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अवैध शराब बिक्री के खिलाफ थाना बसंतपुर पुलिस की बड़ी कार्यवाही, दो आरोपी गिरफ्तार

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राजनांदगांव। थाना बसंतपुर पुलिस ने अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 45 पौवा देशी प्लेन शराब बरामद की है, जिसकी कुल कीमत ₹4,300/- है, साथ ही ₹200/- की बिक्री रकम भी जब्त की गई है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देश पर, अति. पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेंद्र नायक और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में की गई।

घटना का विवरण:
15 जनवरी 2026 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी कृष्णा रजक अवैध रूप से शराब बेच रहा है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे मोहारा बायपास रोड के पास पकड़ लिया। उसके कब्जे से 25 पौवा शराब (4.500 बल्क लीटर) कीमती ₹2,500/- जब्त की गई। इसी दौरान, आरोपी पलाश जोशी को बजरंग नगर, मोहारा में शराब बेचते हुए गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 20 पौवा शराब कीमती ₹1,800/- और ₹200/- की बिक्री रकम बरामद की गई।

कानूनी कार्यवाही:
आरोपियों के खिलाफ थाना बसंतपुर में आबकारी एक्ट की धारा 34(ए) के तहत पृथक-पृथक अपराध क्रमांक 26/2026 और 28/2026 पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही की गई।

सराहनीय भूमिका:
इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू, प्रधान आरक्षक दीपक जायसवाल, महिला प्रधान आरक्षक मेनका साहू, आरक्षक अतहर अली, रूपेन्द्र वर्मा और राजेश बंदेश्वर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस का संकल्प:
पुलिस द्वारा बताया गया कि अवैध शराब बिक्री के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। पुलिस किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बख्शने का कोई इरादा नहीं रखती और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

धर्मांतरण मामले में बड़ा खुलासा, संगठित नेटवर्क के संकेत

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राजनांदगांव। थाना लालबाग अंतर्गत पुलिस चौकी सुकुलदेहन क्षेत्र के ग्राम धर्मापुर में आश्रम/चर्च संचालन, नाबालिग बच्चों को रखने और कथित धर्मांतरण गतिविधियों के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में आरोपी डेविड चाको के खिलाफ छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4 एवं 5 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान आरोपी से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, अभिलेख, रजिस्टर और अन्य सामग्री जब्त की गई है। प्रारंभिक परीक्षण में संकेत मिले हैं कि कथित धर्मांतरण गतिविधियां किसी एक व्यक्ति तक सीमित न होकर संगठित नेटवर्क के रूप में संचालित की जा रही थीं।

विवेचना में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क का विस्तार छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों तक फैला हुआ है। प्रारंभिक जांच में सैकड़ों लोगों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी हाथ लगे हैं। इनमें लैपटॉप, टैबलेट, आई-पैड और मोबाइल फोन शामिल हैं। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में मौजूद डिजिटल दस्तावेज, डेटा और प्रेजेंटेशन सामग्री से कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। इसके अलावा पुलिस ने सोलर आधारित प्रोजेक्टर भी जब्त किए हैं, जिनकी कीमत हजारों डॉलर बताई जा रही है। बताया गया कि इनका उपयोग बिजलीविहीन दूरस्थ क्षेत्रों में किया जाता था।

जब्त साक्ष्यों के आधार पर जांच में कई अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस ने सभी को विधि अनुसार नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है, ताकि उनके आपसी संबंध और भूमिका की विस्तृत जांच की जा सके।

पुलिस प्रकरण से जुड़े वित्तीय लेन-देन और धन स्रोतों की भी गहन जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आश्रम/चर्च संचालन के लिए धन कहां से प्राप्त हो रहा था और क्या इसमें किसी अन्य अवैध या संगठित गतिविधि का संबंध है।

राजनांदगांव पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्षता, पारदर्शिता और कानून के दायरे में की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सख्त और विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रकरण की विवेचना लगातार जारी है।

‘पहले की सरकारों को कुर्सी जाने का डर था… रिस्क तो लेना होगा’, युवाओ

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 16 जनवरी को एंटरप्रेन्योर और स्टेक होल्डर्स को स्टार्टअप इंडिया कैम्पेन के 10 साल पूरे होने पर संबोधित किया। पीएम मोदी ने इस मौके पर पिछले एक दशक में भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में आए परिवर्तनों के बारे में बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘रिस्क-टेकिंग पर मैं जोर देता रहा हूं, क्योंकि ये मेरी भी पुरानी आदत है।’ पीएम ने इस कैम्पेन को आत्मविश्वास, नए विचार और जोखिम लेने के प्रति बदलती सामाजिक मानसिकता से प्रेरित एक क्रांति बताया।

पीएम ने कहा- ‘किसी को तो Risk लेना ही होगा’

पीएम मोदी ने स्टार्टअप इंडिया के इन 10 सालों को लेकर अपनी बात रखी। पीएम ने कहा, ‘जो काम कोई करने को तैयार नहीं होता, जिन कामों को दशकों से पहले की सरकारों ने नहीं छुआ, क्योंकि उनमें चुनाव हारने और कुर्सी जाने का डर था, मैं उन कार्यों को अपना दायित्व समझकर जरूर करता हूं।’

पीएम ने आगे कहा, ‘आपकी तरह ही मेरी भी मानना है कि जो काम देश के लिए जरूरी है, वो काम किसी न किसी को तो करना ही होगा। किसी को तो Risk लेना ही होगा। नुकसान होगा तो मेरा होगा और अगर फायदा होगा तो मेरे देशवासियों को मिलेगा।’

स्टार्टअप की संख्या में भारी इजाफा

प्रधानमंत्री ने आगे बताया, एक दशक पहले भारत में नवाचार की संभावनाएं बहुत सीमित थीं, जबकि स्टार्टअप इंडिया अब एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन के रूप में उभर कर सामने आया है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप की संख्या दस साल पहले लगभग 500 थी, जो आज बढ़कर 200,000 से अधिक हो गई है।

स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत 16 जनवरी, 2016 को प्रधानमंत्री मोदी ने नवाचार को पोषित करने, उद्यमिता को बढ़ावा देने और निवेश-आधारित विकास को सक्षम बनाने के लिए एक राष्ट्रीय कार्यक्रम के रूप में की थी, जिसका उद्देश्य भारत को नौकरी चाहने वालों के बजाय नौकरी दोने वाला देश बनाना था।

नितिन नवीन के भाजपा अध्यक्ष बनने की आ गई तारीख, पार्टी ने जारी…

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BJP National President: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की तारीख की घोषणा हो गई है। पार्टी ने बताया है कि निर्वाचन की प्रक्रिया 19 जनवरी से शुरू होकर 20 जनवरी 2026 तक पूरी होगी।

BJP ने शुक्रवार को पार्टी के अध्यक्ष पद के चुनाव का विस्तृत शेड्यूल भी जारी किया है। इससे पहले बिहार के पांच बार के विधायक को बीते 14 दिसंबर को भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। अब चुनाव के तारीखों के बाद उनके निर्विरोध चुने जाने की संभावना है क्योंकि पार्टी के किसी अन्य नेता की दावेदारी की संभावना नहीं के बराबर है।

पार्टी ने राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी और राज्यसभा सांसद के लक्ष्मण द्वारा जारी किए गए चुनाव शेड्यूल के मुताबिक भाजपा चीफ के चुनाव के लिए नॉमिनेशन 19 जनवरी को दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच भरे जा सकते हैं और उम्मीदवार उसी दिन शाम 5 बजे से 6 बजे के बीच अपना नॉमिनेशन वापस ले सकते हैं। उम्मीदवारों के नामांकन पत्र के साथ दस्तावेजों की जांच 19 जनवरी को शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच की जाएगी। लक्ष्मण ने कहा है कि अगर ज़रूरत पड़ी तो 20 जनवरी को वोटिंग होगी और उसी दिन नए चुने गए भाजपा अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया पार्टी हेडक्वार्टर में ही होगी।

नितिन नवीन कौन?

पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के बेटे नितिन नवीन एक तेज-तर्रार, वैचारिक रूप से दृढ़ और संगठन के प्रति गहरी प्रतिबद्धता रखने वाले व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं। 45 वर्षीय नितिन बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन वाली सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से भी जुड़े रहे।

पांच बार विधायक रह चुके नवीन पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह बिहार सरकार में दो बार मंत्री के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि बिहार के मंत्री और छत्तीसगढ़ के पार्टी प्रभारी के रूप में नवीन का कार्यकाल उत्कृष्ट रहा। इस दौरान संगठन का प्रभावशाली नेतृत्व करने की उनकी क्षमता उभरकर सामने आई।

Mauni Amavasya 2026: माघी अमावस्या 18 या 19 जनवरी, जानें!

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Mauni Amavasya 2026: स्नान, दान, मौन, व्रत, साधना और तर्पण आदि के लिए माघ मास की अमावस्या (Magha Amavasya) को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. इसे मौनी अमावस्या कहा जाता है. नए साल की शुरुआत के बाद यह वर्ष की पहली अमावस्या होगी और साथ ही इसे वर्षभर की सभी अमावस्या में सबसे बड़ी अमावस्या भी कहा जाता है.

जानें 18 या 19 जनवरी कब है मौनी अमावस्या.

तिथि को लेकर क्यों दुविधा (Kab Hai Mauni Amavasya 2026)

इस वर्ष मौनी अमावस्या रविवार, 18 जनवरी 2026 को है. लेकिन कुछ लोग 19 अमावस्या की तिथि को भी मौनी अमावस्या मान रहे हैं. आइए जानते हैं आखिर तिथि को लेकर क्यों है दुविधा. तिथि को लेकर कंफ्यूजन का अहम कारण यह है कि, पंचांग (Magh Amavasya Panchang) के मुताबिक अमावस्या तिथि की शुरुआत 18 जनवरी देर रात 12:03 से होगी और 19 जनवरी को रात 01:21 तक रहेगी. लेकिन उदयातिथि के मुताबिक मौनी अमावस्या 18 जनवरी को ही मनाई जाएगी.

मौनी अमावस्या की 10 बड़ी बातें, जो बनाती है इसे महत्वपूर्ण (Magha Amavasya 10 important facts)

रविवार का संयोग (Mauni Amavasya 2026 Shubh Yog)- इस साल मौनी अमावस्या रविवार के दिन पड़ रही है, जिससे सूर्य देव की पूजा का महत्व बढ़ जाएगा. माघ अमावस्या की सुबह स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य देने से शारीरिक रोग, ग्रह दोष और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होगा.

मौन व्रत (Monk)- सभी अमावस्या में माघ महीने की अमावस्या में मौन व्रत का महत्व है. इस दिन साधु-संत से लेकर साधक मौन व्रत का संकल्प लेते हैं. मान्यता है कि, मौन व्रत से इंद्रियां वश में रहती है और मन में सुविचार आते हैं.

स्नान (Magh Snan)- मौनी अमावस्या पर संगम या पवित्र नदियों में स्नान करने का महत्व है. इससे पापों का नाश होता है और पुण्य में वृद्धि होती है.

पितृ तर्पण (Tarpan)- मौनी अमावस्या का दिन पितृ तर्पण और पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का सबसे श्रेष्ठ दिन माना जाता है. इस दिन लोग पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान या तर्पण करते हैं.

दान और परोपकार (Daan)- माघ महीने की अमावस्या पर भोजन, वस्त्र, तिल, अनाज और धन आदि दान करने से पुण्य की प्राप्ति और जीवन में समृद्धि की कामना होती है.

माघ मेला स्नान (Magh Mela)- मौनी अमावस्या पर प्रयागराज में माघ मेला के दौरान स्नान किया जाता है, जिसे माघी स्नान कहते हैं. इस दिन लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम पर स्नान करते हैं.

ग्रह दोष शांति का अवसर (Mauni Amavasya Upay)- मौनी अमावस्या पर कई तरह के उपाय भी किए जाते हैं. इन विशेष उपायों से पितृ दोष, चंद्र दोष, कालसर्प दोष और मानसिक तनाव से राहत मिलती है.

नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति का दिन- माघ अमावस्या पर मौन, स्नान, पूजा और दान से व्यक्ति के आसपास की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. मानसिक तनाव, भय और अस्थिरता से राहत मिलती है.

मनोकामना पूर्ति का योग- मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर की गई प्रार्थना और संकल्प से शीघ्र फल प्राप्त होता है. इस दिन आप संकल्प लेकर जो भी काम करते हैं, वह लंबे समय तक प्रभावी रहता है.

धार्मिक और आध्यात्मिक संदेश- मौनी अमावस्या न केवल धार्मिक परंपरा, पर्व या कोई विशेष तिथि है, बल्कि यह आध्यात्मिक अनुशासन, आत्म-निरीक्षण और सामाजिक दान का संदेश भी देती है.

क्यों चीन के साथ बढ़ रहा भारत का व्यापार घाटा? कहीं यह इकोनॉमी,’…

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अमेरिका ने भारत पर टैरिफ लगाया, तो भारत ने दूसरे रास्ते तलाशने शुरू कर दिए. इस क्रम में चीन के साथ भारत का कारोबार बढ़ा. बुधवार को चीनी कस्टम्स की तरफ से सालाना ट्रेड डेटा का खुलासा किया गया.

इसके मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले चीन के लिए भारत के एक्सपोर्ट में 5.5 बिलियन डॉलर का इजाफा हुआ है.

दोनों देशों के बीच कारोबार बढ़ने से बेशक गिरते ट्रेंड में सुधार हुआ है, लेकिन इससे ट्रेड डेफिसिट भी रिकॉर्ड 116.12 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है. यह साल 2023 के बाद दूसरी बार 100 बिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है. 2024 में ट्रेड डेफिसिट 99.21 बिलियन डॉलर था, जिसमें भारत के लिए चीन का टोटल एक्सपोर्ट 113.45 बिलियन डॉलर था और भारत का चीन के लिए एक्सपोर्ट 14.25 बिलियन पर डॉलर पर स्थिर रहा.

बढ़ रहा है भारत का ड्रैगन के साथ कारोबार

कस्टम्स डेटा के मुताबिक, 2025 में दोनों देशों के बीच कारोबार 2025 में बढ़कर अब तक के सबसे हाई लेवल 155.62 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है. चीन के लिए भारतीय एक्सपोर्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए पिछले कुछ सालों से जद्दोजहत की जा रही थी, जो अब पिछले साल जनवरी से दिसंबर के बीच बढ़कर 19.75 बिलियन डॉलर हो गया, जिसमें 9.7 परसेंट का इजाफा हुआ है.

यह बढ़ोतरी 5.5 बिलियन डॉलर के बराबर है. वहीं, दूसरी ओर भारत के लिए चीन का एक्सपोर्ट इस दौरान 12.8 परसेंट उछलकर 135.87 अरब डॉलर हो गया है. इस तरह से द्विपक्षीय व्यापार 155.62 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है. चीन का सालाना ट्रेड डेटा जनवरी से दिसंबर तक का होता है, जबकि भारत अपने आंकड़े मार्च से अप्रैल तक जारी करता है.

क्या होता है व्यापार घाटा?

जब कोई देश निर्यात के मुकाबले आयात ज्यादा करता है, तो इसे व्यापार घाटा कहते हैं. यानी कि कोई देश अपनी जरूरत का सामान दूसरे देशों से बड़े पैमाने पर खरीद तो रहा है, लेकिन उस हिसाब से ऐसा कुछ नहीं बना रहा जिसे दूसरा देश भी खरीदे. क्रिसिल पहले अपनी एक रिपोर्ट में बता चुका है कि अगर किसी देश का व्यापार घाटा लगातार बढ़ता है, तो उस देश की आर्थिक स्थिति डगमगा सकती है. ऐसे में नई नौकरियों के मौके नहीं बनते है, करेंसी पर भी निगेटिव असर पड़ता है क्योंकि बड़े पैमाने पर आयात होगा, तो विदेशी मुद्रा कम होती जाएगी और इससे रुपये पर दबाव बढ़ेगा.

व्यापार घाटा से और भी नुकसान

जब कोई इकोनॉमी प्रोड्यूस करने के मुकाबले कंज्यूम ज्यादा करती है, तो उसका ट्रेड डेसिफिट बढ़ता है. चीन निर्यात के जरिए भारतीय बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ा रहा है और सस्ते दामों में अपने उत्पादों को बेच रहा है, जिससे आमतौर पर कंज्यूमर्स ज्यादा खरीदने के लिए मोटिवेट होते हैं. ऐसे में घरेलू उत्पादन भी प्रभावित होता है.अमेरिका ने चीन पर टैरिफ लगाया, तो उसका अमेरिका के लिए एक्सपोर्ट तेजी से गिरा. हालांकि, उसने अपने दूसरे ट्रेडिंग पार्टनर्स के लिए एक्सपोर्ट बढ़ाकर अपनी ग्रोथ को ट्रैक कर रहा है.

तमिलनाडु में पावर शेयरिंग को लेकर कांग्रेस में हलचल

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तमिलनाडु में पावर शेयरिंग को लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और राज्य के नेताओं के बीच अहम बैठक होने जा रही है. यह बैठक कल यानि शनिवार (17 जनवरी) को शाम 4 बजे दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में आयोजित होगी.

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में कल होने वाली इस बैठक में तमिलनाडु कांग्रेस की ओर से पावर शेयरिंग एग्रीमेंट की औपचारिक मांग रखी जाएगी. पार्टी नेताओं की मांग है कि राज्य सरकार में कांग्रेस को कम से कम 6 मंत्री पद दिए जाएं. जानकारी के मुताबिक इस हाई-लेवल मीटिंग में कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता विपक्ष और सांसद राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, तमिलनाडु कांग्रेस के अध्यक्ष प्रभारी गिरीश, सांसद मानिक टैगोर समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे.

‘तमिलनाडु में मौजूदा सीट शेयरिंग से ज्यादा हिस्सेदारी मिलनी चाहिए’

कांग्रेस के कुछ प्रदेश स्तरीय नेताओं का मानना है कि पार्टी को तमिलनाडु में मौजूदा सीट शेयरिंग से ज्यादा हिस्सेदारी मिलनी चाहिए. एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक लोकसभा में कांग्रेस लगभग 25 फीसदी सीटों पर चुनाव लड़ती है. यानि की कुल 40 में से 10 सीटें, जबकि विधानसभा में सिर्फ करीब 10 फीसदी सीटें (234 में से 25) मिलती हैं. इस असंतुलन को भी ठीक किया जाना जरूरी है.

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस पार्टी अब 2021 में मिली 25 विधानसभा सीटों के मुकाबले 35 से 40 सीटों की मांग पर विचार कर रही है. इसी बीच अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके (TVK) के उभार के बाद कांग्रेस के भीतर राजनीतिक समीकरणों को लेकर हलचल तेज हो गई है.

‘टीवीके के साथ संभावित गठबंधन की पैरवी’

कांग्रेस सूत्रों ने एबीपी न्यूज़ को बताया कि कई नेता जमीनी सर्वे और विजय की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए टीवीके के साथ संभावित गठबंधन की पैरवी कर रहे हैं. हालांकि, दूसरी ओर डीएमके ने गठबंधन सरकार को लेकर सख्त रुख अपनाया है. तमिलनाडु सरकार में कैबिनेट मंत्री पेरियासामी ने साफ कहा है कि राज्य में कोई भी गठबंधन सरकार नहीं बनेगी.

“Middle East Row: इन तीन बड़े मुस्लिम देशों ने रुकवा दिया ईरान पर हमला,”

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मध्य पूर्व एक बार फिर गंभीर युद्ध संकट के मुहाने पर पहुंच गया था. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया था. हालात इतने बिगड़ चुके थे कि किसी भी समय सैन्य टकराव शुरू हो सकता था.

इसी नाजुक समय पर सऊदी अरब, कतर और ओमान ने सक्रिय कूटनीतिक पहल की, जिससे हालात को नियंत्रित किया जा सका.

खाड़ी देशों के अधिकारियों ने गुरुवार (15 जनवरी 2026) को बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर था. युद्ध की आशंका को टालने के लिए सऊदी अरब, कतर और ओमान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से लगातार बातचीत की. इन देशों ने ट्रंप को यह समझाने की कोशिश की कि ईरान को अपनी नीयत स्पष्ट करने का एक मौका दिया जाना चाहिए. इस प्रयास को खाड़ी अधिकारियों ने आखिरी वक्त की कड़ी कूटनीतिक जद्दोजहद बताया.

सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी

अमेरिका ने ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों और कथित दमन को लेकर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी थी. इसके जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया. तेहरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और युद्धपोतों पर पलटवार की धमकी दी. तनाव इतना बढ़ गया कि अमेरिका को कतर स्थित अल-उदेद एयरबेस से अपने सैन्य कर्मियों को हटाना पड़ा, जिसे मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा माना जाता है. अल-उदेद एयरबेस से अमेरिकी कर्मियों की अस्थायी वापसी इस बात का संकेत थी कि हालात कितने गंभीर हो चुके थे. क्षेत्रीय सूत्रों के अनुसार, इस कदम के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई थीं. युद्ध की आशंका को देखते हुए सैन्य गतिविधियों में भी बदलाव किया गया.

ईरान को मिली चेतावनी

AFP की रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमेरिकी नेतृत्व को स्पष्ट रूप से चेताया कि ईरान पर हमला पूरे क्षेत्र के लिए विनाशकारी परिणाम ला सकता है. इस अधिकारी के अनुसार, किसी भी सैन्य कार्रवाई से हालात नियंत्रण से बाहर जा सकते थे. खाड़ी देशों ने केवल अमेरिका से ही नहीं, बल्कि ईरान से भी सीधे संवाद किया. ईरान को यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि अगर उसने खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया तो क्षेत्रीय देशों के साथ उसके संबंध स्थायी रूप से बिगड़ जाएंगे. इस चेतावनी ने तनाव कम करने में अहम भूमिका निभाई.

ईरान में प्रदर्शनकारियों की फांसी पर रोक

खाड़ी देशों के दबाव और ईरान से मिले आश्वासन के बाद हालात में धीरे-धीरे सुधार होने लगा. अमेरिका को यह भरोसा दिलाया गया कि ईरान प्रदर्शनकारियों को फांसी नहीं देगा. इसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने फिलहाल सैन्य विकल्प को टालने का फैसला किया और कतर के अल-उदेद एयरबेस पर सुरक्षा स्तर कम कर दिया गया. सैन्य विमान और कर्मी धीरे-धीरे अपनी पुरानी स्थिति में लौटने लगे. लगातार कड़ी बयानबाजी के बाद डोनाल्ड ट्रंप के रुख में बदलाव देखा गया. उन्होंने कहा कि उन्हें दूसरी तरफ के बेहद महत्वपूर्ण सूत्रों से यह भरोसा मिला है कि ईरान कठोर कदम नहीं उठाएगा. इसी भरोसे के आधार पर अमेरिका ने तत्काल सैन्य कार्रवाई न करने का निर्णय लिया.

मध्य पूर्व में स्थिरता बनाने की कोशिश

सऊदी अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा संकट भले ही टल गया हो, लेकिन भरोसे को मजबूत करने के लिए बातचीत अभी जारी है. खाड़ी देश यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो और मध्य पूर्व में स्थिरता बनी रहे. मध्य पूर्व एक बार फिर युद्ध के बेहद करीब पहुंच गया था, लेकिन समय पर की गई कूटनीति ने हालात को संभाल लिया. सऊदी अरब, कतर और ओमान की भूमिका ने यह दिखा दिया कि क्षेत्रीय संवाद और संयम बड़े टकराव को टाल सकते हैं. आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि यह स्थिरता कितनी टिकाऊ साबित होती है.

सोने की लगातार चढ़ रही कीमतों पर लगा ब्रेक, लेकिन चमक उठी चांदी, जानें!

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वैश्विक तनाव के माहौल में जहां एक ओर चांदी की चमक तेज होती दिख रही है, वहीं दूसरी ओर लगातार ऊपर चढ़ रहे सोने के दामों पर फिलहाल ब्रेक लग गया है. भू-राजनीतिक तनाव, औद्योगिक मांग में बढ़ोतरी और कमजोर वैश्विक आर्थिक संकेतों ने कीमती धातुओं के प्रति निवेशकों का रुझान और मजबूत किया है.

जब भी दुनिया में अनिश्चितता और तनाव बढ़ता है, निवेशक शेयर बाजार जैसी जोखिमभरी संपत्तियों से निकलकर सोने और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं. इसके अलावा, अमेरिका में हाल ही में सामने आए कमजोर महंगाई के आंकड़ों के बाद यह उम्मीद भी बढ़ गई है कि फेडरल रिजर्व आगे चलकर रेपो रेट में कटौती कर सकता है. इस संभावित नरमी ने सोने और चांदी दोनों के प्रति बाजार में पॉजिटिव सेंटिमेंट बनाए रखा है.

निवेश और ज्वैलरी में सोने का उपयोग

24 कैरेट सोना आमतौर पर निवेश के उद्देश्य से खरीदा जाता है, जबकि 22 कैरेट और 18 कैरेट सोना मुख्य रूप से ज्वैलरी बनाने में इस्तेमाल होता है.

आपके शहर में सोने का ताजा भाव

(16 जनवरी 2026) राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ में आज

  • 24 कैरेट सोना: 1,43,760 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट सोना: 1,31,790 रुपये प्रति 10 ग्राम

वहीं आर्थिक राजधानी मुंबई के साथ-साथ चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद में

  • 24 कैरेट सोना: 1,43,610 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट सोना: 1,31,640 रुपये प्रति 10 ग्राम

चांदी में जबरदस्त तेजी

जहां सोने की कीमतों में फिलहाल स्थिरता देखने को मिल रही है, वहीं चांदी ने तेज छलांग लगाई है. आज शुरुआती कारोबार में चांदी का भाव 2,95,100 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया.

चांदी की तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2026 में अब तक इसके दाम करीब 21 प्रतिशत बढ़ चुके हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, सोलर पैनल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ती मांग के चलते चांदी की कीमतों को मजबूत समर्थन मिल रहा है. कुल मिलाकर, मौजूदा वैश्विक हालात में जहां सोना स्थिरता का संकेत दे रहा है, वहीं चांदी निवेशकों के लिए सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.

Gujarat: सूरत में पतंग का शौक बना जानलेवा, एक ही दिन में कई इलाकों में पतंग से जुड़े हादसों….

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सूरत में मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का उत्साह इस बार मातम में बदल गया. शहर के अलग-अलग इलाकों में पतंग से जुड़े हादसों में 3 लोगों की जान चली गई. तीनों घटनाओं ने एक बार फिर पतंगबाजी के दौरान लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों की कमी को उजागर कर दिया है.

पालनपुर में 13 वर्षीय लड़के की करंट से मौत

पालनपुर इलाके में 13 वर्षीय गौतम मित्तल पतंग उड़ा रहा था. इसी दौरान उसकी पतंग एक डीपी के संपर्क में आ गई, जिससे उसे तेज बिजली का झटका लगा. झटके से वह दूर जा गिरा और लोहे की छड़ से टकरा गया.

आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और उसे इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. गौतम मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला था.

उसके पिता सचिन इलाके में स्नैक ट्रक चलाते हैं और वह कुछ दिन पहले ही सूरत आया था. इस मामले में अडाजन पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

भेस्तान में छत से गिरकर किशोरी की जान गई

भेस्तान इलाके में जय राधे सोसाइटी की छत पर पतंग उड़ा रही 14 वर्षीय मंटू अचानक संतुलन खो बैठी और नीचे गिर गई. घटना की जानकारी मिलते ही सोसाइटी के लोग मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल किशोरी को अर्था सिविल अस्पताल ले जाया गया.

हालांकि इलाज शुरू होने से पहले ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. भेस्तान पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.

अलथान में पतंग की डोर से युवक की मौत

तीसरी घटना अलथान इलाके की है, जहां 23 वर्षीय प्रिंस मंगल बाथम की पतंग की डोर से मौत हो गई. प्रिंस कल शाम मोपेड पर घूमने निकले थे. न्यू सिटी लाइट्स के लाल घोड़ा सर्कल के पास अचानक पतंग की तेज डोर उनके गले में फंस गई, जिससे वह सड़क पर गिर पड़े.

उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. प्रिंस रिलायंस मार्केट में काम करता था और सचिन इलाके में रहता था.

बाइक सवार पूरा परिवार फ्लाईओवर से गिरा

सूरत में पतंग की डोर ने एक पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। बाइक से जा रहे रेहान शेख, उनकी पत्नी रेहाना और 10 वर्षीय बेटी आयेशा अचानक पतंग की तेज डोर की चपेट में आ गए। संतुलन बिगड़ने से बाइक 70 फुट ऊँचे फ्लाईओवर से नीचे गिर गई।

रेहान और आयेशा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रेहाना ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से इलाके में शोक फैल गया। स्थानीय लोगों ने ब्रिज पर ग्रिल न होने को हादसे की बड़ी वजह बताया।

इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि पतंग उड़ाते समय थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है. प्रशासन और पुलिस लगातार सावधानी बरतने की अपील कर रही है, ताकि त्योहार का आनंद किसी परिवार के लिए जिंदगी भर का गम न बन जाए.