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“Dussehra 2025: रावण दहन का शुभ मुहूर्त और शस्त्र पूजा की संपूर्ण विधि”

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विजयदशमी अथवा दशहरा का पर्व असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है. इस दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर धर्म की स्थापना की थी. परंपरा के अनुसार दशहरे पर रावण दहन और शस्त्र पूजा विशेष रूप से की जाती है.

2025 में यह पर्व भक्तों के लिए खास संयोग लेकर आ रहा है. साल 2025 में दशहरा का पर्व 2 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा. इस दिन को बुराई पर अच्छाई के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है. जानते हैं इस दिन किस मुहूर्त में होगा रावण दहन.

रावण दहन 2025 तिथि और शुभ मुहूर्त

तिथि 2 अक्टूबर 2025, गुरुवार
दशमी तिथि प्रारम्भ –अक्टूबर 01, 2025को07:01पी एमबजे
दशमी तिथि समाप्त –अक्टूबर 02, 2025को07:10पी एमबजे

रावण दहन का शुभ मुहूर्त

02 अक्टूबर 2025 को शाम 06:10 बजे से 08:30 बजे तक का समय अत्यंत शुभ रहेगा. इसी समय विजय मुहूर्त और अपराह्नकाल का संगम होगा.

रावण दहन का महत्व

यह बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है. रावण दहन से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर-परिवार में शुभता आती है. इस दिन श्रीराम की पूजा करने से जीवन में सफलता और विजय की प्राप्ति होती है.

शस्त्र पूजा की विधि (Ayudha Puja)

दशहरे पर शस्त्र पूजन (आयुध पूजा) का विशेष महत्व है. इसे वीरता, सुरक्षा और शक्ति का पूजन माना जाता है.

विधि

प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजन स्थल को साफ करें.
सभी शस्त्र, औजार, वाहन या उपकरण (जैसे तलवार, बंदूक, धनुष-बाण, वाहन, मशीनरी आदि) को साफ करके सजाएं.
इन पर हल्दी, चंदन और अक्षत लगाकर फूल चढ़ाएं.
दीपक जलाकर धूप और नैवेद्य अर्पित करें.

मंत्र उच्चारण करें

“ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥”

अंत में आरती कर परिवार की रक्षा और कार्यक्षेत्र में सफलता की प्रार्थना करें.

शस्त्र पूजा का महत्व

शस्त्र पूजा से साहस और शक्ति में वृद्धि होती है.
कार्यक्षेत्र में सफलता और समृद्धि मिलती है.
वाहन पूजन करने से दुर्घटना का भय नहीं रहता.
यह दिन जीवन से नकारात्मकता और भय को दूर करने वाला माना जाता है.

“Bihar Chunav: गयाजी में जीतनराम मांझी ने भरी हुंकार, ’20 से कम सीटें मिली तो राजनीति का पहाड़ तोड़ेंगे'”

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बिहार विधानसभा चुनाव में अब एक महीने का ही समय बचा है और दोनों प्रमुख गठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा चल रही है। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि एनडीए (NDA) में सीट बंटवारे पर सहमति बन गई है।

दशहरे के बाद सीट शेयरिंग का ऐलान हो सकता है और इसमें जीतनराम मांझी की पार्टी को 10 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि, गयाजी की रैली में मांझी ने अपनी महत्वाकांक्षा दिखाई है। उन्होंने ऐलान किया है कि अगर उनकी पार्टी को 20 से कम सीटें मिली, तो वह राजनीति का पहाड़ तोड़ देंगे।

जीतनराम मांझी ने अपनी रैली के दौरान लालू यादव परिवार पर भी जमकर निशाना साधा है। उन्होंने तेजस्वी यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके पिता ने ही मुझे साजिश करके मुख्यमंत्री के पद से हटाया था। उन्होंने विपक्षी नेताओं पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में कुछ ऐसे लोग आ गए हैं जो पैसे लेकर राजनीति कर रहे हैं।

Bihar Chunav में जीतनराम मांझी ने मांगी 20 सीटें

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जीतनराम मांझी ने भी फिर से विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने अतरी से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई और कहा कि मैं क्षेत्र की जनता के लिए काम करना चाहता हूं। बता दें कि इस विधानसभा सीट से उन्होंने चुनाव भी जीता है। फिलहाल यह सीट आरजेडी के पास है। चुनावी सभा के दौरान उन्होंने दशरथ मांझी को सम्मान दिए जाने के लिए नीतीश कुमार की तारीफ की और शुक्रिया अदा किया।

उन्होंने कहा, ‘ यदि हमें 20 विधायक मिलेंगे तो शिक्षा और अन्य सामाजिक कल्याण नीतियां लागू कर पाएंगे।’ इसी सभा में उन्होंने भुइयां और मुसहर जाति को अलग-अलग किए जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि हमारे समाज में बंटवारा किया जा रहा है। जनगणना में इन दोनों का कोड एक ही होना चाहिए था।

विपक्षी नेताओं पर बरसे Jitan Ram Manjhi जीतनराम मांझी ने इसी सभा में विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं है। कुछ भी बोलते रहते हैं और उनकी बात कोई नहीं सुनता है। तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘उसकी वजह से ही मेरे साथ साजिश हुई थी और उसके पिता लालू यादव ने मुझे मुख्यमंत्री पद से हटाया था। उसको क्या पता है? कुछ नहीं जानता है। बिहार में कुछ लोग आ गए हैं जो बस पैसा लेकर राजनीति करते हैं। ऐसे लोगों को जनता सबक सिखाएगी।’

“लद्दाख हिंसा पर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, कहा- डर की राजनीति बंद करें”

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Rahul Gandhi Ladakh violence: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार, 30 सितंबर को केंद्र सरकार से लद्दाख के लोगों के साथ तत्काल संवाद शुरू करने की अपील की। उन्होंने सरकार से कहा कि उसे “हिंसा और डर की राजनीति” बंद करनी चाहिए और हाल ही में लद्दाख में हुई हिंसा की निष्पक्ष न्यायिक जांच करानी चाहिए, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी।

गौरतलब है कि लेह एपेक्स बॉडी ने बीते सोमवार को केंद्र सरकार से बातचीत का बॉयकॉट करते हुए कहा कि जब तक हिंसा की निष्पक्ष जांच नहीं होगी तब तक वार्ता संभव नहीं है। बता दें कि 24 सितंबर को लेह में गोलीबारी में 4 युवाओं की जान चली गई थी जिसके बाद से हालात और बिगड़ते नजर आएं।

त्वासांग थरचिन की मौत पर क्या बोले?

अब इसी गोलीकांड पर राहुल गांधी ने X पर पोस्ट में बताया कि मृतकों में से एक शख्स सैनिक परिवार से था। उन्होंने लिखा-“पिता सैनिक, बेटा भी सैनिक-उनका खून देशभक्ति से भरा है। फिर भी भाजपा सरकार ने देश के इस बहादुर बेटे की जान ले ली, सिर्फ इसलिए कि उसने लद्दाख और अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाई। पिता की दुखी आंखें आज एक सवाल पूछ रही हैं-क्या यही है देश सेवा का इनाम?”

‘लद्दाख के लोगों के साथ धोखा हुआ’: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने इस मौत को “हत्या” करार देते हुए कहा कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया- हमारी मांग है कि लद्दाख में हुई इन हत्याओं की निष्पक्ष न्यायिक जांच हो और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए। मोदी जी, आपने लद्दाख के लोगों के साथ विश्वासघात किया है।

राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि लद्दाख के लोग अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लद्दाख के लोग अपने अधिकार कि मांग रहे हैं। केंद्र सरकार उनसे बातचीत करे और हिंसा व डर की राजनीति बंद करें।

बता दें कि बीते 24 सितंबर 2025 को लद्दाख में विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थानीय BJP कार्यालय में आग लगने के बाद हिंसा भड़की। इस झड़प में चार लोग मारे गए। इसके दो दिन बाद, प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार किया गया। उन पर “हिंसा भड़काने” का आरोप लगाया गया है।

कौन थे त्वासांग थरचिन?

झड़पों में मारे गए चार लोगों में एक रिटायर सैनिक त्वासांग थरचिन भी शामिल थे। त्वासांग थरचिन 1996 से 2017 के बीच लद्दाख स्काउट्स के अंग रहे। उन्होंने 1999 में कारगिल की लड़ाई भी लड़ी थी। उनके पिता भी सेना में थे और उन्होंने भी कारगिल युद्ध लड़ा था। त्वासांग रिटायरमेंट के बाद अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ रहते थें और लेह में कपड़े की दुकान चला रहे थे।

कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी और संचार प्रमुख जयराम रमेश ने भी ट्वीट में कहा कि त्वासांग थरचिन ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें उन्होंने लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची (Sixth Schedule) में शामिल करने की मांग की थी। रमेश ने बताया कि थारचिन ने सियाचिन ग्लेशियर पर सेवा की और 1999 की कारगिल युद्ध में बहादुरी से लड़ा। उनके पिता भी भारतीय सेना में सेवा कर चुके हैं।

क्या है छठी अनुसूची ?

लद्दाख के लोग यूनियन टेरीटरी को संविधान की छठी अनुसूची (Sixth Schedule) में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। यह अनुसूची, संविधान के अनुच्छेद 244(2) और 275(1) के तहत, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में आदिवासी क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित प्रावधान करती है।

सोनम वांगचुक और अन्य कार्यकर्ता लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल कराने के लिए लंबे समय से प्रयासरत हैं। इसका उद्देश्य स्वायत्त जिला परिषद की स्थापना करना है, जिससे स्थानीय लोगों को कुछ विधायी और न्यायिक अधिकार मिल सकें। वर्तमान में छठी अनुसूची केवल पूर्वोत्तर के चार राज्यों पर लागू है।

राहुल गांधी का यह बयान केंद्र सरकार के लिए राजनीतिक चुनौती पेश कर सकता है। कांग्रेस इसे लद्दाख के लोगों के अधिकारों और न्याय की मांग के रूप में पेश कर रही है, जबकि भाजपा इसे “हिंसा और अस्थिरता” का मुद्दा बता रही है। विश्लेषकों का मानना है कि लद्दाख का मामला आगामी महीनों में राजनीतिक और चुनावी मुद्दा बन सकता है, खासकर जब स्थानीय अधिकार और स्वायत्तता की मांग तेज़ी से बढ़ रही है।

“कांग्रेस में हरियाणा से पंजाब तक मचा बवाल, दिग्गज बोले- भ्रष्ट और हारे नेताओं को मिली कमान”

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पंजाब और हरियाणा से कांग्रेस सत्ता से दूर है। पंजाब में तो अगले डेढ़ साल में ही चुनाव होने वाले हैं, जबकि हरियाणा में वह लगातार तीन हार झेल चुकी है। इस बीच पार्टी ने संगठन के पेच कसने के लिए कुछ बदलाव किए हैं, लेकिन उसे लेकर बवाल शुरू हो चुका है।

हरियाणा में पार्टी ने राव नरेंद्र सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया है तो सीनियर नेता कैप्टन अजय यादव ने सवाल उठा दिए हैं। उनका कहना है कि किसी साफ छवि के नेता को कमान मिलनी चाहिए थी। राहुल गांधी की ऐसी इच्छा भी थी, लेकिन प्रदेश में उससे उलट फैसला लिया गया है।

इसके अलावा पंजाब में भी बवाल खड़ा हो गया है। पटियाला से पार्टी के सांसद धर्मवीर गांधी ने मंगलवार को नेतृत्व पर सवाल उठाए और कहा कि हलका इंचार्ज के तौर पर जिन नेताओं को कमान मिली है, वे तो खुद ही हारे हुए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में ऐसे लोगों को हलका इंचार्ज बना दिया गया है, जो विधानसभा चुनाव में जमानतें जब्त करवा चुके हैं। धर्मवीर गांधी ने फेसबुक पर लिखा, ‘कांग्रेस में हलका इंचार्ज क्या होते हैं और किन लोगों को यह जिम्मेदारी मिली है। ये ऐसे लोग हैं, जो विधानसभा में हार गए थे। कुछ की तो जमानत ही जब्त हो गई थी। आखिर इन्हें किसने हलका इंचार्ज बनाया है। उस नेता का नाम बताएं और नियुक्ति का आदेश सार्वजनिक किया जाए।’

पंजाब सांसद को किस बात पर है इतना ऐतराज

उन्होंने पटियाला लोकसभा क्षेत्र की 8 विधानसभाओं में आयोजित कार्यक्रमों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों का जिम्मा हलका इंचार्जों ने ले रखा था, जबकि युवा नेता और कार्यकर्ता साइडलाइन ही कर दिए गए। गांधी का खुला आरोप है कि पंजाब में सीनियर नेताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। इसके अलावा मजबूत युवा नेता भी साइडलाइन लगे हैं। कुछ चुनिंदा लोगों को हलका इंचार्ज बनाकर थोप दिया गया है। 2022 की शुरुआत में पंजाब में विधानसभा इलेक्शन है। उससे पहले इस तरह संगठन में विवाद होना पार्टी की सेहत के लिए अच्छा नहीं है।

एक साल बाद फैसला और फिर भी विवाद

ऐसा ही विवाद राव नरेंद्र सिंह को लेकर हरियाणा में कैप्टन अजय सिंह यादव ने उठा दिया है। ऐसे में देखना होगा कि हुड्डा खेमा कैसे हरियाणा में पार्टी को मजबूत करता है। एक साल के लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस ने हरियाणा में हुड्डा को नेता विपक्ष बनाया है, जबकि राव नरेंद्र सिंह प्रदेश अध्यक्ष बने हैं। इसी को लेकर कैप्टन अजय यादव का ऐतराज है। उन्होंने बिना नाम लिए ही ट्वीट किया कि प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर ईमानदार नेता की जरूरत थी।

कैप्टन अजय यादव ने विरोध करते हुए क्या लिखा

उन्होंने लिखा, ‘हरियाणा में कांग्रेस पार्टी के लगातार गिरते ग्राफ को देखते हुए आज लिए गए निर्णय पर पार्टी को आत्म निरीक्षण करने की आवश्यकता है। राहुल गांधी जी की इच्छा थी कि हरियाणा कांग्रेस का अध्यक्ष एक ऐसे व्यक्ति को बनाया जाए जिसकी छवि पूरी तरह साफ-सुथरी, बेदाग और युवा नेतृत्व की पहचान रखने वाली हो। लेकिन आजका निर्णय इसके ठीक उलट दिखाई देता है। इस वजह से पार्टी कार्यकर्ताओं और कैडर का मनोबल बिलकुल गिर गया है।’

“महाराष्ट्र पहुंचा आई लव मोहम्मद का बवाल, इस शहर में भारी तनाव के बीच लाठीचार्ज; 29 गिरफ्तार”

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उत्तर प्रदेश के बरेली में शुरू हुआ आई लव मोहम्मद (I Love Mohammad) का विवाद अब महाराष्ट्र जा पहुंचा है। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में सोमवार को सड़क पर ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे होने के बाद मुस्लिम समुदाय भड़क उठा और लोगों ने सड़कों पर उतर कर इसके खिलाफ विरोध- प्रदर्शन किया।

देखते ही देखते मुस्लिमों का विरोध-प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि इस प्रदर्शन के दौरान गुस्साए लोगों ने पुलिस दल पर पथराव किया, जिससे हालात बिगड़ गए और पुलिस को लाठीचार्ज करनी पड़ गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अहिल्यानगर जिले के कोटला गांव में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया है। इसमें कई प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। पुलिस ने बवाल बढ़ता देख 29 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 150 से ज्यादा लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोमवार को कोतवाली क्षेत्र के कोटला में विरोध प्रदर्शन तू शुरू हुआ, जब किसी ने सड़क पर ‘आई लव मोहम्मद’ लिख दिया। इस पर मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने आपत्ति जताई और कोतवाली थाने में इस संबंध में एक शिकायत दर्ज कराई।

हालात को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज

अधिकारी ने कहा, “सड़क पर ‘आई लव मोहम्मद’ लिखने को लेकर एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बावजूद, कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने उनसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने का आग्रह किया, लेकिन भीड़ में से कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने स्थिति सामान्य करने के लिए लाठीचार्ज किया।”

29 लोगों को गिरफ्तार किया गया

अहिल्यानगर के पुलिस अधीक्षक सोमनाथ घारगे ने बताया कि विरोध प्रदर्शन, सड़क पर अवरोध और पथराव के सिलसिले में 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। घारगे ने कहा, “हमने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल का इस्तेमाल किया। पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। स्थिति नियंत्रण में है। लोगों को अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए और न ही अफवाहें फैलानी चाहिए।”

ध्रुवीकरण करने की कोई साजिश तो नहीं

यवतमाल की यात्रा कर रहे मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि अधिकारी इस बात का पता लगाएंगे कि क्या राज्य में शांति भंग करने और तरह-तरह के बोर्ड लगाकर समाज का ध्रुवीकरण करने की कोई साजिश तो नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा, “हर कोई अपने धर्म को मानने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन ध्रुवीकरण में शामिल होने की किसी को इजाजत नहीं है।”

 

“फिर दहला पाकिस्तान, क्वेटा में भीषण बम धमाका; 10 की मौत, 30 से ज्यादा घायल; अस्पतालों में इमरजेंसी”

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पड़ोसी देश पाकिस्तान बम धमाकों से फिर दहल उठा है। वहां के अशांत बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में मंगलवार को भीषण बम विस्फोट हुआ, जिसमें अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 लोग घायल हुए हैं।

मरने वालों में फ्रंटियर कॉर्प्स के जवान भी शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाका बहुत जोरदार था। धमाका होते ही धुएं का गुबार आसमान में छा गया और वहां अफरा-तफरी मच गई। उनके मुताबिक इस धमाके में कई लोग घायल हुए हैं। धमाके की भीषणता को देखते हुए वहां के अस्पतालों में इरजेंसी घोषित कर दी गई है। सभी डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सों को ड्यूटी पर मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है और सभी की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। यह विस्फोट फ्रंटियर कोर मुख्यालय के आगे हुआ है।

अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को क्वेटा शहर के पूर्वी हिस्से में फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) मुख्यालय के पास ये धमाका हुआ है। अधिकारी के मुताबिक, कार में हुए शक्तिशाली विस्फोट के बाद वहां भारी गोलीबारी भी हुई है। मॉडल टाउन और आसपास के इलाकों में सुनाई देने वाले इस विस्फोट से आस-पास के घरों और व्यावसायिक इमारतों की खिड़कियों के शीशे टूट गए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। इसके तुरंत बाद, इलाके में गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजने लगी, जिससे निवासियों में दहशत फैल गई।

क्वेटा के ज़रघून रोड के पास धमाका

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, यह विस्फोट क्वेटा के ज़रघून रोड के पास हुआ। पुलिस के हवाले से इसमें कहा गया है कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक विस्फोट में छह लोगों की मौत हो गई है। स्वास्थ्य सचिव मुजीबुर रहमान के हवाले से डॉन अखबार ने बताया कि बलूचिस्तान स्वास्थ्य विभाग ने शहर भर के अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया है।

रहमान ने कहा, “सभी सलाहकारों, डॉक्टरों, फार्मासिस्टों, स्टाफ नर्सों और पैरामेडिकल कर्मचारियों को अस्पतालों में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है।” अखबार ने प्रांतीय स्वास्थ्य विभाग के मीडिया समन्वयक डॉ. वसीम बेग के हवाले से कहा, “विस्फोट में घायल लोगों को सिविल अस्पताल के दुर्घटना एवं आपातकालीन विभाग और ट्रॉमा सेंटर लाया गया।”

“दिल्ली-NCR में हुई झमाझम बारिश, गर्मी और उमस से मिली राहत; कई इलाकों में दिखा जलभराव”

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दिल्ली-एनसीआर में सितंबर के महीने में भी लोग चिलचिलाती गर्मी से परेशान नजर आए। इसी बीच आज, 30 सितंबर को हुई बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दिलाई। इस बार के मानसून में दिल्ली में जमकर बारिश हुई और जाते-जाते भी बारिश ने दिल्लीवालों को भिगो दिया इस बारिश ने लोगों को राहत मिली है।

पिछले कुछ दिनों से राजधानी और उसके आसपास के इलाके में गर्मी से लोग परेशान थे। पर कई इलाकों बारिश ने मौसम सुहावना कर दिया। मौसम विभाग ने बताया कि इस बार दशहरा बारिश के साथ मनेगी। मौसम विभाग के अनुसार 2 अक्टूबर तक दिल्ली-एनसीआर में बारिश की संभावना है।

इन शहरों का बदला मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बनने से हवाओं में बदलाव की संभावना से प्रदेश में मौसम आमतौर पर 3 अक्टूबर तक बदलाव देखने को मिल सकता है। उत्तर भारत के राज्यों में मौसम में आंशिक बदलाव देखने को मिल रहा है। चूंकि मानसून जा रहा है, इसलिए ज्यादातर मैदानी इलाकों में उमस भरी गर्मी दिख रही है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम में मानसून ने गर्मी से राहत दिलाई।

कई जगहों पर जलभराव

तेज बारिश से मास्टर प्लान रोड शास्त्री नगर के पास जलभराव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पांडव नगर के पास अंडरपास में जलभराव हुआ। वहीं, विनोद नगर के पास एनएच-9 की सर्विस रोड पर भी पानी जमा हो गया।

“हरियाणा के बाद अब इन प्रदेशों में कांग्रेस कर सकती है बदलाव, जानें किसे मिलेगा अध्यक्ष का पद?”

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हरियाणा में कांग्रेस ने सोमवार, 29 सितंबर को बड़ा बदलाव करते हुए राव नरेंद्र सिंह को नया अध्यक्ष नियुक्त किया। इसके अलावा भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को हरियाणा कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त किया है।

अब खबर ये आ रही है कि कांग्रेस गोवा और राजस्थान में भी जल्द ही बड़ा बदलाव कर सकती है। हरियाणा में प्रदेश अध्यक्ष और कांग्रेस विधायक दल के नेता की नियुक्ति के बाद अब पार्टी गोवा और राजस्थान में नेतृत्व में बदलाव की तैयारी में है। जानकारी के मुताबिक, गोवा में गिरीश चोडानकर को पार्टी अपना नया प्रदेश अध्यक्ष बना सकती है। चोडानकर अभी पार्टी के तमिलनाडु और पुडुचेरी के प्रभारी हैं।

राजस्थान में किसको मिलेगा नेतृत्व  कांग्रेस राजस्थान में भी नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति कर सकती है। हालांकि, इसमें थोड़ा समय लग सकता है। राजस्थान में प्रदेश अध्यक्ष के लिए जिन नामों पर चर्चा हो रही है उसमें छत्तीसगढ़ के पार्टी महासचिव सचिन पायलट, मध्य प्रदेश के प्रभारी हरीश चौधरी और गहलोत सरकार में मंत्री रह चुके और हिंडोली से पार्टी विधायक अशोक चांदना के नाम शामिल हैं। इसके सचिन पायलट इस रेस में अभी सबसे आगे हैं।

सांगठनिक पदों पर भी होगी नियुक्ति

बता दें कि अगर कांग्रेस पार्टी अपने कुछ महासचिव और प्रभारियों को प्रदेश भेजने का फैसला लेती है तो पार्टी के केंद्रीय संगठन में भी फेरबदल करने होंगे। ऐसे में आने वाले दिनो में कांग्रेस पार्टी के सांगठनिक पदों पर भी नियुक्तियां हो सकती हैं।

“गाजा प्लान पर ट्रंप को मिला पीएम मोदी का समर्थन, पश्चिम एशिया में स्थायी शांति का तैयार होगा रास्ता”

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गाजा में लंबे समय से जारी संघर्ष जल्द ही समाप्त हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस दिशा में एक विशेष योजना बनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ट्रंप की इस पहल का स्वागत किया और कहा कि अन्य देश भी इस पहल का समर्थन करें, ताकि हमास और इजरायल के बीच चल रहा युद्ध खत्म हो सके।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पोस्ट के माध्यम से कहा, ‘हम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा संघर्ष समाप्ति योजना का स्वागत करते हैं। यह योजना न केवल फिलिस्तीनी और इजरायली लोगों के लिए, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र के लिए स्थायी शांति, सुरक्षा और विकास का मार्ग तैयार करेगी। हमें उम्मीद है कि सभी संबंधित पक्ष इस पहल का समर्थन करेंगे, ताकि संघर्ष समाप्त हो और स्थायी शांति कायम हो सके।’

इजरायल युद्ध समाप्ति के लिए ट्रंप का प्लान तैयार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए 20-बिंदुओं वाला एक प्रस्ताव तैयार किया है। इस योजना को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और कई मुस्लिम देशों का समर्थन प्राप्त हो चुका है। अब अमेरिका ने इसे मिस्र और कतर के जरिए हमास के सामने रखा है। हमास ने इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देने से पहले गंभीर विचार करने की बात कही है।

यूएनजीए की बैठक से अलग, ट्रंप ने अरब और मुस्लिम देशों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर गाजापट्टी में सीजफायर के लिए अपनी योजना पेश की। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को भी इस प्लान के बारे में अवगत कराया, जिसे नेतन्याहू ने समर्थन दिया।

हमास को ट्रंप की चेतावनी

यह घोषणा व्हाइट हाउस में हुए ओवल ऑफिस के बैठक के बाद की गई, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू शामिल थे। जनवरी में ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद यह नेतन्याहू का व्हाइट हाउस का चौथा दौरा था। बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि फिलहाल एक महत्वपूर्ण समझौता बहुत करीब है, लेकिन उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर हमास इस योजना को नकारता है, तो अमेरिका इजरायल को हर संभव समर्थन देगा।

इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ट्रंप को इजरायल का मित्र बताते हुए उनकी सराहना की, लेकिन साथ ही उन्होंने इस योजना के कुछ पहलुओं से दूरी भी बनाई। इनमें फिलिस्तीनी प्राधिकरण में सुधार की मांग और भविष्य में स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की संभावनाएं शामिल हैं।

“Municipal Election में बदलेगा समीकरण? MIM ने दिया संकेत – खुद के बूते लड़ेगी चुनाव”

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आगामी स्थानीय निकाय चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सभी राजनीतिक दलों ने रणनीति बनाने के साथ ही जिताऊ प्रत्याशियों की खोजबीन शुरू कर दिया है।

इसमें 2015 से 2020 तक मनपा में प्रमुख विपक्ष पार्टी रही एमआईएम भी पीछे नहीं है। आगामी स्थानीय निकाय चुनाव खुद के बूते लड़ने के संकेत देते हुए पार्टी ने निरीक्षक भी नियुक्त किए हैं। ऐसे में ये चुनाव बेहद दिलचस्प होने के आसार हैं, जानकारी के अनुसार, 8 अक्टूबर तक प्रारूप मतदाता सूची तैयार की जाएगी।

तदुपरांत 8 से 14 अक्टूबर तक आपत्ति व सूचना स्वीकार की जाएगी। 27 अक्टूबर को मतदान केंद्र निहाय सूची जारी की जाएगी। इसके कुछ दिनों के बाद दिसंबर में जिला परिषद व जनवरी में मनपा चुनाव होने के आसार हैं।

पिछले कई वर्षों से जिला परिषद व मनपा में प्रशासक राज है। अब सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद चुनाव लड़ने की चाहत रखने वालों में हर्ष है। 2024 के लोकसभा व विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त के बाद एमएमआई ने पार्टी में जान फूंकने के साथ ही पार्टी नेता असदुद्दीन ओवैसी। अकबरुद्दीन ओवैसी, प्रदेशाध्यक्ष इम्तियाज जलील आदि के बूते अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रयासरत है।

चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेंगे

एमआईएम शहराध्यक्ष शारेक नवशबंदी आगामी स्थानीय निकाय चुनाव खुद के बूते लड़ने के लिए निरीक्षकों की नियुक्ति की गई है। शहरवासी मनपा में बदलाव चाहते है। हमारी पार्टी के कार्यकर्ता सामाजिक कार्यों में अग्रणी है व सहम उपलब्ध होते है। पार्टी का संगटनात्मक ढांचा मजबूत है व उसका लाभ उठाकर हम पूरी ताकत से चुनाव लड़कर अच्छा प्रदर्शन करेंगे।