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Weather Forecast: इन राज्यों में होगी भारी बारिश, जानें मौसम की जानकारी!

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दिल्ली-NCR में शनिवार दोपहर 12 बजे के बाद तेज बारिश देखने को मिली. राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में तेज बारिश हुई जिससे कई जगह जलभराव देखने को मिला.

साथ ही ट्रैफिक जाम के हालात भी बन गए. मौसम विभाग ने बताया कि 23 और 24 सितंबर के बीच दिल्ली-NCR में बारिश के आसार हैं.

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स्काइमेट वेदर के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, झारखंड के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है.

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स्काइमेट वेदर के अनुसार, पश्चिमी असम, मेघालय, दक्षिणी मध्य प्रदेश, पूर्वी गुजरात, दक्षिणपूर्व राजस्थान और लक्षद्वीप में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश के आसार हैं. वहीं पूर्वोत्तर भारत, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पंजाब, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक या दो तीव्र बारिश हो सकती है.

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स्काइमेट वेदर के अनुसार, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पूर्वोत्तर राजस्थान, उत्तरी मध्य प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में हल्की बारिश हो सकती है.

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झारखंड में मानसून सक्रिय है. इसका असर पूरे राज्य में दिख रहा है. निम्न दबाव झारखंड, छत्तीसगढ़ होते हुए जा रहा है. इसका असर झारखंड पर है. इस कारण पूरे झारखंड में अच्छी बारिश हुई है. कहीं-कहीं भारी बारिश देखने को मिली. मौसम विभाग के अनुसार, 23 व 24 सितंबर को 15 से 20 एमएम बारिश की संभावना है. इस दौरान कई इलाकों में वज्रपात की भी संभावना जतायी गयी है.

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बिहार में पिछले दो दिनों से मानसून की सक्रियता के चलते वर्षा हो रही है. मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक राज्य में मौसम का ऐसा ही मिजाज रहेगा. इसके बाद वर्षा में कमी आएगी. मौसम विभाग ने 23 सितंबर तक को लेकर पूरे बिहार में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. पटना मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक 24 सितंबर तक उत्तर बिहार के जिलों पश्चिम और पूर्वी चंपारण, सिवान, सारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, वैशाली, समस्तीपुर, पूर्णिया, सहरसा, मधेपुरा, कटिहार, किशनगंज और सुपौल में अनेक जगहों पर बारिश की उम्मीद है. 25 सितंबर को लेकर बारिश का दौर थोड़ा थम सकता है.

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मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 24 और 25 सितंबर को पूरे उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने के भी आसार हैं. इसके बाद 26, 27 और 28 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक या दो जगह और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है.

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव : कांग्रेस-बीजेपी अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश, ‘पीएम मोदी’ ‘राहुल गांधी’ की आम सभा!

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छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव : कांग्रेस और बीजेपी ने पूरी ताकत से दोनों पार्टियों के बड़े नेताओं के जरिए अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश में जुट गए है.

पीएम मोदी मोदी 70 दिन में दो बार छत्तीसगढ़ का दौरा कर चुके है. 28 सितंबर को फिर इसी महीने में दूसरी बार उनका छत्तीसगढ़ दौरा होने वाला है. वहीं राहुल गांधी ने भी छत्तीसगढ़ में दौरे तेज कर दिए है. इसी महीने 2 सितंबर को राहुल गांधी ने रायपुर में बड़ी सभा की इसके बाद अब बिलासपुर में 25 सितंबर को बड़ी सभा में शामिल होने वाले है.

25 को राहुल गांधी और 28 सितंबर को पीएम मोदी का बिलासपुर दौरा
दरअसल 23 दिन बाद फिर से राहुल गांधी छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रहे है. सितंबर महीने में कांग्रेस 3 बड़े नेता छत्तीसगढ़ में दौरा कर चुके है. 8 सितंबर को मल्लिकार्जुन खरगे ने राजनांदगांव में दौरा किया इसके बाद 21 सितंबर को प्रियंका गांधी ने दुर्ग संभाग में एक बड़ी महिला समृद्धि सम्मेलन में पहुंची. वहीं अब 25 सितंबर को राहुल गांधी बिलासपुर संभाग में कांग्रेस के भरोसे के सम्मेलन को संबोधित करेंगे. इसको लेकर कांग्रेस पार्टी की बड़े स्तर पर तैयारी चल रही है. वहीं बीजेपी के परिवर्तन यात्रा के समापन में भी पीएम मोदी 28 सितंबर को बिलासपुर दौरे पर आ रहे है.

आवास योजना की शुरुआत करेंगे राहुल गांधी
राहुल गांधी बिलासपुर में कांग्रेस के भरोसे के सम्मेलन में शामिल होंगे. इस दौरान कांग्रेस सरकार अपनी एक और महत्वकांक्षी योजना ग्रामीण आवास योजना को लागू करने जा रही है. इसकी घोषणा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बजट सत्र में पहले ही कर चुके है. इसके तहत राज्य सरकार गरीबों को आवास देने के लिए पूरा खर्च करेगी. इस योजना को विधानसभा चुनाव के लिए अहम माना जा रहा है. क्योंकि आवास योजना ग्राउंड लेवल का सबसे बड़ा मुद्दा है.

आवास योजना क्यों है सबसे बाद चुनावी मुद्दा?
आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में पीएम आवास योजना एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन गया है. राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच पीएम आवास योजना के लिए लंबे समय से संघर्ष चल रहा है. क्योंकि पिछले साल केंद्र सरकार ने राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाकर 7 लाख से अधिक पक्का मकान बनाने लक्ष्य वापस ले चुकी है. इसके पीछे ये भी आरोप बीजेपी ने लगाए की राज्य सरकार अपने हिस्से के पैसे नहीं दे रही है. वहीं इसपर अब चुनावी साल में बीजेपी इसे बड़ा मुद्दा बनाकर कांग्रेस को घेरने में जुट गई है.इस लिए कांग्रेस ने डैमेज कंट्रोल के लिए अब राज्य स्तर पर ही आवास योजना की शुरुआत करने जा रही है.

बिलासपुर संभाग में क्यों है सबकी नज़र ?
छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा संभाग बिलासपुर है. जहां 8 जिलों में 25 विधानसभा सीट आती है. 2018 विधानसभा चुनाव के परिणाम देखें तो कांग्रेस के पास 14,बीजेपी 7, जोगी कांग्रेस 1 और बहुजन समाज पार्टी के पास 2 सीट है. वहीं जोगी कांग्रेस से अलग हुए धर्मजीत सिंह अब बीजेपी में शामिल हो गए है.यानी चुनावी मायनों में बिलासपुर संभाग में कांग्रेस के लिए बेहतर परिणाम आए थे. लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी भी बिलासपुर संभाग में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है. अरविंद केजरीवाल भी चुनावी शंखनाद बिलासपुर से ही किए है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सभी पार्टी बिलासपुर के 25 सीटों में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती.

आचार संहिता लागू होने से पहले किसानों को मिलेगी न्याय योजना की तीसरी किस्त, सीएम बघेल का एलान…

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राज्य के किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना और भूमिहीन मजदूरों को राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना की तीसरी किश्त सितंबर महीने की आखिर तक दी जाएगी.

सीएम भूपेश बघेल ने दुर्ग जिले के भिलाई नगर स्थित जयंती स्टेडियम में आयोजित महिला समृद्धि सम्मेलन में यह जानकारी दी. अगले महीने अक्टूबर में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने वाली है और आदर्श आचार संहिता लगने वाला है इसलिए दोनों योजनाओं की तीसरी किश्त का भुगतान 1 नवंबर से पहले किया जाएगा.

राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत राज्य के धान सहित अन्य प्रमुख खरीफ फसलों के उत्पादक किसानों को प्रति एकड़ के मान से 9000 रुपये की इनपुट सब्सिडी 4 किश्तों में दी जाती है. इस योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में राज्य के लगभग 24.43 लाख किसानों को दो किश्तों में 3704 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है.

मई में दी गई थी पहली किस्त
किसानों को पहले किश्त की राशि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर 21 मई 2023 को 1894.93 करोड़ रुपये और दूसरी किश्त की राशि यानी 1810 करोड़ रुपये राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर 20 अगस्त 2023 को दी गई थी. तीसरी किश्त के तहत लगभग 1890 करोड़ रुपये किसानों के बैंक खातों में इस महीने के आखिर तक जारी कर दी जाएगी.

2020 में शुरू हुई थी किसान न्याय योजना
आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने किसानों के लिए 21 मई 2020 से राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरुआत की थी और इसका लाभ खरीफ वर्ष 2019 के धान उत्पादक किसानों को देने का निर्णय लिया गया था. साल 2020 में इस योजना के तहत किसानों को 5627 करोड़ रुपये, वर्ष 2021 में 5553 करोड़ रुपये, वर्ष 2022 में 7028 करोड़ रुपये और साल 2023 की दो किश्तों में अब तक 3704 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है. राज्य के किसानों को इस योजना के तहत अब तक 21913 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है.

कृषि मजदूरों को मिलती है ये सहायता
छत्तीसगढ़ सरकार की न्याय योजनाओं में शामिल राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत राज्य में 5 लाख 63 हजार से अधिक भूमिहीन परिवारों को हर साल 7000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जानी है. अब तक भूमिहीन कृषि मजदूरों को 758 करोड़ रूपए की आर्थिक सहायता इस योजना के तहत दी जा चुकी है.

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव ; कांग्रेस-बीजेपी के विधायको से जुड़े हुए अपराधिक केस!

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Chhattisgarh Assembly Elections 2023: छत्तीसगढ़ में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. जनता अपने नेताओं के बारे में जानने के लिए काफी जिज्ञासु रहती है. लोगों के मन ये सवाल हमेशा उठता है कि हमारे विधायक कितने पढ़े लिखे हैं और कितने अपराधिक मामले से जुड़े हुए विधायक हैं.

नेताओं के छवि पर हमेशा जनता पैनी नजर गड़ाए रहती है. इस बार विधानसभा चुनाव से पहले हम आपको बताते है कि आपके नेता कितने पढ़े लिखे हैं और कितने अपराधिक मामलों से जुड़े हुए हैं.

दरअसल, 2013 के विधानसभा चुनाव में जीते 14 नेताओं पर क्रिमिनल केस दर्ज थे, लेकिन 2018 के विधानसभा चुनाव में जीते 21 विधायक के नाम पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं. 2013 और 2018 के 90 विधायकों की लिस्ट को देखा जाए तो सबसे ज्यादा क्रिमिनल केस वाले विधायक कांग्रेसी विधायक जयसिंह अग्रवाल रहे हैं. 2013 में उनके खिलाफ आठ केस थे. 2018 में बढ़कर 12 हो गए, लेकिन अच्छी बात ये है कि छत्तीसगढ़ विधानलभा में पढ़े-लिखे विधायकों की संख्या भा तेजी से बढ़ भी रही है. ये जानकारी विधायक प्रत्याशियों द्वारा खुद नामांकन फॉर्म में दर्ज जानकारी के अनुसार है.

छत्तीसगढ़ में ये हैं क्रिमिनल केस वाले विधायक
छत्तीसगढ़ के 21 विधायकों पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं. इसमें से सबसे ज्यादा 18 विधायक कांग्रेस पार्टी के हैं, जिनके नाम पर क्रिमिलन केस हैं. वहीं तीन बीजेपी विधायकों का नाम भी इसमें शामिल है. वहीं सबसे ज्यादा क्रिमिनल केस मामले में रायपुर पश्चिम के विधायक विकास उपाध्याय और कोरबा के विधायक जयसिंह अग्रवाल के नाम पर है. इन दोनों के नाम पर 12 -12 क्रिमिनल केस दर्ज हैं. इसी तरह कांग्रेस विधायक आशीष छाबड़ा 10, देवेंद्र यादव नौ, भुवनेश्वर सिंह बघेल दो, सीएम भूपेश बघेल दो, विनोद चंद्राकर दो, सत्यनारायण शर्मा दो, रेखचंद जैन दो, संत राम नेताम दो, छाननी चंदू साहू दो और शैलेश पांडेय पर दो केस दर्ज हैं . वहीं लालजीत सिंह राठिया एक, द्वारिकाधीश यादव एक, बृहस्पत सिंह एक, अमरजीत भगत एक,मोहन मारकम एक, विक्रम मंडावी के खिलाफ एक क्रिमिनल केस दर्ज है. बीजेपी विधायक बृजमोहन अग्रवाल, ननकी राम कंवर और शिव रतन शर्मा के खिलाफ भी एक-एक क्रिमिनल केस दर्ज हैं.

ये है पांचवी-आठवीं विधायक
बस्तर संभाग के आदिवासी नेता कवासी लखमा राजनीति के बड़े खिलाड़ी माने जाते हैं, लेकिन पढ़ाई के मामले में वो जीरो हैं. वो राज्य सरकार में मंत्री है. हालाकिं अब साक्षर हो गए हैं पढ़ना और लिखना आ जाता है. वहीं पांचवी पास विधायकों की बात करें तो बीजेपी विधायक डमरूधर पुजारी केवल पांचवी पास हैं. इसी तरह कांग्रेस के रामानुजगंज विधायक बृहस्प्त सिंह, पत्थलगांव विधानसभा रामपुकार सिंह और लैलूंगा विधानसभा चक्रधर सिदार भी पांचवी पास विधायक हैं. इसके अलावा आठवीं पास विधायकों की बात करें तो सारंगढ़ से उत्तरी जांगड़े, चंद्रपुर से रामकुमार यादव, पाली तनखार से मोहित राम केरकेट्टा और सामरी से चिंतामणी महराज आठवीं पास हैं.

90 में से केवल 34 विधायक पोस्ट ग्रेजुएट
वहीं पूरे 90 विधानसभा सीटों में पढ़े लिखे विधायकों की बात करें तो केवल 34 विधायक पोस्ट ग्रेजुएट हैं. 12 विधायक ग्रेजुएट हैं. 13 विधायक प्रोफेशनल कोर्स में ग्रेजुएट हैं. 15 विधायक 12वीं पास है. तीन विधायक 10वीं पास हैं. चार विधायक आठवीं पास हैं. चार विधायक पांचवी पास हैं. इसके अलावा डॉ चरणदास महंत डॉक्ट्रेट्ड हैं. इसी साल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी डॉक्ट्रेट्ड की उपाधि मिल चुकी है. यानी पढ़े लिखे विधायकों की संख्या पिछले विधानसभा चुनाव से इस बार बढ़ी है. क्योंकि 2013 विधानसभा चुनाव में 22 विधायक प्रोफेशनल कोर्स से ग्रेजुएट थे. 30 पोस्ट ग्रेजुएट विधायक थे और 36 विधायकों में पांचवी, आठवीं और 12वीं पास विधायक थे. गौरतलब है कि ये सभी क्रिमिनल केस नेताओं द्वारा विधानसभा चुनाव के दौरान अपने नामांकन फॉर्म के साथ निर्वाचन आयोग को दी गई जानकारी है.

Indian Railways; इन राज्यों को मिलने जा रही नई वंदे भारत ट्रेनें

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भारतीय रेलवे देश में लगातार वंदे भारत एक्सप्रेस के नेटवर्क को बढ़ाने का कार्य कर रहा है. इसी कड़ी में रेलवे 24 से 25 सितंबर के बीच अलग-अलग राज्यों में वंदे भारत ट्रेनें लॉन्च करने जा रहा है.

रेलवे राजस्थान, हैदराबाद, बिहार और ओडिशा के लिए वंदे भारत ट्रेन लॉन्च करने जा रहा है. इन सभी ट्रेनों को पीएम नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाएंगे. आइए जानते हैं इन ट्रेनों की डिटेल्स.

ओडिशा
पीएम नरेंद्र मोदी पुरी-राउरकेला-पुरी रूट पर 24 सितंबर को वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे. पीएम मोदी इस ट्रेन को वर्चुअली हरी झंडी दिखाएंगे. वंदे भारत ट्रेन से पुरी से राउरकेला के बीच की दूरी सात घंटे तीस मिनट में तय होगी. सेमी हाई स्पीड ट्रेन पुरी से सुबह 5 बजे प्रस्थान करेगी और उसी दिन दोपहर 12:45 बजे राउरकेला पहुंचेगी. वापसी यात्रा में, ट्रेन राउरकेला से दोपहर 2:10 बजे प्रस्थान करेगी और उसी दिन रात 9.40 बजे पुरी पहुंचेगी.

ये वंदे भारत शनिवार को छोड़कर हफ्ते में छह दिन पटरियों पर दौड़ेगी. यह रास्ते में खुर्दा रोड, भुवनेश्वर, कटक, ढेंकनाल, अंगुल, संबलपुर शहर और झारसुगुड़ा स्टेशनों पर रुकेगी. ओडिशा को पहली वंदे भारत ट्रेन इस साल मई के महीने में मिली थी. ये वंदे भारत एक्सप्रेस पुरी से हावड़ा के बीच चलती है.

हैदराबाद और बेंगलुरु
पीएम मोदी 25 सिंतबर को हैदराबाद और बेंगलुरु के बीच वंदे भारत को वर्चुअली हरी झंडी दिखाएंगे. ये वंदे भारत बेंगलुरु में यशवंतपुर से लेकर हैदराबाद में काचीगुडा के बीच दौड़ेगी. वंदे भारत ट्रेन एक तरफ की यात्रा में 8.5 घंटे में पूरी करेगी, जबकि मौजूदा समय में ट्रेन का सफर करीब 10-11 घंटे का है. इस यात्रा के दौरान 8.5 घंटे में वंदे भारत 71 किलोमीटर की दूरी तय करेगी.

जयपुर से उदयपुर
झीलों के शहर उदयपुर से जयपुर के बीच वंदे भारत ट्रेन का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है. पीएम नरेंद्र मोदी 24 सितंबर को वर्चुअली इस ट्रेन का शुभारंभ करेंगे. उदयपुर से जयपुर के बीच वंदे भारत ट्रेन का शुभारंभ 24 सितंबर की दोपहर 12 बजे होगा और प्रधानमंत्री इसे वर्चुअली हरी झंडी दिखाएंगे. वंदे भारत का रूट उदयपुर से चंदेरिया, भीलवाड़ा, अजमेर, किशनगढ़ होकर जयपुर स्टेशन तक होगा. उदयपुर से 13 अगस्त को इस ट्रेन का ट्रायल किया गया था तब भी रूट उदयपुर से चंदेरिया, भीलवाड़ा, अजमेर, किशनगढ़ होकर जयपुर स्टेशन ही था.

पटना-हावड़ा
बिहार की राजधानी पटना से हावड़ा के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन शुरू होने जा रही है. इसे 24 सितंबर से चलाने का फैसला किया गया है. बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसका उद्घाटन करेंगे. पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ वीरेंद्र कुमार के अनुसार, यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर पटना और हावड़ा के मध्य अत्याधुनिक एवं विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त सेमी हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत की जा रही है.

NCP में फिर हलचल, अजित पवार गुट ने शरद पवार के विधायकों के खिलाफ दायर की अयोग्यता याचिका

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एनसीपी में जुलाई के शुरुआती दिनों से उठा तूफान अभी खत्म नहीं हुआ है, बल्कि इसके ऑफ्टर इफेक्ट महाराष्ट्र की राजनीति बार-बार हिलोरे लाते दिख रहे हैं. चाचा शरद पवार और भतीजे अजित के बीच में बंटी एनसीपी के दोनों गुट लगातार आमने-सामने हैं और शुक्रवार को इसमें एक और नया प्रकरण जुड़ गया है.

असल में अजित पवार गुट ने शरद पवार के विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की है. सामने आया है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अजीत पवार गुट ने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय में शरद पवार समूह के विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की है.

जवाबी कार्रवाई में दायर की गई याचिका
यह याचिका अभी भी शरद पवार खेमे का समर्थन कर रहे कुछ विधायकों के खिलाफ दायर की गई है. यह कदम शरद पवार खेमे द्वारा अजित पवार गुट का समर्थन करने वाले लगभग 41 विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर करने के बाद आया है. याचिका में जिन लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें जयंत पाटिल, जितेंद्र, रोहित पवार, राजेश टोपे, अनिल देशमुख, संदीप क्षीरसागर, मानसिंह नाइक, प्राजक्ता तनपुरे, रवींद्र भुसारा, बालासाहेब पाटिल शामिल हैं.

6 अक्टूबर को सुनवाई के लिए बुलाया
अयोग्यता याचिका की सूची से नवाब मलिक, सुमन पाटिल, अशोक पवार और चेतन तुपे को बाहर कर दिया गया. कुछ दिन पहले, एनसीपी के शरद पवार और अजीत पवार के नेतृत्व वाले दोनों गुटों के वरिष्ठ नेताओं ने कहा था कि पार्टी में कोई विभाजन नहीं है. चुनाव आयोग ने अजित समूह द्वारा दायर याचिका के बाद 6 अक्टूबर को एनसीपी के प्रतिद्वंद्वी गुटों को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाया है, जिसमें दावा किया गया है कि उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुना गया है.

जुलाई में एनसीपी में हुई थी टूट
अभी बीते दिनों एनसीपी के शरद पवार गुट और अजीत पवार गुट के वरिष्ठ नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर कहा था कि एनसीपी में किसी तरह का कोई बंटवारा नहीं है. एनसीपी नेता अजित पवार ने बीती जुलाई में पार्टी संस्थापक और अपने चाचा शरद पवार के खिलाफ विद्रोह करते हुए कई विधायकों के साथ अलग हो गए थे, और नया गुट बना लिया था. उसके बाद अजित पवार महाराष्ट्र की भाजपा-शिवसेना गठबंधन में शामिल होकर उपमुख्यमंत्री बन गये थे.

G-20 को सफल बनाने वाले कर्मचारियों के साथ PM मोदी का डिनर, 3000 लोगों को आमंत्रण…

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हाल ही में भारत ने राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में G-20 सम्मेलन का सफल आयोजन किया है. इस आयोजन को सफल बनाने में सरकार, प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ छोटे-मोटे काम करने वाले हजारों कर्मचारियों ने अपना योगदान दिया.

इस योगदान के लिए उनका शुक्रिया अदा करने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत मंडपम में इन कर्माचरियों के साथ डिनर करेंगे. पीएम मोदी शाम 6 बजे भारत मंडपम पहुंचेंगे. इस दौरान पीएम जनसमूह को भी संबोधित करेंगे. बातचीत के बाद डिनर का आयोजन किया जाएगा. इसमें 3000 लोग भाग लेंगे. इसमें विशेष रूप से वे लोग शामिल होंगे, जिन्होंने शिखर सम्मेलन के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर काम किया है. इसमें अलग-अलग मंत्रालयों के सफाईकर्मी, ड्राइवर, वेटर और अन्य कर्मचारी शामिल होंगे. इस बातचीत में कई मंत्री और अधिकारी भी शामिल होंगे.

भारत की अध्यक्षता में जी-20 का नई दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को सफल आयोजन हुआ. इस समिट में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा, इटली, सऊदी अरब, अर्जेंटीना समेत दुनिया के तमाम शक्तिशाली देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए थे. जी-20 में नई दिल्ली घोषणा पत्र पर भी आम सहमति बनी थी. इसे भारत के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया गया. जी-20 समिट की सफलता के लिए पीएम मोदी को दुनियाभर से बधाई भी मिलीं थीं.

फिलहाल कौन से देश हैं इसमें

साल 1999 में दुनिया की मजबूत अर्थव्यवस्थाओं का एक संगठन बना. तब इसमें कुछ ही देश शामिल थे. जैसे-जैसे दूसरे कई देश मजबूत हुए, वे भी इसका हिस्सा बनते गए. साल 2008 में इसकी पहली आधिकारिक बैठक अमेरिका में हुई. फिलहाल G20 में भारत के अलावा रूस, ब्राजील, कनाडा, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, अमेरिका, चीन, मैक्सिको, दक्षिण कोरिया, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, जर्मनी, इंडोनेशिया, इटली, जापान, तुर्की, ब्रिटेन और एक यूरोपीय संघ शामिल है.

अफ्रीकन यूनियन बना 21वां सदस्य

G20 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समूह में अफ्रीकी संघ के प्रवेश की बात की, जिसपर सारे लीडर्स ने सहमति जताई. यहां सवाल उठता है कि अफ्रीकन यूनियन को क्यों मेंबरशिप मिली. तो इसकी वजह साफ है. ये 55 देशों का ग्रुप है, जिसके पास कच्चे माल का भंडार और मैनपावर दोनों है. आगे चलकर ये दुनिया की इकनॉमी को नई दिशा दे सकता है. यही सारे पहलू देखते हुए यूनियन को क्लब की एंट्री मिली.

दो देश, दो कत्ल और दो गैंग… गैंगस्टर्स की लड़ाई ने पंजाब से कनाडा तक कैसे मचा दिया है खूनखराबा

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खालिस्तानी आतंकी निज्जर के मर्डर की पहेली ने पहले ही भारत और कनाडा के रिश्तो को झुलसा रखा है. और अब निज्जर के बाद कनाडा की उसी जमीन पर एक और गैंगस्टर का कत्ल हो जाता है. मगर इस बार ये कत्ल कोई पहेली नहीं है, क्योंकि कत्ल के महज़ कुछ घंटे बाद ही भारत की जेल में बंद दूसरे गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर इस कत्ल की जिम्मेदारी ले ली.

एक और गैंगस्टर का खात्मा
करीब तीन महीने पहले कनाडा के सर्रे शहर में हुई खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की मौत पर शुरू हुआ बवाल अभी थमा भी नहीं था कि कनाडा से आई एक और खबर ने दुनिया भर चौंका दिया. ये खबर भी एक ऐसे गैंगस्टर के कत्ल की है, जो खालिस्तान का हिमायती था और खालिस्तानियों के इशारे पर ही भारत में आतंकी हरकतों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा था.

20 सितंबर 2023, सुबह 9 बजकर 30 मिनट
हैजल्टन ड्राइव रोड, विनिपैग, कनाडा

देवेंद्र बंबीहा गैंग से जुड़े खालिस्तानी गैंगस्टर सुखदूल सिंह उर्फ सुक्खा दुनुके कॉर्नर हाउस के फ्लैट नंबर 203 में दुबका हुआ था. लेकिन इसी बीच हमलावरों ने उसके घर पर धावा बोला और देखते ही देखते सुक्खा दुनुके के जिस्म में 9 गोलियां उतार दीं. और इसी के साथ भारत के खिलाफ साजिशें रचने वाले एक और गैंगस्टर का चैप्टर हमेशा-हमेशा के लिए क्लोज़ हो गया. दुकुने एक और खालिस्तानी गैंगस्टर अर्श डाला का राइट हैंड माना जाता था. वही अर्श डाला जिसने महज दो रोज पहले पंजाब के मोगा में कांगेस नेता बलजिंदर सिंह बल्ली का कनाडा से बैठे-बैठे कत्ल करवा दिया था. लेकिन इससे पहले कि डाला बल्ली की मौत का जश्न मना पाता, उसके दुश्मनों ने उसके खासमखास और राइट हैंड माने जाने वाले गैंगस्टर दुकुने को मार कर अपना हिसाब-किताब चुकता कर दिया.

सुक्खा के कत्ल के बाद वायरल हुई एक पोस्ट
लेकिन अभी कनाडा में एक और गैंगस्टर के कत्ल की ये खबर फिजा में तैरनी शुरू ही हुई थी कि अचानक सोशल मीडिया में एक ऐसी पोस्ट तैरने लगी, जिसने इस पूरे के के पूरे वाकये को ही एक नया मोड़ दे दिया. सुक्खा दुनुके के कत्ल को लेकर उठ रहे सवाल, इसके पीछे की साज़िश और दुनुके के पुराने टैक रिकॉर्ड समेत तमाम मसलों पर करेंगे बात, लेकिन आइए सबसे पहले सोशल मीडिया के उस पोस्ट पर एक नजर डाल लेते हैं, जो दुनुके के कत्ल के फौरन बाद लिखी गई. ये पोस्ट पंजाब की जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम के बनी एक एकाउंट से लिखी गई थी. पोस्ट इंग्लिश लेटर्स में मगर पंजाबी भाषा में थी.

लॉरेंस बिश्नोई की फेसबुक पोस्ट
उस फेसबुक पोस्ट में लिखा है, ‘हां जी सत श्री कॉल, राम राम.ये सुक्खा दुनिके के बंबिहा ग्रुप का जो इंचार्ज बना फिरता था उसका मर्डर हुआ है कनाडा के विनिपेग सिटी में. उसकी जिम्मेदारी लारेंस बिश्नोई ग्रुप लेता है. इस ड्रग एडिक्टेड नशेड़ी और सिर्फ अपने नशे को पूरा करने के लिए पैसों के लिए उसने बहुत घर उजाड़े थे. हमारे भाई गुरलाल बराड़, विक्की मिद्दुखेड़ा के मर्डर में इसने बाहर बैठकर सबकुछ किया. संदीप नंगल अंबिया का मर्डर भी इसने करवाया था पर अब इसके किए हुए पापों की सजा उसे मिल गई है. बस एक बात कहनी है जो दुक्कियां टिक्कियां अभी भी रह गई हैं जहां मर्जी भाग लो, दुनिया में किसी भी देश में चले जाओ. मत सोचो हमारे साथ दुश्मनी लेकर बचोगे, टाइम जरूर कम ज्यादा लग सकता है. लेकिन सजा सबको मिलेगी.’

विदेशों तक जा पहुंची गैंगवॉर
जाहिर है लॉरेंस बिश्नोई के नाम से लिखा गया ये पोस्ट अपने-आप में ये बताने के लिए काफी है कि उत्तर भारत और खास कर पंजाब के गैंगस्टरों के बीच दुश्मनी कितनी गहरी है और किस तरह गैंगस्टर कभी देश में तो कभी विदेश में बैठ कर एक दूसरे की जान ले रहे हैं.

कनाडा ही था सुक्खा का ठिकाना
कांधे पर दो-दो बंदूक लिए बड़ी शान से तस्वीर खिंचवाने वाला ये वही सुक्खा दुनुके है, जो अब तस्वीरों में ही कैद हो कर रह गया है. दुनुके पर भारत में करीब 27 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें चार मामले तो क़त्ल के ही हैं. दुनुके को खालिस्तानी आतंकी और गैंगस्टर अर्श डाला का करीबी माना जाता है, जिसके बारे में कहा जाता है कि वो कनाडा में ही छुपा है. डाला के साथ दुनुके का भी ठिकाना इन दिनों कनाडा ही था, लेकिन उसके दुश्मनों ने उसे ढेर कर दिया. जुर्म की दुनिया में दुनुके के कद कैसा था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी यानी एनआईए ने हाल ही में जिन 47 फरार गैंगस्टरों की लिस्ट जारी की थी, उनमें सुखदुल सिंह उर्फ सुक्खा दुनुके का नाम भी शामिल था.

एनआईए की लिस्ट में था दुनुके का नाम
बल्कि अकेले एनआईए ही क्यों, पंजाब पुलिस ने जिन नौ गैंगस्टरों को अपना मोस्ट वॉन्टेड बताया था, उसमें दुनुके का नाम शामिल था. इतेफाक देखिए कि एक रोज पहले ही एनआईए ने नए सिरे से 47 आतंकियों और गैंगस्टरों की लिस्ट जारी कर उनके साथ-साथ उनकी प्रॉपर्टी के बारे में भी जानकारी मांगी थी, लेकिन इससे पहले कि एनआईए को कोई नई जानकारी मिलती, दुनुके का काम तमाम हो गया. जाहिर है अब पंजाब पुलिस से लेकर एनआईए तक को उसके नाम और तस्वीर के आगे क्रॉस यानी काटे का निशान लगाने का मौका मिल गया है.

फर्जी दस्तावेजों से हासिल किया था पासपोर्ट-वीजा
सुक्खा कनाडा में बैठकर भारत में अपने गुर्गों के जरिए रंगदारी या उगाही का काम भी करता था. सुक्खा दुनेके ने कनाडा भागने के लिए 2017 में जाली दस्तावेजों के जरिए पासपोर्ट हासिल किया था. और इसके लिए पुलिस क्लीयरेंस लेने में भी कामयाब हो गया था. जबकि उसके खिलाफ तब तक सात आपराधिक मामले दर्ज थे. पुलिस वालों से मिलीभगत करके उसने कनाडा का वीजा हासिल कर लिया. दुनुके के खिलाफ इस जुर्म में भी अलग से मामला दर्ज किया गया था. पंजाब पुलिस के 2 कर्मियों पर उसकी मदद करने का आरोप और दोनों पुलिसवाले मोगा से गिरफ्तार किए गए थे.

गैंगस्टर गोल्डी बराड़

कनाडा में ही छुपा बैठा है गोल्डी बराड़
आपको याद होगा कि कुछ समय पहले आजतक ने कनाडा में छुपे बैठे गोल्डी बराड़ से फोन पर बात की थी और वहां से चल रहे उसके जुर्म के साम्राज्य को लेकर तमाम सवाल पूछे थे. तब आजतक ने उससे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से उसके रिश्ते को लेकर भी सवाल किए थे, जिसके जवाब में गोल्डी बराड़ ने कहा था कि उसका और उसके गैंग का आईएसआई और दाऊद इब्राहिम जैसे लोगों से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि वो तो इनके खिलाफ हैं. गोल्डी ने कहा था कि वो आतंकवाद और बम धमाके करनेवाले लोगों के खिलाफ है और उसका ग्रुप कभी खालिस्तान का समर्थन नहीं करता. ऐसे में अब जब गोल्डी के साथी लॉरेंस बिश्नोई ने अपने फेसबुक एकाउंट से दुनुके के कत्ल की जिम्मेदारी ली है, तो इसे कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ से भी जोड कर देखा जा रहा है.

पंजाब पुलिस को है इन आतंकियों की तलाश
वैसे कानून और भारत के दुश्मन गैंगस्टर और आतंकवादी बेशक एक-एक कर देश विदेश में मारे जा रहे हों, लेकिन अभी भी वैसे आतंकियों की लिस्ट काफी लंबी है, जो विदेशों में छुप कर भारत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. पंजाब पुलिस की ओर से जारी किए गए मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में अब से पहले तक दुनुके का नाम भी शामिल था, लेकिन अब दुनुके गुजरे वक्त की बात बन चुका है. लेकिन जिन आतंकियों की अभी भी पंजाब पुलिस को तलाश है, उनमें के नाम कुछ यूं हैं-

– गुरपिंदर सिंह उर्फ बाबा दल्ला
– सतवीर सिंह वारिंग उर्फ सैम
– स्नोवर ढिल्लन
– लखबीर सिंह उर्फ लांडा
– अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डाला
– चरणजीत सिंह उर्फ रिंकू बिहला
– रमनदीप सिंह उर्फ रमन जज
– गगनदीप सिंह उर्फ गगना हठूर

खालिस्तानी-गैंगस्टर्स के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
अब बात भारत में ऐसे आतंकियों और गैंगस्टर्स के खिलाफ चल रही कार्रवाई की. एनआईए तो खैर ऐसे लोगों के खिलाफ शिकंजा कस ही रहा है है, गुरुवार को पंजाब पुलिस ने भी पंजाब के अलग-अलग शहरों में गैंगस्टर्स और उनके खासमखास माने जाने वाले लोगों के ठिकानों पर क्रैकडाउन कर दिया. पंजाब पुलिस ने एक साथ एक हजार ठिकानों पर दबिश दी, जिसमें अकेले गोल्डी बराड़ के 81 ठिकाने शामिल थे. 30 टीमों में बंटे लगभग साढे तीन से ज्यादा पुलिसकर्मियो ने पंजाब पुलिस के इस महा अभियान में हिस्सा लिया. पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के कत्ल का मुल्जिम गोल्डी कनाडा में छिपा है. उसके खिलाफ कत्ल, कत्ल की कोशिश और हथियारों की तस्करी जैसे लगभग 13 मामले दर्ज हैं.

खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर

निज्जर की हत्या को लेकर भारत पर इल्जाम
खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की मौत के बाद कनाडा सरकार ने स्टैंड ने वहां के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की अच्छी खासी किरकिरी करा दी है. ट्रूडो ने जिस तरह से निज्जर की मौत के बाद बगैर किसी सबूत के भारत पर इल्जाम लगाया है, उसे लेकर वो दुनिया भर में नहीं बल्कि खुद अपने देश में घिरते नजर आ रहे हैं. खुद भारत ने ट्रूडो के इस रवैये पर करारा जवाब दिया है, जिसके बाद अब ट्रूडो को समझ में नहीं आ रहा कि आखिर वो करें तो क्या करें.

कनाडा के खिलाफ भारत का स्टैंड
भारत ने अव्वल तो ट्रूडो के लगाए तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. दूसरा भारत ने कनाडा के फैसले पर पलटवार करते हुए उसके राजनायिक को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया है. तीसरा भारत ने कनाडा में रह रहे भारतीयों को सावधान रहने की एडवायजरी जारी की है. चौथा भारतीय एजेंसी एनआईए ने नए सिरे से विदेशों में छुपे आतंकियों और गैंगस्टरों की लिस्ट जारी की है. और पांचवां भारत ने कनाडाई नागरिकों के लिए फिलहाल वीजा सेवा पर रोक लगा दी है.

ट्रूडो की सियासी मजबूरी
सच्चाई यही है कि खुद कनाडा के लोग भी अब ट्रूडो को घेरने लगे हैं. ट्रूडो के गैरजिम्मेदाराना बयान पर वहां के पत्रकार टेरी माइलवस्की ने उन्हें घेरा है. हालांकि अब दुनिया जानती है कि ऐसा करना ट्रूडो की सियासी मजबूरी है, क्योंकि उनकी सरकार खुद ही खालिस्तानियों की बैसाखी पर टिकी है. हाल में कराए गए कुछ सर्वे ट्रूडो की खिसकती सियासी जमीन की तरफ इशारे करते हैं.

कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो

ट्रूडो के पक्ष में नहीं 56 फीसदी लोग
अगस्त में कराए गए एक एबेकस डेटा पोल के मुताबिक कनाडा के 56 फीसदी लोग मानते हैं कि ट्रूडो को पद छोड़ देना चाहिए और पार्टी से किसी और को कमान सौंप देनी चाहिए. सिर्फ 27 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें फिर से अगला चुनाव लड़ना चाहिए. इस सर्वे के मुताबिक 17 फीसदी लोग ऐसे थे जो इस सवाल पर कनफ्यूजन में थे.

कम हो रही है ट्रूडो की लोकप्रियता
कनाडा की एक और रिसर्च कंपनी एंगल रीड इंस्टीट्यूट ने कहा – 63 प्रतिशत नागरिक नहीं चाहते कि ट्रूडो पद पर बने रहें. जाहिर है ट्रूडो की लोकप्रियता का ग्राफ लगातार नीचे जा रहा है. कनाडा में महंगाई आसमान पर है, ब्याज बढ़ने से मकान खरीदने का संकट खडा हो गया है और बेलगाम अपराध ने रही सही कसर भी पूरी कर दी है. ट्रूडो ने जी20 में छवि चमकानी चाही, लेकिन खालिस्तान पर पीएम मोदी का दो टूक बयान और दिल्ली में खराब उनके हवाई जहाज ने उनकी साख को धक्का पहुंचाया.

राजनायिकों पर हमले की आशंका
वैसे भी जिस देश में गुरपतवंत सिंह पन्नू जैसे खालिस्तानी खुल कर दूसरे देश यानी भारत विरोधी बातें करते हों, जो देश आतंकियों और गैंगस्टर्स की शरण स्थली बन चुका हो, जिस देश में आतंकवादी राजनायिकों पर हमले के लिए लोगों को उकसा रहे हों, समाज में नफरत के बीज बो रहे हों, उस देश का प्रधानमंत्री अगर अपने यहां होने वाले आपराधिक वारदात के लिए किसी दूसरे देश पर ऊंगली उठाए, तो फिर वैसे प्रधानमंत्री की किरकिरी तय है.

ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स ;भारत ही नहीं बल्कि एशिया के दूसरे सबसे अमीर कारोबारी गौतम अडानी…

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भारत ही नहीं बल्कि एशिया के दूसरे सबसे अमीर कारोबारी गौतम अडानी दुनिया के टॉप अरबपतियों में इकलौते ऐसे कारोबारी रहे जिनकी दौलत में इजाफा देखने को मिला. खास बात तो ये है कि जिस ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स आंकड़ों का हम हवाला दे रहे हैं, उसमें 500 अरबपतियों में गौतम अडानी ऐसे अरबपति कारोबारी रहे जिनकी दौलत में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली.

जी हां, हम यहां मजाक बिलकुल भी नहीं कर रहे हैं. क्या एलन मस्क , क्या जेफ बेजोस, क्या मुकेश अंबानी. दुनिया के सभी बाजारों में गिरावट का असर ग्लोबरी 450 से ज्यादा अरबपतियों की दौलत में भी देखने को मिला. गुरुवार को ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स में शामिल 500 अरबपतियों में से 86 फीसदी अरबपतियों की दौलत में गिरावट देखने को मिली.

सिर्फ 32 ऐसे अरबपति रहे जिनकी दौलत में इजाफा देखने को मिला. वहीं दुनिया के 7 फीसदी से ज्यादा अरबपति ऐसे जिनकी दौलत में ना तो इजाफा रहा हुआ ना ही गिरावट देखने को मिली. आइए आपको भी आंकड़ों में समझाने का प्रयास कर रहे हैं.

टॉप 50 अरबपतियों में इकलाते अरबपति गौतम अडानी

दुनिया के टॉप 50 अरबपतियों में गौतम अडानी इकलौते अरबपति हैं, जिनकी दौलत में सबसे ज्यादा इजाफा देखने को मिला है. आंकड़ों के अनुसार गरुवार को गौतम अडानी की दौलत में 5623 करोड़ रुपये यानी 678 मिलियन डॉलर का इजाफा देखने को मिला. जिसके बाद उनकी कुल दौलत 65.4 बिलियन डॉलर हो गई है. दुनिया के 19वें सबसे अमीर कारोबारी गौतम अडानी की कुल दौलत में इस साल 55.18 अरब डॉलर की गिरावट देखने को मिल चुकी है.

वास्तव में एक दिन पहले भारत समेत दुनिया के भी बाजारों में गिरावट देखने को मिली. उसके बाद अडानी ग्रुप की कंपनियों में तेजी बनी हुई है. इसकी वजह फ्रांस की टोटल एनर्जी अडानी ग्रुप की कंपनी में निवेश करने जा रही है. जिसकी वजह से अडानी पॉवर से लेकर अडानी पोर्ट्स तक इजाफा देखने को मिला. सबसे ज्यादा 3.76 फीसदी की तेजी अडानी पॉवर के शेयर में देखने को मिली. वहीं अडानी इंटरप्राइजेज, अडानी टोटल गैस, अडानी ग्रीन एनर्जी, एसीसी और अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड के शेयर में भी इजाफा देखने को मिला.

दुनिया के टॉप 12 अरबतियों का बुरा हाल

एलन मस्क की दौलत में 4.93 बिलियन डॉलर की गिरावट देखने को मिली. बर्नार्ड अरनॉल्ट की दौलत 1.72 अरब डॉलर कम हो गई. जेफ बेजोस को 5.99 अरब डॉलर का नुकसान हुआ. बिलगेट को 1.31 अरब डॉलर का नुकसान हुआ. लैरी एलिसन को 3.33 अरब डॉलर, वॉरेन बफे को 1.17 अरब डॉलर, लैरी पेज 2.64 अरब डॉलर, सर्जी ब्रिन 2.47 अरब डॉलर, स्टीव बॉल्मर 396 मिलियन डॉलर, मार्क जुकरबर्ग को 1.38 अरब डॉलर, कार्लोस स्लिम को 2.07 बिलियन डॉलर और मुकेश अंबानी को 685 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ.

दुनिया के सिर्फ 32 अरबपतियों की दौलत में इजाफा

ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के अनुसार गुरुवार को 500 अरबपतियों की दौलत में सिर्फ 32 अरबपतियों की दौलत में इजाफा देखने को मिला है. जो कुल अरबपतियों में सिर्फ 6.4 फीसदी हैं. वहीं दुनिया के 36 अरबपतियों की दौलत ना तो घटी ना ही बढ़ी. यानी इजाफे या गिरावट के कॉलम में जीरो दिखा रहा है. इसका मतलब है कि इसका मतलब है कि दुनिया के 432 अरबपतियों यानी 86.4 अरबपतियों की दौलत में गिरावट देखने को मिली है.

देश में जहां भी AAP की सरकार बनेगी, हम शिक्षा और स्वास्थ्य ठीक करेंगे- अरविंद केजरीवाल

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश विधानसभा क्षेत्र में कई विकास कार्यों का उद्घाटन किया. इस दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यहां के हालात बहुत बुरे थे, लेकिन अब पूरी कॉलोनी में सड़कें, सीवर और पानी की पाइप लाइन लगा दी गई हैं.

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि जबसे हमारी सरकार बनी है, तभी से हम कच्ची कॉलोनियों में सभी तरह के विकास कार्यों को संपन्न करे रहे हैं. उन्होंने कहा कि पिछले सात साल में हमने 825 कच्ची कॉलोनियों में 3.5 हजार किलोमीटर सड़कें बनवाई हैं. दिसंबर तक बची हुई सभी कॉलोनियों में सड़कें बन जाएंगी.

ग्रेटर कैलाश के पंचशील विहार और खिड़की एक्टेंशन-1 और 2 में विकास कार्यों का उद्घाटन करते हुए सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश में जहां भी हमारी पार्टी की सरकार बनेगी, हम हर तबके के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य फ्री करेंगे. इस दौरान उन्होंने कहा कि जब तक पूरे देश में जन-जन के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य पर काम नहीं होगा, तब तक भारत दुनिया का नंबर-1 देश नहीं बन सकता.

‘दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों में विकास हमारा लक्ष्य’

विकास कार्यों के उद्घाटन के दौरान स्थानीय विधायक और दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज के अलावा स्थानीय पार्षदों ने गदा भेंट कर मुख्यमंत्री केजरीवाल का सम्मान किया. सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नवंबर 2012 में हम लोगों ने आम आदमी पार्टी बनाई. 2013 में हमने दिल्ली की गली-गली में खूब पदयात्रा की. इस दौरान दिल्ली को समझने का मौका मिला.

उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में दिल्ली वालों का भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था. चारों तरफ कीचड़ जमा हो जाते थे. लोग घरों से बाहर नहीं निकल पाते थे. हालात देखकर तभी मैंने प्रण लिया कि सबसे पहले दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों का उद्धार करूंगा. सरकार बनने के बाद तभी से मैं कच्ची कालोनियों में विकास कार्यों में जुट गया हूं.

‘कच्ची कॉलोनियों के नाम पर केवल राजनीति हुई’

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अभी तक कच्ची कॉलोनी में रहने वाले लोगों के साथ केवल राजनीति हुई है. नेता आते थे और पल्ला झाड़कर चले जाते थे. दिल्ली में करीब 1800 कच्ची कॉलोनियां हैं. हमारी सरकार बनने से पहले यहां केवल 250 कच्ची कॉलोनियों में सड़कें बनी थीं. आम आदमी की सरकार बनने के बाद 825 नई कच्ची कॉलोनियों के अंदर सड़कें बनवा दी हैं. दिल्ली सरकार ने पिछले 7 सालों में कच्ची कॉलोनियों के अंदर 3.50 हजार किलोमीटर सड़कें बनवाई हैं.

‘ग्रेटर कैलाश में सबसे ज्यादा मोहल्ला क्लिनिक’

सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपने संबोधन में स्थानीय विधायक और मंत्री सौरभ भारद्वाज के काम काज की जमकर तारीफ भी की. उन्होंने कहा कि सौरभ भारद्वाज ने अब तक ग्रेटर कैलाश विधानसभा क्षेत्र में 11 मोहल्ला क्लीनिक बनवा दिया है. पूरी दिल्ली में सबसे ज्यादा मोहल्ला क्लीनिक ग्रेटर कैलाश विधानसभा क्षेत्र के अंदर है. यहां पहले सरकारी डिस्पेंसरी हुआ करती थी और उसका हाल बहुत बुरा होता था. अब दिल्ली में शानदार मोहल्ला क्लीनिक हो गए हैं.

इसी दौरान उन्होंने ये भी कहा कि पंजाब में हमने एक साल में आम आदमी पार्टी की सरकार ने 650 मोहल्ला क्लीनिक बना दिए हैं. अब सरकारी स्कूल भी ठीक करना शुरू कर दिए हैं.

केजरीवाल सरकार ने पानी की समस्या को किया दूर- सौरभ

वहीं स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली को फिलहाल जितना पानी मिलता है, वह साल 1994 में हुए पांच राज्यों के करार के मुताबिक है. पिछले 30 सालों में दिल्ली की काफी आबादी बढ़ गई है लेकिन दिल्ली को 1994 में हुए समझौते के अनुसार ही पानी मिल रहा है. दिल्ली के अंदर पानी नहीं बढ़ा लेकिन पिछले 9 सालों में सैकड़ों कॉलोनियों में नई पाइप लाइन डाली गई और पानी भी दिया गया. यह किसी जादू से कम नहीं है.