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असंतुष्टों ने दिल्ली में डेरा डाला, विधानसभा चुनाव से पहले आंतरिक कलह में डूबी कांग्रेस

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झारखंड में अगले दो से तीन महीनों के भीतर विधानसभा चुनाव होने हैं लेकिन उसके पहले कांग्रेस के भीतर मचे घमासान ने पार्टी की संभावनाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं. झारखंड कांग्रेस के बागी गुट के नेता कई दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं. कांग्रेस के इन असंतुष्ट नेताओं ने पार्टी महासचिव मुकुल वासनिक और झारखंड के प्रभारी आरपीएन सिंह से मुलाकात कर प्रदेश अध्यक्ष डा अजय कुमार को हटाने की मांग की है. कुछ अन्य असंतुष्ट नेता इससे पहले अहमद पटेल, गुलाम नबी आजाद और केसी वेणुगोपाल से भी मिल चुके हैं. इस बीच पार्टी सूत्रों का कहना है कि जब तक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर कोई फैसला नहीं हो जाता, तब तक झारखंड को लेकर कोई भी फैसला करना मुश्किल है.

असंतुष्टों ने खोला मोर्चा 
बागी गुट के नेताओं अनादि ब्रम्ह, दीपू सिन्हा, सुरेंद्र सिंह और राकेश सिन्हा इन दिनों दिल्ली में हैं, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय के करीबी ये तमाम नेता प्रदेश अध्यक्ष डा अजय कुमार को हटाने की मांग को लेकर दिल्ली में डटे हुए हैं. अनादि ब्रम्ह और सुरेंद्र सिंह ने बातचीत के दौरान लोकसभा चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन को लेकर डा अजय कुमार को हटाने की मांग दोहराई है.

इसके पहले प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुबोधकांत सहाय ने भी प्रदेश अध्यक्ष डा अजय कुमार को बाहरी बताकर उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. इस बीच झारखंड में पार्टी के दूसरे धड़े राज्यसभा सांसद धीरज साहू के करीबी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप बालमुचु, पूर्व सांसद ददई दूबे, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने भी इस मामले को लेकर अहमद पटेल, गुलाम नबी आजाद और के सी वेणुगोपाल से मुलाकात की है.

इस मामले पर जब प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह से मुलाकात की तो उन्होंने कहा कि संगठन के तमाम कार्यकर्ताओं से राय लेने के बाद ही पार्टी कोई फैसला करेगी.आरपीएन सिंह ने ने बागी नेताओं को हिदायत दी है वे मीडिया की बजाए पार्टी फोरम में अपनी बात कहें. 
अभी झारखंड में कांग्रेस को एक साथ कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. पहले तो कांग्रेस के भीतर जारी खींचतान को शांत करना है, वहीं जेएमएम और जेएवीएम के साथ संभावित गठबंधन के बारे में भी कोई अंतिम फैसला करना है. कांग्रेस में एक धड़ा राज्य में हेमंत सोरेन की अगुआई में चुनाव लड़ने के खिलाफ है. दूसरी तरफ, एक धड़ा चाहता है कि कांग्रेस प्रदेश के भीतर जेएमएम के बजाए बाकी छोटे दलों के साथ समझौता कर चुनाव मैदान में उतरे. कांग्रेस के भीतर इन सभी बातों पर मंथन चल रहा है. लेकिन, बीजेपी के खिलाफ झारखंड में मैदान में टिके रहने के लिए कांग्रेस को वक्त रहते अपनी नीति और नेता दोनों के बारे में फैसला जल्द से जल्द करना होगा.

छत्तीसगढ़ : पुलिस हिरासत में हुई मौत पर की जा रही राजनीति में कांग्रेस ने दिया कड़ी प्रतिक्रिया

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नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने पुलिस हिरासत में हुई मौत पर की जा रही राजनीति पर कड़ी प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त की है. प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि पुलिस हिरासत में किसी भी मृत्यु को जायज नहीं ठहराया जा सकता है. कांग्रेस सरकार ने इन घटनाओं को संवेदनशीलता से लिया है, जो भी दोषी होगा उसको बख्शा नहीं जाएगा.

उन्‍होंने कहा क‍ि भाजपा को इस प्रकार की घटनाओं पर बोलने का कोई हक नहीं है. भाजपा के शासनकाल में दोषियों पर कार्रवाई तो दूर की बात रही है. रमन सिंह की सरकार इन घटनाओं को झुठलाने में पूरी ताकत लगाती थी. भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के गृह जिले कवर्धा के थाने में बन्नू सतनामी की मौत से सिलसिला शुरू हुआ था. भिलाई-3 के सुशील शिंदे, सोहेला में राम कुमार ध्रुव की मौत, मुलमुला में सतीष नोरगे, खरोरा में संतोष डहरिया, बस्तर की मड़कम हिड़में को जिस तरह मारा गया, यह दुखद है. कांग्रेस की सरकार बनने के बाद जब भी घटना हुई, चाहे कवर्धा में हो या सुरजपुर में, कांग्रेस की सरकार ने संबधित पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया है और उनके खिलाफ जांच की जा रही है. दोषी पाये जाने पर उनपर भी कार्रवाई की जाएगी.

नौकरी से निकाला तो खा लिया जहर, मौत के बाद हंगामा

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बिहार में पटना AIIMS की नौकरी से निकाले जाने को लेकर प्रबंधन से नाराज कर्मचारी ने जहर खा लिया था. शुक्रवार की देर रात इसी अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. इसके बाद परिजनों और विभिन्न संगठनों से जुड़े नेताओं ने प्रबंधन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया.

ट्रॉमा सेंटर में घुसकर हंगामा
बताया जा रहा है कि हंगामा करने वाले ट्रॉमा सेंटर में घुस गए और नारेबाजी करने लगे. मामला इतना बढ़ा कि कई बड़े अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा. फुलवारीशरीफ डीएसपी और एसडीओ सदर मौके पर पहुंचे और हंगामा शांत करवाया.

एम्स प्रशासन से मृतक के परिजनों को नौकरी देने आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ. पुलिस शव को कब्जे में लेकर जांच में जुट गई है. बताया जा रहा है कि मृतक देवेश्वर कुमार पंडित एक्टू यानी असंगठित कामगार महासंघ, एम्स शाखा के सचिव भी थे.

जानकारी के अनुसार 2012 से एम्स में सफाई मजदूर के पद पर कार्यरत था. उसे 10 जुलाई से काम से निकाल दिया गया था. कहा जा रहा है कि इसके बाद उसने कई बार एम्स निदेशक से मिलने का प्रयास भी किया था.सल्फास खाकर दे दी जान
दरअसल नौकरी जाने के कारण वह बेहद परेशान था और अंतत: उसने एम्स परिसर में ही सल्फास खाकर जान देने का प्रयास किया था. हालांकि उसे AIIMS में भर्ती करवाया गया था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका.

गिरफ्तार हुआ ‘जो न बोले जय श्री राम, उसको भेजो कब्रिस्तान’ का सिंग, गाने पर विवाद

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विवादित गाना ‘जो न बोले जय श्री राम, उसको भेजो कब्रिस्तान’ गाने वाले 26 वर्षीय गायक वरुण उपाध्याय उर्फ वरुण बहार को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें कि, कुछ ही दिन पहले वरुण ने यह विवादित गाना यूट्यूब पर पोस्ट किया था जिसके बाद सोशल मीडिया पर बवाल मचा हुआ था।

गाना वायरल होने के बाद कई लोगों ने इस गाने का विरोध करते हुए सोशल मीडिया पर गायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

प्यार को पाने के लिए मुस्लिम लड़की बनी हिंदू, पति से मिला धोखा

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मोहब्बत जाति बंधन, उम्र और संप्रदाय का मोहताज नहीं होता. समाज की वह परवाह भी नहीं करता. अपनी प्रेम की भावनाओं में खाए गए कसमों को निभाने के लिए एक प्रेमिका किसी भी स्तर तक चली जाती है. कुछ ऐसा ही मामला बक्सर जिले का है, जहां एक मुस्लिम लड़की अपने प्यार को पाने के लिए हिंदू बन बैठी.

बक्सर की रहने वाली नेहा परवीन अपने प्यार के खातिर नेहा द्विवेदी बनी. बावजूद इसके पांच साल बाद उसे धोखा मिला. पति ने शादी के पांच साल बाद दूसरी शादी कर ली. अब नेहा ने बक्सर एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा से न्याय की गुहार लगाई है.

पीड़िता ने बताया कि रेलकर्मी पंकज द्विवेदी ने साल 2014 में धर्म परिवर्तन करवाकर उससे शादी की थी. जिला कोर्ट से शादी होने के बाद हिंदू रीति-रिवाज से सारी रस्में निभाई गई. वर्षों के रिश्ते के बाद पति ने धोखा दे दिया और दूसरी महिला से शादी कर ली.

वहीं, इस पूरे मामले में बक्सर एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा ने बताया कि महिला की एफआईआर दर्ज कर ली गई है. आगे महिला थाने को कार्रवाई के लिए बोला गया है.

छत्तीसगढ़ में मंडराने लगी सूखे की छाया, 20 जिले आएंगे चपेट में

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छत्तीसगढ़ में अच्छी मानसूनी वर्षा न होने के कारण 20 जिलों पर सूखे की छाया मंडराने लगी है. इसका खेती पर बुरा असर पड़ने की आशंका है. मवेशियों के लिए चारा जुटाना तक मुश्किल हो सकता है. इन स्थितियों से निपटने के लिए सरकार की ओर से कवायद तेज हो गई है. सरकारी आंकड़े बताते हैं कि राज्य के 27 जिलों में से सिर्फ सात जिलों- सूरजपुर, कोरिया, गरियाबंद, धमतरी, बस्तर, नारायणपुर और कोंडागांव ही ऐसे हैं, जहां सामान्य वर्षा दर्ज की गई है. वहीं बाकी 20 जिलों में वर्षा सामान्य से कम है. रायपुर, बलौदाबाजार, दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा और कांकरे जिले तो ऐसे हैं, जहां अति अल्पवृष्टि हुई है. कम बारिश का फसलों पर असर पड़ रहा है.

यहां के किसानों की मुख्य फसल धान है, जो जल्दी पकने वाली फसल है. इसकी बोआई और रोपाई 15 अगस्त तक हो जाती है. अगर तब तक अच्छी बारिश नहीं होती है तो किसानों के लिए अच्छा नहीं होगा.

राज्य सरकार ने आशांकाओं को ध्यान में रखकर हालात से निपटने की तैयारी तेज कर दी है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारियों से कारगर योजना बनाने के साथ वैकल्पिक फसलों के लिए बीज और खाद की अग्रिम व्यवस्था करने, पशुओं के चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

आधिकारिक तौर मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री बघेल ने पटवारियों के माध्यम से शत-प्रतिशत गिरदावरी (फसल की स्थिति का आकलन) कराए जाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही कहा है कि पटवारी किसानों के खेत में जाकर गिरदावरी करें. पटवारी के साथ कृषि, राजस्व व पंचायत विभाग के मैदानी अमले के अधिकारी-कर्मचारी और किसानों को भी ले जाया जाए और उनके दस्तखत कराए जाएं तथा फोटोग्राफ भी लिए जाएं.

कहा गया है कि गिरदावरी होने से किसान ने अपने खेत में कितने रकबे में कौन सी फसल की बोआई की है, इसकी सही-सही जानकारी मिलेगी. किसानों को प्राकृतिक आपदा होने पर मुआवजे के लिए पटवारियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के अनुसार, मुआवजा और फसल बीमा की राशि मिल जाएगी.

मुख्यमंत्री बघेल ने कृषि विभाग के मैदानी अमले से कहा कि वह कम वर्षा की स्थिति में किसानों को वैकल्पिक फसलों के लिए तकनीकी मार्गदर्शन देने का कार्य भी शुरू करें. सभी जिलाधिकारियों की जिम्मेदारी है कि, वे अपने जिले में वर्षा और फसलों की स्थिति की लगातार निगरानी करें और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए कार्य योजना तैयार कर लें.

अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से की सौजन्य मुलाकात, धान से बायोफ्यूल बनाने की प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की संभावनाओं पर हुआ विचार-विमर्श

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास में अमेरिका के एम्बेसडर केनेथ जस्टर ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान कहा कि बायोफ्यूल के निर्माण में अमेरिका को विशेषज्ञता हासिल है। छत्तीसगढ़ में धान की पैदावार बहुतायत में होती है। राज्य सरकार धान से एथेनॉल के उत्पादन की सम्भावना तलाश रही है।

अमेरिका के एम्बेसडर केनेथ जस्टर ने बताया की कई अमेरिकन कंपनियां बायो फ्यूल क्षेत्र में काम कर रहीं हैं। इन कंपनियों को वे सूचित करेंगे। बघेल ने कहा कि गन्ने की भी यहां अच्छी पैदावार होती है। इससे भी बायोफ्यूल बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने जस्टर को बताया कि छतीसगढ़ में आई. टी. के क्षेत्र में भी अमेरिकन कंपनियों के लिए अच्छी संभावनाएं हैं। इस अवसर पर मुख्य सचिव सुनील कुजूर, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा और और अमेरिका की कॉन्सुलेट जनरल जेनिफर लार्सन उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी ने उन्हें राज्य में सरप्लस पावर, नया रायपुर में जमीन की उपलब्धता और कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता की जानकारी दी।जस्टर ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में छत्तीसगढ़ का देश में चौथा स्थान है। यहां अमेरिकन कंपनियों के लिए व्यापार की अच्छी संभावनाएं हैं। वे इस बारे में पहल करेंगे।

मुख्यमंत्री ने नक्सल समस्या के बारे में जस्टर को बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना विकास के काम किये जा रहे हैं। बस्तर के लोहण्डीगुड़ा में सत्रह सौ किसानों की पूर्व में अधिग्रहित 4200 एकड़ जमीन उन्हें वापस की गई है। हाट- बाजारों में चिकित्सा दल द्वारा ग्रामीणों का निशुल्क इलाज किया जा रहा है।

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एनीमिक और कुपोषित महिलाओं को गरमा गरम भोजन दिया जा रहा है। तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक की दर ढाई हजार रूपए से बढ़ाकर चार हजार रूपए कर दी गई है। वन भूमि पर काबिज वनवासियों को वन भूमि के पट्टे दिए जा रहे हैं। बच्चों को 12 वीं कक्षा तक निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने उन्हें वाटर शेड प्रबंधन और पशुधन विकास के लिए राज्य में प्रारम्भ की गई एकीकृत योजना नरवा, धुरवा, गरवा और बाड़ी योजना के सम्बन्ध में भी बताया।

भोले शंकर पहुंचे अदालत, क्यों लगानी पड़ी उन्हें गुहार?

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देश में शायद ही ऐसा कोई गांव या शहर हो जो अतिक्रमण से बच पाया हो. सड़कों-बाज़ारों में तो अवैध कब्ज़े फैल ही रहे हैं, मंदिर-मस्जिद को भी अतिक्रमणकारियों ने नहीं बख़्शा है. इन अतिक्रमणकारियों से अब भगवान भी परेशान हो चुके. सावन के महीने में संसार की कमान संभाल रहे भोलेनाथ अदालत की शरण में पहुंच गए हैं.

हरिद्वार में गुहार
ये मामला उत्तराखंड के हरिद्वार का है. यहां की ज़िला अदालत में एक बड़ी दिलचस्प याचिका लगाई गई है. इस पर आज सुनवाई होनी है. याचिका में ख़ुद शंकर भगवान याचिकाकर्ता हैं. वो धर्म की इस नगरी में फैल रहे अतिक्रमण से परेशान हैं. याचिका में भोलेनाथ ने अदालत से गुहार लगाई है. इसमें उन्होंने अपनी पीड़ा बयां की है कि कम से कम मुझे तो अतिक्रमण से बचा लो.

याचिका में भोलेनाथ ने विस्तार से बताया है कि इंदौर की महारानी अहिल्या बाई होलकर ने हरिद्वार में शिवलिंग स्थापित किया था. उन्होंने 1775 में कुशावर्त घाट बनाया था उस पर शिवलिंग स्थापित किया गया था. मगर अब असामाजिक तत्वों ने उस पर अवैध क़ब्ज़ा कर लिया है. शिवलिंग अतिक्रमण के कारण पूरी तरह घिर गया है. यही वजह है कि भक्त अब मेरी यावी भगवान भोलेनाथ की पूजा नहीं कर पा रहे हैं.

भगवान भोलेनाथ ने बाड़ा कुशावर्त घाट के अपने भक्त वेद प्रकाश, अनिल पाल और अशोक भारद्वाज के ज़रिये ये याचिका हरिद्वार की अदालत में लगाई है.

कांग्रेसी नेताओं ने उसे बताया दलबदलू, जिस बीजेपी विधायक ने कमलनाथ सरकार का किया था समर्थन,

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मध्यप्रदेश विधानसभा में एक विधेयक पर इस सप्ताह सत्तारुढ़ कांग्रेस सरकार का समर्थन करने वाले मैहर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी के खिलाफ स्थानीय कांग्रेसी नेता लामबंद हो गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने त्रिपाठी को आदतन दलबदलू बताते हुए कहा कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से मात्र दो दिन पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी।

वहीं, प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा, ”कांग्रेस पार्टी के सदन में नेता के रूप में कोई भी निर्णय लेना मुख्यमंत्री कमलनाथ का विशेषाधिकार है। पार्टी की मजबूती के लिये जो उचित था, वह निर्णय उन्होंने लिया।” उन्होंने कहा कि यह पार्टी का अंदर का मामला है और मैहर के कांग्रेस नेताओं से बात की जायेगी।

मालूम हो कि बुधवार को विधानसभा में एक विधेयक पर मतविभाजन के दौरान भाजपा के दो विधायकों नारायण त्रिपाठी और शरद कोल ने कांग्रेस के पक्ष में वोट दिया था। दोनों क्रमश: सतना जिले की मैहर विधानसभा सीट व शहडोल जिले की ब्योहारी विधानसभा सीट से विधायक हैं। नवंबर 2018 में विधानसभा चुनाव में नारायण त्रिपाठी के खिलाफ चुनाव लड़े कांग्रेस नेता श्रीकांत चतुर्वेदी ने मैहर में शुक्रवार को एक दर्जन कांग्रेस नेताओं के साथ प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि त्रिपाठी ने आठवीं बार पाला बदला है। उनकी कलई खुल गई है। उन्होने कहा, ”हम बड़े नेताओं का सम्मान करते है, लेकिन त्रिपाठी पर निर्णय लेने से पहले हमसे विचार किया जाना चाहिये था।

जानें सेवन विधि, सांप के जहर को मिनटों में बेअसर कर देता है ये पौधा

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ककोड़ा या कर्कोट एक सब्जी है। इसका फल छोटे करेले से मिलता-जुलता होता है जिसपर छोटे-छोटे कांटेदार रेशे होते हैं। राजस्थान में इसे किंकोड़ा भी कहते हैं |
ककोड़ा या खेखसा अधिकतर पहाड़ी जमीन में पैदा होता है। यह बरसात के मौसम में होने वाला साग है। ककोड़ा की बेल होती है जो अपने आप जंगलों-झड़ियों में उग आती है और फैल जाती है। इसके ‘नर’ और ‘मादा’ बेल अलग-अलग होते हैं। इसका साग बहुत ही अच्छा व स्वादिष्ट होता है। नर्म ककोड़ा का साग अधिक स्वादिष्ट होता है जिसे लोग अधिक पसन्द करते हैं। गर्म मसालों या लहसुन के साथ ककोड़ा का साग बनाकर खाने से वात पैदा नहीं होता है। जमीन के नीचे ककोड़ा के जड़ में आधी फुट लम्बी गांठ होती है जिसका उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है। ककोड़ा का कन्द चीनी या शहद के साथ 1 से 5 ग्राम की मात्रा में औषधि की तरह प्रयोग किया जाता है। आज मैं आपको इस लेख में बताने जा रहा हूँ कि किस तरह ककोड़े की जड़ से सांप के जहर को भी बेअसर किया जाता है।
औषधि बनाने और सेवन की विधि 
इस पौधे को जड़ से उखाड़ लें । ककोड़े की जड़ को पौधे से अलग कर लें । इसके बाद जड़ को धूप में कम से कम दो दिन तक सुखाएं । अब इस जड़ को अलग रख लें और कूटकर इस जड़ का पाउडर बनाएं । पाउडर को छानकर रख लें और इस्‍तेमाल में लाए । सांप के काटने पर ककोड़े की जड़ से बने पाउडर को एक गिलास दूध में मिलाकर पिला दें । एक गिलास दूध में आधा चम्मच पाउडर काफी होगा। इसे पीते ही 5 मिनट में ही सारा जहर उतर जाएगा ।