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प्रधानमंत्री मोदी की असम यात्रा: नई परियोजनाओं का उद्घाटन…

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प्रधानमंत्री मोदी का असम दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। उनके आगमन पर राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मां कामाख्या और महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की पवित्र भूमि पर प्रधानमंत्री का हार्दिक स्वागत है। असम ऐतिहासिक परियोजनाओं के उद्घाटन का बेसब्री से इंतजार कर रहा है, जो राज्य की कनेक्टिविटी, तकनीक और विकास को बढ़ावा देंगे।”

सीएम सरमा ने कुछ तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें गुवाहाटी में बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु की तस्वीरें शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। वे सुबह लगभग 10:30 बजे डिब्रूगढ़ के मोरान बाईपास पर आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) पर उतरेंगे, जहां वे फाइटर, ट्रांसपोर्ट और हेलीकॉप्टर का हवाई प्रदर्शन देखेंगे।

आपातकालीन लैंडिंग सुविधा पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की पहली सुविधा है, जिसे भारतीय वायुसेना के सहयोग से विशेष रूप से आपात स्थितियों में सैन्य और नागरिक विमानों के लिए तैयार किया गया है। यह प्राकृतिक आपदाओं या अन्य आवश्यकताओं के दौरान त्वरित राहत कार्यों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

इसके बाद, पीएम मोदी दोपहर लगभग 1 बजे गुवाहाटी पहुंचेंगे, जहां वे ब्रह्मपुत्र नदी पर लगभग 3,030 करोड़ रुपये की लागत से बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद, वे 5,450 करोड़ रुपये से अधिक की अन्य परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ करेंगे।

राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों में 9 लोगों की जान गई…

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सड़क दुर्घटनाओं में शामिल मृतक

राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हुए सड़क हादसों में 9 लोगों की जान चली गई है। इनमें से चार जवान 201 कोबरा बटालियन के हैं। जयपुर के चाकसू क्षेत्र में कोटा-जयपुर नेशनल हाईवे (एनएच-52) पर एक कार सुबह एक ट्रेलर से टकरा गई।

इस दुर्घटना में पांच लोगों की मृत्यु हो गई, जिनमें एक महिला भी शामिल थी।

जबलपुर के निवासी थे मृतक

सभी मृतक मध्य प्रदेश के जबलपुर के निवासी थे और महाकाल के दर्शन के बाद खाटू श्याम जा रहे थे। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कार चालक को झपकी आ गई थी, जिससे कार ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी भयंकर थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग फंस गए।

महिला सहित चार की मौके पर ही मौत

इस हादसे में महिला समेत चार लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति ने अस्पताल जाते समय दम तोड़ दिया। चाकसू थाना के एसएचओ मनोहर लाल मेघवाल ने बताया कि यह घटना सुबह लगभग 5:30 बजे हुई।

छत्तीसगढ़ में भी हुआ एक और हादसा

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में भी एक सड़क दुर्घटना हुई, जहां एक कार ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में 201 कोबरा बटालियन के चार जवानों की जान चली गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शवों को बाहर निकाला और घायल को अस्पताल भेजा।

मृतकों की पहचान

मृतकों में सौरभ तोमर, हीरा लाल नागर, मुकेश कुमार और राजकुमार गोंड शामिल हैं। सभी की मौके पर ही मृत्यु हो गई। गंभीर रूप से घायल अभियान राय को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, जवान जगदलपुर से रायपुर की ओर जा रहे थे जब उनकी कार सड़क किनारे खड़ी ट्रक से टकरा गई।

तेलंगाना के म्युनिसिपल चुनावों में कांग्रेस की जीत, राहुल गांधी ने दी प्रतिक्रिया…

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तेलंगाना म्युनिसिपल चुनाव परिणाम 2026

तेलंगाना के म्युनिसिपल चुनावों में कांग्रेस ने प्रमुखता हासिल की है, जबकि बीआरएस दूसरे स्थान पर रही और भाजपा को संघर्ष का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

उन्होंने शनिवार को कहा कि यह जीत कांग्रेस की नीतियों का स्पष्ट समर्थन है।

राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “तेलंगाना के स्थानीय निकाय चुनावों में जीत कांग्रेस सरकार की लोगों को प्राथमिकता देने वाली नीतियों का स्पष्ट समर्थन है, जो सामाजिक न्याय, सम्मान और समावेशी विकास पर आधारित हैं। मैं हर कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता का दिल से धन्यवाद करता हूँ। यह जीत आपकी और तेलंगाना के लोगों की है। प्रजाला तेलंगाना का हमारा विज़न – जहाँ हर परिवार को तरक्की मिले – अटल है।”

जानकारी के अनुसार, तेलंगाना के म्युनिसिपल चुनावों में कांग्रेस ने 116 म्युनिसिपैलिटी में फैले 2,582 वार्ड में से 1,347 वार्ड जीते हैं। भारत राष्ट्र समिति 714 वार्ड के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने 261 वार्ड जीते। शेष 256 वार्ड अन्य पार्टियों और स्वतंत्र उम्मीदवारों ने जीते।

प्रियदर्शन ने राजपाल यादव की मदद के लिए बढ़ाया हाथ, फिल्म में देंगे अतिरिक्त फीस…

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प्रियदर्शन का समर्थन

मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव के कठिन समय में निर्देशक प्रियदर्शन ने उनका साथ दिया है। चेक बाउंस मामले में जेल में बंद राजपाल को प्रियदर्शन ने अपनी आगामी फिल्म में उनकी सामान्य फीस से अधिक भुगतान करने का निर्णय लिया है।

यह सहायता राजपाल की वित्तीय समस्याओं को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।

राजपाल यादव की कानूनी परेशानियाँ

राजपाल यादव वर्तमान में दिल्ली के तिहाड़ जेल में हैं। यह मामला 2010 का है, जब उन्होंने अपनी निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए एक कंपनी से 5 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। फिल्म की असफलता के कारण वह ऋण चुकाने में असमर्थ रहे। बाद में दिए गए चेक बाउंस हो गए, और अब ब्याज और पेनल्टी के साथ बकाया राशि लगभग 9 करोड़ रुपये हो गई है।

अभी तक जमा की गई राशि

हाल ही में कोर्ट ने उन्हें 6 महीने की सजा सुनाई है, जिसके बाद उन्होंने आत्मसमर्पण किया। उनके वकील के अनुसार, राजपाल ने अब तक 2.5 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं और और पैसे देने के लिए तैयार हैं, लेकिन कोर्ट ने उनकी बेल याचिका पर निर्णय स्थगित कर दिया है।

बॉलीवुड के सितारों का सहयोग

राजपाल के कई दोस्तों ने भी उनकी मदद की है। सलमान खान, अजय देवगन, सोनू सूद, और वरुण धवन जैसे सितारों ने आर्थिक सहायता प्रदान की है। प्रियदर्शन ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘मैं राजपाल को 20 साल से अधिक समय से जानता हूं। मैंने उन्हें पहली बार ‘जंगल’ (2000) में देखा था और उनकी एक्टिंग से प्रभावित हुआ। मेरी पहली फिल्म उनके साथ ‘मलामाल वीकली’ (2006) थी।’

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं उनकी समस्या से अवगत था, इसलिए उन्हें हर फिल्म में साइन करता रहा। मेरी अगली फिल्म में राजपाल विलेन का किरदार निभा रहे हैं। मैंने प्रोड्यूसर्स से कहा कि उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें उनकी मांग से अधिक भुगतान करें। प्रोड्यूसर्स ने सहमति दे दी है।’

किसानों की चिंताओं पर राहुल गांधी की बैठक: भाजपा ने उठाए सवाल…

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सियासी हलचल के बीच किसानों से मुलाकात

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद कार्यालय में किसानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, जिससे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया।

इस बैठक पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी ने इसे ‘सुनियोजित’ करार देते हुए राहुल गांधी पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि किसानों की चिंताओं को सुनना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

किसान संगठनों की चिंताएं

17 किसान संगठनों ने जताई आशंका

सूत्रों के अनुसार, देशभर के 17 प्रमुख किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस बैठक में भाग लिया। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि प्रस्तावित व्यापार ढांचा मक्का, सोयाबीन, कपास, फल और मेवे की खेती करने वाले किसानों को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।

किसान नेताओं ने इस समझौते के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे किसानों की आय पर दबाव पड़ सकता है और कृषि क्षेत्र के सुरक्षा प्रावधान कमजोर हो सकते हैं।

भाजपा की प्रतिक्रिया

भाजपा ने बैठक को बताया ‘राजनीतिक’

भाजपा ने X पर साझा किए गए एक पोस्ट में बैठक की तस्वीरें जारी करते हुए दावा किया कि उपस्थित कई लोग हरियाणा और पंजाब में कांग्रेस के सहयोगी दलों से जुड़े हैं।

पार्टी ने लिखा, “राहुल गांधी का एक और झूठ देश के सामने बेनकाब हो गया। जिसे किसानों के साथ बैठक बताया जा रहा था, वह वास्तव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सभा थी। राहुल गांधी ने इस देश की लगभग हर संस्था और समुदाय का राजनीतिकरण और अपमान किया है, और अब वे किसानों को भी नहीं छोड़ रहे हैं।”

पोस्ट में आगे कहा गया, “प्रस्तुत राजनीति वास्तविक नेतृत्व का स्थान नहीं ले सकती। देश ईमानदारी का हकदार है, न कि कांग्रेस के मनगढ़ंत बयानों और राजनीतिक हथकंडों का।”

केंद्रीय मंत्री की प्रतिक्रिया

पीयूष गोयल ने आरोपों को बताया ‘फर्जी’

बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी के आरोपों को “फर्जी” और “मनगढ़ंत” करार दिया।

वीडियो बयान में उन्होंने कहा कि यह बैठक पार्टी कार्यकर्ताओं को किसान नेताओं के रूप में पेश कर एक कृत्रिम कथा गढ़ने की कोशिश थी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने व्यापार समझौते में किसानों के हितों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का उद्देश्य

क्या है भारत-अमेरिका व्यापार समझौता?

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते का मुख्य उद्देश्य टैरिफ बाधाओं को कम करना है, साथ ही भारत की कृषि संबंधी संवेदनाओं और अमेरिका की अधिक बाजार पहुंच की मांग के बीच संतुलन बनाना है।

समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर पारस्परिक शुल्क को 50 प्रतिशत तक के उच्च स्तर से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई है। इससे कपड़ा, चमड़ा, जूते और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

सरकार का दावा है कि भारतीय कृषि उत्पादों का 90 से 95 प्रतिशत हिस्सा इस समझौते से बाहर रखा गया है, जिससे किसानों के हित सुरक्षित रहेंगे और निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा।

बांग्लादेश की बीएनपी ने मोदी को दी बधाई, भारत के साथ सहयोग की जताई प्रतिबद्धता…

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बीएनपी की ऐतिहासिक जीत और मोदी को बधाई

बांग्लादेश की राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) ने हाल ही में हुए संसदीय चुनावों में अपनी ऐतिहासिक जीत के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी है।

भारत-बांग्लादेश संबंधों पर बीएनपी का दृष्टिकोण

पार्टी ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध केवल राजनीतिक नहीं हैं, बल्कि ऐतिहासिक, आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं। बीएनपी ने विश्वास जताया कि दोनों देश मिलकर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए काम करेंगे और एक-दूसरे की चिंताओं का सम्मान करेंगे.

चुनाव परिणाम और राजनीतिक बदलाव

हाल ही में हुए संसदीय चुनावों में बीएनपी ने 297 में से 209 सीटों पर जीत हासिल की है, जिससे लगभग दो दशकों बाद पार्टी सत्ता में लौटी है। वहीं, जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश ने 68 सीटों पर जीत दर्ज की। इस जीत के साथ तारिक रहमान देश की राजनीति में एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे हैं, हालांकि वह पिछले 17 वर्षों से लंदन में निर्वासन में हैं.

अवामी लीग का चुनाव में न होना

चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने भाग नहीं लिया, जिससे राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए। इस चुनाव में लगभग 59.44 प्रतिशत मतदान हुआ।

यह चुनाव बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह लंबे समय की राजनीतिक अस्थिरता और विरोध प्रदर्शनों के बाद आयोजित हुआ। बीएनपी की जीत को देश में नए राजनीतिक युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए समीकरण बनने की संभावना है.

CG: युवाओं के लिए नौकरी का सुनहरा मौका, 191 रिक्त पदों पर होगी भर्ती, जल्द करें आवेदन, जानें डिटेल्स…

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20 फरवरी 2026 को जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र द्वारा प्लेसमेंट कैम्प आयोजित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश पर आयोजित इस कैंप में 191 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी।

छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग तथा संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण, रायपुर के निर्देश पर जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, गरियाबंद द्वारा शुक्रवार, 20 फरवरी, 2026 को प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा। यह कैंप कार्यालय परिसर में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक लगेगा।

इस रोजगार मेले के जरिए निजी संस्थान फायर, सेफ्टी एवं डिजास्टर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, भिलाई-दुर्ग और प्रेरक स्वयं सेवी संस्था, गरियाबंद में कुल 191 रिक्त पदों को भरा जाएगा। भर्ती जिन पदों के लिए की जानी है, उनमें फायरमैन, सिक्योरिटी गार्ड, फूड पैकेजिंग स्टाफ, हेवी लाइसेंस ड्राइवर, वार्ड बॉय, वार्ड गर्ल, केयरटेकर, विशेष शिक्षक (मानसिक मंदता), प्रबंधक, स्पीच थेरेपिस्ट, व्यावसायिक प्रशिक्षक और स्वच्छता कर्मी शामिल हैं।

इन पोस्ट के लिए कम से कम एजुकेशनल क्वालिफिकेशन 8वीं, 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन और फायर सेफ्टी में डिप्लोमा है। MSW, PGDCA और B.Ed. क्वालिफिकेशन वाले कैंडिडेट भी एलिजिबल हैं। इंटरेस्टेड कैंडिडेट तय तारीख और समय पर दो पासपोर्ट साइज़ फोटो और सभी एजुकेशनल और टेक्निकल सर्टिफिकेट की ओरिजिनल और फोटोकॉपी के साथ आकर इस मौके का फायदा उठा सकते हैं।

प्लेसमेंट कैम्प में भाग लेने के लिए अभ्यर्थी ई-रोजगार पोर्टल (erojgar.cg.gov.in) या छत्तीसगढ़ रोजगार ऐप के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय के दूरभाष नंबर 07706-241269 या मोबाइल नंबर 93295-59607 पर संपर्क किया जा सकता है।

CG: दीपक बैज बोले- बीजेपी नेताओं पर दर्ज क्रिमिनल केसेस को राजनीतिक बताकर वापस लेना पीड़ितों के साथ घोर अन्याय…

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छत्तीसगढ़ पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बालोद जिले में भाजपा नेताओं पर दर्ज आपराधिक केस को राजनीतिक बताकर वापस लिए जाने को पीड़ितों के साथ अन्याय करार दिया है।

छत्तीसगढ़ पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बालोद जिले में भाजपा नेताओं पर दर्ज आपराधिक केस को राजनीतिक बताकर वापस लिए जाने को पीड़ितों के साथ अन्याय करार दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज ने कहा कि भाजपा सरकार अपने नेताओं पर दर्ज आपराधिक प्रकरण को राजनीतिक बताकर वापस ले रही है, ये पीड़ित आदिवासी वर्ग के साथ अन्याय है। प्रकरण वापस होने की खबर के बाद आक्रोशित आदिवासी समाज ने बालोद कलेक्टर का घेराव कर विरोध जताया, न्याय की मांग की। कांग्रेस ने तुएगोंदी के आदिवासी के साथ मारपीट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने और उनका प्रकरण राजनीतिक मानकर खत्म न करने की मांग की है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा कि 1 मई 2022 को आदिवासी समाज जो अपनी परम्परा का निर्वहन कर रहे उन पर भाजपा नेताओं ने समूह बनाकर हमला किया था। आरोपियों पर तुएगोंदी गांव के आदिवासी वर्ग के साथ  तलवार, चाक़ू, लाठी लेकर मारपीट करने, जान से मारने, गम्भीर चोट पहुँचाने, हत्या का प्रयास करने का गम्भीर आरोप है, जिस पर बालोद जिला के थाना मुंगघुवा में दर्ज अपराध क्रमांक 16/22 प्रकरण क्रमांक 58/23 जिस पर धारा 307, 120बी, 147, 148, 149, 294, 323, 506, 25, 27, आर्म्स एक्ट, एवं 3(2)(ट) एससी/एस टी एक्ट के तहत मामला दर्ज है।

आखिर अपराधियों को क्यों बचाना चाहती है बीजेपी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज ने कहा कि आदिवासी वर्ग के साथ अत्याचार करने वाले अपराधी किस्म के लोगों को जिसे न्यायालय सजा देगी। ऐसे में सरकार इस प्रकरण को राजनीतिक प्रकरण घोषित कर कैसे वापस ले सकती है, ये पीड़ितों के साथ अन्याय है। आपराधिक प्रकरण वापसी की सूचना मिलने से आक्रोशित तुएगोंदी गांव के पीड़ित आदिवासी समाज के लोगों ने बालोद कलेक्टर कार्यालय पहुँचकर विरोध जताया। आपराधिक प्रकरण के तहत कार्यवाही की मांग की। भाजपा आखिर अपराधियों को क्यों बचाना चाहती है? क्या भाजपा सरकार को राजनीतिक प्रकरण और आपराधिक प्रकरण में अंतर नहीं मालूम? जब आपराधिक प्रकरण ऐसे ही वापस लिए जाएंगे फिर अपराधी किस्म के लोगों को संरक्षण मिलेगा।

CG: भाजपा में सत्ता-संगठन के तालमेल पर सवाल, प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर साधा निशाना…

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छत्तीसगढ़ भाजपा में सत्ता और संगठन के बीच तालमेल को लेकर चल रही अटकलों के बीच, महासमुंद प्रवास पर पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए इन सवालों पर खुलकर जवाब देने से परहेज किया। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस पर जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए, भाजपा को “देश की नंबर वन पार्टी” बताया। वहीं, कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष के बयानों को “बौखलाहट” करार देते हुए सत्ता और संगठन के बीच गंभीर तालमेल की कमी का दावा किया है।

पत्रकारों द्वारा छत्तीसगढ़ भाजपा में सत्ता और संगठन के बीच सब कुछ ठीक न होने और खुलकर चर्चा न होने के सवाल पर किरण सिंहदेव ने कहा कि उनके सवालों से उन्हें बहुत कुछ समझ आ रहा है, लेकिन भाजपा ऐसे ही देश की नंबर वन पार्टी नहीं बनी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा एक “कार्यकर्ता और कार्यक्रम आधारित पार्टी” है, जहां साल भर कार्यकर्ता जनता की भलाई के लिए काम करते हैं और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता के बीच लेकर जाते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर जनता के बीच भ्रम फैलाकर उन्हें गुमराह करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस का पलटवार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव के बयानों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के प्रवक्ता अमरजीत चावला ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष की “बौखलाहट” साफ झलक रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सच को झुठला नहीं सकते और कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी है।

चावला ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं की बात छोड़ दें, तो प्रदेशाध्यक्ष की भी सरकार में नहीं चल रही है। उन्होंने कहा कि मंत्रियों को चिट्ठी लिखने के बाद भी उनका काम नहीं हो रहा है और उन्हें विधानसभा में प्रश्न उठाने पड़ रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने इस स्थिति को सत्ता और संगठन में तालमेल नहीं होने का ही नतीजा बताया, जिसका परिणाम भाजपा को आने वाले समय में दिखाई देगा।

यह घटनाक्रम छत्तीसगढ़ की राजनीति में भाजपा के आंतरिक समीकरणों और कांग्रेस की प्रतिक्रिया को दर्शाता है, जहां आने वाले समय में इस मुद्दे पर और अधिक राजनीतिक गरमागरमी देखने को मिल सकती है।

CG: तापमान में बड़ा बदलाव, जानें आगामी दिनों कैसा रहेगा मौसम…

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छत्तीसगढ़ में इस समय मौसम पूरी तरह स्थिर और शांत बना हुआ है। वातावरण में नमी कम है और आसमान साफ रहने से दिन में हल्की गर्माहट महसूस हो रही है, जबकि सुबह और रात के समय हल्की ठंड अब भी बनी हुई है।

छत्तीसगढ़ में इस समय मौसम पूरी तरह स्थिर और शांत बना हुआ है। वातावरण में नमी कम है और आसमान साफ रहने से दिन में हल्की गर्माहट महसूस हो रही है, जबकि सुबह और रात के समय हल्की ठंड अब भी बनी हुई है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक अगले सात दिनों तक तापमान में किसी बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है और प्रदेश में बारिश के कोई संकेत नहीं हैं।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल प्रदेश पर कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ या चक्रवाती तंत्र प्रभावी नहीं है। इसी कारण मौसम में स्थिरता बनी हुई है और बादलों की सक्रियता नहीं दिख रही। अगले दो से तीन दिनों तक यही स्थिति बनी रहने के आसार हैं। दिन में हल्की गर्मी और सुबह-शाम की ठंड के बीच मौसम न तो असहज कर रहा है और न ही किसी तरह की परेशानी पैदा कर रहा है। फिलहाल लोगों को मौसम के लिहाज से किसी बड़े बदलाव या अलर्ट की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

राजधानी रायपुर में सुबह के समय हल्की धुंध छाई रह सकती है, जिससे दृश्यता पर मामूली असर पड़ने की संभावना है। दिन चढ़ने के साथ धूप तेज होगी और अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, जबकि रात में पारा 18 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।

पिछले 24 घंटों की बात करें तो पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहा। रायपुर में अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा। वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे वहां सुबह-शाम ठंडक का असर महसूस किया गया। किसी भी जिले में वर्षा दर्ज नहीं हुई है।