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“बिहार चुनाव: जन सुराज की पहली लिस्ट में प्रशांत किशोर का नाम नहीं, अब इस सीट से अटकलें तेज”

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2025 के बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जन सुराज पार्टी की ओर से गुरुवार (09 अक्टूबर, 2025) को उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी गई. पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी की ओर से 51 सीटों के उम्मीदवारों की घोषणा की गई. हालांकि पहली लिस्ट में चुनावी रणनीतिकार और जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर का नाम नहीं है.

करगहर से रितेश पांडेय को पार्टी ने दिया टिकट

प्रशांत किशोर कहां से चुनाव लड़ेंगे इसको लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं. अब पार्टी दूसरी लिस्ट कब जारी करती है उसका इंतजार है. प्रशांत किशोर को लेकर चर्चा थी कि वे करगहर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं लेकिन गुरुवार को जब प्रत्याशियों की सूची जारी हुई तो इस पर विराम लग गया. करगहर सीट से पार्टी ने भोजपुरी के गायक रितेश पांडेय को मौका दिया है. ऐसे में अब प्रशांत किशोर के लिए राघोपुर विधानसभा सीट का विकल्प बचा हुआ है.

प्रशांत किशोर ने कहा था- ‘हमेशा दो जगह से…’

दरअसल प्रशांत किशोर ने ही करीब एक महीने पहले एक चैनल को दिए अपने इंटरव्यू में यह कहा था, “मैं लोगों से कहता आया हूं कि चुनाव दो ही जगहों से लड़ना चाहिए. पहला जन्मभूमि और दूसरा कर्मभूमि… जन्मभूमि के हिसाब से मुझे करगहर से लड़ना चाहिए, कर्मभूमि के हिसाब से राघोपुर से लड़ना चाहिए. दूसरी जगह से चुनाव लड़ने का मतलब नहीं है.” प्रशांत किशोर के इस बयान को देखें तो उनके पास अब राघोपुर ही ऑप्शन है.

राघोपुर से तेजस्वी यादव हैं आरजेडी से विधायक

प्रशांत किशोर अगर राघोपुर से लड़ते हैं तो इस सीट से तेजस्वी यादव अपनी पार्टी (आरजेडी) से विधायक हैं. अगर इस सीट से प्रशांत किशोर लड़ते हैं तो मुकाबला देखने लायक होगा. दूसरी ओर सूत्रों की मानें तो नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इस बार दो विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं. एक राघोपुर तो दूसरी सीट मधुबनी की फुलपरास हो सकती है. अब देखना होगा कि आगे वे क्या निर्णय लेते हैं.

बता दें कि रोहतास जिले की करगहर विधानसभा सीट पर दूसरे चरण (11 नवंबर को) में वोटिंग होनी है. बात राघोपुर सीट की करें तो यहां पहले चरण (06 नवंबर को) में मतदान होना है.

“‘इजरायल साहब से सवाल पूछिए’, भारत में वीजा नियमों के उल्लंघन पर भड़के असदुद्दीन ओवैसी”

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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है. इस बार उनका निशाना वीजा नियमों के उल्लंघन और कथित ‘घुसपैठ’ के मुद्दे पर सरकार की विफलता को लेकर है.

ओवैसी ने इस मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखते हुए कहा कि सरकार को जवाबदेह ठहराने के बजाय विपक्ष को निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘यह ‘घुसपैठियों का मामला नहीं है, बल्कि एक इजरायली और अन्य लोगों की ओर से अपने वीजा की अवधि से अधिक समय तक भारत में रहने का मामला है.’

इजरायल, भारत के वीजा नियमों का कर रहा उल्लंघन

उन्होंने कहा, ‘संघियों को ‘इजरायल साहब’ से कुछ सख्त सवाल पूछने चाहिए कि वे हमारे वीजा नियमों का उल्लंघन क्यों कर रहे हैं. बिहार में SIR ने 65 लाख नाम हटाए, लेकिन एक भी ‘घुसपैठिया’ नहीं मिला. इस खबर को विपक्षी नेताओं को समर्पित करने के बजाय, आपको मोदी सरकार की नाकामी की निंदा करनी चाहिए, जो ‘घुसपैठ’ को रोकने में विफल रही है.’

‘विपक्ष को दोष दे रही मोदी सरकार’

ओवैसी ने कहा, ‘भारत एकमात्र ऐसा देश है, जहां सरकार की विफलताओं के लिए विपक्ष को जवाबदेह ठहराया जाता है.’ ओवैसी ने अपने बयान में यह भी जोड़ा कि सरकार को अपनी नीतियों और कार्यप्रणाली पर ध्यान देना चाहिए, न कि विपक्ष को दोष देने में समय बर्बाद करना चाहिए. उन्होंने वीजा नियमों के उल्लंघन को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की.

“आयुर्वेद का ग्लोबल सफर: पतंजलि ने दुनिया के कोने-कोने में कैसे फैलाई प्राचीन विद्या?”

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भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद अब दुनिया के कोने-कोने में अपनी पहचान बना रही है. पतंजलि का दावा है कि आयुर्वेद ने न सिर्फ भारत में लाखों लोगों को प्राकृतिक इलाज की ओर मोड़ा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी आयुर्वेद को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है.

पतंजलि का कहना है कि कंपनी ने साल 2025 तक पतंजलि ने 20 से अधिक देशों में अपनी उपस्थिति दर्ज कर ली है, जहां उसके उत्पाद बिक रहे हैं और आयुर्वेदिक उपचार लोकप्रिय हो रहे हैं. यह विस्तार न सिर्फ आर्थिक है, बल्कि सांस्कृतिक भी, जो आयुर्वेद को एक वैश्विक स्वास्थ्य क्रांति के रूप में स्थापित कर रहा है.

पतंजलि का दावा है, ”आज कंपनी के पास भोजन, दवाएं, बॉडी केयर और हर्बल उत्पादों की हजारों रेंज है, जो पूरी तरह जैविक और सस्ते हैं. वैश्विक विस्तार की रणनीति में डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स और साझेदारियों का बड़ा रोल है. उदाहरण के लिए, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में पतंजलि के उत्पाद निर्यात हो रहे हैं, जहां भारतीय प्रवासियों के अलावा स्थानीय लोग भी इन्हें अपनाने लगे हैं. 2025 में कंपनी ने 12 देशों में एफएमसीजी उत्पादों का निर्यात बढ़ाने की योजना बनाई है, जिससे आयुर्वेदिक बाजार को नया बल मिला है.”

आधुनिक विज्ञान से जोड़कर आयुर्वेद को मिलेगी वैश्विक मान्यता- आचार्य बालकृष्ण

पतजंलि ने बताया, ”हाल ही में आयुर्वेद दिवस पर पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन ने ब्राजील की श्री वजेरा फाउंडेशन के साथ एमओयू साइन किया. यह साझेदारी भारत और ब्राजील के जड़ी-बूटियों पर संयुक्त शोध करेगी, जिसमें क्लाइमेट के अनुसार औषधीय गुणों की जांच और क्लिनिकल ट्रायल शामिल हैं.” इस पर आचार्य बालकृष्ण ने कहा, ”यह आयुर्वेद को आधुनिक विज्ञान से जोड़कर वैश्विक मान्यता दिलाएगा.”

पतंजलि ने कहा, ”इसी तरह नेपाल में हर्बल फैक्टरी खोलकर कंपनी ने दक्षिण एशिया में अपनी जड़ें मजबूत की हैं. जुलाई 2025 में जारी ‘ग्लोबल हर्बल एनसाइक्लोपीडिया’ ने एथ्नोबॉटेनिकल रिसर्च में नया मानक स्थापित किया, जो दुनिया भर के शोधकर्ताओं के लिए आयुर्वेद का खजाना है. पतंजलि का यह विस्तार सिर्फ बिजनेस नहीं, बल्कि एक मिशन है.”

भारत में 10,000 वेलनेस हब खोलने की योजना- पतंजलि

पतजलि का कहना है, ”कंपनी 2025 तक भारत में 10,000 वेलनेस हब खोलने की योजना बना रही है, जो वैश्विक वेलनेस इंडस्ट्री को मजबूत करेगा. नागपुर में फूड एंड हर्बल पार्क का उद्घाटन, जिसमें 700 करोड़ का निवेश हुआ, किसानों को जैविक खेती की ओर ले जा रहा है. इससे उत्पादन बढ़ेगा और निर्यात मजबूत होगा. वैश्विक आयुर्वेद बाजार 2025 में 16.51 अरब डॉलर का है, जो 2035 तक 77.42 अरब पहुंचेगा. पतंजलि इसमें अग्रणी भूमिका निभा रहा है, खासकर योग और आयुर्वेद के संयोजन से.’

“‘जुल्म करने वालों की ही आभारी हैं’, मायावती ने की BJP की तारीफ तो अखिलेश यादव ने दागे कई सवाल”

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बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने बसपा संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर लखनऊ में रैली आयोजित कर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है. अब मायावती के इस बयान पर उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर पलटवार किया है, सपा चीफ अखिलेश यादव ने कहा है कि उनकी अंदरूनी सांठ गांठ जारी है.

सपा चीफ अखिलेश यादव ने पूर्व सीएम मायावती के बयान पर पलटवार कहा, “समाजवादी पार्टी, नेता जी, लोहिया, का संघर्ष हमेशा रहा है, दबे कुचले गरीब शोषित लोगों को कैसे सम्मान दिया जाए और राजनीतिक हैसियत बधाई जाए. कांशीराम को इटावा सांसद बनाने के लिए नेताजी का योगदान था. उस समय की कम्युनल पॉलिटिक्स का हमने मुकाबला किया था.”

अखिलेश यादव ने कहा कि सपा की सरकार में मैनटिनेंस और रखरखाव के निर्देश दिए गए थे . एक बार मैंने देखा कि वहां खजूर के पेड़ सूख गए थे जो यहां लगवाए गए थे तो वहां मैने क्रोशिया के पेड़ लगवाए , कचनार के पेड़ लगवाए और पीपल लगवाए . उन्होंने कहा कि मायावती अगर जुल्म करने वालों की ही आभारी हैं तो क्या ही बताया जाए. कांशीराम की प्रतिमा रिवर फ्रंट पर बनाएंगे, 500 मीटर का पार्क होगा, भजापा की भाषा है .

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, ” बीजेपी कहीं भी किसानों को खाद उपलब्ध नहीं करा पाई. अभी बारिश में फसल का जो नुकसान हुआ. किसान के लिए क्या योजना बनाई? मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से भेड़िए देखने जाते हैं, हेलीकॉप्टर में मक्का का खेत देखने जाते हैं. सरकार ने एक किलो भी मक्का खरीदी हो तो बताइए.”

मायावती के बीजेपी की तारीफ करने पर दिया बयान

बसपा सुप्रीमों मायावती द्वारा भारतीय जनता पार्टी शासित यूपी सरकार की तारीफ करने पर अखिलेश यादव ने कहा कि, “अंदुरनी सांठ गांठ जारी है.” अखिलेश यादव ने यह भी दावा किया कि, मायावती के हमने भी कांशीराम की प्रतिमा लगवाई है. सपा की सरकार में मेंटीनेंस और रख रखाव के निर्देश LDA को दिए गए थे.”

वहीं बसपा प्रमुख मायावती द्वारा बीजेपी की प्रशंसा किए जाने पर सपा प्रवक्ता अमीक जामेई ने कहा, “हमें उम्मीद थी कि आज मायावती उस घटना के बारे में बोलेंगी जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश गवई साहब पर जूते फेंके गए थे. बीजेपी और उससे जुड़ी ताकतों ने उस घटना का जश्न मनाया और उन्हें हीरो बना दिया, लेकिन मायावती चुप रहीं. देश भर में, खासकर उत्तर प्रदेश में बीजेपी शासन में, दलितों को गंभीर उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है.”

मायावती ने सपा पर साधा था निशाना

दरअसल, बसपा सुप्रीमों मायावती ने लखनऊ में आयोजित रैली में कहा, “जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी, तब इसका पैसा दबाकर रखा था, अभी वह कह रहे हैं की सरकार में आने के बाद कांशीराम जी के नाम पर संगोष्ठी करेंगे.” मायवती ने यह भी कहा, “जब वह सरकार में रहते हैं, तब ना उनको PDA याद रहता है और ना ही कांशीराम याद रहते हैं और सत्ता के बाद उनको PDA और कांशीराम याद हैं.”

मायावती ने सपा जैसे लोगों से दूर रहने की दी नसीहत

मायावती ने कहा, “समाजवादी पार्टी जैसे दोगले चरित्र वाले लोगों से आपको दूर रहना है. सत्ता में रहते हुए अखिलेश को कांशीराम और PDA का नारा याद नहीं आता. अब यह समाजवादी पार्टी अपने स्वार्थ में जबरन PDA का बारे देकर हवा हवाई बातें कर रही है, यह लोग आपको भ्रमित करने में लगे हुए हैं. समाजवादी पार्टी का PDA का नारा केवल खोखला है और ऐसे दोगलों से आप सभी को दूर रहना है.”

“सीट शेयरिंग पर नित्यानंद राय के साथ बैठक खत्म, चिराग पासवान ने दिया ये बड़ा बयान”

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बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एनडीए में सीट शेयरिंग पर चिराग पासवान और नित्यानंद राय के बीच गुरुवार (09 अक्टूबर) को हुई बैठक खत्म हो गई है. नित्यानंद राय ने कहा कि सबकुछ ठीक और सकारात्मक है.

चिराग पासवान ने भी कहा कि बैठक सकारात्मक रही. दोनों नेताओं के बीच ये बैठक दिल्ली में हुई.

केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता नित्यानंद राय ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, ”हम दोनों के चेहरे की मुस्कुराहट सब कहानी बता रही है. बातचीत सकारात्मक रही है. समय से चिराग जी सबकुछ बता देंगे” वहीं केंद्रीय मंत्री और एलजेपी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ”इन्होंने बता दिया है, बातचीत सकारात्मक रही है. बाकी सारी चीजें बैठकर आराम से बताई जाएंगी.”

क्या चिराग पासवान की नाराजगी खत्म हो गई?

बीजेपी नेता नित्यानंद राय ने से जब पूछा गया कि क्या अब चिराग पासवान की नाराजगी खत्म हो गई है? इस पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. मीडिया से बातचीत के बाद नित्यानंद राय ने चिराग पासवान को उनकी गाड़ी तक छोड़ा और उनके गाड़ी में बैठने तक वहां खड़े रहे और फिर अपनी गाड़ी में बैठकर चले गए.

चिराग पासवान की पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक

सीट बंटवारे की चर्चा के बीच सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार (10 अक्टूबर) दिल्ली में एलजेपी (रामविलास) संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई गई है. हालांकि इसमें पांचों सांसद शामिल नहीं होंगे. ये बैठक शुक्रवार को दोपहर में होगी. इसमें चिराग पासवान, राजेश वर्मा, वीणा भारती ये तीनों सांसद के साथ पार्लियामेंट्री बोर्ड के अध्यक्ष हुलास पांडेय शामिल होंगे. अरुण भारती और शांभवी संभवतः इस बैठक में शामिल नहीं हो सकते हैं.

चिराग पासवान को कितनी सीटें मिलेंगी?

चिराग पासवान को लेकर सियासी गलियारों में खबरें थीं कि वो सीट शेयरिंग को लेकर 40 सीटों पर अड़े हुए हैं. वहीं इस बात की भी चर्चा की जा रही थी कि गठबंधन से उन्हें जो 25 से 26 सीट दी जा रही हैं, उसके लिए वह तैयार हैं लेकिन मटिहानी, सिकंदरा और गोविंदगंज, ये तीन सीटें चिराग पासवान हर हाल में लेना चाहते हैं.

बता दें कि बिहार में 10 अक्टूबर से पहले चरण के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. 6 नवंबर को पहले जबकि 11 नवंबर को दूसरे फेज का मतदान है. वहीं, 14 नवंबर को काउंटिंग होगी.

“भारत पहुंचे अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मुत्ताकी, जयशंकर से मुलाकात से पहले खड़ी हुई नई मुसीबत”

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अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी गुरुवार (9 अक्तूबर 2025) को एक हफ्ते की यात्रा पर दिल्ली पहुंचे हैं. भारत में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि हम उनके साथ द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत के लिए उत्सुक हैं.

अमीर खान मुत्ताकी भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल से मुलाकात कर सकते हैं. यह यात्रा क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पाकिस्तान ने यूनाइटेड नेशन में काफी कोशिश की थी कि मुत्ताकी भारत का दौरा नहीं कर पाएं.

तालिबान के झंडे को लेकर खड़ी हुई मुसीबत

विदेश मंत्रालय में दोनों देशों की द्विपक्षीय बैठकों की तैयारी चल रही है तो वहीं अधिकारियों के सामने झंडे को लेकर दुविधा बनी हुई है. कूटनीतिक प्रोटोकॉल के अनुसार, फोटो खिंचवाने के लिए भारतीय ध्वज को मेहमान नेता के देश के झंडे के साथ-साथ रखा जाना चाहिए. चूंकि भारत अफगानिस्तान में तालिबान के शासन को मान्यता नहीं देता है, इसलिए वह तालिबान के झंडे को भी आधिकारिक दर्जा भी नहीं दे सकता.

दूतावास में अफगानिस्तान का पुराना झंडा फहराया जा रहा

भारत ने अभी तक तालिबान के झंडे को नई दिल्ली स्थित अफगान दूतावास पर फहराने की अनुमति नहीं दी है. दूतावास में अभी भी अफगानिस्तान इस्लामी गणराज्य का पुराना झंडा फहराया जाता है, जो अब पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी के समय आधिकारिक झंडा था. भारतीय अधिकारियों और मुत्ताकी के बीच पिछली बैठक के दौरान अफगानिस्तान ने पीछे तालिबान का झंडा इस्तेमाल किया था.

इस साल की शुरुआत में दुबई में विदेश सचिव विक्रम मिस्री की मुत्तकी के साथ बैठक हुई थी. इस दौरान अधिकारियों ने पीछे कोई झंडा न लगाकर समस्या का समाधान निकाला था. इस दौरान न तिरंगा लगाया गया और न ही तालिबान का झंडा, लेकिन इस बार बैठक दिल्ली में हो रही है और यह मुद्दा अधिकारियों के लिए एक कूटनीतिक चुनौती बन गया है.

पटरी पर लौट रहा भारत-अफगानिस्तान रिश्ता

भारत और अफगानिस्तान के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं. साल 2021 में यहां से अमेरिका की वापसी और तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद भारत ने काबुल में अपना दूतावास बंद कर दिया. करीब एक साल बाद भारत ने व्यापार, चिकित्सा सहायता और मानवीय सहायता की सुविधा के तहत एक छोटा मिशन शुरू किया.

भारत ने तालिबान सरकार को आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं दी है, लेकिन दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बैठकों और वार्ताओं के माध्यम से संबंधों को बेहतर बनाने के लिए अस्थायी कदम उठाए हैं. मुत्ताकी की भारत यात्रा से काबुल में स्थापित तालिबान के साथ भारत के संबंधों में एक नया आयाम जुड़ने की उम्मीद है.

CG: शराब घोटाले में जेल भेजे गए चैतन्य बघेल और कोयला में जयचंद कोसले की जमानत खारिज…

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चैतन्य बघेल को शराब घोटाले से 1000 करोड़ रुपए मिले हैं। इसमें से 800 करोड़ रुपए हैंडलिंग करते हुए फरार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को दिया गया।

शराब घोटाले में जेल भेजे गए चैतन्य बघेल और कोयला में जयचंद कोसले की जमानत को कोर्ट ने खारिज कर दिया। दोनों ही जमानत आवेदन पर ईओडब्ल्यू के विशेष न्यायाधीश ने बुधवार को फैसला सुनाया।

बचाव पक्ष ने अपनी दलील पेश करते हुए कहा कि शराब घोटाला में फरार आरोपी लक्ष्मीनारायण उर्फ पप्पू बंसल के बयान के आधार पर चैतन्य को गिरतार किया गया है। बिना किसी पुता साक्ष्य के एक आरोपी के बयान के आधार पर उनके पक्षकार के खिलाफ अपराध नहीं बनता है। इस प्रकरण में 29 लोगों को बिना गिरतार किए चालान पेश किया गया है। वहीं, 10 लोगों को जमानत पर रिहा किया जा चुका है।

इसे देखते हुए चैतन्य को जमानत दिए जान का अनुरोध किया। अभियोजन पक्ष के विशेष लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि चैतन्य बघेल को शराब घोटाले से 1000 करोड़ रुपए मिले हैं। इसमें से 800 करोड़ रुपए हैंडलिंग करते हुए फरार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को दिया गया। जांच के दौरान इसके डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।

सौया चौरसिया, एपी त्रिपाठी, अनवर ढेबर और पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा के वॉट्सऐप चैट में रकम के संबंध में इसका जिक्र मिला है। ईओडब्ल्यू के विशेष लोक अभियोजक ने जयचंद कोसले की जमानत पर तर्क प्रस्तुत किया।

साथ ही बताया कि सीएम हाउस में पदस्थ तत्कालीन सचिव सौया चौरसिया (वर्तमान में निलंबित) ने नगर निगम के छोटे से कर्मचारी जयचंद को अपना निज सहायक बनाया। उसे शासकीय वाहन उपलब्ध कराया, जबकि इसकी पात्रता नहीं थी। कोयला घोेटाले के मुय आरोपी सूर्यकांत तिवारी (जमानत पर) के बडे़ भाई रजनीकांत के घर पर छापेमारी के दौरान आयकर विभाग को डायरी मिली थी। इसमें कोयला घोटाले की रकम विभिन्न लोगों तक पहुंचाने का ब्योरा दिया गया है। विशेष न्यायाधीश ने तर्कों को सुनने के बाद चैतन्य और जयचंद की जमानत को खारिज कर दिया।

CG : खरीफ विपणन सत्र 2024-25 के लिए 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो जाएगी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसकी घोषणा की है।

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समर्थन मूल्य पर सभी पंजीकृत किसानों का धान खरीदेंगे। राज्य सरकार ने किसानों को समय पर भुगतान और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है।

15 नवंबर से होगी धान खरीदी

छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन सत्र 2024-25 के लिए 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसकी घोषणा की है। उन्होंने कहा समर्थन मूल्य पर सभी पंजीकृत किसानों का धान खरीदेंगे। राज्य सरकार ने किसानों को समय पर भुगतान और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है।

बता दें कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य कर दिया है। एग्रीस्टैक पोर्टल से संबंधित किसी भी जानकारी या सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-1030 पर संपर्क किया जा सकता है। गत वर्ष राज्य के 25.49 लाख किसानों ने धान विक्रय किया था।

वर्तमान वर्ष में अब तक 21.47 लाख किसानों ने एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण कर लिया है। शेष किसान अपने निकटतम सहकारी समिति या निर्धारित केंद्र में जाकर 31 अक्टूबर तक अपना पंजीयन करा सकते हैं।

इस संबंध में सभी समितियों और जिला कलेक्टरों को पूर्व में आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं। बता दें कि पिछले खरीफ सीजन में छत्तीसगढ़ में राज्य शासन ने न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत रिकॉर्ड 149.25 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की थी।

CG: 25वीं रजत जयंती वर्ष के अवसर पर राज्योत्सव का आयोजन, नये विधानसभा भवन और जनजातीय संग्रहालय का भी लोकार्पण…

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छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 25वीं रजत जयंती वर्ष के अवसर पर 1 से 5 नवंबर तक नवा रायपुर में राज्योत्सव का आयोजन किया जाएगा। वहीं, जिला स्तर पर तीन दिनों का राज्योत्सव होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि राज्योत्सव का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नये विधानसभा भवन और जनजातीय संग्रहालय का भी लोकार्पण करेंगे।

CG : प्रदेश में दो दिन हल्की बारिश का अलर्ट; गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना…

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छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की भी संभावना जताई है. वहीं, 10 अक्टूबर करवाचौथ से उत्तर छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में बारिश में कमी आने का अनुमान है.

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई. पैण्ड्रा रोड में 4 सेमी, ओरछा 3 सेमी, कोटा 3 सेमी, लालपुर थाना 3 सेमी, बस्तर 2 सेमी और चिरमिरी में 2 सेमी बारिश हुई. प्रदेश में 33.5 डिग्री अधिकतम तापमान राजनांदगांव और 19.4 डिग्री न्यूनतम तापमान पैण्ड्रा रोड में दर्ज किया गया.

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण छत्तीसगढ़ से मन्नार तक 0.9 किमी ऊंचाई पर द्रोणिका (ट्रफ लाइन) सक्रिय है, जिससे वातावरण में नमी बनी हुई है. इससे हल्की से मध्यम बारिश होने की आशंका है. आज रायपुर में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है. यहां आज अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री रहने की संभावना है. अगले दो दिनों के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है, हालांकि दक्षिण छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं बौछारें जारी रह सकती हैं.