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पेलेट गन विवाद: जांच की मौजूदा स्थिति और इस मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई…

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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी दिल्ली में पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर धरने पर बैठे हैं। प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी वहां मौजूद हैं। राहुल गांधी, साहिल लोचब के साथ DCP के ऑफिस पहुंचे, साहिल जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल हो गए थे।

वे जांच की मौजूदा स्थिति और इस मामले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में जानना चाहते हैं।

पैलेट गन विवाद, FIR की मांग

साहिल लोचब और उनके परिवार का आरोप है कि दिल्ली में संसद की ओर छात्रों के मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई में वे पैलेट गन से घायल हो गए थे। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने उनकी शिकायत के आधार पर FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया है। राहुल और साहिल पहले कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन गए थे, लेकिन बाद में FIR दर्ज कराने के लिए पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में DCP के ऑफिस गए। इस दौरान राहुल गांधी ने पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी। कांग्रेस नेता ने जांच की असल स्थिति जानने के लिए पुलिस अधिकारियों से सीधे बात करने की कोशिश की।

साहिल लोचब को 200 से ज़्यादा गोलियां लगीं

मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “20 जुलाई को कनॉट प्लेस में पैलेट गन चलाई गई थी। साहिल लोचब को 200 से ज़्यादा गोलियां लगीं। AIIMS की रिपोर्ट में साफ बताया गया है कि उनके शरीर में कितनी गोलियां लगी थीं। दिल्ली पुलिस का दावा है कि उन्होंने गोलियां नहीं चलाईं, लेकिन अगर उन्होंने गोलियां नहीं चलाईं, तो किसी और ने तो चलाई ही होंगी। हम सिर्फ FIR दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। हमें अंदर से बताया जा रहा है कि ऊपर से FIR दर्ज न करने का आदेश है। जब तक FIR दर्ज नहीं हो जाती, हम यहां से नहीं हटेंगे। हम सिर्फ इस परिवार के लिए न्याय मांग रहे हैं। हम पैलेट गन के शिकार व्यक्ति को न्याय दिलाकर रहेंगे। हमें एक पुलिस स्टेशन से दूसरे पुलिस स्टेशन भागने पर मजबूर किया जा रहा है। क्या गृह मंत्री न्याय से इतना डरते हैं?”

दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

पुलिस ने साफ किया है कि शिकायत शिकायतकर्ता ने दर्ज कराई थी, और राहुल गांधी खुद शिकायतकर्ता नहीं हैं। वहीं, कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पीड़ित के साथ दिल्ली पुलिस के पास गए थे और जांच अधिकारी (IO) का कॉन्टैक्ट नंबर देने पर ज़ोर दिया था। हालांकि, DCP ने नंबर नहीं दिया।

इससे पहले, राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस की जॉइंट CP नूपुर प्रसाद से मुलाकात की, जिन्होंने दो दिन पहले ही अपना पद संभाला था। मीटिंग के बाद राहुल गांधी वहां से निकले और बाहर निकलते ही बैठ गए।

पेलेट गन विवाद क्या है?

NEET पेपर लीक मामले को लेकर 20 जुलाई को CJP की ओर से आयोजित ‘चलो संसद’ (संसद तक मार्च) रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन के इस्तेमाल के आरोप लगे हैं। घायलों के बयानों और मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मार्च के दौरान कई प्रदर्शनकारी पेलेट गन से घायल हुए थे।

दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल के बारे में पूछे जाने पर दिल्ली पुलिस ने ऐसे हथियारों के इस्तेमाल से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि भीड़ को काबू करने के लिए उनके पास पेलेट गन नहीं हैं और न ही वे इनका इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन के कथित इस्तेमाल का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है।

YouTube की बादशाहत को चुनौती देगा चीन का Bilibili! ग्लोबल मार्केट में ऐप की एंट्री…

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किफ़ायती AI मॉडल लॉन्च करने के बाद, चीन ने अब ‘बिलीबिली’ (Bilibili) लॉन्च किया है, जो एक वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म है और दुनिया भर में YouTube का विकल्प बन सकता है। यह प्लेटफ़ॉर्म Google Play Store पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है और कंपनी ने वादा किया है कि इसका iOS वर्शन भी जल्द ही आएगा।

YouTube की तरह ही, यूज़र्स इस प्लेटफ़ॉर्म पर वीडियो अपलोड कर सकते हैं और लाइव स्ट्रीमिंग कर सकते हैं। इसे खास तौर पर Gen-Z और युवा दर्शकों को ध्यान में रखकर लॉन्च किया गया है।

कंपनी ने X पर एक आधिकारिक पोस्ट के ज़रिए इसके ग्लोबल लॉन्च की घोषणा की। हालाँकि अभी यह Android यूज़र्स के लिए उपलब्ध है, लेकिन यह ऐप जल्द ही iOS App Store पर भी आ जाएगा। ग्लोबल लॉन्च का मकसद ग्लोबल कंटेंट के डिस्ट्रीब्यूशन को आसान बनाना, लोकलाइज़ेशन को बेहतर करना और साइन-अप प्रोसेस को सरल बनाना है; लोकल कंटेंट ऑप्टिमाइज़ेशन के लिए भी एक फ़ीचर पर काम चल रहा है। ऐप के इंटरनेशनल वर्शन में सबसे ऊपर एक ‘ग्लोबल’ सिंबल होगा।

बिलीबिली को क्या खास बनाता है?

YouTube की तरह, यह चीनी ऐप क्रिएटर्स को पैसे कमाने का मौका देता है। इसकी एक खास बात यह है कि क्रिएटर्स अपना पहला कंटेंट अपलोड करते ही कमाई शुरू कर सकते हैं; इसके लिए YouTube की तरह किसी खास मोनेटाइज़ेशन एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करने की ज़रूरत नहीं है। ग्लोबल लॉन्च का मकसद प्लेटफ़ॉर्म पर इंटरनेशनल कंटेंट लाना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी पहले ही MrBeast जैसे इंटरनेशनल क्रिएटर्स को आकर्षित कर चुकी है। इंटरनेशनल रोलआउट को आसान बनाने के लिए, कंपनी ने साइन-अप प्रोसेस को सरल बना दिया है और ज़्यादा से ज़्यादा क्रिएटर्स की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए पहचान वेरिफ़िकेशन की ज़रूरत को हटा दिया है।

संभावित रेगुलेटरी चुनौतियाँ

चीनी वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म ने लॉस एंजिल्स, लंदन, मैक्सिको सिटी, साओ पाउलो, इस्तांबुल और टोक्यो में बिलीबिली के लिए नौकरी की वैकेंसी भी निकाली हैं। हालाँकि, कंपनी को इंटरनेशनल मार्केट में रेगुलेटरी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, खासकर कंटेंट पब्लिशिंग और डेटा स्टोरेज को लेकर, क्योंकि उसे अलग-अलग देशों के नियमों का पालन करना होगा। इसके अलावा, बिलीबिली को YouTube से कड़ी टक्कर मिलेगी, जो इंटरनेशनल मार्केट में पहले से ही मज़बूती से जमा हुआ है।

रक्षाबंधन और बलराम जयंती पर 28 अगस्त को सिनेमाघरों में आएगी एनिमेटेड फिल्म ‘महाप्रभु जगन्नाथ’

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भगवान जगन्नाथ की भक्ति और उनकी अद्भुत दुनिया को बड़े पर्दे पर देखने का इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए एक खास खबर सामने आई है। लंबे समय से चर्चा में रही एनिमेटेड फिल्म ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ अब सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है।

निर्माताओं ने फिल्म की रिलीज डेट का ऐलान कर दिया है। खास बात यह है कि फिल्म को ऐसे अवसर पर रिलीज किया जा रहा है, जब देशभर में रक्षाबंधन और भगवान बलराम की जयंती का उत्साह देखने को मिलेगा। ऐसे में फिल्म की रिलीज को लेकर निर्माता भी उत्साहित हैं।

‘महाप्रभु जगन्नाथ’ 28 अगस्त 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। मेकर्स ने शुक्रवार को सोशल मीडिया के जरिए इसकी घोषणा की। फिल्म की कहानी भगवान जगन्नाथ से जुड़ी आस्था, परंपराओं और उनकी दिव्य दुनिया को एनिमेशन के जरिए दर्शकों के सामने रखने की कोशिश करती है। खास तौर पर बच्चों और परिवारों को ध्यान में रखते हुए इसे तैयार किया गया है, ताकि एक साथ बैठकर फिल्म देखी जा सके और धार्मिक कहानी को मनोरंजन के साथ समझा जा सके।

फिल्म के निर्माता दुर्गा प्रसाद दलाई ने रिलीज डेट को लेकर अपनी भावनाएं जाहिर कीं। उन्होंने कहा, ”जिंदगी में कुछ ऐसे मौके आते हैं, जब लगता है कि सब कुछ पहले से ही तय हो चुका है। फिल्म ने बनने से लेकर रिलीज तक काफी सफर तय किया है और अब रक्षाबंधन और बलराम जयंती जैसे विशेष पर्व पर इसे सिनेमाघरों तक पहुंचते देखना मुझे महाप्रभु जगन्नाथ का आशीर्वाद लगता है।”

दुर्गा प्रसाद दलाई ने आगे कहा, ”बलराम जयंती मेरे लिए बेहद खास अवसर है। मेरी टीम हमेशा से ऐसी फिल्म बनाना चाहती थी, जिसे बच्चे और परिवार साथ मिलकर देख सकें और महाप्रभु जगन्नाथ की दुनिया को करीब से महसूस कर सकें। इस फिल्म को दर्शकों तक पहुंचाने के लिए इससे ज्यादा अच्छा समय शायद नहीं हो सकता था। टीम ने अपनी तरफ से पूरी श्रद्धा और ईमानदारी के साथ फिल्म तैयार की है और अब वे इसे महाप्रभु जगन्नाथ के भरोसे छोड़ रहे हैं।”

बलराम जयंती भगवान कृष्ण के बड़े भाई भगवान बलराम के जन्मदिवस के रूप में मनाई जाती है। यह दिन श्रावण मास की पूर्णिमा को पड़ता है और धार्मिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

‘महाप्रभु जगन्नाथ’ का निर्माण ईएलई एनिमेशंस ने किया है। यह इस स्टूडियो की सनातन यूनिवर्स के तहत पहली ऐसी फिल्म है, जिसे सिनेमाघरों में रिलीज किया जा रहा है। एनिमेशन के जरिए फिल्म में भगवान जगन्नाथ की दुनिया और उनसे जुड़ी पुरानी मान्यताओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश की गई है।

फिल्म का संगीत भी अलग-अलग भाषाओं में तैयार किया गया है। इसका साउंडट्रैक हिंदी, उड़िया और तेलुगु में जारी किया गया है। फिल्म में अथर्व बक्शी, अविरल कुमार और अभय जोधपुरकर समेत कई कलाकारों ने अपनी आवाज दी है।

‘वंदे मातरम’ के सिर्फ दो पैराग्राफ गाने के कांग्रेस के फैसले को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान…

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कांग्रेस के वंदे मातरम के सिर्फ दो पैराग्राफ गाने के फैसले से ही बने पाकिस्तान-बांग्लादेश : केशव मौर्य**

‘वंदे मातरम’ के सिर्फ दो पैराग्राफ गाने के कांग्रेस के फैसले को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान छिड़ गया है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।**

उनका कहना है कि कांग्रेस ने न सिर्फ वंदे मातरम के दो टुकड़े किए बल्कि देश का भी बंटवारा किया।

लखनऊ में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा, “आजादी से पहले कांग्रेस ने ‘वंदे मातरम’ के सिर्फ दो पैराग्राफ गाने का जो फैसला किया, उसके चलते पाकिस्तान और बांग्लादेश बने। कांग्रेस ने देश के बंटवारे की नींव दोबारा रखने की भूमिका बनाई है, जिसे माफ नहीं किया जा सकता। देश की जनता कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी।”

केशव मौर्य ने कहा कि संसद के जरिए सरकार द्वारा बनाए गए कानून को न मानना, वो भी एक ऐसी राष्ट्रीय पार्टी द्वारा जो खुद को देश की सबसे पुरानी पार्टी कहती है, देश-विरोधी काम है और ऐसा करना सिर्फ मुसलमानों को खुश करने की राजनीति है।

वहीं, पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में भाजपा नेता और मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “विपक्ष के नेता राहुल गांधी, जो 15 अगस्त के कार्यक्रम में मौजूद थे, उन्हें वंदे मातरम गाने में शर्म आ रही थी। उनकी मां सोनिया गांधी ने इशारा किया कि इसे रोक दिया जाए।”

पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी कांग्रेस पर हमला बोला। नकवी ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ की सांप्रदायिक लिंचिंग जिन लोगों की ओर से की जा रही है, उनका देश और राष्ट्रवाद के प्रति न तो सम्मान है और न तो वे स्वीकार करने वाले हैं। यह कोई नया रिवाज या मिजाज नहीं है।

नकवी ने कहा, “आजादी से पहले ये जिन्ना के सुर में सुर मिलाते दिखाई पड़ते थे। जिन्ना जैसे सांप्रदायिक व्यक्ति को खुश करने के लिए उन्होंने ‘वंदे मातरम’ के टुकड़े-टुकड़े किए थे। उसको जस्टिफाई करते फिर रहे हैं कि जो टुकड़े किए थे हम उसी को मानेंगे, जो वास्तविक वंदे मातरम था, संपूर्ण वंदे मातरम था, उसे हम नहीं मानेंगे क्योंकि वो सांप्रदायिक है। वंदे मातरम से किसी का ईमान खतरे में नहीं है बल्कि बेईमान को खतरा है।”

नागपुर में भाजपा नेता किरीट सोमैया ने कहा, “यह वही कांग्रेस है, जिसने देश को दो हिस्सों में बांटा और ‘वंदे मातरम’ को भी दो हिस्सों में बांट दिया। उन्होंने तो इसका आधा हिस्सा हटा ही दिया। अब हम राष्ट्र गीत को वापस लाए हैं तो उन्हें पच नहीं रहा है।”

आईसीएसआईएल में अटेंडेंट सहित कई पदों पर वैकेंसी…

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इंटेलिजेंट कम्युनिकेशन सिस्टम्स इंडिया लिमिटेड (आईसीएसआईएल) में नौकरी करने की इच्छा रखने वालों के लिए एक खास मौका सामने आया है। दरअसल, आईसीएसआईएल ने अटेंडेंट सहित विभिन्न 12 पदों पर पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके रिक्तियों की घोषणा की है।

आईसीएसआईएल की ओर से जारी 12 रिक्तियों में डेटा एंट्री ऑपरेटर के 6, सेल्सपर्सन के 4 और अटेंडेंट के 2 पद शामिल हैं। इन सभी पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन वॉक-इन इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद डेटा एंट्री ऑपरेटर पोस्ट पर चयनित कैंडिडेट्स को 937 रुपए प्रति दिन, सेल्सपर्सन को 862 रुपए प्रति दिन और अटेंडेंट को 710 रुपए प्रति दिन के हिसाब से वेतन दिए जाएंगे।

इंटरव्यू में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड/संस्थान/यूनिवर्सिटी से डेटा एंट्री ऑपरेटर पद के लिए ग्रेजुएशन या उसके बराबर की डिग्री और इंग्लिश में 30 शब्द प्रति मिनट की टाइपिंग स्पीड होनी चाहिए। इसके अलावा कैंडिडेट्स के पास कंप्यूटर की बेसिक जानकारी जैसे एमएस एक्सेल, एमएस वर्ड वगैरह में होनी चाहिए। सेल्सपर्सन के लिए 12वीं पास और सेल्स/रिटेल में 2 वर्ष का अनुभव। वहीं, अटेंडेंट पोस्ट के लिए कैंडिडेट्स का 8वीं पास होना अनिवार्य है।

उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु पोस्ट के अनुसार 40 से 45 वर्ष के बीच तय की गई है, जिसकी गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। वहीं, इंटरव्यू के दिन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा, जो 590 रुपए तय किया गया है।

वॉक-इन इंटरव्यू डेटा एंट्री ऑपरेटर पोस्ट के लिए 24 अगस्त को सुबह 10:30 से दोपहर 12:30 बजे के बीच ‘इंटेलिजेंट कम्युनिकेशन सिस्टम्स इंडिया लिमिटेड (आईसीएसआईएल), एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग, पहली मंजिल, पोस्ट ऑफिस के ऊपर, इंडस्ट्रियल एस्टेट, फेज-III, नई दिल्ली-110020’ पते पर आयोजित किए जाएंगे। वहीं, सेल्सपर्सन और अटेंडेंट पदों के लिए वॉक-इन इंटरव्यू 25 अगस्त को तय समय और जगह पर ही आयोजित किए जाएंगे। ऐसे में जो अभ्यर्थी इंटरव्यू में शामिल होने वाले हैं, उन्हें समय से केंद्र पर पहुंचने के अलावा रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के लिए अपने साथ सभी संबंधित डॉक्यूमेंट्स की मूल और फोटोकॉपी को साथ ले जाने की सलाह दी जाती है।

IndiGo Website: यात्री परेशान, टिकट बुकिंग, ऐप लॉगिन और पेमेंट…

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देश की सबसे बड़ी एयरलाइन, इंडिगो की वेबसाइट शुक्रवार को फिर से क्रैश हो गई। कुछ यात्री वेबसाइट के ज़रिए फ़्लाइट बुक नहीं कर पा रहे हैं और कुछ यूज़र्स को मोबाइल ऐप में लॉग इन करने में दिक्कत हो रही है।

वेबसाइट पर फ़्लाइट बुक करने की कोशिश करने पर “नो डेटा अवेलेबल” (कोई डेटा उपलब्ध नहीं) का मैसेज दिखाई दे रहा है। इस हफ़्ते यह दूसरी बार है जब इंडिगो की वेबसाइट और ऑनलाइन सेवाओं में रुकावट आई है। एयरलाइन ने एक सर्विस एडवाइज़री जारी कर कहा है कि सिस्टम में कुछ दिक्कतें हैं, जिनकी वजह से कुछ ग्राहकों को ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करने में परेशानी हो सकती है। उनकी टीमें इस समस्या को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए काम कर रही हैं।

बाद में बुकिंग और चेक-इन करने की सलाह

इंडिगो ने यात्रियों से कुछ समय बाद डिजिटल चैनलों का फिर से इस्तेमाल करने को कहा है। एयरलाइन ने उन ग्राहकों को कस्टमर सपोर्ट हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी है जिन्हें तुरंत यात्रा में मदद की ज़रूरत है, जबकि जिन ग्राहकों की यात्रा की योजना बाद की है, उन्हें कुछ समय बाद फिर से कोशिश करनी चाहिए।

बुकिंग, चेक-इन और पेमेंट सेवाओं पर असर

शुक्रवार को कई यूज़र्स ने इंडिगो के X (पहले ट्विटर) अकाउंट पर शिकायतें कीं। उन्होंने फ़्लाइट बुकिंग फेल होने, वेब चेक-इन में दिक्कत और पेमेंट कन्फर्मेशन न मिलने जैसी समस्याओं का ज़िक्र किया। यह रुकावट इंडिगो के मुख्य रिज़र्वेशन प्लेटफ़ॉर्म में आई उस समस्या के कारण हुई, जिसे एयरलाइन ने दो दिन पहले ही माना था। बुधवार को एयरलाइन ने X पर अपने रिज़र्वेशन सिस्टम में बीच-बीच में आ रही दिक्कतों के बारे में बताया था और कहा था कि इससे ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले कुछ ग्राहकों को परेशानी हो सकती है।

हालांकि एयरलाइन ने कहा कि वह समस्या को ठीक करने के लिए अपने टेक्नोलॉजी पार्टनर के साथ काम कर रही है, लेकिन उसने गड़बड़ी के कारण के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी। बार-बार आ रही इन समस्याओं से ऑनलाइन टिकट बुक करने या फ़्लाइट मैनेज करने की कोशिश कर रहे यात्रियों को और परेशानी हो सकती है।

इंडिगो की घरेलू एयरलाइन मार्केट में 67% हिस्सेदारी है

घरेलू मार्केट हिस्सेदारी के मामले में इंडिगो भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन है। देश के घरेलू एविएशन सेक्टर में एयरलाइन की मार्केट हिस्सेदारी लगभग 67% है। अपने बड़े नेटवर्क के कारण, इसके डिजिटल सिस्टम में आई गड़बड़ी से टिकट बुक करने, चेक-इन करने या मौजूदा रिज़र्वेशन को मैनेज करने की कोशिश कर रहे बहुत सारे यात्रियों को परेशानी हो रही है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इंडिगो को पहले ही ऑपरेशनल दिक्कतों को लेकर जांच और आलोचना का सामना करना पड़ा है।

दिसंबर में लगभग 4,500 फ़्लाइट्स रद्द हुईं

दिसंबर में, इंडिगो ने पायलट रोस्टर प्लानिंग से जुड़ी समस्याओं के कारण लगभग 4,500 फ़्लाइट्स रद्द कर दी थीं। इससे एयरलाइन के कामकाज को लेकर कई अहम सवाल खड़े हुए। इस रुकावट की वजह से हज़ारों यात्री फंस गए और पूरे भारत में हवाई यात्रा पर बुरा असर पड़ा। इसके बाद, रेगुलेटरी संस्थाओं ने मामले की जांच की और उड़ानें रद्द करने के लिए एयरलाइन के खिलाफ़ कार्रवाई की।

शुक्रवार को वेबसाइट में आई खराबी का दिसंबर में हुए ऑपरेशनल संकट से सीधा कोई संबंध नहीं है। हालांकि, इस नई समस्या ने एक बार फिर इंडिगो की टेक्नोलॉजी और रिज़र्वेशन सिस्टम की विश्वसनीयता पर ध्यान खींचा है। इंडिगो भारत के घरेलू हवाई ट्रैफ़िक का एक बड़ा हिस्सा संभालती है। फ़िलहाल, यह साफ़ नहीं है कि यह रुकावट कितने समय तक रहेगी या इसकी वजह क्या है।

पैलेट गन विवाद : राहुल के धरने पर भाजपा का हमला…

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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। इस दौरान वे पैलेट गन पीड़ित के समर्थन में थाने में ही धरने पर बैठ गए।

यहां हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। राहुल गांधी ने पैलेट गन चलाने के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की, जिसे लेकर भाजपा की ओर से निशाना साधा गया है।

भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने पत्रकारों से कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि राहुल गांधी अब लोकतांत्रिक राजनीति के बजाय अराजकता की राजनीति कर रहे हैं। वह बिना अनुमति, बिना किसी पूर्व सूचना के दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में धरने पर बैठे हैं। कभी वह प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठते हैं और अब वह यहां धरने पर बैठ गए हैं।”

रविशंकर प्रसाद ने कहा, “पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जिस घटना का वह जिक्र कर रहे हैं, उसके बारे में शिकायत पहले ही दर्ज की जा चुकी है। अब यह जांच की प्रक्रिया के अधीन है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पीड़ितों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और कोर्ट ने खुद सुप्रीम कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया। समिति में दो अन्य न्यायाधीश, एक पूर्व सीबीआई निदेशक और एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। ऐसी उच्चस्तरीय समिति के समक्ष गोलीबारी हुई या नहीं, यह भी जांच का विषय होगा।”

उन्होंने कहा, “राहुल गांधी को नियम-कानून का कोई सम्मान नहीं करना है; थाने में जाकर धरने पर बैठ जाएंगे और अराजकता फैलाना शुरू करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘वंदे मातरम’ पर कांग्रेस पार्टी की ओर से जो स्टैंड लिया गया, उसमें वो फंस गई है। देश के सामने यह संदेश चला गया है कि मुस्लिम परस्ती के दबाव में कांग्रेस ने उस वक्त पांच में से दो स्टैंजा गाने का निर्णय किया था, तब इसका भारी विरोध हुआ था। अब तो स्थिति यह है कि जो तथ्य सामने आए हैं। राजेंद्र प्रसाद ने 24 जनवरी 1947 को संविधान सभा के अध्यक्ष के रूप में घोषणा की थी कि ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रगीत होगा और ‘जन गण मन’ राष्ट्रगान होगा।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राजेंद्र प्रसाद ने यह तो नहीं कहा था कि ‘वंदे मातरम’ को काट-छांट कर गाया जाएगा। 15 अगस्त 1947 को जब भारत आजाद हो रहा था, तो महान संगीतकार ओंकारनाथ ठाकुर ने सरदार पटेल के आग्रह पर यह पूरा गीत गाया था। इस मामले पर वे (कांग्रेस) रोज फंस रहे हैं, ऐसे में ध्यान कैसे बंटाया जाए? तो अब ये अराजकता कर रहे हैं। हम इसकी भर्त्सना करते हैं। हम स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि कांग्रेस राहुल गांधी की अगुवाई में अराजकता की पार्टी बन गई है।

भारत-ईयू एफटीए व्यापार: भारतीय कंपनियों के साथ सहयोग को लेकर उत्साहित हैं यूरोपीय कारोबार…

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फिनलैंड दूतावास के व्यापार सलाहकार (ट्रेड काउंसलर) एंटी हेरलेवी ने शुक्रवार को कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) दोनों पक्षों के व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा करेगा और भारत तथा यूरोपीय देशों के बीच व्यावसायिक सहयोग को नई ऊंचाई देगा।

उन्होंने कहा कि यूरोपीय कंपनियां भारतीय उद्योगों के साथ अधिक निकटता से काम करने को लेकर काफी उत्साहित हैं और समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन का इंतजार कर रही हैं।

हेरलेवी ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “यह वर्ष बेहद महत्वपूर्ण है। जैसा कि आप जानते हैं, मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और यूरोपीय कंपनियां भारत तथा भारतीय उद्योगों के साथ अधिक गहराई से काम करने की इच्छुक हैं। इस समझौते को लेकर काफी उत्साह है और हमें उम्मीद है कि इसकी सभी व्यावहारिक प्रक्रियाएं जल्द पूरी हो जाएंगी।”

उन्होंने कहा कि व्यवसाय जगत इस समझौते के लागू होने का इंतजार कर रहा है, क्योंकि इससे दोनों पक्षों की कंपनियों को व्यापार विस्तार, निवेश और व्यावसायिक साझेदारी बढ़ाने के नए अवसर मिलेंगे। उनके अनुसार, यह समझौता वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में भारत और यूरोप के बीच सहयोग को भी मजबूत कर सकता है।

हेरलेवी ने आगे यह भी कहा कि भारत चक्रीय अर्थव्यवस्था के विकास में फिनलैंड के अनुभव से महत्वपूर्ण लाभ उठा सकता है। उन्होंने बताया कि फिनलैंड सहित कई यूरोपीय देशों ने लंबे समय से संसाधनों के पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण और टिकाऊ उत्पादन प्रणालियों को अपनाने पर काम किया है। ऐसे में दोनों देशों की कंपनियां संसाधनों की खपत कम करने, उत्पाद डिजाइन को बेहतर बनाने और पुनर्चक्रण प्रणालियों को मजबूत करने के क्षेत्र में सहयोग कर सकती हैं।

उन्होंने कहा कि चक्रीय अर्थव्यवस्था का मूल उद्देश्य संसाधनों का अधिकतम उपयोग और अपशिष्ट को न्यूनतम करना है। यदि सामग्री के उपयोग को कम किया जाए तो पूरी आपूर्ति शृंखला में लागत और पर्यावरणीय प्रभाव घटाया जा सकता है। इससे ऊर्जा और पानी की खपत भी कम होगी तथा नई कच्ची सामग्री पर निर्भरता घटेगी, जिनके उत्पादन में आमतौर पर अधिक ऊर्जा और कार्बन उत्सर्जन होता है।

हेरलेवी ने आईएएनएस से कहा, “सरल शब्दों में कहें तो हमें कम सामग्री का उपयोग करना चाहिए और अधिक से अधिक पुनर्चक्रण करना चाहिए। यह वास्तव में एक बड़ा बदलाव लाने वाला कदम हो सकता है।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि चक्रीय अर्थव्यवस्था की शुरुआत उत्पाद के डिजाइन चरण से ही होनी चाहिए। कंपनियों को ऐसे उत्पाद विकसित करने चाहिए जिनमें कम सामग्री का उपयोग हो, जिनका जीवनकाल अधिक हो और जिनके उपयोग के बाद सामग्री को आसानी से पुनर्चक्रित किया जा सके।

उन्होंने कहा, “यह प्रक्रिया शुरुआती चरण से शुरू होती है। बेहतर योजना और उत्पाद डिजाइन ही ऐसे टिकाऊ उत्पादों का आधार बन सकती है जो चक्रीय अर्थव्यवस्था के अनुरूप हों।”

Strait of Hormuz: 21 भारतीयों वाले जहाज पर हुई फायरिंग…

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होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में 21 भारतीय नाविकों को ले जा रहे एक कंटेनर जहाज़ पर ईरानी नावों ने गोलीबारी की। यह घटना 22 अप्रैल को हुई थी। फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ़ इंडिया (FSUI) ने अब इस घटना का एक वीडियो जारी किया है।

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ी नावें जहाज़ को घेरे हुए दिखाई दे रही हैं। गोलीबारी के बाद, जहाज़ पर टूटा हुआ कांच और बिखरा हुआ सामान दिखाई दे रहा है। रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) दागने का दृश्य भी दिखाई दे रहा है। हमले के दौरान, जहाज़ के क्रू ने अपनी जान बचाने के लिए अंदर छिपकर शरण ली। जहाज़ पर 21 भारतीय नाविक सवार थे, और वे सभी सुरक्षित थे।

सरकार ने होर्मुज़ में भारतीय नाविकों की तैनाती पर रोक लगाई

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरों के बीच, भारत ने 16 जुलाई को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाज़ों पर भारतीय नाविकों की नई तैनाती पर रोक लगा दी। यह रोक अगले आदेश तक लागू रहेगी।

यह निर्णय होर्मुज़ जलडमरूमध्य और उसके आसपास हुए हमलों में भारतीय नाविकों की मौत के बाद लिया गया। खबरों के अनुसार, 28 फरवरी से इस क्षेत्र में हुए हमलों में कम से कम 14 भारतीय नाविकों की जान गई है।

भारत ने जहाज़ मालिकों, जहाज़ प्रबंधन कंपनियों और RPSL (रिक्रूटमेंट एंड सीफेयरर्स लाइसेंस) कंपनियों से अरब की खाड़ी, होर्मुज़ जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है।

यह रोक भारतीय नाविकों की नई तैनाती पर लागू होती है, यह आदेश सीधे तौर पर भारत के बाहर विदेशी शिपिंग कंपनियों द्वारा भर्ती किए गए नाविकों पर लागू नहीं होता है।

यमन-सोमालिया के पास दो जहाज़ अगवा 22 भारतीय सवार

समुद्री लुटेरों ने यमन और सोमालिया के पास दो जहाज़ों को अगवा कर लिया है। दोनों जहाज़ों पर कुल 22 भारतीय नागरिक सवार हैं। अधिकारियों के अनुसार, सभी भारतीय फिलहाल सुरक्षित हैं।

यमन के पास 16 भारतीय: 20 अगस्त को, यमन के तट से लगभग 30 नॉटिकल मील दूर अदन की खाड़ी में हथियारबंद समुद्री लुटेरों ने MT Sibu-1 को अपने कब्ज़े में ले लिया। इरिट्रिया के झंडे वाले इस तेल टैंकर पर 16 भारतीयों सहित 20 क्रू सदस्य सवार थे।

सोमालिया के पास 6 भारतीय: 17 अगस्त को, सोमालिया के पुंटलैंड तट के पास कैमरून के झंडे वाले एक कार्गो जहाज़ को अगवा कर लिया गया। जहाज़ पर 6 भारतीयों सहित 10 क्रू सदस्य सवार थे। हूथी हमले में मारे गए 2 पाकिस्तानी नाविकों के शव कराची पहुँचे

गुरुवार को हूथी हमले में मारे गए दो पाकिस्तानी नाविकों के शव कराची पहुँचे। हमले में घायल हुए छह अन्य पाकिस्तानी नाविक भी सुरक्षित पाकिस्तान लौट आए हैं।

11 अगस्त को हूथियों ने बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य में तंजानिया के झंडे वाले जहाज ‘तिहामा’ पर हमला किया था। इस घटना में तीन पाकिस्तानी नाविक और एक इंडोनेशियाई नाविक मारे गए थे।

दो घायल नाविकों और दो मृत नाविकों के शव सऊदी एयरलाइंस की उड़ान से कराची पहुँचे, जबकि बाकी चार घायल नाविक PIA की उड़ान से लौटे।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने हमले की निंदा की और कहा कि हर हाल में नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

एक नाम पर ज्यादा SIM रखने वालों के लिए बड़ी खबर, 24 अगस्त से लागू होंगे नए नियम…

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अगर आपके नाम पर कई मोबाइल सिम कार्ड रजिस्टर्ड हैं, तो यह खबर आपके लिए ज़रूरी है। सरकार उन लोगों के लिए नियमों को सख्ती से लागू करने जा रही है जिनके पास तय सीमा से ज़्यादा मोबाइल कनेक्शन हैं।

24 अगस्त, 2026 से टेलीकॉम कंपनियों को ऐसे ग्राहकों की पहचान करने और उन्हें नए सिम कार्ड जारी करने से रोकने के लिए टेक्निकल और एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम लागू करने होंगे।

डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकम्युनिकेशन्स (DoT) ने इस बारे में 17 अगस्त को निर्देश जारी किए थे। इन नियमों के तहत, अगर कोई ग्राहक मोबाइल कनेक्शन की तय सीमा तक पहुँच चुका है और नया सिम लेने की कोशिश करता है, तो टेलीकॉम ऑपरेटर को उसकी पहचान करनी होगी। ग्राहक को यह भी बताया जाएगा कि नया मोबाइल कनेक्शन जारी नहीं किया जा सकता क्योंकि तय सीमा पहले ही पूरी हो चुकी है।

एक व्यक्ति के पास कितने सिम कार्ड हो सकते हैं?

यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि मोबाइल कनेक्शन की सीमा कोई नया नियम नहीं है। 9 अगस्त, 2012 से देश में किसी व्यक्ति को अपने नाम पर ज़्यादा से ज़्यादा नौ मोबाइल कनेक्शन रखने की इजाज़त है। यह सीमा सभी टेलीकॉम कंपनियों और सभी लाइसेंस्ड सर्विस एरिया पर लागू होती है। हालाँकि, जम्मू-कश्मीर, असम और नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में यह सीमा नौ के बजाय छह मोबाइल कनेक्शन की है। इसका मतलब है कि अगर आपके पास अलग-अलग कंपनियों के सिम कार्ड हैं, तो उनकी कुल संख्या को भी इस सीमा में गिना जाएगा।

सरकार अब इसकी निगरानी कैसे करेगी?

नई गाइडलाइंस को लागू करने के लिए, डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकम्युनिकेशन्स ने डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म (DIP) का इस्तेमाल ज़रूरी कर दिया है। अलग-अलग टेलीकॉम ऑपरेटरों से ग्राहकों की जानकारी इकट्ठा करके, यह प्लेटफ़ॉर्म यह पता लगाने में मदद करेगा कि किसी व्यक्ति के नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन रजिस्टर्ड हैं।

नया सिम खरीदते समय, ग्राहकों को कस्टमर एप्लीकेशन फ़ॉर्म में अपने नाम पर रजिस्टर्ड सभी मौजूदा मोबाइल कनेक्शन की जानकारी देनी होगी। इसमें दूसरी टेलीकॉम कंपनियों या अलग-अलग लाइसेंस्ड सर्विस एरिया के कनेक्शन भी शामिल होंगे।

23 अगस्त से तस्वीरें भी उपलब्ध होंगी

DoT की गाइडलाइंस के अनुसार, 23 अगस्त से उन ग्राहकों की तस्वीरें DIP पर उपलब्ध होंगी जो तय सीमा तक पहुँच चुके हैं। टेलीकॉम कंपनियाँ नया सिम कार्ड जारी करते समय इस जानकारी का इस्तेमाल कर पाएँगी। अगर किसी ग्राहक के पास तय सीमा से ज़्यादा कनेक्शन पाए जाते हैं, तो नए सिम कार्ड के लिए एप्लीकेशन रिजेक्ट की जा सकती है।

अनुपालन

टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे 30 नवंबर, 2026 तक अपने सिस्टम और प्रक्रियाओं को DIP के साथ पूरी तरह से जोड़ लें। तब तक, अगर किसी ग्राहक के नाम पर तय सीमा से ज़्यादा मोबाइल कनेक्शन एक्टिवेट होते हैं – भले ही एक दिन के लिए – तो उन्हें अगले आदेश तक तुरंत सस्पेंड कर दिया जाना चाहिए। सरकार का मकसद साफ़ है: यह पक्का करना कि किसी व्यक्ति के पास मोबाइल कनेक्शन की संख्या तय सीमा के अंदर रहे और नियमों को ठीक से लागू किया जाए। इसलिए, अगर आपके पास कई सिम कार्ड हैं, तो बेहतर होगा कि आप उनकी कुल संख्या की जाँच कर लें।