Home Blog Page 2926

5 रुपए के लिए फिल्मों में भीड़ का हिस्सा बनता था ये एक्टर, एक दिन खुद ही बन गया स्टार

0

कई नौकरियों में हाथ आजमाने के बाद आखिर में जॉनी को सिफारिश से बस कंडक्टर की नौकरी मिल गई. इस नौकरी से वह काफी खुश थे, क्योंकि उन्हें मुफ्त में ही पूरी मुंबई घूमने को मौका मिल जाया करता था.

बदरुद्दीन जमालुद्दीन काजी यानी जॉनी वॉकर अपने मासूम, लेकिन शरारती चेहरे से सबको अपनी ओर खींचने का माद्दा रखते थे. कभी शराब ना पीने वाला ये एक्टर अपने किरदार में ऐसा उतरता था कि लोगों को लगता था कि ये निजी जिंदगी में भी भयंकर पियक्कड़ होंगे, लेकिन असल में वह कभी शराब को हाथ तक नहीं लगाया करते थे. ऐसे ही कई मजेदार किस्से और स्ट्रगल की कहानियां समेटे जॉनी वॉकर ने आज ही के दिन इस दुनिया को अलविदा कहा था. जॉनी वॉकर का जन्म मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में 11 नवंबर, 1926 एक मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार में हुआ था. वे बचपन से ही अभिनेता बनने का ख्वाब देखा करते थे. जॉनी वॉकर के पिता इंदौर में एक मिल में नौकरी करते थे. मिल बंद होने के बाद 1942 में पूरा परिवार मुंबई पहुंच गया. पिता के लिए अपने 15 सदस्यीय परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा था. तो ऐसे में 10 भाई-बहनों में दूसरे नंबर के जॉनी वाकर पर परिवार की जवाबदारी आ गई.

कई नौकरियों में हाथ आजमाने के बाद आखिर में मुंबई में उनके पिता के एक जानने वाले पुलिस इंस्पेक्टर की सिफारिश पर जॉनी को बस कंडक्टर की नौकरी मिल गई. इस नौकरी को पाकर जॉनी काफी खुश हो गए क्योंकि उन्हें मुफ्त में ही पूरी मुंबई घूमने को मौका मिल जाया करता था. इसके साथ ही उन्हें मुंबई के स्टूडियो में भी जाने का मौका मिल जाया करता था. जॉनी वॉकर का बस कंडक्टरी करने का अंदाज काफी निराला था. वह अपने खास अंदाज मे आवाज लगाते ‘माहिम वाले पेसेन्जर उतरने को रेडी हो जाओ लेडिज लोग पहले.’ इसी दौरान जॉनी वॉकर की मुलाकात फिल्म जगत के मशहूर खलनायक एन.ए.अंसारी और के आसिफ के सचिव रफीक से हुई.

जॉनी को जल्द ही फिल्मों में भीड़ वाले सीन में खड़े होने का मौका मिल गया. जिसके लिए उन्हें 5 रुपए मिला करते थे. लंबे संघर्ष के बाद जॉनी वॉकर को फिल्म ‘आखिरी पैमाने’ में एक छोटा सा रोल मिला. पहली इस फिल्म मे उन्हें फीस के तौर पर 80 रुपये मिले जबकि बतौर बस कंडक्टर उन्हें पूरे महीने के मात्र 26 रुपये ही मिला करते थे. उसी दौरान अभिनेता बलराज साहनी की नजर जॉनी वॉकर पर पड़ी, उन्होंने जॉनी को गुरुदत्त से मिलने की सलाह दी. जॉनी वॉकर ने गुरुदत्त के सामने शराबी की एक्टिंग की थी. उसे देख गुरुदत्त को लगा कि वाकई में वह शराब पीए हुए हैं, इससे वह काफी नाराज भी हुए. उन्हें जब असलियत पता चली तो उन्होंने जॉनी को गले लगा लिया.

गुरुदत्त ने जॉनी वॉकर की प्रतिभा से खुश होकर अपनी फिल्म बाजी में काम करने का अवसर दिया. इसके बाद उन्होंने मुड़कर पीछे नहीं देखा. कहा जाता है कि उन्हें ‘जॉनी वॉकर’ नाम देने वाले गुरुदत्त ही थे. उन्होंने वाकर को यह नाम एक लोकप्रिय व्हिस्की ब्रांड के नाम पर दिया था. हालांकि, फिल्मों में अक्सर शराबी की भूमिका में नजर आने वाले वॉकर असल जिंदगी में शराब को कतई हाथ नहीं लगाते थे.

जॉनी वॉकर ने गुरुदत्त की कई फिल्मों मे काम किया जिनमें आर पार, मिस्टर एंड मिसेज 55, प्यासा, चौदहवी का चांद, कागज के फूल जैसी सुपर हिट फिल्में शामिल हैं. गुरुदत्त की फिल्मों के अलावा जॉनी वॉकर ने टैक्सी ड्राइवर, देवदास, नया अंदाज, चोरी चोरी, मधुमति, मुगल-ए-आजम, मेरे महबूब, बहू बेगम, मेरे हजूर जैसी कई सुपरहिट फिल्मों मे अपने हास्य अभिनय से दर्शको का भरपूर मनोरंजन किया.

जॉनी वॉकर की हर फिल्म मे एक या दो गीत उन पर अवश्य फिल्माए जाते थे जो काफी लोकप्रिय भी हुआ करते थे. वर्ष 1956 मे प्रदर्शित गुरूदत्त की फिल्म सीआईडी में उन पर फिल्माया गाना ‘ऐ दिल है मुश्किल जीना यहां, जरा हट के जरा बच के ये है बंबई मेरी जान’ ने धूम मचा दी. इसके बाद हर फिल्म में जॉनी वॉकर पर गीत जरूर फिल्माए जाते रहे. यहां तक कि फाइनैंसर और डिस्ट्रीब्यूटर की यह शर्त रहती कि फिल्म में जॉनी वॉकर पर एक गाना होना ही चाहिए.

मिलेंगे ऐसे फायदे कि आप खुद हैरान रह जायेंगे, अपने आसपास इस घास को खोज लीजिये

0

आज हम आपको एक ऐसी घास के बारे में बताने वाले हैं, जो अक्सर हमारे घरों के आसपास उग आती है, लेकिन हम उसे बेकार की चीज समझकर उखाड़ देते हैं, हम बात कर रहे हैं दूधी के पौधे की, दूधी 2 तरह की होती है, एक बड़े पत्तों वाली दूसरी छोटे पत्तों वाली, दोनों के फायदे लगभग सामान होते हैं, तो चलिए जान लेते हैं इसके फायदे।

दूधी के फायदे

अगर किसी को नाक से खून निकलने की बीमारी है तो दूधी के चूर्ण में मिश्री मिलाकर सेवन करें, इससे नकसीर की शिकायत दूर हो जाती है, दूध के पाउडर का सेवन करने से पेट के कीड़े खत्म हो जाते हैं, कील मुहांसों की समस्या दूर करने के लिए दूधी के पौधे से निकलने वाले दूध को अगर आप कील मुहांसों पर लगाते हैं, तो यह समस्या खत्म हो जाती है।

दूधी का रस व कनेर के पत्ते का रस मिलाकर अगर आप बालों में लगाते हैं तो झड़ते बालों की समस्या खत्म हो जाती है, साथ ही बालों के सफेद होने और गंजेपन की समस्या भी खत्म हो जाती है, खांसी की शिकायत में भी दूधी का काढ़ा बनाकर पीने से आराम मिलता है।

मासिक धर्म के समय अधिक रक्तस्राव होने पर दूधी का सेवन करने से यह समस्या खत्म हो जाती है, यह पौधा बहुत ही लाभकारी होता है, इसका काढ़ा बनाकर पीने से दमा की शिकायत दूर हो जाती है, रतौंधी रोग होने पर यह बहुत ही गुणकारी औषधि होती है, इसके लिए इसके इसका पाउडर का सेवन करना होता है, गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन करने से बचना चाहिए।

मची खलबली, एयरटेल ने की सबकी बोलती बंद, ग्राहकों को दे रहा है 33GB फ्री डेटा

0

Airtel हाल के दिनों में अपने ग्राहकों के लिए प्रस्तावों के साथ काफी उदार है। ऑपरेटर अधिक ग्राहकों को लुभाने के साथ-साथ मौजूदा लोगों को खुश रखने के लिए आक्रामक तरीके से लाभों को आगे बढ़ा रहा है। हालांकि, ट्राई की हालिया मासिक बाजार हिस्सेदारी रिपोर्ट में, एयरटेल ने रिलायंस जियो से मामूली अंतर से दूसरा स्थान खो दिया, बाद वाला ऑफर के साथ उदार होने के मामले में एक कदम आगे है। इसके बावजूद, ऑपरेटर अपने लीड को फिर से हासिल करने के लिए नए-नए तरीके अपनाता रहता है।

Airtel ने हाल ही में अपने स्मार्टफोन प्लेटफ़ॉर्म पर अपने ग्राहकों के लिए Airtel धन्यवाद ऐप पेश किया। ऐप मूल रूप से माय एयरटेल ऐप का अपडेटेड वर्जन है और यह सभी प्रीपेड के साथ-साथ पोस्टपेड रिचार्ज का भी पोर्टल है। एयरटेल उन सब्सक्राइबर्स को खास ऑफर देता रहता है, जो ऐप के जरिए रिचार्ज करना चुनते हैं। वर्तमान में, यह अपने लोकप्रिय 399 रुपये वाले प्रीपेड प्लान के साथ अलग-अलग लाभ दे रहा है। 399 रुपये की योजना उन लोगों के लिए एक सामान्य योजना है, जो लंबे समय तक वैधता की ओर झुकाव के साथ, लाभ का संतुलन चाहते हैं। यदि आप वेबसाइट या अन्य भुगतान पोर्टल से रिचार्ज करते हैं, तो आप कुल 84 दिनों की वैधता के हकदार होंगे जिसके तहत ग्राहक प्रति दिन 1GB डेटा देगा। प्लान में अनलिमिटेड कॉल के साथ-साथ प्रतिदिन 100 मुफ्त एसएमएस भी मिलते हैं। कॉल और डेटा के साथ, यह योजना एयरटेल टीवी प्रीमियम, विंक म्यूजिक, नॉर्टन मोबाइल सिक्योरिटी का 1 साल का मुफ्त सब्सक्रिप्शन, शॉ एकेडमी पर 4 सप्ताह का कोर्स और नया डिवाइस खरीदने पर 2,000 रुपये का कैशबैक भी देती है।

हालाँकि, यदि ग्राहक Airtel धन्यवाद ऐप से सदस्यता खरीदता है, तो Airtel मुफ्त अतिरिक्त डेटा के रूप में कुछ अतिरिक्त लाभ प्रदान करता है। ध्यान दें कि यह अतिरिक्त डेटा लाभ व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भिन्न होता है। एयरटेल लंबे समय से इन योजनाओं को कर रहा है और ग्राहकों को ऐप से रिचार्ज करने पर अधिक लाभ मिल सकता है। हालांकि, वोडाफोन भी अपने ग्राहकों के लिए ऐप-एक्सक्लूसिव ऑफर देकर ऐसा ही करता है। Reliance Jio के पास अपने ग्राहकों के लिए ऐसी कोई योजना नहीं है।

खारुन के दोनों ओर छायादार पौधे, किनारे खस ताकि शहर का पानी साफ हो, सोर्स भी बचा रहे

0

राजधानी को पानी देने वाली लाइफलाइन खारुन नदी के दोनों छोर पर पहली बार सवा लाख पौधे लगाए जाएंगे। सैटेलाइट की मदद से नदी के दोनों ओर खेत, जंगल और खाली पड़ी जमीन का ब्योरा निकाल लिया गया है। खारुन के भाठागांव एनीकट से राजधानी के 10 लाख से ज्यादा लोगों को रोजाना इस्तेमाल का पानी दिया जा रहा है। इसलिए वन विभाग की कोशिश है कि एनीकट से 5 किमी दूर तक जितनी भी खाली जगह है, वहां ज्यादा से ज्यादा छायादार पौधे लगा दिए जाएं। विशेषज्ञों की सलाह पर नदी तट की ढलान पर पहली बार खस लगाई जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का पौधरोपण शहर में पानी की बढ़ती जरूरत को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इससे बरसाती नाले में बदल चुकी खारुन फिर नदी बन सकेगी और तट पर खस से मिट्टी का क्षरण रुकेगा और पानी की बर्बादी भी कम होगी।


इसके लिए वन विभाग ने सैटेलाइट की मदद से तस्वीर लेकर दोनों ओर की खेती व खाली पड़ी जमीन का ब्योरा निकाला है। इस पर रायपुर के साथ दुर्ग व धमतरी वन मंडल द्वारा पौधे लगाए जाएंगे। इसमें शीशम, नीम, करंज जैसे छायादार पौधों के साथ गुलमोहर, बेल्टाफोरम जैसे पौधे भी होंगे। नदी के किनारे की जमीन का क्षरण रोकने के लिए पहली बार खस के पौधे लगाने का फैसला किया गया है। ये पौधे नदी तट पर लगाए जाएंगे, जबकि बाकी पौधे नदी तट से कुछ सौ मीटर तक की दूरी तक भी लगाए जाएंगे। इसके लिए तीनों वन मंडल की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। 1.26 लाख पौधे तीनों मिलाकर लगाएंगे, जबकि रायपुर जिले में गुमा, बाना, खट्‌टी, लमकेनी और मुंडरा मिलाकर 35 हजार से ज्यादा पौधे लगाने का लक्ष्य है। खारुन नदी पर पौधे लगाने में करीब 471 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।

नाले में बदली खारुन को नदी बनाने और शहर के पानी के लिए ऐसी कोशिशें जरूरी  : रविशंकर यूनिवर्सिटी में लाइफ साइंस के रिटायर्ड एचओडी तथा साइंटिस्ट डॉ. एमएल नायक ने खारुन पर सबसे बड़ा रिसर्च किया था। उनका कहना है कि खारुन नदी अब बरसाती नाले में तब्दील हो गई है और इसका उद्गम सूख गया है। इसीलिए पौधरोपण से नदी के आसपास का भूजल स्तर बचाने की कोशिश की जा रही है, जिससे जब पौधे बड़े हों तो नदी में पानी बचाया जा सके। पिछले कुछ सालों से खारुन नदी गंगरेल बांध से रायपुर तक पानी लाने के लिए नहर की तरह इस्तेमाल हो रही है, क्योंकि बारिश के बाद नदी में पानी नहीं रहता। गुरूर ब्लॉक के पेटेचुआ में खारुन नदी का उद्गम है और वहां लोगों ने पिछले सात-अाठ साल से उद्गम से पानी निकलता नहीं देखा।

यहां होगा पौधरोपण 
स्थान    ऐरिया (हे.)    पौधे
गुमा    14    15400
बाना-1    5.30    5830
बाना-2    1.89    2079
बाना-3    0.58    640
खट्‌टी    2.00    2200
लमकेनी    4.80    5280
मुंडरा    3.80    4180
कुल    32.37    35609

नदी किनारे के खेतों में भी लगाएंगे फलदार पौधे : नदी किनारे ऐसे किसान जो अपनी जमीन पर फलदार पौधे लगाना चाहते हैं, उन्हें मदद दी जाएगी। यह फैसला पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर तथा वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी की नेतृत्व में हुई बैठक में लिया गया। मंत्री अकबर ने बताया कि पौधे विभाग लगवाएगा, लेकिन जिम्मेदारी किसान की होगी। हर साल जितने पौधे जीवित रहेंगे, उसके हिसाब से अनुदान दिया जाएगा। 

चार और नदियों में ऐसा ही : अरपा: बिलासपुर में 300 हेक्टेयर में लगेंगे 330000 पौधे। मरवाही में 109.67 हे. में 120637 पौधे। {इंद्रावती : बस्तर में 12 हे.में 11000, दंतेवाड़ा में 12 हे. में 13200, बीजापुर में 110 हे. में 121000 पौधे। 

शिवनाथ : राजनांदगांव    में 16.17 हेक्टेयर में 16328 पौधे। संकरी नदी में भी तट के दोनों ओर पौधरोपण।

छत्तीसगढ़ / शहीद वीर नारायण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने

0

छत्तीसगढ़ की नव मनोनीत राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज सुबह करीब 9ः15 बजे रायपुर के जय स्तंभ चौक पहुंचकर शहीद वीर नारायण सिंह की तस्वीर पर पुष्प चक्र अर्पित की। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह के देश के प्रति अमूल्य योगदान का स्मरण किया। सुश्री उइके ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह के बलिदान और उनके द्वारा किये गए अनुकरणीय कार्य से लोगों को प्रेरणा मिलती रहेगी। इस अवसर पर रायपुर जिले के कलेक्टर श्री एस. भारतीदासन और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एक बार जरूर जानें : भूलकर भी ना करें उबला अंडा खाने के बाद इन चीजों का सेवन

0

 दोस्तों अंडे का सेवन करने से पहले और अंडा खाने के बाद कुछ ऐसी चीजें होती हैं। जिनका सेवन करने से शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। और साथ ही कई तरह की समस्याएं भी होने का डर रहता है। यही गलतियां कभी-कभी एक गंभीर समस्या बन जाती है। आज हम आपको ऐसी चीज बताएंगे जिनको अंडा खाने के बाद भूलकर भी नहीं खाना चाहिए। तो आइए जानते हैं भूलकर भी अंडा खाने के बाद इन चीजों का ना करें सेवन, एक बार जरूर जानें।

कुछ लोग अंडा खाने के बाद खट्टी चीजें खाना ज्यादा पसंद करते हैं जबकि ऐसा करना गलत है। अंडा खाने के बाद खट्टी चीजों के सेवन करने से पेट में रिएक्शन हो सकता है। जिससे पेट में कई समस्याएं बन सकती है। इसलिए अंडा खाने के बाद भूलकर भी खट्टी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।

उबला अंडा खाने के बाद नीम्बू का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से दिल से जुड़ी कई समस्या हो सकती है। कभी भी उबले अंडे खाने के बाद मछली का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से चेहरे पर सफेद दाग, कील, मुंहासे जैसी समस्याएं होने का डर रहता है।

उबला अंडा खाने के तुरंत बाद केले का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।

सिर्फ 20 रुपये खर्च कर पाएं हजारों का लाभ, रेलवे की यात्रियों को जबरदस्त सौगात

0

भारतीय रेलवे रोजाना करीब 2 करोड़ 30 लाख यात्रियों को उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाती है. यात्रियों को बेहतर सुविधा मुहैया करने के लिए रेलवे आए दिन कोई न कोई बदलाव करती रहती है. ऐसे में रेलवे द्वारा दी जा रही सुविधाओं की जानकारी नहीं होने से कई बार यात्रिओं को या तो परेशानियों का सामना करना पड़ता है या वे लाभ लेने से वंचित हो जाते हैं. यहां रेलवे की एक ऐसी ही सुविधा के बारे में जानकारी दी जा रही है, जिसमें आप सिर्फ 20 से 25 रुपये खर्च कर हजारों रुपये बचा सकते हैं.

हम अक्सर रेलवे से यात्रा कर किसी दूसरे शहर में जाते हैं और रहने के लिए होटल या गेस्ट हाउस की तलाश करते हैं. नया शहर होने के कारण कभी कभी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है. लेकिन भारतीय रेलवे यात्रियों को रेलवे स्टेशनों पर ही सस्ते दामों में रूम बुक करने की सुविधा देती है. आप अपनी सुविधा अनुसार, एसी और नॉन एसी रूम के विकल्प के साथ सिंगल, डबल बेड और डोरमेटरी बुक कर सकते हैं. खास बात यह है कि इसकी शुरुआती कीमत सिर्फ 25 रुपये है. अगर आप रूम बुकिंग का भुगतान डिजिटल करते हैं तो आपको 5 रुपये की छूट मिलेगी यानि 25 रूपये के जगह मात्र 20 रूपये से बुकिंग की शुरुआत कर सकते हैं.

रेलवे में रूम बुक करने का रेट

अगर आप 3 घंटे के लिए रूम बुक करना चाहते हैं, तो आपको 25 रुपये चार्ज देने होंगे. जबकि 4 से 6 घंटे के लिए 40 रुपये और 7 से 9 घंटे के लिए 50 रुपये देना होगा.

10 से 12 घंटे के लिए 60 रुपये
13 से 15 घंटे के लिए 70 रुपये
16 से 18 घंटे के लिए 80 रुपये
19 से 21 घंटे के लिए 90 रुपये
22 से 24 घंटे के लिए 100 रुपये
48 घंटे के लिए 200 रुपये का भुगतान करना होगा.

ऐसे करें बुकिंग

रिटायरिंग रूम बुक करने के लिए आपको सबसे पहले IRCTC की वेबसाइट पर जाना होगा. उसके बाद वेबसाइट पर यूजर नेम और पासवर्ड के जरिए आपको अपना खाता खोलना होगा. अब पीएनआर नंबर विकल्प में पीएनआर नंबर डालें. इसके बाद आप अपनी जरूरत के मुताबिक रिटायरिंग रूम बुक कर सकते हैं. जिन यात्रियों की टिकट कंफर्म होगी, सिर्फ वे ही रिटायरिंग रूम बुक कर सकते हैं.

सबसे बड़ी चिंता ! हर साल सवा चार लाख मौतें, दूध-घी मसालों में नहीं रुक रही मिलावट

0

खाने पीने की चीजों में मिलावटी, बेमेल ब्रांड और घटिया गुणवत्ता के मामले बढ़ते जा रहे हैं। तेल, घी, दूध, मावा, मिर्च मसाले, आटा, दाल सहित खाने पीने की लगभग हर चीज में मिलावट है। वहीं, कंपनियों के उत्पाद भी गुणवत्ता के पैमाने पर खरे नहीं उतर रहे हैं। खाद्य पदार्थो के 20 फीसदी से अधिक नमूने तय मानकों को पूरा नहीं करते हैं।

केंद्र सरकार के आंकड़े बताते हैं कि पिछले तीन साल में घटिया, मिलावटी और बेमेल पाए जाने वाले सामान की तादाद बढ़ी है। सरकार हर वर्ष बाजार से अधिक नमूने लेकर प्रयोगशालाओं में उनकी जांच करा रही है। सरकार बाजार से जितने अधिक नमूने जमा करती है, घटिया और मिलावटी भोजन के मामले इतने ही बढ़ते जा रहे हैं।इसे लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन भी चिंता जता चुका है।

सालाना सवा चार लाख मौतें : डब्ल्यूएचओ की विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस से पहले जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक मिलावटी और घटिया भोजन की वजह से दुनिया में हर साल चार लाख बीस हजार लोगों की मौत होती है। इसके साथ हर साल लगभग 60 करोड़ लोग मिलावटी खाना खाने से बीमार पड़ते हैं।

20 हजार नमूने फेल : वर्ष 2018-19 मंत्रालय के पास सिर्फ 21 प्रदेशों के आंकड़े मौजूद हैं, पर इन प्रदेशों में भी बीस हजार से अधिक नमूने गुणवत्ता के पैमाने पर विफल हुए हैं।

वर्ष————- विश्लेषित नमूने——अनुरूप नहीं पाए गए नमूने 
2016-17——78,340——18,325
2017-18——99,353——24,264
2018-19——65,155——20,006 ‘

(2018-19) के आंकड़े 21 राज्यों के हैं। इनमें महाराष्ट्र और बिहार सहित कई राज्यों के आंकड़े शामिल नहींै।

यूपी सबसे आगे 
यूपी से खाद्य पदार्थो के जमा किए गए नमूने सबसे अधिक फेल हुए हैं। वर्ष 2016-17 में 13567 में 5663 यानि 41 फीसदी नमूने अनुरूप नहीं पाए गए थे। वर्ष 2018-19 में 19173 में से 9403 सैंपल फेल हो गए। यह विश्लेषित किए गए सैंपल का 49 फीसदी है।

दिमाग चलेगा नहीं दौड़ेगा इस पत्ते के सेवन से, चौंक जायेंगे इन 5 बड़े फायदे को जान

0

पीपल के पेड़ को धार्मिक ग्रंथो में ऐसे एक पूजनीय पेड़ मन गया है और कहा गया है की इसमे 56 करोड़ देवी देवता निवास करते है। धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि आयुर्वेद की दृष्टि से भी पीपल का पेड़ उपयोगी है। ऐसे आयुर्वेद में औषधियों का खजाना नाम दिया गया है। यह पेड़ कई प्रकार के रोगों से मुक्ति दिलाने में सहायक होता है।

मुंह के छाले में :- यदि आपके मुँह में छाले हो रहे है तो आप पीपल की डाली के दातुन करे और इसके कोमल पत्तों को चबाये, ऐसा करने से आपके मुंह के छाले, दुर्गंध, पायरिया व मसूढ़ों की सूजन सधी से आपको छुटकारा मिल जायेगा।

पेट की समस्या :- यदि आपको दस्त लग गए है और आपको माल के साथ खून भी आने लग गया है तो आप पीपल के पत्तों के नर्म डंठल को साबुत धनिया व शक्कर के साथ चबाते हुुए धीरे-धीरे रस ले. ऐसा करने से आराम प्राप्त होगा।

पेशाब में संक्रमण :- यदि आपको यूरिन सम्बंधित शिकायत है तो आप पीपल के 5-7 हरे पत्तों को 250 मिलिलीटर पानी के साथ पीस लें. इसमें 1 चम्मच पिसी मिश्री मिलाकर सुबह-शाम ले।

लिवर की समस्या :- पीपल व लसोड़े के 5-7 पत्ते एक साथ लेकर 250 मिलिलीटर पानी में पीस लें। इसमें थोड़ा नमक मिलाकर सुबह-शाम 10 दिनों तक लेने से लिवर संबंधी रोगों में लाभ होता है।

दिमाग की कमजोरी :- यदि आपको कुछ याद नहीं रहता और आपका दिमाग काम नहीं करता है तो आप रोजाना लगभग 10 पीपल की कोमल पत्तियों को 400 ग्राम दूध के साथ अच्छी तरह से उबाल लें। इसे छानकर इसमें स्वादानुसार पिसी हुई मिश्री मिलाकर सुबह नाश्ते के समय पिए ऐसा करने से आपकी याददाश्त की कमी व तनाव जैसी समस्याएं दूर हो जाएगी।

जानिए सऊदी अरब में पानी की आपूर्ति का मुख्य स्त्रोत क्या है, जबकि एक भी नदी नहीं है

0

आप सभी यह बात तो जानते हैं कि सऊदी अरब जैसे बड़े देश में मीठे पानी की बहुत ज्यादा दिक्कत है लेकिन क्या आप जानते हैं वहां पर पीने के पानी की पूर्ति कैसे की जाती है, अगर नहीं तो आज का हमारा यह खास पोस्ट जरूर पढ़ें| हम आशा करते हैं हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको पसंद आएगी और आप इसे अपने सभी चाहने वालों के साथ जरुर शेयर करेंगे| तो आइए इसी के साथ जानते हैं सऊदी अरब देश में पीने का पानी कहां से लाया जाता है|

सऊदी अरब देश दुनिया के उन अमीर देशों में से एक है जहां पर किसी चीज की कोई कमी नहीं है लेकिन यह एक ऐसा देश है जहां पर साफ पानी की बहुत ज्यादा कमी है साल 2011 से लेकर अब तक यह पाया गया है कि शादी अरब देश में हर साल पानी की कमी 7% तक बढ़ती जा रही है| अगर ऐसे ही हालात बने रहे तो हो सकता है आने वाले सालों में यहां पर पानी की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ती जाए|

सऊदी अरब देश में रोजाना पानी की जरूरत को पूरा करने के लिए बड़े-बड़े वाटर रिफाइनरी प्लांट लगाए गए हैं जहां से यहां रहने वाले सभी लोगों की जरूरतें पूरी की जाती है| आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि सऊदी अरब देश में पानी सोने की तरह ही महंगा है और यह वहां की मुद्राओं से खरीदना पड़ता है| सऊदी अरब की टेक्नोलॉजी अब कृषि के क्षेत्र में भी अपने हाथ आजमा रही है जिसके लिए वह बड़े-बड़े वाटर रिफाइनरी प्लांट में इन्वेस्टमेंट कर रही है|