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NEET UG 2026 Paper Leak: नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में जांच लगातार तेज, अब तक कई शहरों से 11 लोगों की गिरफ्तारी…

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नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में जांच लगातार तेज हो रही है.अब तक कई शहरों से 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गई है.

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-UG 2026 इस बार विवादों में घिर गई है. परीक्षा खत्म होने के कुछ दिनों बाद पेपर लीक की खबर सामने आई, जिसके बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया.लाखों छात्रों और उनके परिवारों ने परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए. मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

पुणे की फिजिक्स टीचर पर बड़ा एक्शन
इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा महाराष्ट्र के पुणे की सीनियर फिजिक्स टीचर मनीषा संजय हवलदार की गिरफ्तारी को लेकर हो रही है. बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से एक निजी स्कूल में पढ़ा रही थीं और जल्द ही रिटायर होने वाली थीं. जांच एजेंसियों के मुताबिक उन्हें परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट के तौर पर शामिल किया गया था.आरोप है कि परीक्षा से पहले कुछ सवाल दूसरे लोगों तक पहुंचाए गए थे.पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया और इसके तुरंत बाद स्कूल प्रशासन ने उन्हें सस्पेंड कर दिया. स्कूल ने इस पूरे मामले को शिक्षा व्यवस्था के भरोसे के खिलाफ बताया है और अपनी तरफ से भी जांच शुरू कर दी है.

कई शहरों तक फैला नेटवर्क

जांच एजेंसियों के अनुसार पेपर लीक का मामला सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं है. दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, पुणे, नासिक, लातूर और अहिल्यानगर जैसे शहरों से आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है.अब तक कुल 11 लोगों को पकड़ा जा चुका है.जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर पेपर लीक का पूरा नेटवर्क कैसे काम कर रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे. अधिकारियों ने कई आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त किए हैं.

23 लाख छात्रों पर पड़ा असर

नीट-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी.देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर यह परीक्षा कराई गई थी.करीब 23 लाख छात्रों ने इसमें हिस्सा लिया था. लेकिन पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद छात्रों की मेहनत और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई.जैसे ही परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत मिली, मामला केंद्रीय एजेंसियों तक पहुंचाया गया. जांच के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया.इसके बाद दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की गई.

NTA ने किए कई बड़े ऐलान

विवाद बढ़ने के बाद NTA ने छात्रों के लिए कई राहत भरे फैसले लिए हैं. एजेंसी ने साफ किया है कि री-एग्जाम के लिए छात्रों को दोबारा आवेदन नहीं करना होगा.साथ ही किसी भी छात्र से अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी.NTA ने फीस रिफंड की सुविधा भी शुरू की है. इसके लिए एक विशेष पोर्टल बनाया गया है, जहां छात्र अपने बैंक खाते की जानकारी अपडेट कर सकते हैं.साथ ही नए एडमिट कार्ड भी जल्द जारी किए जाएंगे.

छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी

पेपर लीक मामले के बाद छात्रों और अभिभावकों में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है.कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने पूरे साल मेहनत की थी, लेकिन इस विवाद की वजह से उनका मानसिक तनाव बढ़ गया है. सोशल मीडिया पर भी परीक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं.फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं.माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.

Bike Challan Rules: अब कट सकता है ₹10,000 तक का चालान, बाइक चलाने वाले तुरंत जान लें यह नियम…

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बाइक चलाते समय छोटी गलती भी अब भारी पड़ सकती है. ट्रैफिक नियम तोड़ने पर ₹10,000 तक का चालान कट सकता है. जानिए कौन सी लापरवाही जेब पर भारी पड़ सकती है.

अगर आप रोज बाइक से दफ्तर, बाजार या कॉलेज जाते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. अब सड़क नियमों को नजरअंदाज करना सीधे जेब पर भारी पड़ सकता है. कई राज्यों में नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू हो चुकी है और कुछ मामलों में ₹10,000 तक का चालान काटा जा रहा है. सबसे बड़ी बात यह है कि कई लोग अनजाने में ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिन पर भारी जुर्माना लग सकता है.

बिना हेलमेट वाहन चलाना, गलत नंबर प्लेट लगाना, प्रदूषण प्रमाण पत्र खत्म होना या लापरवाही से वाहन चलाना अब महंगा साबित हो सकता है. नए सड़क नियम लागू होने के बाद कैमरों और ऑनलाइन व्यवस्था से निगरानी पहले से ज्यादा तेज हो गई है. ऐसे में सड़क पर निकलने से पहले जरूरी नियम जान लेना बहुत जरूरी हो गया है.

ये छोटी लापरवाही खाली कर सकती है जेब

आज भी कई लोग बिना हेलमेट या खराब हेलमेट पहनकर सड़क पर निकल जाते हैं. ऐसे लोगों पर तुरंत चालान काटा जा रहा है. अगर आपके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है या गाड़ी का पंजीकरण और बीमा खत्म हो चुका है, तब भी भारी जुर्माना देना पड़ सकता है. कई लोग अलग दिखने के लिए नियमों के खिलाफ नंबर प्लेट लगवा लेते हैं, लेकिन अब इस पर भी कार्रवाई हो रही है.

तेज आवाज करने वाले बदले हुए साइलेंसर पर भी पुलिस सख्त नजर रख रही है. प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं होने पर अलग से चालान काटा जा सकता है. कई शहरों में कैमरों की मदद से घर बैठे चालान भेजे जा रहे हैं, इसलिए नियम तोड़कर बच निकलना अब आसान नहीं रहा. ऐसे में बाइक चलाने से पहले सभी जरूरी कागज और सुरक्षा नियम जरूर जांच लें.

तेज रफ्तार और तीन सवारी पर बढ़ी सख्ती

सड़क पर करतब दिखाना, तेज रफ्तार में बाइक चलाना या लहराते हुए बाइक चलाना अब सीधे भारी चालान की वजह बन सकता है. पुलिस ऐसे मामलों को खतरनाक वाहन चलाने की श्रेणी में रखती है. कई बार इस तरह की लापरवाही पर हजारों रुपये का जुर्माना और लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है. एक बाइक पर तीन लोगों का बैठना भी नियमों के खिलाफ माना जाता है.

इसके अलावा बाइक चलाते समय मोबाइल पर बात करना और लाल बत्ती पार करना भी बड़ी गलती मानी जाती है. जानकारों का कहना है कि सड़क नियम सिर्फ जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं. इसलिए हमेशा हेलमेट पहनें, तय रफ्तार में बाइक चलाएं और सभी जरूरी कागज समय पर अपडेट रखें.

Organic Farming: खीरे की ऑर्गेनिक खेती से पलटी किस्मत, युवाओं के लिए मिसाल बनी यह मॉडर्न तकनीक…

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ITI ग्रेजुएट युवा द्वारा नौकरी का ऑफर ठुकराकर ऑर्गेनिक फार्मिंग चुनने की पूरी सक्सेस स्टोरी. महज 23 दिनों में की 1.5 लाख की बंपर कमाई.

डिग्री पूरी करने के बाद जहां ज्यादातर युवा सरकारी या प्राइवेट नौकरी के पीछे भागते हैं वहीं उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के एक आईटीआई (ITI) ग्रेजुएट ने कुछ अलग करने की ठानी. उन्होंने पारंपरिक नौकरी को बाय-बाय बोलकर अपने खेतों में ऑर्गेनिक फार्मिंग शुरू की और सफलता का एक नया रिकॉर्ड बना दिया. इस होनहार युवा किसान ने महज 23 दिनों के अंदर जैविक खेती के जरिए पूरे 1.5 लाख रुपये का बंपर मुनाफा कमाया है.

आज के समय में जब लोग खेती को घाटे का सौदा मानते हैं, तब इस युवा ने अपनी सूझबूझ और मॉडर्न तकनीकों का इस्तेमाल करके यह साबित कर दिया कि अगर सही प्लानिंग और मेहनत के साथ जमीन से जुड़ा जाए, तो मिट्टी भी सोना उगल सकती है. चलिए आपको बताते हैं कैसे इस शख्स ने ऑर्गेनिक खेती से किया कमाल.

खीरे की ऑर्गेनिक खेती से पलटी किस्मत

मऊ के इस युवा किसान ने अपने खेतों में हाइब्रिड और एडवांस वैरायटी के खीरे की खेती शुरू की. उन्होंने केमिकल वाले फर्टिलाइजर्स को पूरी तरह छोड़कर गोबर की खाद और जैविक खाद का इस्तेमाल किया. जिससे फसल की क्वालिटी लाजवाब हो गई. इस ऑर्गेनिक खीरे की डिमांड मार्केट में इतनी तेजी से बढ़ी कि महज 23 दिनों के अंदर ही उनकी पहली कमर्शियल लॉट पूरी तरह बिक गई.

अपनी फसल को सीधे मंडियों और लोकल वेंडर्स तक पहुंचाकर उन्होंने बीच के दलालों को खत्म किया. जिससे उन्हें अपनी उपज का सबसे बेस्ट रेट मिला. सिर्फ तीन हफ्तों के थोड़े से समय में डेढ़ लाख रुपये की यह कमाई यह साफ दिखाती है कि कम समय वाली फसलों में कितना शानदार प्रॉफिट छिपा हुआ है.

युवाओं के लिए मिसाल बनी यह मॉडर्न तकनीक

इस आईटीआई पास-आउट युवा की कामयाबी आज के उन सभी पढ़े-लिखे युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है. जो रोजगार के लिए सिर्फ शहरों का रुख करते हैं. उन्होंने मल्चिंग फिल्म और ड्रिप इरिगेशन जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाकर पानी और पैसे दोनों की भारी बचत की जिससे उनकी लागत बेहद कम हो गई. ऑर्गेनिक होने के कारण उनके खीरे की चमक और स्वाद आम खीरों से काफी बेहतर था.

जिसने ग्राहकों को खूब आकर्षित किया. नौकरी के सीमित वेतन से आगे बढ़कर खुद का एग्री-बिजनेस खड़ा करने का उनका यह फैसला रंग लाया. आज वे न सिर्फ खुद एक आत्मनिर्भर उद्यमी बन चुके हैं बल्कि अपने इलाके के दूसरे किसानों और युवाओं को भी इस स्मार्ट फार्मिंग को अपनाने के लिए लगातार इंस्पायर कर रहे हैं.

CJI on Cockroach Janta Party: कॉकरोच जनता पार्टी का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, चीफ जस्टिस ने जनता से की ये अपील…

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सुप्रीम कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़ी गतिविधियों के आरोपों की जांच के अनुरोध वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (25 मई 2026) को फर्जी वकीलों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़ी गतिविधियों के आरोपों की जांच के अनुरोध वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया. चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए अधिवक्ता एन.के. गोस्वामी से कहा कि वह इस मुद्दे को ‘‘इतने भावुक तरीके’’ से नहीं लें. गोस्वामी ने कहा कि चीफ (CJI) द्वारा सब कुछ साफ-साफ बताने के बाद भी जानबूझकर एक गलत और झूठी बात को बढ़ावा दिया जा रहा है.

इस मामले को इतनी भावुकता से लें: सीजेआई

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ‘इसे इतनी भावुकता से न लें.’ एक अन्य वकील ने कानून की फर्जी डिग्रियों के मामले में सीबीआई से जांच का अनुरोध करते हुए कहा कि कोर्ट में हुई बातचीत का व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. चीफ जस्टिस ने इसके जवाब में कहा, ‘ऐसी कोई गंभीर आवश्यकता नहीं है. हम देखेंगे.’ याचिका में अदालत की कार्यवाही के दौरान दिए गए मौखिक बयानों के कथित व्यावसायिक दोहन में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया गया है.

याचिका में फर्जी वकीलों की जांच का अनुरोध किया गया था

इसमें फर्जी डिग्रियों का इस्तेमाल करके वकालत करने वाले कथित फर्जी वकीलों की जांच का भी अनुरोध किया गया है. न्यायिक कार्यवाही के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए याचिका में दावा किया गया कि अदालती कार्यवाही के दौरान की गई टिप्पणियों और विचारों का इस्तेमाल प्रचार अभियानों के लिए किया जा रहा है. सीजेआई सूर्यकांत ने 15 मई को एक वकील के वरिष्ठ पदनाम से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान अपनी टिप्पणी में कॉकरोच और परजीवी जैसे शब्दों का जिक्र किया था जिसे लेकर पैदा हुए विवाद के बीच सीजेपी चर्चा में आई.

कॉकरोच वाले बयान पर CJI ने दी थी सफाई

चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने 16 मई को अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि उन्हें उन खबरों से बहुत दुख हुआ जिनके मुताबिक उन्होंने युवाओं की आलोचना की थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान विशेष रूप से उन व्यक्तियों के लिए थे जो फर्जी डिग्रियों के माध्यम से विधि पेशे में प्रवेश कर रहे हैं और मीडिया के एक वर्ग द्वारा उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया.

Solar Panels 20% Rule: सोलर पैनल लगवाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो 20% Rule….

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Solar Panels 20% Rule: बीते कुछ सालों में सोलर एनर्जी का यूज बढ़ा है. बिजली के बढ़ते बिल से बचने और क्लीनर एनर्जी के लिए लोग अब सोलर एनर्जी सिस्टम लगवा रहे हैं. अगर आप भी सोलर पावर सिस्टम लगाने पर विचार कर रहे हैं तो आपको 20% Rule याद रखना चाहिए. इससे पहले आप दिमाग दौड़ाएं, आपको बता दें कि यह साइजिंग गाइडलाइन है, जो बताती है कि आपको ऐसा सोलर सिस्टम लगाना चाहिए, जो आपकी जरूरत से 20 प्रतिशत ज्यादा पावर जनरेट करता हो. ऐसा इसलिए ताकि अगर किसी महीने आपको ज्यादा पावर की जरूरत पड़े या किसी महीने खराब मौसम के कारण कम पावर जनरेट हो तो आपको टेंशन न रहे.

सोलर पैनल्स लगाने से पहले ही लगा लें हिसाब

कुछ महीनों के बिजली बिल देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि हर महीने आपको कितनी बिजली की जरूरत पड़ती है. उस हिसाब से सोलर पैनल कैपेसिटी डिसाइड करे. इसी दौरान आपको 20 प्रतिशत एक्स्ट्रा वाला नियम याद रखना है. आपको जरूरत से 20 प्रतिशत अधिक कैपेसिटी वाले सोलर पावर सिस्टम का प्लान बनाना चाहिए.

क्यों जरूरी है 20 प्रतिशत एक्स्ट्रा कैपेसिटी?

इसका सीधा कारण सोलर एनर्जी सिस्टम के काम करने के तरीके से जुड़ा हुआ है. दरअसल, ये सिस्टम कंसिस्टेंट नहीं होते और पावर जनरेशन को लेकर इन पर 100 प्रतिशत भरोसा भी नहीं किया जा सकता. सर्दियों के दिन जब छोटे होते हैं या मानसून के मौसम में जब बादल घिर आते हैं तो इनकी पावर जनरेशन कम हो जाती है. कम सनलाइट का मतलब है कि पैनल कम बिजली जनरेट करेंगे. 20 प्रतिशत एक्स्ट्रा कैपेसिटी उस कमी को पूरा कर सकती है. दूसरी तरफ अगर किसी महीने पावर कंजप्शन भी बढ़ सकती है. खासकर गर्मियों में जब पारा 50 डिग्री की तरफ बढ़ रहा होता है तो एसी, फ्रिज औ कूलर जैसे अप्लायंसेस पूरे दिन यूज करने पड़ते हैं. इस कारण खपत बढ़ने पर 20 प्रतिशत एक्स्ट्रा कैपेसिटी काम आएगी.

कैसे काम करेगा 20% Rule?

इसका हिसाब लगाना एकदम आसान है. अगर आपके घर में हर महीने 10 किलोवॉट बिजली की खपत हो रही है तो आपको 12 किलोवॉट की कैपेसिटी वाला एनर्जी सिस्टम लगाना चाहिए. हालांकि, यह नियम पूरी तरह मानना बिल्कुल भी जरूरी नहीं है. अगर आपका बजट सीमित है या पैनल लगाने के लिए स्पेस की कमी है तो आप जरूरत के हिसाब से बिना एक्स्ट्रा कैपेसिटी वाला सिस्टम भी इंस्टॉल करवा सकते हैं.

क्रूड ऑयल सस्ता, फिर भी और महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल….

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कच्चे तेल की कीमतों में आज 5% की बड़ी गिरावट आई है. बावजूद इसके आगे आने वाले समय में ईंधन की कीमत में बढ़ोतरी की गुंजाइश बनी रहती है क्योंकि इनका मुनाफे का हिसाब ठीक नहीं बैठ रहा है.

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता में सकारात्मक प्रगति हुई है. इससे बाजार को उम्मीद है कि पिछले 3 महीने से बंद पड़ा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ दोबारा खुल जाएगा और दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई सामान्य हो जाएगी.

इसी खबर के बाद आज अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में तेज की कीमतों में तेजी से गिरावट आई है. ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 5.4% तक गिरकर 97.97 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 92 डॉलर से नीचे कारोबार कर रहा है.

कच्चे तेल की कीमतों में आई यह गिरावट भारत के लिए काफी राहत भरी बात है, जो अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा तेल आयात करता है. इधर, क्रूड ऑयल की कम होती कीमतों के बीच भारत में सरकारी तेल कंपनियों ने पिछले 10  दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम करीब 7.50 रुपये तक बढ़ा दिए हैं. इससे बेशक जेहन में इस ख्याल का आना लाजिमी है कि आने वाले समय में देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम होगी, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं है.

क्यों बढ़ेगी पेट्रोल-डीजल की कीमत?

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स और Kotak Securities की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच तेल कंपनियों का हिसाब अब भी सही नहीं बैठ रहा है. 28 फरवरी से शुरू हुई ईरान-अमेरिका में जंग ने कच्चे तेल की कीमतों को 70 डॉलर प्रति बैरल से 114 डॉलर प्रति बैरल पर ला खड़ा कर दिया है. इस बीच तेल कंपनियों ने पूरे 76 दिनों तक कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की और महंगे आयात का बोझ खुद उठाया.

Livemint के फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स कहते हैं कि दोनों देशों में जंग शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की लागत में 39% का भारी उछाल आया, जबकि उस मुकाबले पेट्रोल-डीजल के दाम अभी सिर्फ 3-7% के बीच ही बढ़ाए गए हैं. ऐसे में कंपनियों को अपना पूरा घाटा वसूलने के लिए कीमतों में सैद्धांतिक रूप से 11-14 रुपये प्रति लीटर की ओर बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है.

कीमतें बढ़ने की यह भी एक वजह

पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने की एक और वजह यह है कि भले ही आज कच्चे तेल की कीमतें गिरकर 98 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गई है, लेकिन होर्मुज पर तनाव अभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है. अगर अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता सफल हो भी जाती है, तो स्थिति के सामान्य होने में अभी वक्त लगेगा.

ऊपर से इस भू-राजनीतिक संकट के कारण अमेरिका और उत्तरी यूरोप से आने वाले तेल टैंकरों का समुद्री बीमा प्रीमियम और फ्रेंट चार्ज (माल ढुलाई पर खर्च) काफी बढ़ चुका है. इसकी भरपाई भी अंतत रिटेल कीमतें बढ़ाकर ही की जाएंगी.

अभी भी हो रहा नुकसान

पेट्रोल-डीजल की कीमतें 4 बार बढ़ाने के बाद भी तेल कंपनियों को पेट्रोल पर प्रति लीटर 10 रुपये और डीजल पर प्रति लीटर 13 रुपये का नुकसान हो रहा है. रोज के स्तर पर इतनी बड़ी रकम का नुकसान कंपनियां लंबे समय तक उठा नहीं सकतीं इसलिए वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए कीमतें बढ़ाने के अलावा और कोई चारा नहीं बचता है.

मई के आखिरी हफ्ते में घर बैठे मिलेगा धमाकेदार एंटरटेनमेंट, ott पर रिलीज हो रही ये 10 धांसू नई फिल्में…

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इस हफ्ते ओटीटी पर एक से एक फिल्में और सीरीज रिलीज हो रही हैं जिन्हें आप घर बैठे एंजॉय कर सकते हैं. ये सभी अलग-अलग जॉनर की हैं.

मई महीने का आखिरी हफ्ता शुरू हो गया है और इसी के साथ ओटीटी पर इस वीक रिलीज होने वाली तमाम नई फिल्मों और सीरीज की पूरी लाइनअप भी आ गई है. दिलचस्प बात ये है कि इस हफ्ते डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग जॉनर की फिल्में और शो आ रहे हैं जो फुल ऑन एंटरटेनमेंट देंगे. यानी इस भरी गर्मी में घर में रहकर आप बोर नहीं होने वाले हैं. तो चलिए यहां इस वीक की ओटीटी रिलीज की पूरी लिस्ट जान लेते हैं.

जेटली
जेटली रितेश राणा द्वारा निर्देशित एक तेलुगु भाषा की कॉमेडी थ्रिलर फिल्म है. इसमें अभिनेता सत्या मुख्य भूमिका में हैं, साथ ही रिया सिंघा और वेन्नेला किशोर भी हैं. फिल्म एक फ्लाइट अटेंडेंट की कहानी है जो एक फ्लाइट में अफरा-तफरी भरे हालात में फंस जाती है. रिलीज के समय फिल्म ने अच्छा परफॉर्म किया था.वहीं अब यह 25 मई से स्ट्रीमिंग के लिए ओटीटी के प्लेटफॉर्म जियो हॉट स्टार पर अवेलेबल है.

ब्रदर एंड सिस्टर
ब्रदर एंड सिस्टर एक तमिल भाषा की सीरीद है जिसका प्रीमियर 27 मई को होगा. चिदंबरम मणिवन्नन द्वारा निर्देशित ये फैमिली ड्रामा एक ऐसे परिवार की कहानी है जिसका मुखिया काफी सख्त मिजाज है लेकिन फिर एक वजह से उसके परिवार के टूटने की नौबत आ जाती है. इसे भी जियो हॉट स्टार पर स्ट्रीम कर सकेंगे.

कारा
तमिल डकैती पर आधारित यह थ्रिलर फिल्म 1991 में गल्फ वॉर के बैकग्राउंड में सेट की गई है. कारा की कहानी करासामी (धनुष) नाम के एक चोर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक निर्दयी बैंक मैनेजर और एक भ्रष्ट डीएसपी द्वारा उसके परिवार की पुश्तैनी जमीन पर कब्जा कर लेने के बाद अपने आपराधिक अतीत में वापस लौट आता है. कारा को ओटीटी के प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर 28 मई से तमिल, हिंदी, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में देख सकेंगे.

कजिन्स एंड कल्याणम्स
कजिन्स एंड कल्याणम्स एक कॉमेडी ड्रामा सीरीज़ है जो छह चचेरे भाई-बहनों की लाइफ और फैमिली बॉन्ड पर बेस्ड है. इसका पहला एपिसोड 29 मई को जियो हॉट स्टाप पर टेलीकास्ट होगा इस शो में 60 एपिसोड हैं, जिनमें से चार एपिसोड हर शुक्रवार को टेलीकास्ट किए जाएंगे.

रूममेट्स
कन्नड़ कॉमेडी ड्रामा सीरीज़ में चार दोस्तों, रवि, पीटर, गनी और हरि की कहानी दिखाई गई है, जो दोस्ती, सर्वाइवल और एक मामूली लोकल क्रिकेट मैदान पर हुए झगड़े के बीच बैलेंस बनाने की कोशिश करते हैंय यह झगड़ा उनके मकान मालिक की निगरानी में एक बड़े अहंकार के संघर्ष में बदल जाता है. एपिसोड का प्रीमियर मई में होगा।

स्पाइडरनोयर
आठ एपिसोड की इस एक्शन से भरपूर ड्रामा सीरीज़ में निकोलस केज ने बेन रेली का किरदार निभाया है, जो 1930 के दशक के न्यूयॉर्क में रहने वाला एक बदकिस्मत प्राइवेट जासूस है, जिसने एक बेहद दुखद घटना के बाद सुपरहीरो की छवि त्याग दी थी. इसे अमेज़न प्राइम वीडियो पर 27 मई, 2026 से स्ट्रीम कर सकेंगे.

डेड मैन्स वायर
गस वैन सैंट द्वारा निर्देशित, यह फिल्म टोनी किरिट्सिस (बिल स्कार्सगार्ड) की कहानी है, जो एक हताश और शक्की रियल एस्टेट डेवलपर है, वह विक्टिम की गर्दन पर बंदूक रखकर फिरौती और ऑफिशियल माफी की मांग करता है. इसे नेटफ्लिक्स पर 28 मई, 2026 से देख सकते हैं.

अनटोल्ड यूके: विनी जोन्स
नेटफ्लिक्स की इस एंथोलॉजी में पहले ही विनी जोन्स और जेमी वार्डी जैसे लोकप्रिय फुटबॉल सितारों पर आधारित दो स्पोर्ट्स फिल्में आ चुकी हैं।. तीसरी फिल्म अनटोल्ड यूके: विनी जोन्स 26 मई को रिलीज होगी.

फोर सीजन्स (सीजन 2)
ये मीडिल एज कॉमेडी सीरीज़ दोस्तों के एक ग्रुप की कहानी है जो साथ में छुट्टियां मनाने की अपनी पुरानी परंपरा को निभाते हैं. एक मुश्किल भरे साल के बाद, सीज़न 2 में ये दोस्त एक पर्सनल लॉस से उबरने और मीडिल एज के नए फॉर्मेट को अपनाने की कोशिश करते हैं, और साथ ही एक नए बच्चे के साथ चार नए सीजनल गेट-टूगेदर का आयोजन भी करते हैं. इसे नेटफ्लिक्स पर 28 मई से एंजॉय कर सकेंगे.

गुड गर्ल गाइड टू मर्डर (सीज़न 2)
हॉली जैक्सन के नॉवेल पर बेस्ड, नए सीज़न में टीनएज स्पाई पिप फिट्ज़-अमोबी की कहानी दिखाई गई है, जो अपराध सुलझाने से दूर रहना चाहती है, लेकिन जब उसके क्लासमेट का भाई, जेमी रेनॉल्ड्स, एक अहम अदालती मुकदमे से ठीक पहले गायब हो जाता है तो वह एक खतरनाक नए रहस्य में उलझ जाती है. इसे  नेटफ्लिक्स पर 27 मई, 2026 से देख सकते हैं.

Fuel Price Hike: मिडिल ईस्ट संकट के बीच पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों पर आया निर्मला का बयान…

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पीएम की अपील के बाद नकारात्मक बातों से फैल रहे निराशावादी माहौल की आलोचना की. उन्होंने कहा कि देश भय फैलाने का जोखिम नहीं उठा सकता.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार (25 मई) को कहा कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) कम करने से लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा. उन्होंने लोगों में विश्वास जगाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कहा कि भारत भय फैलाने का जोखिम नहीं उठा सकता.

निर्मला सीतारमण की ये टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब फ्यूल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है, जो 10 दिनों में चौथी बढ़ोतरी है. सोमवार को पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई, जिससे परिवारों के बजट और परिवहन लागत पर और दबाव बढ़ गया है.

नागरिकों में विश्वास जगाने की जरूरत

भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (एसआईडीबीआई) की 37वीं वर्षगांठ के अवसर पर बोलते हुए सीतारमण ने पीएम मोदी की अपील के बाद नकारात्मक बातों से फैल रहे निराशावादी माहौल की आलोचना की. उन्होंने कहा कि देश भय फैलाने का जोखिम नहीं उठा सकता और शब्दों और कार्यों दोनों के जरिए नागरिकों में विश्वास जगाने की आवश्यकता है.

तीन F’ पर फोकस करेंवित्त मंत्री

मिडिल ईस्ट संकट को तीन महीने होने वाले हैं. इसी को लेकर वित्त मंत्री सीतारमण ने फ्यूल (ईंधन), फर्टिलाइजर (उर्वरक) और फॉरेक्स (विदेशी मुद्रा) इन तीन F पर फोकस करने की अपील की. इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है. वित्त मंत्री ने बढ़ते वैश्विक दबावों की ओर भी इशारा करते हुए कहा कि उर्वरक की कीमतें अकल्पनीय स्तर पर पहुंच गई हैं, जबकि सोने की ऊंची कीमतें बाहरी मोर्चे पर कुछ चुनौतियां पैदा कर रही हैं.

उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोग इस स्थिति को इस तरह पेश कर रहे हैं जैसे सब कुछ बिखर रहा हो, जबकि उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा नहीं है. हमें यह समझना चाहिए कि चुनौतियां बाहरी कारणों से अधिक हैं. भारत की घरेलू आर्थिक स्थिति आज भी सकारात्मक और मजबूत बनी हुई है.

Rain Alert: तेज अंधड़ और हल्की बारिश के आसार, Red Alert जारी…

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मौसम विभाग ने जिले के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए अगले दो दिनों तक गर्मी और बढ़ने की चेतावनी दी है।

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और ग्रीष्म लहर का असर लगातार तेज होता जा रहा है। शनिवार को दुर्ग का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, अब तक का सर्वाधिक तापमान माना जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई है।

हालांकि 25 मई से मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है।

इधर पंचांग के अनुसार 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो रही है, लेकिन इस बार नौतपा के दौरान अपेक्षाकृत कम गर्मी रहने के संकेत मिल रहे हैं। फिलहाल जिले को रेड अलर्ट पर रखा गया है और ग्रीष्म लहर को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

आने वाले दिनों में उष्ण रात्रि की भी आशंका

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में उष्ण रात्रि की भी आशंका जताई है। रात का न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच सकता है। वर्तमान में न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री दर्ज किया गया है। शनिवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 46 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

लोकल सिस्टम से बूंदाबांदी के संकेत

प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक तापमान में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। कुछ इलाकों में तेज अंधड़ चलने और लोकल सिस्टम के प्रभाव से हल्की बूंदाबांदी की संभावना भी है। इसके चलते 25 मई के बाद तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।

सार्वजनिक स्थानों पर ठंडे पानी की व्यवस्था

भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन और नगरीय निकायों को आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छ और ठंडे पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा गया है। वहीं ग्राम पंचायतों को ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

दोपहर में घर से निकलने से बचने की सलाह

रायपुर मौसम विज्ञान विभाग ने लोगों को हीट वेव से सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार अधिक से अधिक पानी पीना, हल्के और सूती कपड़े पहनना और दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना जरूरी है। बाहर निकलते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढंकने की भी सलाह दी गई है।

छत्तीसगढ़ के सर्राफा बाजारों में 25 मई 2026 को सोने और चांदी की कीमतें… जानिए आज के लेटेस्ट रेट…

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छत्तीसगढ़ के सर्राफा बाजारों में 25 मई 2026 को सोने और चांदी की कीमतें स्थिर रहीं. रायपुर और बिलासपुर में 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1,53,620 प्रति 10 ग्राम पर बना रहा, तो चलिए जान लेते हैं क्या है लेटेस्ट अपडेट…

आजकल सोने और चांदी के दामों में हर दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है, लेकिन सोमवार को छत्तीसगढ़ के सर्राफा बाजारों में दोनों मेटल्स की कीमतें स्थिर रहीं. बता दें, 25 मई 2026 को राज्य के प्रमुख शहरों जैसे रायपुर और बिलासपुर में सोने और चांदी के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ. सुबह से ही पुराने रेट ही लागू रहे, जिससे बाजार में स्थिरता देखने को मिली.

एक रिपोर्ट के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹1,53,620 प्रति 10 ग्राम बनी हुई है. वहीं, 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,46,300 प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रही. 22 कैरेट सोने का दाम ₹14,630 प्रति ग्राम दर्ज किया गया, जो पिछले दिन भी यही था. इसका मतलब है कि सोने के भाव में किसी तरह की बढ़ोतरी या गिरावट नहीं हुई है. अगर मात्रा के हिसाब से देखें तो 22 कैरेट सोने के 8 ग्राम की कीमत ₹1,17,040 रही और 10 ग्राम की कीमत ₹1,46,300 पर बनी रही. इसी तरह 24 कैरेट सोने में 1 ग्राम की कीमत ₹15,362 रही, जबकि 8 ग्राम की कीमत ₹1,22,896 और 10 ग्राम की कीमत ₹1,53,620 दर्ज की गई. ये सभी रेट पिछले दिन के सेम ही रहे.

चांदी में भी कोई बदलाव नहीं

अब चांदी की बात करें तो बाजार में भी कोई बदलाव नहीं देखा गया. एक ग्राम चांदी की कीमत ₹295 पर ही है. इसी हिसाब से एक किलोग्राम चांदी की कीमत ₹2,95,000 रही. पिछले दो दिनों से चांदी के दाम में कोई उतार-चढ़ाव नहीं हुआ है, जिससे बाजार में स्थिरता बनी हुई है.

सोने और चांदी दोनों ही धातुओं के दाम फिलहाल स्थिर हैं और खरीदारी करने वालों के लिए यह सिचुएशन नॉर्मल मानी जा रही है, क्योंकि न तो दाम बढ़े हैं और न ही गिरे हैं. बाजार एक्सपर्ट के अनुसार, आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों के आधार पर कीमतों में बदलाव हो सकता है.