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“Railway Ticket: दिवाली-छठ पर जाना है घर? लंबी-लंबी कतार में लगने से बचना चाहते हैं तो मोबाइल से बुक करें ट्रेन की जनरल टिकट”

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दिवाली और छठ के मौके पर ट्रेन से सफर करने वाले लोगों के लिए टिकट ले पाना किसी परीक्षा को पास करने से कम मुश्किल काम नहीं है। दरअसल, इस मौके पर ट्रेन में इतनी भीड़ होती है कि एडवांस बुकिंग में भी टिकट विंडो खुलते ही, सारी सीटें बुक हो जाती है।

वहीं अगर जनरल टिकट की बात करें, तो काउंटर से टिकट लेने के लिए काफी लंबी लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। इन सबके बीच आइए जानते हैं कि कैसे आप ऑनलाइन भी जनरल टिकट बुक कर सकते हैं।

भारतीय रेलवे ने एक ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप के जरिए आप जनरल टिकट ऑनलाइन बुक कर सकेंगे और आपको लंबी साइन में भी नहीं लगना पड़ेगा। अनरिजर्व्ड टिकटिंग सिस्टम (Unreserved Ticketing System) यानि कि UTS के जरिए आप बिना रिजर्वेशन जनरल डिब्बों में टिकट बुक कर सकते हैं। इसके साथ ही जनरल क्लास की टिकट भी यूटीएस के जरिए बुक कर सकते हैं।

ऐसे बुक करें जनरल टिकट सबसे पहले अपने फोन में UTS ऐप डाउनलोड करें अब इसमें मोबाइल नंबर डालकर अपना अकाउंट बनाएं अब आपके पास जर्नी टिकट, क्विक बुकिंग, प्लेटफॉर्म टिकट, सीजन टिकट और QR बुकिंग जैसे ऑप्शन मिलेंगे इनमें से अपने हिसाब से बुकिंग मोड चुनें ‘बुक एंड ट्रैवल (पेपरलेस)’ ऑप्शन चुनें इससे आपको टिकट का प्रिंट नहीं निकालना होगा और TTE को आप मोबाइल में ही टिकट दिखा सकेंगे सफर की शुरुआत और अपने आखिरी स्टेशन का नाम चुनें ‘Get Fare’ पर क्लिक करें और सभी जानकारी भरें अब आप अपने मोड के हिसाब से पेमेंट करें अब आप ‘बुक टिकट’ पर क्लिक करें और पेमेंट पूरा करते ही आपकी जनरल टिकट बुक हो जाएगी ऐसे मिलेगा कन्फर्म टिकट इमरजेंसी में टिकट बुकिंग के लिए सरकार तत्काल टिकट का ऑप्शन देती है। इसके जरिए आप यात्रा के एक दिन पहले अपना टिकट बुक कर सकते हैं। एसी क्लास के लिए बुकिंग का समय 10 बजे सुबह और नॉन-एसी के लिए 11 बजे सुबह होता है। आप खुद भी तत्काल टिकट बुक कर सकते हैं।

सबसे पहले IRCTC की ऑफिशियल वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर अपना अकाउंट बना लें और 10 बजने से पहले अपनी डिटेल अपने पास रखकर रेडी हो जाएं। एसी क्लास के लिए 10 बजने से पहले ऐप में लॉगिन करें और बुकिंग टैब में तत्काल का ऑप्शन क्लिक करने के बाद डेस्टिनेशन, बोर्डिंग स्टेशन और डेट सेलेक्ट कर लें।

10 बजते ही आपको अपनी पसंदीदा ट्रेन को सेलेक्ट करना है और बुक टिकट ऑप्शन पर क्लिक करना है। इसके बाद पैसेंजर की डिटेल भर लें और फिर नेक्स्ट करने के बाद कैप्चा दर्ज कर लें। फिर पेमेंट ऑप्शन पर क्लिक करके UPI, नेट बैंकिंग की मदद से पेमेंट कर लें। आपका टिकट बुक हो जाएगा।

“Kolkata Rain: ‘यूपी-बिहार की वजह से…’, बाढ़ ने मचाई तबाही तो टेंशन में अजीबोगरीब बयान देने लगीं ममता, बोलीं- मैंने ऐसी बारिश कभी नहीं देखी”

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कोलकाता में सोमवार देर रात से मंगलवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। 24 घंटे से भी कम समय में 251.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो 1986 के बाद सबसे अधिक है।

इस प्रलयकारी बारिश के कारण कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से नौ की मौत बिजली का करंट लगने से हुई। भारी बारिश ने बाद पूरे शहर में जलभराव की समस्या हो गई। सड़कें दरिया बन गई। रेल ट्रैक भी बारिश के पानी में डूब गया। इससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई। रिहायशी इलाकों में भी कमर तक पानी जमा हो गया। अब इस जलभराव के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यूपी-बिहार को जिम्मेदार ठहरा दिया। आईए जानतें हैं ममता बनर्जी ने क्या कहा?

दुर्गा पूजा से ठीक पहले शहर में जलजमाव की स्थिति ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। भारी बारिश की वजह से हवाई, रेल और सड़क परिवहन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस आपदा के लिए केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश व बिहार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि फरक्का बैराज की ठीक से सफाई न होने के कारण हर बार यूपी और बिहार से आने वाला पानी कोलकाता में जलजमाव की स्थिति पैदा करता है।

यूपी-बिहार की वजह से कोलकाता में जलभराव-ममता राजधानी कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में मूसलाधार बारिश के कारण चारों तरफ हुए जलजमाव के मद्देनजर बंगाल सरकार ने बुधवार व गुरुवार को सरकारी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की है। भारी बारिश से महानगर व आसपास के जिलों में जनजीवन लगभग ठप हो गया है। इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि मैं मेयर, राज्य के मुख्य सचिव और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हूं। ममता ने कहा कि फरक्का बैराज की सफाई ठीक से नहीं हुई है, इसलिए हर बार जब बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मुंबई, दिल्ली, हर जगह बारिश होती है, तो जलभराव हो जाता है। इस बार बारिश थोड़ी असामान्य है।

मैंने जीवन में ऐसी बारिश पहले कभी नहीं देखी-ममता ममता बनर्जी ने आगे कहा यह भी कहा कि “मैंने अपने जीवन में ऐसी बारिश पहले कभी नहीं देखी। कोलकाता में आठ और उत्तर 24 परगना व दक्षिण 24 परगना में दो लोगों की करंट लगने से मौत हुई। यह बेहद दुखद है।” उन्होंने निजी बिजली कंपनी सीईएससी पर भी लापरवाही का आरोप लगाया और मांग की कि मृतकों के परिवारों को कम से कम पांच लाख रुपये का मुआवजा और नौकरी दी जाए। ममता ने कहा, सीईएससी को बिजली आपूर्ति की जिम्मेदारी लेनी होगी और तारों को सुरक्षित करना होगा।

दुर्गा पूजा से ठीक पहले हुई भारी बारिश के बाद हुए जलभराव पर मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बारिश असामान्य है। हमारे घर भी जलमग्न हैं। मुझे दुर्गा पूजा पंडालों के लिए भी बहुत बुरा लग रहा है।” उन्होंने बताया कि वह महापौर, मुख्य सचिव और पुलिस के साथ लगातार संपर्क में हैं और स्थिति पर नजर रख रही हैं। ममता ने चेतावनी दी कि गंगा में पानी का स्तर बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो सकती है।

जलभराव के लिए बंगाल प्रशासन जिम्मेदरार- सुवेंदु अधिकारी वहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता के कई इलाकों में भारी बारिश के बाद हुई तबाही पर कहा, इसके लिए सीधे तौर पर ममता बनर्जी का प्रशासन जिम्मेदार है। IMD की ओर से पहले ही सावधानी बरतने के लिए कहा गया था लेकिन उन्हें जो एहतियाती उपाय करने चाहिए थे वे नहीं किए गए। कोलकाता पुलिस, कोलकाता प्रशासन और CESC की लापरवाही के कारण कई लोगों की जान चली गई हमारे कई लोग मारे गए हैं और यह आंकड़ा बढ़ सकता है।

IMD ने भारी बारिश की दी थी चेतावनी IMD ने पहले ही सावधानी बरतने को कहा तब कुछ नहीं किया गया लेकिन ममता बनर्जी अब कह रही हैं कि यह स्थिति अचानक पैदा हुई है। हमारी मांग है कि जितने भी लोगों की मौत हुई है उन्हें CESC, राज्य सरकार और कोलकाता निगम की ओर से 1-1 करोड़ रुपये दिए जाने चाहिए, हर घर में नौकरी दी जानी चाहिए और तुरंत CESC के चेयरमैन, कोलकाता के मेयर और कोलकाता पुलिस के CP के खिलाफ गैर-जमानती FIR दर्ज की जानी चाहिए।

“‘दुनिया के युद्ध खत्म करने में भारत की होगी अहम भूमिका’, UNGA के मंच से जॉर्जिया मेलोनी ने की भारत की खूब तारीफ; क्या-क्या कहा?”

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न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक जारी थी। इसी बीच, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भारत का नाम लेकर कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव में भारत एक बड़ी भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत के पास वह संतुलन है, जो इस समय दुनिया को चाहिए। उधर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का लहजा कुछ और ही था। उन्होंने सीधे कहा कि चीन और भारत रूस से तेल खरीदकर इस युद्ध को सहारा दे रहे हैं। ट्रंप यहीं नहीं रुके। यूरोप के देशों को भी उन्होंने घेरा और सवाल किया कि जब वे खुद रूस से खरीदारी कर रहे हैं, तो अमेरिका से क्यों उम्मीद करते हैं कि वह दूसरों को रोके।

इन तीखी टिप्पणियों के बीच एक तथ्य साफ है कि लगभग हर बड़ा यूरोपीय देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लगातार संपर्क बना रहा है। फ्रांस से लेकर जर्मनी और ब्रिटेन तक, सभी नेताओं का एक ही तर्क है कि नई दिल्ली चाहे तो युद्ध रोकने की दिशा में रास्ता निकल सकता है। ट्रंप ने भी हाल ही में मोदी से हुई बातचीत के बाद सोशल मीडिया पर लिखा था कि भारत की कोशिशें काम आ रही हैं।

वार्ता ही समाधान है भारत की नीति पहले दिन से साफ रही है कि वार्ता ही समाधान है। यही कारण है कि मोदी एक तरफ पुतिन से सीधे संवाद रखते हैं, तो दूसरी ओर जेलेंस्की से भी चर्चा करते रहते हैं। किसी पक्ष की तरफदारी नहीं, बल्कि शांति की पैरवी। शायद यही वजह है कि आज जब बड़े-बड़े देश विभाजित दिखाई दे रहे हैं, तो उम्मीद की निगाहें भारत की ओर मुड़ रही हैं।

रूस के खिलाफ डोनाल्ड ट्रंप ने दिया फ्री हैंड अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस, नाटो और यूरोप की नीतियों पर तीखा हमला बोला है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान दिए गए भाषण और उसके बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात में उन्होंने कई विवादित बयान दिए।

जेलेंस्की के साथ बैठक के दौरान ट्रंप से पूछा गया कि अगर रूसी युद्धक विमान नाटो देशों की हवाई सीमा का उल्लंघन करता है तो अमेरिका क्या भूमिका निभाएगा। इस पर उन्होंने कहा कि ऐसे विमानों को तुरंत मार गिराना चाहिए। हालांकि, जब सवाल किया गया कि क्या वॉशिंगटन हर हाल में नाटो का समर्थन करेगा, तो ट्रंप का जवाब था- “यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।”

ट्रंप ने दावा किया कि उन्हें उम्मीद थी कि रूस-यूक्रेन युद्ध जल्द खत्म हो जाएगा। उनके शब्दों में, यह संघर्ष “बस एक छोटी-सी झड़प” होना चाहिए था, लेकिन यह लंबा खिंच गया, जिससे रूस की छवि भी प्रभावित हुई।

“‘भारत हमारे साथ है’, ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध को फंड करने का लगाया आरोप तो जेलेंस्की ने बंद कर दी बोलती, बोले- नई दिल्ली से दोस्ती…”

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यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस विचार को खारिज कर दिया कि भारत रूसी तेल खरीदकर यूक्रेन में युद्ध में योगदान दे रहा है और सुझाव दिया कि अमेरिका और यूरोपीय संघ ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित ऐसे समाधान पेश कर सकते हैं जो भारत के लिए कारगर हों।

यूक्रेनी राष्ट्रपति, जो अपने देश में एक ऐसे युद्ध से गुजर रहे हैं जो 2026 में अपने चौथे चरण में प्रवेश करने वाला है, ने एक इंटरव्यू में भारतीयों से दूरी बनाने के खिलाफ चेतावनी दी है।

उन्होंने कहा है कि भारत हमारे पक्ष में है। अमेरिका और यूरोपीय संघ को भारत के साथ बेहतर संबंध स्थापित करने होंगे। भारत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

क्या बोले जेलेंस्की? जब जेलेंस्की से पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि भारत और चीन “युद्ध में योगदान दे रहे हैं”। इसपर उन्होंने कहा, “नहीं, भारत ज्यादातर हमारे पक्ष में है। ऊर्जा के मामले में हमारी समस्याएं जरूर हैं, लेकिन उन्हें सुलझाया जा सकता है।”

अमेरिका ने भारत पर यूक्रेन में युद्ध के लिए धन मुहैया कराने का आरोप लगाया है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी कच्चा तेल खरीदने पर टैरिफ पेनल्टी लगाई है। भारत ने जवाब में कहा है कि वह ऐसे कदम उठाएगा जो उसके राष्ट्रीय हितों और उसके लोगों के हित में हों।

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यह स्वीकार किया कि रूस के खिलाफ रुख अपनाना अब चीन के हित में नहीं है और कहा कि ईरान कभी भी यूक्रेन के पक्ष में नहीं होगा, क्योंकि वह अमेरिका के खिलाफ है।

नई दिल्ली के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने की सलाह जेलेंस्की ने कहा, “ईरान कभी भी हमारे पक्ष में नहीं होगा क्योंकि वह अमेरिका के पक्ष में नहीं होगा। चीन के साथ, यह और भी मुश्किल है क्योंकि आज रूस का समर्थन न करना उनके हित में नहीं है।”

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ऊर्जा के मामले में इस मुद्दे को “संभाल” सकते हैं और यूरोपीय संघ को नई दिल्ली के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने की सलाह दी। उन्होंने “भारतीयों से दूरी” बनाने के खिलाफ चेतावनी दी।

जेलेंस्की ने कहा, “मुझे लगता है कि भारत ज्यादातर हमारे साथ है। हां, ऊर्जा को लेकर हमारे सामने कुछ सवाल हैं, लेकिन मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ट्रंप इसे संभाल सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “यूरोपीय लोग भारत के साथ और भी घनिष्ठ और मजबूत संबंध बनाएं, और मुझे लगता है कि हमें भारतीयों से दूर न होने के लिए हर संभव प्रयास करना होगा।”

”UN में शहबाज-मुनीर के ‘दोस्त’ ने फिर दिखाई कश्मीर पर बौखलाहट, भारत-पाक सीजफायर पर क्या बोला?”

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‘बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना’ यह कहावत तुर्की पर सटीक बैठती है। तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया।

उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के आधार पर बातचीत की वकालत की। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया यद्ध का भी अपने भाषण में जिक्र किया।

तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने कहा कि तुर्की भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम से खुश है, साथ ही उन्होंने कश्मीर मुद्दे के समाधान का भी आह्वान किया। साथ ही एर्दोगन ने इजरायल की सैन्य कार्रवाई की तीखी आलोचना की। उन्होंने दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता को सबसे जरूरी बताया।

हम भारत-पाकिस्तान युद्धविराम से खुश हैं-एर्दोगन एर्दोगन ने अपने संबोधन में कहा, “हम अप्रैल 2024 में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बाद हुए युद्धविराम से खुश हैं, जो हिंसक टकराव में बदल गया था। हम चाहते हैं कि कि कश्मीर के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के आधार पर, कश्मीर में हमारे बहनों और भाइयों के सर्वोत्तम हित में, बातचीत के माध्यम से हल किया जाना चाहिए और ये बातचीत के जरिए हो।”

पहले भी तुर्की कर चुका है दखलअंदाजी बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब एर्दोगन ने कश्मीर मुद्दे पर टिप्पणी की हो। इससे पहले भी वह कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठा चुके हैं। इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान दौरे पर भी उन्होंने कहा था कि कश्मीर मुद्दे का हल संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि तुर्की कश्मीरी लोगों के साथ खड़ा है।

भारत का तुर्की को करारा जवाब एर्दोगन की टिप्पणियों पर हर बार भारत की ओर से करारा जवाब भी मिलता रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा एर्दोगन की टिप्पणी पर कहा था, “जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। किसी अन्य देश को इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। तुर्की को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने के बजाय पाकिस्तान की सीमा-पार आतंकवाद की नीति की निंदा करनी चाहिए, जो कश्मीरी लोगों के लिए सबसे बड़ा खतरा है। भारत किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा।

आतंक पर भारत का सख्त रुख बता दें कि पिछले साल अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इसके जवाब में भारत ने 7 मई 2024 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को सटीक निशाना बनाकर हवाई हमले किए गए थे। पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रही। फिर पाकिस्तान बार-बार भारत से युद्ध को रोकने की गुहार लगाने लगा। इसके बाद 10 मई को दोनों देशों के बीच बातचीत के बाद युद्धविराम हुआ।

”छत्तीसगढ़ में मानसून की वापसी से पहले फिर बरसात के आसार, रायपुर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश”

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पूर्व-मध्य व उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय हुआ है। इसके असर से 24 सितंबर से मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में तेज बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियाँ बढ़ सकती हैं। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है।

मानसून विदाई की ओर है, लेकिन जाते-जाते एक बार फिर बारिश का तोहफा दे सकता है। आज बुधवार की सुबह से ही राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने बुधवार से जिले में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई है। वहीं, मंगलवार को दोपहर बाद कुछ इलाकों में बौछारें पड़ीं। पिछले कुछ दिनों से मौसम सुहावना होने से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है।

मौसम विभाग ने बताया कि पूर्व-मध्य व उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय हुआ है। इसके असर से 24 सितंबर से मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में तेज बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियाँ बढ़ सकती हैं। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर तक फैले चक्रवाती परिसंचरण से जुड़ा हुआ है। इसका असर ओडिशा से लेकर तेलंगाना तक दिखाई दे रहा है, जहाँ द्रोणिकाएं सक्रिय हो गई हैं। इसके अलावा, 25 सितंबर को एक और नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है, जिससे प्रदेश का मौसम और प्रभावित होगा।

24 सितंबर को छत्तीसगढ़ के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। वहीं, अगले दो दिनों तक भी प्रदेश में कई स्थानों पर मध्यम और कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।

 

CG: नवरात्रि पर्व के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के प्रमुख बाजारों का भ्रमण कर व्यापारियों और उपभोक्ताओं से आत्मीय संवाद किया…

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नवरात्रि पर्व के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के एम.जी. रोड एवं आसपास के प्रमुख बाजारों का भ्रमण कर व्यापारियों और उपभोक्ताओं से आत्मीय संवाद किया।

यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने कर प्रणाली को नई सरलता और पारदर्शिता प्रदान की है। मुख्यमंत्री के आगमन से पूरे बाजार का वातावरण उल्लास और उत्साह से भर गया। जगह-जगह व्यापारियों और नागरिकों ने उनका स्वागत किया और “मोदी जी को धन्यवाद” के नारे गूंजते रहे। मुख्यमंत्री ने दुकानदारों से प्रत्यक्ष संवाद करते हुए जाना कि नई कर व्यवस्था से व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को कितना बड़ा लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शाम को राजधानी रायपुर स्थित जयस्तंभ चौक से महात्मा गांधी मार्ग होते हुए गुरुनानक चौक तक पैदल बाजार भ्रमण किया और जीएसटी बचत उत्सव का जायजा लेने विभिन्न प्रतिष्ठानों में पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने दुकानों में बचत उत्सव के स्टीकर भी लगाए और स्थानीय दुकानदारों एवं ग्राहकों से आत्मीय चर्चा की। बाजार भ्रमण के दौरान व्यापारियों में खासा उत्साह देखने को मिला। विभिन्न व्यापारी संगठनों एवं संचालकों ने मुख्यमंत्री साय का गर्मजोशी से स्वागत किया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जीएसटी सुधार से देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा हाल में किए गए व्यापक जीएसटी सुधारों से टैक्स में कमी आई है और ग्राहकों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने शारदा चौक स्थित शंकर हनुमान मंदिर में दर्शन कर बाजार भ्रमण की शुरुआत की।

मुख्यमंत्री से बातचीत में लीला श्रीराम इलेक्ट्रॉनिक्स में खरीददारी करने आई समता कॉलोनी निवासी ऋचा ठाकुर ने कहा कि जीएसटी में कटौती से उनकी बड़ी चिंता दूर हुई है। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने हॉस्टल के लिए 5 एसी खरीदने थे। पहले 35,000 रुपये प्रति एसी की कीमत वाले उत्पाद अब कटौती और डिस्काउंट के बाद 30,000 रुपये में मिले, जिससे एक बार में ही 25,000 रुपये की बचत हुई। ऋचा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस निर्णय के लिए धन्यवाद दिया।

इसी प्रकार एम.एस. ट्रेडर्स के प्रोप्राइटर मोहन नेभानी ने बताया कि बचत उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं उनकी दुकान पर आए और ग्राहकों के लाभ की जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि जीएसटी में कटौती से ग्राहकों की खरीददारी बढ़ी है और हर सामान पर 1,000 से 2,000 रुपये तक की बचत हो रही है। मुख्यमंत्री साय ने महात्मा गांधी मार्ग स्थित विभिन्न दुकानों में भ्रमण कर दुकानदारों और ग्राहकों से आत्मीय बातचीत की। बाजार में पैदल भ्रमण के दौरान आमजन ने मुख्यमंत्री पर पुष्पवर्षा कर स्वागत और अभिनंदन किया।

जयस्तंभ चौक पर मुख्यमंत्री का स्वागत चैम्बर ऑफ कॉमर्स और पार्टी पदाधिकारियों ने किया। इसके बाद वे शारदा चौक पहुंचे और वहाँ देवी प्रतिमा के दर्शन कर भक्तों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं। इसके पश्चात मुख्यमंत्री पूनम होटल से लेकर मंजू ममता होटल तक पैदल भ्रमण करते हुए आगे बढ़े। सड़क किनारे खड़े छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक, सभी ने मुख्यमंत्री से संवाद करने की उत्सुकता दिखाई। मुख्यमंत्री ने भी आत्मीयता के साथ सभी की बातें सुनीं और जीएसटी 2.0 के लाभों पर उनकी प्रतिक्रियाएँ जानीं।

मुख्यमंत्री साय ने टिनी टीज़र और किड्स ऑन व्हील साइकिल स्टोर जैसे प्रतिष्ठानों पर जाकर बच्चों से जुड़ी वस्तुओं और घरेलू सामग्री पर घटे कर दरों की जानकारी ली। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में जाकर उन्होंने जाना कि उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में कितनी सस्ती दरों पर सामान मिल रहा है। दुकानदारों ने बताया कि नए प्रावधानों से व्यापार करना आसान हुआ है और ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ा है।

मुख्यमंत्री साय ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नवरात्रि पर्व और जीएसटी दरों में ऐतिहासिक कटौती का यह संयोग व्यापार और उपभोक्ताओं दोनों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में कर प्रणाली और अधिक पारदर्शी एवं सरल बनी है। इससे न केवल व्यापारियों को सुविधा होगी बल्कि आम उपभोक्ताओं की जेब में भी प्रत्यक्ष बचत होगी।

मुख्यमंत्री ने विस्तार से कहा कि अब केवल दो स्लैब रह गए हैं। आवश्यक वस्तुएँ जैसे साबुन, टूथपेस्ट, साइकिल और रसोई सामग्री अब मात्र 5 प्रतिशत कर पर उपलब्ध होंगी, जिससे हर परिवार को सालाना 3,000 से 5,000 रुपये की बचत होगी। इसी प्रकार ब्रेड, दूध, पैक्ड नमकीन और चना जैसी खाद्य वस्तुएँ पूरी तरह करमुक्त हो गई हैं, जिससे सालाना ढाई से साढ़े तीन हजार रुपये तक की बचत होगी। स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर भी कर हटने से लोगों को 25,000 रुपये की पॉलिसी पर लगभग 4,500 रुपये और वरिष्ठ नागरिक बीमा पर 8 से 10 हजार रुपये सालाना की बचत होगी।

मुख्यमंत्री साय ने अंत में कहा कि जीएसटी 2.0 से व्यापार जगत को भी बड़ा लाभ होगा। यह सुधार उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार सभी क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों और व्यापारियों से आग्रह किया कि वे स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा दें और उपभोक्ताओं से भी आह्वान किया कि वे गर्व से कहें – “मैं स्वदेशी खरीदता हूँ और स्वदेशी बेचता हूँ।” उन्होंने इसे भारत के आर्थिक भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला मंत्र बताया।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, मोती लाल साहू, नान के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, अमित चिमनानी, रमेश ठाकुर, नंदन जैन सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न व्यापारी संगठन एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 

सिर्फ 21 दिन में मक्खन की तरह पिघल जाएगी पेट की जिद्दी चर्बी ! अपनाएं ये 7 ट्रिक्स, जल्द शरीर पर दिखेगा असर

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पेट की चर्बी (Belly Fat) की समस्या तेजी से बढ़ रही है. अधिकतर लोगों का पेट निकला हुआ नजर आता है. पेट पर चर्बी जमा हो जाए, तो यह कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकती है. पेट की ज्यादा चर्बी से दिल की बीमारी, टाइप 2 डायबिटीज और फैटी लिवर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. बेली फैट कम करने के लिए जिम जाना मददगार हो सकता है, लेकिन कई रिसर्च से पता चला है कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें पेट की चर्बी कम करने में ज्यादा असरदार होती हैं. सही खानपान, दिनचर्या और सोच में बदलाव से आप सिर्फ 21 दिनों में पेट की चर्बी घटा सकते हैं. सुनकर हैरान हो रहे होंगे, लेकिन यह बात बिल्कुल सही है. चलिए ऐसी ही आदतों के बारे में जान लेते हैं.
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे पहले सुबह उठकर गर्म पानी के साथ सॉल्युबल फाइबर लेना बहुत फायदेमंद होता है. आप इसमें चिया सीड्स, इसबगोल या भीगे हुए अलसी के बीज डाल सकते हैं. ये फाइबर पेट में फूलते हैं, जिससे भूख कम लगती है और पाचन ठीक रहता है. इससे आपको दिनभर ज्यादा खाने की इच्छा नहीं होगी और पेट भी ठीक रहेगा. ये एक आसान तरीका है, जिससे आप अपने मेटाबॉलिज्म को बेहतर बना सकते हैं. देर रात स्नैक्स करने की जगह जल्दी और हल्का डिनर करना जरूरी है. अगर आप सोने से कम से कम तीन घंटे पहले खाना खा लें, तो आपका शरीर उस ऊर्जा को फैट में बदलने के बजाय खर्च कर पाता है. डिनर में प्रोटीन और सब्जियां शामिल करें, जिससे पेट की चर्बी कम होने में मदद मिलेगी. देर रात खाने से शरीर की फैट बर्निंग प्रक्रिया धीमी हो जाती है, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

दिन भर में छोटी-छोटी हरकतें करना भी पेट की चर्बी घटाने में मदद करती हैं. जिम जाने की बजाय सीढ़ियां चढ़ना, फोन पर बात करते हुए तेज चलना या टीवी देखते हुए स्ट्रेचिंग करना जैसे काम भी कैलोरी जलाते हैं. इसे NEAT कहते हैं यानी नॉन-एक्सरसाइज एक्टिविटी थर्मोजेनेसिस. ये छोटी-छोटी गतिविधियां मिलकर पेट की चर्बी कम करने में बड़ा रोल निभाती हैं. अपने खाने में ऐसी मसाले शामिल करें, जो फैट कम करने में मदद करें. भारतीय रसोई में जीरा, हल्दी और दालचीनी जैसे मसाले होते हैं, जिनमें थर्मोजेनिक गुण होते हैं. सुबह जीरे का पानी पीना, खाने में हल्दी डालना या चाय में दालचीनी मिलाना आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और इंसुलिन की संवेदनशीलता को बेहतर करता है. इससे पेट की चर्बी कम हो सकती है.

पेट की चर्बी कम करने के लिए रोज अच्छी नींद लेना भी बहुत जरूरी है, क्योंकि खराब नींद से शरीर में कॉर्टिसोल नामक तनाव हार्मोन बढ़ जाता है, जो पेट की चर्बी बढ़ाने में मदद करता है. रोज रात को 10:30 बजे तक सोना और सुबह 6:30 बजे उठना आपके हार्मोन को संतुलित रखता है. साथ ही तनाव कम करने के लिए दिन में बीच-बीच में गहरी सांस लें, 10 मिनट मेडिटेशन करें या अपनी पसंदीदा संगीत सुनें. इससे आपका तनाव कम होगा और पेट की चर्बी भी घटेगी. इस तरह की छोटी आदतें मिलकर आपके पेट को स्लिम बनाने में मदद करेंगी.

बिहार चुनाव में छत्तीसगढ़ कांग्रेस की एंट्री, भूपेश बघेल और दीपक बैज करेंगे प्रचार

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बिहार विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के दो बड़े नेता, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पीसीसी चीफ दीपक बैज प्रचार करेंगे. वे मंगलवार को बिहार पहुंच कर अभियान शुरू कर रहे हैं. दोनों नेता अलग-अलग समय पर दिल्ली होकर पटना पहुंचेंगे. पार्टी हाईकमान ने उन्‍हें यह जिम्‍मेदारी दी है और अब कहा जा रहा है कि यह सियासी भरोसा आने वाले समय में दोनों नेताओं की परख करने में सबूत बनेगा. छत्‍तीसगढ़ में कांग्रेस सूत्रों का दावा है कि राहुल गांधी ने खास तौर पर प्रदेश अध्‍यक्ष को दिल्‍ली बुलाया था और यहीं से वे बिहार जा रहे हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री बघेल मंगलवार सुबह 8:30 बजे रायपुर से दिल्ली रवाना होंगे. इसके बाद वह बिहार पहुंचकर पार्टी की चुनावी रणनीति में शामिल होंगे. वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज दोपहर 3 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे और वहां से पटना जाएंगे. दोनों नेता पटना में रात्रि विश्राम करेंगे और अगले दिन से कांग्रेस की सभाओं और कार्यकर्ता बैठकों में हिस्सा लेंगे. सूत्रों का कहना है कि दोनों नेताओं के समर्थक भी बिहार पहुंच रहे हैं. पार्टी इस बार बिहार चुनाव में अपने शानदार प्रदर्शन को लेकर आशा जता रही है.

दीपक बैज पर हाईकमान ने फिर जताया भरोसा
कांग्रेस ने इस बार बिहार चुनाव में छत्तीसगढ़ के नेताओं पर विशेष भरोसा जताया है. भूपेश बघेल का चुनावी प्रबंधन और संगठनात्मक कौशल पहले भी पार्टी के लिए अहम रहा है. हाल ही में छत्तीसगढ़ की राजनीति से राष्ट्रीय स्तर पर उनका दखल लगातार बढ़ा है. वहीं दीपक बैज को भी प्रदेश कांग्रेस संगठन में जमीनी नेता के तौर पर देखा जाता है. हाईकमान ने उन्हें बिहार प्रचार की जिम्मेदारी सौंपकर उनके कद को भी और मजबूत किया है. उनके समर्थकों का दावा है कि जहां दीपक बैज प्रचार करेंगे, वहां कांग्रेस का प्रदर्शन और बेहतर होगा.

बिहार विधानसभा चुनाव की तारीख जल्द घोषित होगी
सियासी जानकार मानते हैं कि बिहार चुनाव में कांग्रेस की भूमिका सीमित सीटों तक रहेगी, लेकिन प्रचार में बाहरी राज्यों के नेताओं की मौजूदगी से संगठन को ऊर्जा मिलेगी. खासतौर पर भूपेश बघेल की सक्रियता को हाईकमान का उन पर भरोसा और राष्ट्रीय राजनीति में उनकी उपयोगिता का संकेत माना जा रहा है. बिहार विधानसभा चुनाव की तारीख जल्द घोषित होने वाली है. कांग्रेस का मकसद इस बार महागठबंधन के तहत अपनी स्थिति मजबूत करना है. ऐसे में छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेताओं की एंट्री को पार्टी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. यह आने वाले दिनों में साफ होगा कि बघेल और बैज का प्रचार बिहार की सियासी जंग में कितना असर डाल पाता है.

बॉर्डर पार से नहीं हो पाएगी साजिश, 37 बांग्लादेशियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, भेजे जाएंगे ढाका

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असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को घोषणा की कि राज्य ने 37 अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को श्रीभूमि सेक्टर से उनके मूल देश बांग्लादेश में वापस “पुश बैक” कर दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी घुसपैठियों के साथ इसी तरह का सख्त रवैया अपनाया जाएगा. सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में लिखा, “अलविदा घुसपैठिए, असम में आपका समय खत्म! 37 अनचाहे मेहमानों को श्रीभूमि सेक्टर से बांग्लादेश वापस भेज दिया गया है.” इस पोस्ट के साथ उन्होंने पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की धुंधली तस्वीरें साझा कीं. उन्होंने आगे कहा, “सभी को पहले ही बता रहा हूं—सभी अनचाहे मेहमानों के साथ ऐसा ही व्यवहार किया जाएगा.”
मुख्यमंत्री ने यह नहीं बताया कि यह ऑपरेशन कब किया गया, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार असम को घुसपैठ-मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. सरमा ने पहले भी कहा था कि हर हफ्ते कम से कम 35-40 लोगों को “पुश बैक” किया जा रहा है. यह त्वरित प्रक्रिया लंबी और समय लेने वाली कानूनी निर्वासन प्रक्रिया को दरकिनार करती है. इस नीति के तहत, अवैध रूप से सीमा पार करने वालों को तुरंत वापस उनके देश भेज दिया जाता है, जिससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी से बचा जा सके.

असम सरकार की यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के उस हालिया फैसले के बाद और तेज हो गई है, जिसमें 24 मार्च 1971 के बाद असम में प्रवेश करने वाले सभी बांग्लादेशी प्रवासियों को अवैध घोषित किया गया है. कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को ऐसे लोगों की पहचान करने, उनका पता लगाने और उन्हें तुरंत देश से बाहर निकालने का आदेश दिया है. सरमा ने इसे अपनी सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि असम को अवैध घुसपैठियों के लिए “प्रजनन स्थल” नहीं बनने दिया जाएगा.

इससे पहले भी सरमा ने भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही थी. उनकी सरकार ने हाल ही में एक भ्रष्ट अधिकारी को गिरफ्तार किया था, जो कथित तौर पर हिंदुओं की जमीन को दूसरे समुदाय को हस्तांतरित कर रही थी. सरमा ने सभी सरकारी कर्मचारियों से भ्रष्टाचार से दूर रहने की अपील की है. उनकी यह नीति न केवल अवैध घुसपैठ को रोकने बल्कि राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी है.