Home Blog Page 399

“KOLKATA RAINS LIVE: कोलकाता में भारी बारिश से तबाही, 4 की मौत, हर तरफ जलभराव और ट्रैफिक जाम, रेल-मेट्रो भी बाधित”

0

KOLKATA RAINS LIVE: पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भारी बारिश की वजह से हड़कंप मच गया है। यहां कई इलाकों में जलभराव है और यातायात जाम हो गया है। बारिश की वजह से अलगअलग जगहों पर 4 लोगों की मौत भी हुई है।

 बेनियापुकुर, कालिकापुर, नेताजी नगर, गरियाहाट और इकबालपुर में अलगअलग घटनाओं में ये मौतें हुईं हैं। ये इलाके कोलकाता के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में से हैं।

“घरेलू शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 163 अंक लुढ़का, निफ्टी भी नीचे, ये दिग्गज स्टॉक्स टूटे”

0

घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। सेंसेक्स सुबह 9 बजकर 42 मिनट के करीब 163.17 अंकों की गिरावट के साथ 81,996.80 के लेवल पर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी भी 56.95 अंक फिसलकर 25,145.40 के लेवल पर कारोबार कर रहा था।

मनीकंट्रोल के मुताबिक, निफ्टी ऑटो इंडेक्स 1.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ टॉप सेक्टोरल गेनर के रूप में उभरा, जबकि निफ्टी आईटी इंडेक्स की शुरुआत भी धीमी रही। निफ्टी रियल्टी और पीएसयू बैंक इंडेक्स 0.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ बढ़त पर काबू पा सके।

रुपया डॉलर के मुकाबले 25 पैसे टूटा मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 25 पैसे की गिरावट के साथ 88.53 के अपने अब तक के सबसे निचले इंट्राडे स्तर पर पहुंच गया। यह कमजोरी मुख्य रूप से अमेरिका द्वारा भारत से आयातित वस्तुओं पर बढ़ाए गए टैरिफ और H-1B वीजा फीस में वृद्धि जैसे नकारात्मक संकेतों से निवेशकों की भावना पर असर डालने के कारण आई। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 88.41 के स्तर पर खुला, लेकिन इसके बाद लगातार गिरावट के साथ 88.53 तक लुढ़क गया, जो पिछले बंद स्तर से 25 पैसे कम है। बीते सोमवार को रुपया 12 पैसे की गिरावट के साथ 88.28 के स्तर पर बंद हुआ था।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार वॉल स्ट्रीट पर लगातार जारी तेजी के बाद एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार हुआ। टोक्यो में राष्ट्रीय अवकाश के कारण कारोबार बंद रहा। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 0.6 प्रतिशत बढ़कर 8,861.10 पर पहुंच गया। पीटीआई की खबर के मुताबिक, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.3 प्रतिशत बढ़कर 3,479.23 पर पहुंच गया। हांगकांग का हैंग सेंग 0.8 प्रतिशत गिरकर 26,125.56 पर आ गया, क्योंकि निवेशक अमेरिकी टैरिफ पर चल रही बातचीत पर नज़र बनाए हुए थे।

शंघाई कंपोजिट 1.0 प्रतिशत गिरकर 3,788.66 पर आ गया। वॉल स्ट्रीट पर, एसएंडपी 500 सुबह की मामूली गिरावट को भुलाकर 0.4 प्रतिशत बढ़ा। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 66 अंक या 0.1 प्रतिशत बढ़ा, और नैस्डैक कंपोजिट 0.7 प्रतिशत चढ़ा। यह लगातार तीसरा दिन था जब तीनों सूचकांकों ने सर्वकालिक उच्चतम स्तर हासिल किया।

“Zubeen Garg Funeral: पंचतत्व में विलीन हुए जुबिन गर्ग, रोती-बिलखती रहीं पत्नी, नम आंखों से दी अंतिम विदाई”

0

प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग का 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में निधन हो गया। सिंगर स्कूबा डाइविंग करने गए थे, इसी दौरान एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।

उनके असामयिक निधन से पूरे देश, विशेषकर असम में शोक व्याप्त है।

जुबिन का पार्थिव शरीर हाल ही में असम लाया गया, जिसके बाद गुवाहाटी में उनके अंतिम दर्शन के लिए भारी संख्या में प्रशंसक उमड़े। आज 23 सितंबर को उनका अंतिम संस्कार असम के कमरकुची गांव, उत्तरी कैरोलिना में किया गया है। अंतिम संस्कार में भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति भी दर्ज की गई है। पहले अंतिम संस्कार का निर्धारित समय 8 बजे रखा गया था, लेकिन अब अटॉप्सी के बाद इसे संपन्न किया गया।

फिर होगा पोस्टमार्टम इस बीच जुबिन की मौत को लेकर एक नया मोड़ सामने आया है। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा शर्मा ने गायक के दूसरे पोस्टमार्टम की घोषणा की है।

यह पोस्टमार्टम गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में किया गया, जिसमें एम्स गुवाहाटी की एक विशेषज्ञ टीम भी शामिल रही। मुख्यमंत्री के अनुसार, जुबिन के परिवार ने इस प्रक्रिया के लिए सहमति दी है। हिमंता बिस्वा शर्मा ने जानकारी दी कि सिंगापुर से प्राप्त मृत्यु प्रमाण पत्र में मौत का कारण डूबना बताया गया है, जो पहले की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मेल नहीं खाता। मूल कारण को समझने के लिए दोबारा पोस्टमार्टम का निर्णय लिया गया है।

ली गई पैरों की छाप

जुबिन गर्ग की मौत ने संगीत जगत और उनके प्रशंसकों को गहरा आघात पहुंचाया है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच पर टिकी हैं। आज सिंगर को सम्मान देने के लिए उनके पैरों की छाप भी लिए गए।

“Invest in Gold-Silver: अभी सोना-चांदी मत खरीदो, नहीं तो हो जाएगा बड़ा नुकसान… किसने और क्यों दी यह चेतावनी?”

0

सोने-चांदी की कीमत इस समय आसमान छू रही है। ये दोनों धातु इस साल निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दे चुकी हैं। सोने में 40 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है। कल यानी सोमवार को दिल्ली में सोना 2,200 रुपये उछलकर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

इसके दाम अब 1,16,200 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गए हैं। वहीं चांदी भी 4,380 रुपये चढ़कर 1,36,380 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इसी बीच एक एक्सपर्ट ने उन लोगों को चेतावनी दी है जो सोना और चांदी खरीदना चाहते हैं।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट एस नरेन ने निवेशकों को यह चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सोना और चांदी के पीछे भागना नुकसानदायक हो सकता है। खासकर तब, जब इनकी कीमतें पहले से ही बहुत बढ़ चुकी हों। नरेन ने कहा कि जो लोग हाल ही में सोना और चांदी के दाम बढ़ने के बाद इनमें निवेश कर रहे हैं, उन्हें लंबे समय तक नुकसान हो सकता है। उन्होंने ET Money के साथ एक पॉडकास्ट में यह बात कही।

क्यों दी निवेश न करने की सलाह नरेन का कहना है कि जो निवेशक किसी चीज के दाम बढ़ने के बाद उसमें पैसा लगाते हैं, वो ‘एंटी-एसेट एलोकेशन’ करते हैं। उन्होंने कहा कि एंटी-एसेट एलोकेशन आम तौर पर आपदा की ओर ले जाती है। उनका मानना है कि ऐसा करने से लंबे समय में नुकसान होता है। हालांकि, शुरुआत में यह गलत नहीं लगता।

सोना और चांदी के ईटीएफ में लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है। पिछले एक साल में इन धातुओं ने इक्विटी से बेहतर प्रदर्शन किया है। लेकिन नरेन का कहना है कि यही वजह है कि निवेशकों को सावधान रहना चाहिए, उत्साहित नहीं।

उदाहरण देकर समझाई अपनी बात नरेन ने उदाहरण देते हुए कहा, ‘अगर आप ढाई साल पहले चांदी में निवेश करते, तो यह बहुत अच्छा होता। तब चांदी का प्रदर्शन बहुत खराब था।’ लेकिन अब लोग चांदी के बारे में बात कर रहे हैं। क्या चांदी डिविडेंड देती है? नहीं। क्या इस पर ब्याज मिलता है? नहीं। क्या आप चांदी को P/E के आधार पर आंक सकते हैं? नहीं।

खराब प्रदर्शन वाली चीजों में निवेश की सलाह नरेन ने निवेशकों को सलाह दी कि उन एसेट क्लास में निवेश करना चाहिए जिन्होंने खराब प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि अगर सोना और चांदी ने बहुत बुरा प्रदर्शन किया है, तो सोना और चांदी में पैसा लगाएं। लेकिन अगर सोना और चांदी ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है, तो उनमें बहुत अधिक पैसा न लगाएं।

उन्होंने कहा कि अगर आवासीय रियल एस्टेट ने खराब प्रदर्शन किया है, तो आवासीय रियल एस्टेट में निवेश करें। अगर इक्विटी ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है, तो अपनी सारी पूंजी इक्विटी में न लगाएं। यानी उन चीजों से दूर रहना चाहिए जो पहले से ही बहुत महंगी हो चुकी हैं।

“फिलिस्तीन देश बनकर रहेगा? फ्रांस समेत 6 यूरोपीय देशों ने मान्यता देने का किया ऐलान, इजरायल और अमेरिका पड़े कमजोर?”

0

फ्रांस ने औपचारिक रूप से फिलिस्तीनी देश को मान्यता देने की घोषणा की है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि शांति का समय आ गया है। उन्होंने युद्ध के बाद गाजा में संयुक्त राष्ट्र से अधिकृत एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की योजना पेश की है।

इसे कई देशों से समर्थन मिलने की उम्मीद है, लेकिन इजरायल या अमेरिका की तरफ से ऐसा होने की संभावना नहीं है। सोमवार शाम को संयुक्त राष्ट्र महासभा हॉल में एक विशेष शिखर सम्मेलन के उद्घाटन भाषण में मैक्रों ने कहा, गाजा में युद्ध, नरसंहार और मौतों को समाप्त करने का समय आ गया है।

इमैनुएल मैक्रों ने कहा, फिलिस्तीनी लोगों के लिए न्याय करने और इस प्रकार गाजा, पश्चिमी तट और यरुशलम में फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने का समय आ गया है। फ्रांस ने सऊदी अरब के साथ इस विशेष शिखर सम्मेलन का आयोजन किया था। इस सम्मेलन में अमेरिका शामिल नहीं हुआ और इजरायली अधिकारियों ने इस पहल को खारिज कर दिया। G7 के अन्य देश जर्मनी और इटली ने भी सम्मलेन से दूरी बनाई।

इन देशों ने भी दी फिलिस्तीन को मान्यता फ्रांस के साथ ही एंडोरा, माल्टा, लक्जमबर्ग और मोनाको भी फिलिस्तीन को मान्यता देने की घोषणा की। बेल्जियन ने भी फिलिस्तीन राज्य की मान्यता को अपना समर्थन दिया, लेकिन कहा कि यह कानूनी रूप से तभी प्रभावी होगा, जब हमास को हटा दिया जाएगा और बंधकों को वापस कर दिया जाएगा। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने फिलिस्तीन राज्य को संयुक्त राष्ट्र का पूर्ण सदस्य बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि ‘यह सम्मेलन मील का पत्थर है, लेकिन यह इस यात्रा का अंत नहीं है। यह तो बस शुरुआत है।’

इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को बताया कि ‘फिलिस्तीनी देश को मान्यता देना एकमात्र साधन है, जो इजरायल को शांति से रहने देगा।’ उन्होंने कदम को हमास की हार बताया। मैक्रों ने कहा, हमें द्वि-राष्ट्र समाधान की संभावना को बनाए रखने के लिए अपनी पूरी शक्ति से प्रयास करना चाहिए, ताकि इजरायल और फिलिस्तीन शांति और सुरक्षा के साथ-साथ रह सकें। उन्होंने आगे कहा कि फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों को मान्यता देने से इजरायल के लोगों के अधिकारों में कोई कमी नहीं आएगी, जिनका फ्रांस ने पहले दिन से समर्थन किया है।

फिलिस्तीन का बढ़ता समर्थन फ्रांस की घोषणा ऐसे समय में आई है, जब ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और पुर्तगान ने पिछले सप्ताह के आखिर में फिलिस्तीनी देश को मान्यता का ऐलान किया है। वे 145 से अधिक देशों में शामिल हो गए हैं, जो पहले से फिलिस्तीन को मान्यता दे चुके हैं।

इस बीच आठ अरब और मुस्लिम देशों के नेता डोनाल्ड ट्रंप से मिलने वाले हैं। मंगलवार को होने वाली इस बैठक में सऊदी अरब, तुर्की, पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र, इंडोनेशिया, कतर और जॉर्डन शामिल होंगे। एक्सियोस ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि इस बैठक में डोनाल्ड ट्रंप गाजा में युद्ध को खत्म करने और उसके बाद की योजना पेश कर सकते हैं। अमेरिकी और अरब अधिकारियों का कहना है कि यह अमेरिकी योजना होगा न कि एक इजरायली योजना।

“नाना पाटेकर ने OP सिंदूर के पाद Pak की गोलीबारी से प्रभावित परिवारों को दिए ₹42 लाख, कहा- एक छोटा सा योगदान है”

0

एक्टर नाना पाटेकर एक शानदार कलाकार के साथ-साथ समाज सेवा में भी अपना अमूल्य योगदान देते रहते हैं। उन्होंने अपने NGO के जरिए भारतीय सेना के साथ मिलकर राजौरी और पुंछ जिलों के उन 117 परिवारों को, जो ऑपरेशन सिंदूर के बाद बॉर्डर के पार हुई गोलीबारी से प्रभावित हुए, उन्हें राहत साम्रगी के साथ-साथ 42 लाख रुपये भी डोनेट किए।

नाना पाटेकर ने इन प्रभावित परिवारों की मदद करने को अपनी जिम्मेदारी बताया। वह पाकिस्तानी गोलाबारी के पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित करने के दौरान सोमवार को भावुक हो गए। अपने गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) निर्मला गजानन फाउंडेशन की ओर से पाटेकर ने मई में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई का खामियाजा भुगतने वाले पुंछ और राजौरी जिलों के सीमावर्ती इलाकों के लोगों से मुलाकात की।

नाना पाटेकर ने 42 लाख रुपये परिवारों को दिए नाना पाटेकर ने फिल्म ‘प्रहार’ में सेना के मेजर की भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि वह खुद उस 11 साल की लड़की की पढ़ाई का खर्च उठा रहे हैं जिसने पुंछ में हुई गोलाबारी में अपने पिता अमरीक सिंह को खो दिया था। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान 7 से 10 मई के बीच अपने परिवार के किसी सदस्य को खो चुके या फिर अपने घर पर किसी तरह का नुकसान झेल चुके 117 परिवारों को एक्टर ने 42 लाख रुपये की सहायता राशि दी।

पहलगाम में हुआ था आतंकी हमला पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादियों द्वारा हमला कर 26 लोगों की हत्या कर दी गई थी और मारे गए अधिकतर लोग पर्यटक थे। इसके बाद भारतीय सेना ने पहलगाम हमले के जवाब में पाकिस्तान में आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। इस दौरान LOC पर पाकिस्तानी सेना द्वारा की गई जवाबी गोलाबारी, मिसाइल हमलों और ड्रोन हमलों में कम से कम 28 लोग मारे गए।

नाना पाटेकर ने पीड़ित परिवारों की मदद की नाना पाटेकर ने कहा, ‘यह उन परिवारों के लिए एक छोटा सा योगदान है जो हमारे अपने हैं और केवल इसलिए कष्ट झेल रहे हैं क्योंकि वो सीमाओं पर रह रहे हैं। हम उन्हें संदेश देना चाहते हैं कि वे अकेले नहीं हैं।’ इस मौके पर 25वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल कौशिक मुखर्जी और राजौरी के उपायुक्त अभिषेक शर्मा भी मौजूद थे। जम्मू-पुंछ नेशनल हाईवे की खराब स्थिति के बारे में एक्टर ने कहा, ‘मैं सीमावर्ती निवासियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए इसके तत्काल रखरखाव के लिए दिल्ली में संबंधित विभागों के समक्ष यह मुद्दा उठाऊंगा।’

“‘अमेरिका के लिए भारत अत्यंत महत्वपूर्ण’, जयशंकर से मुलाकात के बाद बोले मार्को रुबियो”

0

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि भारत उनके देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही, उन्होंने व्यापार के क्षेत्र में भारत के साथ चल रहे सहयोग का स्वागत किया। सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात के बाद, रुबियो ने कहा कि अमेरिका के लिए भारत बहुत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, दवाइयां, महत्वपूर्ण खनिज और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर भारत सरकार के निरंतर सहयोग की सराहना की। अमेरिका और भारत ने मिलकर एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई, जिसमें क्वाड के माध्यम से भी काम होगा।

यह बयान उस वक्त सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए और भारत को लेकर कई कठोर बयान दिए, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 75वें जन्मदिन पर बधाई दी। इसके अलावा, विदेश मंत्री जयशंकर के साथ रुबियो की मुलाकात महत्वपूर्ण थी, क्योंकि यह उनकी उस दिन की पहली आधिकारिक बैठक थी। रुबियो संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र के लिए आए विश्व नेताओं के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें कर रहे हैं।

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि बातचीत के दौरान द्विपक्षीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में प्रगति के लिए निरंतर संवाद की आवश्यकता पर हम सहमत हुए। उन्होंने कहा कि वे संपर्क में रहेंगे। कॉन्फ्रेंस रूम में जाने से पहले, वे बाहर मौजूद मीडिया के सामने सौहार्दपूर्ण ढंग से आए, हाथ मिलाया, लेकिन सवालों के जवाब देने से मना कर दिया। बाद में, जयशंकर ने भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक्स पोस्ट में कहा कि वे दोनों अमेरिका-भारत संबंधों को और मजबूत करने के लिए उत्सुक हैं। गोर को दक्षिण और मध्य एशिया के लिए ट्रंप का विशेष दूत भी बनाया गया है। उनकी नियुक्ति को सीनेट की मंजूरी की जरूरत है, जैसा कि सभी राजदूत पदों के लिए होता है।

CG: नारायणपुर में नक्सली मुठभेड़ पर मिली कामयाबी पर छत्तीसगढ़ के सीएम साय ने भी दी जवानों को बधाई…

0

अधिकारियों के मुताबिक केंद्रीय समिति के दोनों सदस्य, राजू दादा और कोसा दादा, “तीन दशकों से अधिक समय से दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति में” सक्रिय थे और कई हिंसक घटनाओं के पीछे मास्टरमाइंड थे, जिसके कारण क्षेत्र में सुरक्षाकर्मियों की हत्या हुई और निर्दोष नागरिकों की जान गई।

केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को महाराष्ट्र – छत्तीसगढ़ सीमा पर नारायणपुर में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी जीत हासिल करने के लिए सुरक्षा बलों की सराहना की।

अमित शाह ने लिखा, “लाल आतंक की रीढ़ तोड़ रहे हैं”

एक्स प्लेटफॉर्म पर अमित शाह ने कहा, “आज, हमारे सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक और बड़ी जीत हासिल की है। महाराष्ट्र – छत्तीसगढ़ सीमा पर नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में , हमारे बलों ने दो केंद्रीय समिति के सदस्य नक्सल नेताओं – कादरी सत्यनारायण रेड्डी उर्फ ​​कोसा, कट्टा रामचंद्र रेड्डी को मार गिराया। दोनों निष्प्रभावी नक्सली नेताओं के सिर पर 40-40 लाख रुपये का इनाम था। हमारे सुरक्षा बल व्यवस्थित रूप से नक्सलियों के शीर्ष नेतृत्व को खत्म कर रहे हैं और लाल आतंक की रीढ़ तोड़ रहे हैं।”

सीएम साय ने भी दी जवानों को बधाई

नारायणपुर में नक्सली मुठभेड़ पर मिली कामयाबी पर छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय ने भी हर्ष व्यक्त किया है। मीडिया से हुई बातचीत में उन्होंने कहा, “नक्सलियों के खिलाफ हमारे अभियानों में जवानों को लगातार सफलता मिल रही है। आज दो नक्सली मारे गए। मैं जवानों को सलाम करता हूँ।”

एक एके-47 और एक इंसास राइफल बरामद

गौरतलब है कि, सोमवार को महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में हुए एक मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने माओवादियों के केंद्रीय समिति के दो सदस्य नक्सली नेता कट्टा रामचंद्र रेड्डी और कादरी सत्यनारायण रेड्डी को मार गिराने में कामयाबी हासिल की है। बस्तर के पुलिस महानिरीक्षक पी सुंदरराज ने बताया कि इलाके में माओवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों की टीम संभावित ठिकाने के लिए रवाना किया गया था। आईजी पी सुंदरराज ने बताया कि इलाके की तलाशी के दौरान दो माओवादियों के शव, एक एके-47 और एक इंसास राइफल तथा अन्य हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। बताया कि, प्रतिबंधित माओवादी संगठन के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई से संगठन को बड़ा झटका लगा है।

कौन थे मारे गए नक्सली लीडर?

मारे गए माओवादियों की पहचान केंद्रीय समिति के सदस्य राजू दादा उर्फ ​​कट्टा रामचंद्र रेड्डी (उम्र 63 वर्ष) और कोसा दादा उर्फ ​​कादरी सत्यनारायण रेड्डी (उम्र 67 वर्ष) के रूप में हुई है, जिन पर छत्तीसगढ़ राज्य में 40-40 लाख रुपये का इनाम था। दोनों तेलंगाना के करीमनगर के निवासी थे। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ स्थल से एक बीजीएल लांचर, भारी मात्रा में विस्फोटक, माओवादी साहित्य और अन्य सामान भी बरामद किया गया है।

डीकेएसजेडसी में थे सक्रिय

अधिकारियों के मुताबिक केंद्रीय समिति के दोनों सदस्य, राजू दादा और कोसा दादा, “तीन दशकों से अधिक समय से दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति में” सक्रिय थे और कई हिंसक घटनाओं के पीछे मास्टरमाइंड थे, जिसके कारण क्षेत्र में सुरक्षाकर्मियों की हत्या हुई और निर्दोष नागरिकों की जान गई।

 

CG: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खुद राजधानी रायपुर के बाजारों का दौरा करेंगे और GST 2.0 से जुड़े बदलावों और लाभों की जानकारी साझा करेंगे।

0

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खुद राजधानी रायपुर के बाजारों का दौरा करेंगे। वह न सिर्फ खुद सामान खरीदेंगे, बल्कि ग्राहकों और व्यापारियों से सीधे संवाद भी करेंगे और GST 2.0 से जुड़े बदलावों और लाभों की जानकारी साझा करेंगे।

नवरात्रि के पहले दिन यानी 22 सितंबर 2025 से देश में नए GST सुधार लागू हो चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में तैयार किया गया यह बदलाव भारत की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। अब तक के चार टैक्स स्लैब की जगह सिर्फ दो मुख्य दरें होंगी- 5% और 18%, जबकि शराब, तंबाकू, सट्टेबाजी और ऑनलाइन गेमिंग जैसे सिन गुड्स पर 40% का स्पेशल टैक्स स्लैब लागू किया गया है। वहीं, केंद्र सरकार की तरफ से लागू नए GST 2.0 में दरों को लेकर छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार अभियान शुरू कर रही है। बीजेपी ने इसे ‘GST उत्सव’ के रूप में मनाने का ऐलान किया है।

इसी कड़ी में, एक खास पहल के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खुद राजधानी रायपुर के बाजारों का दौरा करेंगे। वह न सिर्फ खुद सामान खरीदेंगे, बल्कि ग्राहकों और व्यापारियों से सीधे संवाद भी करेंगे और GST 2.0 से जुड़े बदलावों और लाभों की जानकारी साझा करेंगे।

भाजपा द्वारा इस बचत उत्सव का मकसद स्पष्ट है कि, जनता को यह दिखाना कि नई कर दरों से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और बाजार में खर्च करने की क्षमता बढ़ेगी। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय संभवतः राजधानी के प्रमुख मार्केट जैसे मालवीय रोड, पंडरी या गोलबाजार में से किसी एक का दौरा करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, वह खुद दुकानों पर पहुंचकर पूछेंगे कि उन्हें अब कीमतों में क्या अंतर महसूस हो रहा है।

बता दें कि, 22 सितंबर 2025 से भारत सरकार द्वारा लागू की गई नई जीएसटी दरें (GST 2.0) आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आई हैं। सरकार ने जीएसटी स्लैब की संख्या घटाकर अब केवल दो प्रमुख स्लैब – 5% और 18% कर दी है, जबकि 12% और 28% स्लैब को हटा दिया गया है। इस बदलाव का सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा क्योंकि खाने-पीने की वस्तुएं, घरेलू सामान, दवाएं और इलेक्ट्रॉनिक्स तक की कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही है।

अब दूध, पनीर, ब्रेड, पिज़्ज़ा, कॉपी, पेंसिल, और जीवन रक्षक दवाएं जैसी रोज़मर्रा की ज़रूरत की वस्तुओं पर 0% जीएसटी लगेगा, वहीं साबुन, डायपर, बिस्कुट, कॉफी, शैम्पू, और घी जैसे उत्पादों पर दरें घटकर 5% रह गई हैं। एचयूएल, इमामी और प्रॉक्टर एंड गैंबल (P&G) जैसी एफएमसीजी कंपनियों ने उपभोक्ताओं को लाभ देने के लिए अपने प्रोडक्ट्स के दाम घटा दिए हैं।

मेडिकल खर्चों में राहत देते हुए अब ग्लूकोमीटर, डायग्नोस्टिक किट्स और ज़्यादातर दवाओं पर जीएसटी घटाकर 5% कर दिया गया है। वहीं सीमेंट, टीवी, एसी, वॉशिंग मशीन, और फ्रिज पर भी टैक्स स्लैब 28% से घटकर 18% हो गया है, जिससे घर बनाने और इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदने की लागत कम हो गई है।

बड़ी राहत की बात यह है कि छोटी कारों पर अब 18% और बड़ी गाड़ियों पर 28% जीएसटी लगेगा, जबकि पहले इस पर अतिरिक्त सेस जुड़ता था। इससे SUV और MPV गाड़ियों की कीमतों में भी कटौती संभव है।

सैलून, योगा क्लास, स्पा और फिटनेस क्लब जैसी सेवाएं अब महंगी नहीं रहेंगी, क्योंकि इन पर जीएसटी दर 18% से घटाकर 5% कर दी गई है। हालांकि, इन सेवाओं पर अब इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ नहीं मिलेगा।

GST 2.0:  वहीं दूसरी ओर कुछ उत्पादों जैसे कि सिगरेट, गुटखा, पान मसाला, कोल्ड ड्रिंक्स और 350cc से ऊपर की बाइक्स पर सरकार ने 40% का विशेष टैक्स स्लैब लागू किया है, जिससे इनकी कीमतें बढ़ेंगी।सरकार को उम्मीद है कि इस GST 2.0 रिफॉर्म से त्योहारी सीज़न के दौरान खपत में इजाफा, व्यापार में वृद्धि और उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति में सुधार आएगा। यह फैसला नवरात्रि के शुभारंभ के साथ लागू होकर आम जनता के लिए दोगुनी खुशी का कारण बना है।

”शिक्षा व्यवस्था के अंतर्गत शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए एक विशेष मोबाइल एप्प से सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल”

0

छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, अनुशासित एवं तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।

विभाग ने “विद्या समीक्षा केन्द्र” के अंतर्गत शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए एक विशेष मोबाइल एप्प विकसित किया है। यह एप्प अब गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है और इसे प्रत्येक शिक्षक द्वारा डाउनलोड कर पंजीयन करना तथा प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य किया गया है।

इस व्यवस्था से शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड वास्तविक समय पर उपलब्ध रहेगा, जिससे विद्यालयीन अनुशासन और शिक्षा की गुणवत्ता दोनों मंय उल्लेखनीय सुधार होगा।

माननीय मंत्री जी स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य विभाग, छत्तीसगढ़ शासन गजेंद्र यादव ने दिनांक 04 सितम्बर 2025 को आयोजित समग्र शिक्षा की समीक्षा बैठक में इस एप्प को तत्काल लागू करने के निर्देश दिए थे। 

हाल ही में मंत्रीजी गुजरात अध्ययन दौरे पर भी गए, जहाँ उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने हेतु अपनाई जा रही तकनीकी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। गुजरात मॉडल से प्रेरणा लेते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ में भी आधुनिक तकनीक आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू करने पर बल दिया।

छत्तीसगढ़ का यह एप्प गुजरात की व्यवस्था से भी अधिक उन्नत है, क्योंकि इसमें जियो-फेंसिंग फीचर शामिल किया गया है। इस तकनीक के माध्यम से शिक्षक तभी उपस्थिति दर्ज कर सकते हैं जब वे विद्यालय के निश्चित दायरे में उपस्थित हों।

इससे यह सुनिश्चित होगा कि उपस्थिति केवल स्कूल परिसर के भीतर से ही दर्ज हो।

गुजरात में प्रयुक्त एप्प में यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण वहाँ कई बार शिक्षकों द्वारा घर से ही उपस्थिति दर्ज करने जैसी गड़बड़ियाँ सामने आती थीं।

छत्तीसगढ़ शासन ने इस अनुभव से सीख लेते हुए इस एप्प को और अधिक सुरक्षित तथा विश्वसनीय बनाया है।

इस संदर्भ में जिला शिक्षा अधिकारियों महासमुंद, बेमेतरा, दंतेवाड़ा, सूरजपुर एवं रायगढ़ को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और सभी विद्यालयों के शिक्षकगण को एप्प के प्रयोग हेतु आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करें।

यह नई व्यवस्था न केवल उपस्थिति प्रणाली को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाएगी, बल्कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और विद्यालयीन गतिविधियों की निगरानी भी सरल और प्रभावी होगी। शासन का विश्वास है कि इस तकनीकी पहल से छत्तीसगढ़ के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार होगा तथा अनुशासन और कार्यकुशलता और अधिक सुदृढ़ होगी।