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दिल्ली वक्फ बोर्ड और मस्जिदों के खिलाफ PIL को हाई कोर्ट ने किया खारिज, HC बोला- याचिका पब्लिक इंटरेस्ट में नहीं है…

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दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार (23 फरवरी) को 1980 की वक्फ अधिसूचना को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका खारिज कर दिया. इस याचिका में जहांगीरपुरी स्थित तीन मस्जिदों को सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा बताया गया था.

यह याचिका एक गैर सरकारी संगठन (NGO) ‘सेव इंडिया’ ने दायर की थी.

दिल्ली हाई कोर्ट ने पाया कि ‘सेव इंडिया’ की यह याचिका पब्लिक इंटरेस्ट में नहीं है, जिसके बाद हाई कोर्ट ने कहा कि हम इस याचिका पर सुनवाई के लिए इच्छुक नहीं और उस याचिका को पेंडिंग एप्लीकेशन के साथ खारिज कर दिया.कोर्ट ने कहा कि करीब 46 साल पहले जारी किए गए नोटिफिकेशन पर छोटी-मोटी बातों पर सवाल नहीं उठाया जा सकता.

‘याचिका न तो सही है और न ही पब्लिक इंटरेस्ट में है’

कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता, सेव इंडिया फाउंडेशन, बेवजह सुलझे हुए मुद्दों को फिर से खोल रहा है और यह याचिका न तो सही है और न ही पब्लिक इंटरेस्ट में है. कोर्ट ने कहा कि संगठन ने 2024 और 2026 के बीच 37 PIL और 11 रिट पिटीशन फाइल की थीं. पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन PIL के गलत इस्तेमाल के खिलाफ चेतावनी देते हुए, कोर्ट ने जोर देकर कहा कि PIL की पवित्रता को किसी भी कीमत पर कम नहीं किया जाना चाहिए.

मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की बेंच ने पाया कि गैर-सरकारी संगठन सेव इंडिया फाउंडेशन द्वारा दायर की गई यह जनहित याचिका सद्भावना या जनहित से प्रेरित नहीं थी. कोर्ट ने आदेश दिया कि हम इस याचिका पर विचार करने के इच्छुक नहीं हैं, इसलिए इसे लंबित अर्जियों के साथ खारिज किया जाता है.

क्या है मामला

दरअसल याचिकाकर्ता ने दिल्ली वक्फ बोर्ड द्वारा 24 मार्च, 1980 को जारी अधिसूचना को चुनौती दी थी. अधिसूचना में कुछ संपत्तियों को सुन्नी वक्फ संपत्ति घोषित करने का आदेश दिया गया था. इनमें जहांगीरपुरी स्थित मोती मस्जिद, जामा मस्जिद और एक अन्य मस्जिद है. याचिकाकर्ता का दावा था कि जिस जमीन पर ये तीनों संपत्तियां स्थित हैं, उसे दिल्ली सरकार ने 1977 में उसके मालिकों को मुआवजा देकर खरीद लिया था. इसलिए उस जमीन पर कोई भी निर्माण सार्वजनिक भूमि पर अवैध अतिक्रमण था और उन्हें वक्फ संपत्ति के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया जा सकता था.

याचिका में दावा किया गया कि यह अधिग्रहण दिल्ली के सुनियोजित विकास के लिए किया गया था और जमीन दिल्ली विकास प्राधिकरण को सौंप दी गई थी, जिसने इन भूखंडों को जहांगीरपुरी नाम की एक सुनियोजित कॉलोनी के औपचारिक लेआउट प्लान में शामिल कर लिया था. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि याचिकाकर्ता बार-बार याचिकाएं दायर कर उन्हें जनहित याचिकाएं बताता है और उसने अनावश्यक रूप से अतीत को कुरेदने का प्रयास किया है इसलिए 46 साल पहले जारी किसी भी अधिसूचना को मामूली आधारों पर चुनौती देने की अनुमति नहीं दी जा सकती.

कोर्ट ने की सख्त टिप्पणी

इसके साथ ही कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि जनहित याचिका की पवित्रता को किसी भी कीमत पर किसी भी याचिकाकर्ता द्वारा भंग नहीं किया जाना चाहिए और यहां तक कि उच्चतम न्यायालय के अनुसार भी, यह अदालतों का कर्तव्य है कि वो यह सुनिश्चित करें कि तुच्छ याचिकाएं या नेक इरादे से दायर न की गई याचिकाएं शुरू में ही रोक दी जाएं.

Eid 2026 Date in India: भारत में 20 मार्च को नहीं ईद-उल-फितर! ईद की तारीख पर मौलाना का दावा…

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इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र नौवां महीना रमजान की शुरुआत 19 फरवरी 2026 से हो चुकी है और रोजेदार रोजा रखकर अल्लाह की रजा में अपना हर दिन गुजार रहे हैं. बता दें कि, रमजान में 29-30 दिनों का रोजा पूरा कर ईद मनाई जाती है.

इसे ईद-अल-फितर, ईद-उल-फितर या मीठी ईद भी कहते हैं.

आमतौर पर रमजान के 29 या 30 दिनों का रोजा पूरा होने के बाद शव्वाल की पहली तारीख पर ईद मनाई जाती है. लेकिन इस्लाम धर्म से जुड़े अन्य त्योहारों की तरह ईद की तारीख भी नया चांद नजर आने पर तय होती है. इस्लामिक कैलेंडर के 10वें महीने शव्वाल (Shawwal) का नया चांद (हिलाल) देखने के बाद ही ईद की तारीख पर आधिकारिक पुष्टि की जाती है. शव्वाल का नया चांद समजान की समाप्ति, ईद और खुशी का प्रतीक होता है.

ईद मुसलमानों के सबसे बड़े त्योहारों में है, जिससे आस्था और परंपरा जुड़ी है. दुनियाभर के मुसलमान इस त्योहार को मनाते हैं. साल 2026 में ईद कब मनाई जाएगी, इसकी चर्चाएं भी तेज हो गई हैं और लोगों में तारीख को लेकर उत्सुकता बनी है. मौलाना समीरुद्दीन कासमी ने भी एक भारतीय मुसलमान ने ईद की तारीख पर सवाल किया, जिसके जवाब में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है.

भारत में 20 मार्च को नहीं होगी ईद-अल-फितर: समीरुद्दीन कासमी

बता दें कि, समीरुद्दीन कासमी ब्रिटेन में रहने वाले एक भारतीय इस्लामी विद्वान हैं. ये जो इस्लामी खगोल विज्ञान, हदीस, हनफी न्यायशास्त्र और इस्लामी धर्म-नीतियों में विशेषज्ञता रखते हैं. भारत में ईद-अल-फितर की तारीख को लेकर समीरुद्दीन कासमी कहते हैं –

19 मार्च जुमेरात (गुरुवार) को भारत में चांद की ऊंचाई 5 डिग्री और उमर हो चुकी है 11 घंटे 56 मिनट. बर्मा में 4 डिग्री, बांग्लादेश में 4 डिग्री, नेपाल में 4 डिग्री, कराची में 5 डिग्री, पेशावर में 5 डिग्री, ईरान में 5 डिग्री और अफगानिस्तान में 5 डिग्री है. चांद 10 डिग्री में नजर आता है और यहां 4 या 5 डिग्री है, इसलिए 19 मार्च को गुरुवार चांद नजर नहीं आएगा.

20 मार्च 2026 को नजर आ सकता है चांद

मौलाना कहते हैं कि, 20 मार्च 2026 शुक्रवार को इंडिया में चांद की ऊंचाई है 18 डिग्री है और उमर हो चुकी है 35 घंटे 57 मिनट. बर्मा में 17 डिग्री, बांग्लादेश में 17 डिग्री, नेपाल में 18 डिग्री, कराची में 18 डिग्री, पेशावर में 19 डिग्री, ईरान में 19 डिग्री और अफगानिस्तान में 18 डिग्री है. यहां चांद 10 डिग्री से काफी ज्यादा है. इसलिए 20 मार्च को चांद नजर आएगा और काफी देर तक रहेगा और 21 मार्च को इंशाअल्लाह इन सारे देशों में ईद-उल-फितर होगी.

सऊदी में 20 मार्च 2026 को ईद

मौलाना कहते हैं कि, बात करें सऊदी अरब की तो उसमें शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को ईद-उल-फितर लिखी हुई है. 19 मार्च को यहां चांद की उम्र है 14 घंटे 8 मिनट और 6 डिग्री ऊंचा है. 6 डिग्री में चांद नजर नहीं आता है. लेकिन 30 साल से उनका यह सिस्टम है कि 1 मिनट भी मक्के मुकर्मा के मतले पर चांद मौजूद हो तो वो मगरिब से पहले गवाही लाते हैं और ऐलान कर देते हैं. यहां 6 डिग्री चांद है और 30 मिनट है, महीना का 30 दिन भी पूरा हो रहा है तो सऊदी में 20 मार्च को ईद हो सकती है. बाकी देखिए आगे क्या होता है?

“किन लोगों के बैंक अकाउंट में आएंगे PF खाते में जमा रुपये? ऐसे चेक करें अपना स्टेटस”

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नौकरी बदलने के बाद अक्सर कर्मचारी अपने पुराने पीएफ खाते को भूल जाते हैं. कई बार खाते में थोड़ी बहुत रकम जमा रह जाती है, लेकिन सालों तक कोई लेने नहीं होता है. ऐसे इनएक्टिव खातों को लेकर अब बड़ी अपडेट सामने आई है.

दरअसल ईपीएफओ ने ऐसे खातों में पड़ी छोटी रकम वापस करने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है. केंद्रीय श्रम मंत्रालय के निर्देश पर उठाए गए इस कदम से लाखों खाताधारकों को फायदा मिलने की उम्मीद है. खास बात यह है कि जिन खातों में बहुत कम बैलेंस बचा है, उनमें पैसा लौटाने के लिए खाताधारक को अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी. पैसा सीधे आधार से लिंक बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि PF खाते में जमा रुपये किन लोगों के बैंक अकाउंट में आएंगे और अपना स्टेटस कैसे चेक कर सकते हैं.

किन खातों में आएगा पैसा?

देशभर में करीब 31 लाख ऐसे पीएफ खाते चिन्हित किए गए हैं जो लंबे समय से निष्क्रिय हैं. इनमें से लगभग 6 लाख खातों में 1000 या उससे कम राशि जमा है. सबसे पहले इन्हीं खातों में पैसा लौटाया जाएगा. ऐसे में अगर आपका पुराना खाता कई सालों से इस्तेमाल में नहीं है और उसमें 1000 से कम बैलेंस है तो यह रकम सीधे आपके आधार से लिंक बैंक खाते में भेजी जाएगी. ध्यान रहे कि जिन लोगों का बैंक खाता और आधार डिटेल अपडेट और लिंक होगी उन्हीं खातों में पैसा ट्रांसफर होगा.

क्या होता है इनएक्टिव पीएफ खाता?

अगर किसी पीएफ खाते में लगातार 3 साल तक न कोई पेमेंट जमा होता है और न ही किसी तरह की निकासी होती है तो उसे इनऑपरेटिव यानी इनएक्टिव खाता माना जाता है. हालांकि ऐसा खाता हमेशा के लिए बंद नहीं होता है. नई नौकरी मिलने पर पुराने यूएएन को नए नियोक्ता से लिंक कर दोबारा एक्टिव किया जा सकता है. वहीं कई बार शिकायतें मिलती हैं कि कुछ कंपनियां कर्मचारियों की सैलरी से पीएफ काट तो लेती है लेकिन उसे समय पर जमा नहीं करती है. इस पर निगरानी मजबूत करने के लिए ईपीएफओ अपने डाटाबेस को सरकारी खरीद पोर्टल जेम, जीएसटी विभाग और अन्य एजेंसियों से जोड़ रहा है. इससे यह पता लगाना आसान होगा कि कौन-सी कंपनियां नियमों का पालन नहीं कर रही है.

कैसे चेक करें अपना स्टेटस?

अगर आपका खाता इनएक्टिव है और आप सरकार की इस पहल के तहत अपने खाते में बैलेंस चेक करना चाहते हैं तो आप ईपीएफओ पोर्टल पर लॉगिन कर बैलेंस देख सकते हैं.

इसके अलावा UMANG ऐप के जरिए View Passbook ऑप्शन से भी आपको जानकारी मिलती है.

वहीं रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से मिस्ड कॉल देकर भी बैलेंस की जानकारी ली जा सकती है.

इनके अलावा SMS भेजकर भी पीएफ बैलेंस चेक किया जा सकता है.

“March Bank Holiday: मार्च महीने में बैंक छुट्टियों की भरमार, ब्रांच जाने से पहले देख लें छुट्टियों की पूरी लिस्ट”

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मार्च का महीना शुरू होने वाला है और इसके साथ ही बैंक छुट्टियों का नया कैलेंडर भी लागू हो जाएगा. मार्च में होली समेत अन्य त्योहार भी आने वाले है. ऐसे में अगर आप बैंक से जुड़े किसी जरूरी काम करने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले यह जान लेना बेहतर रहेगा कि मार्च में किन-किन दिनों में बैंक बंद रहेंगे.

अलग-अलग राज्यों और शहरों में त्योहारों व साप्ताहिक अवकाश के चलते कई दिन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं. इसलिए प्लान बनाने से पहले छुट्टियों की लिस्ट पर नजर डालना जरूरी है. आइए जानते हैं, मार्च की बैंक छुट्टियों के बारे में….

2 मार्च को होलिका दहन के अवसर पर कानपुर और लखनऊ में बैंक बंद रहेंगे. इसके बाद 3 मार्च डोल जतरा, धुलंडी और होलिका दहन जैसे त्योहारों के कारण बेलापुर, भोपाल, देहरादून, गंगटोक, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, कोलकाता, मुंबई, नागपुर, पणजी, पटना, रांची और विजयवाड़ा में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी.

वहीं 4 मार्च को भी होली के चलते अगरतला, अहमदाबाद, ऐजवाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, इंफाल, ईटानगर, जम्मू, नई दिल्ली, रायपुर, शिलॉन्ग और शिमला में बैंक बंद रहेंगे. इसके अलावा 13 मार्च को चापचर कूट पर्व के कारण आइजोल में बैंक हॉलिडे रहेगा.

7 मार्च को शब-ए-कद्र के अवसर पर जम्मू और श्रीनगर में बैंक बंद रहेंगे. इसके बाद 19 मार्च को गुड़ी पड़वा, तेलुगु नववर्ष दिवस और पहले नवरात्र के कारण बेलापुर, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, इंफाल, मुंबई, नागपुर, पणजी और विजयवाड़ा समेत कई शहरों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी.

वहीं 20 मार्च को रमजान और जुमत-उल-विदा के चलते जम्मू, श्रीनगर, कोची, त्रिवेंद्रम और विजयवाड़ा में बैंक बंद रहने वाले हैं.

21 मार्च को रमजान-ईद और सरहुल के कारण कोच्ची, विजयवाड़ा, त्रिवेंद्रम और शिमला को छोड़कर लगभग पूरे देश में बैंक अवकाश रहेगा. इसके अलावा 26 मार्च को राम नवमी के अवसर पर अहमदाबाद, चंडीगढ़, देहरादून, जयपुर, कोलकाता, लखनऊ और रांची सहित कई शहरों में बैंक बंद रहेंगे.

इसके अलावा भी 27 मार्च को राम नवमी और 31 मार्च को विभिन्न कारणों से कई शहरों में बैंक बंद रहने वाले हैं. अगर आप इन शहरों में रहते हैं तो, बैंक जाने से पहले छुट्टियों की लिस्ट एक बार जरूर चेक कर लेनी चाहिए. ऐसा न हो कि आप बैंक ब्रांच पहुंचे और बैंक बंद हो. ऐसे में आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता हैं.

Dollar vs Rupee: क्रूड ऑयल में तेजी और डॉलर की मजबूती के आगे धराशायी रुपया, जानें क्यों नहीं रह पाई मजबूती…

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भारतीय रुपये में एक दिन पहले दिखी मजबूती अगले कारोबारी दिन कायम नहीं रह सकी. मंगलवार को हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन की शुरुआत होते ही रुपया सात पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.96 पर आ गया.

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर के मजबूत रुख से घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ा.

Finrex Treasury Advisors LLP के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि रुपया 90.67 तक मजबूत हुआ, लेकिन यह बढ़त टिक नहीं पाई क्योंकि शेयर बाजार अपने शुरुआती उच्च स्तर पर कायम नहीं रह सके. उन्होंने कहा कि Supreme Court of the United States के अनुकूल फैसले के बावजूद रुपये में बड़ी तेजी नहीं आई और हर गिरावट पर आयातकों तथा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने डॉलर खरीदारी की. उनके मुताबिक, रुपया 90.60 से 91.00 के दायरे में रह सकता है.

क्यों टूटा रुपया?

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत ने रुपये पर दबाव बढ़ाया. हालांकि, विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने तेज गिरावट को थामने में मदद की.

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 90.91 पर खुला और फिसलकर 90.96 पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से सात पैसे की गिरावट दर्शाता है. सोमवार को रुपया पांच पैसे की बढ़त के साथ 90.89 पर बंद हुआ था. इस बीच डॉलर इंडेक्स 0.11 प्रतिशत बढ़कर 97.81 पर रहा, जिससे डॉलर की मजबूती झलकी.

शेयर बाजार में गिरावट

घरेलू बाजार में भी कमजोरी दिखी. BSE Sensex 525.29 अंक टूटकर 82,769.37 पर आ गया, जबकि Nifty 50 145.85 अंक फिसलकर 25,567.15 पर पहुंच गया.

अंतरराष्ट्रीय मानक Brent Crude 0.85 प्रतिशत बढ़कर 72.10 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिससे आयात बिल बढ़ने की आशंका के कारण रुपये पर अतिरिक्त दबाव बना. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) सोमवार को लिवाल रहे और उन्होंने 3,483.70 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिससे बाजार को कुछ समर्थन मिला.

Sridevi Death Anniversary: ‘सदमा’ से ‘नागिन’ तक, ये हैं श्रीदेवी की 10 आइकॉनिक फिल्में, इन ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देखें!

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बॉलीवुड की पहली फीमेल सुपरस्टार कही जाने वाली श्रीदेवी आज भी अपने फैंस के दिलों में जिंदा हैं. उनकी फिल्मों में इमोशन, कॉमेडी, डांस और दमदार एक्टिंग का ऐसा कॉम्बिनेशन था जो हर किसी को पसंद आता था.

उनकी डेथ एनिवर्सरी पर जानते हैं उनकी 10 आइकॉनिक फिल्मों के बारे में जिन्हें आप अलग-अलग ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देख सकते हैं.

‘सदमा’- इस फिल्म में श्रीदेवी ने एक ऐसी लड़की का रोल निभाया था जो एक्सीडेंट के बाद अपनी याददाश्त खो देती है और मानसिक रूप से बच्ची बन जाती है. कमल हासन के साथ उनकी केमिस्ट्री और क्लाइमैक्स सीन आज भी लोगों को इमोशनल कर देता है. इस फिल्म को आप नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं.

‘नगीना’- इच्छाधारी नागिन के रोल में श्रीदेवी ने ऐसा डांस किया कि वो सीन आज भी आइकॉनिक माना जाता है. बदले की कहानी और उनका पावरफुल स्क्रीन प्रेजेंस इस फिल्म की जान है. इसे आप यूट्यूब पर देख सकते हैं.

‘जांबाज’- फिरोज खान की इस मल्टीस्टारर फिल्म में श्रीदेवी का ग्लैमरस अंदाज देखने को मिला था. गाने और स्टाइल के लिए ये फिल्म काफी चर्चा में रही है. इसे आप जी5 पर देख सकते हैं.

‘चांदनी’- यश चोपड़ा की इस रोमांटिक फिल्म में श्रीदेवी ने टाइटल रोल निभाया है. उनकी सादगी, सफेद साड़ी वाला लुक और रोमांटिक गाने आज भी याद किए जाते हैं. इस फिल्म को आप नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं.

‘मिस्टर इंडिया’- अनिल कपूर के साथ इस सुपरहिट फिल्म में उन्होंने पत्रकार सीमा का रोल निभाया था. उनकी कॉमिक टाइमिंग और ‘हवा हवाई’ गाना आज भी फेमस है. इसे आप प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं.

‘चालबाज’- इस फिल्म में डबल रोल में अंजू और मंजी के किरदार निभाकर श्रीदेवी ने दिखा दिया कि वो कितनी वर्सेटाइल एक्ट्रेस हैं. ये फिल्म आप जियो हॉटस्टार पर देख सकते हैं.

‘जुदाई’- इस फिल्म में उन्होंने एक लालची पत्नी का रोल निभाया जो पैसों के लिए अपने पति की दूसरी शादी करवाने को तैयार हो जाती है. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन किया था. इसे आप जी5 पर देख सकते हैं.

‘गुमराह’- ये एक क्राइम थ्रिलर फिल्म है. इस फिल्म में वो एक सिंगर का किरगार निभाती है जो साजिश का शिकार हो जाती है और जेल पहुंच जाती है. इस फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस को काफी सराहा गया था. ये फिल्म नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है.

‘इंग्लिश विंग्लिश’- ये उनकी कमबैक फिल्म थी. ये कहानी उस हाउसवाइफ की थी जो इंग्लिश सीखकर अपना आत्मविश्वास वापस पाती है इस रोल में उन्होंने सबका दिल जीत लिया था. इसे आप जी5 पर देख सकते हैं.

‘मॉम’- अपनी आखिरी फिल्मों में से एक में श्रीदेवी ने एक ऐसी मां का रोल निभाया जो अपनी बेटी के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ती है. उनका ये किरदार काफी पावरफुल था. इस फिल्म को आप नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं.

Share Market Crash: आईटी शेयरों की बिकवाली और वैश्विक संकेतों से शेयर मार्केट क्रैश; सेंसेक्स 1330 अंक लुढ़का, जानें गिरावट की वजह…

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भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 24 फरवरी के कारोबारी दिन जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है. दोपहर करीब 1 बजे सेंसेक्स 1100 अंक टूट गया था. वहीं, निफ्टी 50 313 अंक फिसल गई थी.

बाजार में पिछले दो दिनों से जारी रैली पर ब्रेक लग गया है.

अमेरिकी बाजार में गिरावट और घरेलू आईटी शेयरों में बिकवाली ने मार्केट को डुबो दिया. जिससे कुछ ही समय में निवेशकों को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. आइए जानते हैं. आखिर इस गिरावट के पीछे की वजह क्या है?

  1. आईटी शेयरों में जोरदार बिकवाली

आईटी सेक्टर के शेयरों पर आज दबाव देखने को मिल रहा है, इनमें तेज गिरावट दर्ज की गई है. वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बढ़ती चिंताओं ने निवेशकों की सोच को प्रभावित किया है. अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने क्लॉड कोड टूल को लेकर दावा किया है कि यह पुराने सॉफ्टवेयर सिस्टम को अपग्रेड करने की लागत और जटिलता को काफी हद तक घटा सकता है.

इस बयान के बाद आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर असर पड़ने की आशंका बढ़ती दिख रही है. जिसके चलते कारोबारी दिन की शुरुआत में ही आईटी इंडेक्स लगभग 3 प्रतिशत तक फिसल गए थे.

  1. वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत

बीते दिन अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट में जोरदार गिरावट देखने को मिली है. साथ ही एशिया के ज्यादातर बाजार में आज सुस्ती देखने को मिल रही है. ट्रंप के 15 प्रतिशत टैरिफ वाले बयान और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ रद्द करने के फैसले से उत्पन्न हुई अनिश्चितता ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया.

  1. रुपया एक बार फिर हुआ पस्त

भारतीय करेंसी की हवा एक बार फिर डॉलर के सामने निकल गई. शुरुआती कारोबार में ही रुपया 7 पैसे की गिरावट के साथ 90.96 प्रति डॉलर पर ट्रेड करते हुए दिखा. हालांकि, विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने इसे और अधिक गिरने से बचाया.

  1. कच्चे तेल की तेजी बनी चिंता

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आज बढ़त देखने को मिली. ब्रेंट क्रूड करीब 1 प्रतिशत चढ़कर 72.13 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. तेल महंगा होने से भारत जैसे आयात-निर्भर देश पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. क्योंकि इससे व्यापार घाटा बढ़ने और महंगाई में इजाफा होने की आशंका रहती है. ऐसे में निवेशक सतर्क हो जाते हैं.

Holashtak 2026: होली से पहले होलाष्टक के भयंकर 8 दिन, घर में हैं छोटे बच्चे तो इन बातों का रखे ध्यान…

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होली से पहले के आठ दिनों को होलाष्टक कहा जाता है, जो फाल्गुन शुक्ल की अष्टमी से होलिका दहन तक रहता है. इस समय मांगलिक कार्य नहीं होते हैं. होलाष्टक के आठ दिनों को लेकर ऐसी मान्यता है कि, इस समय ग्रह उग्र रहते हैं और नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय हो जाती है.

खासकर जिन लोगों के घर छोटे बच्चे हों, उन्हें होलाष्टक की अवधि में कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. ये बातें धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित हैं. इसलिए होलाष्टक को लेकर बहुत अधिक डरने या घबराने के बजाय आपको बस सतर्क रहने की जरूरत है.

होलाष्टक के दिनों में छोटे बच्चों को शाम या अंधेरा होने के बाद घर के बाहर अकेला न छोड़े. हो सके तो शाम के बाद घर के बाहर न ले जें. बच्चे के बदन को ढककर रखें और मान्यता के अनुसार काला टीका लगा सकते हैं.

सूर्यास्त के बाद छोटे बच्चों के कपड़े बाहर या छत के ऊपर न सुखाएं. अगर बच्चा बाहर से खेलकूद कर आए तो सबसे पहले उसके कपड़े बदलें और हाथ-पैर साफ करें.

होलाष्टक के दिनों में चौराहे (चार रास्ते वाले सड़क) पर छोटे बच्चों के साथ अधिक देर तक न रुके. बच्चा चिड़चिड़ा लगे या उसके स्वभाव में बदलाव लगे तो आप नजर से बचाव के पारंपरिक उपाय जैसे नमक, लाल मिर्च या पीली सरसों से नजर उतार सकते हैं.

होलाष्टक के समय छोटे बच्चों का नामकरण, मुंडन, कर्णवेध संस्कार, अन्नप्राशन आदि जैसे समारोह न करें. इन कार्यों को होली के बाद कर सकते हैं.

CG: लोहराघाट व्यपवर्तन और फुलवारी जलाशय योजना के कार्यों के लिए 6.75 करोड़ रुपये स्वीकृत…

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रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा बिलासपुर जिले के दो सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 06 करोड़ 75 लाख 96 हजार रुपये स्वीकृत किये गये है। स्वीकृत योजना के कार्यों में विकासखण्ड-तखतपुर अंतर्गत लोहराघाट व्यपवर्तन योजना के शीर्ष कार्य के जीर्णोंद्धार एवं शेष नहर लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 23 लाख 17 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। योजना के प्रस्तावित कार्यों के पूरा हो जाने पर योजना की रूपांकित सिंचाई क्षेत्र 1539 हेक्टेयर में 105 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति तथा 62 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा सहित कुल 1601 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।

जल संसाधन विभाग द्वारा बिलासपुर के विकासखण्ड¬-तखतपुर के अंतर्गत फुलवारी जलाशय के जीर्णोंद्धार एवं नहर लाईनिंग एवं मरम्मत कार्य के लिए 02 करोड़ 52 लाख 79 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। योजना के प्रस्तावित कार्य हो जाने पर रूपांकित क्षेत्र में 826 हेक्टेयर में 97 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति तथा 12 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई सहित कुल 838 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। योजनाओं के कार्यों को कराने के लिए मुख्य अभियंता हसदेव कछार जल संसाधन विभाग बिलासपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

CG: राज्यपाल श्री डेका ने निरामय आरोग्य संस्थान को सौंपी एम्बुलेंस की चाबी…

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रायपुर: राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज लोकभवन में निरामय आरोग्य संस्थान रायपुर को एम्बुलेंस प्रदान किया। उन्होंने लोकभवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में अपने स्वेच्छानुदान मद से एम्बुलेंस की चाबी सौंपी और हरी झंडी दिखाकर वाहन को रवाना किया।

इस वाहन का उपयोग निरामय आरोग्य संस्थान में किया जाएगा। इस अवसर पर डॉ. पुर्णेन्द्रु सक्सेना सहित संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित थे।