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“बस से टकराया बजरी से भरा ट्रक, ड्राइवर समेत 20 की मौत, कटकर इधर-उधर बिखरे हाथ-पैर”

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तेलंगाना के विकाराबाद जिले में में आज सोमवार 3 नवंबर 2025 को एक भीषण सड़क हादसा हुआ. यहां के विकाराबाद जिले में चेवेल्ला के पास मिर्जागुडा में बजरी से भरे एक ट्रक की बस से टक्कर हो गई. बताया जा रहा है कि RTC बस विपरीत दिशा से आ रही थी.

ट्रक से टकराने के कारण इसमें कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई और 8 घायल हो गए. चेवेल्ला के SP बी किशन के मुताबिक RCT बस तंदूर से चली थी और उसे चेवेल्ला पहुंचना था.

16 की मौत

घटना को लेकर SP ने कहा,’ ट्रक बजरी से भरा हुआ था. अभी तक हम पुष्टि कर सकते हैं कि दुर्घटना में ट्रक चालक और कई बस यात्रियों समेत 16 लोगों की मौत हो गई.’ राजेंद्रनगर के DCP योगेश गौतम के मुताबिक ट्रक सही लेन में था, तभी उसकी बस से टक्कर हो गई.

DCP ने कहा,’ हमें यह सत्यापित करना होगा कि दुर्घटना तब हुई जब ट्रक चालक ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था या वह गलत दिशा में गाड़ी चला रहा था.’

सीएम ने ली जानकारी

घटना को लेकर DCP ने कहा,’ दुर्घटना बीजापुर हाईवे पर हुई. हम बस से शवों और घायलों को निकालकर अस्पतालों में पहुंचा रहे हैं. दोनों तरफ से यातायात को डायवर्ट किया जा रहा है.’ तेलंगाना CMO ने घटना को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट किया,’ मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने रंगारेड्डी जिले के चेवेल्ला मंडल में हुई सड़क दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया.’ सीएम ने आधिकारियों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर जरूरी राहत उपाय करने के आदेश दिए और घटना का पूरा विवरण मांगा. इसके अलावा घायलों को तुरंत हैदराबाद पहुंचाकर बेहतर इलाज उपलब्ध करवाने का आदेश दिया. मंत्रियों को भी तुरंत घटनास्थल पहुंचने के लिए कहा गया है.

घायलों का निगरानी में हो रहा इलाज

तेलंगाना के IT और उद्दोग मंत्री दुदिल्ला श्रीधर बाबू ने घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत जिला कलेक्टर , पुलिस अधिकारियों और संबंधित विभागों के सीनियर ऑफिसर्स से इसकी वर्तमान सथिति पर डीटेल्ड रिपोर्ट मांगी. इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों से बिना देरी के हॉस्पिटल पहुंचने और बचाव कार्यों की व्यक्तिगत निगरानी करने का आदेश दिया. इसके लिए उन्होंने टेलीकॉन्फ्रेंसिंग भी की. मंत्री ने बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे अधिकारियों को पीड़ितों के के परिवारों को आश्वासन दिलाने का आदेश दिया है कि सरकार पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है.

‘ऑपरेशन सिंदूर अभी स्थगित हुआ है…’ भारतीय सेना और लीडरशिप की तरफ से पाकिस्तान को दिया गया यह मैसेज…’

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‘ऑपरेशन सिंदूर अभी स्थगित हुआ है…’ भारतीय सेना और लीडरशिप की तरफ से पाकिस्तान को दिया गया यह मैसेज आतंकियों के दिलों में घर कर गया है. वहां झन्नाटे से चल रही आतंकियों की फैक्ट्री अब झटके खाने लगी है.

अंदर ही अंदर हाफिज सईद जैसे आकाओं के खिलाफ आतंकी काडर में गुस्सा बढ़ रहा है. इसकी वजह भी दिलचस्प है. पूरे पाकिस्तान में भारत कहीं भी निशाना लगा सकता है, इस डर से लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के टॉप लीडर सारी ताकत अपनी जान बचाने में लगा रहे हैं. उधर, आईएसआई इन आतंकी समूहों को फिर से जिंदा करने की कोशिश में लगी है लेकिन दोनों समूह कमबैक नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उनकी लीडरशिप अंडरग्राउंड है. यह बात काडर को समझ में आ गई है कि जिहाद के नाम वे सिर्फ ‘ईंधन’ बन रहे हैं, मौज तो मसूद अजहर और हाफिज सईद जैसे लोग काट रहे हैं.

जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर भीतर से टूट चुका है क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसका परिवार खत्म हो गया. भारतीय सशस्त्र बलों की सटीक कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद का बहावलपुर मुख्यालय मलबे में तब्दील हो गया. उस जगह पर अजहर के परिवार के जो लोग भी थे, वे मारे गए. हाफिज सईद के संगठन लश्कर-ए-तैयबा को भी इस ऑपरेशन में भारी नुकसान हुआ. ऐसे में वह आज तक लड़खड़ाया पड़ा है. सईद खुद छिप गया है और भारतीय खुफिया अधिकारियों की मानें तो उसे डर है कि कोई उसे खत्म करने की कोशिश कर सकता है.

तुम तो गायब, हमें क्यों छोड़ा?

ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों आतंकी संगठनों में गुस्सा बढ़ रहा है. संगठनों में कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि उन्हें खुला क्यों छोड़ दिया गया जबकि उनके चीफ को आईएसआई या पाकिस्तानी सेना से सीधे सुरक्षा मिल रही है. वे ऑपरेशन के बाद अपने सरगना की चुप्पी पर भी सवाल उठा रहे हैं. कई लोगों को लगता है कि सईद और अजहर जैसे लोग सिर्फ अपने और अपने परिवार के बारे में सोचते हैं. जब बात अपने गुर्गों की आती है, तो वे उनका ख्याल नहीं रखते.

क्या जिहाद सिर्फ हमारे लिए है?

आतंकी संगठनों के कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या जिहाद और मौत सिर्फ उनके लिए ही है, उनके सरगना के लिए नहीं. एक तरह से वे सवाल कर रहे हैं कि अब कहां गया जिहाद? वे लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेशनल कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी का उदाहरण देकर पूछ रहे हैं, जो अब भी उच्च सुरक्षा वाले ठिकानों पर रह रहा है.

लखवी कई साल से सीन से गायब है. ऐसे में आतंकियों का काडर पूछ रहा है कि लीडर कहां गायब है? जैश-ए-मोहम्मद के मामले में अजहर के परिवार को खोने के बाद सपोर्टर शुरू में तो जोश में थे लेकिन काफी समय से वह दिखा नहीं तो सब निराश हो गए. अब यह एहसास होने लगा है कि अजहर के जिन वीडियो को ताजा बताकर फैलाया जा रहा है, वे असल में पुराने हैं. अधिकारियों का कहना है कि इन सभी घटनाओं ने आतंकियों में भारी असंतोष पैदा कर दिया है.

तालिबान से भिड़ने पर नाराज

ऑपरेशन सिंदूर ने जहां इन दोनों संगठनों की कमर तोड़ दी, वहीं अफगानिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के घटनाक्रम ने भी आतंकी जमात को नाराज कर दिया है. सभी जानते हैं कि लश्कर और जैश दोनों सेना या आईएसआई के इशारे पर चलते हैं. ज्यादातर आतंकी समझ नहीं पा रहे हैं कि ये दोनों संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान या अफगान तालिबान को लेकर पाकिस्तान सरकार के रुख पर चुप क्यों हैं.

अफगानिस्तान में हवाई हमले और टीटीपी के खिलाफ लड़ाई आतंकी समूहों को ठीक नहीं लगी. वे तालिबान से लड़ने के औचित्य पर ही सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि हमें तो भारत और पश्चिमी ताकतों के खिलाफ लड़ना था लेकिन शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर ट्रंप की जय-जयकार करने में व्यस्त हैं.

“सुरक्षा बलों का ‘SADO’ अभियान: कश्मीर के जंगलों में दो पुराने आतंकवादी ठिकाने ध्वस्त, आतंक की जड़ें उखाड़ीं”

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दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षा बलों ने ‘SADO’ अभियान चलाकर जंगलों में छिपे दो पुराने आतंकवादी ठिकानों को ढूंढकर बर्बाद कर दिया. एक महत्वपूर्ण आतंकवाद-रोधी अभियान में सुरक्षा बलों ने दक्षिण कश्मीर के कुलगाम ज़िले के दमहाल हंजीपोरा के जंगली इलाकों में लंबे समय से बंद पड़े दो आतंकवादी ठिकानों का पता लगाया और उन्हें ध्वस्त कर दिया.

अधिकारियों ने पुष्टि की कि सोमवार को एक सावधानीपूर्वक नियोजित संयुक्त तलाशी के दौरान यह सफलता मिली. इस अभियान का नेतृत्व भारतीय सेना की 9 राष्ट्रीय राइफल्स (RR) ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर किया. इलाके में संभावित आतंकवादी ढांचे के बारे में सटीक खुफिया जानकारी मिलने पर सैनिकों ने अहमदबाद और नेंगरीपोरा के जंगलों के बीच के ऊबड़-खाबड़ इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया.

किस लिए आतंकी इस ठिकाने का करते थे प्रयोग?

सुरक्षा बलों के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संवाददाताओं को बताया, “दो पुराने ठिकानों का सफलतापूर्वक पता लगाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया गया.” “इन ढांचों का इस्तेमाल संभवतः आतंकवादियों की तरफ से अतीत में आश्रय और भंडारण के लिए किया जाता था, लेकिन भविष्य में किसी भी तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए इन्हें निष्क्रिय कर दिया गया है.”

आंतकी ठिकानों में क्या मिला?

इस अभियान के दौरान, कर्मियों ने छिपे हुए बंकरों से गैस सहित कई वस्तुएं बरामद कीं. सिलेंडर, कपड़े और अन्य विविध सामग्री बरामद की गई. कोई विस्फोटक या हथियार नहीं मिला, जिससे संकेत मिलता है कि ये ठिकाने कुछ समय से निष्क्रिय थे. अधिकारी ने आगे कहा, “ये बरामदगी क्षेत्र में पिछली आतंकवादी गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती है.” कुलगाम के जंगली इलाके ऐतिहासिक रूप से घाटी में सक्रिय आतंकवादी समूहों के लिए ठिकाने रहे हैं, हालांकि इस तरह की मुठभेड़ों और छापेमारी ने हाल के वर्षों में उनके नेटवर्क को काफी हद तक बाधित किया है. अधिकारियों का मानना ​​है कि ये ठिकाने उग्रवाद के पुराने दौर के हैं, और संभवतः तीव्र आतंकवाद-रोधी अभियानों के बीच इन्हें छोड़ दिया गया होगा.

जांच है जारी

सक्रिय आतंकवादी मॉड्यूल से किसी भी संबंध का पता लगाने या फोरेंसिक साक्ष्य एकत्र करने के लिए आगे की जांच जारी है. यह छापेमारी दक्षिण कश्मीर में कड़ी सतर्कता के बीच हुई है, जहां सुरक्षा बल स्थिरता बनाए रखने के लिए नियमित गश्त और खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान चला रहे हैं.

” छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव राज्योत्सव 2025 – विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राज्योत्सव में शिरकत की”

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राजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सर्वेश्वरदास नगर पालिक निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (म्यूनिसिपल स्कूल मैदान) राजनांदगांव में आयोजित राज्योत्सव 2025 कार्यक्रम में शिरकत की।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सभी को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के बाद 26वें वर्ष में प्रवेश कर रहे है और आज छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव मना रहे है। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव छत्तीसगढ़ राज्य की 25 वर्षों की विकास यात्रा है।

राज्य निर्माण के प्रारंभिक वर्षों में छत्तीसगढ़ में क्षेत्रीय असंतुलन की स्थिति रही तथा कुपोषण एवं पलायन जैसी स्थिति एवं चुनौतियां थी। जनमानस की आशा, उम्मीदें और एक नई कल्पना को लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने नये राज्य का निर्माण किया। आज 25 साल की यात्रा पूरी होने के बाद छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता उन्हें बहुत धन्यवाद देती है। जिन उम्मीदों और विश्वास को लेकर उन्होंने एक नये राज्य का निर्माण किया, जिससे छत्तीसगढ़ विकास की ओर अग्रसर हो रहा है।

उन्होंने अनुभव साझा करते हुए बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करने के दौरान राज्य निर्माण के प्रारंभिक वर्षों में अधोसंरचना की कमी महसूस हुई थी। जिसे पूरा करने के लिए तेजी से कार्य किए गए। प्रदेश में 40 हजार नये स्कूल खोले गए। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय राजमार्ग के मार्ग के माध्यम से लगभग 60 हजार सड़कों का जाल बिझाया गया। नर्सिंग कालेज की संख्या 1 से बढ़कर 84 हुई। मेडिकल कालेज की संख्या 2 से बढ़कर 15 हुई। कुपोषण एवं पलायन को रोकने के लिए खाद्यान्न सुरक्षा अधिनियम के तहत गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के लिए नि:शुल्क चावल देने की व्यवस्था की गई, जिससे पलायन में कमी आयी।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रहे है। उन्होंने कहा कि कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की जा रही है। जिसके तहत प्रदेश में 145 लाख मीट्रिक टन रिकार्ड धान खरीदी की गई है और धान खरीदी का एक इतिहास बना है। किसानों को बोनस की राशि मिली।

महतारी वंदन योजना के तहत 65 लाख महिलाओं के खाते में प्रतिमाह महिलाओं के खाते में 670 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की जा रही है। हमारा छत्तीसगढ़ तेजी से विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश का गौरव बढ़ाया है। जिससे हमारा देश विश्व के चौथे शक्तिशाली देश के रूप में उभरकर सामने आया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में लगभग 65 लाख आवास बनाए है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में प्रगति, जिले में मेडिकल कालेज, आरोहण बीपीओ सेंटर, प्रवास आवासीय विद्यालय एवं शासन की विभिन्न योजनाओं से शहरी विकास के लिए अनगिनत कार्य किए गए है। विकास की यह रफ्तार तेज है और हमारा प्रदेश विकसित राज्यों की श्रेणी में एक अग्रणी राज्य के तौर पर शामिल हुआ।

उन्होंने इस अवसर पर जिले के लिए योगदान देने वाली हस्तियों स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर प्यारे लाल सिंह, श्री गजानंद माधव मुक्तिबोध, श्री पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र, श्री विनोद शुक्ल, श्री शरद कोठारी, श्री कुंज बिहारी, दाऊ मंदराजी, लोककला के क्षेत्र में योगदान देने वाले पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर, श्री खुमान साव, श्री किशोरी लाल शुक्ल, समाज सेवी पद्मश्री फूलबासन बाई यादव का स्मरण किया।

महापौर श्री मधुसूदन यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय पद्मश्री अटल बिहारी वाजपेयी को है। प्रदेश बनने के बाद छत्तीसगढ़ एवं राजनांदगांव जिले को तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का स्नेह एवं प्रेम मिला। जिले में बहुत से विकास कार्य हुए, जिनमें शासकीय मेडिकल कालेज, नर्सिंग कालेज, कृषि महाविद्यालय एवं अनेक उपलब्धियां प्राप्त हुई। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव ने कहा कि छत्तीसगढ़ विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य निर्माण स्थापना का श्रेय जहां पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय पद्मश्री अटल बिहारी वाजपेयी को है।

वही प्रदेश को प्रगति की ओर ले जाने वाले तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के विकास के लिए दिशा दी। इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह प्रतिवेदन का वाचन किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में जिले में लगभग 21,328 ग्रामीण एवं लगभग 9135 शहरी परिवारों के पक्के आवास का सपना पूरा हुआ है। वर्ष 2024-25 में जिले के 1 लाख 25 हजार 611 किसानों से 7014916 क्विंटल धान की खरीदी की गई और 61739.23 लाख का भुगतान किया गया है। जिले की 2.56 लाख महिलाओं को 20 किस्तों में 483.18 करोड़ रूपए का भुगतान बैंक खाते के माध्यम से किया गया है।

उन्होंने जिले में किए जा रहे नवाचार एवं उपलब्धियों के संबंध में जानकारी दी। सांस्कृतिक कार्यक्रम अंतर्गत छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोक गायिका आरू साहू ने रामसिया राम.., राम आयेंगे.. जैसे भजन एवं लोकगीतों की सुमधुर प्रस्तुति दी गई।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा, अध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव श्रीमती प्रतिमा चन्द्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती किरण साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती देव कुमारी साहू, श्री खूबचंद पारख, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री सचिन बघेल, श्री प्रदीप गांधी, श्री रामजी भारती, श्री दिनेश गांधी, श्री संतोष अग्रवाल, श्री भरत वर्मा, आईजी श्री अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता शर्मा, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम श्री गौतम पाटिल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

“सशक्त नारी, समृद्ध छत्तीसगढ़” राज्योत्सव में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

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रायपुर: प्रधानमंत्री मोदी की सौगातों से आरम्भ छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का आज दूसरा दिन भी कई कारणों से ध्यान आकर्षित करने वाला रहा है।

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव की उपलब्धियों में शामिल महिला एवं बाल विकास विभाग की स्टॉल महिला सशक्तिकरण की अप्रतिम उदाहरण है। इस स्टॉल में जाकर ऐसा लगता है जैसे यहाँ सिर्फ प्रदर्शनी नहीं, बल्कि महिलाओं के बदलते जीवन की गाथा सजी हुई है।

महिला एवं बाल विकास विभाग की इस स्टाल में यहाँ हर योजना से जुड़ी महिलाओं की मुस्कान आत्मविश्वास की कहानी कहती है और हर उत्पाद उस मेहनत का प्रतीक है, जिसने घर की सीमाओं से बाहर आकर एक नई पहचान बनाई है।

“महतारी वंदन” से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ती कदम

महतारी वंदन योजना की राशि छत्तीसगढ़ की महिलाओं की नई कहानी लिख रही है। हर महिला के लिए प्रति माह मिलने वाली 1000 रुपए अब सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और स्वावलंबन का प्रतीक बन चुकी हैं।

राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु प्रारंभ की गई महिला उत्थान योजना आज हज़ारों घरों में नई ऊर्जा भर रही है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र महिला को 1000 रुपए की मासिक सहायता राशि दी जा रही है, जो उनके लिए आत्मनिर्भरता की पहली सीढ़ी बनी है।

पुष्पा बाई की मुस्कान में आत्मविश्वास की चमक

अभनपुर की पुष्पा बाई पहले घर के छोटे-मोटे खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भर रहती थीं। लेकिन जब उन्हें महिला उत्थान योजना के तहत हर महीने 1000 रुपए मिलने लगी, तो उन्होंने अपने सपनों को सिलाई मशीन से जोड़ दिया। आज वे न केवल अपने गाँव की महिलाओं के कपड़े सिलती हैं, बल्कि आस-पास के हाट-बाज़ार में अपने बनाए बैग और बच्चों के कपड़े बेचकर अतिरिक्त आमदनी भी कमा रही हैं।

पुष्पा बाई कहती हैं — “पहले मैं सोचती थी कि 1000 रुपए से क्या होगा, लेकिन अब समझ आई कि यही मेरे आत्मनिर्भर बनने की पहली सीढ़ी थी।”

मंजू का हौसला – मिट्टी से सोना उगाने की कहानी

उपरवारा की मंजू ने इस राशि को अपने सपनों का बीज बना लिया। उन्होंने 1000 रुपए से सब्जी के पौधे और बीज खरीदी और घर के पीछे की छोटी-सी ज़मीन में एक “पौष्टिक बाड़ी” तैयार की। आज उनके घर के आँगन में उगती भिंडी, लौकी और टमाटर न केवल उनके परिवार के लिए पोषण का स्रोत बने हैं, बल्कि वे इन सब्ज़ियों को बेचकर हर माह अतिरिक्त आमदनी भी कमा रही हैं।

मंजू गर्व से कहती हैं — “अब मुझे लगता है, मेरे हाथों में ही मेरे परिवार का भविष्य है।”

नारी सृजन और स्व-सहायता समूहों की प्रेरक मिसालें

महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल का एक विशेष आकर्षण यह भी है कि यहाँ महिला स्व-सहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं से मिलने वाली आर्थिक लाभ की पूरी जानकारी उपलब्ध करायी जा रही है।

हाथ से बने पारंपरिक बांस उत्पाद, सुगंधित आचार-पापड़ और पौष्टिक बाड़ी के सामान — सबमें झलकता है नारी की सृजनशीलता और मातृभूमि की मिट्टी का संगम है।

प्रत्येक उत्पाद यह संदेश देता है कि जब महिलाओं को अवसर, सम्मान और विश्वास मिलता है, तो वे न केवल अपने जीवन में, बल्कि समाज में भी परिवर्तन ला सकती हैं।

समग्र विकास की दिशा में कदम

महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रदर्शनी में पोषण अभियान, आंगनबाड़ी में उपलब्ध करायी जा रही सेवाएँ, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, सखी वन स्टॉप सेंटर जैसी योजनाओं की झलक भी देखने को मिलती है।

यह प्रदर्शनी दर्शाती है कि विभाग का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं, बल्कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल और समग्र विकास की दिशा में निरंतर कार्य करना है।

इसलिए ही कहा जाता है — “जब माँ सशक्त होती है, तब भविष्य सुरक्षित होता है।” नारी शक्ति से नवा छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ सरकार का यह संकल्प स्पष्ट है कि महिलाएँ केवल परिवार नहीं, बल्कि समाज और राज्य की प्रगति की दिशा तय करती हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की यह प्रदर्शनी इस संकल्प का साकार रूप है —
जहाँ हर रंग, हर तस्वीर और हर उत्पाद यही कहता है —कि

“हम बदल रहे हैं और हमारे साथ बदल रहा है पूरा छत्तीसगढ़।”

उपराष्ट्रपति के राजनांदगांव प्रवास के दृष्टिगत विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम स्थल का लिया जायजा

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राजनांदगांव। उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन के आगामी राजनांदगांव प्रवास के दृष्टिगत विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज स्टेट स्कूल मैदान पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने मुख्य मंच, प्रदर्शनी स्टॉल, बैठक व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल, बेरिकेटिंग सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कार्यक्रम के व्यवस्थित आयोजन के लिए पार्किंग, बैठक व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कार्यक्रम की व्यवस्था  एवं तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता शर्मा ने सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग और यातायात व्यवस्थाओं के संबंध जानकारी दी। इस दौरान महापौर श्री मधुसूदन यादव, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री सौरभ कोठारी, श्री भावेश बैद, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राहुल शर्मा, आयुक्त नगर पालिक निगम श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम श्री गौतम पाटिल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

रैम्प योजना अंतर्गत जेम पोर्टल के संबंध में प्रशिक्षण सह कार्यशाला संपन्न एमएसएमई को डिजिटल व्यवसाय एवं सहकारी खरीदी की दी गई जानकारी…

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राजनांदगांव। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), महिला उद्यमियों, स्वसहायता समूहों (एसएचजी) एवं पारंपरिक कारीगरों को सरकारी मार्केटप्लेस (जेम) पोर्टल से जोडऩे तथा उनके उत्पादों की पहुंच राष्ट्रीय बाजार तक बढ़ाने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभाकक्ष राजनांदगाव में रैम्प योजना अंतर्गत एक दिवसीय जेम पोर्टल प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि जेम पोर्टल के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर खरीदी प्रणाली से जोड़ा जा सकता है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी तथा स्थानीय उद्यमियों को स्थायी बाजार मिलेगा।

महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र श्री सानू वर्गीस ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार समस्त विभागों द्वारा वस्तुओं और सेवाओं की खरीदी अब जेम पोर्टल के माध्यम से की जा रही है।

उद्यमियों और संस्थाओं के लिए इस प्लेटफॉर्म की समझ विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। प्रबंधक श्री सतविंदर सिंह भाटिया ने बताया कि रैम्प योजना अंतर्गत एमएसएमई को प्रतिस्पर्धी बनाने जिले में उद्यमिता संवर्धन, डिजिटल मार्केटिंग एवं वित्तीय पहुंच से संबंधित विभिन्न प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे है। गवर्नमेंट मार्केटप्लेस (जेम) रायपुर के मास्टर ट्रेनर श्री राकेश तिवारी ने प्रतिभागियों को पोर्टल पर पंजीयन प्रक्रिया, निविदाओं में भागीदारी, उत्पाद कैटलॉग निर्माण, मूल्य निर्धारण, ऑर्डर निष्पादन तथा एमएसएमई इकाइयों के लिए उपलब्ध लाभों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने लाइव डेमो के माध्यम से जेम पोर्टल पर उत्पाद अपलोड एवं खरीदी प्रक्रिया भी प्रदर्शित की। कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी, महिला उद्यमी, स्वसहायता समूह सदस्य, पारंपरिक कारीगर सुकमा, चैम्बर ऑफ कॉमर्स के व्यापारी उपस्थित थे।

स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न

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राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में जिला पंचायत सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

बैठक में शिविर लगाकर एक सप्ताह में पात्र हितग्राहियों का शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड एवं वयवंदन कार्ड बनाने के निर्देश दिए गए। मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत हाईरिस्क वाले गर्भवती माताओं की सूची बनाकर प्रत्येक सप्ताह फोन के माध्यम से उनकी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी एवं सलाह हेतु निर्देश दिये गये। प्रसव के 15 दिन पूर्व गर्भवती माताओं के घर प्रति दिवस मितानिनों को भ्रमण करने एवं सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराने निर्देशित किया गया। एएनसी-1 एवं एएनसी-4 पंजीयन में अंतर को कम करने तथा समस्त एएनसी शत-प्रतिशत किये जाने तथा आयरन की टैबलेट वितरण करने तथा शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव कराये कहा। संस्थागत प्रसव कम कराये जाने पर बागरेकसा, करमतरा एवं बुचाटोला प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

बैठक में टीकाकरण कार्यक्रम अंतर्गत सभी नवजात शिशुओं को बीसीजी पेन्टावैलेन्ट से लेकर एमआर-1 तक सभी टीका समयावधि में करने के कहा गया। छुटे हुए बच्चों का ड्यू लिस्ट बनाकर समिति के सदस्यों से साझा करने एवं टीकाकृत किये गये बच्चों का ऑनलाईन डाटा युविन पोर्टल पर एंट्री कर भौतिक परीक्षण करने निर्देशित किया गया। सभी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से आधारबेश ई-अटेंडेन्स की समीक्षा करने एवं शत प्रतिशत आधारबेश ई-अटेंडेन्स नहीं किये जाने पर नवम्बर माह के वेतन रोकने रोकने की कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई। बैठक में क्षय नियंत्रण कार्यक्रम, कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम एवं परिवार नियोजन कार्यक्रम में प्रगति लाने कहा गया।

डोंगरगढ़ के एनआरसी में बेड एक्युपेसी रेट 100 प्रतिशत किये जाने के निर्देश दिये गये। मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत ओपीडी में 2-3 प्रतिशत जांच एवं काउंसिलिंग करने एवं एनसीडी कार्यक्रम अंतर्गत 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों का ब्लडपेशर एवं डायबिटीज की जांच सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर में करने कहा गया। एनीमिया मुक्त कार्यक्रम अंतर्गत विप्स की गोली का वितरण एवं मॉनिटरींग करने के निर्देश दिए गए। बैठक में राष्ट्रीय कार्यक्रमों में प्रगति नहीं लाये जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. अल्पना लुनिया, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बीएल तुलावी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक  (एनएचएम) श्री संदीप ताम्रकार, शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री पुजा मेश्राम एवं जिले से समस्त स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला सलाहकार एवं समस्त विकासखण्ड से खण्ड चिकित्सा अधिकारी, खण्ड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी, विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक विकासखण्ड डाटा मैनेजर सेक्टर सुपरवाईजर, जिले एवं विकासखण्ड के समस्त जिला मितानिन समन्वयक एवं विकासखण्ड मितानिन समन्वयक उपस्थित थे।

CG: अलंकरण समारोह से पहले सूर्यकिरण टीम करेगी एयर शो पांच नवंबर को पैराट्रूपर्स दिखाएंगे फ्री फाल जंप के करतब…

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रायपुर का आसमान 5 नवंबर को सचमुच गौरव, रोमांच और राष्ट्रीय भावना की उड़ान भरने वाला है। रजत महोत्सव के समापन पर सूर्य किरण एयर शो का आयोजन किया गया है। इसके साथ ही आकाश गंगा पैराट्रूपर टीम 10 हजार फीट की ऊंचाई से कूदकर करतब दिखाएगी।

राज्य की स्थापना दिवस के 25 वर्ष पूरे होने पर राजधानी रायपुर देशभक्ति और रोमांच के रंगों से सराबोर होने को तैयार है। इस बार राज्योत्सव कुछ खास होने वाला है, क्योंकि भारतीय वायुसेना की सूर्य किरण एयरोबेटिक टीम और आकाश गंगा पैराट्रूपर टीम पहली बार रायपुर के आसमान में अपना शानदार प्रदर्शन करने जा रही है।

यह ऐतिहासिक एयर शो पांच नवंबर को नवा रायपुर के सेंध तालाब के ऊपर आयोजित होगा, जहां हजारों दर्शक आसमान में तिरंगे की लहराती छटा और वायुसेना के शौर्य के अद्भुत नजारे देख सकेंगे। राज्योत्सव के अलंकरण समारोह से पहले सुबह 10 बजे से होने वाले इस शो की तैयारी के लिए रविवार को पैराट्रूपर ट्रेनिंग स्कूल, आगरा से एक प्रशिक्षक रायपुर पहुंचे। उन्होंने शो स्थल का निरीक्षण कर पैराजंप के लिए स्थान का चयन किया और तकनीकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया।

पांच दिवसीय रजत जयंती वर्ष महोत्सव का आगाज एक नवंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कर चुके हैं। अब पांच नवंबर को उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन राज्योत्सव के समापन पर आयोजित अलंकरण समारोह में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उपराष्ट्रपति को राज्योत्सव के समापन समारोह में आने के लिए आमंत्रण दिया था और उन्होंने सहमति भी दी है।

सोमवार को आठ सदस्यीय विशेषज्ञ टीम रायपुर पहुंचेगी। वहीं, रविवार को संभागायुक्त महादेव कावरे, आईजी अमरेश मिश्रा, कलेक्टर गौरव सिंह और एसएसपी लाल उम्मेद सिंह ने मौके पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।

वायुसेना अधिकारियों के अनुसार चार नवंबर को रिहर्सल होगी, जबकि मुख्य कार्यक्रम पांच नवंबर की सुबह 10 बजे शुरू होगा। सूर्य किरण टीम के 9 फाइटर जेट्स लगभग 40 मिनट तक लगातार आसमान में करतब दिखाएंगे। टीम “बाम्ब बर्स्ट, हार्ट-इन-द-स्काई” और “एरोहेड” जैसे रोमांचक फार्मेशन बनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगी।

लाल-सफेद रंगों में रंगे इन हाक एयरक्राफ्ट्स के उड़ान भरते ही रायपुर का आसमान देशभक्ति से गूंज उठेगा। यह पहला मौका होगा जब छत्तीसगढ़ की जनता सूर्य किरण टीम की हवाई कलाबाजियों को इतनी नजदीक से देखेगी।

एयर शो की सबसे रोमांचक झलक होगी आकाश गंगा पैराट्रूपर टीम का प्रदर्शन। विशेष कमांडो 10 हजार फीट की ऊंचाई से फ्री फाल जंप करेंगे। यह उच्चस्तरीय सैन्य तकनीक है, जिसमें जवान विमान से बिना पैराशूट खोले नीचे आते हैं और तय ऊंचाई पर स्वयं पैराशूट खोलते हैं।

यह वही तकनीक है जिसका इस्तेमाल विश्वभर की स्पेशल फोर्सेज गुप्त अभियानों में करती हैं। इतिहास बताता है कि फ्री फॉल जंप तकनीक का प्रारंभ द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हुआ था। 1950-60 के दशक में अमेरिका और रूस की स्पेशल फोर्स ने इसे विकसित किया। वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पैराट्रूपर्स इस तकनीक में विश्वस्तरीय दक्षता रखते हैं।

राज्योत्सव के इस विशेष आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय वायुसेना की वीरता और तकनीकी क्षमता से परिचित कराना है। सूर्य किरण और आकाश गंगा टीम का यह प्रदर्शन न केवल रोमांचक दृश्य प्रस्तुत करेगा, बल्कि हर नागरिक के भीतर गर्व और देशभक्ति का नया संचार भी करेगा।

CG: प्रदेश में अब गिरेगा पारा, बढ़ेगी ठंड; अगले 48 घंटों में रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट…

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छत्तीसगढ़ में मौसम तेजी से बदलने लगा है। मोंथा तूफान के बाद के बाद प्रदेशभर में पारा गिर रहा है। मौसम विभाग की ओर से अगले 48 घंटों में रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट की संभावना जताई है। वहीं प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में सुबह-शाम ठिठूरन शुरू हो गई है।

चक्रवात मोंथा के कमजोर पड़ने के बाद प्रदेश में अब बारिश की गतिविधियां थम गई हैं। कुछ स्थानों पर हल्की फुहारों को छोड़कर मौसम शुष्क होने लगा है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट की संभावना जताई है। इससे ठंड में हल्की बढ़ोतरी होगी।

मौसम विभाग के अनुसार अब समुद्र से आने वाली नम हवाओं का असर खत्म हो रहा है और उत्तर-पूर्व दिशा से आने वाली शुष्क हवाएं सक्रिय हो रही हैं। यही वजह है कि अब राज्य में रातें ठंडी और दिन सुखद होने लगे हैं।

रविवार को पूरे दिन राजधानी रायपुर में मौसम सामान्य रहा। आसमान में हल्के बादल जरूर छाए रहे, लेकिन बारिश जैसी कोई स्थिति नहीं बनी। राज्योत्सव सहित प्रदेश के अन्य आयोजनों में भी मौसम ने कहीं बाधा नहीं डाली।

चक्रवात मोंथा के असर से मुक्त हुए आसमान ने रविवार को एक बार फिर सर्दी की दस्तक सुना दी। रात का तापमान 1.7 डिग्री गिरकर 22 डिग्री सेल्सियस तक आ गया, जबकि पेंड्रारोड में पारा 17.2 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह धूप खिली रही, दोपहर में हल्के बादल जरूर आए, लेकिन शाम ढलते ही ठंड महसूस होने लगी।

एक सप्ताह बाद बिलासपुर का आसमान पूरी तरह साफ नजर आया। रविवार सुबह हल्की ठंड के साथ लोगों ने दिन की शुरुआत की। दिन चढ़ने के साथ धूप निकली, जिससे मौसम सुहावना बना रहा। हालांकि शाम होते-होते हवा में ठंडक घुलने लगी और तापमान में गिरावट महसूस की गई।

मौसम विज्ञानियों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ेगा। रविवार को न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिन की तुलना में 1.7 डिग्री कम रहा। वहीं, पेंड्रारोड का तापमान 17.2 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि अब सर्द हवाएं मैदानों की ओर बढ़ने लगी हैं।

बिलासपुर अंचल का पेंड्रारोड क्षेत्र ठंड का शुरुआती केंद्र बन गया है। यहां रविवार को तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहाड़ी हवाएं धीरे-धीरे मैदानों की ओर बढ़ रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में ठंड बढ़ेगी। सुबह और शाम के समय लोगों ने ऊनी वस्त्र पहनना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने कहा कि अगले सप्ताह तक तापमान में और गिरावट संभव है।

मौसम विभाग ने बताया कि आने वाले सप्ताहभर तक पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। राज्य के किसी भी हिस्से के लिए फिलहाल कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

इधर, तापमान में गिरावट के साथ ही शहर के बाजारों में सर्दी का असर नजर आने लगा है। रेडीमेड दुकानों और ऊनी वस्त्रों की बिक्री में तेजी आई है। लोग अब रात में हल्के कंबल और गरम कपड़ों का उपयोग शुरू कर रहे हैं।

बढ़ती ठंड के बीच मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। शिशु रोग विशेषज्ञ डा.श्रीकांत गिरि का कहना है कि तापमान में अचानक गिरावट से सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार के मामले बढ़ सकते हैं। विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और बच्चों को गर्म कपड़े पहनने, गुनगुना पानी पीने और रात में खुली हवा से बचने की सलाह दी है। अदरक, तुलसी और सूप जैसी चीजों का सेवन लाभदायक रहेगा।