Home Blog Page 522

अंबिकापुर, बिलासपुर और राजधानी रायपुर को जोड़ने वाली हवाई सेवाएं ठप ..

0

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर, बिलासपुर और राजधानी रायपुर को जोड़ने वाली हवाई सेवाएं ठप हो गई हैं। फ्लाई बिग कंपनी ने संचालित इन हवाई उड़ानों को यात्रियों की पर्याप्त संख्या नहीं मिलने के कारण बंद कर दिया गया है।

प्रदेश के इन तीन प्रमुख शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ने की योजना को लेकर शुरुआत में उम्मीदें जताई जा रही थीं, लेकिन अपेक्षित यात्रीभार न मिलने से यह प्रयास असफल रहा। फ्लाई बिग कंपनी ने इन शहरों के लिए 19 सीटर छोटे एयरक्राफ्ट की सेवाएं शुरू की थीं, मगर कम बुकिंग के चलते अब इनका संचालन रोक दिया गया है। इसके पहले भी जगदलपुर और रायपुर के बिच दो कंपनियों की फ्लाइट सेवाएं यात्री संकट के कारण बंद करनी पड़ी थीं।

स्थानीय यात्रियों और नागरिकों में नाराजगी फ्लाई बिग कंपनी अंबिकापुर से बिलासपुर और रायपुर के लिए संचालित 19 सीटर विमान सेवा बीते दो माह से बंद पड़ी है। कंपनी ने सेवा बंद करने का कारण मौसम बताया है, लेकिन स्थानीय यात्रियों और नागरिकों में इस निर्णय को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। गौरतलब है कि, अंबिकापुर एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से किया था। इस अवसर पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। उद्घाटन के बाद लोगों को उम्मीद थी कि, अंबिकापुर से नियमित विमान सेवाएं शुरू होंगी, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और विकास को गति मिलेगी।

दो माह से हवाई सेवा ठप फ्लाई बिग की विमान सेवा शुरू होने के बाद से ही यात्रियों की संख्या में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कई बार पैसेंजर की कमी के चलते सेवा अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी। अब दो माह से यह सेवा पूरी तरह ठप है। कंपनी का कहना है कि, खराब मौसम के कारण उड़ानें स्थगित की गई हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि यात्रियों की कमी और संचालन संबंधी अन्य कारण भी इसके पीछे हो सकते हैं।

अंबिकापुर के लिए हवाई सेवा एक महत्वपूर्ण आवश्यकता स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि, यदि मौसम ही एकमात्र कारण है, तो जैसे ही परिस्थितियां अनुकूल हों, सेवा को पुनः शुरू किया जाए। वहीं, यह भी सवाल उठ रहा है कि, क्या कंपनी भविष्य में अन्य कारणों का हवाला देकर सेवा को स्थायी रूप से बंद करने की योजना बना रही है। अंबिकापुर जैसे उभरते शहर के लिए हवाई सेवा एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि, फ्लाई बिग कंपनी की अगली रणनीति क्या होती है। सेवा बहाल होती है या फिर यह एक और अधूरी उम्मीद बनकर रह जाती है।

यात्रीगण कृपया ध्यान दें… टिटलागढ़ की 4 पैसेंजर ट्रेनें 6 अगस्त से रहेंगी रद्द, देखिए लिस्ट”

0

बिलासपुर: दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे जोन में विकास कार्य लगातार जारी है। जिस कारण कई ट्रेनों को रद्द किया जा रहा है। एक बार फिर रेलवे की ओर से बिलासपुर और टिटलागढ़ के बीच चलने वाली 4 ट्रेनों को रद्द किया गया है। इसे लेकर रेलवे की ओर से सूचना जारी की गई है। जिससे इस रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। रेवले की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, रेलवे प्रशासन अधोसंरचना विकास के कार्यों को शीघ्र पूरा करने का प्रयास कर रहा है। इसी के तहत पूर्व तटीय रेलवे के संबलपुर स्टेशन का यार्ड रिमाडलिंग करने के लिए नॉन इंटरलाकिंग का कार्य किया जाएगा। इस कार्य के चलते चार ट्रेनें रद रहेंगी।

इन ट्रेनों को किया जा रहा रद्द बिलासपुर से चलने वाली 58214 बिलासपुर-टिटलागढ़ पैसेंजर 6 और 14 अगस्त को नहीं चलेगी। टिटलागढ़ से चलने वाली 58213 टिटलागढ़-बिलासपुर पैसेंजर 7 अगस्त से 15 अगस्त तक रद्द रहेगी। टिटलागढ़ से चलने वाली 58217 टिटलागढ़-रायपुर पैसेंजर 6 अगस्त से 14 अगस्त तक रद रहेगी। रायपुर से चलने वाली 58218 रायपुर-टिटलागढ़ पैसेंजर 7 से 15 अगस्त तक नहीं चलेगी।

तीन ट्रेनों में बढ़ेंगे कोच, मिलेगी कंफर्म बर्थ यात्रियों की बेहतर यात्रा सुविधा और अधिकाधिक यात्रियों को कंफर्म बर्थ उपलब्ध कराने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से चलने वाली तीन जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों में वातानुकूलित श्रेणी के अतिरिक्त कोचों की सुविधा दी जा रही है।

स्थायी रूप से मिलने वाली यह सुविधा 18241/18242 दुर्ग-अंबिकापुर एक्सप्रेस में एक अगस्त से मिलेगी। इस ट्रेन एक अतिरिक्त एसी-3 एवं एसी-2 कोच जोड़ा जाएगा। 18756/18755 अंबिकापुर-शहडोल एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त एसी-3 एवं एसी-2 कोच की सुविधा अंबिकापुर से दो अगस्त और शहडोल से भी दो अगस्त से उपलब्ध रहेगी। 22867/22868 दुर्ग-निज़ामुद्दीन हमसफर एक्सप्रेस में दो अतिरिक्त एसी-3 कोच की सुविधा दुर्ग से एक अगस्त तथा निज़ामुद्दीन से दो अगस्त से स्थायी रूप से उपलब्ध रहेगी।

“क्या है धराली गांव का इतिहास जहां आई तबाही, यहां रहते हैं कितने हिंदू और कितने मुस्लिम ?

0

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार को बादल फटने से भारी तबाही मची है. यह खूबसूरत गांव जो हिमालय की गोद में बसा है अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है.

अब मलबे और बाढ़ की चपेट में है. आइए जानते हैं धराली गांव के इतिहास और इसकी जनसंख्या के बारे में जहां यह आपदा आई है. धराली गांव का इतिहास धराली गांव उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में समुद्र तल से करीब 8 हजार फीट की ऊंचाई पर भागीरथी नदी के किनारे हर्षिल घाटी के पास बसा हुआ है और गंगोत्री के बीच एक महत्वपूर्ण पड़ाव है. अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सेब के बागानों और राजमा की खेती के लिए प्रसिद्ध है. धराली को गंगोत्री यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए एक शांत और आकर्षक ठहराव स्थल माना जाता है. ऐतिहासिक रूप से यह क्षेत्र प्राचीन काल से ही धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है क्योंकि यह गंगोत्री मंदिर के रास्ते में पड़ता है जो हिंदुओं के लिए पवित्र चारधाम यात्रा का हिस्सा है. स्थानीय लोककथाओं और परंपराओं के अनुसार यह क्षेत्र लंबे समय से स्थानीय गढ़वाली समुदाय का निवास स्थान रहा है. यह गांव अपनी शांत वादियों और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित करता रहा है.

प्राचीन मंदिर का इतिहास धराली गांव में वैसे तो कई प्रसिद्ध मंदिर हैं लेकिन इसमें कल्प केदार मंदिर का सबसे ज्यादा महत्व है जो इस बाढ़ में बुरी तरह नष्ट हो गया. कहते हैं कि इस मंदिर का वास्तु शिल्प केदारनाथ धाम से मिलता जुलता है जिसके कारण इसका नाम कल्प केदार पड़ा. लोगों का कहना है कि यह मंदिर वर्षों किसी आपदा की वजह से जमीन में दबा था. 1945 में खीर गंगा के इस नाल का बहाव कुछ कम हुआ तो लोगों को इस मंदिर का शिखर दिखा. जिसके बाद 20 फीट खुदाई की गई और ये पूरा शिव मंदिर सामने आया जिसकी बनावट काफी प्राचीन थी.

जनसंख्या कितनी है धराली गांव एक छोटा सा गांव है. 2011 की जनगणना के आधार पर गांव में करीब 600 आबादी रहती है. इसमें 307 पुरुष और 276 महिलाएं रहती हैं. धराली में हिंदू और मुस्लिम धर्म के लोगों की बात करें तो ये गांव उत्तरकाशी जिले के अंतर्गत आता है और इस जिल हिंदू आबादी लगभग 98% है, जबकि मुस्लिम आबादी 1% से भी कम है. धराली में भी यही अनुपात होने की संभावना है, यानी अधिकांश निवासी हिंदू हैं और मुस्लिम आबादी बहुत कम या ना के बराबर हैं. यह क्षेत्र मुख्य रूप से हिंदू तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए जाना जाता है और स्थानीय संस्कृति भी हिंदू परंपराओं से गहरे जुड़ी हुई है.

हाल की आई भारी तबाही बता दें इस गांव में मंगलवार 5 अगस्त को बादल फटने की घटना ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया. खीर गंगा नाले में अचानक आए मलबे और बाढ़ ने धराली के कई घर, दुकानें और होटल-होमस्टे को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया. कई होटल और होमस्टे इस बाढ़ में बह गए. इस हादसे में अभी तक 4 लोगों की मौत हुई है जबकि 50 से भी ज्यादा लोग लापता हैं.

 “1 रुपये का रिचार्ज प्लान, 30 दिन की वैलिडिटी और अनलिमिटेड कॉलिंग, तहलका मचा रहा है नया ऑफर” 

0

टेलिकॉम कंपनियों ने पिछले साल जुलाई के महीने में रिचार्ज प्लान्स की कीमत (Recharge Plan Price) में बड़ी बढ़ोतरी की थी। निजी कंपनियों के इस फैसले के बाद से करोड़ों मोबाइल यूजर्स के लिए बड़ी परेशानी खड़ी हो चुकी है।

मोबाइल यूजर्स के लिए हर महीने महंगा प्लान लेना थोड़ा मुश्किल बन चुका है। हालांकि अब मोबाइल यूजर्स के लिए राहत भरी खबर है। अगर आपके पास मोबाइल है तो अब आप सिर्फ 1 रुपये के रिचार्ज प्लान में पूरे महीने यानी 30 दिन तक अनलिमिटेड कॉलिंग कर सकते हैं। इस नए ऑफर ने टेलिकॉम इंडस्ट्री में धमाल मचा दिया है।

(Jio), एयरटेल (Airtel) और वीआई (Vi) ने भले ही रिचार्ज प्लान्स महंगे किए हों लेकिन अब एक ऐसी कंपनी है जो सालों पुरानी कीमत में ही रिचार्ज प्लान्स ऑफर कर रही हैं। जी हां आपको अंदाजा हो गया होगा कि हम सरकारी टेलिकॉम कंपनी बीएसएनएल (BSNL) की बात कर रहे हैं। बीएसएनएल के पोर्टफोलियो में जियो, एयरटेल और वीआई की तुलना में कई गुना सस्ते प्लान्स मौजूद हैं। सरकारी कंपनी ने अब एक ऐसा ऑफर पेश किया है जिसने निजी कंपनियों की टेंशन कई गुना बढ़ा दी है।

BSNL करोड़ों मोबाइल यूजर्स के लिए 1 रुपये का सस्ता प्लान लेकर आया है। कंपनी ने इस रिचार्ज प्लान को ‘फ्रीडम प्लान’ ऑफर के तहत लॉन्च किया है। BSNL ने इस 1 रुपये वाले प्लान को ‘Azadi Ka Plan’ नाम दिया है। इस प्लान को लेकर बीएसएनएल ने अपने X हैंडल पर कई सारे पोस्ट किए हैं। कंपनी ने अपने पोस्ट पर लिखा है – ‘Celebrate Independence with Digital Azadi’, BSNL का यह प्लान लेकर आप एक महीने के लिए टेंशन फ्री हो सकते हैं।

1 रुपये वाले प्लान में मिलते हैं ये फायदे बीएसएनएल के इस धमाकेदार रिचार्ज प्लान में एक से बढ़कर एक फायदे मिल रहे हैं। इस प्लान में कंपनी वो सब कुछ सिर्फ 1 रुपये में दे रही है जिसके निजी कंपनियां यूजर्स से भारी भरकम पैसा वसूल रही हैं। सरकारी कंपनी के इस रिचार्ज प्लान में 30 दिन की लंबी वैलिडिटी मिलती है। इसके साथ ही आपको सभी नेटवर्क के लिए अनलिमिटेड कॉलिंग भी दी जा रही है। फ्री कॉलिंग की तरह सभी नेटवर्क के लिए हर दिन 100 फ्री एसएमएस भी मिलते हैं।

डेटा लवर्स की हो गई मौज अगर आप कम कीमत में अधिक डेटा ऑफर करने वाले प्लान की तलाश कर रहे हैं तो इससे सस्ता कुछ भी नहीं मिलेगा। BSNL अपने मोबाइल यूजर्स को इस 1 रुपये वाले प्लान में कुल 60GB हाई स्पीड डेटा ऑफर कर रहा है। आप हर दिन 2GB तक इंटरनेट डेटा इस्तेमाल कर सकते हैं। डेली डेटा लिमिट खत्म होने के बाद भी आप इंटरनेट इस्तेमाल कर पाएंगे लेकिन आपको स्पीड स्लो मिलेगी।

इन यूजर्स को मिलेगा ऑफर का लाभ अगर आप बीएसएनएल के इस धमाकेदार 1 रुपये वाले प्लान का फायदा लेना चाहते हैं तो आपको कुछ कंडीशन्स को फॉलो करना होगा। सरकारी कंपनी ने इस प्लान को अपने नए ग्राहकों के लिए पेश किया है। मतलब अगर आप बीएसएनएल पर शिफ्ट होने जा रहे हैं तो आपको इसका ऑफर मिलेगा। नए ऑफर में आपको सिम खरीदने के लिए भी खर्च नहीं करना होगा। कंपनी नए यूजर्स को फ्री में सिम दे रही है। BSNL ने यह ऑफर लिमिटेड टाइम के लिए यह ऑफर पेश किया है। इस 1 रुपये के ऑपर का फायदा आप 1 अगस्त से लेकर 30 अगस्त तक ही ले पाएंगे।

संसद मानसून सत्र : संसद के मानसून सत्र का आज 13वां दिन, विपक्षी सांसदों के हंगामे के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही जारी –

0

संसद के मानसून सत्र का आज 13वां दिन

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र का आज 13वां दिन है. अब तक का यह सत्र काफी हंगामेदार रहा. आज भी दोनों सदनों में विपक्षी सांसदों के द्वारा हंगामे के आसार है. बिहार के एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष अड़े हैं. इस मुद्दे को लेकर संसद के भीतर और बाहर सरकार को घेरने में जुटे हैं. संसद ने मंगलवार को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को छह महीने के लिए और बढ़ाने के लिए वैधानिक प्रस्ताव पारित कर दिया. यह प्रस्ताव मंगलवार को राज्यसभा और पिछले सप्ताह लोकसभा में पारित किया गया था. विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में यह प्रस्ताव पेश किया. सदन ने वैधानिक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति शासन 13 अगस्त, 2025 से छह महीने के लिए बढ़ा दिया जाएगा. लोकसभा में इस प्रस्ताव पर संक्षिप्त बहस हुई, जबकि राज्यसभा में चुनावी राज्य बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर विपक्ष की माँग को लेकर शोर-शराबा हुआ. संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से ही विपक्षी दल यह मांग उठा रहे हैं.

दोनों सदनों की कार्यवाही फिर से शुरू

लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे फिर से शुरू हो गई है. हालांकि दोनों ही सदनों में विपक्षी सांसदों ने फिर से हंगामा शुरू कर दिया.

बिहार SIR मुद्दे पर राजीव शुक्ला ने कहा, हमारा विरोध जारी रहेगा

बिहार एसआईआर मुद्दे पर कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा, ‘हमारा विरोध जारी रहेगा. जनता वोटों की इस चोरी को बर्दाश्त नहीं कर सकती.’

लोकसभा की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित

विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. पीठासीन अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने सांसदों से शांति बनार रखने की अपील की ताकि सदन की कार्यवाही चल सके लेकिन विपक्षी सांसदों का हंगामा जारी रहा. बाद में सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.

लोकसभा की कार्यवाही फिर से शुरू

लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे फिर से शुरू हो गई. हालांकि विपक्षी सांसदों का हंगामा फिर से शुरू हो गया.

बिहार SIR मुद्दे पर गौरव गोगोई ने कहा- सरकार को सच बताना चाहिए

बिहार में एसआईआर के मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, ‘सरकार बताए कि उसे किस बात का डर है. अगर संसद में चुनावी प्रक्रिया पर चर्चा नहीं होगी तो कहां होगी? सरकार को सच बताना चाहिए.’

इंडिया ब्लॉक नेताओं की बैठक हुई

संसद भवन में राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय में इंडिया ब्लॉक के नेताओं की बैठक हुई. इसमें सदन के लिए रणनीति की योजना बनाई गई.

बिहार में SIR मुद्दे पर विपक्षी सांसदों ने किया विरोध प्रदर्शन

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, ‘क्या वे इतने कमजोर हो गए हैं? वे न तो संसद चला पा रहे हैं और न ही ट्रंप को जवाब दे पा रहे हैं. हम तो बस चर्चा की मांग कर रहे हैं. उनके लिए इसे सुलझाना आसान है.’

सांसद प्रेमचंद्रन ने राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ का मुद्दा उठाया

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर टैरिफ में भारी वृद्धि करने की बात पर रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने कहा, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति बयानबाजी कर रहे हैं और भारत जैसे संप्रभु देश को धमका रहे हैं. मुझे लगता है कि भारत सरकार को इस पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए. हमें भी इससे लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए.’

लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही स्थगित

विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.

लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू

लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है. राज्यसभा में पूर्व राज्यसभा सदस्य सत्यपाल मलिक के निधन पर शोक व्यक्त किया गया. उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया. वहीं लोकसभा में जापान के हिरोशिमा पर आज के ही दिन गिराए गए परमाणु बम की बरसी पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई.

टीएमसी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया

टीएमसी सांसदों ने संसद परिसर में हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जिन पर लिखा था ‘बंगाल का अपमान बंद करो’.

रेणुका चौधरी का बिहार के एसआईआर मुद्दे पर चर्चा के लिए नोटिस

कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा के लिए राज्यसभा में कार्य स्थगन नोटिस दिया.

मणिकम टैगोर का बिहार एसआईआर मुद्दे पर चर्चा के लिए लोकसभा में प्रस्ताव

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव दिया. कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ‘चुनावी प्रक्रियाओं की अखंडता’ पर चिंताओं पर चर्चा के लिए राज्यसभा में कार्य स्थगन प्रस्ताव दिया.

सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में कार्य स्थगन नोटिस दिया

आप सांसद संजय सिंह ने एसएससी फेज-13 परीक्षा में अनियमितताओं और उसके प्रभावों पर चर्चा के लिए राज्यसभा में कार्य स्थगन नोटिस दिया है.

CG : रोजगार विभाग के अंतर्गत राज्य स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन, लगभग 10 हजार रिक्त पदों के लिए रोजगार मेला में भर्ती ..

0

दुर्ग जिले में छत्तीसगढ़ शासन, कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के अंतर्गत संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण के निर्देशानुसार राज्य स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन सितंबर 2025 के प्रथम सप्ताह में रायपुर में होना प्रस्तावित है।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में छत्तीसगढ़ शासन, कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के अंतर्गत संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण के निर्देशानुसार राज्य स्तरीय रोजगार मेला का आयोजन सितंबर 2025 के प्रथम सप्ताह में रायपुर में होना प्रस्तावित है।

जिसके लिए निजी क्षेत्र के तकनीकी एवं गैर तकनीकी क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न सेक्टर जैसे-आईटी, कप्यूटर, हॉस्पिटल, हॉस्पिटालिटी, फार्मेसी, सेल्स एवं मार्केटिंग, बैंकिंग, फाईनेंस एवं एकाउटिंग, इंश्योरेंस, सर्विस सेक्टर आदि के लगभग 10 हजार रिक्त पदों के लिए रोजगार मेला में भर्ती की कार्यवाही की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में युवाओं को रोजगार का सुनहरा मौका

रोजगार मेले में 8वीं, 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, आईटीआई, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग शैक्षणिक योग्यताधारी आवेदक भाग ले सकते हैं। नियोजक एवं आवेदक दोनों के लिए पंजीयन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी।

सभी प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ रोजगार विभाग की वेबसाइट 222. पर जाकर अनिवार्य रूप से पंजीयन कराना होगा। बिना पंजीयन के आवेदकों को मेले में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पंजीयन प्रक्त्रिस्या से संबंधित जानकारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।

Road Accident: डिप्टी रेंजर की मालवाहक की ठोकर से घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत

0

ड्यूटी पर जाने घर से निकले डिप्टी रेंजर की मालवाहक की ठोकर से घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना मंगलवार सुबह गातापार थाना क्षेत्र के साल्हेवारा बांध के पास की है। वनविभाग में डिप्टी रेंजर सुनील सिंह चंदेल रोजाना की तरह मोटर साइकिल से ड्यूटी करने खैरागढ़ से गातापार जंगल की ओर निकले थे।

पाड़ादाह के आगे साल्हेवारा बांध के पास मालवाहक ने उन्हे ठोकर मार दी। ठोकर लगने से मोटर साइकिल सवार डिप्टी रेंजर सिंह मौके पर गिर पडे़ और गंभीर रूप से जख्मी हो गए। आने जाने वालों ने आनन-फानन में उन्हे खैरागढ़ सिविल अस्पताल पहुंचाया। गंभीर चोंट के चलते उन्हे प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया गया।

अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ा

इलाज के लिए ले जाने समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। खैरागढ़ राजपरिवार के सदस्य व सरल सौम्य स्वभाव के सुनील सिंह की मौत की खबर शहर आते ही वन अमले और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। दोपहर बाद उनका शव शहर लाया गया और अंतिम संस्कार किया गया।

”CG : प्रदेश में 28 जुलाई से हड़ताल पर बैठे तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की हड़ताल खत्म.. 5 मांगों पर सहमति बनी”

0

छग में तहसीलदार/नायब तहसीलदार की हड़ताल खत्म, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा से भेंट के बाद हड़ताल खत्म, तहसीलदार/नायब तहसीलदार की 5 मांगों पर सहमति बनी,

तहसीलदार संघ द्वारा 17 सूत्रीय मांगों को लेकर यह आंदोलन शुरू किया गया था। हड़ताल के चलते राजस्व विभाग के कई कामकाज ठप हो गए थे जिससे आम जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा से प्रतिनिधिमंडल की बैठक के बाद तहसीलदारों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की।

मंत्री वर्मा ने कहा की हम उनकी मांगों पर सहमत हैं, लेकिन यह एक प्रक्रिया है। फिलहाल कोई मांग पूरी नहीं हुई है लेकिन सरकार गंभीरता से विचार कर रही है और जल्द निर्णय लिए जाएंगे। हड़ताल खत्म होने के बाद अब राजस्व विभाग के कामकाज में फिर से गति आने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ : जिलों में झमाझम बारिश की चेतावनी जारी, किन जिलों में होगी बारिश जानने के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…

0

छत्तीसगढ़ के कई जिलों में झमाझम बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान कुछ जगहों पर वज्रपात की घटनाएं भी देखी जा सकती है। किन जिलों में होगी झमाझम बारिश जानने के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…

मानसूनी ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी है। रायपुर में दोपहर को मध्यम बारिश हुई। वहीं उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अति भारी बारिश हुई है। मध्य छत्तीसगढ़ में उमस भरी गर्मी का अहसास भी हो रहा है। इधर मौसम विभाग ने 23 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। बारिश का मुख्य केंद्र मध्य, उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिले हो सकते हैं।

इस बार मानसून सरगुजा संभाग के जिलों में पर ज्यादा मेहरबान है। यहां लगातार भारी से अति भारी बारिश हो रही है। आने वाले पांच दिनों पूरे प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।

रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाडा, बस्तर, नारायणपुर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, जशपुर, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर जिले में जोरदार बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।

रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर अमृतसर, चंडीगढ़, शामली, शाहजहांपुर, लखनऊ, छपरा, बांकुरा, केनिंग और उसके बाद दक्षिण पूर्व की ओर उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है।

एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण उत्तर पश्चिम बिहार और उससे लगे उत्तर पूर्व उत्तर प्रदेश के ऊपर 4.5 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। इसके प्रभाव से मध्यम बारिश होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। वहीं एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ वज्रपात और भारी बारिश भी हो सकती है। भारी बारिश का क्षेत्र उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ हो सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक 24 घंटे में प्रदेश के सभी संभागों के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। बिलासपुर संभाग के कोरबा जिले में सबसे ज्यादा 37.5 मिमी बारिश रिकार्ड किया गया है। एक दिन पहले मुंगेली में 35.7 डिग्री अधिकतम तापमान रिकार्ड किया है। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23 डिग्री राजनांदगांव में दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक एक द्रोणिका एवं चक्रीय चक्रवात उत्तर प्रदेश के ऊपर स्थित होने के कारण उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे बलरामपुर, प्रतापपुर तथा अन्य क्षेत्रों में भारी बारिश हो रही है। तीन से चार दिनों के बाद मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी।

”उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले की हर्षिल घाटी में मंगलवार को बादल फटने से भयंकर तबाही, अब तक पांच लोगों की मौत ..”

0

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले की हर्षिल घाटी में मंगलवार को एक दिल दहलाने वाली घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया. गंगोत्री यात्रा मार्ग पर बसे धराली गांव में बादल फटने से भयंकर तबाही मच गई. खीर घाट में अचानक आए तेज सैलाब ने पूरे गांव को अपनी चपेट में ले लिया.

इस प्रलयकारी बाढ़ ने कई होटल बहा दिए, दर्जनों घर मलबे के ढेर में बदल गए, और कई लोग लापता हो गए. अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी हैं, लेकिन गांव में चारों ओर मातम और डर का माहौल है.

धराली गांव, जो समुद्र तल से करीब 9,000 फीट की ऊंचाई पर बसा है, गंगोत्री धाम की यात्रा करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है. यह गांव अपनी मनोरम प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली के लिए पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है. अपनी सुंदरता के अलावा ये पूरी घाटी सेब की खेती के लिए भी विश्व भर में मशहूर है. यहां के गोल्डन और रेड डिलीशियस सेब देश-विदेश के बाजारों में अपनी खास पहचान रखते हैं.

सेब का यह कारोबार गांव के कई परिवारों की आजीविका का मुख्य स्रोत है. इस खेती ने न केवल स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत किया, बल्कि इलाके को समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. मगर, इस बाढ़ ने सेब के कई बागानों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. कई किसानों की मेहनत पानी और मलबे में बह गई.

गरीबी से समृद्धि तक का सफर धराली और उसके आसपास के गांवों ने वह दौर भी देखा है जब लोग दो वक्त की रोटी के लिए जूझते थे. 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद इस सीमावर्ती इलाके में व्यापारिक रास्ते बंद हो गए और लोगों की आजीविका पर सीधा असर पड़ा. लेकिन वक्त ने करवट ली और इन पहाड़ियों की किस्मत सेब के बागों ने बदली. स्थानीय लोगों ने ऊबड़-खाबड़ जमीन पर मेहनत से सेब उगाना शुरू किया. देखते ही देखते, हर्षिल घाटी के आठ गांवों में सेब की खेती लोगों की मुख्य आजीविका बन गई.

आज इस क्षेत्र में 10,000 हेक्टेयर में सेब के बाग हैं, जहां हर साल लगभग 20,500 मीट्रिक टन सेब पैदा होता है. गोल्डन और रेड डिलीशियस जैसी उम्दा किस्में देश-विदेश के बाजारों में खूब बिकती हैं. हर साल लगभग 1.5 लाख पेटियां बाजार में जाती हैं और करीब 10 करोड़ रुपये का कारोबार होता है. यहां एक आम किसान भी साल में 5 लाख रुपये तक कमा लेता है, जबकि कुछ परिवार ऐसे भी हैं जिनकी कमाई 20 से 25 लाख रुपये सालाना तक पहुंच जाती है.

धराली के पुराने बाशिंदे बताते हैं कि उनके पुरखे भेड़ पालन और ऊनी कपड़ों के व्यापार से अपना गुजारा करते थे. 1962 से पहले तिब्बत के ताकलाकोट में सालाना बाजार लगता था. तिब्बती व्यापारी यहां सोना, चांदी, मूंगा, पश्मीना ऊन और चैंर गाय लेकर आते थे, जबकि यहां के ग्रामीण मंडुआ, सत्तू, लाल चावल, गुड़ और ऊनी वस्त्र ले जाते थे. लेकिन भारत-चीन युद्ध के बाद यह पूरा व्यापार बंद हो गया. इससे इलाके की आर्थिक रीढ़ टूट गई और लोगों को भीषण गरीबी का सामना करना पड़ा.

भारतीय सेना ने बदल दी पूरी तस्वीर इस घाटी में 1978 में भी एक भयानक बाढ़ आई थी, जिसने लोगों को आर्थिक रूप से और ज्यादा तोड़ दिया. उस समय बहुत कम लोग सेब उगाते थे और वह भी सिर्फ खुद के खाने के लिए. दैनिक भास्कर की एक खबर के मुताबिक, इसी दौरान झाला गांव के एक किसान के सेब भारतीय सेना ने 10 हजार रुपये में खरीद लिए. यह सौदा इलाके के लिए एक बड़ी खबर बन गई क्योंकि उस समय 10 हजार रुपये की कीमत बहुत ज्यादा मानी जाती थी.

लोगों ने देखा कि सेब की खेती में कितना दम है और उन्होंने इस दिशा में मेहनत शुरू कर दी. आज यही इलाका उत्तराखंड के सबसे समृद्ध क्षेत्रों में गिना जाता है. यहां के कई परिवार अब अपने घरों में सेब चिप्स बनाने की मशीनें लगा चुके हैं. बच्चे उत्तरकाशी के अच्छे स्कूलों में पढ़ रहे हैं और पर्यटक भी यहां आकर सीधा बाग से सेब खरीदते हैं.

यह चिट्ठी वाला बाबा चिट्ठी क्यो नहीं निकाल रहे है देश की जनता का ग़द्दार है क्या या जनता को मरने से क्यो नहीं बचा रहे है.