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“Indian Railway: रेल यात्रियों के लिए गुडन्यूज! आज से चलेंगी ये पूजा स्पेशल ट्रेनें, देखें लिस्ट”

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त्योहारों का मौसम शुरू हो गया है. आज यानी 22 सितंबर को नवरात्र का पहला दिन है. जैसे ही त्योहारों का सीजन आता है तो घर से बाहर रहने वाले लोग अपने-अपने घर जाने की तैयारी में जुट जाते हैं.

इसी बीच रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है. यात्रियों की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे ने 22 सितंबर से 1 दिसंबर के बीच कई पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाने की व्यवस्था की है. आइए जानते हैं ये स्पेशल ट्रेंने कौन-सी हैं?

22 सितंबर से शुरू ये स्पेशल ट्रेनें त्योहारों के मौके पर यात्रियों की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे ने 22 सितंबर 2025 से कई पूजा स्पेशल ट्रेनें शुरू की हैं. इसमें गोरखपुर से धनबाद के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 03678 सोमवार को दोपहर 3:30 बजे चलेगी और ये सेवा 1 दिसंबर तक जारी रहेगी.

वहीं, पटना से एरणाकुलम के लिए ट्रेन संख्या 06086 रात 11:45 बजे रवाना होगी, ये भी 1 दिसंबर तक चलेगी. धनबाद से कोयम्बटूर के लिए ट्रेन संख्या 06064 सुबह 6:00 बजे चलेगी और इसकी सेवा भी 1 दिसंबर तक उपलब्ध रहेगी.

इसके अलावा नाहरलगुन से चर्लपल्ली के लिए ट्रेन संख्या 07047 मंगलवार को दोपहर 1:00 बजे चलेगी और 2 दिसंबर तक जारी रहेगी, सांतरागाछि से अजमेर के लिए ट्रेन संख्या 08611 मंगलवार रात 7:55 बजे रवाना होगी और ये सेवा 24 नवंबर तक जारी रहेगी. अगरतला से चर्लपल्ली के लिए ट्रेन संख्या 07029 शुक्रवार सुबह 6:20 बजे चलेगी और 28 नवंबर तक जारी रहेगी.

काचीगुड़ा से मदुरै के लिए ट्रेन संख्या 07191 सोमवार रात 8:30 बजे रवाना होगी और ये सेवा 20 अक्टूबर तक जारी रहेगी. वहीं, कोल्लम से हैदराबाद के लिए ट्रेन संख्या 07194 सोमवार सुबह 10:45 बजे चलेगी और 1 दिसंबर तक यात्रियों को सेवा देने का काम करेगी.

21 सितंबर से शुरू हुई हैं ये स्पेशलट ट्रेनें भारतीय रेलवे ने 21 सितंबर से भी त्योहारों के लिए पूजा स्पेशल ट्रेनें शुरू कर चुकी है, इसमें धनबाद से गोरखपुर के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 03677 रविवार रात 8:45 बजे रवाना होगी और ये सेवा 30 नवंबर तक जारी रहेगी. झाझा से दानापुर के लिए ट्रेन संख्या 03209 सुबह 4:00 बजे चलेगी और दानापुर से झाझा के लिए ट्रेन संख्या 03210 हर दिन शाम 5:25 पर रवाना होगी. दोनों ट्रेनें 21 सितंबर से 30 नवंबर तक चलेंगी.

कानपुर सेंट्रल से सर एम. विश्वेश्वरय्या टर्मिनल, बेंगलुरु के लिए ट्रेन संख्या 04131 शनिवार शाम 4:30 पर चलेगी, यह सेवा 21 सितंबर से 9 नवंबर तक उपलब्ध रहेगी. बता दें कि पूजा स्पेशल ट्रेनों का संचालन निश्चित तारीखों और तय मार्गों पर किया जाएगा. इनकी जानकारी रेलवे की वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबरों पर उपलब्ध होगी. वहीं, टिकटों की बुकिंग सभी पीआरएस काउंटरों और आईआरसीटीसी (IRCTC) की आधिकारिक वेबसाइट से की जा सकती है.

“Shardiya Navratri 2025: शारदीय नवरात्र का पहला दिन, माता रानी के दर्शन के लिए मंदिरों में भक्तों का तांता, वैष्णो देवी की तस्वीरें मन मोह लेंगी”

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शारदीय नवरात्र 2025 की शुरुआत 22 सितंबर से हो चुकी है, जो 1 अक्टूबर तक चलेगी। नवरात्र का महत्व हिंदू धर्म में बहुत ज्यादा है, जिसमें मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना का सबसे ज्यादा महत्व होता है, जिसमें शुभ मुहूर्त में कलश स्थापित कर मां दुर्गा की पूजा की जाती है। वैष्णो देवी से भी तस्वीरें सामने आई हैं जो मन मोह लेंगी।

घटस्थापना के लिए 2 शुभ मुहूर्त हैं:

पहला मुहूर्त: सुबह 6 बजकर 9 मिनट से लेकर सुबह 8 बजकर 6 मिनट तक

दूसरा मुहूर्त: अभिजीत मुहूर्त, सुबह 11 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 38 मिनट तक

कलश स्थापना के लिए इन महत्वपूर्ण सामग्री की आवश्यकता होती है:

लकड़ी की चौकी 7 प्रकार के अनाज कलश मिट्टी का बर्तन गंगाजल कलावा सुपारी लौंग आम के पत्ते अक्षत (साबुत चावल) नारियल लाल कपड़ा मां दुर्गा के पुष्प.

घटस्थापना की विधि घटस्थापना के लिए सबसे पहले मिट्टी को एक चौड़े मुंह वाले बर्तन में रखें और फिर उसमें धान बोएं। इसके बाद कलश में जल भरें और उसकी गर्दन में कलावा बांधें। कलश के जल में एक का सिक्का भी डालें। फिर, आम के पत्तों को कलश के ऊपर रखें और नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर कलश के ऊपर स्थापित करें।

नवरात्रि में देवी की पूजा होती है, जो शक्ति की मूरत हैं। नवरात्रि के नौ दिन नौ अलग-अलग रूपों में मां दुर्गा की पूजा होती है, जिन्हें नवदुर्गा कहा जाता है। हर एक रूप से हमें अलग-अलग आशीर्वाद और वरदान मिलता है।

“आज से लागू GST की नई दरें, त्योहारी सीजन में सस्ती होंगी पूजा सामग्री; जानें कौन सी चीजें करेंगी जेब ढीली”

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GST New Slabs: इस महीने की शुरुआत में दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक हुई थी। इस दौरान जीएसटी स्लैब से 12% और 28% को समाप्त कर दिया गया और अब इसमें केवल 5 फीसदी और 18 फीसदी की स्लैब रखी गईं।

हालांकि, 40 फीसदी वाली एक नई स्लैब भी बनाई गई है। अब आज यानी 22 सितंबर से GST की नई दरें लागू हो रही हैं। पीएम मोदी ने इसे ‘जीएसटी बचत उत्सव’ भी बताया है। आइए जानते हैं कि इस त्योहारी सीजन से कौन सी चीजें सस्ती हो सकती हैं और कौन सी चीजें कर सकती हैं आपकी जेब ढीली…

पूजा सामग्री मिल सकती हैं सस्ती आज 22 सितंबर से नवरात्रि का भी शुभारंभ हो चुका है। नई जीएसटी दरों की मानें तो मां दुर्गा की मूर्तियां, पूजा सामग्री सस्ती हो सकती हैं। इतना ही नहीं दिवाली में भी लोगों को नई दरों का फायदा होगा। वहीं, बिहार-यूपी में छठ पूजा सामग्री, सूप, दउरा भी सस्ते होने वाले हैं। अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर दूध, छेना इनपर तो जीएसटी ही नहीं लगेगा। इनपर से जीएसटी को 5% से घटाकर शून्य कर दिया गया है। व्रत के दौरान दूध का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, प्रसाद के लिए छेना का इस्तेमाल होता है।

इन सामानों पर अब जीएसटी शून्य हम यहां कुछ ऐसी वस्तुएं बता रहे हैं, जिन पर जीएसटी 5% से घटाकर शून्य कर दिया गया है। इनके नाम हैं – अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर दूध, छेना और पनीर। सभी भारतीय रोटियों पर जीएसटी शून्य। यानी रोटी हो या पराठा या खाखरा जो भी हो, उन सभी पर जीएसटी शून्य होगा।

33 जीवन रक्षक दवाओं और औषधियों पर जीएसटी को 12% से घटाकर शून्य कर दिया गया है और कैंसर, दुर्लभ बीमारियों और अन्य गंभीर पुरानी बीमारियों के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली 3 जीवन रक्षक दवाओं और औषधियों पर 5% से घटाकर शून्य कर दिया गया है। आज 22 सितंबर से इन सामानों पर जीएसटी नहीं लगेगा।

इन वस्तुओं पर 5% का जीएसटी आम आदमी और मध्यम वर्ग की वस्तुओं पर पूरी तरह से कटौती की गई है। जिन वस्तुओं पर जीएसटी घटाकर 5% कर दिया गया है, वे हैं – हेयर ऑयल, टॉयलेट सोप, साबुन की टिकिया, शैंपू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, साइकिल, टेबलवेयर, किचनवेयर और अन्य घरेलू सामान। इसके अलावा नमकीन, भुज्जिया, सॉस, पास्ता, इंस्टेंट नूडल्स, चॉकलेट, कॉफी, संरक्षित मांस, कॉर्नफ्लेक्स, मक्खन, घी, ये सभी 5 फीसदी के दायरे में हैं। इसके अलावा कई दवाओं और औषधियों की कीमतें 12% से घटकर 5% हो गई हैं। इसी तरह, चश्मे और गॉगल्स की कीमतें भी 28% से घटकर 5% हो गई हैं।

28 फीसदी नहीं बल्कि अब 18 फीसदी लगेगा जीएसटी एयर कंडीशनिंग मशीनें (AC), 32 इंच से बड़े टीवी, सभी टीवी डिश, वॉशिंग मशीनें, छोटी कारें, 350 सीसी के बराबर या उससे कम वाली मोटरसाइकिलें अब 18% पर आ रही हैं। इनमें से कई पर पहले 28 फीसदी का जीएसटी था। सीमेंट पर जीएसटी को 28% से घटाकर 18% किया गया। घर बनाने के लिए भी अब लोगों को सीमेंट सस्ता मिलेगा।

ये चीजें करेंगी आपकी जेब ढीली – लगेगा 40 फीसदी का जीएसटी कोल्ड ड्रिंक्स, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, शुगर ऐडेडे कोल्ड ड्रिंक्स, कैफीन युक्त ड्रिंक्स पर 40 फीसदी का जीएसटी लगेगा। इसके अलावा पान मसाला, सिगरेट, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पाद पर भी 40 फीसदी का जीएसटी लगेगा।

हैवी इंजन वाली कार-बाइक पर 40 फीसदी का जीएसटी लगेगा। इसमें बाइक्स (350सीसी से ज्यादा), पेट्रोल कार (1200सीसी से ज्यादा) और डीजल कार (1500सीसी से ज्यादा) शामिल हैं।

सट्टेबाजी, कैसीनो, जुआ, घुड़दौड़, लॉटरी और ऑनलाइन मनी गेमिंग सहित सभी Specified कार्रवाई योग्य दावों के लिए 40% की जीएसटी दर लागू होगी।

सुपर-लग्जरी यॉट्स, प्राइवेट जेट, निजी हेलिकॉप्टर आदि पर 40 फीसदी का जीएसटी लगेगा। आईपीएल जैसे खेल आयोजनों में प्रवेश (आईपीएल के टिकट) पर 40% जीएसटी लगेगा।

”नवरात्रि के पहले दिन दिल्ली-NCR में चढ़ेगा पारा, लेकिन इन राज्यों में बारिश का अलर्ट, मानसून की विदाई से पहले चौंकाने वाला मौसम”

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नवरात्रि के पहले दिन भी दिल्ली-एनसीआर में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। तेज धूप निकलने के साथ दिल्ली का तापमान 31 डिग्री सेल्सियस है। बीते कई दिनों से राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर क्षेत्रों में बारिश की एक बूंद भी नहीं बरसी है, जिससे तापमान और उमस दोनों बढ़ रहे हैं।

लेकिन देश के कई राज्यों में आज बारिश की संभावना जताई गई है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी दिनों में भी गर्मी से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है।

नवरात्रि के दौरान कैसा रहेगा मौसम दिल्ली से सटे एनसीआर क्षेत्रों में भी मौसम गर्म और उमस भरा हुआ है। गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जिले में मौसम साफ बना हुआ है और बारिश को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इन शहरों में भी तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी आज बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है और दोनों शहरों को मौसम विभाग ने ग्रीन जोन में रखा है। यहां पूरा दिन मौसम साफ रहेगा।

नवरात्रि के पहले दिन भी दिल्ली-एनसीआर में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में तापमान बढ़ सकता है और कोई बारिश की संभावना नहीं है। इसलिए, लोगों को गर्मी और उमस से बचने के लिए आवश्यक उपाय करने चाहिए।

यूपी और बिहार में गर्मी का असर

उत्तर प्रदेश के सभी जिले ग्रीन जोन में हैं यानी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है, लेकिन उमस और गर्मी परेशान कर सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, यूपी में अगले तीन दिन तक मौसम साफ रहेगा। वहीं बिहार में भी बारिश की उम्मीद नहीं, लेकिन पटना, सिवान, सारण, दरभंगा जैसे जिलों में बादल छाए रहेंगे और गर्मी बनी रहेगी।

उत्तराखंड और हिमाचल में आज मौसम का हाल

मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड में भी 22 सितंबर को बारिश की संभावना कम है। यहां 23 सितंबर तक साफ मौसम बने रहने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। वहीं हिमाचल में भी बारिश के कोई आसार नहीं हैं। दोनों ही राज्यों में सभी जिलों को ग्रीन जोन के कवर में रखा गया है।

मध्य प्रदेश और राजस्थान में अलर्ट

जहां एक ओर साफ आसमान है तो वहीं देश के कुछ राज्यों में बारिश का दौर अभी जारी है। इसमें मध्य प्रदेश और राजस्थान का नाम शामिल है। मध्य प्रदेश के खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान के अलवर, भरतपुर, करौली, दौसा, धौलपुर में तेज बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। पूर्वी राजस्थान के कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

कई राज्यों में भारी बारिश

देशभर के कई राज्यों में भारी बारिश हो रही है, तो कई जिलों में बादल के नामों निशान नहीं हैं। मानसून की वापसी, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बन रहे मौसमी सिस्टम (Bay of Bengal Cyclonic Circulation) की वजह से अलग-अलग राज्यों में लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग (IMD) ने आज यानी कि सोमवार को ओडिशा (Heavy Rain in Odisha) समेत कई पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, ओडिशा के सभी तीस जिलों में मूसलाधार बारिश होगी. मौसम विभाग ने बताया कि बिहार में 25 से 27 सितंबर तक मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया।

“‘या अली’ गाने वाले Zubeen Garg की मौत का सच आ गया सामने, असम CM ने खुद किया खुलासा”

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Zubeen Garg Death Reason: बॉलीवुड और असम म्यूजिक इंडस्ट्री के फेमस सिंगर जुबिन गर्ग का निधन म्यूजिक लवर्स के लिए गहरा सदमा लगा है। ‘या अली’ और ‘दिल तू ही बता’ जैसे सुपरहिट गानों से पहचान बनाने वाले सिंगर अब हमारे बीच नहीं हैं।

19 सितंबर को सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग के दौरान हादसे में उनकी मौत को लेकर कई तरह की अटकलें थीं, लेकिन अब असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने असली कारण का खुलासा कर दिया है। आइए जानते हैं कि उन्होंने क्या बताया है।

कैसे हुई थी जुबिन गर्ग की मौत? असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपना बयान देते हुए बताया कि जुबिन गर्ग की मौत डूबने से हुई है। उन्होंने बताया कि यह जानकारी सिंगापुर सरकार द्वारा जारी किए गए डेथ सर्टिफिकेट में दर्ज है। शुक्रवार को हादसे के बाद 20 सितंबर को उनका पार्थिव शरीर दिल्ली लाया गया और फिर 21 सितंबर को गुवाहाटी पहुंचा। बता दें, जैसे ही जुबिन का पार्थिव शरीर असम पहुंचा, फैंस का जनसैलाब उमड़ पड़ा। लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए सड़कों पर उतर आए। उनकी पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं असम कैबिनेट ने भी बैठक कर जुबिन की याद में एक मिनट का मौन रखा।

कब होगा सिंगर का अंतिम संस्कार सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि जुबिन गर्ग का अंतिम संस्कार 23 सितंबर को गुवाहाटी के पास कमरकुची में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए 10 बीघा जमीन उपलब्ध कराने की भी घोषणा की है।

क्यों इतने खास थे जुबिन गर्ग? जुबिन गर्ग केवल एक सिंगर ही नहीं, बल्कि असम की सांस्कृतिक पहचान थे। उन्होंने रीजनल म्यूजिक से अपने करियर की शुरुआत की और बाद में बंगाली व हिंदी गानों में भी अपनी आवाज दी। साल 2006 में फिल्म गैंगस्टर के गाने ‘या अली’ ने उन्हें पूरे देश में पॉपुलर कर दिया। इसके बावजूद उन्होंने हमेशा असम की संस्कृति और संगीत को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। यही कारण है कि उनकी मौत पर असम की जनता शोक में डूबी है और 20 से 22 सितंबर तक पूरे राज्य में राजकीय शोक घोषित किया गया।

“PM मोदी का अरुणाचल प्रदेश को तोहफा, 100 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास, बोले- ‘यहां का हर व्यक्ति शौर्य और शांति का प्रतीक'”

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PM Modi in Arunachal Pradesh: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में अलग अलग विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि, अरुणाचल की ये भूमि उगते सूर्य की धरती के साथ ही देशभक्ति की ऊफान की धरती है।

प्रधानमंत्री ने जिन प्रमुख परियोजनाओं का तोहफा अरुणाचल प्रदेश को दिया, उनमें से तीन प्रयोजनाएं सबसे खास है।

जलविद्युत परियोजनाएं: प्रधानमंत्री ने 240 मेगावाट की हीओ जलविद्युत परियोजना और 186 मेगावाट की टाटो-आई जलविद्युत परियोजना का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं की लागत 3700 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य सेवा: प्रधानमंत्री ने 1290 करोड़ रुपये की अलग अलग परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य सेवा और अग्नि सुरक्षा से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं।

तवांग में कन्वेंशन सेंटर: प्रधानमंत्री ने तवांग में एक राज्य-के-स्तर के कन्वेंशन सेंटर का शिलान्यास किया, जो 1500 से ज्यादा लोगों की क्षमता वाला होगा।

ऊर्जा, कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य सेवा में होगा सुधार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अरुणाचल प्रदेश दौरे से राज्य में विकास की गति तेज होने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं से राज्य में ऊर्जा, कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य सेवा में सुधार होगा, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।

मोदी की स्पीच की 5 खास बातें: प्रधानमंत्री ने मंच से कहा- मैं यहां तीन वजहों से आया: पहली- आज मुझे यहां सुंदर पर्वतों के दर्शन का सौभाग्य मिला। नवरात्र के पहले दिन आज सब मां शैलपुत्री की पूजा करते हैं जो पर्वतराज हिमालय की बेटी हैं। दूसरी वजह- आज से नेक्स्ट जनरेशन GST बचत उत्सव शुरू हो रहा है। जनता जर्नादन को डबल बोनांजा मिला है। तीसरी वजह- आज के दिन अरुणाचल में विकास के ढेर सारे प्रोजेक्ट, आज राज्य को पावर कनेक्टिविटी, टूरिज्म अनेक सेक्टर से जुड़े प्रोजेक्ट मिले हैं। ये बीजेपी की डबल इंजन सरकार के डबल बेनिफिट का उदाहरण है।

अरुणाचल का हर व्यक्ति शौर्य और साहस का प्रतीक- PM मोदी प्रधानमंत्री ने कहा- यहां का हर व्यक्ति शौर्य और साहस का प्रतीक है। अरुणाचल मैं कई बार आया हूं। इसलिए यहां की ढेर सारी यादें मेरे साथ जुड़ी हुई हैं। उनका स्मरण भी मुझे भी अच्छा लगता है। तवांग मठ से लेकर स्वर्ण पगोड़ा तक अरुणाचल शांति का संगम हैं, मां भारती का गौरव है। मैं इस पुण्य भूमि को प्रणाम करता हूं।

कांग्रेस ने अरुणाचल को नजरअंदाज किया- Pm Modi पीएम बोले- अरुणाचल को कांग्रेस ने नजरअंदाज किया। इसी वजह से हमारा पूरा नॉर्थईस्ट छूट गया। जब मुझे सेवा का अवसर दिया तो मैंने कांग्रेसी सोच से देश को मुक्ति दिलाने की ठान ली। हमारी प्रेरणा इसी राज्य में वोटों और सीटों की संख्या नहीं , नेशन फर्स्ट की भावना है। देश पहले, हमारा एक ही मंत्र है, नागरिक देवो भव:। जिनको कभी किसी ने नहीं पूछा उनको मोदी पूजता है। इसलिए जिस नॉर्थ ईस्ट को कांग्रेस ने भुला दिया था वो 2014 के बाद विकास की प्राथमिकता बन गया है।

सरकार दिल्ली बैठकर नहीं चलेगी, मंत्रियों को यहां भेजा- PM मोदी प्रधानमंत्री बोले- हमने लास्ट माइल कनेक्टिविटी को अपनी सरकार की पहचान बनाया। हमने इतना पक्का किया कि सरकार दिल्ली में बैठकर नहीं चलेगी। अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा यहां आना होगा, रात रुकना होगा। कांग्रेस सरकार के समय दो चार महीने में एकाध बार कोई मंत्री नॉर्थ ईस्ट आता था। बीजेपी सरकार में 800 से ज्यादा बार केंद्रीय मंत्री यहां आ चुके हैं।हमारा प्रयास रहता है कि मंत्री यहां आएं तो दूर दराज जाएं, रुक कर जाएं। मैं खुद 70 से ज्यादा बार नॉर्थ ईस्ट आया हूं। नॉर्थ ईस्ट मुझे दिल से पसंद है। इसलिए हमने दिल की दूरी भी मिटाई है ,दिल्ली को आपके पास लेकर आएं।

नॉर्थ ईस्ट के आठों राज्यों की अष्टलक्ष्मी- PM मोदी PM मोदी ने आगे कहा कि, हम नॉर्थ ईस्ट के आठों राज्यों की अष्टलक्ष्मी मानते हैं। यहां के विकास के लिए केंद्र सरकार ज्यादा से ज्यादा पैसे खर्च कर रही है।बीजेपी ने अरुणाचल को 16 गुना ज्यादा पैसा दिया है। ये सिर्फ टैक्स का पैसा है। इसके अलावा जो भारत सरकार अलग अलग स्कीम के तहत खर्च कर रही है वो तो अलग ही है, इसलिए यहां आप इतना तेज विकास देख रहे हैं। जब नेक नीयत से काम होता है, जब प्रयासों में ईमानदारी होती है तो नतीजे दिखते हैं।

“H-1B वीजा नियमों में बदलाव से अमेरिका में रह रहे भारतीयों पर क्या और कैसे पड़ेगा असर ?”

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अमेरिकी सरकार ने H-1B वीज़ा नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए नए आवेदनों पर 1 लाख अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की है। हालांकि यह शुल्क सीधे तौर पर पहले से अमेरिका में काम कर रहे H-1B वीज़ा धारकों पर लागू नहीं होता, लेकिन इसके प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष असर अमेरिका में रह रहे भारतीयों पर महसूस होंगे।

मौजूदा वीज़ा धारकों के लिए वित्तीय राहत

जिन भारतीयों का H-1B वीज़ा पहले से वैध है, उन्हें नया शुल्क नहीं देना होगा, इसका मतलब है कि मौजूदा कर्मचारियों की अमेरिका में नौकरी और यात्रा पर फिलहाल कोई अतिरिक्त वित्तीय दबाव नहीं पड़ेगा। इससे परिवार और व्यक्तिगत खर्च पर तत्काल कोई असर नहीं आएगा।

यात्रा और वीज़ा नवीनीकरण में सावधानी

अमेरिका में रहने वाले भारतीयों को यात्रा करते समय और वीज़ा नवीनीकरण के समय अधिक सतर्क रहना होगा। एयरपोर्ट पर और कांसुलेट में वीज़ा की वैधता और दस्तावेजों की जाँच गहन हो सकती है। यदि वीज़ा की अवधि समाप्त होने वाली है, तो समय पर नवीनीकरण और स्टैम्पिंग करना जरूरी होगा।

नौकरी और करियर पर अप्रत्यक्ष असर

नए नियमों के कारण अमेरिकी कंपनियाँ अब केवल अत्यंत आवश्यक और उच्च कौशल वाले कर्मचारियों को ही स्पॉन्सर करेंगी। इसका मतलब है कि मौजूदा कर्मचारियों के लिए कंपनी की हायरिंग नीति बदल सकती है, जैसे नई नियुक्तियाँ सीमित करना या अधिक ऑनसाइट कर्मचारियों को प्राथमिकता देना। कुछ कंपनियाँ अपने कर्मचारियों को लंबे समय तक अमेरिका में रहने की सलाह दे सकती हैं ताकि बार-बार आने-जाने से जुड़े जोखिम कम हों।

परिवार और व्यक्तिगत जीवन पर असर

यदि परिवार के अन्य सदस्य वीज़ा के माध्यम से अमेरिका में हैं या यात्रा करने वाले हैं, तो उनकी योजना प्रभावित हो सकती है। बच्चों की पढ़ाई, मेडिकल इमरजेंसी और अन्य पारिवारिक कारणों से यात्रा आवश्यक होने पर अधिक योजना और समय की जरूरत होगी। अनिश्चितताओं के कारण व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन में मानसिक तनाव बढ़ सकता है।

कंपनियों का व्यवहार और कार्यशैली

भारतीय आईटी और अन्य कंपनियाँ अब अमेरिका भेजने के बजाय काम को भारत या अन्य देशों से रिमोटली प्रबंधित करने पर जोर देंगी। ऑनसाइट प्रोजेक्ट की जगह वीडियो कॉल, क्लाउड टूल और रिमोट सपोर्ट का इस्तेमाल बढ़ सकता है। कंपनियाँ कर्मचारियों की यात्रा को सीमित कर सकती हैं ताकि नियोक्ता और कर्मचारी दोनों पर अनावश्यक वित्तीय और लॉजिस्टिक दबाव न पड़े।

मानसिक और भविष्य की अनिश्चितता

हालाँकि मौजूदा धारकों पर शुल्क लागू नहीं होता, लेकिन भविष्य में नियम बदलने या नई नीतियों के आने का डर हमेशा बना रहेगा। इससे मानसिक तनाव बढ़ सकता है और करियर की लंबी योजना बनाने में कठिनाई हो सकती है। कर्मचारी अपने करियर और वीज़ा नवीनीकरण के लिए ज्यादा सतर्क और योजनाबद्ध होंगे।

दीर्घकालिक प्रभाव

अमेरिका में रहने वाले भारतीयों के लिए भविष्य की नौकरी की संभावनाएँ और प्रोजेक्ट अवसर अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होंगे। कंपनियाँ अमेरिका में नई नियुक्तियाँ कम कर सकती हैं और मौजूदा कर्मचारियों की भूमिकाओं को बदल सकती हैं। रिमोट वर्क और ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल से कुछ पारंपरिक ऑनसाइट नौकरियाँ सीमित हो सकती हैं।

 

“Navratri 2025 Sawari: 22 सितंबर से शारदीय नवरात्रि, इस बार हाथी पर सवार होकर आ रहीं मां दुर्गा, जानें शुभ है या अशुभ”

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Shardiya Navratri 2025 Kab Hai: हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि (Shardiya Navratri 2025) का विशेष महत्व है. यह पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. शारदीय नवरात्रि के खास मौके पर मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा अर्चना की जाती है. शारदीय नवरात्रि आश्विन माह में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को प्रारंभ होती है और नवमी तिथि तक चलती है. नवरात्रि में भक्त नौ दिनों तक माता की पूजा करते हैं और उपवास रखते हैं. दरअसल, इस समय शरद ऋतु प्रारंभ हो जाती है इसलिए इसे शारदीय नवरात्रि कहते हैं. इसी दिन घटस्थापना की जाएगी.

शारदीय नवरात्रि 2025 तिथि (Shardiya Navratri 2025 Date) हिंदू पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्रि का त्योहार हर साल अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू हो जाता है और शारदीय नवरात्रि के दसवें दिन दशहरा मनाया जाता है. इस साल शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर, 2025 से शुरू हो रहा है. वहीं समापन 01 अक्टूबर को होगा. इसके अगले दिन 2 अक्टूबर को विजयदशमी का पावन पर्व मनाया जाएगा.

शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की उपासना करने से साधक के जीवन में आने वाले सभी दुख और संकट दूर हो जाते हैं और मां दुर्गा की कृपा सदैव बनी रहती है.

शारदीय नवरात्रि 2024 शुभ मुहूर्त (Shardiya Navratri 2025 Shubh Muhurat हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का आरंभ 22 सितंबर, 2025 को रात 01: 23 बजे से हो रहा है, जो 23 सितंबर को रात 02: 55 बजे तक है. ऐसे में उदया तिथि के मुताबिक शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर, 2024 आरंभ हो रही है. शारदीय नवरात्र के आखिरी में कन्या पूजन करने का विधान है. कन्या पूजन आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी या नवमी तिथि पर किया जाता है. इससे साधक को पूजा का पूरा फल मिलता है और जीवन में खुशियों का आगमन होता है.

शारदीय नवरात्र 2025 घटस्थापना शुभ मुहूर्त (Sharadiya Navratri 2025 Ghatsthapana Muhurat) वैदिक पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 22 सितंबर, 2025 की रात 01: 23 बजे हो रही है, जबकि समापन 23 सितंबर की रात 02:55 बजे होगा. वहीं शारदीय नवरात्र में घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 06:09 बजे से लेकर सुबह 08:06 बजे तक है. ऐसे में घटस्थापना के लिए आपको 2 घंटे 3 मिनट का समय मिलेगा. इसके अलावा आप अभिजीत मुहूर्त में भी घटस्थापना कर सकते हैं. अभिजीत मुहूर्त 22 सितंबर की सुबह 11:49 बजे से लेकर दोपहर 12:38 बजे तक है. इन दोनों ही मुहूर्त में घटस्थापना कर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर सकते हैं.

हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा (Shardiya Navratri 2025 Maa Durga Sawari) हिंदू धर्म में मां दुर्गा की सवारी का विशेष महत्व है. हर बार नवरात्रि में माता रानी अलग-अलग वाहन से पृथ्वी पर आगमन करती हैं. इस साल शारदीय नवरात्रि में मां भगवती हाथी यानी गज पर सवार होकर धरती पर आएंगी. वहीं मनुष्य के कंधे पर प्रस्थान करेंगी. बता दें कि मां दुर्गा की सवारी हाथी सुख समृद्धि का प्रतीक जाता है. ऐसी मान्यता है कि जब मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं तो देश में धन-धान्य की वृद्धि होती है. साथ ही यह सवारी उन्नति का संकेत माना जाता है.

शारदीय नवरात्रि 2025 में मां दुर्गा की सवारी (Shardiya Navratri 2025 Maa Durga Ki Sawari) इस साल शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की सवारी हाथी होगी और वो हाथी पर सवार होकर स्वर्ग से धरती पर आएंगी. मान्यता के अनुसार, मां दुर्गा का हाथी पर सवार होकर आना बेहद शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि मां की यह सवारी शांति और समृद्धि का प्रतीक है. साथ ही मां की यह सवारी इस बात का संकेत है कि साल 2025 में अच्छी बारिश होगी, जो की फसल के लिए बहुत अच्छा है. इससे देश में अन्न-धन्न का भंडार बढ़ेगा.

CG: रेलवे यात्रियों को बड़ा झटका, छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली कई ट्रेनें रद्द, यहां देखें लिस्ट…

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धनबाद मंडल (परसनाथ, छपरा, प्रधानखंटा) और दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर और खड़गपुर मंडलों में चल रहे आंदोलनों के कारण रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे प्रणाली और अन्य रेल मार्गों पर कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि कई ट्रेनें बदले हुए रूट से चलाई जा रही हैं। इससे यात्रियों का काफी परेशानी हो रही है।

कई डाउन ट्रेनें प्रभावित

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की कई डाउन ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। उदाहरण के लिए, दुर्ग-आरा (13287) अब बिलासपुर-न्यू कटनी जंक्शन-कटनी-माणिकपुर-प्रयागराज छीवकी-दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन-आरा मार्ग से चलेगी।

इसी तरह, वास्को डि गामा-जसीडीह (17321) और पुणे-हावड़ा (12129) जैसी ट्रेनों को भी परिवर्तित मार्गों जैसे इब-झारसुगुड़ा रोड-कपिलास रोड-खड़गपुर के जरिए चलाया जा रहा है।

नेताजी सुभाषचंद्र बोस इतवारी-टाटानगर (18110) को झारसुगुड़ा पर शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। अन्य रेलवे की ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं।
संबलपुर-जम्मूतवी (18309), संबलपुर-गोरखपुर (15027), और भुवनेश्वर-नई दिल्ली (20817) जैसी ट्रेनें अब इब-झारसुगुड़ा रोड-बिलासपुर-न्यू कटनी जंक्शन-माणिकपुर-प्रयागराज मार्ग से चलेंगी।

ये ट्रेनें रद्द की गई

आंदोलन के कारण निम्नलिखित महत्वपूर्ण ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।

बिलासपुर-टाटानगर (18114), हावड़ा-पुणे (12222), टाटानगर-बिलासपुर (18113), हावड़ा-सीएसएमटी मेल (12810), और शालीमार-पोरबंदर एक्सप्रेस (12906) शामिल हैं। ये रद्दीकरण 20 और 21 सितंबर 2025 की तारीखों के लिए लागू हैं।

 

रायपुर शहर का वीआईपी रोड अब वन-वे रहेगा। वाहन चालक सोमवार से इस मार्ग के बीच वाले हिस्से का इस्तेमाल केवल नवा रायपुर, माना एयरपोर्ट की ओर जाने के लिए कर सकेंगे।

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छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर का वीआईपी रोड अब वन-वे रहेगा। वाहन चालक सोमवार से इस मार्ग के बीच वाले हिस्से का इस्तेमाल केवल नवा रायपुर, माना एयरपोर्ट की ओर जाने के लिए कर सकेंगे। उसी तरह नवा रायपुर, एयरपोर्ट आदि से शहर की ओर आने के लिए मुख्य रोड के किनारे बनी दोनों सर्विस रोड का इस्तेमाल करेंगे। इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। ऐसे वाहनों पर 2500 रुपए का जुर्माना लगेगा।

इसके लिए जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो रांग साइड चलने पर ई-चालान करेंगे। उल्लेखनीय है कि करीब 6 साल पहले वीआईपी रोड को बनाया गया था। उस समय इसी तरह की व्यवस्था करनी थी, लेकिन इसका पालन नहीं किया गया। अब बढ़ते सडक़ हादसों को रोकने के लिए यह व्यवस्था की जा रही है। रविवार को ट्रैफिक पुलिस ने इसकी तैयारियों का जायजा लिया।

इस मार्ग का उपयोग सबसे ज्यादा एयरपोर्ट जाने और नवा रायपुर जाने वाले करते हैं। एयरपोर्ट पर समय पर पहुंचने के चक्कर में वाहन चालक अधिक रफ्तार से चलते हैं। इस मार्ग में बड़ी संख्या में होटल, क्लब, कैफे और पब हैं, जिसमें से देर रात तक लोग शराब पीकर बाहर निकलते हैं। फिर अधिक रफ्तार में गाडिय़ां चलाते

10 सितंबर को जिला सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में वीआईपी रोड को वनवे घोषित करने तथा अन्य वाहनों के आवागमन को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद रविवार को नगर निगम, परिवहन व यातायात पुलिस की टीम ने वीआईपी रोड का निरीक्षण किया। एयरपोर्ट तक जल्दी पहुंचने के लिए इसका उपयोग लोग करेंगे।

माना एयरपोर्ट, ग्राम फुंडहर, टेमरी व माना पीटीएस की ओर से शहर आने वाले लोग सर्विस रोड का उपयोग कर आवागमन कर सकेंगे। श्रीराम मंदिर टर्निंग से विमानतल के अलावा अन्य गंतव्य को जाने वाले सर्विस रोड से चलेंगे।

माना विमानतल प्रवेश मार्ग, माना पीटीएस चौक, ग्राम टेमरी ,ग्राम फुंडहर चौक, मौलश्री विहार से मध्य मार्ग में प्रवेश को रोकने के लिए इन स्थानों पर मध्य मार्ग में रांग वे डिटेक्शन कैमरे लगाए गए हैं। इसके जरिए ई-चालान की कार्रवाई की जाएगी।

वीआईपी रोड के मध्य मार्ग को वन-वे दर्शाने और वापस आने वालों को मध्य मार्ग में प्रवेश न करने की जानकारी देते हुए आवश्यक स्थानों पर संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे। वन-वे का उल्लंघन करने पर मोटरयान अधिनियम की धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। 2500 रु. जुर्माना लगेगा।

माना विमानतल जाने वाले वीआईपी मार्ग में श्रीराम मंदिर के सामने से नवा रायपुर और विमानतल प्रवेश मार्ग तक 3 मार्ग हैं। एक मध्य मार्ग और दोनों ओर एक-एक सर्विस रोड है। माना विमानतल जाने वालों के लिए मध्य मार्ग तथा रोड के दोनों ओर होटल, मैरिज पैलेस व अन्य संस्थानों में आवागमन करने वालों के लिए सर्विस रोड दिया गया है।

माना विमानतल, होटल, मैरिज पैलेस व अन्य संस्थानों, गांवों से शहर की ओर आने-जाने वाले मध्य मार्ग का ही उपयोग करते हैं, जिससे मध्य मार्ग में ट्रैफिक दबाव बढ़ गया है। ओवरटेक और रफ्तार के चलते सडक़ दुर्घटनाएं बढ़ी हैं।

वर्तमान में वीआईपी रोड के बीच वाले हिस्से में ही दोनों ओर से वाहनों का आना-जाना होता था। वाहनों की रफ्तार अधिक होती थी। इसके चलते सडक़ दुर्घटनाओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। पिछले 20 माह में इस मार्ग पर 55 सडक़ हादसे हो चुके हैं। माना और तेलीबांधा थाने में दर्ज मामलों के अनुसार इन सडक़ हादसों में 16 लोगों की मौत हो चुकी है। 59 लोग घायल भी हो चुके हैं।

एसएसपी डॉक्टर लाल ने वीआईपी मार्ग का उपयोग करने वाले नागरिकों से अपील की है कि वे माना एयरपोर्ट जाने के लिए ही बीच सडक़ का उपयोग करें। शहर की ओर वापसी के लिए सर्विस रोड का इस्तेमाल करें। बीच वाले सडक़ से शहर की ओर आने पर पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। कृपया सर्विस रोड से ही वापसी करें।