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”पीएम मोदी के दौरे से मजबूत हुई भारत-जापान की दोस्ती की गांठ”

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”पीएम मोदी के दौरे से मजबूत हुई भारत-जापान की दोस्ती की गांठ”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जापान की यात्रा के लिए रवाना हुए थे. जापान की दो दिन की यात्रा पूरी करने के बाद शनिवार को वह चीन के लिए रवाना हो गए हैं, जहां वह SCO की बैठक में हिस्से लेंगे.

इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. दोनों देशों के प्रधानमंत्री आर्थिक सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से भारत-जापान आर्थिक मंच में एक साथ आए.

जापान के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी का बड़ी ही धूमधाम से स्वागत किया. साथ ही जापान के पीएम ने मोदी के सम्मान में रात के खाने का आयोजन भी किया था. दूसरे दिन पीएम मोदी ने पीएम के साथ टोक्यो से सेंडाइ तक शिंकानसेन बुलेट ट्रेन में एक साथ यात्रा की, खाना खाया, और एक इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री का दौरा भी किया. जापान के प्रधानमंत्री ज्यादा से ज्यादा समय पीएम मोदी के साथ ही रहे.

कई एतिहासिक समझौतों पर किए गए हस्ताक्षर पीएम मोदी की इस यात्रा के बाद भारत और जापान के रिश्तों में और अधिक मजबूती आएगी. जापान ने भारत में अगले 10 सालों में 10 ट्रिलियन जापानी येन के निवेश करने की घोषणा की है. इसका केंद्र इंडियाजापान जॉइंट विजन फॉर द नेक्स्ट डिकेड है, जिसमें आर्थिक विकास, सुरक्षा, तकनीक, नवाचार, स्वास्थ्य, स्थिरता, मोबिलिटी और लोगों के बीच आपसी संबंध जैसे अहम क्षेत्रों को शामिल किया गया है.

इसके अलावा रक्षा और मानव संसाधन आदान-प्रदान से लेकर डिजिटल नवाचार, जरूरी खनिजों, स्वच्छ ऊर्जा, अंतरिक्ष अनुसंधान और सांस्कृतिक सहयोग तक, कई अहम समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए.

सभी दलों का मिला समर्थन प्रधानमंत्री की इस यात्रा की सबसे खास बात थी कि जापान में सभी दल के नेताओं का समर्थन मिला. पीएम मोदी ने जापान के दो पूर्व प्रधानमंत्रियों, योशीहिदे सुगा और फुमियो किशिदा से भी मुलाकात की. उन्होंने सांसदों के एक समूह के साथ-साथ संसद के स्पीकर से भी मुलाकात की.

इसके अलावा 16 प्रांतों के राज्यपाल प्रधानमंत्री मोदी से मिलने टोक्यों आए और उन्होंने मोदी से मुलाकात की. यह राज्य स्तरीय सहभागिता जापान और भारत के मजबूत होते रिश्तों का एक अनूठा उदाहरण है.

“1 सितंबर से नियम में बदलाव – जीएसटी, एलपीजी की कीमतें और चांदी के नियम बदलेंगे”

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“1 सितंबर से नियम में बदलाव – जीएसटी, एलपीजी की कीमतें और चांदी के नियम बदलेंगे”

1 सितंबर 2025 नियम परिवर्तन: हर महीने की पहली तारीख को विभिन्न सरकारी नियमों में बदलाव किए जाते हैं । सितंबर 2025 की शुरुआत आम जनता के लिए कई नए बदलाव लेकर आ सकती है। 1 सितंबर से आपके खर्चों और दैनिक जीवन से जुड़े कई बदलाव देखने को मिलेंगे।

गैस सिलेंडर से लेकर चांदी, क्रेडिट कार्ड और टैक्स तक, हर बदलाव के बारे में आपको जानकारी होनी चाहिए। इसके अलावा, सितंबर की पहली तारीख से कुछ बड़े बदलाव भी लागू होने वाले हैं। चाहे आप चांदी खरीदने की सोच रहे हों या एसबीआई क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हों, इन बदलावों का आपकी जेब पर सीधा असर पड़ेगा।

जीएसटी में बदलाव सितंबर में जीएसटी सुधार के संदर्भ में महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं। जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक 3 और 4 सितंबर, 2025 को नई दिल्ली में होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टैक्स स्लैब में बदलाव हो सकता है। मौजूदा चार टैक्स स्लैब की जगह अब 5 प्रतिशत और 12 प्रतिशत के केवल दो स्लैब हो सकते हैं। इससे रोज़मर्रा की कई चीज़ें और सस्ती भी हो सकती हैं।

एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बदलाव हर महीने की पहली तारीख को रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव होता है। महीने की पहली तारीख को या तो गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ जाती है या सस्ती हो जाती है। 1 सितंबर को घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडर की कीमतें तेल कंपनियां तय करेंगी। अगर कीमतें बढ़ती हैं, तो रसोई का बजट भी थोड़ा बढ़ जाएगा। अगर कीमतें घटती हैं, तो आम जनता को काफी राहत मिलेगी।

एसबीआई कार्ड के नियम बदलेंगे अगर आपके पास लाइफस्टाइल होम सेंटर एसबीआई कार्ड या उसका सेलेक्ट वर्जन है, तो 1 सितंबर से आपको डिजिटल गेमिंग और सरकारी पोर्टल्स पर किए गए भुगतान पर रिवॉर्ड पॉइंट नहीं मिलेंगे। इसके अलावा, बिल भुगतान, ईंधन खरीद या ऑनलाइन शॉपिंग पर भी शुल्क बढ़ सकता है।

एटीएम से नकदी निकालना महंगा होगा कई बैंकों ने एटीएम से कैश निकालने पर नए नियम लागू करने की घोषणा की है। ग्राहकों को तय सीमा से ज़्यादा कैश निकालने पर ज़्यादा चार्ज देना होगा।

चांदी के नियमों में बदलाव एक सितंबर से चांदी पर हॉलमार्किंग लागू हो सकती है। यानी ग्राहक आसानी से चांदी की शुद्धता और गुणवत्ता की पहचान कर सकेंगे।

“Google Warning to Gmail Users:! Google का अलर्ट, 2.5 अरब Gmail यूज़र्स खतरे में, अभी करें ये काम नहीं तो होगा बड़ा नुकसान”

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“Google Warning to Gmail Users:! Google का अलर्ट, 2.5 अरब Gmail यूज़र्स खतरे में, अभी करें ये काम नहीं तो होगा बड़ा नुकसान”

गूगल ने दुनियाभर के 2.5 अरब Gmail उपयोगकर्ताओं को साइबर हमलों से जुड़ी एक गंभीर चेतावनी जारी की है. कंपनी ने यूज़र्स से तुरंत पासवर्ड अपडेट करने और टू-स्टेप वेरिफिकेशन (2SV) ऑन करने की अपील की है.

हाल ही में हैकिंग के मामलों में तेज़ी आई है जिसके चलते गूगल ने सुरक्षा उपायों को मज़बूत करने पर जोर दिया है.

ShinyHunters ग्रुप के साइबर हमले मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,

ShinyHunters नामक हैकिंग ग्रुप जो Pokémon फ्रेंचाइज़ से प्रेरित है, साल 2020 से सक्रिय है. यह ग्रुप AT&T, Microsoft, Santander और Ticketmaster जैसी बड़ी कंपनियों पर हुए डेटा ब्रीच से जुड़ा हुआ है. इन हैकर्स का सबसे आम तरीका है फिशिंग ईमेल्स भेजना जिनके जरिए वे यूज़र्स को नकली लॉगिन पेज पर ले जाकर पासवर्ड या 2SV कोड जैसी संवेदनशील जानकारी चुरा लेते हैं.

”डेटा लीक का बढ़ता खतरा हालांकि इस घटना में लीक हुए डेटा का बड़ा हिस्सा पहले से पब्लिक में मौजूद था लेकिन गूगल ने चेतावनी दी है कि ऐसे हमले भविष्य में और खतरनाक हो सकते हैं. गूगल ने जून में अपने ब्लॉग पर लिखा था कि ShinyHunters अब अपने “डेटा लीक साइट (DLS)” लॉन्च करने की तैयारी में है जिससे एक्सटॉर्शन (ब्लैकमेलिंग) के मामले और बढ़ सकते हैं.”

”गूगल की यूज़र्स को सलाह 8 अगस्त को गूगल ने संभावित प्रभावित यूज़र्स को ईमेल भेजकर अकाउंट सिक्योरिटी मज़बूत करने की सलाह दी. गूगल का कहना है कि टू-स्टेप वेरिफिकेशन (2SV) ऑन करने से अकाउंट सुरक्षा कई गुना बढ़ जाती है. इसमें पासवर्ड डालने के बाद एक और स्टेप पर कोड डालना पड़ता है जो आपके रजिस्टर्ड डिवाइस पर आता है. इस तरह, अगर पासवर्ड हैक भी हो जाए, तो हैकर अकाउंट में घुस नहीं पाएंगे.”

क्यों ज़रूरी है 2SV Mirror US और Action Fraud ने भी 2SV के महत्व पर जोर दिया है. उनका कहना है कि ईमेल अकाउंट को सुरक्षित रखने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका यही है. Stop Think Fraud वेबसाइट का कहना है 2SV से आपके अकाउंट में एक अतिरिक्त सुरक्षा परत जुड़ जाती है. इसे ऑन करने में सिर्फ कुछ मिनट लगते हैं लेकिन यह लंबे समय तक फ्रॉड से बचाव करता है. इसे आप अकाउंट की सिक्योरिटी सेटिंग्स में जाकर ऑन कर सकते हैं. यह फीचर सिर्फ Gmail ही नहीं, बल्कि बैंकिंग, सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन सेवाओं में भी उपलब्ध है.

CG: प्रधानमंत्री मोदी के लिए अभद्र भाषा के इस्तेमाल का मामला भाजपा की साजिश, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल…

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CG: प्रधानमंत्री मोदी के लिए अभद्र भाषा के इस्तेमाल का मामला भाजपा की साजिश, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल…

बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर उठे विवाद के बीच छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा षड्यंत्रों में विश्वास रखती है और यह घटना भी संभवतः एक साजिश हो सकती है।

बघेल ने यहां संवाददाताओं से कहा कि राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को मिली जनता की प्रतिक्रिया से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बौखला गई है और इसका सीधा जवाब देने में असमर्थ होने के कारण अब वह दूसरे हथकंडे अपना रही है।

बघेल ने कहा, ”किसी के द्वारा भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है और हम इसका समर्थन नहीं करते। राहुल जी की यात्रा (बिहार में) को मिली प्रतिक्रिया से भाजपा बौखलाई हुई है। जिस मंच पर कथित टिप्पणी की गई, वहां न तो राहुल जी और न ही राजद नेता तेजस्वी यादव जी मौजूद थे। यहां तक कि हमारे गठबंधन के नेता भी वहां मौजूद नहीं थे। ऐसे में किसी ने अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया।”

उन्होंने कहा, ”सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही खबरों से पता चलता है कि इस मामले में गिरफ्तार किया गया व्यक्ति भाजपा का सदस्य है और एक तस्वीर में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ भी देखा गया है।”

बघेल ने कहा, ”वे (भाजपा) बौखलाए हुए हैं। अब तक राहुल जी की यात्रा को मिली प्रतिक्रिया देखकर वे सदमे में थे और अब दूसरे हथकंडे अपना रहे हैं। वैसे, वे षड्यंत्रकारी हैं। वे गोडसे के अनुयायी और प्रशंसक हैं और षड्यंत्रों में विश्वास रखते हैं। इसलिए यह भी एक षड्यंत्र का हिस्सा हो सकता है।”

बघेल ने कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी के पुराने भाषण रिकॉर्ड में हैं, जिनमें ’50 लाख रुपये की गर्लफ्रेंड’, ‘जर्सी गाय’ और ‘कांग्रेस की विधवा’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। यहां तक कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी पर भी मध्यप्रदेश के एक मंत्री ने टिप्पणी की थी, लेकिन भाजपा तब चुप रही। भाजपा नेताओं में अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने की परंपरा रही है। अगर भाजपा, कांग्रेस पर एक उंगली उठाती है, तो तीन उंगलियां उसकी ओर मुड़ जाती हैं।”

उन्होंने कहा कि मंच पर मौजूद न होने पर किसी के द्वारा कहे गए शब्दों के लिए राहुल गांधी से माफ़ी मांगने की मांग करना शर्मनाक है।

सियासी वार-पलटवार का दौर जारी बिहार में पीएम के अपमान पर उठा सियासी तूफान, ओबीसी के अपमान से जोड़ते हुए कांग्रेस और राहुल पर तीखे हमले..

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सियासी वार-पलटवार का दौर जारी बिहार में पीएम के अपमान पर उठा सियासी तूफान, ओबीसी के अपमान से जोड़ते हुए कांग्रेस और राहुल पर तीखे हमले..

‘सियासत में सब कुछ जायज है’ नेता अक्सर अपनी गलत बात को जायज ठहराने के लिए इसी जुमले का इस्तेमाल करते है, पर ये जुमला आज की सियासत की सबसे कड़वी सच्चाई बन चुका है, नेता अपने विरोधी पर निशाना साधने के लिए भाषा की मर्यादा को तार-तार करने पर तुले है, बीते कुछ घंटों के भीतर आए आपको ऐसे तीन बयान सुनाते है, जो ये बताने के लिए काफी है कि देश की राजनीति में बदजुबानी कैसे हावी होती जा रही है… शुरुआत करते है बिहार से जहां.. जहां राहुल गांधी के मंच से एक कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी की मां को लेकर अपशब्द कहे… जिसके खिलाफ देशभर में बीजेपी ने कांग्रेस को आड़े हाथ लिया.. दूसरी तरफ कांग्रेस खुद के बचाव में सफाई पेश करती नजर आई.. लेकिन बिहार में पीएम के अपमान पर जो सियासी तूफान उठा.. उससे राजनीति भी अछूती नहीं रही..

पीएम मोदी की मां को का कांग्रेस नेता की ओर से गाली दिए जाने के बाद जहां पटना में जमकर बवाल मचा… तो सियासी वार-पलटवार का दौर भी जारी रहा… कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने X पोस्ट कर लिखा-

“सत्य औऱ अहिंसा के आगे, असत्य और हिंसा टिक नहीं सकते…मारो-तोड़ो, जितना मारना-तोड़ना है.. हम सत्य और संविधान की रक्षा करते रहेंगे..

”इधर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी में एक सभा के दौरान कांग्रेस पर जमकर बरसे.. और कहा कि कांग्रेस और राहुल को अगर थोड़ी भी शर्म होगी तो मोदीजी और उनकी मां से माफी मांगे…”

”पीएम मोदी के अपमान पर केवल अमित शाह ही आक्रोशित नजर नहीं आए.. दरभंगा में दिए गए बयान के विरोध में बीजेपी ने भी मोर्चा संभाला.. और पूरी कांग्रेस को ही कठघरे में खड़ा कर दिया..”

गालीबाजी को ओबीसी के अपमान से जोड़ते हुए कांग्रेस और राहुल पर तीखे हमले

बीजेपी ने जहां कांग्रेस नेता की गालीबाजी को ओबीसी के अपमान से जोड़ते हुए कांग्रेस और राहुल पर तीखे हमले किए.. तो कांग्रेस खुद का बचाव करती नजर आई…

<< इनकी चोरी पकड़ी गई है इसलिए यह लोग बौखलाए हुए हैं। वह व्यक्ति कौन है जो गिरफ्तार हुआ, वह किसका आदमी है, आप पता लगाइए… जनता सब देख रही है और पूरा देश भाजपा की गुंडागर्दी देख रही है”>>

<<“यह बयान किसने दिया या किसका यह बयान है, इसकी जांच होनी चाहिए। कांग्रेस का कोई व्यक्ति नहीं चाहेगा कि प्रधानमंत्री या उनके निजी परिवार पर अपशब्द कहे जाएं। यह कांग्रेस की संस्कृति नहीं है… कार्रवाई कीजिए>>

कुल मिलाकर बिहार से लेकर देशभर में जिस तरह से पीएम मोदी के अपमान को लेकर बीजेपी आक्रामक है.. और इसे ओबीसी के अपमान से जोड़ रही है.. उससे साफ है कि- बीजेपी इस बार आर-पार के मूड में है.. तो कांग्रेस अपने नेता की गाली के कारण बैकफुट पर आ गई है..

CG: विदेश दौरा ख़त्म कर दिल्ली पहुंचे CM विष्णु देव साय.. डिप्टी CM विजय शर्मा ने किया स्वागत. .

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CG: विदेश दौरा ख़त्म कर दिल्ली पहुंचे CM विष्णु देव साय.. डिप्टी CM विजय शर्मा ने किया स्वागत. .

सीएम साय का दिल्ली एयरपोर्ट पर हुआ स्वागत, जापान यात्रा पर बोले सीएम साय, पीएम मोदी की विदेश नीति की तारीफ की .. प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपना विदेश दौरा ख़त्म कर स्वदेश लौट आये है। राजधानी दिल्ली में उप मुख्यमंत्री सह गृहमंत्री, मीडिया सलाहकार पंकज कुमार झा और युवा नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने उनका पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। बताया जा रहा है कि आज दोपहर ढाई बजे सीएम साय रायपुर के माना स्थित स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहाँ सरकार के सीनियर मंत्री, पार्टी के बड़े पदाधिकारी और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।

पीएम मोदी भी जापान में सीएम साय के जापान दौरे से इतर 29 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शिखर सम्मलेन में हिस्सा लेने के लिए जापान पहुंचे है। प्रधानमंत्री मोदी के इस यात्रा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि, पीएम की यह यात्रा दोनों देशों की ऐतिहासिक मित्रता को और गहरा बनाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा, “भारत और जापान की दोस्ती सदियों पुरानी है। पीएम मोदी का दौरा तकनीकी, औद्योगिक और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देगा, जिससे दोनों देशों की जनता को लाभ मिलेगा और साझा समृद्धि का रास्ता खुलेगा।” सीएम साय ने जापान पहुंचते ही प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा, पीएम का यह विदेश दौरा दोनों देशों की ऐतिहासिक मित्रता को और गहरा बनाएगी. उन्होंने जोर देकर कहा, “भारत और जापान की दोस्ती सदियों पुरानी है। पीएम मोदी का दौरा तकनीकी, औद्योगिक और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देगा, जिससे दोनों देशों की जनता को लाभ मिलेगा और साझा समृद्धि का रास्ता खुलेगा।”

CG: पहली से 5वीं के बच्चों को पढ़ाया जाएगा छत्तीसगढ़ी, छत्तीसगढ़ की लोककथाएं होंगी शामिल, लोककला, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा …

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CG: पहली से 5वीं के बच्चों को पढ़ाया जाएगा छत्तीसगढ़ी, छत्तीसगढ़ की लोककथाएं होंगी शामिल, लोककला, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा …

छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए अब स्कूलों में पहली से 5वीं तक के बच्चों को छत्तीसगढ़ी एक विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। सरकार के इस फैसले के पीछे का उद्देश्य बच्चों को छत्तीसगढ़ी के अवगत कराना है। इसके लिए SCERT पाठ्यक्रम तैयार कर रही है।

प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए एक विषय के रूप में छत्तीसगढ़ी को शामिल करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य न सिर्फ बच्चों को उनकी मातृभाषा से जोड़ना है, बल्कि उन्हें छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान से भी परिचित कराना है।

यह पहल राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीइआरटी) द्वारा की जा रही है, जो इस नए पाठ्यक्रम को तैयार करने का जिम्मा संभालेगी। इस पाठ्यक्रम को तैयार करने के लिए परिषद छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों, लोक कलाकारों, गीतकारों, शिल्पकारों, संगीतकारों, नर्तकों और कहानीकारों से सहयोग लेगी। इन विशेषज्ञों की मदद से ऐसा कोर्स तैयार किया जाएगा जो बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़े रखे।

बच्चे अपनी मातृभाषा में तेजी से सीखते हैं

मनोवैज्ञानिकों और शिक्षाविदों का मानना है कि बच्चे अपनी मातृभाषा में अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझते हैं और उनमें सोचने की क्षमता का विकास तेजी से होता है। छत्तीसगढ़ी में पढ़ाई शुरू होने से बच्चे न केवल अपनी भाषा को लेकर गर्व महसूस करेंगे, बल्कि लोक गीतों, कहानियों और नाटकों के माध्यम से वे अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी करीब से जान पाएंगे। यह बच्चों में छत्तीसगढ़ की पहचान और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी मदद करेगा।

पाठ्यक्रम होगा खास

एससीइआरटी का लक्ष्य केवल व्याकरण और भाषा ज्ञान तक सीमित नहीं है। बल्कि पाठ्यक्रम को इस तरह से डिजाइन किया जाएगा कि वह बच्चों के लिए मनोरंजक और ज्ञानवर्धक हो। इसमें छत्तीसगढ़ की लोककथाएं जैसे लोरिक चंदा, ढोला मारु और देवारों की कथाएं शामिल की जा सकती हैं। इसके अलावा राज्य के प्रमुख त्योहारों जैसे पोला, हरेली और छेरछेरा के बारे में भी कहानियों और कविताओं के माध्यम से जानकारी दी जाएगी।

इस पाठ्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल, शिल्प, और संगीत के वाद्य यंत्रों को भी शामिल किया जाएगा। इससे बच्चों को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान मिलेगा, बल्कि वे अपनी संस्कृति के व्यावहारिक पहलुओं को भी सीख पाएंगे। यह बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह पहल इसी शिक्षा सत्र से शुरू होगी या अगले से, लेकिन सरकार इस पर गंभीरता से काम कर रही है।

SSC Exam 2025: एसएससी परीक्षा दोबारा क्यों हुई…..59 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने फिर से दिया एग्जाम

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एसएससी का फुल फॉर्म स्टाफ सिलेक्शन कमीशन है. इसे हिंदी में कर्मचारी चयन आयोग कहा जाता है. लेकिन हाल के दिनों में एसएससी परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बीच अभ्यर्थियों ने इसका नाम बदल दिया है. सोशल मीडिया और प्रदर्शन स्थलों पर एसएससी परीक्षा को स्पेशल स्कैम कमीशन कहा जा रहा है. अभ्यर्थियों ने एसएससी परीक्षा पर गड़बड़ियों का आरोप लगाया था. इसे देखते हुए एसएससी ने 29 अगस्त 2025 को परीक्षा दोबारा आयोजित करवाई.
शुक्रवार को यह परीक्षा 3 पालियों में हुई थी. इसमें 59,500 अभ्यर्थी शामिल हुए थे. बीते कुछ समय से दिल्ली, जयपुर, पटना समेत कई बड़े शहरों में एसएससी परीक्षा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहे थे. खान सर, नीतू मैम समेत कई जाने-पहचाने शिक्षक भी इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनने लगे थे. इससे न सिर्फ यह आंदोलन देशव्यापी हो गया था, बल्कि आम लोग भी इसकी चर्चा करने लगे थे. एसएससी सिलेक्शन पोस्ट फेज 13 की परीक्षा 24 जुलाई से 2 अगस्त 2025 के बीच हुई थी. अब यही परीक्षा 29 अगस्त को दोबारा हुई.
SSC Exam Controversy: एसएससी परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी का आरोप
एसएससी सिलेक्शन पोस्ट फेज 13 के परीक्षार्थियों ने तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायत की थी. इस पर कार्रवाई करते हुए एसएससी ने दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया. एसएससी चैयरमैन एस गोपालकृष्णन के मुताबिक, एक विस्तृत लॉग एनालिसिस के जरिए प्रभावित परीक्षार्थियों की पहचान की गई थी. इसके बाद एसएससी ने दोबारा परीक्षा के लिए 22 अगस्त 2025 को सिटी स्लिप जारी की थी. फिर 26 अगस्त को एसएससी एडमिट कार्ड रिलीज किए गए थे.

खतरे के निशान के पास पहुंचा यमुना का पानी, दिल्ली में लोगों की बढ़ी धड़कन

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देश की राजधानी दिल्ली में शनिवार को खूब हचलच देखी जा रही है. बीजेपी का आज यहां बड़ा हल्ला बोल है. बिहार में वोटर अधिकार यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्द कहे जाने पर बीजेपी आग बबूला है और इसी कड़ी में आज राजधानी में बड़े विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रही है. इसी बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं और आज अहमदाबाद में गणेशोत्सव में भाग लेंगे.
उधर दिल्ली पुलिस ने आज क्राइम पर ताबड़तोड़ प्रहार करते हुए दो जगह बदमाशों का एनकाउंटर किया है. स्पेशल सेल ने एक तरफ आउटर नॉर्थ जिले में नंदू गैंग के दो शार्प शूटरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया. दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस की STF ने साउथ ईस्ट जिले में एनकाउंटर में बाद एक अन्य कुख्यात बदमाश को गिरफ्तार किया. पप्पू पाल नाम के इस आरोपी ने चार राज्यों में आतंक फैला रखा था.
दूसरी तरफ महाराष्ट्र के बीड में एक भयानक सड़क हादसा हो गया. यहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पर चल रहे 6 लोगों की कुचल दिया, जिससे 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 की हालत गंभीर बनी हुई है.

बिहार में ‘मल्लयुद्ध’ शुरू… राहुल गांधी ने पलट दी बाजी…..तेजस्वी हुए गायब, बीजेपी में भी हड़कंप

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का असर बिहार चुनाव 2025 में दिखने लगा है? क्या राहुल की बिहार यात्रा से बीजेपी में बेचैनी बढ़ गई है? गमछा लहराने वाले तेजस्वी यादव ने भी अपना गमछा समेट लिया है? क्यों बिहार में बीजेपी और कांग्रेसी कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए हैं? क्या राहुल गांधी ने बिहार चुनाव 2025 का पूरा गणित उलट-पुलट कर दिया है? अगर इन सारे सवालों का जवाब आपको चाहिए तो शुक्रवार को पटना की सड़कों पर बीजेपी कार्यकर्ताओं और कांग्रेसियों के बीच हुए ‘मल्लयुद्ध’ का वीडियो जरूर देख लें. आपको समझ में आ जाएगा कि बिहार चुनाव 2025 किस ओर जा रहा है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या बीजेपी को कांग्रेस के बढ़ते वोट बैंक से खतरा होने लगा है? क्या राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ से बीजेपी का गणित बिगड़ जाएगा?
बता दें कि राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा से बीजेपी में जहां हड़कंप है तो वहीं तेजस्वी की चमक भी फीकी पड़ती जा रही है. राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ ने सियासी माहौल को गरमा दिया है. 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई यह यात्रा ने बिहार की सियासत में भूचाल ला दिया है. राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के नेताओं खासकर आरजेडी के तेजस्वी यादव के साथ इस यात्रा ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है. लेकिन इस यात्रा ने न केवल बीजेपी को बैकफुट पर ला दिया है, बल्कि महागठबंधन के भीतर भी समीकरण बदल दिए हैं.

शुक्रवार को पटना में बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प ने सियासी माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया. कांग्रेस का दावा है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पटना में कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम पर हमला किया, जिसमें कार्यकर्ता घायल हुए और गाड़ियों में तोड़फोड़ हुई. कांग्रेस ने इसे बीजेपी की बौखलाहट करार दिया, जबकि बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे महागठबंधन का ‘राजनीतिक नाटक’ बताया. पीएम मोदी पर भद्दी टिप्पणी के बाद बीजेपी के आम कार्यकर्ता से लेकर बड़े-बड़े नेता गुस्से में हैं.
राहुल का पावर-पंच, तेजस्वी किनारे

राहुल गांधी की यात्रा का असर बिहार के ग्रामीण इलाकों में साफ दिख रहा है. सासाराम, देहरी, सुपौल और सीतामढ़ी जैसे क्षेत्रों में उनकी सभाओं में युवाओं और महिलाओं की भारी भीड़ ने कांग्रेस को नई ताकत दी है. प्रियंका गांधी के सुपौल और दरभंगा दौरे ने भी महिला वोटरों को साधने में अहम भूमिका निभाई. एक हालिया सर्वे (जेवीसी पोल) के मुताबिक, अगर आज चुनाव हों तो एनडीए को 136 सीटें मिल सकती हैं, लेकिन इंडिया गठबंधन की बढ़त ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है.
बिहार में बिगड़ा सियासी संतुलन?
राहुल गांधी की इस यात्रा से न केवल बीजेपी में बेचैनी है बल्कि अंदर ही अंदर तेजस्वी यादव की चमक भी फीकी पड़ रही है. सियासी हलकों में चर्चा है कि राहुल गांधी की आक्रामक रणनीति ने आरजेडी की चमक को फीका कर दिया है. चिराग पासवान ने तंज कसते हुए कहा कि आरजेडी अब ‘कांग्रेस की पिछलग्गू’ बन गई है. विश्लेषकों का मानना है कि राहुल की यात्रा ने कांग्रेस को 2020 के 19 सीटों से ज्यादा की उम्मीद दी है, जिससे वह महागठबंधन में 70 सीटों की मांग कर रही है.

राहुल गांधी का बिहार मिशन कंप्लीट या इनकंप्लीट?
बीजेपी के लिए खतरा यह है कि राहुल की यात्रा ने दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वोटरों को लामबंद किया है. कांग्रेस का दावा है कि 65 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जिनमें ज्यादातर गरीब और दलित हैं. यह मुद्दा बीजेपी के वोटबैंक, खासकर ग्रामीण और युवा मतदाताओं को प्रभावित कर सकता है. बीजेपी ने जवाब में नीतीश कुमार और पीएम मोदी के विकास मॉडल को आगे रखा है, लेकिन राहुल की यात्रा ने उनके हिंदुत्व कार्ड को भी चुनौती दी है, खासकर प्रियंका की जानकी मंदिर पूजा के बाद.
ऐसे में बिहार की 243 सीटों पर अक्टूबर-नवंबर में होने वाले इस चुनाव में राहुल की यात्रा ने सियासी समीकरण को उलट-पुलट कर रख दिया है. आम लोगों के साथ-साथ चुनावी पंडित भी जानना चाह रहे हैं कि क्या बिहार चुनाव में कुछ बड़ा होने वाला है? क्या बीजेपी का वोटबैंक खिसकेगा या नीतीश की साख बरकरार रहेगी? यह सवाल बिहार की जनता के जवाब पर टिका है. बता दें कि मल्लयुद्ध भारत की एक कुश्ती या बाहुयुद्ध की शैली हैस जिसमें दो पहलवान बिना हथियार के लड़ते हैं. बिहार चुनाव में भी यह मल्लयुद्ध अब शुरू हो गया है.