Home Blog Page 6

महिला आरक्षण विधेयक: संसद में सीटों की संख्या बढ़कर 816 होगी…

0

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने हाल ही में बताया कि महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने के बाद संसद में कुल सीटों की संख्या 816 हो जाएगी। इनमें से 33.4% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी, जिसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाएं भी शामिल होंगी। उन्होंने एएनआई से बातचीत में कहा कि यह विधेयक पारित होने के बाद संसद में सीटों की संख्या में वृद्धि होगी।

सभी दलों से समर्थन की अपील

अठावले ने सभी राजनीतिक दलों से इस विधेयक का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस आरक्षण में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान होना चाहिए। इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित कराने के लिए 16 से 18 अप्रैल तक एक विशेष संसद सत्र आयोजित किया जाएगा।

महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में कदम

अठावले ने इस पहल को महिलाओं के सशक्तिकरण और शासन में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई सीटों की संख्या 2029 के लोकसभा चुनावों के बाद लागू होगी, जिससे पूरे देश में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर लगाया जंगल राज का आरोप…

0

प्रधानमंत्री का आरोप

गुवार को एक चुनावी रैली में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर जंगल राज का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी ‘मां, माटी और मनुष्य’ की बात करती है, लेकिन उनके शासन में मां रो रही है, माटी पर घुसपैठियों का कब्जा है, और मनुष्य भयभीत हैं। मोदी ने रवींद्रनाथ टैगोर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने एक ‘भयमुक्त’ समाज की कल्पना की थी, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने इसके विपरीत हालात पैदा कर दिए हैं।

घुसपैठियों का मुद्दा

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि टीएमसी का गिरोह घुसपैठियों को जाली सरकारी दस्तावेज प्राप्त करने में मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों का अतिक्रमण चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। मोदी ने बंगाल की जनता से वादा किया कि भाजपा सरकार बनने पर घुसपैठ में मदद करने वालों के खिलाफ विशेष जांच शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि चाहे वे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, उनकी पहचान कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।

बोगटुई घटना पर चिंता

प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 की बोगटुई घटना पर चिंता व्यक्त की, जिसमें गांव में आग लगने से आठ लोग जिंदा जल गए थे। उन्होंने इसे मानवता पर एक कलंक बताया और कहा कि यह घटना केवल एक घटना नहीं थी, बल्कि यह जंगल राज का प्रमाण है।

बिहार की राजनीति इस समय बड़े बदलाव, सीएम पद की रेस में ये नाम, बैठक में होगा फैसला…

0

बिहार की राजनीति इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के दिल्ली दौरे और राज्यसभा जाने के फैसले के बाद राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।

इसके साथ ही अगले मुख्यमंत्री को लेकर एनडीए के भीतर मंथन जारी है।

नीतीश कुमार आज दिल्ली के लिए रवाना होंगे और 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेंगे। इसे राज्य की सक्रिय राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति की ओर उनका अहम कदम माना जा रहा है। दिल्ली पहुंचने के बाद उनकी मुलाकात Amit Shah समेत बीजेपी के शीर्ष नेताओं से हो सकती है, जहां बिहार की नई सरकार, मुख्यमंत्री के चेहरे और सत्ता संतुलन पर चर्चा होने की संभावना है।

सीएम पद की रेस में ये नाम

बिहार(Bihar) के अगले मुख्यमंत्री को लेकर जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय, दिलीप जायसवाल, विजय कुमार सिन्हा, रेणु देवी, संजीव चौरसिया और जनक राम शामिल हैं। इन नेताओं के सामाजिक और राजनीतिक आधार को ध्यान में रखते हुए पार्टी अंतिम फैसला लेगी।

बैठक में होगा फैसला

बताया जा रहा है कि इस बैठक में डिप्टी सीएम Samrat Choudhary भी शामिल होंगे। इसके अलावा संजय सरावगी, Vijay Kumar Sinha समेत कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में नए नेतृत्व को लेकर अंतिम रणनीति तय की जा सकती है।

सामाजिक समीकरण अहम फैक्टर

एनडीए के सामने सबसे बड़ी चुनौती सामाजिक संतुलन साधने की है। ओबीसी, सवर्ण, दलित और महिला प्रतिनिधित्व जैसे पहलुओं को ध्यान में रखते हुए ऐसा चेहरा चुना जाएगा, जो व्यापक रूप से स्वीकार्य हो और मजबूत राजनीतिक संदेश दे सके।

नई सरकार का संभावित टाइमलाइन

सूत्रों के मुताबिक, 13 अप्रैल को नीतीश कुमार के कार्यकाल की आखिरी कैबिनेट बैठक हो सकती है। इसके बाद 14 अप्रैल को उनके इस्तीफा देने की संभावना जताई जा रही है, जिससे नई सरकार के गठन का रास्ता साफ होगा। माना जा रहा है कि 15 अप्रैल को बिहार(Bihar) को नया मुख्यमंत्री मिल सकता है और शपथ ग्रहण समारोह पटना के गांधी मैदान में आयोजित हो सकता है।

कौन बन सकता है अगला मुख्यमंत्री?

एनडीए सूत्रों के अनुसार, सम्राट चौधरी को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है और पार्टी के भीतर उनके नाम पर सहमति बनती दिख रही है। हालांकि, आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन संकेत यही हैं कि बीजेपी एक मजबूत और सक्रिय नेतृत्व को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।

Assembly Elections 2026: विधानसभा चुनाव 2026: असम, पुडुचेरी और केरल में बंपर वोटिंग…

0

विधानसभा चुनावों के लिए मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं। सुबह के शुरुआती चार घंटों में ही जिस तरह का रुझान देखने को मिला है, वह यह साफ कर रहा है कि शाम तक वोट प्रतिशत अच्छा रहने वाला है।

पूर्वोत्तर के राज्य असम में चुनावी पारा काफी चढ़ा हुआ है। भारतीय निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सुबह 11 बजे तक यहां करीब 38.92 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया है। विशेष रूप से माजुली जिले के लोगों ने लोकतंत्र के प्रति जबरदस्त समर्पण दिखाया है, जहां सर्वाधिक 44.30 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है।

वहीं, गोलपाड़ा और मोरीगांव जैसे जिलों में भी वोटिंग की रफ्तार काफी तेज है। डिब्रूगढ़ में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पबित्रा मार्गेरिटा जैसे दिग्गज नेताओं ने भी आम जनता के साथ अपनी बारी का इंतजार किया और वोट डाला। मार्गेरिटा ने इस अवसर पर कहा कि यह लोकतंत्र का सबसे बड़ा जश्न है और उन्होंने एक मजबूत देश के निर्माण के लिए सभी से बाहर निकलकर वोट करने की अपील की।

केरल में कैसा है वोटिंग प्रतिशत

दक्षिण भारत के राज्य केरल में मतदान की रफ्तार काफी अच्छी बनी हुई है और सुबह 11 बजे तक यहां 33.28 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई है। एर्नाकुलम जिला मतदान के मामले में सबसे आगे चल रहा है, जबकि कासरगोड में अभी रफ्तार थोड़ी धीमी है। यहां की राजनीति में जुबानी जंग भी काफी तेज दिखाई दी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी और एमएम हसन ने अपनी जीत का भरोसा जताया और वर्तमान सरकार के कथित कुशासन व भ्रष्टाचार को बड़ा मुद्दा बताया। दूसरी तरफ, भाजपा के राजीव चंद्रशेखर और एलडीएफ के उम्मीदवारों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में मतदान किया। केरल का हर एक वोटर आज यह जानता है कि उनका एक वोट राज्य की सामाजिक सुरक्षा और भविष्य की आर्थिक दिशा तय करने वाला है।

पुडुचेरी के चुनाव में बाइक से वोट डालने पहुंचे मुख्यमंत्री

पुडुचेरी चुनाव का नजारा थोड़ा अलग और काफी दिलचस्प रहा। यहां के सीएम एन. रंगासामी ने एक आम नागरिक की सादगी का परिचय देते हुए बाइक पर सवार होकर मतदान केंद्र पहुंचकर सबको हैरान कर दिया। सुबह 11 बजे तक इस प्रदेश में 37.06 प्रतिशत मतदान हुआ है। हालांकि, इस उत्साह के बीच कुछ शिकायतें भी सुनने को मिलीं।भाजपा उम्मीदवार वीपी रामलिंगम ने बताया कि कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए उचित सुविधाओं का अभाव था, जिससे लोगों को परेशानी हुई। पूर्व मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने भी कतार में खड़े होकर अपने अधिकार का प्रयोग किया और कहा कि भारत के हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह इस प्रक्रिया में हिस्सा ले।

इन तीनों राज्यों में शाम 6 बजे तक मतदान की यह प्रक्रिया इसी तरह जारी रहेगी। यह चुनाव केवल बड़े नेताओं के भाग्य का फैसला नहीं है, बल्कि उस आम आदमी की आवाज है जो बिजली, सड़क, पानी और बेहतर जीवन जैसे बुनियादी मुद्दों पर अपनी मुहर लगा रहा है।

“अजित पवार जैसी जैकेट और वही अंदाज! पार्थ पवार ने ली राज्यसभा सांसद पद की शपथ”

0

Parth Pawar Rajya Sabha MP Oath Ceremony: महाराष्ट्र की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिग्गज नेता और दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद, पवार परिवार और पार्टी अब नए नेतृत्व की ओर देख रही है। जहां एक तरफ पार्टी की कमान सुनेत्रा पवार मजबूती से संभाल रही हैं, वहीं दूसरी ओर आज उनके पुत्र पार्थ पवार ने आधिकारिक तौर पर देश के उच्च सदन यानी राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की।

भावुक पल: पिता की ‘जैकेट’ और विरासत संसद भवन के भव्य गलियारों में आज का दिन बेहद भावुक रहा। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सबकी निगाहें पार्थ पवार के पहनावे पर टिकी थीं। पार्थ ने इस विशेष अवसर पर वही नेहरू जैकेट पहनी थी, जो उनके पिता अजित पवार की पहचान मानी जाती थी। राजनीतिक गलियारों में इसे केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि एक ‘विरासत के हस्तांतरण’ के रूप में देखा जा रहा है। समर्थकों का मानना है कि पार्थ ने गुलाबी जैकेट पहनकर यह संदेश दिया है कि वह अपने पिता के अधूरे सपनों और उनके काम करने के कड़क अंदाज को आगे ले जाएंगे।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने दिलाई शपथ

आज संसद भवन में आयोजित एक संक्षिप्त लेकिन गरिमापूर्ण समारोह में उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने पार्थ पवार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ लेने के बाद पार्थ ने सदन के वरिष्ठ नेताओं का अभिवादन किया। इस दौरान उनके चेहरे पर जिम्मेदारी का भाव साफ झलक रहा था। शपथ ग्रहण के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, एनसीपी नेता प्रफुल पटेल सनील तटकरे, और कांग्रेस नेता जयराम रमेश भी मौजूद थे।

सुनेत्रा पवार के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी

अजित पवार के जाने के बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर जो कयास लगाए जा रहे थे, उन पर अब विराम लग चुका है। सुनेत्रा पवार ने जिस तरह से संगठन को एकजुट रखा है, उससे कार्यकर्ताओं में नया उत्साह है। अब पार्थ पवार के दिल्ली (केंद्र) की राजनीति में सक्रिय होने से महाराष्ट्र में एनसीपी की पकड़ और मजबूत होने की उम्मीद है। पार्थ पवार के लिए यह कार्यकाल चुनौतियों भरा होने वाला है, क्योंकि उन्हें न केवल खुद को एक परिपक्व राजनेता के रूप में साबित करना है, बल्कि अजित दादा के समर्थकों की उम्मीदों पर भी खरा उतरना है।

बंगाल चुनाव: पश्चिम बंगाल की जनता को पीएम मोदी ने दी 6 गारंटी…

0

PM Modi West Bengal Rally: पश्चिम बंगाल के हल्दिया की धरती पर पीएम मोदी की जनसभा ने वादों की चिंगारी को एक बार फिर हवा दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की जनता के सामने वादों की झड़ी लगा दी है। हल्दिया में प्रधानमंत्री को सुनने आई भीड़ को उन्होंने ‘परिवर्तन की आंधी’ कहा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब एक ऐसी सरकार को विदा किया जाए जो जनता के प्रति संवेदनशील नहीं रही। पीएम मोदी ने बंगाल की जनता को 6 गारंटी भी दी। जानिए पीएम ने क्या कहा-

सरकारी सिस्टम में जवाबदेही होगी तय

हल्दिया की जनसभा में प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी सतीश चंद्र सामंता के साहस को याद किया, जिन्होंने कभी अंग्रेजों की सत्ता को चुनौती दी थी। इसी ऐतिहासिक भूमि से मोदी ने अपनी पहली बड़ी गारंटी देते हुए कहा कि भाजपा की सरकार राज्य में डर का माहौल खत्म करेगी। लोग अब भय के साये में नहीं, बल्कि भरोसे के साथ जिएंगे और कानून का राज एक बार फिर मजबूती से स्थापित होगा।

इसके साथ ही, उन्होंने सरकारी तंत्र में बड़े सुधार का वादा किया है।

उनकी दूसरी गारंटी यह है कि सरकारी सिस्टम अब केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वह जनता की सेवा के लिए पूरी तरह जवाबदेह बनाया जाएगा। एक आम नागरिक के लिए इसका मतलब है कि उसे अपने काम के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

खुलेगी हर रेपकांड की फाइल

बंगाल की माताओं और बहनों की सुरक्षा को प्रधानमंत्री ने अपनी राजनीति के केंद्र में रखा है। उन्होंने अपनी तीसरी और चौथी गारंटी में भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान किया है। मोदी ने साफ कहा कि राज्य में हुए हर घोटाले, महिलाओं के साथ हुए अन्याय और हर एक बलात्कार के मामले की फाइल दोबारा खोली जाएगी ताकि दोषियों को सजा मिल सके।

प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि

टीएमसी के शासन में जनता का पैसा लूटने वाले अब जेल की सलाखों के पीछे होंगे। चाहे वह कोई बड़ा मंत्री हो या शासन का कोई छोटा हिस्सा, कानून किसी को भी नहीं बख्शेगा। ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मंत्र के साथ उन्होंने वादा किया कि बंगाल में अब लुटेरों का हिसाब करने का वक्त आ गया है।

सातवां वेतन आयोग के साथ घुसपैठियों पर बड़ा बयान

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी अंतिम दो गारंटियों के जरिए समाज के दो अलग-अलग वर्गों को बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ किया कि जो लोग शरणार्थी के रूप में यहां रह रहे हैं, उन्हें संविधान के तहत हर अधिकार दिया जाएगा, लेकिन देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले घुसपैठियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उन्हें बाहर निकाला जाएगा।

इसके अलावा, राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए उन्होंने एक बड़ी खुशखबरी दी है। मोदी ने छठी गारंटी देते हुए वादा किया कि भाजपा की सरकार बनते ही बंगाल में ‘सातवां वेतन आयोग’ लागू कर दिया जाएगा। अपनी बात खत्म करते हुए उन्होंने 23 अप्रैल को भारी संख्या में मतदान करने की अपील की ताकि हर बूथ पर कमल खिल सके और बंगाल एक नई दिशा की ओर कदम बढ़ा सके।

हवाई किराया घटाने के लिए सरकार का बड़ा फैसला, अगले तीन महीने के लिए एयरपोर्ट फीस में 25% की कटौती…

0

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल लेवल पर विमानन ईंधन (ATF) की कीमतों में आए उछाल ने एयरलाइंस कंपनियों की कमर तोड़ दी है। इस संकट से राहत देने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक बड़ा कदम उठाया है।

मंत्रालय ने देश के सभी 34 प्रमुख एयरपोर्ट को निर्देश दिया है कि वे अगले तीन महीनों के लिए घरेलू उड़ानों पर लगने वाले लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में 25% की कटौती करें।

एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर आधारित एयरपोर्ट्स को इसे तत्काल प्रभाव से लागू करना होगा।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि एयरपोर्ट को होने वाले राजस्व के नुकसान की भरपाई अगली टैरिफ निर्धारण अवधि के दौरान एडजस्ट की जाएगी। यह मंत्रालय का एक दुर्लभ हस्तक्षेप है, क्योंकि आमतौर पर निजी एयरपोर्ट के शुल्कों में सरकार सीधे दखल नहीं देती।

हवाई किरायों पर नियंत्रण की कोशिश

केरल और पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए सरकार हवाई किरायों में होने वाली बेतहाशा बढ़ोतरी को रोकने के लिए सतर्क है। ईंधन की कीमतों में वृद्धि के बावजूद, मंत्रालय ने घरेलू एटीएफ कीमतों में बढ़ोतरी की सीमा 25% पर स्थिर रखने की कोशिश की है।

आसमान छू रही ईंधन की कीमतें

हाल ही में सरकारी तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ईंधन की बेस कीमत में 100% और घरेलू उड़ानों के लिए 25% से अधिक की वृद्धि की है। इसके जवाब में एयर इंडिया और इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइंस ने अपना ‘फ्यूल सरचार्ज’ बढ़ा दिया था।

सरकार की इस नई पहल का उद्देश्य एयरलाइंस के परिचालन खर्च को कम करना है, ताकि अंतिम बोझ यात्रियों की जेब पर न पड़े। तीन महीने बाद इस फैसले की दोबारा समीक्षा की जाएगी।

CG: 15 अप्रैल को मंत्रिपरिषद की बैठक…

0

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 15 अप्रैल 2026 को पूर्वान्ह 11:30 बजे से मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हैं। यह बैठक मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद कक्ष एम-5/20 में होगी।

AI आधारित शिक्षा से छत्तीसगढ़ को ज्ञान, कौशल और नवाचार का अग्रणी केंद्र बनाना हमारा ध्येय है’

0

AI आधारित शिक्षा से छत्तीसगढ़ को ज्ञान, कौशल और नवाचार का अग्रणी केंद्र बनाना हमारा ध्येय है’

रायपुर से शुरू होगा ‘AI सक्षम शिक्षा अभियान’, 2 लाख से अधिक शिक्षकों को मिलेगा AI प्रशिक्षण’

छत्तीसगढ़ में AI आधारित शिक्षा की नई शुरुआत: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से गूगल इंडिया प्रतिनिधियों की मुलाकात…

: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ में शिक्षा को भविष्य की तकनीकों से जोड़ते हुए, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नवाचारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गूगल फॉर एजुकेशन इंडिया के प्रमुख श्री संजय जैन एवं गूगल इंडिया के पब्लिक पॉलिसी प्रमुख श्री राकेश रंजन ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने अतिथियों का पारंपरिक सम्मान करते हुए उन्हें शॉल एवं बस्तर कला की प्रतिकृति भेंट की। ।

गूगल फॉर एजुकेशन इंडिया के प्रमुख श्री संजय जैन ने रायपुर जिला प्रशासन और गूगल के मध्य हुए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) की जानकारी साझा करते हुए बताया कि रायपुर जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में “AI सक्षम शिक्षा अभियान” की शुरुआत की गई है। इस अभियान के माध्यम से स्कूल शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नवाचारों को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि “सक्षम शिक्षक अभियान” के तहत राज्य में शिक्षकों को आधुनिक डिजिटल टूल्स और AI आधारित शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल के प्रथम चरण की शुरुआत रायपुर से की जाएगी, जिसके बाद इसे राज्य के सभी जिलों में विस्तार दिया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत 2 लाख से अधिक शिक्षकों को AI प्रमाणन प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए गूगल फॉर एजुकेशन अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म को निःशुल्क उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है, जिससे शिक्षकों को तकनीकी रूप से सशक्त किया जा सके।

कार्यक्रम के तहत प्रारंभिक चरण में 200 शिक्षकों की सहभागिता से विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, जिनमें गूगल फॉर एजुकेशन टूल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, कक्षा शिक्षण में AI के प्रभावी उपयोग और विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीक-सक्षम और नवाचार आधारित बनाने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों को शिक्षा से जोड़ना केवल एक पहल नहीं, बल्कि प्रदेश के विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। इससे न केवल शिक्षण पद्धतियों में गुणवत्ता आएगी, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर नए युग के कौशल विकसित होंगे, जो उन्हें आने वाले समय की चुनौतियों के लिए तैयार करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “AI सक्षम शिक्षा अभियान” जैसे कार्यक्रम शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों के लिए परिवर्तनकारी सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को AI आधारित प्रशिक्षण और डिजिटल संसाधनों से सशक्त कर कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है – छत्तीसगढ़ को एक ऐसे ज्ञान-आधारित और तकनीकी रूप से सशक्त राज्य के रूप में स्थापित करना, जहाँ हर विद्यार्थी को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और अवसरों से भरपूर शिक्षा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर एक सशक्त, आधुनिक और तकनीक-सक्षम शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

CG: वन मंत्री ने की विभागीय कामकाज की समीक्षा, मंत्री श्री कश्यप ने ‘प्रेलिमिनरी ऑफेंस रिपोर्ट’ प्रणाली का किया शुभारंभ…

0

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन में आयोजित बैठक में विभागीय कार्यों की व्यापक समीक्षा करते हुए डिजिटल मॉनिटरिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की। इस अवसर पर उन्होंने ‘प्रेलिमिनरी ऑफेंस रिपोर्ट (पीओआर)’ प्रणाली का शुभारंभ किया। इसकी सहायता से वन अपराधों की निगरानी और कार्रवाई में पारदर्शिता एवं गति आएगी।

वन मंत्री श्री कश्यप ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सिर्फ योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, उनका असर जमीन पर दिखना चाहिए। उन्होंने विभाग को रोजगार सृजन, वन आधारित उद्योगों के विस्तार और राज्य की पहचान मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम करने के लिए प्रेरित किया।

बैठक में मुख्य वन संरक्षक एवं वन मंडलाधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं, विशेषकर कैम्पा कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री श्री कश्यप ने स्पष्ट कहा कि अब योजनाओं का असर धरातल पर दिखना चाहिए और हर पात्र हितग्राही तक समय पर लाभ पहुंचाना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के सभी स्वीकृत कैम्पा कार्यों का 100 प्रतिशत व्यय सितंबर 2026 तक हर हाल में पूर्ण किया जाए। किसी भी स्थिति में फंड लैप्स स्वीकार्य नहीं होगा।

भूमि संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए लैंड बैंक व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया, ताकि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो। वहीं, वन्य प्राणी प्रबंधन योजना में गुणवत्ता सुधार, व्यय वृद्धि तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए शीघ्र नई गाइडलाइन जारी करने तथा पीपीपी मॉडल के माध्यम से पर्यटन को गति देने पर बल दिया गया। तेंदूपत्ता संग्राहकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें उचित मूल्य एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर क्षेत्र जो माओवाद के प्रभाव से मुक्त हो गया है। वहां पर भी वन अमले की उपस्थिति दिखनी चाहिए और रोजगारमूलक कार्यों को बढ़ावा देने के साथ-साथ कूपों की कटाई कराने तथा अमले की आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक से अधिक वनोपज पर आधारित रोजगार मूलक कार्य गतिविधियों को बढ़ाने की बात कही। साथ ही वन क्षेत्रों में लघु वनोपज का शत-प्रतिशत संग्रहण सुनिश्चित करने, इको टूरिज्म सहित रोजगारमूलक और प्रसंस्करण संबंधी कार्य को प्राथमिकता से करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक में मंत्री श्री कश्यप ने वृक्षारोपण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को प्रभावी बनाने तथा ‘जी राम योजना’ के अंतर्गत नर्सरियों में बड़े पौधे तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे अधिकाधिक पौध वितरण संभव हो सके।

बैठक में वन मंत्री श्री कश्यप ने अवैध शिकार, अवैध कटाई एवं अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए। साथ ही, ग्रीष्मकाल में वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम हेतु फील्ड स्टाफ की सक्रियता बढ़ाने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

इसके अतिरिक्त, वन अधिकार पत्रों के वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने तथा पात्र हितग्राहियों को ही लाभ देने पर विशेष बल दिया गया। वन्य प्राणियों से जनहानि के मामलों में त्वरित मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन श्रीमती ऋचा शर्मा, वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव सहित वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।