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छत्तीसगढ़/ छात्राओं को कमरे में बंद कर बोला प्रधानपाठक – सब मेरी गर्लफ्रेंड, दुष्कर्म भी करूंगा

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छुरा से 15 किलोमीटर दूर बिरनीबाहरा पंचायत के आश्रित ग्राम कुड़ेमा के मिडिल स्कूल में प्रधानपाठक द्वारा छात्राओं को कमरे में बंद कर उनसे अश्लील हरकत करने का मामला सामने आया है। घटना पिछले शनिवार की है और प्रधानपाठक बीआर ध्रुव के खिलाफ जांच कर रिपोर्ट जिला शिक्षाधिकारी एसएल ओगरे को भेज दी गई है। ओगरे ने भास्कर को बताया जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को निलंबित करने की तैयारी की जा रही है। 

नशे में धुत होकर आता है प्रधानपाठक, छात्राएं बोलीं- महिला शिक्षिका ही चाहिए

  1. छात्राओं ने भास्कर को बताया कि ने प्रधानपाठक बीआर ध्रुव से वे बहुत परेशान हैं। आए दिन वे इसी तरह शराब पीकर स्कूल आते हैं और अभद्र व्यवहार करते हैं। छात्राओं ने मांग की कि स्कूल में महिला प्रधान पाठिका और महिला शिक्षिका मिलनी चाहिए। स्कूल के प्रधानपाठक बीआर ध्रुव 20 जुलाई को नशे में धुत होकर स्कूल पहुंचे और स्कूल पहुंचते ही उपस्थित छात्राओं को कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद जो हुआ वो शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाला था। 
  2. आरोप है कि ध्रुव ने छात्राओं से कहा कि “तुम सब मेरी गर्लफ्रेंड हो, आई लव यू, मैं तुम लोगों का रेप (दुष्कर्म) करूंगा’। कमरे में बंद छात्राओं ने घबराकर बचाने की आवाज लगाई तो बाहर मौजूद एक छात्र ने किसी तरह दरवाजा खोला। इसके बाद रोती-बिलखती छात्राएं तुरंत घर भागीं तथा अपने पालकों को पूरा वाकया बताया। आक्रोशित पालकों व ग्रामवासियों ने स्कूल पहुंचकर ने प्रधानपाठक को खूब खरी खोटी सुनाई । फिर ग्रामवासियों ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्याम चन्द्राकर और संकुल समन्वयक पंकज साहू से इसकी शिकायत की। 
  3. संकुल समन्वयक पंकज साहू तत्काल स्कूल पहुंचे। उन्होंने छात्राओं से इस बाबत पूछा तो सभी ने रो-रोकर पूरी घटना का विवरण दिया। संकुल समन्वयक ने छात्राओं के बयान के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को सौंप दी है। बीईओ ने बताया कि मामले की कर प्रधानपाठक के खिलाफ रिपोर्ट तैयार कर जिला अधिकारी को भेज दी है, जैसे ही कोई आदेश आता है, हम कार्रवाई करेंगे। 

छत्तीसगढ़/ 12 समितियों में किसानों का 44 करोड़ का कर्ज माफ

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शासन के निर्देशानुसार समिति स्तर पर 30 जुलाई तक और शाखा स्तर पर 10 अगस्त तक जिले में ऋण माफी तिहार मनाया जा रहा है। शुक्रवार को 12 सहकारी बैंक समितियों में कृषक ऋण माफी तिहार मना। इनमें धरसींवा, धरमपुरा, मढ़ी, रींवा, पलौद, भंडार, रवेली, तामासिवनी, मानिकचौरी, कठिया, सरोरा और कनकी शामिल हैं। धरसींवा समिति में 1865 किसानों का 6 करोड़ 6 लाख 17 हजार, धरमपुरा समिति में 156 किसानों का 92 लाख 22 हजार, मढी समिति में 670 किसानों का 3 करोड़ 22 लाख 77 हजार रुपये का ऋण माफ किया गया। रींवा समिति में 1346 किसानों का 6 करोड़ 9 लाख 94 हजार, पलौद समिति में 953 किसानों का 2 करोड़ 89 लाख 65 हजार, भंडार समिति में 738 किसानों का 2 करोड़ 99 लाख 40 हजार का कर्ज माफ किया गया। रवेली समिति में 849 किसानों का 3 करोड़ 48 लाख 55 हजार, तामासिवनी समिति में 1133 किसानों का 3 करोड़ 46 लाख 40 हजार, मानिकचौरी समिति में 1908 किसानों का 6 करोड़ 22 लाख 64 हजार रुपये का ऋण माफ किया गया। कठिया समिति में 756 किसानों का 3 करोड़ 33 हजार, सरोरा समिति में 861 किसानों का 3 करोड़ 78 लाख 43 हजार और कनकी समिति में 634 किसानों का दो करोड़ 17 लाख 18 हजार रुपये का ऋण माफ किया गया।

छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी संघ मर्यादित रायपुर व भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में मध्य क्षेत्र के राज्यों के लिए सहकारी विकास पर एक दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन 27 जुलाई को होगा। सम्मेलन सुबह 11 बजे स्वामी विवेकानंद सभागार इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कृषक नगर रायपुर में आयोजित होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं राज्यसभा सांसद डॉक्टर चंद्रपाल सिंह यादव होंगे। अध्यक्षता सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम करेंगे। कृषि मंत्री रविंद्र चौबे विशेष आतिथि होंगे। सम्मेलन में 4 राज्य छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश एवं उत्तराखंड की सहकारी संस्थाओं के अध्यक्ष प्रबंध संचालक, सहकारिता सचिव एवं पंजीयक सहकारी संस्थाओं के साथ क्षेत्रीय सहकारी संस्थाओं के प्रख्यात सहकार बंधु एवं प्रतिनिधि भाग लेंगे।

छत्तीसगढ़/ व्यापारी को फ्रेंचाइजी देने का दिया झांसा, 20 लाख लेकर फरार , जांच शुरू

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छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक व्यापारी के साथ 20 लाख की ठगी का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि ठगों ने व्यापारी को फ्रेंचाइजी देने का झांसा दिया था. चार महीने बाद जब कुछ हाथ नहीं लगा तब पीड़ित व्यापारी ने पुलिस से इस मामले की शिकायत की. फिलाहाल पुलिस कुछ आरोपी से पूछताछ कर रही है.

गरियाबंद में एक व्यापारी से 20 लाख की ठगी की गई है. व्यापारी ने सिटी कोतवाली में मामले की शिकायत दर्ज कराई है. पीड़ित के मुताबिक श्योर मार्ट के संचालक ने अपने माल की फ्रेंचाइजी देने का लालच देकर उससे 20 लाख रुपए जमा कराए थे. साथ ही व्यपार में कई तरह के लालच भी दिए थे.

मगर चार महीने बीत जाने के बाद भी जब उसे कुछ नहीं मिला तो उसने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई. मामले में संज्ञान लेते हुए पुलिस ने पतासाजी शुरू की तो आरोपी द्वारा रायपुर में भी एक व्यपारी के साथ इसी तरह की ठगी करने का पता चला और उस मामले में आरोपियों के जेल में होने की बात सामने आई. पुलिस ने शुक्रवार को न्यायाल के आदेश पर आरोपियों को रिमांड में लेकर पूछताछ की. 

हॉस्पिटल ने परिवार को दिए थे 41 करोड़ रुपये,डॉक्टर की गलती से हुई थी नील आर्मस्ट्रॉन्ग की मौत..

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अमेरिका के सिनसिनाटी शहर में 2012 में दिल की सर्जरी के दो हफ्ते बाद नील आर्मस्ट्रॉन्ग की मौत हो गई. इसके बाद उनके परिवार वालों ने उनके सम्मान में एक श्रद्धांजलि जारी की थी. इसमें दुनिया भर में आर्मस्ट्रॉन्ग के प्रशंसकों को संबोधित किया गया था.

चांद पर चलने वाले पहले इंसान के प्रशंसकों को संबोधित करते हुए इसमें लिखा गया था, उनकी सेवाओं, काम पूरी करने की क्षमता और विनम्रता का सम्मान करें. उसमें कहा गया था कि अगर आप किसी साफ आसमान वाली रात को टहलने निकलें और चांद को अपने सामने मुस्कुराते देखें तो नील आर्मस्ट्रॉन्ग के बारे में सोचें और उन्हें एक बार आंख मारें.

आर्मस्ट्रॉन्ग के परिवार को दिए गए थे 41 करोड़ से ज्यादा रुपये
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक निजी तौर पर 82 साल के इस महान इंसान की मौत पर उनके परिवार की प्रतिक्रिया काफी अजीब थी. उनके दो बेटों ने आरोप लगाया था कि सर्जरी के बाद हॉस्पिटल में सही से देखभाल न होने के चलते मून मैन की मौत हुई. उन्होंने यह आरोप मर्सी हेल्थ-फेयरफील्ड हॉस्पिटल पर लगाए थे. यहां तक कि एक जानकार ने भी कहा था कि हॉस्पिटल की गलती के चलते आर्मस्ट्रॉन्ग की जान गई. चांद पर जाने वाले पहले आदमी नील आर्मस्ट्रॉन्ग के बेटे ने कहा था कि उनकी सर्जरी होने के बाद ‘मून मैन’ की सही ढंग से देखभाल नहीं की गई, जिसके चलते उनकी मौत हो गई. हालांकि हॉस्पिटल ने इस बात का विरोध किया था लेकिन अंतत: हॉस्पिटल ने आर्मस्ट्रॉन्ग के परिवार को आपस में यह मामला सुलझाने के लिए 6 मिलियन डॉलर यानी करीब 41 करोड़ से भी ज्यादा रुपये दिए थे.

अब सामने आए कागजातों से पता चला है कि हॉस्पिटल ने इन आरोपों का विरोध किया था और अपना बचाव किया था लेकिन 6 मिलियन डॉलर यानी 41 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम परिवार को देकर निजी तौर पर इस मामले को निपटा लिया था. साथ ही पता चला है कि हॉस्पिटल ने इन शिकायतों और समझौते को सीक्रेट रखने की सिफारिश भी की थी. 
बता दें कि अगस्त, 2012 की शुरुआत में नील आर्मस्ट्रॉन्ग की बाईपास सर्जरी हुई थी. उनकी पत्नी ने एसोसिएटेड प्रेस को बाद में बताया था कि वो आश्चर्यजनक तरीके से सुधार कर रहे थे और गलियारे में टहल रहे थे. लेकिन जब नर्सों ने उनका एक अस्थायी पेसमेकर निकाल दिया तो उनके दिल के आसपास की झिल्ली से खून बहने लगा. जिसके बाद उन्हें कई सारी समस्याएं होने लगीं और अंतत: 25 अगस्त को उनकी मौत हो गई.

थोड़ी एहतियात से टाली जा सकती थी आर्मस्ट्रॉन्ग की मौत
न्यूयॉर्क टाइम्स अख़बार ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आर्मस्ट्रॉन्ग की मौत से जुड़े वाकयों को जानने के बाद कई सारे जानकारों ने दावा किया है कि इस मौत को पूरी तरह से रोका जा सकता था. 2004 में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की बाईपास सर्जरी करने वाले डॉ. क्रेग स्मिथ ने कहा है कि आमतौर पर रोगियों में जब सीने के अंदर दिल से पेसमेकर निकाले जाने के बाद खून बहने की घटनाएं सामने आई हैं तो उन रोगियों को तुरंत ऑपरेशन रूम में ले जाया जाता है और ज्यादातर मामले में रोगियों को बचा लिया जाता है.

शिवलिंग और ज्योतिर्लिंग में क्या है अंतर, क्या आप जानते है, पढ़ें पूरी ख़बर

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दुनिया के हर कोने में भगवान शिव के भक्तगण बहुत ही देखने को मिलते हैं। सावन के महीने में भोलेनाथ की आराधना करने से व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती हैं। इसके साथ ही व्यक्ति को मनचाहा वरदान मिलता है। कहते हैं कि सावन के पूरे माह में शिवलिंग की पूजा करने से सारे पाप धूल जाते हैं। तो वहीं अगर हम बात करें ज्योतिर्लिंग के पूजन के बारे में तो उसकी पूजा से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। लेकिन क्या किसी ने ज्योतिर्लिंग और शिवलिंग के बारे में ये जानने की कोशिश की है कि उनमें क्या फर्क है। बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो ज्योतिर्लिंग और शिवलिंग को एक समान ही मानते हैं। लेकिन हम बता दें कि इन दोनों में बहुत ही अंतर होता है। ऐसे में अगर आप भी नहीं जानते इनके अंतर के बारे में तो आइए जाने विस्तार से।

शिवपुराण में एक कथा है, जिसके अनुसार एक बार सृष्टिकर्ता ब्रह्मा और जगतपालक विष्णु में विवाद हुआ कि उनमें श्रेष्ठ कौन है? तब उन दोनों का भ्रम समाप्त करने के लिए शिव एक महान ज्योति स्तंभ के रूप में प्रकट हुए, जिसकी थाह ये दोनों देव नहीं पा सके। इसी को ज्योतिर्लिंग कहा जाता है। वहीं जूसरी ओर लिंग का अर्थ होता है प्रतीक, यानि शिव के ज्योति रूप में प्रकट होने और सृष्टि के निर्माण का प्रतीक। ज्योतिर्लिंग सदैव स्वयंभू होते हैं जबकि शिवलिंग मानव द्वारा स्थापित और स्वयंभू दोनों हो सकते हैं।

हिंदू धर्मग्रंथों में शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों का उल्लेख मिलता है। जहां-जहां ये शिव ज्योतिर्लिंग स्थापित हैं, आज वहां भव्य शिव मंदिर बने हुए हैं। चलिए जानते हैं उनके बारे में।

सोमेश्वर या सोमनाथ : यह प्रथम ज्योतिर्लिंग माना जाता है, जो गुजरात के सौराष्ट्र प्रदेश में स्थित है। इसे प्रभास तीर्थ भी कहते हैं।

श्रीशैलम मल्लिकार्जुन : यह आन्ध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में श्रीशैल नामक पर्वत पर स्थित है। इसे दक्षिण का कैलाश भी माना गया है।

महाकालेश्वर : यह मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित है। इसे प्राचीनकाल में अवन्तिका या अवंती कहा जाता था।

ओंकारेश्वर : यह ज्योतिर्लिंग भी मध्य प्रदेश में है। राज्य के मालवा क्षेत्र में स्थित यह ज्योतिर्लिंग नर्मदा नदी के तट पर स्थित है।

केदारेश्वर : यह शिव ज्योतिर्लिंग उत्तराखंड में हिमालय की चोटी पर विराजमान श्री केदारनाथजी या केदारेश्वर के नाम से विख्यात है। श्री केदार पर्वत शिखर से पूर्व में अलकनन्दा नदी के किनारे भगवान बद्रीनाथ का मन्दिर है।

भीमाशंकर : महाराष्ट्र में स्थित है यह ज्योतिर्लिंग भीमा नदी के किनारे सहयाद्रि पर्वत पर हैं। भीमा नदी इसी पर्वत से निकलती है।

विश्वेश्वर : वाराणसी या काशी में विराजमान भूतभावन भगवान श्री विश्वनाथ या विश्वेश्वर महादेव को सातवां ज्योतिर्लिंग माना गया है।

त्र्यम्बकेश्वर : भगवान शिव का यह आठवां ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के नासिक जिले में ब्रह्मगिरि के पास गोदावरी नदी के किनारे स्थापित है।

वैद्यनाथ महादेव : इसे बैजनाथ भी कहते हैं। यं नौवां ज्योतिर्लिंग है, जो झारखण्ड राज्य देवघर में स्थापित है। इस स्थान को चिताभूमि भी कहा गया है।

नागेश्वर महादेव : भगवान शिव का यह दसवां ज्योतिर्लिंग बड़ौदा क्षेत्र में गोमती द्वारका के समीप है। इस स्थान को दारूकावन भी कहा जाता है। इस ज्योतिर्लिंग लेकर कुछ विवाद भी है। अनेक लोग दक्षिण हैदराबाद के औढ़ा ग्राम में स्थित शिवलिंग का नागेश्वर ज्योतिर्लिंग मानते हैं।

रामेश्वरम : श्री रामेश्वर एकादशवें ज्योतिर्लिंग है. इस तीर्थ को सेतुबन्ध तीर्थ कहा गया है। यह तमिलनाडु में समुद्र के किनारे स्थपित है।

घुष्मेश्वर : इस द्वादशवें ज्योतिर्लिंग को घृष्णेश्वर या घुसृणेश्वर के नाम से भे जाना जाता है। यह महाराष्ट्र राज्य में दौलताबाद से लगभग 18 किलोमीटर दूर बेरूलठ गांव के पास स्थित है।

सरकार का दावा – नहीं मिले 500-2000 रुपये के नकली नोट, नोटबंदी के बाद भारत को मिली सबसे बड़ी सफलता

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केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने दावा किया है कि नोटबंदी (8 नवंबर-2016) के बाद 1000 और 500 रुपये के पुराने नोटों की वैधता वापस लेने के बाद 2019 की शुरुआत तक 2000 और 500 रुपये के जाली करेंसी नोटों की जब्ती के मामले की कोई सूचना नहीं है. जाली करेंसी के संबंध में सांसद खगेन मुर्मू एवं विनोद कुमार सोनकर की ओर से पूछे गए लिखित सवाल के जवाब में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह दावा किया. उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक द्वारा बताए गए आंकड़ों एवं पुलिस एजेंसियों द्वारा की गई जब्ती से यह पता चलता है कि देश में जाली भारतीय करेंसी नोटों के चलन में कमी का रुझान है.

माल्दा क्षेत्र है नकली नोटों का बड़ा स्रोत

मंत्री के मुताबिक पश्चिम बंगाल पुलिस ने सूचित किया है कि भारत-बांग्लादेश सीमा, विशेष रूप से माल्दा क्षेत्र से जाली भारतीय करेंसी नोटों आ रहे थे. ऐसे सभी नोट घटिया किस्म के थे, जो कंप्यूटर से बने हुए थे. सांसदों ने पूछा है कि पिछले चार साल में जाली नोटों से देश की अर्थव्यवस्था को कितना नुकसान हुआ है. जवाब में मंत्री ने कहा है कि कोई उल्लेखनीय घाटा होना प्रतीत नहीं होता.

मंत्री बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 1 जुलाई, 2019 के पत्र के मुताबिक काउंटर या बैंक आफिस/तिजोरी में मिले जाली नोटों को ग्राहक के खाते में जमा नहीं किया जाएगा.>> आरबीआई ने सभी बैंकों को सलाह दी है कि वे अपनी सभी शाखाओं में कटे-फटे व खराब नोटों को स्वीकार करें. फाइनेंस और भुगतान बैंक (पेमेंट बैंक) कटे-फटे और खराब नोटों की अपने विवेक से अदला-बदली कर सकते हैं.

जाली नोटों का चलन रोकने के लिए इंतजाम-
सरकार ने देश में जाली नोटों की तस्करी और चलन रोकने के लिए केंद्र-राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच जानकारी साझा कराने का फैसला लिया है. इसके लिए गृह मंत्रालय ने जाली भारतीय करेंसी नोट समन्वय समूह गठित किया है.

सरकार ने देश में जाली नोटों की तस्करी और चलन रोकने के लिए केंद्र-राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच जानकारी साझा कराने का फैसला लिया है. इसके लिए गृह मंत्रालय ने जाली भारतीय करेंसी नोट समन्वय समूह गठित किया है.

आतंकी गतिविधियों के फाइनेंस और जाली करेंसी के मामलों की छानबीन करने के लिए एनआईए में एक विंग का गठन किया गया है. जाली नोटों की तस्करी और परिचालन रोकने के लिए भारत और बांग्लादेश के बीच एक समझौता हुआ है.

जो भी गया वो फिर कभी वापस लौटकर नहीं आया, ये है भारत की सबसे रहस्यमयी झील

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भारत और म्यांमार की सीमा के पास एक झील है, जिसका नाम लेक ऑफ नो रिटर्न है. यह झील रहस्यमयी घटनाओं की वजह से दुनिया भर में मशहूर है. ऐसा कहा जाता है कि जो भी इस झील के पास गया, वह कभी लौट कर नहीं आया. यह झील अरुणाचल प्रदेश में स्थित है.

ऐसा बताया जाता है कि जब द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिकी विमान के पायलटों ने इसे समतल जमीन समझकर आपातकालीन लैंडिंग करवाई थी तो वह जहाज पायलटों सहित रहस्यमई तरीके से गायब हो गया था, जो आज तक नहीं मिला. इसके बाद यहां अमेरिकी सैनिकों को झील और गायब होने वाले जहाज और पायलटों का पता लगाने के लिए भेजा गया, लेकिन वह अमेरिकी सैनिक कभी भी वापस लौट कर नहीं आ पाए.

इस झील से जुड़ी एक और कहानी है कि जब द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापानी सैनिक वापस लौट रहे थे तो वो रास्ता भटक गए. रास्ता भटकने के बाद वे इस झील के पास पहुंचे, जहां मौजूद रेत में वह धस गए और हमेशा के लिए गायब हो गए. यहां लोग घूमने के लिए आते रहते हैं. लेकिन कोई भी इस झील के अंदर नहीं जाता. इस झील के रहस्य का पता लगाने के लिए काफी कोशिशें की गई. लेकिन अभी तक कोई भी झील के रहस्य का पता लगाने में कामयाब नहीं हो पाया है.

राहुल महाजन की तीसरी दुल्हन की उम्र इतनी छोटी की अंदाज़ा लगाना भी मुश्किल

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राहुल महाजन की तीसरी बीवी का नाम नतालया इलियाना है। यहां गौर करने वाली बात ये है कि राहुल महाजन ने जब नतालिया से शादी की तो उनकी उम्र 25 साल की थी और राहुल उनसे 18 साल बड़े हैं ।वहीं मुंबई के मालाबार हिल्स में करीबी रिश्तेदारों और दोस्तों के बीच राहुल ने शादी की थी। इसके बाद राहुल ने खुद अपनी शादी की जानकारी मीडिया को दी थी।

बतादें की शादी के दौरान राहुल ने कहा था की मैं पिछले डेढ़ साल से नतालया को जानता हूं लेकिन हाल ही में हम दोनों करीब आए। जहां 3 महीने पहले हमने एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया था। लेकिन हम दोनों साथ में बहुत अच्छे दिखते हैं। मैं 6’2′ का हूं और वह 5’10’ की है। वो अपना बिजनेस शुरू करना चाहती है।

खबरो के मुताबिक राहुल महाजन ने आगे कहा था, ‘मैं उसके साथ हूं। परिवार और सुख-शांति ज्यादा जरूरी है। इससे पहले मेरी दो शादियां बहुत जल्दी हो गई थीं। अब मैंने सोच-समझ कर ये फैसला लिया है। वहीं मैं नहीं चाहता था कि लोग फिर से गॉसिप करें इसलिए शादी प्राइवेट रखी। मैंने सोचा था कि अपनी पहली मैरिज एनिवर्सरी पर रिवील करूंगा लेकिन ऐसा हो नहीं हो पाया।

दरअसल इससे पहले राहुल 2 शादियां कर चुके हैं। राहुल की पहली शादी श्वेता सिंह से हुई थी जो उनकी बचपन की दोस्त थी। प्रोफेशन से श्वेता पायलट थीं। श्वेता ने राहुल पर मारने-पीटने का आरोप लगाया था। श्वेता के साथ राहुल ने 11 साल पहले तलाक लिया था और इसी के बाद वो बिग बॉस में नजर आए थे ।

राहुल का नाम बिग बॉस के अंदर पायल रोहतगी और मोनिका बेदी से जुड़ा था। जहां इसके बाद राहुल ने एनडीटीवी इमेजिन के शो ‘राहुल का स्वंयवर’ के जरिए डिंपी गांगुली से शादी की थी। लेकिन कुछ महीने बाद डिम्पी ने उनपर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था। शादी के चार महीने बाद ही दोनों अलग हो गए ।

रेल मंत्री ने कहा-भारतीय रेलवे को मिलने वाली है एक बड़ी कामयाबी, नहीं बढ़ेगा ट्रेन का किराया

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भारतीय रेलवे को जल्द एक बड़ी कामयाबी मिलने वाली है. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने संसद को बताया है कि कड़े प्रयासों के चलते अगले दस साल के अंदर भारतीय रेलवे के ‘ग्रीन रेलवे’ बन जाएगी है. साथ ही, उन्होंने कहा कि डीज़ल पर सेस बढ़ने के बावजूद ट्रेन टिकट की कीमतें नहीं बढ़ेंगी. पीयूष गोयल ने शुक्रवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल में बताया है कि साल 2022 तक देश में सभी ब्रॉडगेज रेल लाइन का इलेक्ट्रिफिकेशन हो जाएगा. उन्होंने बताया कि रेल सेवा का संचालन सौ फीसदी बिजली से करने के बाद भी सीमावर्ती इलाकों और आपात स्थिति में डीजल से चलने वाली रेल सेवा बरकरार रहेगी. इसमें भी डीजल की जगह बायोडीजल का इस्तेमाल सुनिश्चित किया जायेगा.

नहीं बढ़ेगा ट्रेन टिकट का किराया- पीयूष गोयल ने एक सवाल के जवाब में संसद को बताया है कि बजट में डीजल पर लगाए गए सेस की वजह से भी ट्रेन टिकट के दाम नहीं बढ़ेंगे. इसकी कीमत बढ़ने से यात्री किराया बढ़ने की संभावनाओं को खारिज कर दिया.

उन्होंने कहा कि रेलवे की डीजल खपत तेजी से घटी है. क्योंकि ज्यादातर जगहों पर इलेक्ट्रिक लाइन बिछ गई है.

>> ऐसे में लगातार बिजली के बढ़ते यूज की वजह से डीजल की खपत में तेजी से गिरावट आ रही है, इसलिए किराये में बढ़ोतरी की कोई आशंका नहीं है.

>> इसके अलावा रेलवे अपनी खाली पड़ी जमीन पर सौर ऊर्जा संयत्र लगा रहा है. इससे अतिक्रमण की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी और ऊर्जा जरूरत की पूर्ति में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ेगा.>> इन सभी प्रयासों के दम पर मैं यह महत्वपूर्ण घोषणा कर सकता हूं कि दस साल के भीतर भारतीय रेलवे दुनिया की पहली सौ फीसदी प्रतिशत ‘ग्रीन रेलवे’ हो जाएगी.

>> जब वो मंत्री बने थे तब दिल्ली आने वाली 50 फीसदी ट्रेन डीजल पर चल रही. गोयल का कहना है कि अब रेलवे ऐसे प्लान पर काम कर रहे हैं जिससे भविष्य में दिल्ली आने वाली सभी ट्रेन बिजली पर चले.

जानिए कौन सा कुकिंग ऑइल है सेहत के लिए अच्छा

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 सब्जी या पूड़ी पराठा बनाने के लिए अमूमन कुकिंग ऑइल का इस्तेमाल किया जाता है. बाजार में कई प्रकार और क्वालिटी के कुकिंग ऑइल उपलब्ध हैं, आप अपनी जरूरत के मुताबिक उनकी खरीददारी कर सकते हैं. लेकिन कुकिंग ऑइल खरीदने से पहले अगर आप यह जान लें कि कौन सा कुकिंग ऑइल आपकी सेहत के लिए बेहतर होगा और कौन सा सेहत के लिहाज से इस्तेमाल के योग्य नहीं है तो अच्छा रहेगा. आइए जानते हैं कि कौन सा कुकिंग ऑइल हैं बेहतर…

सेहत के लिहाज से ऑलिव ऑइल को काफी बेहतर माना जाता है. यह ह्रदय रोग से लड़ने में और अल्जाइमर जैसी बीमारियों और यादाश्त को बेहतर करने के लिए भी बेहतर माना जाता है. साथ ही इस तेल का इस्तेमाल करने से वजन भी नियंत्रित रहता है.

कच्ची घानी तेल, सरसों के तेल को कहा जाता है. यह तेल प्राकृतिक गुणों से भरपूर होता है और स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा माना जाता है. यह पचने में आसान होता है साथ ही इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं. यह स्किन के लिए भी बेहतर माना जाता है. इसे भी पेट की चर्बी छुपाने में मदद करेंगे ये कपड़े 

सूरजमुखी का तेल: इस तेल में विटामिन E प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. इसके साथ ही इसमें पोषण देने वाले कई अन्य तत्व भी होते हैं. विटामिन E बालों को पोषण पहुंचता है. इस लिहाज से यह तेल बालों के लिए बेहतर है. यह तेल ह्रदय के लिए तो फायदेमंद है ही साथ ही इसमें मौजूद पॉलीअनसैचुरेटिड बॉडी में गुड कोलेस्ट्रॉल बरक़रार रखने में मदद करते हैं.