अमेरिका के मियामी में प्लेन के अंदर का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. प्लेन के अंदर महिला ने अपने पति के सिर पर लैपटॉप दे मारा, क्योंकि वह दूसरी लड़कियों की तरफ देख रहा था. यह घटना रविवार 21 जुलाई की है.
प्लेन मियामी से लॉस एंजिलिस जा रहा था. घटना उस वक्त हुई जब वह टेक ऑफ करने वाला था. वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला एक शख्स पर जोर-जोर से चिल्ला रही है और उसे मारने की धमकी दे रही है. शख्स को उसका पति बताया जा रहा है.
पुलिस ने बताया कि महिला का नाम टिफनी मैकमोरे है. वीडियो में नजर आ रहा है कि फ्लाइट अटैंडर मामले को शांत करने की कोशिश कर रही, लेकिन महिला पर इसका असर नहीं हो रहा. इसके बाद उसका पति उठकर बाहर निकल जाता है.
पति के उठते ही महिला उसके पीछे गई और लेपटॉप से उसके सिर पर मारा. महिला को जब बताया गया कि उस पर मारपीट का मामला दर्ज किया जा सकता है तो वह ठीक है कोई बात नहीं कहते हुए बैठ गई.
पुलिस ने बताया कि इस विवाद के शुरू होने से पहले महिला शराब पीते हुए नजर आई थी.
बिहार के मधुबनी जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब आसमान में गड़गड़ाहट की आवाज के साथ जलता हुआ पत्थर खेत में आ गिरा. चारों तरफ धुआं ही धुआं, खेत में काम कर रहे किसान डर कर भागे. थोड़ी देर बाद जब धुआं छटा तो किसान वापस अपने खेतों की तरफ लौटे. पास जाकर देखा तो चार फीट गहरा गढ्डा हो गया था, उसमें बड़ी बॉल के आकार का पत्थर पड़ा था, वह काफी गर्म था. ठंडा होने पर लोगों ने उसे बाहर निकाला. यह खबर आग की तरह फैली और सूचना पर प्रशासन मौके पर पहुंचा. जिसे ग्रामीण पत्थर समझ रहे थे वह असल में एक उल्का पिंड निकला. मधुबनी के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट श्रीसात कपिल अशोक ने कहा कि जिस समय उल्का पिंड गिरा किसान खेतों में काम कर रहे थे और आवाज सुनकर सभी दहशत में आ गए.
चमकीला है उल्का पिंड अशोक ने बताया कि उल्कापिंड की चुंबकीय विशेषता भी है. यह हल्का चमकीला है और इसका कुल वजन 15 किलो है. इस घटना की जानकारी मिलने पर वैज्ञानिक मौके पर पहुंचे और उल्कापिंड को कब्जे में लेकर जहां पर उल्कापिंड गिरने के कारण गढ्डा हुआ था उसकी भी जांच की. इसके बाद उल्का पिंड को पटना भेज दिया गया. जहां पर इसे पटना के म्यूजियम में रखा गया है. बिहार के मुख्यमंत्री नितिश कुमार ने भी म्यूजियम में जाकर उल्कापिंड को देखा और वैज्ञानिकों से इस संबंध में जानकारी ली.
इससे पहले 2016 में यह दावा किया गया था कि एक बस ड्राइवर की मौत के लिए आसमान से गिरा उल्कापिंड जिम्मेदार था. इस हादसे में तीन लोग घायल हो गए थे. वहीं 2013 की फरवरी में रूस के उराल पर्वत पर एक बड़ा उल्का पिंड गिरा था. जिसके बाद यह पर भूकंप आ गया था. इस दौरान 1200 लोग घायल हो गए थे और हजारों की संख्या में इमारतों को नुकसान पहुंचा था.
हर किसी के घर में तांबे और पीतल के बर्तन रखे होते हैं लेकिन आजकल इसका इस्तेमाल बस पूजा के लिए किया जाता हैं परंतु पहले के समय में लोग तांबे और पीतल के बर्तनों में खाना बनाते और खाते थे| ऐसे में आपके घर के में भी बहुत सारे पुराने तांबे और पीतल आदि के बर्तन पड़े होंगे और वो रखे-रखे काले पड़ गए होंगे| ऐसे में उन्हें साफ करना बहुत मेहनत का काम हैं, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे पेस्ट के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे आप घर पर बना सकते हैं और इसका इस्तेमाल करके आप अपने काले पड़े तांबे और पीतल के बर्तन को एकदम नए जैसा बना सकते हैं|
इस पेस्ट को बनाने के लिए सबसे पहले एक बाउल में आटा, नमक, डिटर्जेंट पावडर डालकर अच्छे से मिला ले| अब इसके अंदर नींबू का रस डालकर अच्छे से मिला ले, जब नींबू का रस अच्छे से मिल जाए तो इसमें सिरका डालकर हाथों से मिला ले, अब इसमें मीठा सोडा डालकर मिला ले, सभी सामग्री को एक-एक करके डाले| जब सभी सामग्री मिल जाए तो इसके अंदर लाल रंग का फूड कलर डाल दे, आप पेस्ट को ना ही ज्यादा गाढ़ा और ना ही ज्यादा पतला बनाए, सभी सामग्री के डालने के बाद भी यदि आपका पेस्ट गाढ़ा बनाता हैं तो इसे पतला करने के लिए आप इसमें पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं| आप इसे पावडर के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं, पावडर की तरह इस्तेमाल करने के लिए आप इसमें पानी ना मिलाये|
इस्तेमाल कैसे करे
अब आप अपने घर के गंदे तांबे और पीतल के बर्तन ले और इसके ऊपर इस पेस्ट को लगाकर कुछ देर के लिए रख दे| जब यह सुख जाए तो इसे किसी भी स्क्रबर से हल्का रगड़ कर साफ कर ले और अब इसे पानी से धो ले| अब एक कॉटन का कपड़ा ले और तांबे या पीतल के बर्तन को अच्छे से रगड़ कर पोंछ ले|
हिमाचल पुलिस ने दो महिलाओं को 9.875 किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया है. मामला हिमाचल के कुल्लू जिले का है. मणिकर्ण मार्ग में एसआईयू की टीम ने इन महिलाओं को दबोचा है. इनके कब्जे से भारी मात्रा में चरस मिली है.
बस में मणिकर्ण जा रही थी महिलाएं एसपी कुल्लू गौरव सिंह ने बताया कि एसआईयू की टीम ने भुंतर मणिकर्ण मार्ग में सिउंड के पास नाका लगाया हुआ था. हरिद्वार से मणिकर्ण आ रही एचआरटीसी की नाहन डिपो की बस को तलाशी के लिए रोका गया. उसमें बैठी दो नेपाली मूल की महिलाओं की तलाशी लेने पर 9 किलो 875 ग्राम चरस बरामद की है. उन्होंने बताया कि नेपाली मूल की महिलाओं में 33 वर्षीय सपना को 4 किलो 850 ग्राम चरस और 30 वर्षीय रानी से 5 किलो 24 ग्राम चरस बरामद की गई है. उन्होंने बताया कि पुलिस ने दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर चरस को कब्जे में ले लिया है. उन्होंने बताया कि पुलिस इस मामले की छानबीन करने में जुट गई है कि महिलाएं इस चरस की खेप को कहां से लाई थी और कहां ले जा रही थी. इन महिलाओं के तार कहां-कहां और किन-किन लोगों के साथ जुडे़ हुए हैं, पुलिस इसकी तहकीकात करने में जुट गई है.
आप सभी जानते ही होंगे कि एक समय ऐसा भी था जब लोग खुले में, नदी में, तालाब में स्नान किया करते थे. जी हाँ, एक ऐसा समय जब महिलाएं भी खुले में स्नान करती थीं और उन्हें किसी की कोई परवाह नहीं होती थी. वहीं अब स्नान करने के लिए आधुनिक स्नान घर बनवाए जा रहे हैं और उसे पूरी तरह गोपनीय बनाया जा रहा है. हम भी इस बात से वाकिफ है कि हममें से अधिकतर लोग पूरे कपड़े उतार कर स्नान करना पसंद करते हैं, लेकिन पद्मपुराण में निर्वस्त्र होकर स्नान करना वर्जित माना गया है और साथ ही इसके कई नुकसान भी बताए गए हैं. जी हाँ, वहीं आज हम इस बारे में बताने जा रहे हैं.
कपड़े उतारकर नहाने के नुकसान: कहा जाता है पद्मपुराण में चीर हरण की कथा का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि ”गोपियां अपने वस्त्र उतारकर स्नान करने जल में उतर जाती थीं। भगवान श्री कृष्ण अपनी लीला से गोपियों के वस्त्र चुरा लेते थे और जब गोपियां वस्त्र ढूंढती थी तब उन्हें नहीं मिलते थे.
आसमान में उड़ते पक्षियों, ज़मीन पर चलने वाले जीवों और जल में मौजूद जीवों ने भी तुम्हे निर्वस्त्र देखा और केवल इतना ही नहीं, जल में नग्न होकर प्रवेश करने से जल रूप में मौजूद वरुण देव ने भी तुम्हे नग्न देखा तो यह उनका अपमान है. इसी के साथ आपके पितर यानी आपके पूर्वज आपके आस-पास होते हैं और वस्त्रों से गिरने वाले जल को वह ग्रहण करते हैं, जिनसे उनकी तृप्ति होती है। ऐसे में निर्वस्त्र स्नान करने से पितर अतृप्त होकर नाराज़ होते हैं और आपको बड़े नुकसान झेलने पड़ सकते हैं.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 48 घंटे के दौरान राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले 10 से 12 दिनों में देश के ज्यादातर इलाकों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है. वहीं, देश के कुछ राज्यों में अगले कुछ घंटे भारी बारिश के रहेंगे. कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. आपको बता दें कि देशभर में 1 जून से 24 जुलाई तक सामान्य से 19 फीसदी कम बारिश हुई है. मध्य भारत में सबसे कम बारिश हुई है.
यहां होगी भारी बारिश-भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि नॉर्थ इंडिया, वेस्टर्न हिमालयन रीजन और पश्चिमी भारत में भारी से भारी बारिश का अनुमान है.
इसमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, यूपी, झारखंड, बिहार, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू एंड कश्मीर और गुजरात सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे.
>> 1 से 7 अगस्त के बीच मध्य भारत के अलावा केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, जम्मू एंड कश्मीर, लक्षदीप और अंडमान में अच्छी बारिश होने का अनुमान है. इसके अलावा देश के दूसरे हिस्सों में भी बारिश होती रहेगी.
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून पश्चिम बंगाल और उत्तर भारत के आस पास के इलाकों में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है जो मिड-ट्रोपोस्फेरिक लेवल तक फैला है. इसके चलते पश्चिम बंगाल और आस पास के इलाकों में कम दबाव का क्षेत्र बन गया है.
>> एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आस पास के इलाकों में बना है. दूसरी ओर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का भी असर मानूसन पर पड़ रहा है, जिससे अगले कुछ दिन मानसून के जोरदार बारिश के संकेत है.
>> भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, देश में अबतक सामान्य से 19 फीसदी कम बारिश हुई है. >> मध्य भारत में सामान्य से 22 फीसदी कम बारिश हुई है. >> उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य से 21 फीसदी कम बारिश हुई है. >> पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश हुई है. >> दक्षिण भारत में सामान्य से 21 फीसदी कम बारिश हुई है.
आमतौर पर अगर देखा जाये तो हम बाजार अपनी आवश्यकता की चीजें खरीदने के लिए जाते हैं। लेकिन, क्या आप यह सोच सकते हैं कि किसी बाजार में दुल्हन भी बिकती हों। जी हां, बुल्गारिया में स्टारा जागोर नामक जगह में हर तीन साल में एक बार दुल्हनों का बाजार सजता है। यहां आकर दूल्हा अपनी मनपसंद दुल्हन को खरीदकर उसे अपनी पत्नी बना सकता है। यह मेला उन गरीब लोगों द्वारा लगाया जाता है, जिनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे बेटी की शादी का खर्च उठा सकें।
दुनिया में कई तरह के देश हैं और उनके रीति रिवाज भी सभी देशों से अलग-अलग होते हैं। ऐसे में अगर हम एक देश की परंपरा के बारे में बताएंगे तो आप चौंकिएगा नहीं। दरअसल, दक्षिण पूर्व यूरोप में बुल्गारिया में एक बाजार लगता है जो कुवांरे लड़को के लिए दुनिया में सबसे बेहतर जगह है।
इस दुनिया का हर देश किसी ना किसी खास चीज के लिए फेमस है। यह देश इसी कारण से फेमस है। इस देश में लगने वाले बाजार में दुल्हन को बेचा जाता है आप को सुनने में यह थोरा अटपटा जरूर लगेगा लेकिन यहां पर हर कोई अपने पसंद की दुल्हन से शादी कर उसे अपनी पत्नी बना सकता है। बुल्गारिया पर्यटन स्थल के लिए भी बहुत अधिक प्रसिद्ध है। लेकिन इस बाजार के लिए भी यह दुनिया में प्रसिद्ध है। बुल्गारिया में यह बाज़ार स्टारा जागोर नाम की जगह पर सजता है। यह बाजार हर तीन साल बाद लगाया जाता हैं यहां पर आकर दूल्हा अपनी पंसद की दुल्हन को खरीदकर उसे अपनी पत्नी बना सकता है। बिकने वाली दुल्हनों में लगभग हर उम्र की लड़कियां-महिलाएं शामिल होती हैं।
देखा जाये तो इस बाजार में वही परिवार होते हैं, जो अपनी लड़कियों की शादी करने के लिए आर्थिक रूप से बहुत कमजोर होते हैं और वो शादी का खर्चा उठाने में असमर्थ होते है। वहीं आमतौर पर लड़के वाले दहेज लेते हैं, लेकिन यहां रिवाज उल्टा है। यहां लड़के वालों को लड़की के परिवार को पैसे भी देने पड़ते हैं। यह मेला ऐसे गरीब परिवारों द्वारा लगाया जाता है, जिनकी आर्थिक हालात ठीक नहीं होते और वे अपने बेटी की शादी का खर्च नहीं उठा सकें। बता दे कि, यह मेला बुल्गारिया के कलाइदझी समुदाय द्वारा लगाया जाता है।इस बाजार में आने वाला दूल्हा पहले अपनी मनपंसद लड़की चुन सकता है और फिर लड़की से बात करने का मौका भी दिया जाता है।
दूल्हन पसंद आने पर दूल्हा उसे अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार करता है फिर लड़की के परिवार के साथ मोल-भाव करने के बाद लड़के का परिवार लड़की वालों को तय रकम देता हैं।इस बाजार की खूबी है कि केवल इस समुदाय के अलावा कोई बाहरी व्यक्ति दुल्हन नहीं खरीद सकता है।
इस बाजार में कोई भी दुल्हन अकेले नहीं आतीं है उनके साथ उनके परिवार का कोई न कोई सदस्य जरूर होता है। इस नियम का पालन सख्ती से होता है। दूल्हन खरीदनें का यह चलन कई सालों से चला आ रहा है और इस पर अभी तक कोई कानूनी रोक भी नहीं लगाया गया है।
भारत के 11 वें राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम उन राष्ट्रपतियों में से रहे हैं, जिन्हें जनता का सबसे ज्यादा प्यार मिला. जब वो वैज्ञानिक थे, तब भी देशसेवा में उनके योगदान के लिए जनता ने उन्हें सिर आंखों पर बिठाया और जब वो राष्ट्रपति बने तो सर्वोच्च पद पर आसीन एक सादगी पसंद शख्स की जनता कायल हो गई. 27 जुलाई 2015 को कलाम साहब का निधन हो गया. उन्हें उनकी खूबियों की वजह से आज भी उतनी ही शिद्दत से याद किया जाता है. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर, 1931 को भारत के दक्षिणी राज्य तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था. उनका पूरा नाम अबुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम था. एक मछुआरे घर में जन्मे कलाम साहब का बचपन बेहद अभावों में बीता. गणित और भौतिक विज्ञान उनके फेवरेट सब्जेक्ट थे. पढ़ाई से कलाम साहब को इतना लगाव था कि वो बस स्टैंड पर अखबार बेच कर अपना खर्च निकाला करते थे.
जब एयरफोर्स की परीक्षा में फेल हो गए कलाम साहब अब्दुल कलाम का सपना इंडियन एयरफोर्स जॉइन करने का था. भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले 25 में से 8 उम्मीदवारों का चयन होना था. कलाम साहब नौवें स्थान पर रहे. उनका सपना तो टूट गया, लेकिन नियति में कुछ और ही बड़ा लिखा था. कलाम साहब को किसी और तरीके से देशसेवा करनी थी. उन्हें देश का रत्न बनना था, ताकि बरसों तक उन्हें याद रखा जा सके.
मद्रास इंजीनियरिंग कॉलेज से उन्होंने एयरोनॉटिकल साइंस की पढ़ाई की. 1962 में उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो में नौकरी शुरू की. उनके निर्देशन में भारत ने अपना पहला स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान यानी पीएसएवी-3 बनाया और 1980 में पहला उपग्रह रोहिणी अंतरिक्ष में स्थापित किया गया.
अंतरिक्ष अनुसंधान और मिसाइल टेक्नोलॉजी पर कलाम साहब ने खूब काम किया. उस दौर में मिसाइलों का होना उस देश की ताकत और आत्मरक्षा का पर्याय माना जाने लगा था. लेकिन दुनिया के ताकतवर देश अपनी मिसाइल टेक्नोलॉजी को भारत जैसे देश के साथ साझा नहीं कर रहे थे. भारत सरकार ने अपना स्वदेशी मिसाइल कार्यक्रम शुरू करने का फैसला किया. इंटीग्रेटेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम की जिम्मेदारी कलाम साहब के कंधों पर सौंपी गई.
कलाम साहब की अगुआई में ही भारत ने जमीन से जमीन पर मार करने वाली मध्यम दूरी की पृथ्वी मिसाइल, जमीन से हवा में काम करने वाली त्रिशूल मिसाइल, टैंक भेदी नाग जैसी मिसाइल बनाकर दुनिया में अपनी धाक जमाई. इसके बाद कलाम साहब ‘मिसाइल मैन’ के नाम मशहूर हो गए.
1992 से 1999 तक अब्दुल कलाम रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार रहे. उनके वैज्ञानिक सलाहकार रहते ही वाजपेयी की सरकार में पोखरण में परमाणु परीक्षण हुआ. इसमें कलाम साहब की भूमिका बेहद खास थी. उनकी इन्हीं उपलब्धियों के चलते उन्हें 1997 तक भारत रत्न समेत सभी नागरिक सम्मान मिल चुके थे.
साल 2002 उनकी जिंदगी में टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. साल 2002 में तत्कालीन राष्ट्रपति के. आर. नारायणन का कार्यकाल खत्म हो रहा था. उस वक्त वाजपेयी सरकार के पास इतना बहुमत नहीं था कि वह अपनी पसंद का राष्ट्रपति बनवा सकें.
ऐसे में समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव ने अब्दुल कलाम साहब का नाम आगे किया. इसे वाजपेयी सरकार ने हाथों हाथ लिया. कांग्रेस पार्टी के सामने मुश्किल स्थिति पैदा हो गई. पार्टी एक मुस्लिम समुदाय के मशहूर व्यक्तित्व के राष्ट्रपति पद की दावेदारी को खारिज करने का जोखिम नहीं उठा सकती थी. लेफ्ट पार्टियों ने भी कलाम साहब की उम्मीदवारी का समर्थन किया. इस तरह से वो देश के 11वें राष्ट्रपति बन गए.
कलाम साहब देश के पहले और इकलौते गैर राजनीतिक राष्ट्रपति थे. शायद इसलिए उन्हें जनता का भरपूर प्यार मिला. उनकी सादगी के किस्से काफी चर्चित रहे. वो डॉ राजेन्द्र प्रसाद के बाद दूसरे लोकप्रिय राष्ट्रपति माने जाने लगे.
राष्ट्रपति बनने के बाद पूरा किया बचपन का सपना
राष्ट्रपति बने रहने के दौरान भी उन्होंने सादगी और ईमानदारी को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाए रखा. राष्ट्रपति भवन में जब उनके रिश्तेदार मिलने आते तो उनके रहने का किराया वो अपनी जेब से चुकाते. राष्ट्रपति बनने के पहले ही साल उन्होंने रमजान के पाक महीने में होने वाली इफ्तार की दावत को बंद कर दिया. तय हुआ कि बजट की रकम को अनाथ बच्चों की चैरिटी में लगा दिया जाए.
कलाम साहब का फाइटर पायलट बनने का सपना तो पूरा नहीं हुआ. लेकिन साल 2006 में एक ऐसा मौका भी आया जब उन्होंने देश के सबसे एडवांस फाइटर प्लेन सुखोई-30 में बतौर को-पायलट 30 मिनट की उड़ान भरी. फाइटर प्लेन में बैठने वाले कलाम साहब देश के पहले राष्ट्रपति बने.
साल 2007 में अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करने का बाद कलाम साहब ने पद छोड़ दिया. 27 जुलाई 2015 को शिलांग में छात्रों को संबोधित करने के दौरान ही दिल का दौरा पड़ने के कारण उनका निधन हो गया. 83 साल के अपने जीवन में कलाम साहब ने कई अहम योगदान दिए. देशवासियों के दिल उनकी यादें हमेशा बसी रहेंगी.
राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डे के खिलाफ कांग्रेस के लेखराम साहू की याचिका में शुक्रवार को सुनवाई हुई. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्व में ही याचिका में सरोज पाण्डे को नोटिस जारी कर दिया गया था. सरोज पाण्डे ने नोटिस के जवाब प्रस्तुत करने के बजाय एक आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें कहा गया कि याचिका चलने योग्य नहीं है. इसलिए इसे प्राथमिक स्तर पर ही खारिज कर दिया जाए. सुनवाई में कोर्ट ने पूछा कि बताए की कैसे किन प्रावधानों के तहत ये आवेदन संतुष्ट करेगा. इसके बाद सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि ये मामला चलने योग्य है. सुनवाई में ही सरोज पाण्डे के अधिवक्ता ने अपने आवेदन को विड्रॉ कर लिया. बहस के बाद कोर्ट ने पाण्डे को याचिका का विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. अब मामले में 4 सप्ताह के बाद अगली सुनवाई होगी.
बता दें कि कांग्रेस प्रत्याशी लेखराम साहू ने हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर किया है. इसमे कहा गया है कि राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डे ने चुनाव के नॉमिनेशन के समय निर्वाचन आयोग को अपना गलत शपथपत्र दिया है. शपथपत्र में उन्होंने अपना पता मैत्री नगर भिलाई बताया है. इसके अलावा मतदाता सूची में दुर्ग शहर के भाग क्रमांक 166 में मतदाता क्रमांक 428 में नाम दर्ज होने की जानकारी दी है. जबकि मैत्री नगर भिलाई – दुर्ग ग्रामीण में आता है वहां उनके पिता रहते है.
सरोज पाण्डे दुर्ग शहर के जल विहार परिसर में पीएचई के बंगले में अवैध तरीके से रह रही है. सरोज के द्वारा बताया गया भाग क्रमांक जल परिसर का है और परिसर का बंगला राजेश मूणत के नाम पर आवंटित है. इसके अलावा सरोज पाण्डे ने अपने यूनियन बैंक ऑफ इंडियन के खाते की भी जानकारी नहीं दी है. पूरे मामले को लेकर लेखराम साहू ने सरोज पाण्डे के निर्वाचन को निरस्त कर उन्हें निर्वाचित घोषित करने की मांग याचिका में की है.
दिल्ली की सड़कों पर स्नैचिंग की वारदात आम हो गई है, साथ ही यह खबरें भी आम हो गई हैं कि स्नैचिंग में किसी युवक को गिरफ्तार किया गया हो. लेकिन अब दिल्ली पुलिस ने स्नैचिंग के आरोप में एक युवती को गिरफ्तार किया है. इस युवती ने सराय रोहिल्ला क्षेत्र में लोगों के लिए आफत खड़ी कर रखी थी. लेकिन अब सीसीटीवी की मदद से पुलस ने इस युवती और उसके साथ देने वाले एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी युवती की पहचान चांदनी के तौर पर हुई है और उसका साथ देने वाले युवक का नाम मोना है.
फोन छीना और हो गई सीसीटीवी में कैद गत 23 जुलाई को एक युवती ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई थी कि बस स्टैंड पर एक मोटरसाइकिल पर सवार युवती ने उसका फोन छीन लिया. उसने बताया कि मोटरसाइकिल एक युवक चला रहा था. इसके बाद पुलिस ने छानबीन की और आस पास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तो दोनों की पहचान हो गई. इसके बाद पुलिस ने नाकाबंदी करवा दी और एक पिकेट पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस को दोनों के पास से तीन मोबाइल, एक स्कूटी और मोटरसाइकिल मिली है. पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और माना जा रहा है कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद अब कई स्नैचिंग की वारदातों से पर्दा उठेगा. साथ ही इलाके में स्नैचिंग की वारदातों पर भी लगाम लगेगी.