Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की बगावत और अजित पवार के डिप्टी सीएम बनने के बीच विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने बड़ा फैसला किया है. उन्होंने शिंदे गुट के नेता सीएम एकनाथ शिंदे और विधायकों को नोटिस जारी किया है.
विधानसभा स्पीकर ने सभी से सात दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है.
उनका यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब राज्य की सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा है और माना जा रहा है कि एनसीपी गुट के साथ आने से शिवसेना शिंदे गुट के विधायक नाराज बताए ज रहे हैं. बता दें विधानसभा अध्यक्ष को शिंदे गुट के 16 विधायकों की अयोग्यता पर फैसला करना है.
महाराष्ट्र विधानमंडल का मानसून सत्र 17 जुलाई से चार अगस्त तक चलेगा. यह निर्णय शुक्रवार को विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में लिया गया. बैठक में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के साथ रविवार को सरकार में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री अजित पवार और NCP नेता छगन भुजबल मौजूद थे.
सत्र से पहले मंत्रिपरिषद के विस्तार की संभावना नहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सूत्रों ने कहा कि सत्र से पहले मंत्रिपरिषद के विस्तार की संभावना नहीं है, हालांकि NCP से मंत्रियों को विभागों का आवंटन आने वाले दिनों में हो सकता है.
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि हो सकता है कि मंत्रिपरिषद में केवल कैबिनेट मंत्री हों, न कि कोई राज्य मंत्री. इस बीच, शिंदे नीत शिवसेना के एक नेता ने कहा कि मंत्रिपरिषद विस्तार एक या दो दिन में हो सकता है. उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा और शिवसेना दोनों के सदस्यों को शामिल किया जाएगा.’’
ऐसी अटकलें हैं कि अजित पवार के नेतृत्व वाले NCP गुट के सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा बनने के बाद शिंदे खेमे में बेचैनी है.
अजित पवार और उनके समर्थकों के अलग होने के बाद विभाजित हुई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के सूत्रों के मुताबिक, 19 विधायकों ने हलफनामा देकर कहा है कि वे पार्टी संस्थापक शरद पवार के साथ खड़े हैं. सूत्रों ने कहा कि छह विधायकों ने संदेश भेजकर कहा है कि वे शरद पवार गुट में बने रहेंगे.
रायपुर. छत्तीसगढ़ में होने वाली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी ने चुनाव प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं. पार्टी ने छत्तीसगढ़ के बीजेपी प्रदेश प्रभारी ओम प्रकाश माथुर को छत्तीसगढ़ का प्रदेश चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है.
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मड़विया को चुनाव का सब प्रभारी बनाया गया है. अब दोनों की नेता छत्तीसगढ़ में होने वाले चुनाव में अहम जिम्मेदारी संभालेंगे. बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ सहित राजस्थान, मध्य प्रदेश और तेलांगाना में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रभारियों की लिस्ट जारी की है.
बता दें कि छत्तीसगढ़ में साल 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने राष्ट्रीय नेतृत्व में बड़ा फेरबदल किया. पार्टी ने छत्तीसगढ़ की प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी को पद से हटा दिया है. अब उनकी जगह ओम माथुर को प्रदेश बीजेपी का नया प्रभारी बनाया गया. यूपी विधानसभा चुनाव में भी ओम माथुर की अहम भूमिका रही थी.
पीएम मोदी ने विपक्ष पर साधा निशाना
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजधानी रायपुर पहुंचे. यहां उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा. पीएम मोदी ने कहा, ”गंगा जी की झूठी कसम खाने का पाप कांग्रेस ही कर सकती है. गंगा जी की कसम खाकर एक MANIFESTO जारी किया था कि 10 दिन में ये कर देंगे, वो कर देंगे, लेकिन आज घोषणा पत्र की याद दिलाते ही इनकी यादाश्त चली जाती है. एक वादा याद दिलाता हूं कि राज्य में शराबबंदी लागू की जाएगी. अब 5 साल होने को गए. सच्चाई ये है कि कांग्रेस ने यहां हजारों करोड़ रुपये का शराब घोटाला जरूर कर दिया है.’
बीजेपी ने जारी की चुनाव प्रभारियों की लिस्ट.
पीएम मोदी ने कहा, ‘छत्तीसगढ़ के विकास के बीच एक बहुत बड़ा पंजा आकर खड़ा हो गया है. इस पंजे ने तय कर लिया है कि लूट-लूट इस राज्य को बर्बाद कर देगा. कांग्रेस ने यहां की माताओं, बहनों से धोखा किया है. छत्तीसगढ़ से धोखा किया है. कमाए गए कमीशन के पैसे कांग्रेस के खातों में जाते थे.
आरोप है कि शराब घोटाले के इसी मारा-मारी में ढाई साल वाला सीएम फार्मूला लागू नहीं हो पाया. छत्तीसगढ़ कांग्रेस के लिए एक ATM की तरह है. अब पता चला कि हाल फिलहाल के चुनाव में कांग्रेस यहां के नेताओं के हाथ में दारोमदार क्यों देता था.’
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से रूठा चल रहा मानसून एक बार फिर से सक्रिय हो गया है. प्रदेश के अधिकांश जिलों में बीती शाम से जोरदार बारिश हो रही है. बारिश के चलते कई जगह जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिससे लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
मुंगेली जिले में बारिश के पानी से खेत लबालब हो गए. वहीं, जशपुर के पत्थलगांव क्षेत्र में बीती रात हुई झमाझम बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए हैं. दुर्ग में भी तेज बारिश से नदी-नाले लबालब हो गए हैं. उधर, बंगाल की खाड़ी में चक्रवात के हालात बन रहे हैं. इसके प्रभाव के चलते आने वाले दिनों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और मूसलाधार बारिश होने के आसार बढ़ गए हैं.
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही मौसम बने रहने के आसार है, जिससे तापमान में भी भारी गिरावट देखने को मिल सकती है. मौसम विभाग के अनुसार इसके पीछे की प्रमुख वजह उत्तर पश्चिम उत्तर प्रदेश में बने एक चक्रवाती परिसंचरण है. इसी के चलते प्रदेश में फिर से तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया है.
बारिश के चलते खेतों में भरा पानी
मुंगेली जिले में कल शाम से हो रही बारिश के चलते खेत लबालब हो गए है. किसानों को इससे खेती के कार्यों मे आसानी हो सकती है. साथ ही उन्हें अच्छे बारिश की भी उम्मीद है. वहीं गरियाबंद में भी कुछ ऐसे ही हालात देखने को मिले, जहां सुबह से सावन की झमाझम बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में खेत खलीहान में पानी भर गया. हालांकि उमस के बाद हुई झमाझम बारिश ने लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त जरूर किया है.
जशपुर में नदी-नाले उफान पर
जशपुर जिले के पत्थलगांव क्षेत्र में झमाझम बारिश से नदी नाले उफान पर आ गए है. बीती रात हुई बारिश से नाले में सड़क के ऊपर से पानी बह रहा है. पत्थलगांव क्षेत्र के लंझियापारा के पालीडीह नाला भारी बारिश के चलते ऊपर से बहने लगा है. साथ ही पेंड्रा जिले में मौसम विभाग ने 3 दिन का येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने भारी बारिश के कारण अत्यंत आवश्क काम ना होने पर घर से नहीं निकलने के निर्देश दिए हैं.
MP: मध्य प्रदेश के मौसम विभाग ने छह जिलों में ऑरेंज और 26 से ज्यादा जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है. बारिश को लेकर अगले 24 घंटे में प्रदेश में तेज बारिश की प्रबल संभावना जताई जा रही है.
मौसम विभाग के उपनिदेशक वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि मध्यप्रदेश में लगातार बारिश का क्रम जारी है. अगले 24 घंटे में रायसेन, सीहोर, नर्मदा पुरम, विदिशा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर में अति भारी बारिश की संभावना जताई जा रही है.
इन जिलों में 115 से 204 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज हो सकती है. इसके अलावा मध्य प्रदेश के रीवा, चंबल, शहडोल संभाग के जिलों के साथ-साथ भोपाल, राजगढ़, बेतूल, खंडवा, हरदा, झाबुआ, धार, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, देवास, शाजापुर, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, जबलपुर, कटनी, सिवनी, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया. यहां पर 64 से 115 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना है.
बारिश की वजह से किसानों ने भी राहत की सांस ली है. किसान हाकम सिंह के मुताबिक जिस प्रकार से बारिश का सिलसिला चल रहा है उससे ऐसी उम्मीद है कि इस बार फसलों को काफी लाभ पहुंचेगा.
तापमान में गिरावट, हवा की रफ्तार धीमी
मौसम में आए बदलाव के बाद तापमान में भी काफी गिरावट देखने को मिल रही है. भोपाल और आसपास के निकटवर्ती स्थानों पर 24 से 31 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान रहने की उम्मीद है. इसके अलावा हवा की रफ्तार भी 10 से 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रहेगी. मौसम विशेषज्ञ वेद प्रकाश सिंह के मुताबिक 15 जुलाई तक मानसून अपने पूरे शबाब पर आने की उम्मीद है.
(बीजेपी) ने शुक्रवार (7 जुलाई) को राज्यों में चुनाव प्रभारी की नियुक्ति की घोषणा की. प्रह्लाद जोशी को राजस्थान, ओम माथुर को छत्तीसगढ़, भूपेंद्र यादव को मध्य प्रदेश और प्रकाश जावड़ेकर को तेलंगाना की जिम्मेदारी दी गई है.
बीजेपी ने प्रह्लाद जोशी को राजस्थान, ओम माथुर को छत्तीसगढ़, भूपेंद्र यादव को मध्य प्रदेश और प्रकाश जावड़ेकर को तेलंगाना की जिम्मेदारी दी है.
अश्वनी वैष्णव को मध्य प्रदेश, सुनील बंसल को तेलंगाना, मनसुख मंडाविया को छत्तीसगढ़ और राजस्थान में नीतिन पटेल और कुलदीप बिश्नोई को सह प्रभारी के रूप में नियुक्त किया गया है.
इससे पहले बीजेपी ने 4 जुलाई को चार राज्यों में अपने अध्यक्ष बदले थे. केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी को तेलंगाना के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया. पूर्व केंद्रीय मंत्री डी. पुरंदेश्वरी को आंध्र प्रदेश, पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी को झारखंड और सुनील जाखड़ को पंजाब में पार्टी की कमान दी गई. हर राज्य के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी केंद्रीय प्रभारी और सह-प्रभारियों की नियुक्ति करती है. प्रभारी और सह प्रभारी चुनावी राज्यों के पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठकें करते हैं और चुनावी रणनीति को धार देने में भूमिका निभाते हैं. चुनाव के दौरान उम्मीदवारों के चयन में भी उनकी अहम भूमिका होती है. प्रभारी और सह-प्रभारी राज्य नेतृत्व और केंद्रीय नेतृत्व के बीच सेतु का काम भी करते हैं. तेलंगाना चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर ने चुनाव प्रभारी के रूप में नियुक्ति के बाद कहा, “केसीआर सरकार ने राज्य और उसके लोगों को विफल कर दिया है, मतदाता उनकी सरकार से बहुत नाराज हैं. राज्य में लोगों का मूड बीजेपी के पक्ष में है, हम जीतने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं”
पश्चिम बंगाल में कल पंचायत चुनाव होना है लेकिन बंगाल में हिंसा का खूनी खेल जारी है. गुरुवार की रात दिनहाटा में तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की कुछ बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी. इस घटना में एक और बीजेपी कार्यकर्ता घायल हो गया.
भाजपा समर्थकों का आरोप है कि तृणमूल समर्थकाें ने घटना को अंजाम दिया है. हालांकि तृणमूल समर्थकों का कहना है कि भाजपा उन पर गलत आरोप लगा रही है. गौरतलब है कि भांगड़, कूचबिहार, बीरभूम के साथ ही कई इलाकों में हिंसाा का खूनी खेल जारी है. स्थानीय सूत्रों के अनुसार हमले में शामिल एक अपराधी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
भाजपा का आरोप तृणमूल समर्थकाें ने मारी गोली
भाजपा के कूचबिहार जिला समिति के सदस्य जयदीप घोष पार्टी कार्यकर्ताओं की गोली मारने की घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल में जाकर भाजपा कार्यकर्ता से मुलाकात की. जिला समिति के सदस्य जयदीप घोष का कहना है कि प्रचार के बाद हमारे कार्यकर्ता उम्मीदवार के घर के सामने बैठे थे. अचानक तृणमूल समर्थित बदमाश बाइक पर आये और बम फेंकने लगे. हमारे तीन कार्यकर्ताओं को गोली मार दी गई और एक घायल हो गया. उनके सिर पर चोट लगी है. हालांकि, तृणमूल का कहना है कि भाजपा गलत आरोप लगा रही है.
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दिनहाटा में इसके पहले भी भाजपा कार्यकर्ता को गोली मारी गई थी
तृणमूल जिला अध्यक्ष अभिजीत डी भौमिक ने कहा ये सभी घटनाओं के पीछे तृणमूल का हाथ नहीं है हम पर झूठे आरोप लगाये जा रहे हैं. पंचायत चुनाव प्रक्रिया बेहद शांतिपूर्वक चल रही है. दिनहाटा में गीतालदह और बेतागुरी को छोड़कर कहीं से गड़बड़ी की कोई खबर नहीं है. बामनहाट के कई भाजपा नेता तृणमूल में भी शामिल हुए है. गौरतलब है कि इसके पहले 17 जून की देर रात कूचबिहार के दिनहाटा में शंभू दास (27) नाम के बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या का आरोप तृणमूल पर लगा था. दिनहाटा में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या का मामला लगातार सामने आ रहा है.
सिंहदेव बने उप मुख्यमंत्री : राज्य सरकार की ओर से आफिशियल नोटिफिकेशन जारी
रायपुर। हाल ही में छत्तीसगढ़ का उप मुख्यमंत्री बनाए गए TS सिंहदेव के डिप्टी सीएम बनने का आफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। राज्य सरकार ने इस बाबत नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि आज सीएम हाउस में हुई कैबिनेट की बैठक में CM भूपेश बघेल ने TS का स्वागत किया था। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद डिप्टी सीएम TS सिंहदेव राज्यपाल से मिलने पहुंचे हैं।
उल्लेखनीय है कि, प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री और राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने श्री सिंहदेव की नियुक्ति पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आफिशियल नोटिफिकेशन जारी नहीं होने पर उलाहना भरे शब्दों में पार्टी द्वारा झुनझुना थमाए जाने की बात कही थी।
McDonalds के बर्गर से गायब हुआ टमाटर, बढ़ती कीमतों के बीच उठाया कदम
बिजनेस डेस्कः भारत में मॉनसून के साथ ही सब्जियों की कीमत काफी बढ़ गई है, खासतौर पर टमाटर की। देश के कई हिस्सों में टमाटर की कीमत 150 रुपए प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गई है। इसका असर सिर्फ आम आदमी पर ही नहीं, बल्कि रेस्टोरेंट्स पर भी पड़ा है।
ऐसे में आपके पसंदीदा बर्गर के आउटलेट मैकडॉनल्ड्स (McDonald’s) ने बड़ा ऐलान है, जिससे आपके बर्गर का स्वाद बिगड़ गया है। रेस्टोरेंट के बर्गर से अब टमाटर गायब हो गया है।
नहीं मिल रहे अच्छी क्वालिटी वाले टमाटर
मैकडॉनल्ड्स ने कहा है कि मौसम में बदलाव की वजह से और हमारी तमाम कोशिशों के बावजूद हम अच्छी क्वालिटी वाले टमाटर नहीं ले पा रहे हैं। इसलिए हमारे कुछ आउटलेट्स में खाने में टमाटर नहीं है। ये स्थिति स्थायी नहीं है। मैकडॉनल्ड्स इंडिया (नॉर्थ और ईस्ट) के कुछ रेस्टोरेंट में मेन्यू से टमाटर गायब हो गया है क्योंकि इसकी कीमत काफी बढ़ गई है। कंपनी का कहना है कि मौसम में बदलाव के कारण क्वालिटी वाले टमाटर नहीं मिल पा रहे हैं।
क्यों बढ़ी टमाटर की कीमत
दरअसल कुछ समय पहले तक किसानों को उनकी टमाटर की फसल की लागत भी नहीं मिल पा रही थी। ऐसे में कई किसानों ने नुकसान की वजह से अपनी ही फसल को खराब कर दिया था। हालात ऐसे थे कि मई में महाराष्ट्र के नासिक में टमाटर की कीमत 1 रुपए प्रति किलोग्राम तक गिर गई थी लेकिन अब इसकी कीमत कई गुना बढ़ चुकी है। इस साल देश में मॉनसून में देरी देखने को मिली लेकिन बाद में अचानक मॉनसून ने रफ्तार पकड़ी। इसकी वजह से फसल पर असर देखने को मिला और कई जगह फसल नष्ट हो गई। बारिश की वजह से टमाटर की सप्लाई भी काफी कम हुई है। इन सब कारणों की वजह से टमाटर की कीमत आसमान पहुंच गई है। हालांकि सरकार का कहना है कि ये बढ़त अस्थाई है।
मुंबई-बांद्रा :GST और इंडियन ऑइल कंपनी में अधिकारी के बेटे गिरफ्तार, कॉलेज छात्रों को बेचते थे ड्रग्स
एंटी नारकोटिक्स सेल (Anti Narcotics Cell) ने ड्रग्स फ्री मुंबई के तहत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. ड्रग्स कारोबारियों पर शिकंजा कसने के क्रम में सेल ने बांद्रा के हाई प्रोफाइल इलाके से इंडियन ऑयल कंपनी के अधिकारी और जीएसटी अधिकारी के बेटे को ड्रग्स के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया.
पकड़े गए आरोपी छात्र बांद्रा के रहेजा कॉलेज में शेफ मैनेजमेंट के छात्र हैं.
आरोपियों के पास करीब 50 एलएसडी डॉट्स पेपर और 0.81 ग्राम हाई क्वालिटी का गांजा जब्त किया है. इस मादक पदार्थ की कुल कीमत करीब 5 लाख 60 हजार रुपये है. दोनों छात्र बांद्रा के रहेजा कॉलेज में शेफ मैनेजमेंट की पढ़ाई करते हैं. करीब 2 साल से कॉलेज के छात्रों और रेव पार्टीज में ड्रग्स सप्लाई करने का काम करते थे. पुलिस ने छात्रों को ड्रग्स के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया है.
पुलिस ने दोनों छात्रों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि करीब 2 साल से अपने कॉलेज के छात्रों को ड्रग्स मुहैया कराने का काम करते थे. इसके अलावा बांद्रा इलाके में चलने वाली रेव पार्टी में भी ड्रग्स सप्लाई करते थे.
गिरफ्त में आए एक छात्र का नाम चंचल (22 वर्ष) है. आरोपी के पिता जीएसटी अधिकारी हैं. जबकि दूसरा आरोपी का नाम दलवी (21 वर्ष) है. जिसके पिता इंडियन ऑयल कंपनी में बड़े अधिकारी के तौर पर कार्यरत हैं.
वो 03 लोग जो बगैर पासपोर्ट दुनिया में कहीं भी जा सकते हैं, कोई नहीं रोकेगा
दुनिया में पासपोर्ट सिस्टम शुरू हुए 102 साल हो रहे हैं. राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री भी जब एक देश से दूसरे देश जाते हैं तो उन्हें भी डिप्लोमेटिक पासपोर्ट रखना होता है लेकिन इस पृथ्वी के 200 से ज्यादा देशों में 03 ऐसे खास लोग भी हैं, जो किसी भी देश में बगैर पासपोर्ट के ही जा सकते हैं, उनसे उनके पासपोर्ट के बारे में कोई नहीं पूछता.
बल्कि जब ये कहीं जाते हैं तो उनकी अतिरिक्त आवभगत की जाती है और प्रोटोकॉल के अनुसार पूरा सम्मान भी दिया जाता है.
20वीं सदी की ही शुरुआत ये नजर आने लगा कि अगर एक देश से दूसरे देश में चोरी चुपके आने वालों पर काबू नहीं किया गया तो कई तरह की समस्याएं खड़ी हो जाएंगी. दरअसल समस्याएं तो खड़ी होने भी लगी थीं. तब आज की ही तरह पासपोर्ट में तमाम सेक्योरिटी फीचर्स भी नहीं थे कि जाली पासपोर्ट को तुरंत पहचान लिया जाए.
दुनिया के देशों के बीच कोई ऐसा समझौता भी नहीं था कि जब किसी देश का नागरिक दूसरे देश जाए तो उसके पास पुख्ता डाक्यूमेंट हों. उसका उस देश में आना भी नियमों से जोड़ा जाए. इन सबके बीच पहला विश्व युद्ध भी चल रहा था. हर देश को समझ में आने लगा कि पासपोर्ट जैसा सिस्टम बनाना बहुत जरूरी है.
1920 में अचानक सब कुछ बदल गया. लीग ऑफ नेशंस में इस पर गंभीरता से विचार हुआ कि पासपोर्ट जैसी व्यवस्था पूरी दुनिया में बनाई इसकी पहल अमेरिका कर रहा था ताकि उसके देश में चोरीचुपके आने वाले अप्रवासियों पर रोक लगाई जा सके. 1924 में जाकर अमेरिका ने अपनी नई पासपोर्ट प्रणाली जारी कर दी.
किंग चार्ल्स III के राजा बनने के बाद उन्हें जो विशेष अधिकार मिले हैं, उसमें एक है कि उन्हें दुनिया में कहीं भी आने जाने के लिे अब पासपोर्ट की जरूरत नहीं है.
अब पासपोर्ट दूसरे देश की यात्रा करने वाले शख्स के लिए एक आधिकारिक पहचान पत्र बन चुका है. जिसमें उसका नाम, पता, उम्र, फोटो, नागरिकता और हस्ताक्षर सभी कुछ होते हैं. जिस देश में वह जाता है उस देश के लिए भी आसानी हो जाती है. अब तो तमाम देश ई पासपोर्ट जारी करने लगे हैं.
कौन हैं ये तीन खास लोग
अब हम ये जानते हैं कि कौन से वो 03 खास लोग हैं, जिन्हें दुनिया में कहीं भी जाने के लिए पासपोर्ट की जरूरत ही नहीं होती. ये खास लोग हैं ब्रिटेन के किंग और जापान के राजा और रानी. चार्ल्स के राजा बनने से पहले ये विशेषाधिकार क्वीन एलिजाबेथ के पास था.
जब चार्ल्स ब्रिटेन के किंग बने
जैसे ही चार्ल्स ब्रिटेन के किंग बने, तभी उनके सेक्रेटरी ने अपने देश के विदेश मंत्रालय के जरिए सभी देशों के पास ये दस्तावेजी संदेश भेजा कि अब ब्रिटेन के किंग चार्ल्स हैं लिहाजा उन्हें कहीं भी पूरे सम्मान के साथ आने – जाने की अनुमति दी जाए. इसमें कोई रोकटोक नहीं हो. साथ ही उनके प्रोटोकॉल का भी खास ख्याल रखा जाए.
जब क्वीन एलिजाबेथ जिंदा थीं, तब वह भी बगैर पासपोर्ट दुनिया के किसी भी देश में जा सकती थीं. ब्रिटेन की रॉयल फैमिली को डिप्लोंमेटिक पासपोर्ट का दर्जा हासिल है
क्या ये अधिकार उनकी पत्नी को भी
वैसे ब्रिटेन के किंग को जहां ये अधिकार हासिल है, वहीं उनकी पत्नी को ये अधिकार नहीं है. उन्हें अपने साथ दूसरे देश जाने की स्थिति में डिप्लोमेटिक पासपोर्ट रखना होता है. इसी तरह रॉयल फैमिली के मुख्य लोगों को भी डिप्लोमेटिक पासपोर्ट रखने का अधिकार हासिल है. इस तरह के पासपोर्ट रखने वाले को खास तवज्जो और सम्मान दिया जाता है. उनके किसी भी देश में एयरपोर्ट पर आने जाने का पैसेज भी अलग होता है.
जब एलिजाबेथ क्वीन थीं
जब एलिजाबेथ क्वीन थीं तब उन्हें पासपोर्ट की जरूरत नहीं होती थी लेकिन उनके पति प्रिंस फिलिपर को जरूर डिप्लोमेटिक पासपोर्ट रखना होता था. वैसे जान लीजिए कि ब्रिटेन में सत्तारूढ पुरुष को ही किंग की उपाधि से नवाजा जाता है जबकि राज सिंहासन पर बैठने वाली क्वीन के पति को जिंदगीभर प्रिंस ही कहा जाता है.
जापान के सम्राट नोरुहितो को भी ये विशेष दर्जा हासिल है कि वह अपनी पत्नी के साथ बगैर पासपोर्ट कहीं की भी यात्रा कर सकते हैं.
जापान के सम्राट और सम्राज्ञी
अब जानते हैं कि जापान के सम्राट और सम्राज्ञी को ये विशेषाधिकार क्यों मिला है. फिलहाल जापान के सम्राट नारूहितो हैं जबकि उनकी पत्नी मसाको ओवादा जापान की सम्राज्ञी हैं. उन्होंने अपने पिता अकीहितो के सम्राट का पद छोड़ने के बाद ये पद संभाला है. जब तक उनके पिता जापान के सम्राट थे तब तक उन्हें और उनकी पत्नी को पासपोर्ट रखने की जरूरत नहीं थी लेकिन अब उन्हें विदेश जाने की स्थिति में डिप्लोमेटिक पासपोर्ट रखना होगा. 88 वर्षीय अकीहितो वर्ष 2019 तक जापान के सम्राट रहे, उसके बाद उन्होंने सम्राट के पद से रिटायर होने का फैसला किया.
कब जापान ने ये व्यवस्था की
जापान के डिप्लोमेटिक रिकॉर्ड बताते हैं कि वहां के विदेश मंत्रालय ने अपने सम्राट और सम्राज्ञी के लिए ये खास व्यवस्था 1971 से शुरू की कि जब जापान के सम्राट और सम्राज्ञी विदेश जाएंगे तो उन्हें पासपोर्ट की जरूरत नहीं होगी.जापान में विदेश मंत्रालय ने ये व्यवस्था करने के पहले पर्याप्त चिंतन मनन और चर्चा की.
इस व्यवस्था में क्या होता है
जापान भी दुनिया के सभी देशों को एक आधिकारिक पत्र इस बारे में भेजता है कि उनके सम्राट और सम्राज्ञी को बगैर पासपोर्ट के केवल इस आधिकारिक पत्र के बिना पर उनके देशों में आने की इजाजत रहे, वो जब भी आएं तो इस पत्र को ही उनके पासपोर्ट के तौर पर लिया जाए. वैसे जापान का विदेश मंत्रालय और ब्रिटेन में किंग का सचिवालय उनके विदेश जाने की स्थिति में अग्रिम तौर पर उनके कार्यक्रम की जानकारी संबंधित देश को भेज देता है.
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के लिए
दुनिया के सभी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जब एक से दूसरे देश जाते हैं तो उन्हें पासपोर्ट रखना होता है बस उनके पासपोर्ट डिप्लोमेटिक पासपोर्ट होते हैं, लेकिन उन्हें मेजबान देश द्वारा पूरा प्रिविलेज दिया जाता है. उन्हें खुद भौतिक तौर पर आप्रवासन विभाग के अधिकारियों के सामने पेश नहीं होना पड़ता और सुरक्षा जांच और अन्य प्रक्रियाओं से भी वह मुक्त रहते हैं. भारत में ये दर्जा प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति को हासिल है.
भारत तीन रंग के पासपोर्ट जारी करता है. सामान्य लोगों के लिए नीले रंग का पासपोर्ट. सरकार से जुड़े उच्चाधिकारियों और मंत्रियों के लिए आधिकारिक पासपोर्ट जबकि डिप्लोमेटिक पासपोर्ट मैरून रंग का होता है और ये देश में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति के लिए जारी होता है.