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“कोलकाता में भारी बारिश से तबाही, करंट लगने से 5 की मौत. कई जिलों में अलर्ट जारी”

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पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में हुई लगातार मूसलाधार बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। सोमवार देर रात से शुरू हुई तेज बारिश के बाद कई जगहों पर सड़कों ने नालों का रूप ले लिया।

घुटनों तक भरे पानी ने यातायात को ठप कर दिया और लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। घरों में घुसा पानी, बिजली का खतरा बारिश के पानी ने शहर के कई आवासीय इलाकों और घरों में भी दस्तक दी। जलभराव के बीच हादसे भी सामने आए। कई जगहों पर बिजली के तार टूटकर पानी में गिर गए, जिससे करंट फैल गया और इसकी चपेट में आने से पांच लोगों की मौत हो गई। हालात को देखते हुए सीईएससी ने कुछ इलाकों में एहतियातन बिजली आपूर्ति काट दी है।

मेट्रो सेवा पर पड़ा असर भारी जलभराव के कारण महानायक उत्तम कुमार और रवींद्र सरोबर स्टेशनों के बीच मेट्रो सेवाएं प्रभावित हुईं। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए शहीद खुदीराम से मैदान तक की सेवाएं पूरी तरह रोक दी गईं। वहीं, दक्षिणेश्वर से मैदान के बीच मेट्रो आंशिक रूप से चल रही है। प्रशासन को आशंका है कि अगले कुछ घंटों में हालात और बिगड़ सकते हैं।

मौसम विभाग का अलर्ट भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जानकारी दी कि बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्वी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके असर से दक्षिण बंगाल के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, बांकुड़ा और झारग्राम जिलों में बुधवार तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

नगर निगम ने बताया बारिश का आंकड़ा कोलकाता नगर निगम (KMC) ने कहा कि शहर के दक्षिणी और पूर्वी इलाकों में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। गरिया कामदहारी में 332 मिलीमीटर, जोधपुर पार्क में 285, कालीघाट में 280, तोपसिया में 275 और बल्लीगंज में 264 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं, उत्तरी कोलकाता के थंटानिया क्षेत्र में 195 मिलीमीटर पानी दर्ज किया गया।

नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 25 सितंबर के आसपास पूर्व-मध्य और उत्तरी बंगाल की खाड़ी में एक और लो-प्रेशर एरिया विकसित हो सकता है। इसके सक्रिय होने पर बंगाल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।

“H1B वीजा फीस बढ़ने से भारतीय IT कंपनियों को कितना नुकसान? ब्रोकरेज कंपनियों ने जानें क्या बताया”

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अमेरिका द्वारा H-1B वीजा फीस में $100,000 की भारी बढ़ोतरी के ऐलान ने आईटी इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है और लागत बढ़ने की आशंकाएं पैदा कर दी हैं। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसका भारतीय घरेलू आईटी सर्विसेज कंपनियों पर वित्तीय प्रभाव सीमित ही रहेगा।

कई ब्रोकरेज कंपनियों ने इसको लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इनका कहना है कि यह नई फीस केवल अल्पकालिक बाजार में अस्थिरता ला सकती है, लेकिन कंपनियों के मार्जिन और मुनाफे पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, इसके पीछे प्रमुख कारण यह है कि अमेरिकी कंपनियां अब H-1B वर्कर्स पर अपनी निर्भरता धीरे-धीरे कम कर चुकी हैं और उन्होंने वैकल्पिक डिलीवरी मॉडल्स विकसित कर लिए हैं, जिससे नए शुल्क का प्रभाव काफी हद तक कम हो जाएगा।

फीस केवल नए आवेदन पर लागू ट्रम्प प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि $100,000 की यह अतिरिक्त फीस केवल नई H-1B वीजा आवेदन पर लागू होगी और यह वित्त वर्ष 2027 (FY27) से प्रभावी होगी। FY26 के लिए आवेदन पहले ही फाइनल हो चुके हैं, इसलिए वे इस बढ़ोतरी से अछूते रहेंगे। साथ ही वर्तमान वीजा धारकों और रिन्युअल पर यह बढ़ोतरी लागू नहीं होगी, जिससे इसका तात्कालिक प्रभाव भी सीमित रहेगा। कहा यह भी जा रहा है कि हालांकि इस निर्णय से उद्योग में कुछ अस्थायी अनिश्चितता और हलचल बनी रहेगी, लेकिन दीर्घकालीन दृष्टिकोण से भारतीय आईटी कंपनियां इस बदलाव को अपने व्यवसाय मॉडल में समायोजित कर लेंगी और इस चुनौती का सामना करने में सक्षम होंगी।

क्यों होगा सीमित असर? ब्रोकरेज फर्मों ने इस बात पर जोर दिया है कि बड़ी आईटी कंपनियां इस तरह की चुनौतियों के लिए पहले से ही तैयार हैं।

ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए के अनुसार, अगर कंपनियां बढ़ी हुई लागत को पूरी तरह खुद वहन करती हैं, तो इससे वित्त वर्ष 2027 (FY27) की आय में लगभग 6% तक की गिरावट आ सकती है। हालांकि, व्यावसायिक रणनीतियों को देखते हुए उनका अनुमान है कि शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) पर वास्तविक प्रभाव केवल 1-3% के बीच ही रहेगा।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज: इस फर्म ने भी माना कि अगर कंपनियां नई H-1B नियुक्तियों पर निर्भर रहती हैं, तो इससे मार्जिन में लगभग 100 आधार अंकों का नुकसान हो सकता है, लेकिन कंपनियां इस लागत को कम करने के लिए नए तरीके अपनाएंगी।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज: इस फर्म का कहना है कि भारतीय आईटी कंपनियां लंबे समय से अपने बिजनेस मॉडल में लोकलाइजेशन (स्थानीयकरण) और उप-ठेकेदारी को अपना रही हैं। यही वजह है कि अचानक हुए नीतिगत बदलावों से उन्हें सुरक्षा मिलती है। फर्म ने यह भी बताया कि H-1B वीजा के लिए सबसे ज्यादा आवेदन भारतीय आईटी कंपनियों से नहीं, बल्कि गूगल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियों से आते हैं।

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज: नुवामा का मानना है कि कंपनियां इस बढ़ी हुई लागत से निपटने के लिए अधिक कुशल स्टाफिंग मॉडल का उपयोग करेंगी, जिससे मार्जिन और आय पर प्रभाव कम होगा। वे लागत-कुशल तरीके तलाशेंगी ताकि व्यवसाय प्रभावित न हो।

कुल मिलाकर, ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि यह बढ़ोतरी आईटी कंपनियों के लिए एक चुनौती जरूर है, लेकिन उनकी मजबूत रणनीतियां और ऑपरेशनल मॉडल इस असर को काफी हद तक कम कर देंगे।

“Navratri Navami 2025 Date: नवरात्रि की नवमी कब है 30 सितंबर या 1 अक्टूबर? जानिए ये राम नवमी है या महा नवमी”

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महा नवमी नवरात्रि पर्व का आखिरी दिन होता है। इस दिन मां सिद्धिदात्री (Maa Siddhidatri) की पूजा की जाती है। इस दिन के महत्वपूर्ण अनुष्ठान में कन्या पूजन (Kanya Pujan) और हवन पूजन (Havan Pujan) शामिल है।

चैत्र नवरात्रि की नवमी को राम नवमी (Ram Navami) के नाम से जाना जाता है तो वहीं शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि को महा नवमी (Maha Navami) या दुर्गा नवमी (Durga Navami) कहा जाता है। चूंकि इस समय शारदीय नवरात्रि चल रही हैं तो इसलिए इस बार की नवमी महा नवमी कहलाएगी। चलिए जानते हैं इस साल महा नवमी कब मनाई जाएगी।

नवरात्रि महा नवमी कब है 2025 (Navratri Maha Navami 2025 Date) इस बार नवमी की तारीख को लेकर काफी कन्फ्यूजन चल रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस साल एक नवरात्र बढ़ गया है। जिस कारण से इस बार नवरात्रि की नवमी 1 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी।

नवरात्रि नवमी हवन पूजन मुहूर्त 2025 (Navratri Navami Havan Pujan Muhurat 2025) नवरात्रि की नवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा के साथ हवन पूजन किया जाता है। 1 अक्टूबर को हवन पूजन मुहूर्त सुबह 06:14 से शाम 06:07 बजे तक रहेगा। नवमी तिथि का प्रारम्भ 30 सितम्बर 2025 को 06:06 पी एम बजे होगा और इसका समापन 1 अक्टूबर 2025 को 07:01 पी एम बजे होगा।

नवरात्रि नवमी पर कन्या पूजन का महत्व (Navratri Navami Par Kanya Pujam Ka Mahatva) नवरात्रि नवमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। कहते हैं इस दिन कन्याओं को भोजन कराने से नौ दिन की पूजा का संपूर्ण फल प्राप्त हो जाता है। साथ ही माता रानी की असीम कृपा प्राप्त होती है।

“KOLKATA RAINS LIVE: कोलकाता में भारी बारिश से तबाही, 4 की मौत, हर तरफ जलभराव और ट्रैफिक जाम, रेल-मेट्रो भी बाधित”

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KOLKATA RAINS LIVE: पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भारी बारिश की वजह से हड़कंप मच गया है। यहां कई इलाकों में जलभराव है और यातायात जाम हो गया है। बारिश की वजह से अलगअलग जगहों पर 4 लोगों की मौत भी हुई है।

 बेनियापुकुर, कालिकापुर, नेताजी नगर, गरियाहाट और इकबालपुर में अलगअलग घटनाओं में ये मौतें हुईं हैं। ये इलाके कोलकाता के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में से हैं।

“घरेलू शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 163 अंक लुढ़का, निफ्टी भी नीचे, ये दिग्गज स्टॉक्स टूटे”

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घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। सेंसेक्स सुबह 9 बजकर 42 मिनट के करीब 163.17 अंकों की गिरावट के साथ 81,996.80 के लेवल पर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी भी 56.95 अंक फिसलकर 25,145.40 के लेवल पर कारोबार कर रहा था।

मनीकंट्रोल के मुताबिक, निफ्टी ऑटो इंडेक्स 1.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ टॉप सेक्टोरल गेनर के रूप में उभरा, जबकि निफ्टी आईटी इंडेक्स की शुरुआत भी धीमी रही। निफ्टी रियल्टी और पीएसयू बैंक इंडेक्स 0.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ बढ़त पर काबू पा सके।

रुपया डॉलर के मुकाबले 25 पैसे टूटा मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 25 पैसे की गिरावट के साथ 88.53 के अपने अब तक के सबसे निचले इंट्राडे स्तर पर पहुंच गया। यह कमजोरी मुख्य रूप से अमेरिका द्वारा भारत से आयातित वस्तुओं पर बढ़ाए गए टैरिफ और H-1B वीजा फीस में वृद्धि जैसे नकारात्मक संकेतों से निवेशकों की भावना पर असर डालने के कारण आई। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 88.41 के स्तर पर खुला, लेकिन इसके बाद लगातार गिरावट के साथ 88.53 तक लुढ़क गया, जो पिछले बंद स्तर से 25 पैसे कम है। बीते सोमवार को रुपया 12 पैसे की गिरावट के साथ 88.28 के स्तर पर बंद हुआ था।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार वॉल स्ट्रीट पर लगातार जारी तेजी के बाद एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार हुआ। टोक्यो में राष्ट्रीय अवकाश के कारण कारोबार बंद रहा। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 0.6 प्रतिशत बढ़कर 8,861.10 पर पहुंच गया। पीटीआई की खबर के मुताबिक, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.3 प्रतिशत बढ़कर 3,479.23 पर पहुंच गया। हांगकांग का हैंग सेंग 0.8 प्रतिशत गिरकर 26,125.56 पर आ गया, क्योंकि निवेशक अमेरिकी टैरिफ पर चल रही बातचीत पर नज़र बनाए हुए थे।

शंघाई कंपोजिट 1.0 प्रतिशत गिरकर 3,788.66 पर आ गया। वॉल स्ट्रीट पर, एसएंडपी 500 सुबह की मामूली गिरावट को भुलाकर 0.4 प्रतिशत बढ़ा। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 66 अंक या 0.1 प्रतिशत बढ़ा, और नैस्डैक कंपोजिट 0.7 प्रतिशत चढ़ा। यह लगातार तीसरा दिन था जब तीनों सूचकांकों ने सर्वकालिक उच्चतम स्तर हासिल किया।

“Zubeen Garg Funeral: पंचतत्व में विलीन हुए जुबिन गर्ग, रोती-बिलखती रहीं पत्नी, नम आंखों से दी अंतिम विदाई”

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प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग का 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में निधन हो गया। सिंगर स्कूबा डाइविंग करने गए थे, इसी दौरान एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।

उनके असामयिक निधन से पूरे देश, विशेषकर असम में शोक व्याप्त है।

जुबिन का पार्थिव शरीर हाल ही में असम लाया गया, जिसके बाद गुवाहाटी में उनके अंतिम दर्शन के लिए भारी संख्या में प्रशंसक उमड़े। आज 23 सितंबर को उनका अंतिम संस्कार असम के कमरकुची गांव, उत्तरी कैरोलिना में किया गया है। अंतिम संस्कार में भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति भी दर्ज की गई है। पहले अंतिम संस्कार का निर्धारित समय 8 बजे रखा गया था, लेकिन अब अटॉप्सी के बाद इसे संपन्न किया गया।

फिर होगा पोस्टमार्टम इस बीच जुबिन की मौत को लेकर एक नया मोड़ सामने आया है। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा शर्मा ने गायक के दूसरे पोस्टमार्टम की घोषणा की है।

यह पोस्टमार्टम गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में किया गया, जिसमें एम्स गुवाहाटी की एक विशेषज्ञ टीम भी शामिल रही। मुख्यमंत्री के अनुसार, जुबिन के परिवार ने इस प्रक्रिया के लिए सहमति दी है। हिमंता बिस्वा शर्मा ने जानकारी दी कि सिंगापुर से प्राप्त मृत्यु प्रमाण पत्र में मौत का कारण डूबना बताया गया है, जो पहले की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मेल नहीं खाता। मूल कारण को समझने के लिए दोबारा पोस्टमार्टम का निर्णय लिया गया है।

ली गई पैरों की छाप

जुबिन गर्ग की मौत ने संगीत जगत और उनके प्रशंसकों को गहरा आघात पहुंचाया है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच पर टिकी हैं। आज सिंगर को सम्मान देने के लिए उनके पैरों की छाप भी लिए गए।

“Invest in Gold-Silver: अभी सोना-चांदी मत खरीदो, नहीं तो हो जाएगा बड़ा नुकसान… किसने और क्यों दी यह चेतावनी?”

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सोने-चांदी की कीमत इस समय आसमान छू रही है। ये दोनों धातु इस साल निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दे चुकी हैं। सोने में 40 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है। कल यानी सोमवार को दिल्ली में सोना 2,200 रुपये उछलकर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

इसके दाम अब 1,16,200 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गए हैं। वहीं चांदी भी 4,380 रुपये चढ़कर 1,36,380 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इसी बीच एक एक्सपर्ट ने उन लोगों को चेतावनी दी है जो सोना और चांदी खरीदना चाहते हैं।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट एस नरेन ने निवेशकों को यह चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सोना और चांदी के पीछे भागना नुकसानदायक हो सकता है। खासकर तब, जब इनकी कीमतें पहले से ही बहुत बढ़ चुकी हों। नरेन ने कहा कि जो लोग हाल ही में सोना और चांदी के दाम बढ़ने के बाद इनमें निवेश कर रहे हैं, उन्हें लंबे समय तक नुकसान हो सकता है। उन्होंने ET Money के साथ एक पॉडकास्ट में यह बात कही।

क्यों दी निवेश न करने की सलाह नरेन का कहना है कि जो निवेशक किसी चीज के दाम बढ़ने के बाद उसमें पैसा लगाते हैं, वो ‘एंटी-एसेट एलोकेशन’ करते हैं। उन्होंने कहा कि एंटी-एसेट एलोकेशन आम तौर पर आपदा की ओर ले जाती है। उनका मानना है कि ऐसा करने से लंबे समय में नुकसान होता है। हालांकि, शुरुआत में यह गलत नहीं लगता।

सोना और चांदी के ईटीएफ में लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है। पिछले एक साल में इन धातुओं ने इक्विटी से बेहतर प्रदर्शन किया है। लेकिन नरेन का कहना है कि यही वजह है कि निवेशकों को सावधान रहना चाहिए, उत्साहित नहीं।

उदाहरण देकर समझाई अपनी बात नरेन ने उदाहरण देते हुए कहा, ‘अगर आप ढाई साल पहले चांदी में निवेश करते, तो यह बहुत अच्छा होता। तब चांदी का प्रदर्शन बहुत खराब था।’ लेकिन अब लोग चांदी के बारे में बात कर रहे हैं। क्या चांदी डिविडेंड देती है? नहीं। क्या इस पर ब्याज मिलता है? नहीं। क्या आप चांदी को P/E के आधार पर आंक सकते हैं? नहीं।

खराब प्रदर्शन वाली चीजों में निवेश की सलाह नरेन ने निवेशकों को सलाह दी कि उन एसेट क्लास में निवेश करना चाहिए जिन्होंने खराब प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि अगर सोना और चांदी ने बहुत बुरा प्रदर्शन किया है, तो सोना और चांदी में पैसा लगाएं। लेकिन अगर सोना और चांदी ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है, तो उनमें बहुत अधिक पैसा न लगाएं।

उन्होंने कहा कि अगर आवासीय रियल एस्टेट ने खराब प्रदर्शन किया है, तो आवासीय रियल एस्टेट में निवेश करें। अगर इक्विटी ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है, तो अपनी सारी पूंजी इक्विटी में न लगाएं। यानी उन चीजों से दूर रहना चाहिए जो पहले से ही बहुत महंगी हो चुकी हैं।

“फिलिस्तीन देश बनकर रहेगा? फ्रांस समेत 6 यूरोपीय देशों ने मान्यता देने का किया ऐलान, इजरायल और अमेरिका पड़े कमजोर?”

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फ्रांस ने औपचारिक रूप से फिलिस्तीनी देश को मान्यता देने की घोषणा की है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि शांति का समय आ गया है। उन्होंने युद्ध के बाद गाजा में संयुक्त राष्ट्र से अधिकृत एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की योजना पेश की है।

इसे कई देशों से समर्थन मिलने की उम्मीद है, लेकिन इजरायल या अमेरिका की तरफ से ऐसा होने की संभावना नहीं है। सोमवार शाम को संयुक्त राष्ट्र महासभा हॉल में एक विशेष शिखर सम्मेलन के उद्घाटन भाषण में मैक्रों ने कहा, गाजा में युद्ध, नरसंहार और मौतों को समाप्त करने का समय आ गया है।

इमैनुएल मैक्रों ने कहा, फिलिस्तीनी लोगों के लिए न्याय करने और इस प्रकार गाजा, पश्चिमी तट और यरुशलम में फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने का समय आ गया है। फ्रांस ने सऊदी अरब के साथ इस विशेष शिखर सम्मेलन का आयोजन किया था। इस सम्मेलन में अमेरिका शामिल नहीं हुआ और इजरायली अधिकारियों ने इस पहल को खारिज कर दिया। G7 के अन्य देश जर्मनी और इटली ने भी सम्मलेन से दूरी बनाई।

इन देशों ने भी दी फिलिस्तीन को मान्यता फ्रांस के साथ ही एंडोरा, माल्टा, लक्जमबर्ग और मोनाको भी फिलिस्तीन को मान्यता देने की घोषणा की। बेल्जियन ने भी फिलिस्तीन राज्य की मान्यता को अपना समर्थन दिया, लेकिन कहा कि यह कानूनी रूप से तभी प्रभावी होगा, जब हमास को हटा दिया जाएगा और बंधकों को वापस कर दिया जाएगा। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने फिलिस्तीन राज्य को संयुक्त राष्ट्र का पूर्ण सदस्य बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि ‘यह सम्मेलन मील का पत्थर है, लेकिन यह इस यात्रा का अंत नहीं है। यह तो बस शुरुआत है।’

इमैनुएल मैक्रों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को बताया कि ‘फिलिस्तीनी देश को मान्यता देना एकमात्र साधन है, जो इजरायल को शांति से रहने देगा।’ उन्होंने कदम को हमास की हार बताया। मैक्रों ने कहा, हमें द्वि-राष्ट्र समाधान की संभावना को बनाए रखने के लिए अपनी पूरी शक्ति से प्रयास करना चाहिए, ताकि इजरायल और फिलिस्तीन शांति और सुरक्षा के साथ-साथ रह सकें। उन्होंने आगे कहा कि फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों को मान्यता देने से इजरायल के लोगों के अधिकारों में कोई कमी नहीं आएगी, जिनका फ्रांस ने पहले दिन से समर्थन किया है।

फिलिस्तीन का बढ़ता समर्थन फ्रांस की घोषणा ऐसे समय में आई है, जब ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और पुर्तगान ने पिछले सप्ताह के आखिर में फिलिस्तीनी देश को मान्यता का ऐलान किया है। वे 145 से अधिक देशों में शामिल हो गए हैं, जो पहले से फिलिस्तीन को मान्यता दे चुके हैं।

इस बीच आठ अरब और मुस्लिम देशों के नेता डोनाल्ड ट्रंप से मिलने वाले हैं। मंगलवार को होने वाली इस बैठक में सऊदी अरब, तुर्की, पाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र, इंडोनेशिया, कतर और जॉर्डन शामिल होंगे। एक्सियोस ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि इस बैठक में डोनाल्ड ट्रंप गाजा में युद्ध को खत्म करने और उसके बाद की योजना पेश कर सकते हैं। अमेरिकी और अरब अधिकारियों का कहना है कि यह अमेरिकी योजना होगा न कि एक इजरायली योजना।

“नाना पाटेकर ने OP सिंदूर के पाद Pak की गोलीबारी से प्रभावित परिवारों को दिए ₹42 लाख, कहा- एक छोटा सा योगदान है”

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एक्टर नाना पाटेकर एक शानदार कलाकार के साथ-साथ समाज सेवा में भी अपना अमूल्य योगदान देते रहते हैं। उन्होंने अपने NGO के जरिए भारतीय सेना के साथ मिलकर राजौरी और पुंछ जिलों के उन 117 परिवारों को, जो ऑपरेशन सिंदूर के बाद बॉर्डर के पार हुई गोलीबारी से प्रभावित हुए, उन्हें राहत साम्रगी के साथ-साथ 42 लाख रुपये भी डोनेट किए।

नाना पाटेकर ने इन प्रभावित परिवारों की मदद करने को अपनी जिम्मेदारी बताया। वह पाकिस्तानी गोलाबारी के पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित करने के दौरान सोमवार को भावुक हो गए। अपने गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) निर्मला गजानन फाउंडेशन की ओर से पाटेकर ने मई में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई का खामियाजा भुगतने वाले पुंछ और राजौरी जिलों के सीमावर्ती इलाकों के लोगों से मुलाकात की।

नाना पाटेकर ने 42 लाख रुपये परिवारों को दिए नाना पाटेकर ने फिल्म ‘प्रहार’ में सेना के मेजर की भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि वह खुद उस 11 साल की लड़की की पढ़ाई का खर्च उठा रहे हैं जिसने पुंछ में हुई गोलाबारी में अपने पिता अमरीक सिंह को खो दिया था। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान 7 से 10 मई के बीच अपने परिवार के किसी सदस्य को खो चुके या फिर अपने घर पर किसी तरह का नुकसान झेल चुके 117 परिवारों को एक्टर ने 42 लाख रुपये की सहायता राशि दी।

पहलगाम में हुआ था आतंकी हमला पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादियों द्वारा हमला कर 26 लोगों की हत्या कर दी गई थी और मारे गए अधिकतर लोग पर्यटक थे। इसके बाद भारतीय सेना ने पहलगाम हमले के जवाब में पाकिस्तान में आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। इस दौरान LOC पर पाकिस्तानी सेना द्वारा की गई जवाबी गोलाबारी, मिसाइल हमलों और ड्रोन हमलों में कम से कम 28 लोग मारे गए।

नाना पाटेकर ने पीड़ित परिवारों की मदद की नाना पाटेकर ने कहा, ‘यह उन परिवारों के लिए एक छोटा सा योगदान है जो हमारे अपने हैं और केवल इसलिए कष्ट झेल रहे हैं क्योंकि वो सीमाओं पर रह रहे हैं। हम उन्हें संदेश देना चाहते हैं कि वे अकेले नहीं हैं।’ इस मौके पर 25वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल कौशिक मुखर्जी और राजौरी के उपायुक्त अभिषेक शर्मा भी मौजूद थे। जम्मू-पुंछ नेशनल हाईवे की खराब स्थिति के बारे में एक्टर ने कहा, ‘मैं सीमावर्ती निवासियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए इसके तत्काल रखरखाव के लिए दिल्ली में संबंधित विभागों के समक्ष यह मुद्दा उठाऊंगा।’

“‘अमेरिका के लिए भारत अत्यंत महत्वपूर्ण’, जयशंकर से मुलाकात के बाद बोले मार्को रुबियो”

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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि भारत उनके देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही, उन्होंने व्यापार के क्षेत्र में भारत के साथ चल रहे सहयोग का स्वागत किया। सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात के बाद, रुबियो ने कहा कि अमेरिका के लिए भारत बहुत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, दवाइयां, महत्वपूर्ण खनिज और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर भारत सरकार के निरंतर सहयोग की सराहना की। अमेरिका और भारत ने मिलकर एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई, जिसमें क्वाड के माध्यम से भी काम होगा।

यह बयान उस वक्त सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए और भारत को लेकर कई कठोर बयान दिए, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 75वें जन्मदिन पर बधाई दी। इसके अलावा, विदेश मंत्री जयशंकर के साथ रुबियो की मुलाकात महत्वपूर्ण थी, क्योंकि यह उनकी उस दिन की पहली आधिकारिक बैठक थी। रुबियो संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र के लिए आए विश्व नेताओं के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें कर रहे हैं।

जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि बातचीत के दौरान द्विपक्षीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में प्रगति के लिए निरंतर संवाद की आवश्यकता पर हम सहमत हुए। उन्होंने कहा कि वे संपर्क में रहेंगे। कॉन्फ्रेंस रूम में जाने से पहले, वे बाहर मौजूद मीडिया के सामने सौहार्दपूर्ण ढंग से आए, हाथ मिलाया, लेकिन सवालों के जवाब देने से मना कर दिया। बाद में, जयशंकर ने भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक्स पोस्ट में कहा कि वे दोनों अमेरिका-भारत संबंधों को और मजबूत करने के लिए उत्सुक हैं। गोर को दक्षिण और मध्य एशिया के लिए ट्रंप का विशेष दूत भी बनाया गया है। उनकी नियुक्ति को सीनेट की मंजूरी की जरूरत है, जैसा कि सभी राजदूत पदों के लिए होता है।