Home Blog Page 405

”घटिया राजनीति लोकतंत्र की जड़ें खोखली करती है” संसद में विपक्ष के हंगामे पर अमित शाह का बड़ा हमला”

0

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हो रहे व्यक्तिगत हमलों को लेकर विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार किया है। शाह ने कहा कि यह “घटिया स्तर की राजनीति” है, जो भारतीय लोकतंत्र की जड़ों को दीमक की तरह खोखला कर रही है।

उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की राजनीति करने वाले नेताओं को जनता चुनाव में सबक सिखाए। नेटवर्क18 को दिए एक इंटरव्यू में अमित शाह से पूछा गया कि एक ओर पीएम मोदी की लोकप्रियता और वैश्विक नेताओं के साथ उनका तालमेल है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी नेता लगातार उन पर अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस पर शाह ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजनीति सिद्धांतों और नीतियों से हटकर व्यक्तिगत हमलों तक सिमट गई है।

उन्होंने कहा – “अगर किसी व्यक्ति ने भ्रष्टाचार किया है तो यह निजी मामला नहीं है, यह सार्वजनिक मामला है और विपक्ष का कर्तव्य है कि वह इसे उजागर करे। लेकिन जब उन्हें प्रधानमंत्री मोदी पर भ्रष्टाचार का एक भी सबूत नहीं मिलता तो वे गाली-गलौज और यहां तक कि मोदी जी की मां पर टिप्पणी करने तक उतर आते हैं। यह लोकतांत्रिक राजनीति को कमजोर करता है।”

संसद को बताया “सबसे बड़ी पंचायत” अमित शाह ने संसद की महत्ता पर भी जोर दिया और कहा कि यह भारत की “सबसे बड़ी पंचायत” है, जहां सत्तारूढ़ दल और विपक्ष को राष्ट्रीय मुद्दों पर सिद्धांत और नीतियों के आधार पर बहस करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद इसके उलट काम करते हैं और शुरुआत से ही सदन की कार्यवाही बाधित करने की कोशिश करते हैं।

शाह ने कहा – “वंदे मातरम गाते समय भी ये लोग हंगामा करते हैं और बाद में दावा करते हैं कि उन्हें बोलने का मौका नहीं मिला। स्पीकर द्वारा समय दिए जाने के बावजूद विपक्षी सदस्य सदन से वॉकआउट कर जाते हैं। संसद किसी फ्रीस्टाइल तरीके से नहीं चल सकती, इसके अपने नियम और अनुशासन होते हैं।”

“नियमों से चलता है संसद गृह मंत्री ने याद दिलाया कि संसद का अनुशासन पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी के समय से ही कायम रहा है। उन्होंने कहा – “राहुल गांधी के परदादा और दादी के समय से संसद नियमों के आधार पर चलती है। एक आदर्श सांसद वही है, जो उन्हीं नियमों के तहत अपनी बात रखे।”

शाह ने कहा कि जनता को यह तय करना होगा कि संसद का समय सिर्फ राजनीतिक नौटंकी में बर्बाद होना चाहिए या फिर सुरक्षा, विकास, रोजगार, उद्योग नीति और गरीबों के कल्याण जैसे गंभीर मुद्दों पर बहस होनी चाहिए।

हम विपक्ष में रहे, फिर भी किया संवाद अमित शाह ने बताया कि भाजपा जब दस साल तक विपक्ष में थी, तो सरकार का विरोध करते हुए भी मुद्दों पर बहस करती थी। उन्होंने कहा – “हम भी शुरुआत में एक-दो दिन विरोध करते थे ताकि मुद्दा उठे, लेकिन उसके बाद हम बहस करते थे। अगर सरकार नहीं मानती थी तो हम कोर्ट जाते थे और जांच की मांग करते थे। कई बार कोर्ट ने हमारी अपील पर जांच बैठाई। लेकिन आज का विपक्ष न बहस करना चाहता है और न ही संवैधानिक रास्ता अपनाता है। ये लोग सिर्फ सड़क पर रहना चाहते हैं और जनता ने भी इन्हें वहीं रखा है।

”प्रशांत किशोर से NDA को टेंशन? BJP जोरदार काउंटर प्लान के साथ दो-दो हाथ के लिए तैयार”

0

बिहार विधानसभा चुनाव में अब दो महीने का वक्त भी नहीं बचा है। माना जा रहा है कि इसी महीने चुनाव आयोग की ओर से तारीखों का औपचारिक ऐलान कर दिया जाएगा। इस बार एनडीए (NDA) के सामने महागठबंधन (RJD+Congress) के अलावा प्रशांत किशोर की भी चुनौती है।

पीके की पार्टी जनसुराज ने प्रदेश की सभी 243 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने का ऐलान किया है। चुनावी रणनीतिकार से नेता बने पीके को बीजेपी हल्के में नहीं ले रही है। जनसुराज की वजह से वोटों में बिखराव न हो इसके लिए भी खास रणनीति तैयार कर ली है।

बताया जा रहा है कि जेडीयू और बीजेपी के शीर्ष नेताओं की बैठक में यह स्वीकार किया गया है कि प्रशांत किशोर जो मुद्दे उठा रहे हैं, वह विपक्ष को उठाने चाहिए थे। ऐसे में एनडीए की चिंता है कि एंटी-इनकंबेंसी वाले वोट पीके के खाते में जा सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो एनडीए के समीकरणों को चोट पहुंच सकती है।

Bihar Chunav में पीके से निपटने के लिए बीजेपी का खास प्लान सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी को विश्वास है कि सवर्ण और शहरी वोटर मजबूती के साथ उनके साथ जुटा है। अब युवा और ओबीसी, दलित वोटर्स को अपने साथ जोड़े रखने के लिए बीजेपी खास चुनावी रणनीति पर काम कर रही है। इसके लिए चुनावी सभाओं के अलावा टार्गेट ग्रुप बनाकर हर वर्ग के मतदाताओं के साथ पहुंचने का प्लान है। साथ ही, युवाओं के लिए चौपाल सभा और नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया जाएगा। पीके के आक्रामक प्रचार को बेअसर करने के लिए बीजेपी ने अपनी रणनीति सेट कर ली है। इसमें हर समूह के मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए टार्गेट ग्रुप पर काम करना है।

“Prashant Kishor भ्रष्टाचार के मुद्दे पर रहे हैं हावी” प्रशांत किशोर लगातार नीतीश कुमार के शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार पर तीखा हमला बोल रहे हैं। पीके ने अपनी सभाओं में मंगल पांडेय और सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी यह मानकर चल रही है कि उसके कोट वोटर साथ नहीं छोड़ेंगे। ऐसे में प्रशांत किशोर जैसे तीखे आरोप लगा रहे हैं उसे अरविंद केजरीवाल मॉडल के आधार पर ध्वस्त किया जा सकता है। बीजेपी की तरफ से भी करारा जवाब देते हुए कहा जा रहा है कि पीके सिर्फ आरोप लगाकर भागना चाहते हैं। अब देखना यह है कि चुनाव के दौरान मतदाता कौन से प्रचार से ज्यादा स्तर तक प्रभावित होते हैं।

‘’Roads In India: क्यों बार-बार टूटती हैं भारत की सड़कें? क्या हैं नियम और कैसे हो रहा भ्रष्टाचार?”

0

शहर का विकास सिर्फ ऊंची-ऊंची इमारतों से नहीं, बल्कि उसकी सड़कों से भी मापा जाता है। सड़कें किसी भी शहर का सबसे अहम हिस्सा होती हैं। ये न केवल आवाजाही का माध्यम हैं, बल्कि व्यापार, अर्थव्यवस्था, सामाजिक मेलजोल और आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच की भी रीढ़ हैं।

सड़कों की अहमियत शहर की सड़कें केवल गाड़ियों और लोगों के आने-जाने का रास्ता नहीं हैं। ये पुलिस, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी सेवाओं के लिए जीवनरेखा हैं। व्यापारियों और उद्योगों के लिए सामान पहुंचाने से लेकर बच्चों के स्कूल जाने तक, हर काम सड़क पर निर्भर है। सड़कें केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक जीवन का भी हिस्सा हैं। यहां लोग मिलते हैं, त्योहार मनाते हैं, जुलूस निकलते हैं और कई बार राजनीतिक सभाएं भी होती हैं।

भारतीय सड़कों की समस्या इतनी केंद्रीय भूमिका के बावजूद, भारत की शहरी सड़कें अक्सर खराब हालत में रहती हैं। टूटी-फूटी सड़कों, गड्ढों, अंधेरी गलियों और खुले नालों के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। समस्या का एक कारण यह भी है कि भारतीय शहरों में सड़कों के लिए पर्याप्त जमीन ही नहीं छोड़ी जाती। URDPFI की गाइडलाइन्स कहती हैं कि शहरों में 10-18% जमीन सड़क के लिए होनी चाहिए, लेकिन अधिकांश शहर इस मानक तक भी नहीं पहुंचते। दूसरी ओर, शहरों की आबादी बहुत घनी है, जिससे सड़क पर दबाव और बढ़ जाता है। अमेरिका और यूरोप में औसतन 25-30% जमीन सड़क के लिए होती है, जबकि भारत में यह बहुत कम है।

क्या है समाधान? सड़कें तभी सुधर सकती हैं जब हम उन्हें सिर्फ ट्रैफिक का रास्ता नहीं, बल्कि बहु-उपयोगी सार्वजनिक जगह मानें।

  • बेहतर डिज़ाइन और रखरखाव की ज़रूरत है।
  • नगर निगम और राज्य विभागों के बीच तालमेल होना चाहिए ताकि बार-बार खुदाई से सड़कें खराब न हों।
  • शहरी योजनाओं में सड़कों के लिए अधिक जगह आरक्षित करनी चाहिए। विशेषज्ञ मानते हैं कि भारतीय शहरों में सड़कों के लिए कम से कम 30% जमीन आरक्षित की जानी चाहिए।

क्यों नहीं बन पाती अच्छी सड़कें।

हाल ही में मुंबई का एक फ्लाईओवर और अटल सेतु के कई वीडियो सामने आए जिन्होंने मुंबई जैसे शहर में सड़क से जुड़े भ्रष्टाचार के बारे में सरकार और प्रशासन दोनों पर सवाल उठा दिए। भारत में सड़क बनाने में भ्रष्टाचार एक आम बात है। छोटे शहरों, कस्बों और गांवों में सड़क भले ही छोटी रहे लेकिन कमीशन का हिस्सा बड़ा रहता है। जबकि शहरों में स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर है। लेकिन जल निकासी, सड़क की गुणवत्ता और ठेकेदार से लेकर नेताओं तक के भ्रष्टाचार ने इस पर बुरा असर डाला है।

हॉकर जोन का दबदबा शहर की सड़कें आठ अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को भी सहारा देती हैं – जल निकासी, पानी की पाइपलाइन, बिजली, सीवर, स्ट्रीट लाइट, ऑप्टिकल फाइबर, गैस पाइपलाइन और ट्रैफिक निगरानी। यानी सड़कें शहर की नसों की तरह हैं, जिनसे पूरा शहर चलता है। भारत में सड़कों का एक और बड़ा रोल है – स्ट्रीट वेंडरों (हॉकर) को जगह देना। संसद ने 2014 में स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट पास किया, जिससे फेरीवालों को कानूनी मान्यता मिली। अब नगर निकायों को शहर में वेंडिंग ज़ोन तय करने होते हैं और सिर्फ ‘नो-वेंडिंग ज़ोन’ में ही रोक लगाई जाती है। लेकिन इसका पालन कितना किया जा रहा है, आपको किसी भी शहर की सड़कें बता सकती हैं।

“15 साल बाद फिर से बोनस शेयर दे रही है कंपनी, मिलेंगे 1 पर 1 शेयर फ्री, रिकॉर्ड डेट 10 दिन के अंदर”

0

बोनस शेयर देने वाली कंपनियों के शेयरों पर दांव लगाने वाले निवेशकों के लिए गुड न्यूज है। पिडिलाइट इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Pidilite Industries Ltd) के शेयर जल्द ही एक्स-बोनस ट्रेड करेंगे।

कंपनी एक शेयर पर एक शेयर बोनस दे रही है। इस बोनस इश्यू के लिए कंपनी ने रिकॉर्ड डेट का ऐलान भी कर दिया है। जोकि अगले हफ्ते है। बता दें, Pidilite Industries Ltd की तरफ से 15 साल के बाद फिर से बोनस शेयर दिया जा रहा है।

किस दिन है रिकॉर्ड डेट एक्सचेंज को दी जानकारी में कंपनी ने बताया है कि एक शेयर पर एक शेयर बोनस दिया जाएगा। इस बोनस इश्यू के लिए Pidilite Industries Ltd ने 23 सितंबर 2025 की तारीख को रिकॉर्ड डेट तय किया है। यानी यह वही दिन है जिस दिन कंपनी रिकॉर्ड बुक खंगालेगी।

इससे पहले कंपनी मार्च 2010 में एक्स-बोनस ट्रेड की थी। तब कंपनी की तरफ से एक शेयर पर एक शेयर ही बोनस दिया गया था।

शेयर बाजार में कैसा बीता एक साल? शुक्रवार को Pidilite Industries Ltd के शेयरों बिकवाली देखने को मिली। मार्केट के क्लोजिंग के टाइम पर यह स्टॉक 0.16 प्रतिशत की गिरावट के बाद 3049.40 रुपये के लेवल पर बंद हुआ था। बीते 6 महीने में यह स्टॉक करीब 12 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। हालांकि, इसके बाद भी एक साल में कंपनी के शेयरों की कीमतों में करीब 6 प्रतिशत की गिरावट आई है। जबकि इसी दौरान सेंसेक्स इंडेक्स में 1 प्रतिशत से कम की गिरावट दर्ज की गई है।

2 साल में Pidilite Industries Ltd के शेयरों में 21 प्रतिशत और 5 साल में 109 प्रतिशत की तेजी आई है। यह स्टॉक 10 साल में पोजीशनल निवेशकों को 446 प्रतिशत का रिटर्न देने में सफल रहा है। बता दें, अभी पिछले महीने ही फेविकोल बेचने वाली कंपनी ने एक शेयर पर 10 रुपये का डिविडेंड दिया था।

“एशिया कप ग्रुप स्टेज में दिखा भारत का दबदबा, इस मामले में श्रीलंका से भी आगे; पाकिस्तान दूर-दूर तक नहीं”

0

Asia Cup 2025 Updated Points Table- सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने शुक्रवार, 19 सितंबर को ओमान को 21 रनों से हराकर एशिया कप 2025 में जीत की हैट्रिक लगाई। लगातार तीन जीत के साथ भारत ने ग्रुप स्टेज का अंत किया।

एशिया कप 2025 ग्रुप-ए की पॉइंट्स टेबल में तो भारत नंबर-1 रहा, मगर दूसरे ग्रुप की अजेय टीम श्रीलंका को भी टीम इंडिया ने नेट रन रेट के मामले में धूल चटाई। बता दें, ग्रुप-बी से श्रीलंका ने भी ग्रुप स्टेज के सभी मैच जीते, मगर टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सभी 8 टीमों में सबसे बेहतरीन नेट रन रेट भारत का ही रहा। इससे टीम इंडिया का एशिया कप में दबदबा पता चलता है।

एशिया कप 2025 ग्रुप-ए पॉइंट्स टेबल ग्रुप-ए की पॉइंट्स टेबल की बात करें तो, भारत ने अपने तीनों मैच जीते और टीम इंडिया 6 पॉइंट्स के साथ पहले पायदान पर रही। भारत का नेट रन रेट +3.547 का रहा जो टूर्नामेंट में सबसे बेहतर है। वहीं इस ग्रुप में दूसरे पायदान पर रहते हुए पाकिस्तान ने सुपर-4 के लिए क्वालीफाई किया। पाकिस्तान को ग्रुप स्टेज में भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा, जिस वजह से उनके खाते में 4 ही अंक है। वहीं उनका नेट रन रेट +1.790 का है, जो उन्होंने यूएई और ओमान जैसी छोटी टीमों को हराकर हासिल किया।

एशिया कप 2025 ग्रुप-बी पॉइंट्स टेबल वहीं ग्रुप-बी से श्रीलंका और बांग्लादेश ने क्वालीफाई किया। अफगानिस्तान और हॉन्ग कॉन्ग की टीमें ग्रुप स्टेज से ही टूर्नामेंट से बाहर हुई। अफगानिस्तान को श्रीलंका और बांग्लादेश से हार का सामना करना पड़ा। वहीं श्रीलंका इस ग्रुप में अजेय रही। श्रीलंका 6 पॉइंट्स व +1.278 के नेट रन रेट के साथ पहले पायदान पर रही।

”भारत के इन 3 राज्यों में भेजा जाएगा सिंधु का पानी; जानें प्लान”

0

दिल्ली और आसपास के राज्यों में बढ़ते जल संकट के बीच केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को दिए जाने वाले सिंधु जल संधि के तहत आने वाले पानी को अब दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान जैसे अन्य राज्यों की ओर मोड़ा जाएगा।

यह कदम सिंधु जल संधि को निलंबित करने के बाद उठाया जा रहा है, जो पहलगाम आतंकी हमले के बाद लिया गया था। खट्टर ने इसे “आपदा में अवसर” बताते हुए कहा कि अगले एक से डेढ़ वर्षों में यह पानी उपलब्ध हो सकेगा।

खट्टर ने शुक्रवार को घोषणा की कि पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि के निलंबन के कारण बचा पानी अगले एक से डेढ़ साल के भीतर दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान को उपलब्ध कराया जाएगा। राष्ट्रीय राजधानी के जल निकासी मास्टर प्लान की शुरुआत के अवसर पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा, ”पाकिस्तान की ओर बड़ी मात्रा में छोड़ा जाने वाला पानी अब आने वाले एक से डेढ़ साल में दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान को उपलब्ध कराया जाएगा।”

भारत ने अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में दशकों पुरानी इस संधि को निलंबित करने का फैसला किया था। पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। वर्ष 1960 से प्रभावी यह संधि भारत तथा पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी तथा उसकी सहायक नदियों के जल वितरण और उपयोग को नियंत्रित करती है।

प्रभावित राज्य और जल संकट की स्थिति दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई राज्य गंभीर जल संकट का सामना करते हैं। गर्मियों में यमुना नदी का जलस्तर न्यूनतम होने से पेयजल की कमी हो जाती है। हरियाणा और राजस्थान में भी सिंचाई के लिए पानी की किल्लत होती है। खट्टर के अनुसार, सिंधु की पश्चिमी नदियों से बचने वाला पानी इन राज्यों को राहत देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत को अतिरिक्त 30-40 अरब घन मीटर पानी उपलब्ध करा सकता है, हालांकि इसे स्टोर करने और वितरित करने के लिए बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे की जरूरत होगी।

“बिल्डर के दफ्तर पर 30 गोलियां दागीं; गुरुग्राम में नया खौफ बन रहा दीपक नांदल”

0

गुरुग्राम के सेक्टर-45 स्थित एमएनआर बिल्डमार्क एलएलपी (बिल्डर) के दफ्तर पर गुरुवार देर रात बदमाशों ने ताबड़तोड़ 25 से 30 गोलियां दागीं। दफ्तर के शीशे और लग्जरी कारों में गोलियां लगीं।

गनीमत रही कि इस दौरान मौके पर कोई मौजूद नहीं था। इस वारदात को अंजाम देने की जिम्मेदारी गैंगस्टर दीपक नांदल ने ली है। इससे पहले राहुल फाजिलपुरिया वाले मामले में भी जिम्मेदारी ले चुका दीपक नांदल गुरुग्राम में नया खौफ बनता जा रहा है।

एमएनआर बिल्डमार्क कंपनी में फ्लैट और खेती की जमीन की खरीद-फरोख्त का बड़े स्तर काम होता है। नामी बिल्डरों की रिहायशी और व्यवसायिक परियोजनाओं को बेचने का काम भी किया जाता है। 11 बिल्डर एक साथ इस ऑफिस के संचालन से जुड़े हैं। गुरुवार देर शाम को कंपनी का सारा स्टाफ घर जा चुका था। रात करीब सवा नौ बजे दो बाइक पर चार नकाबपोश युवक पहुंचे। इस कंपनी के बाहर लगे लोहे के गेट से कूदकर यह अंदर पहुंच गए। इसके बाद इन्होंने ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।

यह गोलियां कंपनी के मुख्य गेट पर लगे शीशों के अलावा वहां खड़ी जगुआर और बीएमडब्ल्यू कार पर जाकर लगी। फायरिंग के दौरान तीन केयर टेकर मौजूद थे। केयर टेकर राजेश की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। बताया जा रहा है कि अचानक गोलीबारी की आवाज सुनकर अड़ोस-पड़ोस के लोग बाहर निकले तो उन्होंने कुछ युवकों को गोलियां चलाते हुए देखा। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। घटनास्थल से 25 से ज्यादा गोलियों के खोल बरामद किए गए। सीन ऑफ क्राइम और फोरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंच गए। इन्होंने गेट से नकाबपोश बदमाशों के हाथों के निशान लिए गए । वहीं, पुलिस ने पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया करवा दी है।

दस दिन से रेकी कर रहे थे बदमाश पुलिस जाच में सामने आया है कि बदमाशों की तरफ से पिछले 10 दिन से रेकी की जा रही थी। इसके बाद वारदात को अंजाम दिया गया। यह खुलासा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच में हुआ है।

सीसीटीवी से नहीं मिला सुराग पुलिस ने इस कंपनी परिसर में लगे सीसीटीवी के माध्यम से जांच को आगे बढ़ाया तो पता चला कि दो-तीन दिन पहले ही सीसीटीवी कैमरे खराब हुए हैं। ऐसे में पुलिस को इन सीसीटीवी से कोई सुराग हाथ नहीं लगा। इस पूरे सेक्टर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच पुलिस कर रही है। इस घटनाक्रम के बाद शुक्रवार को सीसीटीवी कैमरे को ठीक करवाया गया। नकाबपोश बदमाशों के रूट को ट्रेस किया जा रहा है। डीसीपी साउथ हितेश कुमार ने कहा कि गुरुवार रात को एक कंपनी पर गोलियां चलने की सूचना मिली थी। चार नकाबपोश बदमाशों ने यह गोलियां चलाई हैं। आसपास की सड़कों और घरों पर लगे सीसीटीवी फुटेज लेकर जांच कर रहे हैं।

साल 2019 से रुपये का विवाद चल रहा गोलीबारी के कुछ घंटों के बाद सोशल मीडिया पर इस वारदात को अंजाम देने की एक पोस्ट वायरल हुई। पोस्ट करने वाले ने खुद को गैंगस्टर दीपक नांदल बताया है। वह खुद विदेश में बैठा हुआ है। उसने बताया कि यह गोलीबारी उसने करवाई है। पोस्ट में कहा कि रोहित रहेजा का रिश्तेदार नितिन तलवार को करीब 35 लाख रुपये देने हैं। साल 2019 से यह रुपये नहीं दे रहा है। रोहित रहेजा तो परिवार के साथ न्यूजीलैंड भाग गया है। उसने पोस्ट में चेतावनी दी कि जिस-जिस को रुपये देने हैं, वह उसका हिसाब करें। जो रुपये नहीं देगा उसे मार दिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि पोस्ट की सत्यता जांच जा रही है।

फाजिलपुरिया पर भी हमले की जिम्मेदारी ले चुका है दीपक नांदल गत 14 जुलाई को बॉलीवुड सिंगर राहुल फाजिलपुरिया पर सेक्टर-71 के समीप हमला हुआ था। इस हमले की जिम्मेदारी गैंगस्टर दीपक नांदल ने ली थी। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई थी। इसमें कहा था कि राहुल फाजिलपुरिया के साथ उसका रुपयों का लेन-देन है। रुपये नहीं लौटाने पर हमला हुआ है। चार अगस्त को दिल्ली निवासी रोहित शौकिन की हत्या हुई थी। रोहित को रुपये लेने के लिए दीपक नांदल ने सेक्टर-77 में बुलाया था। बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने उसकी हत्या कर दी थी। दोनों मामले में पुलिस ने गुरुग्राम-पटौदी रोड से 26 अगस्त की रात को पांच शूटर को मुठभेड़ के बाद पकड़ा था। चार के पैरों में गोली लगी थी। मुख्य आरोपी अभी गिरफ्त से बाहर है।

“22 सितंबर से शुरू होगी जाति जनगणना, इस राज्य सरकार ने लिया बड़ा फैसला”

0

कर्नाटक सरकार ने 22 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच सभी नागरिकों का जाति जनगणना कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। सरकार ने अपने आदेश में कहा, ‘प्रस्ताव में दिए गए विवरणों को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया गया है।

इसके तहत कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को 22 सितंबर से सात अक्टूबर 2025 तक राज्य के सभी नागरिकों की सामाजिक और शैक्षिक स्थिति पर सर्वेक्षण करने की मंजूरी दी जाती है।’ आदेश में कहा गया कि कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष ने पहले सरकार को पत्र लिखकर उक्त अवधि के दौरान सर्वे कराने की मंशा जताई थी।

सरकार ने स्पष्ट किया कि उसने सर्वे की तिथियां तय करने और औपचारिक आदेश जारी करने से पहले प्रस्ताव की सावधानीपूर्वक जांच की थी। इस बीच, शुक्रवार को कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 22 सितंबर से शुरू होने वाले आगामी सामाजिक और शैक्षिक सर्वेक्षण की वैधता पर सवाल उठाने वाली जनहित याचिकाओं पर राज्य सरकार से जवाब मांगा। न्यायमूर्ति अनु शिवरमण और न्यायमूर्ति राजेश राय की खंडपीठ ने आदेश दिया कि याचिकाओं को सोमवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के साथ-साथ भारत के महापंजीयक और जनगणना आयुक्त को भी नोटिस जारी हुआ।

भाजपा ने क्यों जताई आपत्ति इस बीच, भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार जातिगत जनगणना के माध्यम से हिंदू धर्म को बांटने का प्रयास कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जातिगत जनगणना के दौरान धर्म कॉलम में खुद को हिंदू के रूप में दर्ज करें। हाल ही में वीरशैव-लिंगायत महासभा ने अपने समुदाय के लोगों से अपील की थी कि वे धर्म कॉलम में खुद के लिए वीरशैव-लिंगायत लिखें। यह सर्वे 22 सितंबर से सात अक्टूबर के बीच प्रस्तावित है, जिसकी अनुमानित लागत 420 करोड़ रुपये है। शिकारीपुरा से विधायक विजयेंद्र ने कहा, ‘भाजपा के राजनीतिक चिंतन शिविर में हमने संकल्प लिया है कि जातिगत जनगणना के दौरान किसी भी जाति या समुदाय के लोग धर्म कॉलम में केवल हिंदू ही लिखें।’

“रूसी सैन्य अभ्यास में अमेरिका-तुर्की जैसे नाटो देश भी तो गए थे, EU को भारत का दो टूक जवाब”

0

भारतीय विदेश मंत्रालय ने रूस में आयोजित बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास “जापद 2025” में भारत की भागीदारी पर पश्चिमी देशों की चिंताओं को खारिज कर दिया। मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि इस अभ्यास में भारत के साथ-साथ कई अन्य देशों ने भी हिस्सा लिया, वहीं खुद अमेरिका, तुर्किये और जर्मनी जैसे NATO सदस्य देश भी पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे।

प्रवक्ता ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि भारतीय सेना की एक टुकड़ी इस अभ्यास में शामिल हुई है। उन्होंने बताया कि इस बारे में विस्तृत जानकारी रक्षा मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध है।

भारत से 65 सदस्यीय दल हुआ शामिल 9 सितम्बर को रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि भारतीय सशस्त्र बलों का 65 सदस्यीय दल रूस के निजनी क्षेत्र स्थित मुलिनो ट्रेनिंग ग्राउंड के लिए रवाना हुआ है। इस बहुपक्षीय संयुक्त सैन्य अभ्यास का उद्देश्य सैन्य सहयोग को बढ़ाना, आपसी तालमेल को बेहतर करना और विभिन्न सेनाओं के बीच युद्ध कौशल, तकनीक और प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करना है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, जापद 2025 के तहत खुले और समतल क्षेत्रों में कंपनी-स्तर की संयुक्त कार्रवाइयों का अभ्यास किया गया।

NATO देश भी बने पर्यवेक्षक प्रवक्ता जायसवाल ने कहा, “कई अन्य देशों ने इस अभ्यास में पर्यवेक्षक के तौर पर भाग लिया। इनमें NATO सदस्य अमेरिका, तुर्किये और हंगरी भी शामिल हैं।” रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, बेलारूस रक्षा मंत्रालय ने बताया कि कुल 23 देशों के पर्यवेक्षक जापद 2025 अभ्यास में शामिल हुए हैं। इनमें NATO सदस्य अमेरिका, तुर्किये और जर्मनी भी थे। इसके अलावा तीन अंतरराष्ट्रीय संगठन- यूनियन स्टेट, कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (CSTO) और कॉमनवेल्थ ऑफ इंडिपेंडेंट स्टेट्स (CIS) ने भी अपने पर्यवेक्षक भेजे। बेलारूस की सेना ने कहा कि 17 देशों- अजरबैजान, चीन, क्यूबा, हंगरी, इंडोनेशिया, ईरान, कजाकिस्तान, पेरू, रूस, सर्बिया, सूडान, तुर्किये, तुर्कमेनिस्तान, अमेरिका, वियतनाम, जाम्बिया और जिम्बाब्वे के सैन्य अटैची भी इस अभ्यास में मौजूद रहे।

EU की चिंता और भारत का जवाब हाल ही में यूरोपीय संघ की उपाध्यक्ष काया कैलास ने कहा था कि रूस के साथ भारत के सैन्य अभ्यास और तेल खरीद EU-भारत साझेदारी में बाधा बन सकते हैं। इस पर MEA प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि भारत की स्थिति पहले से स्पष्ट है। उन्होंने कहा, “हमारे रक्षा संबंध और सैन्य अभ्यास कई देशों के साथ होते हैं। तेल खरीद के मामले में भी हमने बार-बार बताया है कि इसके पीछे क्या कारण और हमारी क्या नीति है। जहां तक भारत-EU संबंधों की बात है, हाल ही में दोनों पक्षों ने नई रणनीतिक साझेदारी का एजेंडा जारी किया है। प्रधानमंत्री मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच 17 सितम्बर को हुई बातचीत में इस पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने आपसी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई।”

नई रणनीतिक EU-India एजेंडा यूरोपीय आयोग और उच्च प्रतिनिधि ने “न्यू स्ट्रैटेजिक EU-India एजेंडा” जारी किया है, जो दोनों पक्षों के संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने की पहल है। इसका उद्देश्य आपसी समृद्धि, सुरक्षा और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सहयोग को बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस एजेंडा पर खुशी जताई और कहा कि भारत-यूरोपीय संघ संबंधों को अगले स्तर तक ले जाने के लिए भारत तैयार है। फिलहाल दोनों पक्ष संतुलित, महत्वाकांक्षी और परस्पर लाभकारी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत कर रहे हैं और सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी को अंतिम रूप देने की दिशा में कार्यरत हैं।

“दिल्ली-NCR में देर रात क्यों चमक उठा आसमान, क्या थी वह तेज रोशनी की लकीर”

0

दिल्ली-एनसीआर के लोगों को शुक्रवार रात आसमान में एक तेज रोशनी दिखी। कुछ ही पलों के लिए रोशनी की यह तेज रेखा दूर तक पसर गई, जिसे देखकर लोग अचंभित हो गए तो कई लोग डर भी गए। असल में यह एक उल्कापिंड था, जिसे कुछ लोगों ने अपने कैमरों में भी कैद किया।

 अब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

चमचमाती रोशनी की लकीर एक जगह से शुरू होकर काफी दूर तक फैलती दिखी। माना जा रहा है कि उल्कापिंड हवा में ही टूटकर बिखर गया। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम से अलीगढ़ तक कई शहरों से यह नजारा दिखा। कई लोगों ने इस नजारे को कैमरे में कैद करके अपने अनुभव साझा किए हैं।

जल्द ही इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। आग जैसी चमकदार लकीर छोड़ते हुए उल्कापिंड आगे बढ़ा और फिर छोटे-छोटे टुकड़ों में बिखर गया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसके वीडियो शेयर करते हुए इसकी तुलना ‘टूटते तारे के विस्फोट’ से की। बहुत से लोगों ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा नजारा कभी नहीं देखा था।

विशेषज्ञों का कहना है कि संभवत: यह एक ‘बोलाइड’ थी। बोलाइड उल्कापिंड का वह प्रकार है जो पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने पर तीव्र घर्षण और गर्मी के कारण टूटकर टुकड़ों में बिखर जाता है। हवा में ही इसके टुकड़े-टुकड़े हो जाने की वजह से जमीन पर किसी तरह के नुकसान की आशंका नहीं है।