में से 30 सीटें जीतने में कामयाबी हासिल की थीं. कांग्रेस आदिवासी वोटों पर अपनी पकड़ मज़बूत रखना चाहती है.

अब बारी प्रियंका गांधी की है. अब बड़ा सवाल यह है कि क्या 2023 के चुनाव में भी कांग्रेस ऐसा ही प्रदर्शन कर पाएगी या बीजेपी को बड़ी सफलता मिलेगी?

जबलपुर में आमसभा के बाद एक बार फिर महाकोशल इलाके के मण्डला जिले में पब्लिक रैली में आदिवासी बहुल महाकोशल रीजन के चुनावी नतीजों देखा जाए तो यहां पिछले चुनाव में कांग्रेस का पलड़ा भारी था.

बता दें कि महाकोशल क्षेत्र में जबलपुर, छिंदवाड़ा, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडोरी और बालाघाट जिले आते हैं. साल 2018 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को महाकोशल इलाके से निराशा हाथ लगी थी. इसकी बड़ी वजह आदिवासियों की नाराजगी मानी गईं थी. कांग्रेस ने महाकौशल क्षेत्र की 38 सीटों में से 24 परजित का परचम लहराया था और बीजेपी सिर्फ 13 सीटों पर था.

हमास के खिलाफ इजरायल का नया प्लान ! ”वॉर कैब‍िनेट” बनाने का ऐलान, जानें युद्ध रणनीत‍ि!

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फिलीस्तीनी आतंकवादी समूह हमास को मिटाने के लिए इजराइल का नया प्लान सामने आया है। इजराइल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और शीर्ष विपक्षी नेता ने हमास के खिलाफ युद्ध की निगरानी करने के लिए युद्धकालीन एकता सरकार यानि ‘वॉर कैबिनेट’ बनाने का एक समझौता बुधवार को किया।

हमास ने गत शनिवार को इजराइल पर अचानक हमला किया था जिसके बाद इजराइल ने युद्ध की घोषणा की और तेज होते युद्ध के बीच अबतक 2200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। नेशनल यूनिटी पार्टी के नेता बेनी गैंट्ज ने पूर्व में संकेत दिया था कि वह इज़राइल के युद्ध प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए आपातकालीन एकता सरकार में बिना शर्त शामिल होने के इच्छुक हैं।

उन्होंने एक विज्ञप्ति जारी कर एकता सरकार बनाने पर सहमति की जानकारी दी और इसे नेतन्याहू के साथ संयुक्त बयान करार दिया। गैंट्ज पूर्व में इजराइल के रक्षामंत्री और इजराइल रक्षा बल (IDF ) के प्रमुख की भूमिका निभा चुके हैं। बयान में कहा गया कि वे पांच सदस्यीय ‘युद्ध प्रबंधन’ मंत्रिमंडल का गठन करेंगे। इसमें नेतन्याहू, गैंट्ज, मौजूदा रक्षामंत्री योआव गैलेंट और दो सेवारत शीर्ष अधिकारी बतौर ‘पर्यवेक्षक’ सदस्य शामिल होंगे। बयान में कहा गया कि सरकार जबतक लड़ाई जारी रहेगी तब तक गैर युद्ध संबंधी कोई भी विधेयक पारित नहीं करेगी और न ही इससे जुड़ा फैसला लेगी।

मुख्य विपक्षी दल यायर लापिद को भी नए मंत्रिमंडल में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया है लेकिन उनकी ओर से अबतक जवाब नहीं आया है। इस कदम को इजराइली राजनीति में अप्रत्याशित हलकों से समर्थन मिला, जो कुछ समय पहले तक सरकार की न्यायिक सुधार की कोशिश के मुद्दे पर दो व्यापक गुटों में विभाजित दिख रही थी। कई लोग न्यायिक सुधार की कोशिश को न्यायपालिका के अधिकार को कमजोर करने के प्रयास के तौर पर देख रहे थे, जिसके कारण लगातार 39 हफ्तों तक देश भर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए और जिस दिन युद्ध शुरू हुआ उस दिन भी इस मुद्दे पर व्यापक प्रदर्शन की योजना थी।

दक्षिणपंथी चरमपंथी नेता और राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर को एकमात्र नेता माना जा रहा था जो एकता गठबंधन स्थापित करने से अपने पैर खींच रहे थे। उन्होंने फैसले की घोषणा होने के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘एकता का स्वागत, अब हमें जीत की जरूरत है।” न्यायपालिका में आमूल-चूल बदलाव के सूत्रधार न्याय मंत्री यारिव लेविन ने भी समझौते का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘यह सही है और किया जाना जरूरी था…यहां से हम साथ मिलकर काम करेंगे।” आर्थिक मामलों के मंत्री नीर बरकत ने लिखा, ‘‘इजराइल राज्य के पास एकता सरकार है।”

उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘ऐसे समय में हमें एकजुट होना चाहिए, आईडीएफ सैनिकों को समर्थन देना चाहिए और तब तक एकजुट होकर काम करना चाहिए जब तक कि अपने दुश्मन पर इजराइल की पूरी तरह से जीत न हो जाए।” इजराइल ने गाजा पर शासन करने वाले इस्लामिक चरमपंथी समूह हमास के खिलाफ एक अभूतपूर्व हमले का संकल्प लिया है, क्योंकि उसके लड़ाकों ने सात अक्टूबर को सीमा बाड़बंदी तोड़कर देश के दक्षिण में घुसकर भीषण हमले किए थे। इजराइल की सेना ने कहा है कि इजराइल में 155 सैनिकों सहित 1,200 से अधिक लोग मारे गए हैं, जबकि गाजा में अधिकारियों के अनुसार, 260 बच्चों और 230 महिलाओं सहित 950 लोग मारे गए हैं।

इजरायल और फिलीस्तीनी चरमपंथी समूह हमास के बीच लगातार भीषण युद्ध जारी मरने वालों की संख्या 3000 से अधिक सैकड़ों लोग घायल

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इजरायल और फिलीस्तीनी चरमपंथी समूह हमास के बीच लगातार चौथे दिन भी भीषण युद्ध जारी है। इजराइल के मुताबिक हमलों में अब तक दोनों तरफ से युद्ध में मरने वालों की संख्या 3000 से अधिक हो गई है और सैकड़ों लोग घायल हो गए हैं।

इजरायल ने गाजा को चारों ओर से घेरने का आदेश दिया है। गाजा में हर तरह की सप्लाई को रोका जा रहा है। गाजा में शासन करने वाले चरमपंथी समूह हमास द्वारा इजराइल पर अचानक भीषण हमलों के बाद दशकों में पहली बार जंग सड़कों पर आ गई। इजराइल ने गाजा सीमा क्षेत्रों को हमास के आतंकवादियों से वापस ले लिया है। इजराइली सरकार ने कहा कि हमास के हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया है. गाजा के कुछ हिस्सों को ध्वस्त कर दिया है और अपने नियंत्रण में ले लिया है। जानते हैं जंग के ताजा हालात…

LIve Update:

  • गाजा के बिजली प्राधिकरण ने कहा है कि इजराइल के आपूर्ति ठप करने के बाद उसके इकलौते बिजली संयंत्र में ईंधन समाप्त हो जाएगा, जिससे गाजा में बिजली की आपूर्ति बंद हो जाएगी। इजराइल ने कहा है कि हमास ने सप्ताहांत में जो कहर बरपाया है उसका बदला लेने के लिए वह क्षेत्र की बिजली काट देगा। गाजा के लिए सभी रास्ते बंद हैं, जिससे बिजली संयंत्र के लिए ईंधन या जेनरेटर ला पाना असंभव है। बिजली प्राधिकरण ने बुधवार को कहा कि दोपहर तक बिजली संयंत्र बंद हो जाएगा।
  • जंग के कारण लोग भूख-प्यास से बेहाल हैं। सप्लाई चेन ठप से होने आने वाले दिनों में खाने की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। इजरायल का कहना है कि युद्ध तभी खत्म होगा, जब हमास का आखिरी आतंकी नहीं मारा जाता है। इस बीच, ईरान के शीर्ष अधिकारी अयातुल्ला अली खामेनेई ने स्पष्ट किया कि तेहरान, हमास के हमले में शामिल नहीं था, हालांकि उन्होंने इजराइल को नुकसान पहुंचाने वालों के प्रति समर्थन व्यक्त किया।
  • इजरायल का आरोप है कि हमास के आतंकियों ने 40 बच्चों को मार डाला। इसके लिए उन्होंने इन बच्चों के गले काटे। इजरायल में 1500 हमास आतंकियों के शव मिले हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास को उसी की भाषा में जवाब देने का ऐलान किया है। इस बीच हमास ने धमकी दी है कि अगर इजरायल ने आम नागरिकों पर हमला जारी रखा तो इजरायली बंधकों को फांसी पर चढ़ा देगा। हमास के कब्जे में 100 के आसपास इजरायली बंधक हैं।
  • इजराइली मीडिया के मुताबिक हमास और अन्य चरमपंथी समूहों ने गाजा में 150 से ज्यादा सैनिकों व आम लोगों बंधक बना लिया है। संघर्ष और बढ़ने की आशंका के चलते इजराइल ने आरक्षित सैनिकों की संख्या मंगलवार को बढ़ाकर 3.60 लाख कर दी है। इजराइल-हमास युद्ध में मरने वालों का आंकड़ा 3000 पार कर गया है। फिलिस्तीन की तुलना में इजराइल में अधिक मौतें हुई हैं।
  • हमास ने इजरायल के शहर अश्कलोन पर रॉकेट से हमला कर दिया है। इससे पहले, आतंकवादी समूह ने नागरिकों को कुछ घंटों के भीतर अश्कलोन से चले जाने की चेतावनी दी थी। द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, अश्कलोन गाजा से लगभग 15 किमी दूर है। हमास के सशस्त्र विंग के प्रवक्ता अबू उबैदा ने इजरायल के अश्कलोन बंदरगाह के निवासियों को बिना कोई अधिक जानकारी दिए स्थानीय समय शाम 5 बजे तक क्षेत्र छोड़ने के लिए कहा था।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वैश्विक नेताओं ने इजरायल को समर्थन दिया और वहां के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की. पीएम मोदी ने फोन पर कहा, भारत आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा करता है।
  • भारतीय अमेरिकियों ने फिलीस्तीनी आतंकवादी समूह हमास के हमले के बाद इजराइल के प्रति एकजुटता दिखाते हुए शिकागो में शांतिपूर्ण रैली निकाली। भारतीय अमेरिकी समुदाय ने एक बयान में कहा, ‘‘आतंकवाद केवल इजराइल का मुद्दा नहीं है, यह मानवता के सम्मुख एक बड़ा मुद्दा है। इससे पहले कि, बहुत देर हो जाए, इसे रोका जाना चाहिए।” इस रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने भारत, अमेरिका और इजराइल के झंडे लहराए।
  • इजराइली सेना ने कहा कि वह सीरिया की ओर से की गई गोलाबारी के जवाब में तोपों से गोले दागने के साथ ही मोर्टार भी दाग रही है। इजराइली सेना ने मंगलवार को कहा कि सीरिया से गोले दागे गए और ऐसा प्रतीत होता है कि गोले एक खुले क्षेत्र में गिरे हैं। उसने कहा कि यह गोलाबारी ऐसे समय में सामने आयी है जब इजराइल हमास के हमले के जवाब में गाजा में हमले कर रहा है और लेबनानी हिजबुल्ला के साथ गोलीबारी जारी है। सीरिया की ओर से इस बारे में तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई है। यों के लिए संयुक्त राष्ट्र एजेंसी द्वारा संचालित स्कूलों में आश्रय ले रहे हैं।

अमेरिका ने ईरान को किया आगाह जैसे-जैसे युद्ध बढ़ता जा रहा है, इजरायली सेना का जमीनी आक्रमण तेज होता जा रहा है। इजरायल को अमेरिका का भी साथ मिला है। अमेरिका ने खतरनाक हथियारों की खेप भेजी है।इस बीच अमेरिका ने ईरान का आगाह किया है कि वह हमास और इजरायल के युद्ध से दूर रहे। अमेरिका ने मंगलवार को कहा कि इजराइल पर हमास के हाल के आतंकवादी हमले में ईरान की भूमिका के बारे में कोई विशेष सूचना नहीं मिली है लेकिन आतंकवादी समूह की सैन्य शाखा के लिए वित्त पोषण में ‘‘व्यापक तौर” पर उसकी मिलीभगत है।

अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जैक सुलिवान ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने शुरुआत से कहा है कि ईरान की व्यापक तौर पर इस हमले में मिलीभगत है क्योंकि उन्होंने हमास की सैन्य शाखा को भारी-भरकम वित्त पोषण दिया है। उन्होंने प्रशिक्षण मुहैया कराया। उन्होंने (ईरान) उन्हें हमला करने की क्षमताएं मुहैया करायी। उन्होंने सहयोग दिया और वे वर्षों से हमास के साथ संपर्क में हैं।” उन्होंने कहा, ‘‘इन सभी चीजों ने उस घटना में भूमिका निभायी है जो हमने देखी है। अभी इस सवाल पर कि क्या ईरान को इस हमले के बारे में पहले से पता था या उसने योजना बनाने में मदद की या इस हमले का निर्देश दिया, तो अभी हमारे पास ऐसी कोई सूचना नहीं है।

उत्तराखंड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पिथौरागढ़ जिले के जोलिंगकोंग पहुंचें…

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उत्तराखंड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पिथौरागढ़ जिले के जोलिंगकोंग पहुंचें, जहां उन्होंने सबसे पहले पार्वती कुंड की पूजा की.

इसके बाद उन्होंने कैलाश व्यू प्वाइंट से आदि कैलाश के दर्शन भी किए. मोदी ने पार्वती कुंड के किनारे स्थित प्राचीन शिव-पार्वती मंदिर में आरती की. स्थानीय पुजारियों वीरेंद्र कुटियाल ओर गोपाल सिंह ने उनकी पूजा संपन्न कराई.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उनके साथ मौजूद थे जिन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘इंस्टाग्राम’ पर मोदी की एक रील भी पोस्ट की है.

पीएम मोदी कुमांउ क्षेत्र के अपने दिन भर के दौरे में सीमांत गुंजी गांव भी गए, जहां उन्होंने स्थानीय लोगों तथा सुरक्षा बलों से मुलाकात की और स्थानीय उत्पादों और शिल्प की एक प्रदर्शनी भी देखा.

इसके बाद वह अल्मोड़ा में भगवान शिव के एक और प्रसिद्ध धाम जागेश्वर के लिए रवाना हो गए.

जागेश्वर से वह वापस पिथौरागढ़ जाएंगे, जहां वह एक जनसभा को संबोधित करेंगे. वह करीब 4200 करोड़ रूपये की लागत की योजनाओं का शिलान्यास तथा लोकार्पण भी करेंगे.