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“NEET UG: 25 अगस्त तक MBBS, BDS सीट छोड़ने का मौका, सिक्योरिटी मनी नहीं होगी जब्त, 8 हजार सीटें भी बढ़ेंगी”

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“NEET UG: 25 अगस्त तक MBBS, BDS सीट छोड़ने का मौका, सिक्योरिटी मनी नहीं होगी जब्त, 8 हजार सीटें भी बढ़ेंगी”

नई दिल्ली। मेडिकल काउंसिल कमेटी (MCC) की ओर से नीट यूजी काउंसिलिंग में भाग लेने वाले उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर साझा की गई है। एनएमसी के प्रमुख डॉ अभिजात सेठ द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक जिन छात्रों ने पहले चरण की काउंसिलिंग में भाग लिया है और अब वे अपना प्रवेश रद्द करना चाहते हैं वे अब बिना सिक्योरिटी मनी जब्ती के अपनी सीट विड्रॉ कर सकते हैं।

अभ्यर्थी अपनी सीट 21 अगस्त से लेकर 25 अगस्त शाम 5 बजे तक छोड़ सकते हैं। एमसीसी की ओर से यह निर्णय बहुत से ऐसे स्टूडेंट्स को ध्यान में रखकर लिया गया है जो अपनी सीट को छोड़ना चाहते हैं।

कैसे सीट से कर सकते हैं रिजाइन छात्रों को अपने सीट छोड़ने के लिए अपने आवंटित संस्थान में रिपोर्ट करना होगा। इसे बाद संस्थान आपकी सीट को ऑनलाइन माध्यम से रद्द कर देगा। ध्यान रखें कि सीट रिजाइन ऑनलाइन ही स्वीकार होगा।

यूजी पीजी की 8000 सीटों में होगी वृद्धि राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) के प्रमुख डा. अभिजात सेठ ने कहा कि इस शैक्षणिक सत्र से चिकित्सा के स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में लगभग आठ हजार सीटें बढ़ाए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि मेरी नियुक्ति के साथ ही मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (एमएआरबी) का अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया है।

हमने प्राथमिकता के आधार पर स्नातक पाठ्यक्रम की चिकित्सा सीटों का निरीक्षण पूरा कर लिया है और मूल्यांकन कार्य प्रगति पर है। इस शैक्षणिक वर्ष में प्राप्त आवेदनों की संख्या के आधार पर हमें लगभग आठ हजार सीटों (स्नातक और स्नातकोत्तर सीटों को मिलाकर) की वृद्धि की उम्मीद है।

डा. सेठ ने कहा कि सीबीआई जांच के कारण स्नातक सीटों की संख्या कम हो सकती है। हालांकि, निरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीटों की संख्या बढ़ जाएगी। स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंस¨लग पर डा. सेठ ने कहा कि नई पीजी सीटों के लिए आवेदन करने वाले मेडिकल कालेजों की निरीक्षण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसके लिए काउंसलिंग सितंबर में होगी।

मेडिकल पाठ्यक्रम में दाखिले की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए एक खुशखबरी है। इस शैक्षणिक सत्र से देश में मेडिकल पाठ्यक्रम की आठ हजार सीटें बढ़ाए जाने की उम्मीद है। इसके मद्देनजर मेडिकल कालेजों का मूल्यांकन किया जा रहा है। नीट-यूजी के लिए काउंसलिंग शुरू हो चुकी है और पहला दौर पूरा हो चुका है। काउंसलिंग का दूसरा दौर 25 अगस्त तक शुरू होने की उम्मीद है।

वर्तमान में स्नातक स्तर की 1,18,098 सीटें हैं। इनमें से 59,782 सीटें सरकारी और 58,316 निजी संस्थानों की हैं। स्नातकोत्तर सीटों की संख्या 53,960 है। इनमें से 30,029 सीटें सरकारी और 23,931 निजी संस्थानों की हैं।

हाल के वर्षों में मेडिकल सीटों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। सरकार आने वाले वर्षों में चिकित्सा शिक्षा का और विस्तार करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इस वित्त वर्ष के बजट में 10 हजार नई सीटें जोड़ने की घोषणा की गई है।

CBI कोर्ट ने तोमर बंधुओं की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने रायपुर एसपी से 7 एफआईआर पर व्यक्तिगत शपथपत्र सहित जवाब मांगा.

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CBI कोर्ट ने तोमर बंधुओं की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने रायपुर एसपी से 7 एफआईआर पर व्यक्तिगत शपथपत्र सहित जवाब मांगा.
CBI कोर्ट ने तोमर बंधुओं की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की, जमानत याचिका में शपथ पत्र न होने पर कोर्ट ने जताई नाराजगी, हाईकोर्ट ने रायपुर एसपी से 7 एफआईआर पर व्यक्तिगत शपथपत्र सहित जवाब मांगा.

रायपुर: सूदखोरी और अन्य आपराधिक मामलों में आरोपी रायपुर के हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधु वीरेंद्र सिंह तोमर और रोहित सिंह तोमर की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई है। दरअसल, CBI कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।

आपको बता दें कि सूदखोर तोमर बंधुओं ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। इस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने रायपुर में दर्ज 7 एफआईआर को लेकर एसपी से जवाब मांगा। हाईकोर्ट ने रायपुर एसपी से पूछा है कि किस आधार पर एक साथ इस तरह का केस दर्ज किया गया है। चीफ जस्टिस की बेंच ने उन्हें व्यक्तिगत शपथपत्र के साथ दो सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने कहा है।

CG: छत्तीसगढ़ बीजेपी ने नया दांव, साय सरकार ने नए चेहरों को तवज्जो देकर दिग्गजों को दरकिनार कर दिया, ऐसे में अब सामंजस्य बिठाना चुनौती है ..

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CG: छत्तीसगढ़ बीजेपी ने नया दांव, साय सरकार ने नए चेहरों को तवज्जो देकर दिग्गजों को दरकिनार कर दिया, ऐसे में अब सामंजस्य बिठाना चुनौती है ..

भाजपा ने नए चेहरों को मुख्यमंत्री बनाया था। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नाराज नेताओं को मनाकर और उनसे सामंजस्य बिठाकर काम करना जरूरी होगा।
बुधवार को राजभवन में तीनों नए मंत्रियों के शपथ समारोह के दौरान कई सीनियर नेताओं के चेहरे पर नाराजगी साफ तौर पर झलक रही थी। कई नेता तो अपने सीनियर साथी नेताओं के साथ दबी जुबान से नाराजगी व्यक्त करते दिखे।
समारोह में कई कुछ नाराज चल रहे सीनियर नेता भी शामिल नहीं हुए।

समारोह में भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर, धरमलाल कौशिक, विक्रम उसेंडी, रेणुका ङ्क्षसह, लता उसेंडी, धर्मजीत सिंह शामिल नहीं हुए। अजय चंद्राकर राजभवन गए, पर शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए। राजभवन जाकर वे अपने क्षेत्र के लिए निकल गए। धरमलाल कौशिक बुधवार की सुबह ही दिल्ली रवाना हुए, जिसके चलते वे नहीं पहुंचे। लता उसेंडी अरुणाचल प्रदेश दौरे पर हैं।

विक्रम उसेंडी, धर्मजीत सिंह रायपुर में ही थे पर वे शपथ ग्रहण समारोह में नहीं गए।रेणुका सिंह भी रायपुर में थीं पर नहीं गई। नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में वरिष्ठ विधायक अमर अग्रवाल, राजेश मूणत पहुंचे थे। कुछ नए विधायक जो मंत्री बनने की दौड़ में शामिल थे, वे भी समारोह में नजर नहीं आए। वहीं, कई सीनियर और जूनियर विधायकों के समारोह में शामिल होने पर भाजपा विधायक दल के सचेतक सुशांत शुक्ला ने कहा कि सूचना के अभाव के कारण कई विधायक नहीं आ पाए।

भाजपा भले ही नए चेहरों और युवा चेहरों के साथ प्रदेश की राजनीति को नई दिशा देने का रोडमैप तैयार कर रही है, लेकिन नाराज नेताओं को साधना अब भाजपा के लिए चुनौती बन गई है। क्योंकि प्रदेश में सीनियर नेताओं का अपना जनाधार है। क्या नए मंत्री और नई टीम सीनियर नेताओं की गढ़ में सेंध लगा पाएंगे। भाजपा में अब दो गुट, एक नए नेताओं का और दूसरा सीनियर नेताओं का है। प्रदेश में भाजपा 15 साल तक सत्ता में रही है। उस दौरान 15 साल तक कई नेता बड़े मंत्री और विधायक रहे। इन 15 वर्षों में इन नेताओं ने न सिर्फ अपनी विधानसभा, बल्कि प्रदेश में भाजपा के चेहरे के रूप में स्थापित हुए।

राजनीतिक पंडितों का कहना है कि अब भाजपा के सामने नई चुनौती है। पुराने नेता जो सरकार में न तो मंत्री बनाए गए हैं और न ही प्रदेश कार्यकारिणी में जगह दी गई है, उनकी नाराजगी को कैसे दूर किया जाए। यदि समय रहते सीनियर नेताओं की नाराजगी दूर नहीं हुई तो भाजपा को कुछ सियासी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि पुराने नेताओं का न सिर्फ उनके विधानसभा क्षेत्र में, बल्कि प्रदेश में भी एक अलग जनाधार है। भाजपा के सामने अब सीनियर नेताओं के गढ़ में नए नेताओं को किस तरह से आगे बढ़ाना है, इसे लेकर भी चुनौती है। बहरहाल, भाजपा जमीन से लेकर सत्ता-संगठन की मजबूती के लिए पहचानी जाती है। जरूर कोई न कोई इसका भी रोडमैप तैयार किया होगा। जो आने वाले वक्त पर दिखेगा। वहीं, 2028 के चुनाव को लेकर भाजपा सियासी जमीन मजबूत करने का प्रयास कर रही है।

CG: एनएचएम कर्मचारियों का अनोखा प्रदर्शन, सीएम और मंत्रियों का मुखौटा पहनकर हड़ताल पर ..

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CG: एनएचएम कर्मचारियों का अनोखा प्रदर्शन, सीएम और मंत्रियों का मुखौटा पहनकर हड़ताल पर ..

कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री व मंत्रियों का मुखौटा पहनकर सरकार को उनके किए वादों की याद दिलाई और जनता के सामने कटघरे में खड़ा किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 16 हजार से अधिक कर्मचारी नियमितीकरण, ग्रेड पे, लंबित 27 फीसदी वेतन वृद्धि सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री व मंत्रियों का मुखौटा पहनकर सरकार को उनके किए वादों की याद दिलाई और जनता के सामने कटघरे में खड़ा किया। कर्मचारियों ने कहा कि भाजपा ने सरकार बनने से पहले उन्हें मोदी की गारंटी थी, जिसे अब तक नहीं निभाया गया। प्रदेश में पिछले दो दशकों से संविदा पर कार्यरत कर्मचारी कोरोना काल में फ्रंटलाइन वॉरियर्स रहे। बावजूद इसके उन्हें आज तक उनका न्यायोचित अधिकार और नियमितिकरण नहीं मिला। डॉ. डोमन यादव, बृजेश दुबे, डॉ. अभिषेक यादव, डॉ. सुमित मिश्रा, लक्ष्मी पटेल, रेशमी बंजारे, किरण सिन्हा, अमर वर्मा व गौरव साहू आदि मौजूद रह्रे।

CG: मंत्रिमंडल विस्तार में कांग्रेस ने बधाई के साथ बीजेपी पर साधा तंज, नए मंत्री CM की नहीं, बल्कि संघ और उद्योगपतियों की पसंद ..

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CG: मंत्रिमंडल विस्तार में कांग्रेस ने बधाई के साथ बीजेपी पर साधा तंज, नए मंत्री CM की नहीं, बल्कि संघ और उद्योगपतियों की पसंद ..

मंत्रिमंडल विस्तार में तीन नए चेहरे और कई विभागों का फेरबदल, कांग्रेस ने बधाई के साथ बीजेपी पर साधा तंज, विपक्ष का आरोप – नए मंत्री CM की नहीं, बल्कि संघ और उद्योगपतियों की पसंद

वहीं, मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर नए मंत्रियों को बधाई तो दी लेकिन साथ ही दावेदार सीनियर विधायकों की फोटो के साथ तंज कसते हुए लिखा “जग सुना सुना लागे” PCC चीफ ने कटाक्ष किया, कहा प्रदेश भाजपा को नया मार्गदर्शक मंडल मिलने पर बधाई। वरिष्ठ नेताओं के सूट बेकार चले गए, टेलर को फायदा हो गया। बयान पर पटवार किया पूर्व मंत्री और सीनियर विधायक राजेश मूणत ने।

तो कांग्रेस कह रही है कि तीनो मंत्री मुख्यमंत्री की पसंद के नहीं है। एक संघ की पसंद हैं, दूसरे उद्योगपति की तो तीसरे मंत्री विस चुनाव के वक्त सियासी सौदेबाजी वाले गणित के जरिए मंत्री बने हैं। बीजेपी ने वरिष्ठता, अनुभव सभी को दरकिनार किया है। सवाल है इन आरोपों में दम है या फिर ये महज विपक्षी मानसिकता है?

CG: विदेश दौरे पर रवाना हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और उद्योग सचिव रजत कुमार भी शामिल ..

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CG: विदेश दौरे पर रवाना हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और उद्योग सचिव रजत कुमार भी शामिल ..

रायपुर: प्रदेश के मुखिया, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जापान और दक्षिण कोरिया के दौरे पर रवाना हो गए हैं। उनके साथ प्रवास पर जाने वालों में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और उद्योग सचिव रजत कुमार भी शामिल है। मुख्यमंत्री साय 31 अगस्त को रायपुर लौटेंगे।.

सीएम के इस प्रस्तावित प्रवास के चलते ही कल यानि बुधवार को तीन नए मंत्रियों को शपथ दिल्ली गई थी। वही बुधवार को होने वाली कैबिनेट की मीटिंग भी मंगलवार को पूरी कर ली गई थी। सीएम का यह प्रवास कई मायनो में खास है। वे इन्वेस्टमेंट, इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट और रोजगार पैदा करने के उपायों पर विदेशी प्रतिनिधियों से चर्चा कर सकते है। बताया गया है कि, इस प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जापान के ओसाका में विश्व एक्सपो में बड़े और नामी इंडस्ट्रियलिस्ट से भी भेंट कर उनसे चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री नियुक्त होने के बाद यह सीएम साय का पहला विदेश दौरा है लिहाजा प्रदेशवासी भी सीएम के इस प्रवास और इसके परिणाम को लेकर रोमांचित है।

CG: 14 जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट, पूरे प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना..

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CG: 14 जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट, पूरे प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना..

मौसम विभाग की ओर से प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार को भारी बारिश के साथ मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, अचानक तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। विभाग की ओर से 14 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।

छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर से गति पकड़ ली है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश के कई जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, अचानक तेज हवा और बारिश की संभावना है।

धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मोंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों में तेज आंधी और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। विभाग ने किसानों और आमजनों को सचेत रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बुधवार को गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई।

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्यप्रदेश पर बना कम दबाव क्षेत्र बुधवार सुबह कमजोर पड़ गया है, लेकिन इसके बावजूद दक्षिण-पूर्वी मध्यप्रदेश और आसपास का क्षेत्र चक्रवाती घेरे की चपेट में है।

बिजली गिरने का अलर्ट जारी करते हुए मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए चेतावनी दी है कि कई इलाकों में बिजली गिरने और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। लोगों को खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। राज्य में मानसून की सक्रियता बरकरार है।

मौसम विभाग की ओर से बताया गया है कि छत्तीसगढ़ और उससे लगे मध्यप्रदेश में बना कम दबाव क्षेत्र कमजोर हो गया है, लेकिन इसके प्रभाव से हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक का दौर प्रदेशभर में जारी रहेगा। रायपुर, दुर्ग, धमतरी, राजनांदगांव सहित मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ में गुरुवार की शाम तक कई स्थानों पर मेघगर्जन के साथ वर्षा होने की संभावना जताई गई है। वहीं, बस्तर संभाग में भी कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ सकती हैं।

राजधानी रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में बुधवार सुबह हुई बारिश से मौसम खुशनुमा हो गया। दुर्ग, धमतरी और बस्तर क्षेत्र में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कम दबाव क्षेत्र कमजोर होने के बावजूद चक्रवाती घेरा सक्रिय है, जिससे लगातार बौछारें पड़ रही हैं।

“अग्नि-5 की सफल उड़ान. अब पलक झपकते खत्म होगा दुश्मन, जानें इस मिसाइल की खासियत”

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“अग्नि-5 की सफल उड़ान. अब पलक झपकते खत्म होगा दुश्मन, जानें इस मिसाइल की खासियत”

भारत अपनी रक्षा ताकत में लगातार इजाफा कर रहा है. साथ ही नए कीर्तिमान भी गढ़ रहा है. इस कड़ी में बुधवार का दिन देश के लिए काफी खास रहा. मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि 5’ ओडिशा के चांदीपुर में एकीकृत परीक्षण केंद्र से सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया.

इस टेस्टिंग में सभी परिचालन और तकनीकी मानकों की पुष्टि हुई.

अग्नि-5 देश की इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है. इसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है. बात करें इसकी खासियतों की तो ये अत्याधुनिक तकनीक से लैस 17 मीटर लंबी और 2 मीटर चौड़ी मिसाइल है, जो कि परमाणु हथियारों से लैस होकर 1 टन पेलोड ले जाने में सक्षम है.

मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इस मिसाइल में 3 चरणों का प्रोपल्शन सिस्टम है. इसकी सबसे बड़ी खासियत है एमआईआरवी तकनीक. इस तकनीक से मिसाइल से एक साथ कई जगहों पर टारगेट को तबाह किया जा सकता है. इसकी रेंज 4 हजार 790 किलोमीटर तक है. अग्नि 5 मिसाइल की सफलता से सेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी. इससे भारत के दुश्मनों के पसीने छूट जाएंगे. भारत के ‘अग्नि परिवार’ का कारवां लगातार बढ़ रहा है. अभी अग्नि-6 का आगाज भी होना है. आइए एक नजर डालते हैं देश के ‘अग्नि परिवार’ पर.

भारत का अग्नि परिवार (211, 211, 211)

  • मिसाइल रेंज अग्नि 900 से 1200 किलोमीटर
  • अग्नि-1 – 1000 से 2000 किलोमीटर
  • अग्नि-2 – 2 हजार किलोमीटर से ज्यादा
  • अग्नि-3 – 3 हजार किलोमीटर से अधिक
  • अग्नि-4 – 4 हजार किलोमीटर से अधिक
  • अग्नि-5 – 5 हजार किलोमीटर से अधिक
  • अग्नि-6 – 5 हजार से 12 हजार किलोमीटर

अग्नि-5 को बंकर बस्टर में बदलने की तैयारी ने अग्नि-5 मिसाइल का नया नॉन न्यूक्लियर वर्जन बनाने की तैयारी शुरू कर दी है. यह मिसाइल विशेष रूप से एयरफोर्स के लिए बनाई जा रही है. इसमें करीब 8 टन का भारी वारहेड लगेगा.

इसे दो तरह से इस्तेमाल किया जा सकेगा.

पहला- एयरबर्स्ट यानी मिसाइल हवा में फटकर बड़े इलाके में धमाका करेगी और रनवे, एयरबेस और रडार सिस्टम तबाह कर देगी.

दूसरा- बंकर बस्टर वारहेड, जो जमीन के अंदर 80 से 100 मीटर तक घुसकर धमाका करेगा और दुश्मन के कमांड सेंटर या परमाणु हथियार रखने वाली जगह को तबाह कर देगा. इस मिसाइल की रेंज 2500 किमी है.

“दिल्ली की BJP सरकार पर AAP ने लगाया वादाखिलाफी का आरोप, शुरू किया ‘चोरी की शिकायत दें’ अभियान”

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“दिल्ली की BJP सरकार पर AAP ने लगाया वादाखिलाफी का आरोप, शुरू किया ‘चोरी की शिकायत दें’ अभियान”

दिल्ली की सत्ता में बैठी भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी और जनता के हकों की चोरी के गंभीर आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को ‘चोरी की शिकायत दें’ अभियान की शुरुआत की. पार्टी के प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज और महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष सारिका चौधरी ने दिल्ली मुख्यालय से इस अभियान की आगाज किया.

इस दौरान अलग-अलग इलाकों से आई महिलाओं ने 2500 रुपए, मुफ्त सिलेंडर, मुफ्त दवा और अन्य सुविधाएं न मिलने की शिकायत दर्ज कराई. महिलाओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने उनके हक मार लिए और चुनावी वादे पूरे नहीं किए.

2500 रुपए और मुफ्त सिलेंडर की हुई चोरी: सौरभ भारद्वाज सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने पहले दिल्ली का चुनाव ‘वोट चोरी’ करके जीता और अब जनता के अधिकारों की चोरी कर रही है. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को हर महीने 2500 रुपए देने और त्योहारों पर मुफ्त गैस सिलेंडर देने का वादा किया था, लेकिन छह महीने बाद भी किसी महिला को यह सुविधा नहीं मिली.

उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री तो झूठ बोल ही नहीं सकते. जरूर उन्होंने पैसे और सिलेंडर भेजे होंगे, लेकिन बीच रास्ते में भाजपा सरकार ने चोरी कर लिया.”

आप नेता ने आगे कहा कि मोहल्ला क्लीनिक और सरकारी डिस्पेंसरी से मुफ्त दवाएं भी धीरे-धीरे बंद हो रही हैं. यही वजह है कि महिलाएं अब ‘चोरी की शिकायत दें’ अभियान के तहत अपनी शिकायत दर्ज करा रही हैं.

भाजपा ने महिलाओं के हक हजम कर लिए: सारिका चौधरी महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष सारिका चौधरी ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चार इंजन की सरकार ने महिलाओं को ठगा है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने वादा किया था कि पहली कैबिनेट बैठक में महिलाओं को 2500 रुपए देने की घोषणा होगी, लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद भी किसी महिला के खाते में पैसे नहीं आए.

सारिका चौधरी ने कहा, “भाजपा ने महिलाओं का 2500 रुपए भी खा लिया, मुफ्त सिलेंडर भी हजम कर गए और अब मोहल्ला क्लीनिक की मुफ्त दवाएं भी चोरी कर लीं. सबसे ज्यादा महिलाएं सरकारी अस्पतालों और क्लीनिक में जाती थीं, लेकिन अब उन्हें दवा भी नहीं मिल रही है.”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर वोट की चोरी की. कई मतदाताओं के नाम काटे गए, फर्जी वोट बढ़ाए गए और कई महिलाओं को मृत घोषित कर दिया गया.

सीएम पर हमले के चलते सांकेतिक रहा कार्यक्रम सौरभ भारद्वाज ने बताया कि यह अभियान पूरे दिल्ली में शुरू किया जाना था, लेकिन सुबह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले की खबर के चलते इसे केवल सांकेतिक रूप से पार्टी मुख्यालय पर आयोजित किया गया. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में यह अभियान पूरे दिल्ली में चलाया जाएगा और महिलाएं अपने हकों की लड़ाई के लिए सड़कों पर भी उतरेंगी.

“MP में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा लाखों क्विंटल अनाज… 10 साल से खुले में पड़ा सड़ रहा, दुर्गंध से 5 KM एरिया के लोग हलाकान”

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“MP में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा लाखों क्विंटल अनाज… 10 साल से खुले में पड़ा सड़ रहा, दुर्गंध से 5 KM एरिया के लोग हलाकान”

एक तरफ जहां गरीब परिवार अनाज के दाने-दाने के लिए मोहताज हैं. वहीं रीवा में प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार भेंट चढ़ा लाखों क्विंटल अनाज खुले में पड़े-पड़े खराब हो गया. आवारा मवेशी भी इस अनाज को नहीं खा रहे हैं.

हालात ऐसे हैं कि सड़े अनाज की दुर्गंध से 5 KM एरिया के रहवासी काफी परेशान हैं. उन्हें महामारी का डर सताने लगा है. हैरत कि बात यह है कि भ्रष्टाचार की जांच में लाखों क्विंटल अनाज देखते देखते सड़ गया. अब जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं.

यह पूरा मामला रीवा जिले के सिरमौर उमरी गांव का है. जहां किसान समृद्धि केंद्र और मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ के बगल में 2014 से अनाज खुले में पड़े-पड़े सड़ रहा है. बताया जाता है कि हजारों क्विंटल अनाज का यहां खुले में ही भंडारण किया गया था. भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने के बाद अनाज उसी हालत में पड़ा रह गया. आज हालत यह है कि पूरा अनाज सड़ का बिखर गया है. जानवरों के खाने योग्य भी नहीं बचा.

स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस सड़े हुए अनाज से 4 से 5 किलोमीटर तक का इलाका प्रभावित है. लोगों का आरोप है कि इस गंदगी से हैजा जैसी बीमारियां फैल रही हैं. जिससे इंसान और जानवर दोनों बीमार हो रहे हैं.

एक तरफ सरकार किसानों को उपज बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करती है, तो दूसरी तरफ भंडारण के इंतजाम न होने से लाखों क्विंटल अनाज खराब हो जाता है.

इस मामले पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि यह स्टॉक 2019 में ही हटा दिया जाना था. यह एक गबन का मामला है. जिसकी मार्कफेड में जांच चल रही है. यह किसकी लापरवाही से हुआ है. इसकी जांच की जाएगी और आगे कठोर कार्रवाई की जाएगी.

कलेक्टर ने तुरंत मार्कफेड को इस सड़े हुए अनाज का डिस्पोज करने का आदेश दिया है. ताकि लोगों को इस परेशानी से जल्द से जल्द निजात मिल सके.

जब भण्डारण करने की क्षमता नहीं है तो इसको बाजार में सबके लिए सुलभ मूल्य पर कर दो ताकि सड़ने के बजाय इसका उपयोग हो सके.