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“शेयर बाजार पर लगातार दूसरे दिन चढ़ा GST का रंग, निवेशकों ने 15 मिनट में कमाए 3.5 लाख करोड़!”

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“शेयर बाजार पर लगातार दूसरे दिन चढ़ा GST का रंग, निवेशकों ने 15 मिनट में कमाए 3.5 लाख करोड़!”

Stock Market Today: GST कटौती के ऐलान से भारतीय बाजारों में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है. जीएसटी काउंसिल ने 12% और 28% के टैक्स स्लैब हटा कर सिर्फ 5% और 18% के दो स्लैब रखने का फैसला किया है.

साथ ही कई चीजों पर टैक्स की दरों में कटौती हुई है. इस खबर से निवेशकों का मनोबल बढ़ गया और बाजार में तेजी आ गई. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने अच्छा उछाल दिखाया और पूरे मार्केट में खरीदारी का माहौल बन गया.

सेंसेक्स और निफ्टी में जबरदस्त तेजी, हर सेक्टर हरा आज बाजार खुलते ही बीएसई सेंसेक्स करीब 647 प्वाइंट्स ऊपर 81,214 पर पहुंच गया. वहीं निफ्टी भी 194 अंक ऊपर 24,909 पर रहा. खास बात ये है कि निफ्टी के सभी सेक्टर के इंडेक्स हरे निशान में हैं. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली. साफ है कि टैक्स कटौती ने निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया है और वे जमकर पैसे लगा रहे हैं.

निवेशकों की दौलत में 4 लाख करोड़ से ज्यादा का उछाल बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 3 सितंबर को ₹4,52,76,261.93 करोड़ थी. सिर्फ एक दिन में यानी 4 सितंबर को ये बढ़कर ₹4,56,25,991.71 करोड़ हो गई. मतलब निवेशकों की पूंजी में लगभग ₹3,49,729.78 करोड़ का बड़ा उछाल हुआ. यह उछाल बाजार में बढ़ती तेजी और निवेशकों के भरोसे का बड़ा सबूत है.

23 शेयरों में बढ़त, एमएंडएम और बजाज फाइनेंस ने मचाई धूम सेंसेक्स पर कुल 30 शेयर हैं, जिनमें से 23 आज बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं. सबसे ज्यादा तेजी महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में देखी गई. दूसरी तरफ एटर्नल और एनटीपीसी के शेयर गिरावट में रहे. हालांकि यह गिरावट बाजार की तेजी को कम नहीं कर पाई.

सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव

GST रिफॉर्म के बीच कांग्रेस क्यों कर रही राहुल गांधी के पुराने ट्वीट रिपोस्ट?

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GST रिफॉर्म के बीच कांग्रेस क्यों कर रही राहुल गांधी के पुराने ट्वीट रिपोस्ट?

भारत सरकार की तरफ से GST में किए गए बदलाव को लेकर राहुल गांधी अपने कई पुराने ट्वीट सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं.कांग्रेस का कहना है कि आठ साल बाद बीजेपी को अपनी गलती का अहसास हुआ है, जबकि कांग्रेस इसका पहले से ही विरोध कर रही है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने उन पुराने ट्वीट को शेयर किया, जिनमें उन्होंने लिखा था कि कांग्रेस 18% CAP के साथ एक रेट के लिए संघर्ष जारी रखेगी. उन्होंने कहा था कि अगर बीजेपी ये काम नहीं करेगी, तो कांग्रेस करके दिखाएगी.

दरअसल, सरकार की तरफ से GST को लेकर कई अहम बदलाव किए गए हैं. ये सभी बदलाव 22 सितंबर से पूरे देश में लागू भी हो जाएंगे. सरकार की तरफ से GST को लेकर लाए गए नियमों से आम लोगों को काफी राहत मिलेगी. नए नियमों के अनुसार जीएसटी की दरें अब केवल 5% और 18% होंगी. वहीं 12% और 28% के स्लैब को समाप्त कर दिया गया है.

”राहुल गांधी के पुराने ट्वीट रिपोस्ट राहुल गांधी ने सोशल मीडिया अकाउंट पर ऐसे ट्वीट शेयर किए जिसमें एक ट्वीट 8 साल पुराना है और दुसरा 9 साल पुराना है.”

2017 में शेयर किए गए ट्वीट में लिखा था कि भारत को गब्बर सिंह टैक्स नहीं, सरल GST चाहिए। कांग्रेस और देश की जनता ने लड़कर कई वस्तुओं पर 28% टैक्स खत्म करवाया है. 18% CAP के साथ एक रेट के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा. अगर भाजपा ये काम नहीं करेगी, तो कांग्रेस करके दिखाएगी. वहीं 2016 के ट्वीट में लिखा था कि जीएसटी दर पर 18% की सीमा सभी के हित में है.

यहां देखें पोस्ट:

”इस पर पवन खेड़ा ने कहा कि शुरू से राहुल जी 2 स्लैब्स की बात कर रहे हैं. एक सिंप्लिफिकेशन होना चाहिए. हमारी सलाह मानने में 9 साल लग गए. वाकई इनकी समझ कम है या घमंड है.”

कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने बीजेपी पर साधा निशाना; कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि मैं आठ साल बाद सरकार को अपनी गलती का एहसास होने पर उसकी सराहना करता हूं. उन्होंने कहा कि आठ साल तक बीजेपी ने मध्यम वर्ग और गरीबों को निचोड़ा है. कांग्रेस नेता ने कहा कि उस समय हमने सलाह दी थी कि ऐसा कर नहीं लगाया जाना चाहिए, लेकिन उस समय न तो प्रधानमंत्री और न ही मंत्रियों ने हमारी बात सुनी. उन्होंने कहा कि मैंने संसद में भी आवाज उठाई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. चिदंबरम ने कहा कि GST की दरें 12% और 18% से घटाकर घटाकर 5% कर दी गई हैं.

GST परिषद मात्र एक औपचारिकता: जयराम रमेश कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि कांग्रेस लंबे समय से जीएसटी 2.0 की वकालत करती रही है. बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जीएसटी परिषद की बैठक से पहले पीएम मोदी ने 15 अगस्त को जीएसटी की दरों को घटाने की बात कही थी. उन्होंने बीजेपी पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या जीएसटी परिषद अब केवल एक औपचारिकता बनकर रह गई है?

कांग्रेस नेता ने कहा कि पीएम को कांग्रेस ने 2017 में भी ध्यान दिला दिया कि उनके द्वारा लिया गया निर्णय गलत है. उन्होंने कहा कि इसे इसे गुड एंड सिंपल टैक्स कहा गया था, लेकिन यह ग्रोथ सप्रेसिंग टैक्स साबित हुआ.

“भारत-चीन पर पुतिन का ट्रंप को सीधा मैसेज, जानें किस ओर इशारा कर रहे रूसी राष्ट्रपति”

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“भारत-चीन पर पुतिन का ट्रंप को सीधा मैसेज, जानें किस ओर इशारा कर रहे रूसी राष्ट्रपति”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चीन से सीधा संदेश दिया है. बुधवार को चीन में हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुतिन ने एक बार फिर बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था यानी मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर की मांग दोहराई. चीन की चार दिन की यात्रा पूरी करने के बाद पुतिन ने कहा कि भारत और चीन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बढ़ते वजन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

अब समय आ गया है कि दुनिया की राजनीति या सुरक्षा पर किसी एक देश का दबदबा न रहे. उन्होंने कहा कि भारत और चीन जैसे आर्थिक दिग्गज मौजूद हैं,

हमारी अर्थव्यवस्था भी क्रय शक्ति समानता (PPP) के हिसाब से टॉप-4 में है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई एक देश राजनीति या सुरक्षा में हावी हो. सब बराबर होने चाहिए. उन्होंने एकध्रुवीय दुनिया यानी यूनिपोलर वर्ल्ड के मॉडल को पुराना और नाइंसाफी करार दिया. तो आखिर यह बाइपोलर वर्ल्ड ऑर्डर है क्या? और पुतिन जिन देशों की बात कर रहे हैं, वे कौन-कौन से हैं?

पुतिन का इशारा किस तरफ पुतिन ने साफ किया कि नई बहुध्रुवीय दुनिया पुराने साम्राज्यवादी ढाँचे की नकल नहीं करेगी और न ही कोई नया दबंग ताकत पैदा होगा.

उन्होंने BRICS और SCO जैसे मंचों को इसका उदाहरण बताते हुए कहा कि यहाँ सभी देश बराबरी से भागीदारी करते हैं. दरअसल, शीत युद्ध के बाद से वैश्विक राजनीति में अमेरिका ही सबसे बड़ी ताकत बना रहा. इस दौर को unipolar world ऑर्डर कहा गया, जहाँ एक ही सुपरपावर का दबदबा था.

मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर क्या है लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. चीन, भारत, रूस और ब्राजील जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाएँ न सिर्फ तेजी से बढ़ रही हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी आवाज भी बुलंद कर रही हैं.

मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर का मतलब है कि वैश्विक फैसले सिर्फ एक देश नहीं, बल्कि कई मजबूत देशों और समूहों की ओर से मिलकर तय किए जाएँ. BRICS और SCO जैसी ग्रुपिंग्स इसी सोच की झलक हैं, जहाँ सदस्य देश बराबरी से भागीदारी की बात करते हैं. आसान भाषा में समझें तो बहुध्रुविय दुनिया का मतलब है एक ऐसा इंटरनेशनल सिस्टम जहां कोई अकेला बॉस न हो बल्कि कई देशों की ताकत और हित एक साथ मिलकर वैश्विक राजनीति और सुरक्षा का संतुलन तय करें. ट्रम्प की अमेरिका फर्स्ट नीति का मकसद आर्थिक संरक्षणवाद और सैन्य ताकत से फिर से अमेरिका की बादशाहत कायम करना है जिसे पुतिन ने चुनौती दी है.

कौन-कौन है मुख्य खिलाड़ी भारत-  सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है. भारत का संबंध पश्चिम और रूस, चीन के साथ भी हैं.

चीन- अमेरिका को टक्कर देने वाली इकोनॉमी और टेक्नोलॉजी पावर. ट्रंप ने टैरिफ लगाकर चीन को झुकाना चाहा मगर ऐसा हुआ नहीं.

रूस-  सैन्य ताकत और ऊर्जा संसाधनों के जरिए अहम भूमिका निभाता है.

ब्राजील-लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, BRICS का अहम हिस्सा.

दक्षिण अफ्रीका -अफ्रीका में राजनीतिक और आर्थिक नेतृत्व का दावा करता है.

”कुछ बड़े समूह भी है जो मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर को बढ़ावा दे रहे हैं. जैसे BRICS (ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका), SCO- शंघाई सहयोग संगठन (चीन, रूस, भारत, पाकिस्तान + मध्य एशियाई देश).”’

”तीसरा G20, भले ही ये एक ग्लोबल मंच है, लेकिन इसमें उभरती अर्थव्यवस्थाएँ अमेरिकी यूरोपीय दबदबे को संतुलित करती हैं. इसके अलावा इंडोनेशिया, सऊदी अरब, ईरान जैसे देश भी अक्सर मल्टीपोलर वर्ल्ड का समर्थन करते हैं, क्योंकि वे नहीं चाहते कि सिर्फ अमेरिका या पश्चिम ही नियम तय करें.”’/

अमेरिका बनाम चीन: GDP में कौन कितना आगे?

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अमेरिका बनाम चीन: GDP में कौन कितना आगे?

नई दिल्ली। दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बीच आर्थिक वर्चस्व की दौड़ लगातार तेज़ होती जा रही है। 2025 की ताज़ा वैश्विक रिपोर्ट्स दर्शाती हैं कि जहां नाममात्र GDP (Nominal GDP) के मामले में अमेरिका अब भी सबसे ऊपर है, वहीं क्रय शक्ति समानता (PPP) के आधार पर चीन ने बाज़ी मार ली है।

अमेरिका अब भी शीर्ष पर Nominal GDP में अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 2025 में अमेरिका की कुल नाममात्र GDP लगभग 30.5 ट्रिलियन डॉलर पर पहुँच गई है। इसके मुकाबले चीन की GDP 19.2 ट्रिलियन डॉलर के आसपास आंकी गई है। इसका अर्थ है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था चीन से करीब 1.6 गुना बड़ी बनी हुई है।

PPP में चीन का बढ़ता दबदबा हालांकि, यदि GDP को क्रय शक्ति समानता (Purchasing Power Parity – PPP) के आधार पर मापा जाए, तो परिदृश्य उलट जाता है। रिपोर्टों के मुताबिक, 2025 में चीन की GDP (PPP) लगभग 39.4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच चुकी है, जबकि अमेरिका की PPP GDP 30.3 ट्रिलियन डॉलर के करीब है। इस दृष्टिकोण से देखा जाए तो चीन अब वैश्विक अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा खिलाड़ी बन चुका है।

क्यों फर्क है Nominal और PPP में? नाममात्र GDP आमतौर पर डॉलर के मुकाबले मापी जाती है और वैश्विक वित्तीय ताकत को दर्शाती है, जबकि PPP GDP यह बताती है कि किसी देश की घरेलू अर्थव्यवस्था में कितनी वस्तुएं और सेवाएं खरीदी जा सकती हैं। इसलिए चीन, जो कि कम उत्पादन लागत और विशाल जनसंख्या के कारण घरेलू खपत में सक्षम है, PPP के पैमाने पर अमेरिका से आगे निकल चुका है।

विकास दर में भी चीन आगे GDP वृद्धि दर के मामले में भी चीन ने अमेरिका को पीछे छोड़ा है। 2025 में अमेरिका की अनुमानित विकास दर 1.9% रही, जबकि चीन ने लगभग 4% की दर से वृद्धि दर्ज की है। यह अंतर भविष्य में चीन की संभावनाओं को और मज़बूत बनाता है।

“मानसून अलर्ट – 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी, अगले 48 घंटों का पूर्वानुमान देखें”

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“मानसून अलर्ट – 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी, अगले 48 घंटों का पूर्वानुमान देखें”

देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय हो गया है. देश के कई राज्य ऐसे हैं जहां भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है. खासकर पहाड़ी इलाकों में लगातार भारी बारिश के कारण बाढ़ आ गई है.

दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुक कर बारिश हो रही है. बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. मौसम विभाग (IMD) ने देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाओं और तूफान को लेकर चेतावनी जारी की है. पंजाब में भारी बारिश को देखते हुए स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी कर दी गई है. बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं कई जगहों पर अत्यधिक बारिश ने किसानों को काफी निराश किया है.

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 40 घंटों तक उत्तर-पश्चिम भारत समेत देश के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। आईएमडी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत कई अन्य इलाकों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है। इसके अलावा, कुछ इलाकों में गरज के साथ छींटे और हल्की बारिश भी देखने को मिल सकती है।

अगले 48 घंटों तक इन राज्यों में बारिश की चेतावनी देश के कई राज्यों में अगले 48 घंटों तक बारिश जारी रहने वाली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और यूपी के कुछ इलाकों में भारी से भारी बारिश देखने को मिल सकती है। इसके अलावा कई जगहों पर मध्यम बारिश भी देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान, बिहार और झारखंड के कुछ इलाकों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा असम, मेघालय, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तटीय आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश जारी रहने वाली है।

दिल्ली-एनसीआर में मौसम की स्थिति आईएमडी के अनुसार, दिल्ली में अगले चार दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, तेज़ हवाएँ चलने और गरज के साथ छींटे पड़ने की भी संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में 7 सितंबर तक बारिश जारी रहने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, पश्चिमी राजस्थान में 5 से 7 सितंबर तक हल्की बारिश की संभावना है। आईएमडी के अनुसार, 4 और 5 सितंबर को गुजरात क्षेत्र में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। अगले 7 दिनों में गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।

आईएमडी ने छह सितंबर तक पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा झारखंड और ओडिशा में पांच सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है।

“सरकार का मास्टर स्ट्रोक: GST हटाकर इन चीज़ों को किया पूरी तरह टैक्स फ्री”

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“सरकार का मास्टर स्ट्रोक: GST हटाकर इन चीज़ों को किया पूरी तरह टैक्स फ्री”

भारत सरकार ने 22 सितंबर 2025 से लागू होने वाले नए GST ढांचे का ऐलान किया है। इस सुधार के तहत अब केवल दो प्रमुख GST स्लैब रहेंगे — 0% (जीरो टैक्स) और 5%, जबकि लग्ज़री वस्तुओं व महंगे सामानों पर 40% टैक्स लगेगा।

इस फैसले का सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा। रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी चीजें अब टैक्स-फ्री या बेहद कम टैक्स पर मिलेंगी, जिससे घर का खर्च काफी कम हो जाएगा।

0% GST – पूरी तरह टैक्स फ्री अब कई जरूरी वस्तुएं और सेवाएं जीरो टैक्स स्लैब में आ गई हैं। यानी इन पर एक भी रुपया GST नहीं लगेगा।

खाद्य पदार्थ रोटी, पराठा, परोट्टा, खाखरा पिज़्ज़ा ब्रेड पैक्ड UHT दूध पैक्ड पनीर

स्वास्थ्य क्षेत्र 33 जीवनरक्षक दवाइयां गंभीर बीमारियों के लिए 3 विशेष दवाइयां स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी शिक्षा व बच्चों का सामान पेंसिल, शार्पनर, इरेज़र नोटबुक, कॉपियां, एक्सरसाइज बुक नक्शे, एटलस और ग्लोब बीमा सेवाएं जीवन बीमा (Life Insurance) पॉलिसी  इन चीज़ों पर जीरो टैक्स लगने से बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और खाने-पीने पर सीधा असर पड़ेगा और खर्च काफी कम होगा।

5% GST – अब केवल मामूली टैक्स पहले जिन सामानों पर 12%-18% GST देना पड़ता था, अब उन पर सिर्फ 5% टैक्स देना होगा।

पर्सनल केयर शैम्पू, साबुन टूथपेस्ट, टूथब्रश हेयर ऑयल, फेसवॉश, शेविंग क्रीम पैक्ड फूड और डेयरी प्रोडक्ट्स बटर, घी, चीज़ पैक्ड नमकीन, भुजिया इंस्टेंट नूडल्स, पास्ता सॉस, चॉकलेट कॉर्नफ्लेक्स, कॉफी पैक्ड मीट और मछली बच्चों से जुड़े उत्पाद फीडिंग बोतल नैपकिन और डायपर कृषि उपकरण ट्रैक्टर व उसके पार्ट्स ट्रैक्टर टायर ड्रिप इरिगेशन और स्प्रिंकलर सिस्टम बायो-पेस्टिसाइड्स स्वास्थ्य उपकरण थर्मामीटर, ग्लूकोमीटर मेडिकल-ग्रेड ऑक्सीजन डायग्नोस्टिक किट्स, टेस्ट स्ट्रिप्स चश्मा और लेंस अन्य सेवाएं व सामान साइकिल सिलाई मशीन बर्तन व किचनवेयर ₹7,500 तक के होटल रूम सोलर पैनल और अक्षय ऊर्जा उपकरण सारांश (नया GST स्लैब) GST दर प्रमुख वस्तुएं / सेवाएं 0% GST रोटी, दूध, पनीर, पिज़्ज़ा ब्रेड, जीवनरक्षक दवाइयां, हेल्थ व लाइफ इंश्योरेंस, स्कूल की किताबें, पेंसिल, ग्लोब 5% GST शैम्पू, साबुन, टूथपेस्ट, पैक्ड फूड, घी, बच्चों के प्रोडक्ट, कृषि उपकरण, मेडिकल डिवाइस, होटल सेवाएं, सोलर पैनल आम जनता पर असर खाने-पीने की चीज़ें और डेयरी उत्पाद पहले से सस्ते होंगे।

बच्चों की पढ़ाई का खर्च घटेगा क्योंकि स्टेशनरी अब टैक्स-फ्री है। किसानों को कम कीमत में आधुनिक उपकरण मिलेंगे। स्वास्थ्य सेवाएं और दवाइयां सस्ती होंगी।

होटल और यात्रा खर्च भी कम होगा। कुल मिलाकर, यह GST सुधार सीधे तौर पर  आम आदमी की जेब हल्की और जीवन आसान बनाने वाला है।

होटल में रुकना हो गया सस्‍ता, जीएसटी रेट घटने से आम आदमी के साथ उद्योग जगत भी खुश, कहा- सस्‍ता बनाएंगे और सस्‍ता बेचेंगे

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जीएसटी काउंसिल ने बुधवार को 56वीं बैठक में तमाम वस्‍तुओं और सेवाओं पर जीएसटी की दरें घटा दी हैं. इस बार होटल इंडस्‍ट्री की मांग को पूरा करते हुए यहां भी जीएसटी की दरें घटा दी हैं. इसका मतलब है कि अब होटल में रुकना सस्‍ता हो जाएगा. जीएसटी परिषद ने होटल के कमरों पर पहले लगने वाली 4 तरह की दरों को खत्‍म करके अब सिर्फ 2 ही रेट कर दिए हैं. इसका फायदा सस्‍ते और महंगे दोनों ही तरह के होटलों पर मिलेगा.
फेडरेशन ऑफ होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएचआरएआई) के अध्यक्ष के श्यामा राजू ने होटल रूम पर 5 फीसदी और 12 फीसदी के दो स्लैब के जरिये सरल बनाने के निर्णय का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि 7,500 रुपये तक के कमरों पर जीएसटी घटाकर पांच फीसदी करने से भारतीय होटल घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय दोनों यात्रियों के लिए अधिक किफायती एवं आकर्षक बनेंगे. इस सुधार से पर्यटन की मांग में प्रत्यक्ष रूप से वृद्धि होगी और लोग सस्‍ते या महंगे किसी भी होटल में रुकेंगे, उन्‍हें फायदा होगा.

पहले कितना लगता था टैक्‍स
अभी तक होटल के कमरों पर जीएसटी की चार दरें लगती हैं. 1,000 रुपये से कम कीमत वाले होटल रूप पर शून्‍य जीएसटी है, जबकि 1,000 से 2,499 रुपये तक के होटल के कमरे पर 12 फीसदी जीएसटी लगता था. ढाई हजार से लेकर 7,499 रुपये तक के होटल कमरे पर 18 फीसदी टैक्‍स लगता है. इससे ज्‍यादा कीमत का होटल रूम है तो उस पर 28 फीसदी जीएसटी लगता है. लेकिन, अब होटल के कमरों पर सिर्फ 2 ही रेट लगाए जाएंगे. 7.5 हजार से कम कीमत वाला कमरा है तो 5 फीसदी और ज्‍यादा है तो 12 फीसदी जीएसटी देना होगा.€
उद्योग जगत ने क्‍या कहा
उद्योग जगत ने जीएसटी परिषद के फैसले को ‘दूरदर्शी’ करार देते हुए कहा कि इससे परिवारों को राहत मिलेगी और व्यवसायों के लिए भी कम्‍पलायंस आसान हो जाएगा. भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि जीएसटी सुधारों का कदम बड़ी उपलब्धि है. इससे रोजमर्रा की वस्तुओं तथा जरूरी कच्चे माल पर दरें कम करके परिवारों को तत्काल राहत मिलेगी और ग्रोथ भी तेज होगी. फिक्की की महानिदेशक ज्योति विज ने कहा कि कर स्लैब कम करने से उपभोग बढ़ेगा और उत्‍पादन में भी तेजी आएगी. इसका फायदा अर्थव्‍यवस्‍था को भी मिलेगा. पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष हेमंत जैन ने कहा कि 22 सितंबर 2025 से जीएसटी दरें घटने के बाद बाजार में तेजी आएगी और त्‍योहारी सीजन का फायदा मिलेगा.
कपड़ा और रियल एस्‍टेट उद्योग ने भी सराहा
भारतीय वस्त्र उद्योग परिसंघ (सीटी) के चेयरमैन राकेश मेहरा ने कहा कि रेशे एवं धागे पर जीएसटी दर को 18 और 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने का स्वागत करते हैं. इससे हजारों कताई करने वालों और बुनकरों के लिए उद्योग शुरू करना आसान हो जाएगा. उन्होंने कहा कि भारत में 70-80 फीसदी से भी ज्‍यादा कपडे़ बनाने वाले उद्यम एमएसएमई सेक्‍टर के हैं. जीएसटी घटने से इन उद्योगों को भी राहत मिलेगी. रियल एस्टेट क्षेत्र के संगठन नारेडको के अध्यक्ष जी. हरि बाबू ने कहा कि मकान बनाने के कई जरूरी सामान पर जीएसटी घटा दिया गया है, जिसका फायदा आम आदमी के साथ रियल एस्‍टेट को भी मिलेगा.edc

सड़कों पर यमुना का पानी… डूब रही राजधानी, देखिए कैसे ‘दरियागंज’ बनी दिल्ली

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दिल्ली में अब यमुना विकराल हो गई है. यमुना का पानी अब सड़कों पर आ गया है. ऐसा लग रहा है कि राजधानी डूबने लगी है. दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 207.44 मीटर तक पहुंच गया है. इससे राजधानी पर जलमग्न होने का खतरा मंडरा रहा है. भारी बारिश और हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने से यमुना उफान पर है. दरियागंज, कश्मीरी गेट, मजनू का टीला, गीता कॉलोनी और रिंग रोड जैसे इलाके पानी में डूब गए हैं. सड़कों पर यमुना का पानी बह रहा है, जिससे यातायात ठप है. निगमबोध घाट पर अंतिम संस्कार रुक गए हैं. देखिए प्रियंका कांडपाल की खास रिपोर्ट.

आसमान से गुजर रही थी VVIP फ्लाइट, अचानक समुद्र से निकली एक तरंग, प्‍लेन का GPS सिस्‍टम हो गया जाम, समझें साजिश

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बीते दिनों आमसान में एक ऐसी घटना घटी, जिसने फ्लाइट सेफ्टी पर बड़ा प्रश्‍नचिन्‍ह लगा दिया है. इस घटना में करीब 35 हजार फीट की ऊंचाई पर मौजूद एक वीवीआईपी प्‍लेन का जीपीएस (ग्‍लोबल पोजीशनिंग सिस्‍टम) अचानक जाम हो गया. गनीमत रही कि पायलट्स ने अपनी काब‍िलि‍यत से प्‍लेन को सुरक्षित प्लोवदीव एयरपोर्ट पर लैंड करा लिया. आपको बता दें कि इस घटना में पायलट्स से छोटी सी भी चूक हो जाती तो शायद प्‍लेन को क्रैश होने से रोक पाना किसी के लिए भी संभव नहीं था.
दरअसल, साजिश के तौर पर देखी जा रही यह घटना यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से जुड़ी हुई है. जब उनका प्‍लेन बुल्गारिया के ऊपर गुजर रहा था, तभी उनके जीपीएस और रडार अचानक जाम हो गए. इस प्‍लेन की सुरक्षित लैंडिंग के बाद यूरोपीय कमीशन के प्रवक्ता ने एरिआना पोडेस्टा ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया था कि पलेन के जीपीएस सिग्नल को इंटरफेयर किया गया. बुल्गारियाई अधिकारियों इस घटना को रूस की ओर से की गई ब्लेटेंट इंटरफेरेंस मान रहे हैं. अब बड़ा सवाल यह है कि आमसान में क्‍या इस तरह की कोई साजिश संभव है?
जीपीएस और रडार को कैसे किया जाता है जाम
एयर नेविगेशन सिस्‍टम से जुड़े सीनियर ऑफिसर ने बताया कि खास टेक्‍नोलॉजी की मदद से किसी प्‍लेन के जीपीएस और राडार सिस्‍टम को जाम किया जा सकता है, लेकिन ऐसा करना किसी आम आदमी के बस की बात नहीं है. ऐसा करने के लिए पानी के खास जहाजों की जरूरत होती है, जिसमें खास तरह के जैमर डिवाइस लगे होते हैं. इन जैमर डिवाइस के जरिए प्‍लेन के जीपीएस बैंड पर एक खास नॉइज पैदा की जाती है. यह नॉइज प्‍लेन के असली सिग्‍नल्‍स को ओवरपावर कर देती है. इस नॉइस की वजह से प्‍लेन के रिसीवर लॉक डिसेबल हो जाते हैं और जीपीएस सिस्‍टम पूरी तरह से जाम हो जाते हैं.963.*-

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सिंगापुर ने भारत का साथ दिया- पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सिंगापुर ने भारत का समर्थन किया है. इस साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद सिंगापुर का यह सहयोग काफी अहम है. पीएम नरेंद्र मोदी ने इस समर्थन के लिए सिंगापुर का आभार जताया है. सिंगापुर के पीएम भारत दौरे पर आए हैं. उनके साथ जारी साझा बयान में पीएम मोदी ने यह बात कही है.
पीएम मोदी ने कहा है कि हम आतंकवाद को लेकर समान चिंता साझा करते हैं. हम मानते हैं कि आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर लड़ना सभी मानवीय देशों का कर्तव्य है. पीएम मोदी ने कहा- पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद मैं प्रधानमंत्री वोंग और सिंगापुर सरकार का भारत की जनता के प्रति संवेदना व्यक्त करने और आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में समर्थन देने के लिए आभार व्यक्त करता हूं. इसके साथ ही भारत और सिंगापुर ने संबंधों को बढ़ाने के लिए नए रोडमैप को मंजूरी दी. मुंबई कंटेनर टर्मिनल फेज-2 का उद्घाटन किया गया.
सिंगापुर के पीएम वोंग पहली बार भारत यात्रा पर आए हैं. उनका स्वागत करते हुए पीएम ने कहा कि ये यात्रा खास है क्योंकि हमारे आपसी संबंधों के 60 साल पूरे हो रहे हैं. पिछले एक वर्ष में दोनों देशों के सहयोग में गति और गहराई आई है. सिंगापुर दक्षिण पूर्व में हमारा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है. सिंगापुर के साथ रक्षा संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं. हमने भविष्य के लिए एक नया रोडमैप तैयार किया है. हमने आपसी व्यापार को गति देने के लिए व्यापार एग्रीमेंट की समीक्षा करने का फैसला किया है.Wsx8520/