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डोंगरगढ़ पुलिस ने गांजा नशेड़ियों पर कसा शिकंजा, 8 गिरफ्तार

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डोंगरगढ़। महावीर पारा स्थित महावीर मंदिर के पीछे गांजा पीते हुए 8 नशेड़ियों को डोंगरगढ़ पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कुल 100 ग्राम गांजा और गांजा पीने का सामान जब्त किया गया, जिसकी कीमत लगभग 4,000 रुपये बताई गई है। सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 27 एनडीपीएस एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की गई।
सूचना मिलने पर डोंगरगढ़ पुलिस ने 07 फरवरी 2026 की रात को त्वरित कार्रवाई करते हुए रेड की। आरोपी महावीर मंदिर के पीछे धूनी जमाए बैठकर गांजा पी रहे थे। पुलिस ने सभी 8 आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में जगन्नाथ पटेल पिता रघुराम पटेल, उम्र 28 वर्ष, ग्राम कोठार, थाना पिपरिया, जिला कबीरधाम, अमर तिवारी पिता मनोज तिवारी, उम्र 23 वर्ष, ग्राम पिपरिया, थाना पिपरिया, चेतन लारिया पिता चिंताराम लारिया, उम्र 32 वर्ष, टिकरापारा, राजू खान पिता महमूद खान, उम्र 44 वर्ष, भगत सिंह चौक, कादिर खान पिता लतीफ खान, उम्र 27 वर्ष,ख् गोलबाजार, अनिल वर्मा पिता राजकुमार वर्मा, उम्र 33 वर्ष, राजीवनगर क्लब चौक, बसंतपुर, सोमनाथ साहू पिता ऐनूराम साहू, उम्र 38 वर्ष, राजीवनगर क्लब चौक एवं दीपक सिन्हा पिता मोहन सिन्हा, उम्र 35 वर्ष, चिखली, थाना कोतवाली शामिल है।
पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर एवं एसडीओपी डोंगरगढ़ केशरी नंदन नायक के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी डोंगरगढ़ निरीक्षक संतोष जायसवाल ने अपनी टीम के साथ आरोपी समेत नशेड़ी और असामाजिक तत्वों पर लगातार निगरानी रखकर कार्रवाई को अंजाम दिया।
इस कार्यवाही में निरीक्षक संतोष जायसवाल, सहायक उप निरीक्षक कुरैशी, आरक्षक नरेंद्र प्रजापति, युगेंद्र देशमुख, किशन चंद्रा, लक्ष्मी शंकर कंवर, तिलक कंवर, हदयाल कंवर, मिलन वाल्टर, कमल केंवट, अविलेश डीहडी, संजय देवांगन, राम खिलावन सिन्हा, भूपेंद्र वर्मा, मिथलेश पटेल एवं इंद्रभान सिंह का योगदान सराहनीय रहा।

लालबाग पुलिस ने अवैध शराब कारोबार पर कसा शिकंजा, दो आरोपी जेल भेजे

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राजनांदगांव। अवैध शराब के परिवहन और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए लालबाग थाना पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। 7 फरवरी को कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 34 (2) आबकारी एक्ट के तहत न्यायालय में पेश किया गया, जहां उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 40 पौवा शोले देशी प्लेन और 30 पौवा स्पेशल गोवा व्हिस्की बरामद की। बरामद शराब की कीमत 6,800 रुपए बताई गई है। साथ ही घटना में प्रयुक्त स्कूटी हीरो डेस्टिनी (सीजी24-यू 0250) कीमती 50,000 रुपए जब्त की गई। कुल जप्त संपत्ति की कीमत 56,800 रुपए है।
गिरफ्तार आरोपियों में मनीष तेजवानी पिता निर्मल तेजवानी, निवासी नंदई चौक, न्यू आदर्श कॉलोनी, थाना बसंतपुर एवं भागवत प्रसाद तिवारी पिता स्व. चंद्रिका प्रसाद तिवारी, निवासी ग्राम कोहका, पो. टप्पा, चौकी तुमड़ीबोड़, थाना लालबाग शामिल है।
जानकारी के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि स्कूटी हीरो डेस्टिनी पर दो व्यक्ति भारी मात्रा में अवैध शराब लेकर बायपास रोड से रेवाडीह होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर चौक की ओर जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने नाकेबंदी कर आरोपियों को पकड़ लिया।
शराब रखने के संबंध में आरोपियों से वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई कागजात पेश नहीं कर सके। इसके बाद दोनों के खिलाफ धारा 34 (2) आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई में निरीक्षक राजेश साहू, सहायक उप निरीक्षक एपी शीला, आरक्षक कमलकिशोर यादव, आरक्षक संतोष श्रीवास्तव और तामेश्वर वर्मा की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध शराब के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

रामनाम की गूंज से भक्तिमय हुआ ग्राम रतनभाट – सम्मेलन में शामिल हुईं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण रविन्द्र वैष्णव

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छुरिया। विकासखंड अंतर्गत ग्राम रतनभाट में आयोजित रामचरितमानस सम्मेलन ने पूरे गांव को भक्ति और श्रद्धा के सागर में डुबो दिया। रामनाम की चौपाइयों और मानस पाठ से संपूर्ण ग्राम भक्तिमय हो उठा। इस भव्य आयोजन में जिला पंचायत राजनांदगांव की अध्यक्ष श्रीमती किरण रविन्द्र वैष्णव ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और भी महत्व दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत सभापति श्री गोपाल भुआर्य ने की, वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में पद्मभूषण साहू ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। मंचासीन अतिथियों का ग्रामवासियों ने हार्दिक स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया।

मुख्य अतिथि श्रीमती किरण रविन्द्र वैष्णव ने अपने संबोधन में कहा, “रामचरितमानस न केवल धार्मिक ग्रंथ है, बल्कि यह मानव जीवन को मर्यादा, सत्य, सेवा और करुणा का मार्ग दिखाने वाला अमूल्य रत्न है। इस तरह के सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी को हमारी सनातन संस्कृति से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।” उन्होंने आयोजन समिति और ग्रामवासियों को इस भव्य आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत सभापति श्री गोपाल भुआर्य ने कहा, “रामचरितमानस के संदेश आज के समय में और भी प्रासंगिक हो गए हैं। इस ग्रंथ से समाज में सद्भाव, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का प्रसार होता है।”

इस अवसर पर जिला भाजपा कार्यकारिणी सदस्य पद्मभूषण साहू, ग्राम उप सरपंच दिग्विजय मिश्रा, ग्राम प्रमुख रोहित भुआर्य, अलख धनकर, मजिद खान, रूपसिंह भुआर्य, बाबूराम धनकर, जीवधन देवांगन, मेहतर देवांगन समेत बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

सभी उपस्थित लोगों ने इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को एक नई ऊर्जा और श्रद्धा के साथ अनुभव किया। रामचरितमानस सम्मेलन ने न केवल ग्राम रतनभाट में भक्ति का माहौल बना दिया, बल्कि ग्रामीणों में सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को भी प्रगाढ़ किया।

घृणा नहीं समभाव, यही अघोर का सत्य : हरीश यादव

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राजनांदगांव। शहर के वार्ड क्रमांक 1 स्थित बाबूटोला क्षेत्र में शक्तिधाम महाकाली मंदिर परिसर में शक्तिधाम अघोर शोध एवं जनकल्याण आश्रम का भूमि पूजन गुरूदेव हरीश यादव के आशीर्वाद एवं सानिध्य में किया गया। इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और संस्था से जुड़े सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान गुरूदेव हरीश यादव ने कहा, यह आश्रम समाज की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देगा। यहां न केवल अघोर साधना होगी, बल्कि यह स्थान जनकल्याण के कार्यों को भी बढ़ावा देगा। आश्रम का उद्देश्य लोगों को शारीरिक, मानसिक और आत्मिक शांति प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक कदम है, जो न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से, बल्कि समाज कल्याण के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम सभी को इस तरह के प्रयासों को समर्थन देना चाहिए जो समाज में शांति और समृद्धि लाने का काम करें।
सर्व छत्तीसगढ़िया समाज के प्रदेश अध्यक्ष रमेश यदु ने इस अवसर पर कहा, यह आश्रम समाज के विकास के लिए एक बड़ा कदम है। यह हमारे छत्तीसगढ़ की संस्कृति को संजोने और समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करेगा।
भूमिपूजन कार्यक्रम में शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेन्द्र मुदलियार सहित नगर के कई प्रमुख लोग, स्थानीय जन, श्रद्धालु और संस्था से जुड़े सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन सभी ने एकजुट होकर आशीर्वाद और शुभकामनाओं के साथ किया।

PM Modi Malaysia Visit: प्रधानमंत्री मोदी के मलेशिया दौरे का दूसरा दिया, दिया गया ‘गार्ड ऑफ ऑनर’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर पहुंचे हैं. रविवार, 8 फरवरी 2026 को उन्हें मलेशिया के प्रधानमंत्री कार्यालय पेरदाना पुत्रा भवन में भव्य औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.

यह स्वागत भारत और मलेशिया के मजबूत और पुराने रिश्तों को दर्शाता है.

प्रधानमंत्री मोदी शनिवार, 7 फरवरी को कुआलालंपुर पहुंचे थे, जहां मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम खुद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने पहुंचे. इस दौरान मलेशिया के मानव संसाधन मंत्री रामनन रामकृष्णन और उप विदेश मंत्री लुकानिस्मान बिन अवांग साउनी भी मौजूद रहे.

संगीत व नृत्य की शानदार प्रस्तुति

रविवार को हुए स्वागत समारोह में लाल कालीन बिछाया गया और पारंपरिक संगीत व नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी गई. इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए भारत और मलेशिया की साझा विरासत को दिखाया गया. इस गर्मजोशी भरे स्वागत से प्रधानमंत्री मोदी भावुक नजर आए. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि उन्हें अपने मित्र प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम द्वारा दिए गए स्नेहपूर्ण स्वागत ने बहुत प्रभावित किया है और वे बातचीत को लेकर उत्साहित हैं.

भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे

स्वागत के बाद दोनों प्रधानमंत्री एक ही गाड़ी में सवार होकर कुआलालंपुर में आयोजित भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे. इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और मलेशिया के लोगों के बीच मजबूत रिश्तों की सराहना की और इसे दोनों देशों की दोस्ती की असली ताकत बताया.इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच अहम द्विपक्षीय बातचीत होने वाली है. इन बैठकों में रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश, तकनीक और नवाचार जैसे कई विषयों पर चर्चा होगी. उम्मीद है कि इस दौरान कई समझौते भी किए जाएंगे, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे.

प्रधानमंत्री मोदी का बयान

यात्रा से पहले दिए गए बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत और मलेशिया के संबंध लगातार आगे बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस दौरे का मकसद रक्षा सहयोग बढ़ाना, आर्थिक साझेदारी को मजबूत करना और नए क्षेत्रों में साथ काम करना है. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मलेशिया की तीसरी यात्रा है और अगस्त 2024 में दोनों देशों के रिश्तों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिलने के बाद यह उनकी पहली यात्रा है.

8वें वेतन आयोग की वेबसाइट हुई लॉन्च; शुरू हुआ सुझाव लेने का दौर, वेतन बढ़ोतरी की उम्मीद तेज…

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8th Pay Commission Website Launch: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आठवें वेतन आयोग को लेकर राहत की खबर सामने आई हैं. लंबे समय से वेतन बढ़ोतरी और ढांचे में बदलाव को लेकर चल रहा इंतजार अब खत्म होने की दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है.

सरकार की ओर से 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दिया गया हैं.

कुछ दिन पहले ही केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग के लिए दिल्ली में ऑफिस की जगह सुनिश्चित की थी. जहां से आयोग अपने आगे का काम कर सकता है. वहीं, अब वेबसाइट को लाइव कर दिया गया है. इस वेबसाइट के जरिए आयोग ने कर्मचारियों और अन्य स्टेकहोल्डर्स से संबंधित सुझाव मांगे है कि वे अपने वेतन ढांचे में किस तरह के सुधार और बदलाव चाहते हैं. आइए इस विषय में जानते हैं…..

अपने सुझाव ऐसे भेज सकते हैं लोग

8वें वेतन आयोग ने सभी को साथ जोड़ने के लिए यह कदम उठाया है. आयोग ने साफ किया है कि वह अब केवल मंत्रालयों, विभागों और कर्मचारी संगठनों से ही नहीं, बल्कि आम कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से भी सुझाव और विचार लेना चाहता है. इसी उद्देश्य से ‘MyGov’ पोर्टल के साथ साझेदारी की गई है, ताकि हर व्यक्ति अपनी बात आसानी से आयोग तक पहुंचा सके.

आयोग का मानना है कि जिन लोगों पर इसका सीधा असर पड़ता है, उनकी भागीदारी सबसे जरूरी है. चाहे आप नौकरी में हों, रिटायर हो चुके हों या किसी यूनियन से जुड़े हों, आप आधिकारिक वेबसाइट या MyGov पोर्टल के जरिए अपनी राय दर्ज करा सकते हैं.

सुझाव भेजने की प्रक्रिया हुई पूरी तरह ऑनलाइन

8वें वेतन आयोग ने साफ तौर पर बताया है कि अब सुझाव भेजने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी. आयोग फिजिकल दस्तावेज, पत्र या ईमेल के जरिए भेजी गई किसी भी सुझाव पर विचार नहीं करेगा. सभी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अपनी बात रखने के लिए केवल MyGov पोर्टल का ही इस्तेमाल करना होगा.

आयोग ने यह भी भरोसा दिलाया है कि सुझाव देने वाले लोगों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी. कर्मचारी बिना किसी दबाव, डर या झिझक के अपने विचार और सुझाव साझा कर सकते हैं.

Nitin Nabin Bungalow: नितिन नवीन को मिला टाइप-8 सरकारी बंगला, जानें कितनी तरह के होते हैं सरकारी आवास?

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Nitin Nabin Bungalow: भारतीय जनता पार्टी के नए नियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन को टाइप 8 सरकारी बंगले का अलॉटमेंट मिला है. उन्हें नई दिल्ली में 1 मोतीलाल नेहरू मार्ग पर आधिकारिक आवास अलॉट किया गया है.

आइए जानते हैं कि कितने तरह के होते हैं सरकारी आवास.

भारत में सरकारी आवास

भारत में सरकारी आवास एक अच्छी तरह से तय पद के मुताबिक अलॉट किए जाते हैं. इन घरों का प्रबंधन केंद्रीय लोक निर्माण विभाग करता है और इन्हें टाइप 1 से टाइप 8 तक वर्गीकृत किया गया है. कैटिगरी अधिकारियों के वेतन स्तर, पद और संवैधानिक स्थिति पर निर्भर करती है. जैसे-जैसे कैटिगरी नंबर बढ़ता है वैसे-वैसे आवास का आकार, सुविधा, स्थान और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ती जाती है.

निचली कैटिगरी बुनियादी आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए होती हैं. इसी के साथ उच्च कैटिगरी आधिकारिक जिम्मेदारी, सुरक्षा आवश्यकता और सार्वजनिक जीवन को सपोर्ट करने के लिए डिजाइन की गई है.

टाइप 1 से टाइप 3 आवास

टाइप 1 आवास मल्टी टास्किंग स्टाफ और ग्रुप डी कर्मचारी जैसे निचली रैंक के सरकारी कर्मचारियों के लिए होते हैं. यह छोटी यूनिट होती है जिनमें न्यूनतम सुविधाएं होती हैं. यह सुविधाएं पूरी तरह से बुनियादी रहने की जरूरत पर केंद्रित होती हैं.

टाइप 2 और टाइप 3 आवास जूनियर स्टाफ क्लर्क और एंट्री लेवल कर्मचारियों को अलॉट किए जाते हैं. यह घर टाइप 1 यूनिट से थोड़े बड़े होते हैं और छोटे परिवारों के लिए उपयुक्त होते हैं. लेकिन आकार और सुविधा दोनों में ये अभी भी सामान्य ही रहते हैं.

टाइप 4 आवास

टाइप 4 आवास सेक्शन ऑफिसर और समकक्ष पदों जैसे मध्यम स्तरीय अधिकारियों के लिए आरक्षित है. यह आवास बेहतर रहने की जगह, बेहतर सुविधाएं और ज्यादा आरामदायक लेआउट प्रदान करते हैं.

टाइप 5 और टाइप 6 आवास

टाइप 5 और टाइप 6 आवाज डिप्टी सेक्रेटरी, डायरेक्टर और समकक्ष रैंक के अधिकारियों को अलॉट किए जाते हैं. यह घर काफी बड़े होते हैं, अक्सर बेहतरीन इलाकों में होते हैं और साथ ही अतिरिक्त भत्ते और सुविधाओं के साथ आते हैं.

टाइप 7 बंगले

टाइप 7 बंगले ब्यूरोक्रेसी के सबसे ऊंचे लेवल के अधिकारियों के लिए होते हैं. इसमें सेक्रेट्री लेवल के अधिकारी और कुछ खास संवैधानिक या प्रशासनिक पदों पर बैठे लोग शामिल हैं. यह बंगले बड़े और स्वतंत्र यूनिट होते हैं, जिनमें काफी बेहतर सुरक्षा और सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर होता है.

टाइप 8 सरकारी बंगला

टाइप 8 बंगला भारत में सरकारी आवास की सबसे ऊंची और सबसे प्रतिष्ठित कैटिगरी है. यह कैबिनेट मंत्री, सुप्रीम कोर्ट के जज, पूर्व प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी के अध्यक्षों के लिए आरक्षित है. यह बंगला आमतौर पर 8000 से 9000 वर्ग फुट या उससे भी ज्यादा में फैला होता है. इन घरों में आमतौर पर 8 से ज्यादा बड़े कमरे होते हैं. इनमें 5 से 6 बेडरूम, एक बड़ा ड्राइंग रूम, एक स्टडी, डायनिंग एरिया और एक मॉडर्न किचन शामिल है.

खूब बरसेगा पैसा, निवेशक होंगे मालामाल! लगने जा रहा 3840 करोड़ का दांव, अगले हफ्ते IPO बाजार में नई हलचल…

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Upcoming IPO Next Week: कल यानी कि 9 फरवरी से नया हफ्ता शुरू हो रहा है. इस दौरान कई कंपनियों के आईपीओ लॉन्च होंगे. ऐसे में आईपीओ के जरिए पैसा कमाने की चाह रखने वाले निवेशकों के लिए यह काम की खबर हो सकती है.

9 फरवरी से शुरू हो रहे हफ्ते में मेनबोर्ड और SME सेगमेंट में तीन कंपनियों के आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेंगे. इसके अलावा, चार कंपनियों की लिस्टिंग भी होने वाली है. आइए इन पर एक नजर डालते हैं:-

मेनबोर्ड सेगमेंट

फ्रैक्टल एनालिटिक्स (Fractal Analytics)

फ्रैक्टल एनालिटिक्स का आईपीओ एक बड़ा मेनबोर्ड इश्यू है, जो 9-11 फरवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा. इसका साइज 2833.90 करोड़ रुपये है. इसमें नए शेयरों के साथ-साथ ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत भी शेयरों की बिक्री भी शामिल होगी. आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 857-900 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है. निवेशक 16 शेयरों के लॉट में पैसे लगाने का मौका मिलेगा.

कंपनी ने कहा है कि आईपीओ से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल बिजनेस से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा. इसमें US में अपनी सब्सिडियरी में निवेश करना, पुराने कर्जों का भुगतान, ऑफिस इंफ्रास्ट्रक्चर का दायरा बढ़ाना, रिसर्च और डेवलपमेंट को मजबूत करना, सेल्स और मार्केटिंग एक्टिविटीज को सपोर्ट करने जैसी शामिल हैं.

Aye Finance IPO

9 फरवरी को खुलने वाला एक और मेनबोर्ड IPO है Aye Finance. इसके लिए निवेशक 11 फरवरी तक बोली लगा सकेंगे. 1010 करोड़ रुपये के इस इश्यू में नए इक्विटी शेयर और मौजूदा निवेशकों द्वारा ऑफर-फॉर-सेल दोनों शामिल हैं. IPO की कीमत 122-129 रुपये प्रति शेयर रखी गई है. निवेशक एक लॉट में 116 शेयरों के लिए दांव लगा सकेंगे. Aye Finance इश्यू से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल अपने कैपिटल बेस को मजबूत करने और भविष्य में बिजनेस ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए करेगी. यह एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी है, जो माइक्रो और छोटे उद्यमों को लोन देने का काम करती है.

SME आईपीओ

मरुशिका टेक्नोलॉजी (Marushika Technology)

SME सेगमेंट में मरुशिका टेक्नोलॉजी का IPO 12 फरवरी को खुलेगा और 16 फरवरी को बंद होगा. इश्यू का साइज 26.97 करोड़ रुपये है और इसमें पूरी तरह से नए इक्विटी शेयर शामिल हैं. IPO का प्राइस बैंड 111-117 रुपये प्रति शेयर है. कंपनी के शेयर NSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे, जिसकी संभावित लिस्टिंग की तारीख 19 फरवरी तय की गई है.

मरुशिका टेक्नोलॉजी IT और टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोडक्ट्स को डिस्ट्रीब्यूट करने का काम करती है. कंपनी इस इश्यू से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, वर्किंग कैपिटल की ज़रूरतों को पूरा करने और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी.

इन कंपनियों की लिस्टिंग

अगले हफ्ते चार कंपनियां शेयर मार्केट में अपना डेब्यू करने जा रही हैं. Brandman Retail और Grover Jewells 11 फरवरी को लिस्ट होने वाली हैं. Biopol Chemicals और PAN HR Solutions की 13 फरवरी को मार्केट में एंट्री लेगी.

भारत की नागर और द्रविड़ शैली के मंदिर का रहस्य! जानें इनके बीच का अंतर और इतिहास?

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भारत की आध्यात्मिक आत्मा हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियों से लेकर तमिलनाडु के तपते मैदानों तक फैले हजारों मंदिरों में वास्तुकला के जरिए प्रकट होती है.

हालांकि ये मंदिर अनुष्ठान, भक्ति और आध्यात्मिक सामंजस्य की समान भावना की पूर्ति करते हैं, फिर भी इन्हें दो बेहद अलग-अलग शैलियों के अनुरूप बनाया गया है.

उत्तर भारत की नागर और दक्षिण भारत की द्रविड़ शैली एक-दूसरे के डिजाइन से बेहद अलग है. ये इतिहास, संस्कृति, जलवायु और वैश्विक नजरिए से गहरी विविधता को दर्शाते हैं. आइए जानते हैं कि इन दोनों ही भारतीय मंदिर के वास्तुकला में क्या अंतर है?

भगवान जगन्नाथ स्वामी का मंदिर अन्य विष्णु मंदिर से अलग क्यों हैं? जानिए इसके पीछे का रहस्य?

उत्तर भारत के मंदिर नागर शैली पर आधारित

उत्तर भारत में नागर शैली की उत्पत्ति गुप्त काल (करीब 5वीं शताब्दी ईस्वी) में हुई, जिसे भारतीय कला और साहित्य का गोल्डन युग कहा जाता है. यह शैली विशेष रूप से उत्तर भारत के उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा और बिहार जैसे राज्यों में खूब फली-फूली.

नागर मंदिर की खास बात उनका घुमावदार शिखर है, जो गर्भगृह के ऊपर तीव्र रूप से ऊपर की उठा रहता है. यह ऊर्ध्वाधर, ऊंचे आकार को भक्त की दृष्टि और आत्मा को ऊपर की ओर आकर्षित करने के लिए बनाया गया था, जो सांसारिक मोक्ष का प्रतीक है.

गर्भगृह आमतौर पर अंधेरा और ध्यानमग्न वाला होता है, जो आध्यात्मिक अंतर्मुखता के लिए स्थान प्रदान करता है.

नागर मंदिर आमतौर पर छोटे होते हैं, जिनमें न्यूनतम चारदीवारी और द्वार होते हैं, और भव्यता की तुलना में अधिक ऊर्ध्वाधरता पर अधिक जोर दिया जाता है. कुछ सबसे प्रतिष्ठित नागर मंदिरों में खजुराहों का कंदरिया महादेव मंदिर, कोणार्क सूर्य मंदिर और हिमालय में स्थित केदारनाथ मंदिर शामिल है.

द्रविड़ शैली दक्षिण क्षेत्रों पर आधारित

नागर शैली के विपरीत, द्रविड़ शैली का विकास पल्लव वंश के शासन काल में 6ठीं-7वीं शताब्दी ईस्वी के आसपास शुरू हुआ, लेकिन चोल, पांड्य और बाद में विजयनगर राजाओं के शासनकाल में यह शैली काफी फली-फूली. ये मंदिर दक्षिणी राज्यों तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में प्रमुख है.

नागर मंदिरों के ऊंचे शिखरों के उलट, द्रविड़ मंदिरों में गर्भगृह के ठीक ऊपर बने पिरामिडानुमा मीनारें होती हैं, जिन्हें विमान कहा जाता है. लेकिन इनसे भी ज्यादा आकर्षण का केंद्र इनके विशाल गोपुरम होते हैं. ये भव्य प्रवेश द्वार मीनारें आमतौर पर गर्भगृह से भी बड़े होते हैं और देवी-देवताओं, राक्षसों, नर्तकियों और जानवारों की मूर्तियों से सजे होते हैं.

द्रवि़ड़ मंदिर एक किले की तरह निर्मित होते हैं, जिनकी ऊंची दीवारें कई संकेंद्रित प्रांगणों को आपस में घेरे रहती हैं, जो परिक्रमा, धार्मिक गतिविधियों और सामुदायिक उत्सवों को प्रोत्साहित करती हैं.

ये मंदिर कठोर ग्रेनाइट से बने होते हैं, जो आर्द्र और मानसूनी जलवायु वाले दक्षिणी क्षेत्र के लिए आदर्श हैं. प्रसिद्ध उदाहरणों में तंजावुर का वृहदीश्वर मंदिर, मदुरै का मीनाक्षी मंदिर, रामेश्वरम मंदिर और हम्पी का विरुपाक्षा मंदिर शामिल हैं.

‘सत्ता हमारे लिए जनता की सेवा का माध्यम’, दिल्ली सरकार का एक साल पूरा होने पर बोलीं CM रेखा गुप्ता…

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दिल्ली में सरकार का एक साल पूरा होने पर रेखा गुप्ता सरकार का राम लीला मैदान में कार्यक्रम हो रहा है. इसमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद हैं. कार्यक्रम के दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सत्ता हमारे लिए सुख भोगने के लिए नहीं बल्कि जनता की सेवा का माध्यम है.

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “8 फरवरी 2025 का दिन ऐतिहासिक था क्यो की इस दिन दिल्ली की सत्तर में से 48 सीट पर बीजेपी के विधायक जीताकर सरकार बनाने का रास्ता पूरी तरफ से साफ कर दिया. और ये राम लीला मैदान कई संघर्ष और आंदोलन का गवाह है और ये वही राम लीला मैदान है जहां अन्ना आंदोलन हुआ और इसी राम लीला मैदान में कसम खाई थी की राजनीति में नहीं जाएँगे गाड़ी घर नहीं लेंगे.”

सीएम ने ये भी कहा, “इसी राम लीला मैदान ने उन्हें सत्ता तक पहुंचाया लेकिन दिल्ली की जानता ने उतार कर दिल्ली में कमल खिला दिया. 27 साल बाद दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनी और उसी दिन से दिल्ली विश्वास का पनपना शुरू हुआ और उसी दिन से दिल्ली में हमारे 48 विधायक जनता की सेवा में जुट गए. दिल्ली की जितनी लटकी भटकी समस्याए है उनका हल किया जाए.”

उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम भी एक बड़ा कार्यक्रम है जिसमे 500 नई ई बसे जनता को समर्पित की जा रही है और 2028 तक दिल्ली में 14000 हज़ार बसे दिल्ली की सड़को पर दौड़ती नजर आये. दिल्ली की जो समस्या है पर्यावरण की उसमे भी ये बसे बहुत सहयोगी साबित होगी. हम मेट्रो का विस्तार कर रहे है और दिल्ली मेट्रो के लिए हमने पांच हजार करोड़ का बजट तय किया.

दिल्ली की सरकार और सभी मंत्रियों को और अधिक काम करने की जरूरत है. सभी क्षेत्रों में रोड, जमीन कब्जा, स्कूल, सार्वजनिक स्थानों पर पब्लिक सुविधाएं के भी रख रखाव भी निरंतर चलने वाली प्रक्रिया के तहत सुधार भी होते रहना चाहिए. सड़को पर गड्ढे आए दिन किसी न किसी बहाने मौत को दावत देती हैं और खबरें सुर्खियों में…