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US Tariff: मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी दोस्ती और वफादारी को लेकर बयानबाजी. ..

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US Tariff: मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी दोस्ती और वफादारी को लेकर बयानबाजी. ..

भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत के टैरिफ को लगाने के बाद और चीन में हुई एससीओ की बैठक में पीएम मोदी, व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग की तिकड़ी देखने के बाद से लगातार अपने बयानों में भारत के प्रति नरमी दिखा रहा है.

पिछले कुछ दिनों से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी दोस्ती और वफादारी को लेकर बयानबाजी करते आ रहे हैं. अब पीएम मोदी ने भी डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर जवाब दिया है जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को अपना घनिष्ट दोस्त और उनसे मुलाकात के लिए बेचैन बताया है.

पीएम मोदी ने ट्रंप के पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए अपने एक्स प्लेटफॉर्म पर लिखा, ‘भारत और अमेरिका घनिष्ठ मित्र और स्वाभाविक साझेदार हैं. मुझे विश्वास है कि हमारी व्यापारिक बातचीत भारत-अमेरिका साझेदारी की असीम संभावनाओं को अनलॉक करने का रास्त खोलेंगी करेंगी. हमारी टीमें इन चर्चाओं को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए काम कर रही है. मैं भी राष्ट्रपति ट्रंप से बात करने के लिए उत्सुक हूं. हम दोनों अपने लोगों के लिए एक उज्जवल, अधिक समृद्ध भविष्य को सुरक्षित करने के लिए मिलकर काम करेंगे.’

ट्रेड डील पर क्या बोले थे डोनाल्ड ट्रंप? इसके पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए घोषणा की है कि भारत और अमेरिका के बीच रुकी हुई ट्रेड डील पर बातचीत एक बार फिर शुरू हो गई है. ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘मुझे यह एलान करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने व्यापार में आने वाली विसंगतियों को दूर करने के लिए ट्रेड डील पर फिर से बातचीत शुरू कर दी है। मैं आने वाले कुछ हफ्तों में अपने करीबी दोस्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करने के बारे में विचार कर रहा हूं. मुझे लगता है दोनों देशों के बीच ट्रेड डील में कोई मुश्किल नहीं आएगी.’ अमेरिकी राष्ट्रपति के इस ऐलान के बाद दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को लेकर नई उम्मीदें जाग उठी हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत-अमेरिका व्यापार साझेदारी को एक नए आयाम तक ले जा सकता है.

रूस से तेल खरीद पर नाराज ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया इसके पहले भारत के रूस से तेल की खरीद पर नाराज अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लागू कर दिया था. ये टैरिफ 27 अगस्त से प्रभावी हो गया है. इस कदम के साथ दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव और गहरा गया है.अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि भारत रूस से सस्ते दामों पर तेल खरीद रहा है और उसी कमाई के धन से रूस यूक्रेन युद्ध को जारी रखे हुए है. ट्रंप का आरोप है कि इस युद्ध में हजारों लोगों की जान जा चुकी है और भारत की ऊर्जा नीति अप्रत्यक्ष रूप से इसे बढ़ावा दे रही है.टैरिफ और आरोपों के चलते भारत-अमेरिका संबंधों पर नया दबाव बन गया है. अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में दोनों देश इस तनाव को कम करने के लिए क्या कदम उठाते हैं.

“Jammu and Kahsmir: डोडा जिले में अचानक क्यों लगाया गया कर्फ्यू? इंटरनेट सेवा भी कर दी गई बैन, जानिए क्या है वजह”

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“Jammu and Kahsmir: डोडा जिले में अचानक क्यों लगाया गया कर्फ्यू? इंटरनेट सेवा भी कर दी गई बैन, जानिए क्या है वजह”

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले से एक बड़ी खबर आ रहा है वहां एक प्रदर्शन के दौरान अचानक से हालात बेकाबू हो गए. दरअसल प्रदर्शन के दौरान पूर्व ब्लॉक विकास परिषद (BDC) सदस्य कहरा फातिमा फारुक गंभीर रूप से घायल हो गईं.

इस घटना के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया और एहतियादी कदम उठाते हुए और पूरे क्षेत्र में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई और कर्फ्यू लगा दिया गया है. अब इस इलाके में लोगों का इकट्ठा होना प्रतिबंधित है.

BNS की धारा 163 सार्वजनिक स्थानों पर अस्थायी बाधाओं को हटाने और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने का अधिकार देती है. जिससे सार्वजनिक सुरक्षा और व्यवस्था को खतरा पहुंचाने वाली गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके. माहौल बिगड़े न इसके लिए प्रशासन ने सबसे पहले इस पूरे इलाके में इंटरनेट बैन कर दिया है. किसी भी तरह की भ्रामक सूचना या फिर अफवाह न फैले इसके लिए प्रशासन ने ये कदम उठाया. फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई है और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है.

प्रदर्शन के दौरान घायल हुईं BDC, लगाया गया कर्फ्यू इसी बीच प्रदर्शन के दौरान घायल हुईं पूर्व बीडीसी सदस्य कहरा फातिमा फारूक को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. वहां उनका इलाज जारी है. फिलहाल वो खतरे से बाहर हैं. स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया और इलाके में धारा 163 लागू करते हुए पूरे इलाके में इंटरनेट बंद कर दिया है ताकि उपद्रवी लोग इकट्ठा न हो सके और सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक खबर या फिर किसी अफवाह का अभियान न चला सकें.

आप विधायक के हिरासत में लिए जाने के बाद हुए प्रदर्शन इसके पहले जम्मू-कश्मीर के चिनाब घाटी के डोडा क्षेत्र में मंगलवार को आप विधायक मेहराज मलिक की कठोर जन सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत हिरासत के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए. पुलिस ने कुछ स्थानों पर मलिक के समर्थन में नारे लगाने और प्रशासन पर PSA के दुरुपयोग का आरोप लगाने वाले प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया गया था. डोडा जिला मुख्यालय के अलावा भालेसा, कहारा और गंदोह तहसीलों में भी प्रदर्शन हुए. मलिक को सोमवार को सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने के आरोप में हिरासत में लिया गया और उन्हें कठुआ जेल में रखा गया. यह हिरासत डोडा के उपायुक्त हरविंदर सिंह के खिलाफ उनके ऑनलाइन पोस्ट को लेकर विवाद के बीच हुई, जिसमें उन्होंने सिंह पर अपने अधिकार का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था.

सीएम उमर अब्दुल्ला ने उपराज्यपाल पर साधा निशाना जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, जिन्होंने मलिक की निवारक हिरासत कानून के तहत गिरफ्तारी को लोकतंत्र पर हमला बताकर उपराज्यपाल प्रशासन की आलोचना की थी, ने एक बार फिर सवाल उठाया कि विधायक के खिलाफ इतने कठोर कानून का उपयोग क्यों किया गया? जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था उपराज्यपाल के अधीन है. उमर ने राज्य वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष दारख्शन अंद्राबी की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘उन्होंने (मलिक) ने आखिर क्या किया? कोई कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं थी, कहीं पत्थरबाजी नहीं हुई। इसके विपरीत, जिन्होंने माहौल खराब किया, जिन्होंने हजरतबल दरगाह पर हमारी धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया, उन्हें छोड़ दिया गया.’

मप्र बनेगा ब्रिजों का प्रदेश, राज्य के इन जिलों में 21 नए ब्रिजों का होगा निर्माण, CM ने दी जानकारी…

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मप्र बनेगा ब्रिजों का प्रदेश, राज्य के इन जिलों में 21 नए ब्रिजों का होगा निर्माण, CM ने दी जानकारी…

मध्य प्रदेश जल्द ही ब्रिजों का प्रदेश बनने वाला है। आपको बता दे कि राज्य एक नया रिकार्ड बनाने वाला है। अगले डेढ़ साल में मध्य प्रदेश में 21 नए ब्रिज का निर्माण होने वाला है जिसमें फ्लाईओवर ब्रिज के साथ ही रोड ओवर ब्रिज भी शामिल होंगे।

साल 2028 में मध्य प्रदेश में सिंहस्थ का आयोजन होने वाला है जिसको लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव लगातार सड़क निर्माण पर ध्यान दे रहे हैं। सिहंस्थ 2028 में लाखों करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु मध्य प्रदेश आएंगे। इस दौरान साधु संतु और श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी ना हो इसको लेकर विशेष तैयारी की जा रही है।

सख्त तेवर में दिखे मुख्यमंत्री मोहन यादव मुख्यमंत्री मोहन यादव सिंहस्थ की तैयारी को लेकर बेहद सख्त नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि 20-बीच का निर्माण अगले डेढ़ साल में हर हाल में पूरा करना जरूरी है इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया है कि इसकी गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाए वरना सख्त कार्रवाई की जाएगी। एजेंसियों का मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया है की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सिंहस्थ में आएंगे 3 करोड़ श्रद्धालु साल 2028 में सिंहस्थ का आयोजन होगा जिसमें लगभग तीन करोड़ श्रद्धालु आ सकते हैं। इन श्रद्धालुओं के किसी भी तरह की परेशानी ना हो इसलिए स्थानीय स्तर पर यातायात की सुविधा को सुव्यवस्थित बनाने के लिए फ्लाईओवर,रोड और ओवर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है।

जानिए कहां-कहां बनेगा ब्रिज

1- इंदौर रोड से आने वाले चिंतामण रेलवे स्टेशन वाले रोड पर बनेगा फोरलेन ब्रिज बनेगा

-2- लालपुल के डाउन स्ट्रीम में रेलवे पुल के समानांतर भी नया ब्रिज बनाया जाएगा।

-3- इंदिरागांधी चौराहे से चामुंडा माता मंदिर तक एक नए ब्रिज का निर्माण होने वाला है।

-4- फ्रीगंज ROB के समानांतर एक नया ROB 58 करोड़ की लागत से बनने वाला है जिसका काम लगभग शुरू किया जा चुका है।

-5 – विक्रम नगर कड़छा ROB-25.44 करोड़ की लागत से बनने वाला है जो की बेहद शानदार होगा।

-6 – उज्जैन-बडनगर मार्ग पर 4.86 करोड़ रुपए की लागत से इसका निर्माण किया जाएगा।

-7 – हरिफाटक से रिंग रोड तक वाकणकर ब्रिज के समानांतर 15.18 करोड़ से बनाया जाएगा ब्रिज।

-8- मंगलनाथ-कामेड पर नाले के ऊपर 8.55 करोड़ की लागत से समानांतर सब मर्सिबल ब्रिज का निर्माण होगा, भूमिपूजन हो चुका।

-9 – पीपलीनाका से भैरवगढ़ मार्ग पर पहले से बने ब्रिज के समानांतर 14.51 करोड़ की लागत वाला ब्रिज बनेगा। भूमिपूजन हुआ।

-10 – कर्कराज पार्किंग से भूखीमाता लालपुल मार्ग पर शिप्रा नगी पर बनेगा फोरलेन ब्रिज, 16.90 करोड़ की लागत, भूमि पूजन हो चुका।

इसी के जैसा अन्य ब्रिज का भी निर्माण किया जाएगा।

त्यौहारी सीजन में ट्रेन का सफर होगा बेहद सुविधाजनक, रेलवे उपलब्ध कराएगा बेहद सस्ता और स्वादिष्ट भोजन…

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त्यौहारी सीजन में ट्रेन का सफर होगा बेहद सुविधाजनक, रेलवे उपलब्ध कराएगा बेहद सस्ता और स्वादिष्ट भोजन…

रोजाना ट्रेनों में लाखों की संख्या में यात्री यात्रा करते हैं। AC और स्लीपर क्लास में तो यात्री आसानी से यात्रा करते हैं लेकिन जनरल क्लास में यात्रा करना बेहद मुश्किल होता है।

जनरल क्लास में यात्रा के दौरान यात्रियों को खाने पीने की परेशानियां भी होती है।

त्यौहार का सीजन शुरू होने वाला है और अभी से ही ट्रेनों में भीड़ बढ़ने लगी है। अक्टूबर नवंबर के महीने में कई सारे त्यौहार होने वाले हैं। इस महीने में दिवाली दुर्गा पूजा छठ पूजा जैसे मुख्य त्योहार आएंगे जिसको लेकर रेलवे स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है वहीं दूसरी तरफ यात्रियों के सुविधा के लिए रेलवे सस्ता और स्वादिष्ट भोजन भी उपलब्ध कराने वाला है।

त्योहार के सीजन में जनरल क्लास में काफी भीड़ हो जाता है ऐसे में यात्रियों को भोजन खरीदने जाने में दिक्कत होती है वहीं उनकी चिंता होती है कि अगर वह भोजन खरीदने के लिए उठेंगे तो उनकी सीट कोई और पकड़ लेगा। लेकिन अब उनको इस परेशानी से निजात मिलेगी क्योंकि रेलवे त्यौहार के सीजन में जनरल क्लास के यात्रियों को मात्र ₹80 में स्वादिष्ट खाना और पानी का बोतल सीट पर ही उपलब्ध कराएगा।

मात्र 80 रुपए में खा सकते हैं टेस्टी खाना जनरल क्लास की यात्री 80 रुपए खर्च कर दाल, चावल, रोटी, सब्जी, अचार खा सकते हैं। खाने की पैकिंग भी बेहद अच्छे तरीके से की जाएगी। खाना आईआरसीटीसी के वेंडर यात्रियों के हाथ में ले जाकर देंगे। अब स्टेशनों पर जनरल क्लास के सामने टेबल लगाकर खाना उपलब्ध कराया जाएगा।

इंडियन रेलवे के द्वारा कई ट्रेनों में इस सुविधाओं की शुरुआत की जा चुकी है और अब जल्द ही बाकी ट्रेनों में इसकी शुरुआत हो जाएगी। त्योहार के दौरान लोगों को परेशानी ना हो इसलिए रेलवे इस सुविधा को शुरू करने का फैसला किया है।

मौसम विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में आज जमकर बारिश होगी, घर से निकलने से पहले जान ले मौसम का हाल…

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मौसम विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में आज जमकर बारिश होगी, घर से निकलने से पहले जान ले मौसम का हाल…

छत्तीसगढ़ में बीते दिनों हुई बारिश के बाद मानसून की गतिविधियों पर ब्रेक लगा हुआ है। प्रदेश के कई जिलों में भारिश भी हुई है। एक तरफ जहां प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश नहीं हो रही है, तो वहीं सरगुजा संभाग में बारिश ने तांडव मचाया हुआ है। लगातार हो रही बारिश के चलते सरगुजा संभाग के कई डैम और नदी-नाले उफान पर है। वहीं राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में मंगलवार को दिन भर बादल छाए रहे।

मानसून की गतिविधियों पर लगे ब्रेक के बीच मौसम विभाग ने बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में आज यानी बुधवार को जमकर बारिश होगी। मौसम विभाग ने रायपुर, बिलासपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी, सूरजपुर और सरगुजा जिले में भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में जमकर बारिश होने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग ने रायपुर और बिलासपुर में भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए किसानों और ग्रामीण इलाकों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है ।

संकरे रास्ते, पहाड़ी इलाका… अरुणाचल का पूरा गांव हो जाता जलकर राख, लेकिन सेना बनी मसीहा, कई लोगों की बचाई जान

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इटानगर. अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सियांग जिले में स्थित कायिंग गांव में सोमवार रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया. गांव के कई घर जलकर राख हो गए. लेकिन, भारतीय सेना के जवान सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे और जान-माल की हानि को रोक लिया. स्पीयरहेड डिवीजन के बहादुर जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाला, आग पर काबू पाया और पूरे गांव को बड़ी तबाही से बचा लिया.
घटना की जानकारी मिलते ही स्पीयर कॉर्प्स के सैनिकों ने फौरन कार्रवाई की. स्थानीय लोगों के अनुसार, आग शाम करीब सात बजे एक घर से शुरू हुई, जो तेज हवा के कारण पूरे गांव में फैलने लगी. गांव में दमकल वाहनों का पहुंचना मुश्किल था, क्योंकि रास्ते संकरे और इलाका पहाड़ी है. ऐसे में सेना के जवान सबसे पहले पहुंचे.
उन्होंने ग्रामीणों को चिल्लाकर जगाया, बच्चों और बुजुर्गों को गोद में उठाकर सुरक्षित स्थान पर ले गए. कुछ जवानों ने आग बुझाने के लिए उपलब्ध पानी के स्रोतों का इस्तेमाल किया, जबकि अन्य ने पास के नाले से पानी का इस्तेमाल किया. लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया गया.

स्पीयर कॉर्प्स के एक अधिकारी ने बताया कि यह डिवीजन हमेशा अरुणाचल प्रदेश के लोगों के साथ खड़ी रहती है. वे न केवल सीमा सुरक्षा में तैनात हैं, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं और आपात स्थितियों में भी तुरंत मदद पहुंचाते हैं. इस घटना में कोई जानहानि नहीं हुई. लेकिन, आठ से दस घर पूरी तरह नष्ट हो गए. प्रभावित परिवारों के लिए सेना ने तत्काल भोजन, कंबल और अस्थायी आश्रय की व्यवस्था की.

वहीं, स्थानीय प्रशासन ने भी सेना की सराहना की और कहा कि उनकी मदद के बिना स्थिति और बिगड़ सकती थी. बता दें कि यह डिवीजन पूर्वोत्तर क्षेत्र में सक्रिय है और अक्सर बाढ़, भूस्खलन जैसी आपदाओं में सहायता करता है. पिछले साल भी उन्होंने इसी तरह की कई घटनाओं में जान बचाई थी.वहीं, स्थानीय प्रशासन ने भी सेना की सराहना की और कहा कि उनकी मदद के बिना स्थिति और बिगड़ सकती थी. बता दें कि यह डिवीजन पूर्वोत्तर क्षेत्र में सक्रिय है और अक्सर बाढ़, भूस्खलन जैसी आपदाओं में सहायता करता है. पिछले साल भी उन्होंने इसी तरह की कई घटनाओं में जान बचाई थी.

LIVE: काठमांडू में त्रिभुवन एयरपोर्ट बंद, 2500 भारतीय फंसे, चप्‍पे-चप्‍पे पर सेना तैनात

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पड़ोसी देश नेपाल में सरकार ने सोशल मीडिया को बैन कर दिया था. प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को शायद इसका अंदाजा भी नहीं होगा कि उनके इस कदम का परिणाम कितना भयानक होने वाला है. ओली सरकार के इस कदम से युवाओं में विरोध की चिंगारी इस कदर भड़की कि इसकी आग में केपी ओली की कुर्सी भी जल गई. मंत्रियों और नेताओं के खिलाफ Gen Z का गुस्‍सा इस कदर भड़का कि इसमें संसद भवन तक जलकर खाक हो गया. हिंसक विरोध के बाद अब नेपाल की सेना अब एक्‍शन में आ गई है. हर तरफ सेना के जवान तैनात हैं और आमलोगों खासकर युवाओं से संयम बरतने और बातचीत के टेबल पर आने का आग्रह किया है.
नेपाल में मौजूदा हालात को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को बड़ा सिक्योरिटी एलर्ट जारी किया गया है. भारत-नेपाल बॉर्डर पर लगातार चौकसी रखी जा रही है. नेपाल में जारी हिंसा की आड़ में भारत के सीमावर्ती इलाकों में उपद्रवियों की ओर से हिंसा फैलाने की आशंका है. इसे देखते हुए सुरक्षाबलों को चौकस रहने की हिदायत दी गई है. बॉर्डर पर जो सिक्योरिटी फ़ोर्स तैनात हैं, उनमें UP पुलिस, बिहार पुलिस और सशस्त्र सीमा बल के जवान शामिल हैं. सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों को भेजे गए अलर्ट में कहा गया है कि नेपाल के मौजूदा हालात को लेकर सतर्क रहें. उपद्रवकारी लोगों को भड़का सकते हैं. पब्लिक प्रॉपर्टी नुक़सान पहुंचा सकते हैं, लिहाजा सतर्कता बरती जाए.

नेपाल में गरीबी और बेरोजगारी
उधर, नेपाल के राजनीतिक हालात पर नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. केआई सिंह के पोते यशवंत शाह ने कहा कि 8 सितंबर को राजधानी में एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था. इसमें कोई राजनीतिक दल शामिल नहीं था. इसका आह्वान स्टूडेंट्स फॉर जस्टिस नामक छात्र संगठन ने किया था. उन्‍होंने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन में लगभग 12000 लोग जुटे थे. विरोध प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया. उन्‍होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं. देश लंबे समय से भ्रष्टाचार से जूझ रहा है. यशवंत शाह ने कहा कि अच्छे पर्यटन और कारोबार के बावजूद यहां भारी गरीबी और बेरोजगारी है.

नेपाल की सत्‍ता किसके हाथ…आर्मी ने आमलोगों के लिए जारी की अपील
नेपाली सेना ने राजधानी काठमांडू को अपने सुरक्षा घेरे में लेना शुरू कर दिया है. मंगलवार को दिनभर में कई सरकारी इमारतों को लूटा या नष्ट कर दिया गया. नई अंतरिम सरकार अभी तक नहीं चुनी गई है और कोई भी पूरी तरह से निश्चित नहीं है कि देश में अब सत्ता किसके हाथ में है. वहीं, आर्मी ने युवाओं और अन्‍य आमलोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात करेंगे राष्‍ट्रपति, सेना के अफसर भी रहेंगे मौजूद
नेपाल में हिंसा को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. राष्‍ट्रपति प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात करेंगे. सेना की मौजूदगी में छात्रों से मुलाकात होगी. दूसरी तरफ, बताया जा रहा है कि नेपाल में आंदोलनकारी युवाओं और सेना के बीच मध्‍यरात्रि में सैन्‍य मुख्‍यालय में बातचीत हुई. सूत्रों के अनुसार, आंदोलनकारी युवाओं के विभिन्‍न समूहों के प्रतिनिध‍ियों ने देर रात सेना प्रमुख अशोक राज सिगडेल से मुलाकात की और अपने मुद्दे उनके समक्ष रखे.

त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट बंद
नेपाल की राजधानी काठमांडू जल रहा है. Gen Z के हिंसक विरोध-प्रदर्शन के बाद नेशन कैपिटल की सुरक्षा काफी सख्‍त कर दी गई है. चप्‍पे-चप्‍पे पर आर्मी को तैनात किया गया है. वहीं, हालात को देखते हुए त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सभी अंतरराष्‍ट्रीय और डोमेस्टिक उड़ानों के लिए बंद कर दिया गया है. एयरपोर्ट को 10 सितंबर 2025 दोपहर 12 बजे तक के लिए बंद कर दिया गया है.

नेपाली आर्मी का एक्‍शन, अब तक 26 गिरफ्तार
नेपाल सेना ने लूटपाट की गतिविधियों में शामिल 26 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है. नेपाली सेना ने मंगलवार रात से लूटपाट की गतिविधियों में शामिल 26 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है. बता दें कि Gen Z के हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद पीएम केपी शर्मा ओली को कुर्सी छोड़नी पड़ी है.

नेपाल की राजधानी में कर्फ्यू, आर्मी का आदेश- बाहर न निकलें
9 सितंबर 2025 के हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद 10 सितंबर का दिन शांत रहा. सड़कों पर शांति दिखी. आर्मी ने आमलोगों से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है. अगले आदेश तक कर्फ्यू लागू रहेगा. कथित भ्रष्टाचार को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों के बीच नेपाली प्रधानमंत्री ओली ने 9 सितंबर को इस्तीफा दे दिया.

Gen Z की पुकार – हमें नया नेता चाह‍िए
नेपाल में सोशल मीडिया साइट्स को बंद करने के खिलाफ Gen Z यानी युवाओं ने ऐसा विरोध प्रदर्शन किया कि पड़ोसी देश में तख्‍ता पलट हो गया. प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को कुर्सी छोड़नी पड़ी. वह जान बचाने के लिए सुरक्षाबलों के भरोसे हैं. वहीं, Gen Z ने कहा कि हमारे देश से भ्रष्टाचारी नेता भाग गए, अब हमें नया नेता चाहिए.

उपराष्ट्रपति चुनाव में INDIA का ‘गद्दार’ कौन? क्या है 14 वोट का खेल, 2 दल पर शक

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सीपी राधाकृष्णन देश के 15वें उपराष्ट्रपति चुन लिए गए हैं. महाराष्ट्र के राज्यपाल रह चुके राधाकृष्णन ने मंगलवार को उपराष्ट्रपति चुनाव में शानदार जीत दर्ज की. 68 साल के एनडीए उम्मीदवार ने कुल 452 प्रथम वरीयता वोट हासिल किए, जबकि विपक्ष के उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 वोटों पर संतोष करना पड़ा.
राज्यसभा सचिवालय के अनुसार, कुल 781 सांसद इस चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा थे. इनमें से 767 सांसदों ने मतदान किया. 15 वोट अमान्य घोषित हुए और 14 सांसदों ने मतदान से परहेज किया. इसमें बीजू जनता दल (7 सांसद), भारत राष्ट्र समिति (4 सांसद), शिरोमणि अकाली दल (1 सांसद) और पंजाब के दो निर्दलीय सांसद शामिल थे.
उपराष्ट्रपति चुनाव में डाले गए 15 वोट अमान्य पाए गए. वैसे काउंटिंग शुरू होने से पहले एनडीए की ताकत संसद में 427 वोटों की मानी जा रही थी. लेकिन नतीजे आने पर राधाकृष्णन के खाते में 452 वोट आए. माना जा रहा था कि एनडीए को वाईएसआर कांग्रेस का समर्थन मिलेगा, जिसके चार सांसद लोकसभा में और सात राज्यसभा में हैं. ऐसे में एनडीए का आंकड़ा 438 पर पहुंचता, लेकिन अंतिम नतीजों में 14 अतिरिक्त वोट मिले.

इंडिया गठबंधन में फूट!

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा, ‘एनडीए की ताकत 427 थी, लेकिन हमें 25 अतिरिक्त वोट मिले. यह दिखाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और नेतृत्व पर विपक्षी सांसदों को भी भरोसा है.’

बीजेपी के मुख्य सचेतक संजय जायसवाल ने दावा किया कि लगभग 40 विपक्षी सांसदों ने एनडीए उम्मीदवार का समर्थन किया. उन्होंने कहा, ‘हम उन सभी सांसदों का भी आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी और राधाकृष्णन को वोट दिया.’
इन दोनों दलों पर क्रॉस वोटिंग का शक
बीजेपी नेताओं का कहना है कि झारखंड और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से विपक्षी सांसदों ने राधाकृष्णन के पक्ष में मतदान किया. एनडीए की ओर से दावा किया गया कि विपक्षी खेमे में सेंधमारी के चलते यह अतिरिक्त समर्थन मिला. हालांकि आम आदमी पार्टी और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने इन आरोपों से इनकार किया है.
एनडीए की यह जीत विपक्ष के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है. क्योंकि इंडिया गठबंधन बार-बार अपनी एकजुटता पर जोर देता रहा है, लेकिन उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजों ने उसकी कमजोरियों को उजागर कर दिया.
राधाकृष्णन की जीत पर बोले धनखड़
उपराष्ट्रपति चुनाव में जीत के साथ ही राधाकृष्णन इस पद पर जगदीप धनखड़ के उत्तराधिकारी बनेंगे. धनखड़ ने राधाकृष्णन को जीत की बधाई दी है. जुलाई में अचानक इस्तीफा देने के बाद धनखड़ का यह पहला सार्वजनिक बयान था, जिसमें उन्होंने कहा कि राधाकृष्णन के विशाल अनुभव से उपराष्ट्रपति का पद और अधिक गौरव हासिल करेगा.
राधाकृष्णन को लिखे पत्र में धनखड़ ने कहा, ‘आपका इस गरिमामय पद पर चयन हमारे राष्ट्र के जनप्रतिनिधियों के विश्वास और भरोसे को दर्शाता है. आपके सार्वजनिक जीवन के विशाल अनुभव के चलते आपके नेतृत्व में यह पद निश्चित ही और अधिक श्रद्धा व गरिमा प्राप्त करेगा.’
ध्यान दिला दें कि जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद नए चुनाव कराए गए और राधाकृष्णन इस पद पर उनके उत्तराधिकारी बने.

टैरिफ के बीच आई खुशखबरी…भारत और अमेरिका के बीच जल्द होगी ट्रेड डील, मोदी और ट्रंप ने संभाली कमान

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भारत और अमेरिका के बीच व्‍यापार समझौते पर अब नई उम्मीद जागी है. ट्रेड डील की कमान अब सीधे राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संभाल ली है. पिछले कुछ दिनों से भारत को लेकर ट्रंप के सुर नरम पड़े हैं. भारत के खिलाफ लगातार ‘आग’ उगल रहे ट्रंप ने अब अच्‍छी-अच्‍छी बातें करनी शुरू कर दी है. ट्रंप और उनके अधिकारियों की टिप्‍पणियों पर भारत ने कोई उग्र प्रतिक्रिया नहीं दी थी और हर बार एक ही जवाब दिया कि भारत अपने हितों से समझौता नहीं करेगा. आज भी ट्रंप ने एक ट्वीट कर आने वाले दिनों में ट्रेड डील पर प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत की संभावना जताई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक्‍स पर लिखा, “मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और अमेरिका हमारे दोनों देशों के बीच मौजूद व्यापारिक बाधाओं को दूर करने के लिए बातचीत जारी रखे हुए हैं. मैं आने वाले हफ्तों में अपने बहुत अच्छे मित्र प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत करने की प्रतीक्षा कर रहा हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे दोनों महान देशों के लिए इस वार्ता का सफल नतीजा निकालने में कोई कठिनाई नहीं होगी.”

अगले हफ्ते भारतीय दल जाएगा अमेरिका

दोनों सरकारों के सर्वोच्च स्तर पर पहल होने के बाद रिश्तों में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है. भारत की ओर से अब तक ट्रंप के आज के ट्वीट पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स की एक रिपोर्ट के अनुसार एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल अगले हफ्ते अमेरिका जाएगा. इसका मकसद व्यापार में मौजूद अड़चनों को दूर करना और ऐसा सौदा करना है, जिसमें दोनों देशों को फायदा हो. विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान उन नकारात्मक संदेशों को दबा देता है जो बीते दिनों वॉशिंगटन से भारत को लेकर आए थे.
भारत आ रहा है अमेरिकी प्रति‍निधिमंडल
17-18 सितंबर को अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत आ रहा है. यह दल तीन अरब डॉलर की लागत वाले छह P8I एंटी-सबमरीन वॉरफेयर एयरक्राफ्ट की कीमत को लेकर भारत की चिंताओं पर बातचीत करेगा. इसके अलावा, इसी महीने दोनों देशों के बीच 113 GE-404 विमान इंजनों की खरीद पर भी समझौता होने जा रहा है. ये इंजन भारत के तेजस मार्क 1ए लड़ाकू विमानों को ताकत देंगे.

ट्रंप के बदले रुख से साफ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति खुद चाहते हैं कि वार्ता दोबारा पटरी पर लौटे और दोनों देशों के बीच सहयोग मजबूत हो. वहीं, प्रधानमंत्री मोदी भी अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं कि व्यापार समझौते पर तेजी से काम हो. विशेषज्ञों का कहना है कि भारत और अमेरिका स्वाभाविक सहयोगी हैं और व्यापारिक मतभेदों के बावजूद दोनों को एक-दूसरे की ज़रूरत है. आने वाले हफ्तों में होने वाली मुलाकातें बहुत अहम हैं.

हद पार करने चला था रूस, पोलैंड ने मार गिराया ड्रोन, F-35 भी आया मोर्चे पर

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रूस-यूक्रेन युद्ध एक नए मोड़ पर पहुंचता हुआ दिख रहा है. अब तक यूरोपीय देश और रूस के बीच सिर्फ जुबानी जंग चल रही थी लेकिन अब ये मामला गर्माता हुआ नजर आ रहा है. दरअसल पोलैंड ने मंगलवार को युद्ध की बढ़ती गर्माहट के बीच अपनी वायु सीमा खतरे में आने की आशंका के चलते तैयारियां शुरू कर दी हैं. ऐसा तब हुआ, जब रूसी ड्रोन लंबी उड़ान भरते हुए पोलैंड की वायु सीमा में घुसे. बीबीसी के हवाले से खबर ये भी है कि पोलैंड ने रूसी ड्रोन को मार गिराया है.
यूक्रेन की वायु सेना के Telegram संदेश ने इस बात की पुष्टि की कि ये ड्रोन पश्चिम की ओर बढ़ रहे थे और पोलैंड के सीमा शहर जामोश्च में खतरा पैदा कर रहे थे. स्थानीय रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि ड्रोन दक्षिण-पूर्वी पोलैंड के शहर रेजजोव की ओर भी बढ़ रहे थे. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि कितने ड्रोन वास्तव में सीमा पार कर गए हैं.
पोलैंड ने मार गिराए रशियन ड्रोन
पोलैंड की सशस्त्र सेनाओं ने तत्काल जवाबी कार्रवाई करते हुए अपने और NATO सहयोगी देशों के विमान तैनात किए. इसके साथ ही भूमि आधारित वायु रक्षा और राडार प्रणाली को हाई अलर्ट पर रखा गया. देश के ऑपरेशनल कमांड ने घोषणा की – ‘पोलैंड की वायु सीमा में अब हमारे और सहयोगियों के विमान सक्रिय हैं और वायु रक्षा और रडार चौकसी अब हाई अलर्ट पर है.’ इसके साथ ही कुछ प्रमुख हवाई अड्डों को भी अस्थायी रूप से बंद भी कर दिया गया. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक पोलिश आर्मी ने कहा है कि रूसी ड्रोन को मार गिराया गया है. ये पहली बार हुआ है कि नाटो देश किसी रूसी एसेट के साथ सीधे-सीधे उलझा हो.