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आयरन की कमी होने के 4 बड़े संकेत पहचानिए..

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1 .चिड़चिड़ापन, अगर किसी व्यक्ति के दिमाग में चिड़चिड़ापन की समस्या बनी रहती हैं तथा उसे कोई भी काम करने का मन नहीं करता हैं तो ये संकेत आयरन की कमी के हो सकते हैं। क्यों की आयरन की कमी होने से दिमाग का न्यूरो सिस्टम ठीक तरीकों से कार्य नहीं करता हैं। साथ ही साथ दिमाग में स्ट्रेस हार्मोन्स का लेवल बढ़ जाता हैं। जिससे चिड़चिड़ापन की समस्या जन्म ले लेती हैं। इसलिए अगर किसी व्यक्ति का शरीर ऐसा संकेत दे रहा हैं तो उसे आयरन युक्त आहार का सेवन करना चाहिए। साथ ही साथ डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

2 .शारीरिक थकान, अगर किसी व्यक्ति के शरीर में बिना कुछ काम किए थकान की समस्या बनी रहती हैं तो ये संकेत आयरन की कमी के हो सकते हैं। क्यों की आयरन की कमी होने से शरीर में ब्लड का सर्कुलेशन सही तरीकों से नहीं होता हैं। जिसके कारण शारीरिक थकान की समस्या बनी रहती हैं। इससे छुटकारा पाने के लिए आप डॉक्टर की सलाह लें तथा प्रतिदिन मॉर्निंग वॉक करें। साथ ही साथ आयरन युक्त आहार लें। इससे आपकी ये समस्या समाप्त हो जाएगी।

3 .त्वचा में बदलाव, शरीर में आयरन की कमी होने पर त्वचा के रंग में बदलाव आने लगता हैं। अगर किसी व्यक्ति के त्वचा में पीलापन आने लगता हैं तो ये संकेत आयरन की कमी के होते हैं। इस संकेत को आप बिल्कुल भी नजरअंदाज ना करें। क्यों की इससे आपकी सेहत ख़राब हो सकती हैं तथा आपके शरीर में कई तरह की समस्या जन्म ले सकती हैं। इसलिए सभी व्यक्ति को इसका ख्याल रखना चाहिए तथा इससे छुटकारा पाने के लिए आयरन युक्त आहार लेनी चाहिए।

4 .पैरों में सूजन, अगर किसी व्यक्ति के पैरों में लंबे समय तक सूजन की समस्या बनी रहती है तथा शरीर में थकान महसूस होता हैं तो ये संकेत आयरन की कमी के होते हैं। आप इस संकेत को भूलकर भी नजरअंदाज ना करें तथा इससे छुटकारा पाने के लिए आप प्रतिदिन आयरन युक्त आहार जैसे, अनार, चुकंदर, अखरोट, पालक, खजूर आदि का सेवन करें। इससे आपकी ये समस्या धीरे धीरे समाप्त हो जाएगी और आपका शरीर स्वस्थ और फ़िट रहेगा।

मंदिर में सो रहे दो भाइयों को भूमि विवाद के चलते मारी गोली, मौत

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 बिहार के वैशाली जिले के बिदुपुर के मधुरापुर में घर के बाहर स्थित मंदिर में सो रहे दो सगे भाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी गई. घटना बुधवार देर रात की है. दोनों भाई मंदिर के चबूतरे पर सो रहे थे. इसी दौरान गोली चलाई गई. गोली लगने से एक की मौत मौके पर ही हो गई. दूसरे की मौत हॉस्पिटल ले जाते समय हुई. मृतकों के नाम चंचल सिंह और राज रोशन थे. दो माह पहले इनके पिता त्रिभुवन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हत्या का कारण जमीन विवाद बताया जा रहा है. मृतकों का चचेरे भाइयों से जमीन विवाद चल रहा था. मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप चचेरे भाइयों पर लगाया है. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों भाई के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा.

भारत पहुंचा 7वें पायदान पर, छिन गया दुनिया की 5वीं अर्थव्यवस्था का ताज

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 भारत से दुनिया की पांचवीं अर्थव्‍यवस्‍था का ताज छिन गया है. ऐसा भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था के साल 2018 में सुस्‍त रहने की वजह से हुआ है, जिसका खाजियामा भारत को भुगतना पड़ा है.

विश्‍व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक साल 2018 में ब्रिटेन और फ्रांस की अर्थव्‍यवस्‍था में भारत के मुकाबले में ज्‍यादा ग्रोथ दर्ज की गई, जिसकी वजह से इन दोनों देशों ने एक-एक पायदान छलांग लगाया है. अब ताजा आकंड़ों के मुताबिक ब्रिटेन पांचवें स्‍थान और फ्रांस छठे पायदान पर काबिज हो गया है. इस वजह से भारत मौजूदा पांचवें स्‍थान से खिसकर सातवें पायदान पर आ गया है, जबकि अमेरिका नंबर की अपने पोजिशन पर बरकरार है.

विश्‍व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक भारत की अर्थव्‍यवस्‍था साल 2018 में मात्र 3.01 फीसदी बढ़ी, जबकि इसमें साल 2017 में 15.23 फीसदी का इजाफा देखा गया था. इसी तरह ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था 2018 में 6.81 फीसदी बढ़ी, जिसमें साल 2017 में मात्र 0.75 फीसदी का उछाल आया था. इसके अलावा यदि फ्रांस की बात करें तो साल 2018 में इसकी अर्थव्यवस्था 7.33 फीसदी बढ़ी, जो कि साल 2017 में सिर्फ 4.85 फीसदी बढ़ी थी. इस तरह भारतीय अर्थव्यवस्था 2017 के मुकाबले 2018 में सुस्त रही. यही वजह है कि भारत इस रैंकिंग में पिछड़ गया.

विश्‍व बैंक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 2018 में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था बढ़कर 2.82 ट्रिलियन डॉलर हो गई, जबकि फ्रांस की अर्थव्यवस्था बढ़कर 2.78 ट्रिलियन डॉलर हो गई. वहीं, भारत की अर्थव्यवस्था अब तक 2.73 ट्रिलियन डॉलर तक ही पहुंच पाई है. वर्ष 2017 में भारत के सिर (तकरीबन 18 हजार खरब के साथ) पर यह ताज सजा था, जबकि ब्रिटेन छठे स्थान और फ्रांस 7वें पायदान पर काबिज था.

अपने दूसरे कार्यकाल में मोदी ने भारत की अर्थव्‍यवस्था अगले पांच सालों में पांच ट्रिलियन डॉलर पहुंचाने की बात कही गई है. ऐसे में विश्‍व बैंक का ताजा आंकड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है. विश्‍व बैंक के ताजा आकंड़ों पर अर्थशास्‍त्रयों की मानें तो भारत सातवें स्‍थान पर पिछड़ने के पीछे डॉलर के मुकाबले रुपये का कमजोर होना सबसे बड़ी वजह है.

रवीश कुमार हुए रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड से सम्मानित

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वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार को 2019 का प्रतिष्ठित रेमन मैग्सेसे सम्मान दिया जाएगा. यह सम्मान एशिया में साहसिक और परिवर्तनकारी नेतृत्व के लिए दिया जाता है.

अवॉर्ड देने वाले संस्थान ने कहा है कि रवीश कुमार अपनी पत्रकारिता के ज़रिए उनकी आवाज़ को मुख्यधारा में ले आए, जिनकी हमेशा उपेक्षा की जाती है. रेमन मैग्सेसे संस्थान की ओर से कहा गया है कि अगर आप लोगों की आवाज़ बनते हैं तो आप पत्रकार हैं.

रवीश कुमार हिन्दी समाचार चैनल एनडीटीवी इंडिया के सबसे लोकप्रिय चेहरा हैं. रवीश के अलावा 2019 का मैग्सेसे अवॉर्ड म्यांमार के को स्वे विन, थाईलैंड के अंगखाना नीलापाइजित, फ़िलीपीन्स के रेमुन्डो पुजांते और दक्षिण कोरिया के किम जोंग-की को भी मिला है.

रेमन मैग्सेस अवॉर्ड फ़ाउंडेशन ने रवीश कुमार की पत्रकारिता को उच्चस्तरीय, सत्य के प्रति निष्ठा, ईमानदार और निष्पक्ष बताया है. फ़ाउंडेशन ने कहा है कि रवीश कुमार ने बेज़ुबानों को आवाज़ दी है.

इससे पहले बेहतरीन पत्रकारिता के लिए पी साईनाथ को भी मैग्सेसे सम्मान मिल चुका है. इसके अलावा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, अरुणा रॉय और संजीव चतुर्वेदी समेत कई भारतीयों को मिला है.

हरेली पर CM भूपेश बघेल के बारे में लिखी है ये बात, अजीत जोगी के बंगले में लगा खास पोस्टर

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के सुप्रीमो अजीत जोगी का राजधानी रायपुर स्थित बंगला एक बार फिर सुर्खियों में है. अजीत जोगी की पार्टी ने हरेली पर्व पर एक पोस्टर जारी किया है. इस पोस्टर में सूबे के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम ठगेस बघेल बताया गया है. साथ ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप भी लगाया गया है.

दरअसल हरेली पर्व पर छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेशभर में तमाम कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है. छत्तीसगढ़ के इस लोकपर्व पर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बंगले पर भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस पोस्टर पर कांग्रेस सरकार के वायदे को लिखकर बताया गया है कि उनकी पार्टी ने जो वायदे किये थे, उनको पूरा नहीं किया गया है. इस नये पोस्टर वार के बाद सूबे की राजनीति गरमाने के पूरे आसार हैं.

कुल देवी-देवाताओं की होती है पूजा 

बता दें कि छत्तीसगढ़ के लोक पर्व हरेली पर किसान नागर, गैंती, कुदाली, फावड़ा समेत कृषि के काम आने वाले सभी तरह के औजारों की साफ-सफाई कर उन्हें एक स्थान पर रखते है और इसकी पूजा-अर्चना होती है. इस अवसर पर सभी घरों में गुड़ का चीला बनाया जाएगा. हरेली के दिन ज्यादातर लोग अपने कुल देवता और ग्राम देवता की पूजा करते है. ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से शाम तक उत्सव जैसी धूम रहेगी. कुल मिलाकर अच्छी फसल की कामना के साथ प्रकृति की पूजा ही इस पर्व का विशेष महत्व है, जिसे पूरा छत्तीसगढ़ धूमधाम से मनाता है.

वादे के बावजूद नहीं हो रही छत्तीसगढ़ में शराबबंदी, राजस्व के मोह में फंसी सरकार

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छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने घोषणा पत्र में पूर्ण शराबबंदी का वादा किया था. जैसे ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद किसानों का कर्ज माफ करने और धान का समर्थन मूल्य 2500 रूपए करने की घोषणा की, वैसे ही ग्रामीण महिलाओं ने आवाज उठाई कि शराबबंदी की ओर भी अब जल्द कदम बढ़ा जाए. इधर केंद्र सरकार की ओर से कुछ महीने पहले कराए गए एक सर्वेक्षण में बड़ी दिलचस्प और गंभीर जानकारी सामने आई है. इस रिपोर्ट के मुताबिक 10 से 75 साल के आयु वर्ग के 14.6 प्रतिशत लोग याने की करीब (16 करोड़) शराब पीते है. छत्तीसगढ़ देश में सबसे ज्यादा शराब पीने वाले राज्यों में शामिल हुआ है.

शराबबंदी को लेकर एक तरफ कांग्रेस सरकार इसको बंद करने की रणनीति तैयार कर रही है तो वहीं सूबे के लोग सबसे अधिक शराब पीने में जुटे है. यहां करीब 35% से अधिक लोग शराब पीते है. शराब पीने के मामले में दूसरे नंबर पर त्रिपुरा और तीसरे नंबर पर पंजाब के लोग है. शराब के मामले में छत्तीसगढ़ आबादी में अपने से चार गुना बड़े महाराष्ट्र से भी दोगुनी ज्यादा कमाई कर रहा है.

महाराष्ट्र की आबादी 11.47 करोड़ है, जबकि शराब से कमाई 10546 करोड़ रुपए है. वहीं, छत्तीसगढ़ की आबादी 2.55 करोड़ है, यहां शराब से कमाई लगभग 4700 करोड़ रुपए है. इस कमाई को आबादी से भाग दें तो छत्तीसगढ़ में शराब की खपत प्रति व्यक्ति 1843 रुपए की है. महाराष्ट्र में यह आंकड़ा 919 रुपए प्रति व्यक्ति है. आबकारी विभाग के आंकड़ों के हिसाब से प्रदेश में अभी 701 शराब दुकानें संचालित है, इनमें से 377 देशी शराब बेचती है और 324 दुकानों से विदेशी शराब बेची जाती है.

छत्तीसगढ़ के बाद सबसे ज्यादा शराबी त्रिपुरा, पंजाब, अरूणाचल प्रदेश और गोवा में पिया जाता है. केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के साथ मिलकर ये सर्वेक्षण किया. ये सर्वेक्षण सभी 36 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में किया गया था. लेकिन तब से लेकर अब तक सरकार इसपर कमेटी बनाकर चुप बैठ गई है.

आबकारी मंत्री की दलील

इधर सूबे के आबकारी मंत्री कवासी लखमा का कहना है कि केवल मीडिया और विपक्ष ही शराबबंदी की मांग करते है जबकि मुझसे मिलने वाले किसी भी शख्स ने आज तक शराबबंदी की मांग नहीं की. उनका कहना है कि शराबबंदी के लिए बनाई कमेटी के लिए बीजेपी और जोगी कांग्रेस ने अपने विधायक नहीं दिए इसलिए कमेटी अपना काम नहीं कर पा रही है. इतना ही नहीं आबकारी मंत्री का ये भी कहना है कि अगर प्रदेश में शराब की खपत बढ़ती भी है तो इससे मिलने वाले पैसों से विकास कार्य होंगे. वहीं बीजेपी प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव का कहना है कि कांग्रेस ने शराबबंदी का वादा किया था. अब उसे पूरा करना चाहिए.

‘काजल’ के एक गाने से खुला नसीब, फिल्म के दौरान ही मीना कुमारी को दिल दे बैठा था ये अभिनेता

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बॉलीवुड की जानी मानी और खूबसूरत अभिनेत्रियों में से एक मीना कुमारी का जन्म 1 अगस्त 1933 को हुआ था। हालांकि मीना कुमारी अब इस दुनिया में नहीं है। इस पोस्ट में हम आपको मीना कुमारी से जुड़े कुछ अनसुने किस्से आपको बताने जा रहे हैं। चलिए जानते हैं उनके बारे में

मीना कुमारी का नाम कई एक्टर्स के साथ जोड़ा गया। फिल्म बैजू बावरा के निर्माण के दौरान ही अभिनेता भारत भूषण ने मीना के प्रति अपने प्यार का इजहार किया था। इसके अलावा राजकुमार भी मीना कुमारी को बहुत ज्यादा प्यार करने लगे। वह उनके प्यार में इतने डूब गए की फिल्मों के सेट पर अपने डायलॉग भूल जाते थे। वह हमेशा मीना कुमारी की तरफ ही देखते रहते थे।

फिल्म पाकीजा में सबसे पहले धर्मेंद्र को कास्ट किया गया। लेकिन उस वक्त धर्मेंद्र और मीना के अफेयर के किस्से सुनने को मिलते थे। इस कारण उनके पति कमाल अमरोही ने धर्मेंद्र की जगह राजकुमार को कास्ट किया। हालांकि कमाल अमरोही यह नहीं जानते थे कि राजकुमार भी मीना कुमारी को काफी ज्यादा प्यार करते हैं। बताया जाता है कि जब मीना कुमारी के साथ राजकुमार ने ट्रेन वाला सीन किया था तब उन्होंने मीना के पैरों को देखा तो वे उनकी खूबसूरती के दीवाने हो गए।

मीना कुमारी के पति अब राजकुमार से भी जलने लगे थे। फिल्मों में इन दोनों ने एक-साथ बहुत ही कम सीन दिए। हालांकि फिल्म का गाना बहुत ही इंपोर्टेंट था जो रोमांटिक गाना था। बता दे कि वह गाना था चलो दिलदार चलो चांद के पार चलो। इसके बाद कमाल अमरोही ने अपनी किसी भी फिल्म में राजकुमार को कास्ट नहीं किया। मीना कुमारी का निधन 31 मार्च 1972 को मुंबई में हुआ।

छत्तीसगढ़ : घूमता भौंरा राजनीतिक हाथों में चला तो भीड़ से आवाज आई माहिर खिलाड़ी हैं साहब..

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हरेली तिहार मनाने के बहाने अरपा को जीवंत करने, महिलाओं को सशक्त बनाने, गांवों में चारा उगाने और छत्तीसगढ़ी त्योहारों, खान-पान और बोल-चाल को खत्म होना बताते हुए इसके संरक्षण व बच्चों के कुपोषण को दूर करने पर जोर दिया।

नेवरा में उनके भाषण की पांच प्रमुख बातें

  1. राज्य के 33 हजार नालों को पुनर्जीवित करेंगे। अरपा नदी के सूखने के कारण यहां के लोग आंदोलित हैं। नदी से जुड़ने वाले सभी नालों को साफ कर पुनर्जीवित करेंगे तो अरपा में अपने आप पानी आने लगेगा। 
  2. मरवाही की महिलाएं लाख की चूड़ियां बना रही है। बहनें यूनिफॉर्म की सिलाई कर रही हैं। जूट के बैग बना रही है। आप खरीदेंगे तो उन्हें आमदनी हो। इससे गांव से लेकर शहरों तक अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। 
  3. गौठानों का संचालन ग्रामीण करेंगे। चारे की कमी है इसलिए हर गांव में पांच से दस एकड़ जमीन चारे के लिए आरक्षित करेंगे। चारे से दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा और किसान समृद्ध होंगे। 
  4. छत्तीसगढ़ की पहचान तीज त्यौहार, खान-पान व बोल-चाल है, जो खत्म हो रहा था। पुराने गौरव को वापस पहचान दिलाने तीजा, करमा व विश्व आदिवासी दिवस पर छुट्टी की घोषणा की है। 
  5. राज्य में 40 फीसदी बच्चे कुपोषित है। यह देश में सबसे ज्यादा है। सब को मिलकर कुपोषण के खिलाफ लड़ाई लड़ना है। गांव-गांव में दूध की नदियां बहाने की जरूरत है। कुपोषण हारेगा

मुंबई डब्बावाला संघ ने ग्राहक का किया आलोचना, कहा- ऐसे कामगारों का कोई धर्म नहीं होता

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मुंबई डब्बावाला संघ ने “गैर-हिंदू” से डिलीवरी लेने से इनकार करने वाले जबलपुर के जोमैटो ग्राहक की बृहस्पतिवार को आलोचना की। यह संघ मुंबई में मशहूर टिफिन अथवा भोजन का डब्बा पहुंचाने वालों का प्रतिनिधित्व करता है।

मध्य प्रदेश के जबलपुर में ग्राहक अमित शुक्ला ने दो दिन पहले ट्विटर पर दावा किया था कि उसने जोमैटो के भोजन की डिलीवरी लेने से इसलिये इनकार कर दिया क्योंकि उसे डिलीवरी पहुंचाने का काम एक मुसलमान को दिया गया था।

पांच हजार सदस्यों वाले डब्बावाला संघ के प्रवक्ता सुभाष तालेकर ने कहा कि जोमैटो का प्रतिनिधि अपनी आजीविका कमाने के लिये काम कर रहा था। उन्होंने पूछा, “यह ग्राहक तब क्या करता जब वह बहुत ज्यादा भूखा होता और किसी अन्य धर्म का व्यक्ति उसके लिये भोजन लाता?”

उन्होंने एक बयान में कहा, “हम डिलीवरी बॉय अलग धर्म का होने की वजह से ऑर्डर रद्द करने की इस हरकत की निंदा करते हैं। डिलीवरी करने वाला हिंदू-मुस्लिम कोई भी हो सकता है। वह अपनी आजीविका के लिये अपना काम करता है। ऐसे कामगारों का कोई धर्म नहीं होता।”

जब बारिश के पानी में फंसे कुत्ते पर मगरमच्छ ने कर दिया हमला, Video वायरल

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गुजरात के वडोदरा शहर में बुधवार को 6 घंटे में 442 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिससे सड़कों पर जगह-जगह पानी भर गया और पूरी व्यवस्था ठप्प हो गई। शहर में आज कई स्कूल और कॉलेज बंद हैं। कई ट्रेनों को डायवर्ट कर दिया गया है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। दरअसल वडोदरा शहर में लालबाग के पास राजस्थंभ सोसाइटी में एक मगरमच्छ आ गया। सड़क में जलभराव के कारण कुछ लोग कुत्तों को बचाने की कोशिश रहे थे कि पीछे से मगरमच्छ ने एक कुत्ते पर हमला कर दिया। हालाकि कुत्ता मगरमच्छ की पकड़ में नहीं आया और वहां से बचकर भाग गया।

https://twitter.com/PrashantrTOI/status/1156817177007099904

यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया में वीडियो #CrocodileVSDog करके ट्रेंड कर रही है। बता दें कि भारी बारिश के कारण एयरपोर्ट भी बंद कर दिया गया है। अहमदाबाद में बुधवार सुबह से लेकर शाम तक लगातार भारी बारिस हुई। वहीं वडोदरा शहर तथा आसपास में अत्यधिक भारी वर्षा के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है और राहत और बचाव एजेंसियों ने अब तक 1000 से अधिक लोगों को निचले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। वडोदरा शहर में कल एक ही दिन में 499 मिलीमीटर वर्षा हुई जो उसके सालाना औसत वर्षा का 50 प्रतिशत से भी अधिक है।